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India vs South Africa Test Day 2 बुमराह और राहुल ने संभाली भारत की क्रीज़

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कोलकाता — IND vs SA 1st Test 2025 में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले जा रहे मैच के दूसरे दिन टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन किया। जसप्रीत बुमराह की तेज़ गेंदबाज़ी और भारतीय बल्लेबाज़ों की संयमित पारी ने भारत को मैच में पकड़ दिलाई।

South Africa की पारी: बुमराह ने मचाया धमाल

पहले दिन साउथ अफ्रीका की टीम 159 रन पर ऑल आउट हो गई। जसप्रीत बुमराह ने 5 विकेट झटके और टीम इंडिया को शुरुआती बढ़त दिलाई। कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज ने भी दो-दो विकेट लेकर गेंदबाज़ी में संतुलन बनाया।
साउथ अफ्रीका की सबसे बड़ी साझेदारी एडेन मार्करम और रयान रिकलटन के बीच रही, लेकिन टीम आगे नहीं बढ़ पाई।

India की शुरुआत: राहुल और सुंदर की क्रीज़ पर डटे रहने की स्ट्रैटेजी

दूसरे दिन भारत का स्कोर 37/1 से आगे बढ़ा। ओपनर यशस्वी जायसवाल 12 रन बनाकर आउट हुए। वहीं, केएल राहुल और वॉशिंगटन सुंदर क्रीज़ पर डटे रहे। मैच रौशनी कम होने के कारण दिन का खेल समय से पहले समाप्त हुआ।

पिच और रणनीति: गेंदबाज़ों के लिए मदद

ईडन गार्डन्स की पिच में गेंदबाज़ों को मदद मिलने की संभावना है। तेज़ और स्पिन दोनों प्रकार के गेंदबाज़ों के लिए चुनौतीपूर्ण पिच भारत के लिए अहम साबित हो सकती है। गौतम गंभीर और सौरव गांगुली के बीच पिच की गुणवत्ता पर वाद-विवाद हुआ, लेकिन गांगुली की शांत और निर्णायक भूमिका ने माहौल को नियंत्रित किया।

मैच का महत्व और आगे की रणनीति

  • बुमराह की पांच विकेट वाली पारी ने भारत को शुरुआती फायदा दिलाया।
  • राहुल और सुंदर की क्रीज़ पर टिककर खेलने की रणनीति मैच को भारत के पक्ष में मोड़ सकती है।
  • अगर भारत पहली पारी में बढ़त बना लेता है, तो मैच पर दबदबा कायम होगा।
  • साउथ अफ्रीका के लिए दूसरी पारी में वापसी करना चुनौतीपूर्ण होगा।

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October Weather Update पहाड़ों में बर्फबारी से ठंड, राजस्थान में गिरा तापमान; यूपी में Flood Alert

