लद्दाख में राज्यत्व (Statehood) और संविधान की छठी अनुसूची (6th Schedule) के तहत विशेष प्रावधानों की मांग को लेकर हाल के प्रदर्शनों में हिंसा भड़क गई। 24 सितंबर 2025 को लेह में हुए इस Statehood Protest के दौरान चार लोगों की मौत हो गई और 80 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें 40 पुलिसकर्मी शामिल हैं।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, सरकारी भवनों और वाहनों को आग के हवाले किया और एक राजनीतिक दल के कार्यालय पर हमला किया। जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और गोलीबारी की। हिंसा के बाद प्रशासन ने कर्फ्यू लागू किया और 50 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया। मृतकों के सम्मान में कर्गिल डेमोक्रेटिक एलायंस (KDA) ने उन्हें ‘लद्दाख के नायक’ घोषित किया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
Sonam Wangchuk और सरकार के बीच तनाव
सरकार ने जलवायु कार्यकर्ता Sonam Wangchuk पर आरोप लगाया कि उनके “उत्तेजक बयान” प्रदर्शनकारियों को उकसाने का कारण बने। मंत्रालय का कहना है कि वांगचुक ने ‘अरब स्प्रिंग’ और नेपाल के Gen Z आंदोलन का उदाहरण देकर Statehood Protest को बढ़ावा दिया।
वांगचुक ने इन आरोपों को “बली का बकरा बनाने की साजिश” करार दिया और चेतावनी दी कि उनकी गिरफ्तारी सरकार के लिए और मुश्किलें खड़ी कर सकती है। उनका कहना है, “मुझे गिरफ्तार करने से सरकार को और ज्यादा चुनौती मिलेगी।”
FCRA License रद्द और आगे की कार्रवाई
सरकार ने Sonam Wangchuk के नेतृत्व वाले ‘Students Educational and Cultural Movement of Ladakh’ (SECMOL) का FCRA (Foreign Contribution Regulation Act) लाइसेंस रद्द कर दिया है। इससे SECMOL को विदेशी फंडिंग प्राप्त करने में बाधा आएगी और संगठन की कार्यक्षमता प्रभावित होगी।
लद्दाख में Statehood आंदोलन अभी भी जारी है। अधिकारियों ने इस मुद्दे पर 6 अक्टूबर को उच्च-स्तरीय समिति की बैठक निर्धारित की है, जबकि 25 और 26 सितंबर को वार्ता प्रस्तावित है।
लद्दाख की जनता की मांग है कि राज्यत्व और छठी अनुसूची के तहत विशेष प्रावधान उनके अधिकारों और विकास की गारंटी दें। वहीं, सरकार इस मुद्दे पर संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन हालिया हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप के बीच तनाव गहराता जा रहा है।
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