अंतरराष्ट्रीय व्यापार (International Trade) में नई हलचल मची है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने 10 अक्टूबर 2025 को घोषणा की कि 1 नवंबर 2025 से चीन (China) से आने वाले सभी सामानों पर 100% अतिरिक्त टैरिफ (Additional Tariff) लागू होगा। इससे पहले अमेरिका ने चीन से आयातित सामानों पर 30% टैरिफ लगा रखा था, अब कुल टैरिफ दर 130% हो जाएगी।
चीन पर ट्रंप का बड़ा कदम
ट्रंप प्रशासन का यह कदम China द्वारा हाल ही में Rare Earth Minerals और अन्य महत्वपूर्ण सामग्रियों पर Export Controls बढ़ाने के जवाब में उठाया गया है। ये मेटल्स टेक्नोलॉजी और डिफेंस इंडस्ट्री के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं।
Software Export पर बैन
सिर्फ टैरिफ ही नहीं, अमेरिका ने क्रिटिकल सॉफ्टवेयर (Critical Software) के चीन निर्यात पर भी बैन लगाने की योजना बनाई है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम चीन की “अत्यधिक आक्रामक व्यापार नीति (Aggressive Trade Policy)” के खिलाफ उठाया गया है।
शेयर बाजार में भारी गिरावट
टैरिफ और व्यापार तनाव के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में तेज़ गिरावट (Stock Market Crash) आई:
- Dow Jones लगभग 900 पॉइंट्स गिर गया।
- S&P 500 2.7% और NASDAQ 3.6% तक नीचे आया।
चीन की प्रतिक्रिया
China ने तुरंत Qualcomm और Nvidia जैसी अमेरिकी चिप निर्माता कंपनियों के खिलाफ Antitrust Investigation शुरू कर दी। यह कदम अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध (Trade War) में बढ़ते तनाव को दर्शाता है।
वैश्विक व्यापार पर असर
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और चीन के बीच यह नया टैरिफ कदम Global Supply Chain और International Trade को प्रभावित कर सकता है।
अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध में यह नया कदम (Trump’s 100% China Tariff) तनाव को और बढ़ा सकता है। आने वाले महीनों में दोनों देशों द्वारा उठाए जाने वाले कदम वैश्विक व्यापार (Global Trade) पर बड़ा असर डाल सकते हैं।
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