कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा (Pawan Khera) को बड़ा कानूनी झटका लगा है। गुवाहाटी हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की याचिका खारिज कर दी है।
यह मामला असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma की पत्नी Riniki Bhuyan Sharma से जुड़ा है, जिन्होंने पवन खेड़ा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
क्यों दर्ज हुआ केस?
- पवन खेड़ा ने कथित तौर पर पासपोर्ट को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे
- आरोपों में दावा किया गया कि कई देशों के पासपोर्ट से जुड़ा विवाद है
- इसी बयान को आधार बनाकर मामला दर्ज किया गया
कोर्ट ने क्या कहा?
हाई कोर्ट ने कहा कि मामला गंभीर आरोपों से जुड़ा है, इसलिए अग्रिम राहत नहीं दी जा सकती कोर्ट के फैसले के बाद अब गिरफ्तारी का खतरा बढ़ गया है
पहले क्या हुआ था?
- इससे पहले Supreme Court of India भी खेड़ा को राहत देने से इनकार कर चुका है
- उन्होंने ट्रांजिट बेल बढ़ाने की मांग की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था
- इसके बाद उन्होंने गुवाहाटी हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था
अब आगे क्या?
- कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद अब पवन खेड़ा के पास सीमित कानूनी विकल्प बचे हैं
- वे सुप्रीम कोर्ट में फिर से अपील कर सकते हैं
- या फिर जांच एजेंसियों के सामने पेश होना पड़ सकता है
यह मामला सिर्फ एक कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि राजनीतिक बयानबाज़ी बनाम कानून की बड़ी टक्कर बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में यह केस नेशनल पॉलिटिक्स में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
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