अक्टूबर का महीना अभी आधा ही बीता है, लेकिन मौसम (Weather) ने कई राज्यों में अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से ठंड बढ़ रही है। राजस्थान में मौसम के बदलाव के बीच तापमान में गिरावट की खबर है, जबकि उत्तर प्रदेश में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कहीं लोग ठंड की तैयारी में जुटे हैं, तो कहीं परिवार सुरक्षित ठिकाने और जरूरी सुविधाओं के इंतजार में हैं। 17 अक्टूबर 2026 के Weather Update में पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम की अलग-अलग तस्वीर सामने आ रही है। बारिश, बर्फबारी और तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच लोगों की नजर अब मौसम विभाग के अगले पूर्वानुमान पर है। उत्तराखंड और हिमाचल में Snowfall, बढ़ने लगी ठंड उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और बारिश के कारण मौसम ठंडा होने लगा है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति, कुल्लू और किन्नौर जैसे क्षेत्रों में बर्फबारी का असर देखने को मिल रहा है। लाहौल-स्पीति के केलांग में बर्फबारी दर्ज की गई और न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने से ठंड और बढ़ सकती है। पहाड़ों में घूमने का प्लान बना रहे लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश और बर्फबारी के कारण कुछ सड़कों पर आवाजाही मुश्किल हो सकती है। ऐसे में यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेना बेहतर रहेगा। Rajasthan Weather: तापमान में गिरावट से बदला मौसम राजस्थान में भी मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम में इस बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है, हालांकि राज्य के सभी जिलों में एक जैसी स्थिति नहीं है। जयपुर, अजमेर, भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर, पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में गर्मी का असर बना रह सकता है। राजस्थान में तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट का दावा सामने आया है, लेकिन यह गिरावट किन शहरों में और किस अवधि के दौरान दर्ज की गई, इसकी पुष्टि जरूरी है। इसलिए इसे पूरे राज्य के तापमान में गिरावट मानना सही नहीं होगा। UP Flood Update: बाढ़ से प्रभावित परिवारों की बढ़ीं मुश्किलें उत्तर प्रदेश में बाढ़ ने कई इलाकों में जनजीवन को प्रभावित किया है। बाढ़ के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में परेशानी हुई। प्रभावित परिवारों के लिए राहत, सुरक्षित आवास और जरूरी सुविधाएं बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। लखनऊ में गोमती नदी के जलस्तर और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति को लेकर भी चिंता बनी रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जलभराव, घरों की सफाई और सामान्य जीवन बहाल करने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उत्तर प्रदेश में करीब 3 लाख लोगों के बाढ़ से प्रभावित होने का आंकड़ा चर्चा में है। हालांकि, लखनऊ में अकेले 3 लाख लोगों के प्रभावित होने की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए प्रभावित लोगों की वास्तविक संख्या और मौजूदा स्थिति को लेकर आधिकारिक आंकड़ों पर भरोसा करना जरूरी है। Delhi-NCR समेत मैदानी इलाकों में भी मौसम का असर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। बारिश और हवाओं के कारण कुछ स्थानों पर तापमान में उतार-चढ़ाव हो सकता है। सुबह और शाम के समय मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस होने लगा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अलग-अलग राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। हालांकि, हर शहर में मौसम की स्थिति एक जैसी नहीं रहेगी। इसलिए अपने क्षेत्र का स्थानीय पूर्वानुमान देखना ज्यादा उपयोगी होगा। दक्षिण भारत में बारिश की संभावना देश के दक्षिणी हिस्सों में भी कुछ स्थानों पर बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना जरूरी है। Weather Alert: बदलते मौसम में इन बातों का रखें ध्यान मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव को देखते हुए लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kota

Kota Accident: राजस्थान में खाटूश्याम जा रही MP की ट्रैवलर नाले में गिरी, 8 की मौत

राजस्थान के कोटा (Kota) में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने मध्य प्रदेश के कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। भोपाल से खाटूश्यामजी के दर्शन के लिए निकले श्रद्धालुओं से भरी टेम्पो ट्रैवलर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरी। हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। यह दुर्घटना 17 अक्टूबर 2026 की सुबह कोटा जिले के सीमलिया थाना क्षेत्र में कराड़िया टोल प्लाजा के पास हुई। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे। घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। Rajasthan Road Accident: कैसे हुआ हादसा? प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, टेम्पो ट्रैवलर में करीब 25 से 27 लोग सवार थे। सभी मध्य प्रदेश से राजस्थान के खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। वाहन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कराड़िया टोल प्लाजा के पास पहुंचा, तभी चालक का नियंत्रण बिगड़ गया। ट्रैवलर सड़क किनारे लगी सुरक्षा रेलिंग को पार करते हुए पुलिया से नीचे नाले में जा गिरी। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कुछ यात्री अंदर फंस गए, जिन्हें बाहर निकालने के लिए बचाव दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी। खिड़कियां तोड़कर निकाले गए यात्री हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। वाहन में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए स्थानीय लोगों और बचाव दल ने मदद की। कई घायलों को खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकाला गया। नाले में पानी और गाद होने के कारण राहत कार्य में परेशानी आई। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को निकालने के लिए क्रेन की मदद भी ली गई। इसके बाद घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। 8 लोगों की मौत, 17 घायल इस हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत की खबर है। शुरुआती रिपोर्ट्स में मृतकों में पांच महिलाओं के शामिल होने की जानकारी दी गई है। घायलों को कोटा के एमबीएस अस्पताल और न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट्स में नाम सामने आए हैं। मृतकों और घायलों की अंतिम आधिकारिक सूची के लिए प्रशासन की पुष्टि महत्वपूर्ण है। ड्राइवर को झपकी आने की आशंका हादसे की शुरुआती जांच में चालक को नींद की झपकी आने की आशंका जताई गई है। हालांकि, दुर्घटना की असली वजह की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी है। जांच में यह स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी कि वाहन किस वजह से अनियंत्रित हुआ और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई। घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे अधिकारी घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो गए। कोटा के जिला कलेक्टर पीयूष समारिया और आईजी हरेंद्र महावर के अस्पताल पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है। अधिकारियों ने घायलों के उपचार और राहत कार्य से जुड़ी स्थिति का जायजा लिया। MP से खाटूश्यामजी दर्शन के लिए निकले थे श्रद्धालु टेम्पो ट्रैवलर में सवार लोग मध्य प्रदेश से धार्मिक यात्रा पर निकले थे। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, यात्रियों में भोपाल और बैतूल क्षेत्र के लोग शामिल थे। दर्शन के लिए निकले इन लोगों के साथ हुए हादसे से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कोटा में हुआ यह हादसा लंबी दूरी की यात्राओं के दौरान सड़क सुरक्षा और चालक की पर्याप्त नींद के महत्व की याद दिलाता है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और घायलों के उपचार से जुड़ी जानकारी पर नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Abhijeet Dipke

