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Russia ने किया Nuclear Missile ‘Burevestnik’ का Test Putin बोले अब कोई नहीं रोक सकता हमें!

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रूस ने दुनिया को चौंकाते हुए अपनी नई न्यूक्लियर-पावर्ड क्रूज़ मिसाइल ‘Burevestnik’ का सफल परीक्षण किया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह मिसाइल रूस की सैन्य शक्ति को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। यह मिसाइल इतनी उन्नत मानी जा रही है कि यह किसी भी मौजूदा Missile Defence System को मात देने में सक्षम है।

क्या है Burevestnik Missile?

9M730 Burevestnik’ रूस द्वारा विकसित एक nuclear-powered cruise missile है, जिसे दुनिया की सबसे खतरनाक मिसाइलों में गिना जा रहा है। इसे “Flying Chernobyl” भी कहा जाता है क्योंकि यह पारंपरिक ईंधन से नहीं, बल्कि परमाणु शक्ति (Nuclear Power) से चलती है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मिसाइल ने अपने हालिया परीक्षण में करीब 14,000 किलोमीटर की दूरी तय की और 15 घंटे तक हवा में उड़ान भरी।
रूसी जनरल वलेरी गेरेसिमोव (Valery Gerasimov) के अनुसार, यह मिसाइल किसी भी डिफेंस सिस्टम से बचकर अपने लक्ष्य तक पहुंचने की क्षमता रखती है।

Putin का बयान – “Russia अब पूरी तरह तैयार है”

राष्ट्रपति पुतिन ने कहा,

“Burevestnik रूस की तकनीकी क्षमता और सैन्य शक्ति का प्रतीक है। यह मिसाइल हमारी सुरक्षा को अभेद्य बनाएगी और कोई भी हमें रोक नहीं पाएगा।”

उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में इस मिसाइल को तैनात (Deployment) करने की तैयारी भी शुरू हो चुकी है।

अमेरिका और पश्चिमी देशों की प्रतिक्रिया

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इस परीक्षण को “गलत कदम” बताया और कहा कि रूस को “यूक्रेन युद्ध खत्म करने पर ध्यान देना चाहिए।”
वहीं रक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस कदम से दुनिया में नई Nuclear Arms Race शुरू हो सकती है।
कई देशों ने इसे वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है।

Environmental Risk भी बढ़ा

रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, nuclear-powered missile का परीक्षण पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।
2019 में रूस के एक ऐसे ही परीक्षण के दौरान रेडिएशन लीक (Radiation Leak) हुआ था, जिसमें कई वैज्ञानिकों की मौत हुई थी।
इस बार भी विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यदि ऐसी मिसाइलें बड़े पैमाने पर बनाई गईं, तो पर्यावरण पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

भारत और एशिया के लिए क्या मायने हैं?

रूस की इस मिसाइल तकनीक ने एशिया और भारत दोनों के लिए नए रणनीतिक सवाल खड़े कर दिए हैं।
भारत जैसे देशों के लिए यह समय है कि वे अपनी Missile Defence Policy और Strategic Partnerships की समीक्षा करें।
रूस की यह तकनीक भविष्य में वैश्विक सुरक्षा समीकरणों को पूरी तरह बदल सकती है।

‘Burevestnik’ मिसाइल ने रूस को एक बार फिर Global Defence Power के रूप में स्थापित कर दिया है।
हालांकि पश्चिमी देशों ने इसे Global Security Risk बताया है, लेकिन रूस का दावा है कि यह “Defensive Purpose” के लिए बनाई गई है।
अब दुनिया की नजर इस पर टिकी है कि क्या यह मिसाइल भविष्य की World Defence Strategy को पूरी तरह बदल देगी।

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Yukta

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Sabarimala

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भोपाल में लेंसकार्ट शोरूम के बाहर प्रदर्शन: ड्रेस कोड विवाद पर बढ़ा बवाल

