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Operation Sindoor: India's Decisive Strike Against Terrorism

Operation Sindoor:भारतीय सेना ने इन दमदार मिसाइलों से मचाया पाकिस्तान में कोहराम

भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर किया करारा प्रहार Operation Sindoor: India’s Decisive Strike Against Terrorism 7 मई की रात भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में यह सैन्य अभियान शुरू किया गया, जिसमें अत्याधुनिक हथियारों और मिसाइलों का उपयोग किया गया। SCALP मिसाइल: दुश्मन के किले पर सटीक वार इस अभियान में भारतीय सेना ने SCALP क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल किया। फ्रांसीसी-ब्रिटिश मूल की यह मिसाइल लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम है। 250 से 560 किमी तक की रेंज और 1000 किमी प्रति घंटे की गति वाली इस मिसाइल का वजन 1300 किलोग्राम है। राफेल और यूरोफाइटर टाइफून से दागी जाने वाली इस मिसाइल का उपयोग इराक, लीबिया और सीरिया में भी हो चुका है। HAMMER मिसाइल: हवा से जमीन तक अचूक वार फ्रांसीसी कंपनी SAFRAN द्वारा निर्मित HAMMER मिसाइल मध्यम दूरी की मिसाइल है। इसकी रेंज 20 से 70 किलोमीटर तक हो सकती है। GPS और लेजर गाइडेंस से लैस इस मिसाइल में इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग का भी सामना करने की क्षमता है। इसका उपयोग अफगानिस्तान, लीबिया, इराक और माली में किया गया है। राफेल की ताकत: पाकिस्तान के लिए खौफ Rafale fighter jets की गति 2202 किमी प्रति घंटा है, जो पाकिस्तान के JF-17 और J-10 से अधिक है। इसकी फ्यूल कैपेसिटी 11,202 लीटर है और यह 50 हजार फीट तक उड़ सकता है। राफेल में लगी SCALP और HAMMER मिसाइलों के कारण पाकिस्तान में इसका डर हमेशा बना रहता है। ऑपरेशन सिंदूर का संदेश इस अभियान ने न केवल आतंकवादियों को कड़ा संदेश दिया है, बल्कि पाकिस्तान में छिपे आतंकियों के मन में भय भी पैदा किया है। राफेल की मारक क्षमता और आधुनिक मिसाइल तकनीक ने यह साबित कर दिया है कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
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Operation Sindoor: India Strikes Back

Operation Sindoor: India Strikes Back – भारत का आतंकवाद पर करारा प्रहार

ऑपरेशन सिंदूर: भारत का आतंकवाद पर करारा प्रहार 7 मई 2025 को भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले कर उन्हें नष्ट कर दिया। इस ऐतिहासिक ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया है। यह पहली बार है जब तीनों सेनाओं – थल सेना, वायु सेना और नौसेना ने मिलकर एक साथ कार्रवाई की है। ऑपरेशन की वजह 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटक मारे गए थे, जिसमें एक नेपाल का नागरिक भी शामिल था। आतंकियों ने धर्म पूछकर गोली मारी थी। हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी। इस हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी ठिकानों को नष्ट करने का फैसला किया। एयरस्ट्राइक में इस्तेमाल हुए हथियार भारतीय सेना ने एयरस्ट्राइक के दौरान स्कैल्प और हैमर मिसाइलों का उपयोग किया। ये मिसाइलें उच्च सटीकता और घातकता के लिए जानी जाती हैं। भारतीय वायु सेना और नौसेना ने मिलकर इनका उपयोग करते हुए पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ उच्चस्तरीय आपात बैठक की। प्रधानमंत्री ने इस पूरे ऑपरेशन पर रात भर नजर रखी। ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना की आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक कार्रवाई है। इसका उद्देश्य भारत के नागरिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। आगे की जानकारी के लिए ‘देश हरपल’ के साथ बने रहें।
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Rahul Gandhi News, Shankaracharya Avimukteshwaranand

