Trump Big Plans 2026 Govt Shutdown पर Trump का Attack, कहा Wasteful Projects होंगे खत्म

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अमेरिका (US) में जारी Government Shutdown को लेकर राष्ट्रपति Donald Trump ने बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर शटडाउन लंबा खिंचता है तो Federal Employees की Firings हो सकती हैं। उन्होंने Democrats को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वह कई “Wasteful Projects” को हमेशा के लिए खत्म कर सकते हैं।

Government Shutdown का असर

शटडाउन की वजह से कई Non-Essential Government Services बंद हो चुकी हैं और हजारों कर्मचारी बिना वेतन (Unpaid Leave) पर हैं। यदि स्थिति जल्दी नहीं सुधरी तो इसका असर US Economy और आम नागरिकों पर गहरा पड़ेगा।

Trump का Economic Plan

ट्रंप ने दावा किया कि नए Tariffs से हर साल करीब $1 Trillion Revenue आ सकता है। उनके मुताबिक इस अतिरिक्त आय का इस्तेमाल Federal Debt कम करने और देश की वित्तीय स्थिति सुधारने में होगा।

2026 के लिए संकेत

ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके पास 2026 के लिए Big Plans हैं। उन्होंने डिटेल्स नहीं बताईं, लेकिन माना जा रहा है कि यह उनकी Political Strategy और Election Roadmap से जुड़ा हो सकता है।

Political Pressure और संदेश

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान Democrats पर दबाव बनाने की कोशिश है। हालांकि, बड़े स्तर पर Permanent Firings करना आसान नहीं है, क्योंकि शटडाउन के दौरान कर्मचारी पहले से ही Furlough (Unpaid Leave) पर भेजे जाते हैं।

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Yukta

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खंडवा में किसानों का अनोखा विरोध: सरकार की निकाली ‘अर्थी’, सैटेलाइट सर्वे और खरीदी व्यवस्था पर उठाए सवाल

मध्यप्रदेश के खंडवा में किसानों का गुस्सा अब सड़कों पर खुलकर नजर आने लगा है। संयुक्त कृषक संगठन के बैनर तले किसानों ने सरकार के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन करते हुए ‘सरकार की अर्थी’ निकाल दी। यह अर्थी यात्रा शहर की पुरानी अनाज मंडी से शुरू होकर राजा हरिश्चंद्र मुक्तिधाम तक पहुंची, जहां किसानों ने प्रतीकात्मक रूप से अर्थी फेंककर अपना विरोध जताया। इस प्रदर्शन में करीब 300 किसान शामिल हुए। सैटेलाइट सर्वे बना किसानों की परेशानी किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा खेतों की सैटेलाइट से निगरानी में भारी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। संगठन के प्रवक्ता जय पटेल के मुताबिक, “खेत में गेहूं खड़ा है, नरवाई भी दिख रही है, लेकिन सैटेलाइट रिपोर्ट में फसल ही नहीं दिखा रहा। ऐसे में किसानों का स्लॉट बुक नहीं हो पा रहा।” उन्होंने आरोप लगाया कि इस तकनीकी खामी के कारण किसान अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने से वंचित हो रहे हैं। खरीदी व्यवस्था पर भी सवाल किसानों ने सरकार के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि गेहूं का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। किसानों के अनुसार, जिले में अभी तक 5% खरीदी भी नहीं हो पाई है। स्लॉट बुकिंग न होने के कारण किसान मजबूरी में अपनी फसल कम दाम पर मंडी में बेचने को मजबूर हैं। गलत जुर्माने का आरोप किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में खेत में आग शॉर्ट सर्किट से लगती है, लेकिन सैटेलाइट सर्वे इसे नरवाई जलाना बताकर भारी जुर्माना वसूल लिया जाता है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति और खराब हो रही है। 100 गांवों के किसान हुए शामिल इस विरोध प्रदर्शन में करीब 100 गांवों के 300 किसान शामिल हुए। कई किसान शादी-ब्याह जैसे पारिवारिक कार्यक्रम छोड़कर इस ‘अंतिम यात्रा’ में पहुंचे। करीब दो घंटे तक तेज धूप में किसानों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया। किसानों का कहना है कि जब तक सैटेलाइट सर्वे की खामियां दूर नहीं होतीं और खरीदी व्यवस्था सुधरती नहीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। ऐसी ही जमीनी और किसानों से जुड़ी हर खबर के लिए जुड़े रहें —www.deshharpal.com
AAP