भोपाल के न्यू मार्केट रोशनपुरा में मंगलवार को लेंसकार्ट शोरूम के बाहर हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शोरूम के कर्मचारियों को तिलक लगाया, मंत्रोच्चार किया और कलावा बांधा। इस दौरान “सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” जैसे नारे भी लगाए गए। बहिष्कार की चेतावनी हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि संगठन लेंसकार्ट के बहिष्कार की अपील कर रहा है। उनका कहना है कि भारत में तिलक, कलावा और बिंदी जैसे धार्मिक प्रतीकों का सम्मान होना चाहिए। यदि किसी कंपनी ने इन पर रोक लगाने की कोशिश की, तो इसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भले ही कंपनी के CEO पीयूष बंसल ने माफी मांगी हो, लेकिन संगठन इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है। “अगर हमने कंपनी को आगे बढ़ाया है, तो जरूरत पड़ने पर नीचे भी ला सकते हैं,” उन्होंने चेतावनी दी। संत समिति ने भी जताई आपत्ति मध्य प्रदेश संत समिति के अध्यक्ष महाराज अनिल आनंद ने कहा कि कथित गाइडलाइन में महिलाओं को सिंदूर और कलावा पहनने से रोकने की बात सामने आई है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि भारत में सनातन परंपराओं का सम्मान होना चाहिए और किसी भी कंपनी को धार्मिक प्रतीकों पर रोक लगाने का अधिकार नहीं है। कर्मचारियों ने किया खंडन विवाद के बीच शोरूम के कर्मचारी मनीष भमारे ने कहा कि उन्हें कभी तिलक या कलावा पहनने से नहीं रोका गया। उन्होंने बताया कि नवरात्रि के दौरान भी वे तिलक और कलावा लगाकर काम पर आए थे। उनके मुताबिक कंपनी की ओर से ऐसी कोई पाबंदी नहीं है। सोशल मीडिया से शुरू हुआ विवाद यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित पॉलिसी डॉक्यूमेंट से शुरू हुआ। इसमें दावा किया गया था कि कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से रोका गया है, जबकि हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई है। इस मुद्दे को एक्टिविस्ट शेफाली वैद्य ने X (ट्विटर) पर उठाया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया और लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कंपनी की सफाई विवाद बढ़ने के बाद कंपनी के CEO पीयूष बंसल ने कहा कि लेंसकार्ट सभी धर्मों का सम्मान करता है और कर्मचारियों को अपने धार्मिक प्रतीक पहनने की पूरी आजादी है। हालांकि, विरोध कर रहे संगठन इस सफाई से संतुष्ट नहीं हैं और आगे भी आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं। 👉 अधिक जानकारी और ताज़ा अपडेट के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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Share Bazaar Sensex 600 अंक चढ़ा, Nifty 24,500 के पार क्या जारी रहेगी तेजी

हफ्ते की शुरुआत शेयर बाजार के लिए राहत भरी खबर लेकर आई। पिछले कुछ दिनों की उतार-चढ़ाव भरी चाल के बाद आज बाजार में मजबूती साफ नजर आई। BSE Sensex ने करीब 600 अंकों की छलांग लगाई, जबकि Nifty 50 भी 150 से ज्यादा अंकों की तेजी के साथ 24,500 के पार पहुंच गया। सुबह धीमी शुरुआत, फिर पकड़ी रफ्तार दिन की शुरुआत हल्की बढ़त के साथ हुई थी, लेकिन जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, बाजार में खरीदारी तेज होती गई।दोपहर तक लगभग हर सेक्टर में हरियाली दिखने लगी और निवेशकों का भरोसा मजबूत होता गया। आखिर क्यों चढ़ा बाजार? आज की तेजी अचानक नहीं थी, इसके पीछे कई वजहें काम कर रही थीं: किन सेक्टर्स ने दिया साथ? आज की तेजी में सबसे बड़ा योगदान बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों का रहा। इसके अलावा: इन सभी में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों के लिए संकेत मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर Nifty 24,500 के ऊपर टिकता है, तो आगे और तेजी की गुंजाइश बन सकती है।हालांकि, अंतरराष्ट्रीय हालात अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं हैं, इसलिए बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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