कांग्रेस नेता राहुल गांधी सनातन धर्म से बहिष्कृत! शंकराचार्य ने सुनाया बड़ा फैसला

Breaking: Shankaracharya Expels Rahul Gandhi from Sanatan Dharma, Here’s Why उत्तराखंड के बद्रीनाथ स्थित ज्योतिर्मठ से सनातन धर्म को लेकर एक बड़ा बयान सामने आया है। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को हिंदू धर्म से सार्वजनिक रूप से बहिष्कृत करने की घोषणा कर दी है। शंकराचार्य का आरोप है कि राहुल गांधी ने संसद में मनुस्मृति के खिलाफ जो टिप्पणी की, उससे संपूर्ण सनातन धर्मावलंबियों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि संसद में राहुल गांधी ने कहा कि “बलात्कारी को बचाने का फॉर्मूला संविधान में नहीं, आपकी किताब में है” — जो सीधा मनुस्मृति को लेकर कहा गया माना गया। पहले दी गई थी चेतावनी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अनुसार, राहुल गांधी को तीन महीने पहले एक नोटिस भेजा गया था, जिसमें पूछा गया था कि उन्होंने जो बात मनुस्मृति के बारे में कही, वह ग्रंथ में कहां लिखी है? लेकिन राहुल गांधी की ओर से न कोई जवाब आया और न ही उन्होंने क्षमा याचना की। सार्वजनिक बहिष्कार की घोषणा इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए, शंकराचार्य ने अब औपचारिक रूप से राहुल गांधी को सनातन धर्म से बहिष्कृत करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि “जो व्यक्ति धर्म ग्रंथों का सार्वजनिक रूप से अपमान करे और पश्चाताप भी न करे, वह हिंदू नहीं रह सकता।” क्या है आगे की राह? यह बयान राजनीतिक और धार्मिक दोनों ही स्तरों पर बड़ी बहस का कारण बन गया है। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या धार्मिक संस्थाओं को किसी राजनेता को धर्म से बहिष्कृत करने का अधिकार है? और क्या राहुल गांधी को अब सफाई देनी चाहिए? देश हरपल इस मुद्दे पर होने वाले हर अपडेट को आप तक पहुंचाता रहेगा।
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India Pakistan tension

War Before War: भारत की स्ट्रैटेजिक स्ट्राइक से बिना लड़े ही कंगाल हो रहा Pakistan

नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद भारत ने पाकिस्तान को जवाब देने के लिए जो रणनीति बनाई है, वो किसी मिसाइल या बम से कम नहीं है। ये ‘वॉटर स्ट्राइक’ और ‘फाइनेंशियल स्ट्राइक’ इतनी असरदार साबित हो रही हैं कि पाकिस्तान युद्ध लड़े बिना ही आर्थिक रूप से थकने लगा है। भारत ने सबसे पहले सिंधु जल समझौते (Indus Water Treaty) पर पुनर्विचार शुरू कर दिया और पाकिस्तान के साथ व्यापारिक रिश्तों को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इससे पाकिस्तान को दोहरी मार पड़ी – एक तो पानी का दबाव और दूसरा व्यापारिक घाटा। हर दिन जल रहा अरबों का इंधन:एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान हर रोज़ करीब 4 अरब पाकिस्तानी रुपये सिर्फ बॉर्डर अलर्ट पर खर्च कर रहा है। यानी न युद्ध हुआ, न गोली चली, लेकिन आर्थिक नालियों में उसका खजाना बहता जा रहा है। सिर्फ ‘अलर्ट’ रहने के लिए इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है। चीन ने भी बनाई दूरी:जहां पहले चीन पाकिस्तान का सबसे करीबी रणनीतिक साझेदार माना जाता था, अब उसी चीन ने धीरे-धीरे दूरी बनानी शुरू कर दी है। बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट ठंडे पड़ चुके हैं और आर्थिक मदद की गारंटी भी नहीं दी जा रही। परमाणु की धमकी… लेकिन जेब खाली:पाकिस्तान की ओर से अक्सर परमाणु हमले की धमकियां दी जाती हैं, लेकिन जिस देश की जेब पहले से ही खाली हो और IMF की शर्तों पर बंधा हो, वो युद्ध की भारी कीमत कैसे चुका पाएगा? यही बड़ा सवाल है। भारत की ‘War Before War’ रणनीति:भारत ने बिना सीमा लांघे, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और सैन्य ऊर्जा को कमज़ोर करने की रणनीति पर अमल शुरू कर दिया है। यही है असली ‘War Before War’ – जिसमें दुश्मन खुद ही थककर मैदान छोड़ दे।
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ICC Rankings 2025, India T20 ODI No 1, ICC Test Ranking, Sri Lanka vs Pakistan, Afghanistan England Cricket, ICC Annual Update 2025, Cricket News Hindi

