CBSE (सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन) ने 12वीं कक्षा के प्राइवेट स्टूडेंट्स के लिए अचानक बड़ा बदलाव कर दिया है। बोर्ड ने बिना किसी आधिकारिक नोटिस के एडिशनल सब्जेक्ट का ऑप्शन हटा दिया है। इस फैसले से करीब 1.5 लाख स्टूडेंट्स प्रभावित होंगे।
पहले स्टूडेंट्स को यह सुविधा दी जाती थी कि वे किसी भी विषय के साथ अतिरिक्त (एडिशनल) सब्जेक्ट चुन सकते थे। इसका फायदा यह होता था कि अगर किसी स्टूडेंट का एक विषय कमजोर पड़ जाए तो एडिशनल सब्जेक्ट के नंबर काम आ जाते थे। लेकिन अब यह विकल्प बंद हो गया है।
क्यों है स्टूडेंट्स की परेशानी?
कई प्राइवेट स्टूडेंट्स अपनी पढ़ाई के साथ-साथ करियर बनाने के लिए मल्टीपल ऑप्शंस चुनते थे, जैसे कि मेडिकल, इंजीनियरिंग, लॉ या कॉमर्स से जुड़ी पढ़ाई। एडिशनल सब्जेक्ट हटने के बाद अब उनके पास सीमित करियर विकल्प ही बचेंगे।
अचानक फैसला क्यों?
बोर्ड की ओर से इस बदलाव पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। यही कारण है कि छात्र और अभिभावक परेशान हैं। कई छात्रों का कहना है कि बिना जानकारी दिए इस तरह का बड़ा फैसला अन्याय जैसा है।
असर
- करीब 1.5 लाख प्राइवेट स्टूडेंट्स को सबसे ज्यादा नुकसान होगा।
- स्टूडेंट्स अब मल्टी करियर ऑप्शंस नहीं चुन पाएंगे।
- कई छात्र अपने एडमिशन और करियर प्लानिंग को लेकर कंफ्यूज हैं।
छात्रों और पैरेंट्स की मांग है कि CBSE को इस फैसले पर स्पष्ट गाइडलाइन जारी करनी चाहिए, ताकि बच्चों का भविष्य प्रभावित न हो।
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