Delhi तिरंगा मार्च से पहले Abhijeet Dipke पर पुलिस कार्रवाई, नेहा बोरा को मिली रिहाई

दिल्ली में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले शुरू हुई पुलिस कार्रवाई के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) को गिरफ्तार कर लिया गया है। शनिवार, 17 अक्टूबर को उन्हें स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया जाना है। वहीं, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को पुलिस ने रिहा कर दिया है। दोनों को शुक्रवार, 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले हिरासत में लिया गया था। इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शन, पुलिस की भूमिका और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विवाद फिर चर्चा में आ गया है। Abhijeet Dipke Arrest: 8 दिन में दूसरी बार पुलिस कार्रवाई Abhijeet Dipke को शुक्रवार को ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले हिरासत में लिया गया था। CJP ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रदर्शन का आह्वान किया था। पुलिस ने मार्च से पहले दीपके को नोटिस दिया था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए थे। दिल्ली पुलिस के अनुसार, अभिजीत दीपके के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई की गई। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अब उन्हें SEM कोर्ट में पेश किया जाना है, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी। इससे पहले भी दीपके को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी। लगातार पुलिस कार्रवाई के कारण CJP के प्रदर्शन और उसके नेताओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। Neha Bora Released: सुबह मिली रिहाई AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को भी शुक्रवार शाम को प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया गया था। वह मंडी हाउस इलाके से कनॉट प्लेस की ओर जा रही थीं। दिल्ली पुलिस ने शनिवार सुबह उन्हें रिहा कर दिया। पुलिस के मुताबिक, दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत हिरासत से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें छोड़ा गया। रिहाई के बाद नेहा बोरा ने हिरासत के दौरान वकीलों से संपर्क करने में हुई परेशानी को लेकर सवाल उठाए। AISA ने भी पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई और अन्य प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग की। हालांकि, हिरासत को लेकर लगाए गए आरोपों पर संगठन और पुलिस के पक्ष अलग-अलग हैं। Delhi Tiranga March: आखिर क्यों हो रहा था प्रदर्शन? CJP की ओर से बुलाए गए ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च का मुख्य उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करना था। संगठन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर भी सवाल उठाए हैं। SIR के तहत मतदाता सूचियों की जांच और संशोधन किया जाता है। इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने आशंका जताई है कि बड़ी संख्या में नाम हटने से पात्र मतदाताओं के मतदान अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया के तहत काम करता है। इस मुद्दे पर उठाए गए आरोपों और आयोग के पक्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है। Connaught Place में भारी सुरक्षा, कई लोग हिरासत में शुक्रवार को प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली के कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। सेंट्रल पार्क के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया और प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान करीब 150 लोगों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन के दौरान कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की भी खबरें सामने आईं। पुलिस का कहना था कि कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने और यातायात सुचारु रखने के लिए की गई। वहीं, प्रदर्शन से जुड़े संगठनों ने हिरासत में लिए जाने के तरीके पर सवाल उठाए। CJP नेताओं पर पहले भी हो चुकी है कार्रवाई अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी से पहले CJP के अन्य नेताओं के खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई हुई थी। संगठन ने इन घटनाओं के विरोध में तिरंगा मार्च आयोजित करने की बात कही थी। CJP का कहना है कि वह चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को सार्वजनिक रूप से उठाना चाहता है। दूसरी ओर, पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को अपनी कार्रवाई का आधार बताया है। इस पूरे घटनाक्रम में प्रदर्शनकारियों के आरोप, पुलिस का पक्ष और अदालत की प्रक्रिया अहम हैं। मामले में आगे की स्थिति संबंधित अधिकारियों और अदालत से मिलने वाली जानकारी के आधार पर स्पष्ट होगी। Abhijeet Dipke SEM Court Hearing: अब आगे क्या होगा? 17 अक्टूबर को अभिजीत दीपके की SEM कोर्ट में पेशी इस मामले का अगला अहम पड़ाव है। पुलिस ने उनके खिलाफ BNSS की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई की है। अदालत में पेशी के बाद उनकी हिरासत और आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल, नेहा बोरा रिहा हो चुकी हैं, जबकि अभिजीत दीपके की कोर्ट पेशी पर नजर बनी हुई है। CJP और AISA की मांगों के साथ SIR को लेकर चल रहा विवाद भी चर्चा में है। अब यह देखना अहम होगा कि अदालत की कार्यवाही और प्रशासन के अगले कदम इस मामले को किस दिशा में ले जाते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Tariff