ICC Rankings 2025: भारत फिर बना T20 और ODI का बादशाह, टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया का जलवा कायम | जानिए कौन ऊपर, कौन नीचे

नई दिल्ली | देश हरपल: ICC Rankings 2025- ICC की 2025 की वार्षिक क्रिकेट रैंकिंग जारी हो चुकी है, और इसमें एक बार फिर भारतीय क्रिकेट टीम ने अपना दबदबा साबित कर दिया है। भारत ने ODI और T20 दोनों फॉर्मेट्स में नंबर 1 स्थान बरकरार रखा है, जबकि ऑस्ट्रेलिया टेस्ट क्रिकेट रैंकिंग में शीर्ष पर बना हुआ है। ICC ने मई 2024 से अब तक के मैचों को 100% और पिछले दो वर्षों के मैचों को 50% वेटेज के साथ रेटिंग अपडेट की है। इसमें भारत की वनडे में रेटिंग बढ़कर 124 हो गई है। पिछले साल भारत ने ICC Champions Trophy 2025 जीतकर सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की थी। हालांकि अगस्त 2024 में श्रीलंका के खिलाफ विदेशी श्रृंखला हारी, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू 3-0 जीत ने भारत की स्थिति मजबूत कर दी। 🔥 ODI रैंकिंग में भारत टॉप पर, न्यूजीलैंड ने मारी बड़ी छलांग न्यूजीलैंड ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में उपविजेता रहते हुए ऑस्ट्रेलिया को पछाड़कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। सबसे चौंकाने वाली छलांग श्रीलंका ने लगाई, जो पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका को पीछे छोड़कर चौथे स्थान पर पहुंच गया है। 💥 अफगानिस्तान ने इंग्लैंड को पीछे छोड़ा क्रिकेट के जनक माने जाने वाले इंग्लैंड को अफगानिस्तान ने पीछे छोड़ दिया है। वहीं वेस्टइंडीज ने बांग्लादेश को पछाड़ते हुए नौवां स्थान हासिल किया। 🏆 T20 में भारत अब भी नंबर 1, श्रीलंका ने पाकिस्तान को पछाड़ा T20 रैंकिंग में भारत अब भी नंबर 1 पर कायम है, हालांकि ऑस्ट्रेलिया से बढ़त 10 से घटकर 9 अंकों पर आ गई है। भारत ने पिछले साल T20 World Cup जीता था और बांग्लादेश, श्रीलंका, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे पर श्रृंखलाएं जीती थीं।श्रीलंका ने पाकिस्तान को पीछे छोड़ते हुए सातवां स्थान हासिल किया है। वहीं आयरलैंड ने जिम्बाब्वे को पछाड़कर 11वें स्थान पर जगह बनाई है। 🌍 Associate Nations में उलटफेर: कनाडा और बहामास की छलांग Associate Teams में सबसे बड़ी छलांग कनाडा को मिली, जिसने 9 अंकों की बढ़त के साथ 19वां स्थान हासिल किया। वहीं बहामास ने 8 पायदान की छलांग लगाकर 51वें और एस्टोनिया ने 7 पायदान ऊपर जाकर 61वें स्थान पर जगह बनाई है। 🏏 100 टीमों की नई रैंकिंग इस बार की अपडेटेड ICC T20 रैंकिंग में 100 टीमों को शामिल किया गया है — ये सभी टीमें पिछले तीन वर्षों में कम से कम 8 T20 मैच खेल चुकी हैं। जबकि 2019 में यह संख्या केवल 80 थी। ICC Rankings 2025 ने यह साफ कर दिया है कि भारत फिलहाल सीमित ओवरों की क्रिकेट का किंग है, जबकि टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया की बादशाहत कायम है। नई रैंकिंग में श्रीलंका, अफगानिस्तान और कनाडा जैसी टीमों की चौंकाने वाली तरक्की भविष्य के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिदृश्य को और रोमांचक बना रही है।
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India-Pak tension

