Tamil Nadu की डीएमके सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन जल्द ही विधानसभा में एक ऐसा बिल लाने की तैयारी में हैं, जिसके बाद राज्य में हिंदी पर बैन लगाया जा सकता है।
इस प्रस्तावित बिल के तहत हिंदी फिल्मों, गानों, विज्ञापनों, होर्डिंग्स और दुकानों के बोर्ड तक पर हिंदी का इस्तेमाल प्रतिबंधित किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि सरकार इसे “तमिल भाषा संरक्षण” के तहत पेश करेगी।
गौर करने वाली बात यह है कि कुछ महीने पहले ही मुख्यमंत्री स्टालिन ने राज्य के बजट दस्तावेज़ों से भारतीय रुपए के ‘₹’ सिंबल को हटाकर ‘Rs’ का इस्तेमाल शुरू किया था। अब सरकार का यह नया कदम हिंदी विरोधी बहस को एक बार फिर हवा दे सकता है।
स्टालिन सरकार का कहना है कि तमिलनाडु में तमिल भाषा की पहचान और सम्मान बनाए रखना जरूरी है। वहीं, विरोधियों का आरोप है कि यह फैसला देश की एकता और विविधता के खिलाफ है।
राज्य के कई हिंदीभाषी लोग इस निर्णय को लेकर सोशल मीडिया पर नाराज़गी जता रहे हैं। उनका कहना है कि भाषा पर रोक लगाने से लोगों के बीच दूरी बढ़ेगी, न कि एकता।
अब देखना यह होगा कि विधानसभा में यह बिल पास होता है या नहीं — लेकिन इतना तय है कि तमिलनाडु में “हिंदी बनाम तमिल” की बहस फिर तेज होने वाली है।
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