India ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए फ्रांस द्वारा पेश “New York Declaration” के पक्ष में मतदान किया। यह प्रस्ताव पैलेस्टाइन-इज़राइल विवाद के शांतिपूर्ण समाधान और Two-State Solution को लागू करने के लिए था।
इस प्रस्ताव को 142 देशों ने समर्थन, 10 ने विरोध और 12 ने Abstain किया। India का समर्थन इस विवादित मुद्दे पर उसकी संतुलित और निर्णायक कूटनीति को दर्शाता है।
न्यूयॉर्क डिक्लेरेशन में मुख्य बिंदु
- इज़राइल से सेटलमेंट और भूमि कब्ज़ बंद करने की मांग।
- पूर्वी जेरूसलम और अन्य कब्ज़ क्षेत्रों में संलग्नता और विस्थापन पर रोक।
- गाजा को स्वतंत्र और संयुक्त पैलेस्टाइन राज्य का हिस्सा मान्यता देने की सिफ़ारिश।
- हिंसा और उकसावे को तुरंत बंद करने का निर्देश।
अमेरिका और इज़राइल का विरोध
- अमेरिका ने इसे “हमास को तोहफ़ा” बताया और कहा कि यह शांति प्रक्रिया में बाधा डाल सकता है।
- इज़राइल ने इसे “राजनीतिक सर्कस और वास्तविकता से दूर” करार दिया।
भारत की कूटनीतिक भूमिका
India का यह निर्णय दो-राज्य समाधान (Two-State Solution) के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है और मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया पर भविष्य की कूटनीतिक चर्चाओं को प्रभावित करेगा।
यह कदम वैश्विक स्तर पर भारत की निष्पक्ष और संतुलित विदेश नीति की दिशा को भी उजागर करता है।
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