India-Pak Tension: हमले की सूरत में एकजुट होंगे पाकिस्तान के सभी राजनीतिक दल

इस्लामाबाद:India-Pak tension के बीच पाकिस्तान की राजनीति में एक बड़ी एकजुटता देखने को मिली है। भारत की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई की स्थिति में पाकिस्तान के लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने सेना के साथ मिलकर संयुक्त मोर्चा बनाने की सहमति जताई है। यह फैसला पाकिस्तानी सेना की इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) द्वारा रविवार देर रात आयोजित ब्रीफिंग के बाद सामने आया। इस ब्रीफिंग में ISPR के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी और सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने मौजूदा हालात की जानकारी साझा की। डॉन अखबार के मुताबिक, इस बैठक में PPP के राजा परवेज अशरफ, कमर जमान काइरा, शाजिया मरी और PML-N के बैरिस्टर अकील, तारिक फजल चौधरी, तलाल चौधरी के साथ कश्मीरी नेता शाह गुलाम कादिर समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। हालांकि, इमरान खान की पार्टी PTI इस अहम बैठक में शामिल नहीं हुई। PTI ने इमरान खान की जेल से रिहाई की मांग को लेकर विरोध स्वरूप दूरी बनाए रखी। बैठक के दौरान सभी दलों ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर भारत हमला करता है, तो वे एक साथ खड़े होंगे और सेना के साथ मिलकर जवाब देंगे। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि सरकार सभी पार्टियों का फीडबैक लेकर साझा रणनीति बनाना चाहती है। भारत द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराने के बाद दोनों देशों में तनाव और बढ़ गया है। पाकिस्तान ने आरोपों से इनकार करते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है। आज इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की विशेष बैठक आयोजित की जा रही है, जिसकी मांग पाकिस्तान ने की थी। ग्रीस की अध्यक्षता में इसे मंजूरी मिली है। साथ ही, पाकिस्तान की संसद में भी आज विशेष सत्र बुलाया गया है। पाक सेना ने राजनीतिक दलों को यह भी बताया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए वे पूरी तरह तैयार हैं।
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Breaking: Fire Breaks Out at Ujjain Mahakal Temple Complex, Panic in Premises

