भारत ने अपने रक्षा निर्यात और रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक अहम कदम उठाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ब्राज़ील के उपराष्ट्रपति जेराल्डो अल्कमिन और रक्षा मंत्री जोसे मूसियो मोंटेइरो फिल्हो के साथ मुलाकात की, जिसमें दोनों देशों के बीच Akash Missile System की आपूर्ति और रक्षा सहयोग पर चर्चा हुई।
भारत की पेशकश: Akash Missile System
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ब्राज़ील को भारत में विकसित ‘आकाश’ सतह-से-हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली (Surface-to-Air Missile System) की पेशकश की। यह मिसाइल सिस्टम भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित किया गया है और भारत की प्रमुख मिसाइल परियोजनाओं में से एक है।
- ‘आकाश’ मिसाइल लगभग 25 किलोमीटर तक हवाई लक्ष्यों को मार सकती है।
- इसका उन्नत संस्करण Akash-NG तेज गति और लंबी दूरी के लक्ष्यों को भेदने में सक्षम होगा।
India-Brazil Defence Cooperation
बैठक के दौरान दोनों देशों ने न केवल मिसाइल सिस्टम पर बल्कि Joint Defence Production और Technology Transfer पर भी चर्चा की। यह साझेदारी भारत को लैटिन अमेरिका में रणनीतिक foothold दिला सकती है।
ब्राज़ील भी अपनी रक्षा क्षमताओं को आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। भारत के साथ सहयोग से उसे विश्वसनीय और कम लागत वाले हथियार उपलब्ध होंगे।
भारत का Defence Export मिशन
भारत का लक्ष्य वर्ष 2028 तक रक्षा निर्यात को ₹50,000 करोड़ तक बढ़ाना है। भारत पहले से ही कई देशों को Akash Missile, BrahMos, Radar और Helicopters जैसे उपकरणों की आपूर्ति पर बातचीत कर रहा है।
यदि ब्राज़ील को Akash System का सौदा मिलता है, तो यह भारत के लिए Latin America में पहला बड़ा Defence Export Deal साबित होगा।
चुनौतियाँ और Competition
ब्राज़ील ने पहले Akash Missile में कुछ तकनीकी सुधारों की मांग की थी, खासकर कम ऊंचाई और तेज़ गति वाले लक्ष्यों के खिलाफ। इसलिए वह यूरोपीय और अमेरिकी कंपनियों के विकल्प भी देख रहा है।
- भारत अब ब्राज़ील को Akash-NG जैसे उन्नत संस्करण की पेशकश कर सकता है।
- यह कदम सौदे की संभावना को बढ़ा सकता है।
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