Trump Tariff on India: भारत पर 100% टैरिफ का खतरा टला, रूस से Diesel Deal के बाद बड़ा फैसला

Trump ने भारत पर 100% तक टैरिफ (Tariff) लगाए जाने की आशंका को फिलहाल टाल दिया है। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर सख्त कार्रवाई का रास्ता खोलने वाले कानून के अहम प्रावधानों को ट्रम्प ने रोक दिया है। 17 अक्टूबर 2026 को सामने आए इस फैसले से भारत और चीन जैसे देशों को राहत मिली है, जो रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा खरीदते हैं। इस फैसले की खास बात यह है कि अमेरिका ने रूस से डीजल की आपूर्ति को लेकर समझौता करने के कुछ ही दिनों बाद यह कदम उठाया है। एक तरफ ट्रम्प प्रशासन रूस पर आर्थिक दबाव बनाने की नीति से जुड़ा कानून रोक रहा है, तो दूसरी तरफ ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए रूस से डीजल की आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इस घटनाक्रम ने अमेरिका की रूस नीति को लेकर नई बहस छेड़ दी है। Trump ने 100% Tariff वाले कानून पर क्यों लगाई रोक? अमेरिका में रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026 नाम से कानून लाया गया था। इसका उद्देश्य यूक्रेन युद्ध के बीच रूस की आर्थिक क्षमता पर दबाव बढ़ाना था। इस कानून के तहत रूस से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों से अमेरिका आने वाले सामान पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान था। भारत और चीन जैसे देश भी इसकी जद में आ सकते थे। हालांकि, कानून में अमेरिकी राष्ट्रपति को राष्ट्रीय हित के आधार पर प्रतिबंधों और शुल्कों से छूट देने का अधिकार दिया गया था। ट्रम्प ने इसी अधिकार का इस्तेमाल करते हुए 16 अक्टूबर को कार्यकारी आदेश जारी किया। इसके बाद 17 अक्टूबर को इस फैसले की जानकारी सामने आई। ट्रम्प ने अपने आदेश में कहा कि फिलहाल इन प्रावधानों को लागू न करना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है। यह रोक स्थायी नहीं है। भविष्य में अमेरिकी प्रशासन जरूरत के मुताबिक इन उपायों को फिर से लागू करने का फैसला ले सकता है। Russia Diesel Deal के बाद बदला अमेरिकी रुख ट्रम्प का यह फैसला रूस से डीजल की आपूर्ति को लेकर हुए समझौते के कुछ दिनों बाद आया है। 9 अक्टूबर को ट्रम्प ने कहा था कि रूस तत्काल 3 लाख मीट्रिक टन से अधिक डीजल अमेरिका और वैश्विक बाजारों में भेजने पर सहमत हुआ है। इस समझौते का उद्देश्य बाजार में ईंधन की उपलब्धता बढ़ाना और बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने में मदद करना बताया गया। अमेरिका में डीजल की महंगाई का असर किसानों, ट्रांसपोर्ट कंपनियों और माल ढुलाई जैसे क्षेत्रों पर पड़ता है। हालांकि, रूस से डीजल की आपूर्ति बढ़ाने के फैसले की अमेरिका में आलोचना भी हुई। कुछ सांसदों ने चिंता जताई कि रूसी ऊर्जा से जुड़े प्रतिबंधों में राहत देने से रूस को आर्थिक फायदा मिल सकता है, जबकि अमेरिका यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस पर दबाव बनाने की बात करता रहा है। यही वजह है कि रूस से डीजल खरीदने का समझौता और रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर टैरिफ रोकने का फैसला अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। भारत को 100% Tariff से कितनी राहत मिली? भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है। रूस भी भारत के प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल है। ऐसे में रूसी तेल की खरीद के कारण भारत पर अमेरिकी टैरिफ लगाए जाने की आशंका बनी हुई थी। अगर अमेरिका भारत से आने वाले सामान पर 100% तक टैरिफ लगाता, तो भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजार में महंगे हो सकते थे। इससे भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धा