Breaking News: उज्जैन के महाकाल मंदिर(Mahakal Temple) के बाहर लगी भीषण आग 

Breaking: Fire Breaks Out at Ujjain Mahakal Temple Complex, Panic in Premises उज्जैन। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर परिसर में आज सुबह भीषण आग लग गई, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, यह आग शंख द्वार के पास स्थित एक कार्यालय में लगी बैटरियों से फैली, जिसका कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी विकराल थी कि दूर-दूर तक काले धुएं का गुबार देखा गया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु घबरा गए और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के मुताबिक सोमवार को 12 बजे महाकाल मंदिर स्थित फैसिलिटी सेंटर के ऊपर बने प्रदूषण बोर्ड के कंट्रोल रूम में अचानक आग लग गई. देखते ही देखते आग की लपटें फैल गई. आग लगते ही यहां हड़कंप मच गया. इसकी सूचना तपरंत ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम को दी गई. टीम मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास कर रही है. आग और धुएं के गुबार की की भयंकर लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही है. मौके पर दमकल की कई गाड़ियां तैनात कर दी गई हैं और आग बुझाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। राहत और बचाव दल सक्रिय हो गया है और आसपास के क्षेत्र को खाली करवाया जा रहा है। फिलहाल इस आगजनी में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है, लेकिन मंदिर परिसर में हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। यह मंदिर भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और हर दिन हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में इस तरह की घटना से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठते हैं। 👉 इस हादसे से जुड़ा वीडियो और अपडेट देखने के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।
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Indus Water Treaty, Pakistan India Water Conflict, Khawaja Asif Statement

Indus Water Threat: पाकिस्तान ने दी भारत को युद्ध की धमकी, कहा- पानी रोका तो करेंगे हमला

Islamabad: भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) एक बार फिर चर्चा में है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को लेकर एक भड़काऊ और उकसाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर भारत ने पाकिस्तान जाने वाले नदियों के पानी को रोकने के लिए किसी तरह की संरचना बनाई तो पाकिस्तान उस पर सैन्य हमला करेगा और उसे पूरी तरह नष्ट कर देगा। भारत द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस संधि को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था। इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। तब से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और अब ये बयान उसकी कूटनीतिक असहायता और पानी पर बढ़ती बेचैनी को दिखाता है। पाकिस्तान को डर है कि अगर भारत ने नदियों का प्रवाह रोक दिया, तो इसका सीधा असर उसकी खेती, पीने के पानी और आम जनता की जिंदगी पर पड़ेगा। खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यह मान चुके हैं कि भारत से आने वाला पानी ही 24 करोड़ पाकिस्तानियों की जीवनरेखा है। जलवायु विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भारत ने संधि के अंतर्गत मिलने वाले पानी का कुछ हिस्सा भी रोक लिया, तो पाकिस्तान में खेती ठप, जल संकट चरम पर और आर्थिक तबाही तय है। भारत ने अब तक संधि का सम्मान किया है, लेकिन बार-बार के आतंकी हमलों और पाकिस्तान के उकसावे के चलते अब भारत का रुख सख्त होता जा रहा है। पानी अब न सिर्फ जीवन की जरूरत बल्कि रणनीतिक हथियार बन चुका है। पाकिस्तान के नेता जिस तरह के बयान दे रहे हैं, वे ना सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि पूरे क्षेत्र की शांति के लिए खतरा बन सकते हैं। भारत ने हमेशा शांति की पहल की है, लेकिन अगर उकसावे जारी रहे तो जवाब भी सख्त हो सकता है
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Love Jihad

भोपाल में ‘Love Jihad’ के विरोध में सकल हिन्दू समाज का प्रदर्शन, 2 मई को दस नंबर बस स्टॉप पर

भोपाल, 1 मई 2025 | देश हरपल भोपाल में हाल के दिनों में सामने आई Love Jihad, religious conversion और sexual exploitation of Hindu girls की घटनाओं ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। इन घटनाओं के विरोध में Sakal Hindu Samaj द्वारा एक बड़ा जनजागरण प्रदर्शन दिनांक 2 मई 2025, सायं 5 बजे, 10 नंबर बस स्टॉप, भोपाल पर आयोजित किया जा रहा है। संगठन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक सामाजिक चेतना है। हमारी बहनों और बेटियों को trap, brainwash और convert कर उनके Hindu identity को मिटाने का जो षड्यंत्र चल रहा है, उसे अब और नहीं सहा जाएगा। सकल हिन्दू समाज ने अपील की है कि शहरवासी unity और awareness के इस प्रयास में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। सभी महिला और पुरुष अपने परिवारजनों, इष्टमित्रों और पड़ोसियों के साथ उपस्थित हों। सभा स्थल तक एक साथ समूह में पहुंचने के लिए, सभी सहभागी 2 मई को शाम 4:45 बजे E-2 अरेरा कॉलोनी, सामुदायिक भवन, पार्क नंबर 1, गणेश मंच पर एकत्रित होंगे।
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Canada Election 2025

