मोदी सरकार का बड़ा फैसला
मोदी सरकार संसद की Standing Committees का कार्यकाल 1 साल से बढ़ाकर 2 साल करने का प्लान बना रही है। अभी तक इन समितियों का हर साल पुनर्गठन (Reconstitution) होता है, जिससे कई बार काम अधूरा रह जाता है। सरकार का मानना है कि अगर कार्यकाल दो साल कर दिया जाए तो समितियों को रिपोर्ट और Bills पर गहराई से काम करने का पर्याप्त समय मिलेगा।
क्यों बढ़ाया जा रहा है कार्यकाल?
- फिलहाल स्थायी समितियों को केवल 1 साल का कार्यकाल मिलता है।
- Reconstitution की वजह से अक्सर कई अहम विषयों की समीक्षा अधूरी रह जाती है।
- 2 Years Tenure से Committees ज्यादा स्थिर और प्रभावी तरीके से काम कर पाएंगी।
Shashi Tharoor को होगा फायदा
इस बदलाव का सबसे बड़ा लाभ कांग्रेस सांसद शशि थरूर को मिल सकता है।
- थरूर इस समय Foreign Affairs Standing Committee के चेयरमैन हैं।
- अगर कार्यकाल 2 साल तक बढ़ गया, तो वे लगातार लंबे समय तक इस पद पर बने रहेंगे।
- इससे हर साल होने वाली पुनर्नियुक्ति (Reappointment) की अनिश्चितता खत्म हो जाएगी।
राजनीतिक पहलू
- सत्ता पक्ष कह रहा है कि इस कदम से Committees की efficiency और accountability बढ़ेगी।
- विपक्ष सवाल उठा सकता है कि यह सुधार वास्तव में Committees को मजबूत करने के लिए है या मौजूदा चेयरपर्सन्स को फायदा पहुंचाने के लिए।
- अगर यह नियम तुरंत लागू हुआ तो कई नेताओं को बड़ी पोजिशन में स्थिरता मिलेगी।
Parliament की Standing Committees का कार्यकाल बढ़ाने का यह प्रस्ताव न केवल समितियों के काम को मजबूत करेगा बल्कि राजनीति में बड़े नेताओं को भी लंबी स्थिरता देगा। अब देखना यह होगा कि विपक्ष और अन्य दल इस कदम पर क्या रुख अपनाते हैं।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!