AAP में भूचाल 7 सांसदों का इस्तीफा, ‘Operation Lotus’ का आरोप

आम आदमी पार्टी (AAP) में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक तूफान देखने को मिल रहा है। ताज़ा जानकारी के अनुसार पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद Raghav Chadha समेत कुल 7 सांसदों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इस खबर ने दिल्ली से लेकर पंजाब तक राजनीतिक हलचल तेज कर दी है और पार्टी के भीतर अस्थिरता की चर्चाएं बढ़ गई हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद AAP के वरिष्ठ नेता Sanjay Singh ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे महज इस्तीफा नहीं, बल्कि एक “सुनियोजित राजनीतिक साजिश” करार दिया है। संजय सिंह का कहना है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी को कमजोर करने के लिए “Operation Lotus” जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। अंदरूनी कलह या राजनीतिक रणनीति? 7 सांसदों के एक साथ इस्तीफे की खबर के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं—क्या यह पार्टी के भीतर बढ़ती असहमति का नतीजा है या फिर इसके पीछे कोई बड़ी राजनीतिक रणनीति काम कर रही है? हालांकि अभी तक पार्टी की ओर से इस पूरे मामले पर विस्तृत आधिकारिक सफाई नहीं आई है। कार्यकर्ताओं में चिंता, विपक्ष हमलावर इस घटनाक्रम के बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में चिंता का माहौल है। वहीं विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर AAP पर लगातार हमलावर हैं और इसे पार्टी की आंतरिक कमजोरी के रूप में पेश कर रहे हैं। पंजाब की राजनीति पर असर संभव राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह स्थिति आगे बढ़ती है तो इसका सीधा असर पंजाब की राजनीति पर पड़ सकता है, जहां AAP की सरकार पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रही है। संगठनात्मक स्तर पर भी पार्टी को झटका लग सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें AAP के आधिकारिक बयान पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो सके कि आखिर 7 सांसदों के इस्तीफे के पीछे असली वजह क्या है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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AAP में सियासी हलचल Raghav Chadha के इस्तीफे और BJP एंट्री

देश की राजनीति में इन दिनों आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha) को लेकर बड़ी हलचल मची हुई है। सोशल मीडिया और कुछ राजनीतिक हलकों में यह दावा तेजी से फैल रहा है कि उन्होंने AAP से इस्तीफा दे दिया है और जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं। यहां तक कि यह भी कहा जा रहा है कि कुछ सांसद उनके साथ पार्टी बदल सकते हैं। हालांकि, अब तक इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आखिर क्या है पूरा मामला? पिछले कुछ समय से AAP के भीतर संगठनात्मक बदलाव और नेतृत्व स्तर पर कुछ फैसलों के बाद राघव चड्ढा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। इसी बीच उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर तरह-तरह की अटकलें शुरू हो गईं। इन अटकलों ने तब और जोर पकड़ा जब सोशल मीडिया पर यह दावा वायरल हुआ कि Raghav Chadha AAP छोड़कर BJP में शामिल हो सकते हैं। कुछ पोस्ट्स में तो यह भी कहा गया कि उनके साथ कई सांसद भी पार्टी बदल सकते हैं। क्या राघव चड्ढा ने इस्तीफा दिया है? ताजा और उपलब्ध जानकारी के अनुसार: पहले भी उड़ चुकी हैं ऐसी खबरें यह पहली बार नहीं है जब राघव चड्ढा को लेकर ऐसी राजनीतिक चर्चाएं सामने आई हों। इससे पहले भी उनके पार्टी में स्थिति और भविष्य को लेकर कई तरह की अफवाहें फैल चुकी हैं, जिन्हें समय-समय पर खारिज किया गया है। राजनीतिक माहौल में बढ़ी अटकलें चुनावी माहौल और राजनीतिक सरगर्मियों के बीच इस तरह की खबरें अक्सर तेजी से फैलती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आता, तब तक इन दावों को केवल अटकल ही माना जाना चाहिए। राघव चड्ढा के AAP छोड़ने और BJP में जाने की खबरें फिलहाल अफवाह और अनकन्फर्म्ड रिपोर्ट्स हैं। किसी भी तरह के निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक बयान का इंतजार करना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
EPFO

PF Withdrawal New System EPFO 3.0 से बदल जाएगा पूरा प्रोसेस, होगा फास्ट और डिजिटल

कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) जल्द ही अपना नया सिस्टम EPFO 3.0 लागू करने जा रहा है, जिसके बाद PF (Provident Fund) निकालने की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा आसान, तेज और डिजिटल हो जाएगी। अब पैसे के लिए लंबा इंतजार और दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। UPI और ATM से सीधे PF Withdrawal नई व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब PF का पैसा सीधे UPI और ATM के जरिए निकाला जा सकेगा। यानी बैंक या ऑनलाइन क्लेम की लंबी प्रक्रिया खत्म होने की ओर है। यह बदलाव कर्मचारियों के लिए बड़ी सुविधा लेकर आएगा। मिनटों में PF का पैसा आपके अकाउंट में EPFO 3.0 में सिस्टम को पूरी तरह रियल-टाइम प्रोसेसिंग से जोड़ा जा रहा है। जैसे ही आपका क्लेम अप्रूव होगा, पैसा कुछ ही मिनटों में आपके बैंक अकाउंट या UPI में पहुंच जाएगा। इससे पहले जहां कई दिन लग जाते थे, अब इंतजार काफी कम हो जाएगा। आसान और सिंपल होंगे PF के नियम नए सिस्टम में PF निकासी के नियमों को भी सरल किया जा रहा है। अब अलग-अलग कैटेगरी की जटिलता को कम करके इसे कुछ ही मुख्य श्रेणियों में रखा जाएगा, जिससे प्रोसेसिंग तेज और आसान हो सके। Auto Settlement की सुविधा भी होगी EPFO 3.0 में कई मामलों में क्लेम अपने आप सेटल हो जाएगा। यानी बिना ज्यादा डॉक्यूमेंट और बिना देरी के आपका PF प्रोसेस हो जाएगा। यह सुविधा खासकर छोटे और सामान्य क्लेम्स के लिए फायदेमंद होगी। जरूरत पर तुरंत मिलेगा बड़ा हिस्सा नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी अपने PF का लगभग 75% तक हिस्सा जरूरत पड़ने पर तुरंत निकाल सकेंगे, जबकि बाकी राशि सुरक्षित रहेगी ताकि रिटायरमेंट फंड पर असर न पड़े। EPFO 3.0 का मुख्य उद्देश्य क्या है? इस नए सिस्टम का मकसद PF प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और बैंकिंग जैसी आसान बनाना है, ताकि: कब तक लागू होगा EPFO 3.0? EPFO 3.0 को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और आने वाले समय में यह पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। इसके बाद PF निकालने का अनुभव बिल्कुल डिजिटल बैंकिंग जैसा हो जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

रायपुर में पानी टंकी पर बवाल: 22 करोड़ का टेंडर जारी, जमीन पर ही फंसा मामला

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नगर निगम और महिला एवं बाल विकास विभाग के बीच जमीन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामला नेताजी सुभाष चंद्र बोस वार्ड-31 का है, जहां नई पानी टंकी के लिए 22 करोड़ रुपए का टेंडर तो जारी कर दिया गया, लेकिन जिस जमीन पर निर्माण होना है, उसी पर अब विवाद शुरू हो गया है। बिना NOC जारी हुआ टेंडर जानकारी के मुताबिक, नगर निगम ने संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लिए बिना ही टेंडर जारी कर दिया। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग का दावा है कि प्रस्तावित जमीन उनके अधिकार क्षेत्र में आती है। ऐसे में अब पूरे प्रोजेक्ट पर अनिश्चितता के हालात बन गए हैं। पानी के लिए तरस रहा वार्ड जोन-3 के इस वार्ड में पिछले कई दिनों से भीषण जल संकट बना हुआ है। करीब 30-35 से ज्यादा पानी के पाइंट सूख चुके हैं और लोगों को टैंकर के सहारे पानी मिल रहा है। लगभग 15 हजार वर्गफीट जमीन पर टंकी बनाई जानी थी, लेकिन जमीन स्पष्ट न होने के कारण काम अटक गया है। भूमि पूजन से पहले ही बढ़ा विवाद नगर निगम की ओर से भूमि पूजन की तैयारी भी शुरू कर दी गई थी। एक दिन पहले तक साफ-सफाई कराई गई, लेकिन तभी महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए और जमीन पर अपना दावा ठोक दिया। इसके बाद मामला और उलझ गया। निगम की कार्यशैली पर सवाल नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “टेंडर जारी करने से पहले क्या जांच नहीं की गई? संबंधित विभाग से NOC लेना जरूरी नहीं था?” उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम पहले टेंडर जारी करता है और बाद में जमीन तलाशता है, जिससे आम जनता को परेशान होना पड़ता है। महापौर का भरोसा—जल्द होगा समाधान वहीं महापौर मीनल चौबे ने कहा कि मामले को सुलझाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग से बातचीत जारी है और जल्द ही NOC मिल जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि टंकी का निर्माण जल्द शुरू कराया जाएगा ताकि लोगों को पानी की समस्या से राहत मिल सके। फिलहाल जमीन विवाद के कारण टंकी निर्माण में देरी तय मानी जा रही है, जिससे वार्डवासियों को पानी संकट से राहत मिलने में और इंतजार करना पड़ सकता है। ऐसी ही जमीनी और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें —www.deshharpal.com

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