Canada Election 2025: Mark Carney की जीत, Jagmeet Singh की हार से बदला सियासी समीकरण

Canada Election 2025: Mark Carney की Liberal Party जीती, Jagmeet Singh हारे, दिया इस्तीफा ओटावा: कनाडा में हुए आम चुनावों में मार्क कार्नी की लिबरल पार्टी ने एक बार फिर सत्ता में वापसी की है। हालांकि, नेशनल ब्रॉडकास्टर CBC की रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी को बहुमत नहीं मिल सका। इस चुनाव में न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (NDP) के नेता जगमीत सिंह को बड़ा झटका लगा है। वे अपनी सीट नहीं बचा सके और हार के तुरंत बाद इस्तीफा भी दे दिया।Jagmeet Singh को मिली करारी हार Jagmeet Singh को मिली करारी हार ब्रिटिश कोलंबिया की बर्नाबी सेंट्रल सीट से खालिस्तान समर्थक माने जाने वाले जगमीत सिंह को लिबरल उम्मीदवार वेड चांग ने हरा दिया। सिंह को सिर्फ 27% वोट मिले, जबकि चांग ने 40% से ज्यादा वोट हासिल किए। NDP को इस चुनाव में वोट शेयर और सीटों दोनों में बड़ी गिरावट का सामना करना पड़ा। पार्टी अब नेशनल पार्टी का दर्जा भी खो सकती है क्योंकि उसे सिर्फ 12 सीटों की जरूरत थी, जो फिलहाल मुश्किल दिख रही है। कार्नी बोले – ट्रम्प हमें तोड़ना चाहते हैं चुनावी रुझानों में बढ़त मिलने के बाद मार्क कार्नी ने पार्टी समर्थकों को संबोधित किया और कहा – “अमेरिका हमारी जमीन, संसाधन और पानी चाहता है। ट्रम्प हमें तोड़ना चाहते हैं, लेकिन हम ऐसा होने नहीं देंगे।” उन्होंने आगे कहा कि वो ट्रम्प से आगामी बातचीत में कनाडा के हितों की पूरी मजबूती से रक्षा करेंगे और देश के विकास के लिए अन्य विकल्पों पर भी काम करेंगे। चुनाव क्यों हुए समय से पहले? दरअसल, कनाडा में अगला आम चुनाव अक्टूबर 2025 में होना था। लेकिन प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने पिछले महीने संसद भंग कर नए चुनाव का ऐलान कर दिया। उनका कहना था कि ट्रम्प की आक्रामक नीतियों से निपटने के लिए उन्हें जनमत की मजबूती चाहिए। जस्टिन ट्रूडो ने छोड़ा था पद कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस साल की शुरुआत में व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद लिबरल पार्टी ने मार्क कार्नी को नया नेता चुना। सीटों का अनुमान और अंतिम नतीजे मेनस्ट्रीट रिसर्च के मुताबिक लिबरल पार्टी को करीब 189 सीटें मिलने का अनुमान है, जिससे वो सरकार तो बना सकती है लेकिन बहुमत से कुछ दूर रह जाएगी। आधिकारिक परिणाम 30 अप्रैल या 1 मई तक घोषित होंगे। निष्कर्ष:यह चुनाव सिर्फ एक राजनीतिक मुकाबला नहीं बल्कि अमेरिका-कनाडा रिश्तों की नई दिशा तय करने वाला मोड़ है। जहां एक ओर मार्क कार्नी ट्रम्प के खिलाफ डटे नजर आए, वहीं जगमीत सिंह की हार ने NDP की सियासी पकड़ पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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PNB