में परेशानी होती और दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों पर भी दबाव बढ़ सकता था। ट्रम्प के ताजा फैसले से रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर भारत के खिलाफ इस कानून के तहत तत्काल टैरिफ लगाए जाने का खतरा फिलहाल कम हो गया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि भारत को अमेरिका के सभी टैरिफ से छूट मिल गई है। यह फैसला रूस से संबंधित कानून के खास प्रावधानों पर रोक लगाने से जुड़ा है। अमेरिका की दूसरी व्यापार नीतियां और भारत पर लागू अन्य शुल्क अलग विषय हैं। भारत ने अमेरिका के सामने क्या पक्ष रखा था? रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर भारत और अमेरिका के बीच पहले भी मतभेद सामने आए हैं। भारत का कहना रहा है कि ऊर्जा आयात से जुड़े फैसले देश की जरूरतों, कीमतों और आपूर्ति की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं। 17 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, भारतीय अधिकारियों को उम्मीद थी कि अमेरिका नए कानून के तहत भारत पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगा। भारत ने वॉशिंगटन के सामने अपनी चिंताएं भी रखी थीं। अमेरिका में भारत के राजदूत सर्जियो गोर ने भी इससे पहले कहा था कि ट्रम्प इस मामले पर जल्द फैसला लेंगे। अब अमेरिकी राष्ट्रपति के आदेश से भारत पर तत्काल अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने की आशंका कम हुई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय आया है, जब भारत और अमेरिका व्यापारिक रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए बातचीत कर रहे हैं। इसलिए आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच होने वाली चर्चा भी महत्वपूर्ण होगी। Trump के फैसले पर अमेरिका में क्यों उठे सवाल? ट्रम्प के फैसले का अमेरिका में कुछ रिपब्लिकन और डेमोक्रेट सांसदों ने विरोध किया है। आलोचकों का कहना है कि रूस पर दबाव बढ़ाने के लिए बनाया गया कानून लागू होने से पहले ही रोक देने से यूक्रेन को समर्थन देने की अमेरिकी नीति पर सवाल खड़े होते हैं। कुछ सांसदों ने रूस से डीजल खरीदने के समझौते पर भी आपत्ति जताई है। उनका तर्क है कि रूसी ऊर्जा की बिक्री से मिलने वाला पैसा रूस की युद्ध संबंधी गतिविधियों को मदद पहुंचा सकता है। दूसरी ओर, ट्रम्प प्रशासन का जोर अमेरिकी राष्ट्रीय हित, ऊर्जा आपूर्ति और घरेलू ईंधन की कीमतों पर है। सरकार के सामने चुनौती यह है कि रूस पर दबाव बनाए रखने की नीति और अमेरिका में ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। India-US Trade Relations पर क्या होगा असर? भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध दोनों देशों की...
मां कालरात्रि

Navratri 2026: सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा, जानें कथा, महत्त्व और मंत्र

नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना की जाती है। उनका स्वरूप देखने में उग्र है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं में वे अपने भक्तों का कल्याण करने वाली देवी मानी जाती हैं। उन्हें भय, अज्ञान और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है। मां कालरात्रि की पौराणिक कथा पौराणिक मान्यताओं में मां कालरात्रि को देवी दुर्गा का वह शक्तिशाली स्वरूप बताया गया है, जो दुष्ट शक्तियों का संहार करता है। उनका उग्र रूप यह संदेश देता है कि बुराई और अन्याय का सामना करने के लिए साहस जरूरी है। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी कालरात्र्यै नमः। भोग: मां को गुड़ अर्पित करने की परंपरा प्रचलित है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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