PNB में करोड़ों की Fake Currency का खेल! Saharanpur में CCTV ने बढ़ाया शक, 3 Officers पर Action

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से जुड़ा मामला सामने आने के बाद बैंकिंग सिस्टम में हड़कंप मच गया है। जांच के दौरान करोड़ों रुपये के संदिग्ध नकली नोट मिलने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों में रकम को लेकर अलग-अलग आंकड़े बताए गए हैं, जबकि विस्तृत जांच में करीब ₹7.40 करोड़ की नकली करेंसी मिलने की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक के तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है। पुलिस ने भी जांच तेज कर दी है। वहीं, RBI की जांच के बाद इस पूरे मामले में कई और तथ्य सामने आने की उम्मीद है। कैसे सामने आया करोड़ों के नकली नोटों का मामला? मामले की शुरुआत उस समय हुई जब RBI को भेजी गई नकदी में करीब ₹4.36 लाख की कमी सामने आई। इतनी बड़ी गड़बड़ी के बाद बैंक में करेंसी चेस्ट का रिकॉर्ड खंगाला गया और विस्तृत जांच शुरू की गई। जांच आगे बढ़ी तो बैंक के अंदर रखी नकदी में बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई। असली Cash की जगह Fake Notes रखने का शक प्रारंभिक जांच में आशंका है कि करेंसी चेस्ट में मौजूद असली नोटों को निकालकर उनकी जगह नकली नोट रखे गए। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि असली रकम कब निकाली गई और नकली नोट बैंक के Cash Vault तक कैसे पहुंचे। बैंक के Cash Movement Records, लॉगबुक, ऑडिट रिपोर्ट और कर्मचारियों की ड्यूटी से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। CCTV फुटेज में दिखी संदिग्ध गतिविधि इस पूरे मामले में बैंक का CCTV Footage जांच का अहम हिस्सा बन गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, फुटेज में करेंसी चेस्ट के आसपास एक हाउसकीपिंग कर्मचारी की गतिविधियां दिखाई दी हैं। जांच अधिकारी अब CCTV फुटेज को बैंक के एंट्री-एग्जिट रिकॉर्ड और कैश रिकॉर्ड से मिलाकर देख रहे हैं। इससे यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि करेंसी चेस्ट तक किस-किस कर्मचारी की पहुंच थी। 3 PNB Officers Suspended मामले में बैंक के तीन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें करेंसी चेस्ट और कैश से जुड़े अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। बैंक ने तीन अधिकारियों को Suspended कर दिया है। हालांकि, निलंबन का मतलब दोष साबित होना नहीं है। अंतिम जिम्मेदारी जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी। SIT के हाथ में जांच, RBI भी कर रहा पड़ताल मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने SIT (Special Investigation Team) गठित की है। टीम बैंक के रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और नकदी के लेन-देन की पूरी कड़ी को खंगाल रही है। दूसरी ओर, RBI से जुड़ी जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नकली नोटों का स्रोत क्या था और वे बैंक की करेंसी चेस्ट तक किस रास्ते से पहुंचे। ₹17 करोड़ या ₹7.40 करोड़? रकम को लेकर क्यों है Confusion इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा नकली नोटों की रकम को लेकर है। कुछ शुरुआती रिपोर्टों में ₹17 करोड़ तक की रकम का उल्लेख किया गया, जबकि बाद की विस्तृत रिपोर्टों में करीब ₹7.40 करोड़ की नकली करेंसी मिलने की बात कही गई है। चूंकि जांच और नोटों की गिनती का काम जारी है, इसलिए अंतिम आंकड़ा आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। बैंकिंग सिस्टम की Security पर उठे सवाल सहारनपुर के PNB मामले ने बैंक की करेंसी चेस्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट बैंक के सुरक्षित Cash Vault तक कैसे पहुंचे? नियमित जांच और ऑडिट के दौरान इनकी पहचान क्यों नहीं हुई? इन सवालों के जवाब फिलहाल जांच एजेंसियां तलाश रही हैं। आने वाले दिनों में CCTV फुटेज, बैंक रिकॉर्ड और अधिकारियों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की तस्वीर और साफ हो सकती है। फिलहाल जांच जारी है और नकली नोटों की वास्तविक मात्रा, असली रकम के नुकसान और इस मामले में शामिल लोगों को लेकर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
SCO Summit

SCO Summit में Pakistan की Edited Photo पर बवाल, PM Modi और Iran President गायब

SCO Summit से जुड़ी एक तस्वीर ने भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से चल रही तल्खी को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के आधिकारिक X अकाउंट से शेयर की गई एक तस्वीर को लेकर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तस्वीर के एडिटेड वर्जन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके साथ खड़े ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन नजर नहीं आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर तस्वीर सामने आने के बाद यूजर्स ने पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक अकाउंट पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। खास बात यह है कि जिस कार्यक्रम की तस्वीर साझा की गई, उसमें भारत और ईरान दोनों के शीर्ष नेता मौजूद थे। Original Photo और Edited Version को लेकर सवाल SCO Summit की ग्रुप फोटो में संगठन के कई सदस्य देशों के नेता एक साथ नजर आए थे। इसी तस्वीर का एक अलग वर्जन पाकिस्तान PMO के X हैंडल से पोस्ट किए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन दिखाई नहीं देते। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि क्या तस्वीर को जानबूझकर एडिट किया गया था। हालांकि, तस्वीर को लेकर पाकिस्तान सरकार की ओर से ऐसी कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है कि पोस्ट में मूल तस्वीर के बजाय बदला हुआ फ्रेम क्यों इस्तेमाल किया गया। PM Modi और Pezeshkian की मुलाकात भी रही अहम SCO Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ मुलाकात भी हुई। दोनों नेताओं के बीच भारत-ईरान संबंधों, व्यापार और क्षेत्रीय हालात पर बातचीत हुई। भारत और ईरान के रिश्ते लंबे समय से रणनीतिक और आर्थिक महत्व रखते हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की बैठक Summit के दौरान महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रमों में शामिल रही। यही वजह है कि ग्रुप फोटो से दोनों नेताओं के गायब होने वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। Pakistan PM की भी ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात इस मामले का एक और दिलचस्प पहलू सामने आया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी SCO Summit के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत हुई। ऐसे में सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाया कि अगर ईरानी राष्ट्रपति पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से भी मिले थे, तो ग्रुप फोटो के साझा किए गए वर्जन में उनका नजर नहीं आना आखिर क्यों हुआ। India-Pakistan Relations के बीच बढ़ी चर्चा भारत और पाकिस्तान के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। ऐसे में SCO जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच से सामने आने वाली छोटी-सी तस्वीर भी राजनीतिक और कूटनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण हो जाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने Summit में आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और सामूहिक कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। भारत लगातार यह रुख रखता रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी तरह का दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए। ऐसे माहौल में पाकिस्तान के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से सामने आई कथित Edited Photo ने राजनीतिक बहस को और हवा दे दी। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उठाए सवाल तस्वीर पोस्ट होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने Original Group Photo और पाकिस्तान PMO द्वारा साझा तस्वीर की तुलना करते हुए सवाल पूछे। हालांकि, यह भी जरूरी है कि तस्वीर के पीछे की मंशा को लेकर जल्दबाजी में निष्कर्ष न निकाला जाए। पाकिस्तान सरकार की ओर से इस मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि तस्वीर में बदलाव क्यों किया गया था। SCO Summit ने फिर खींचा दुनिया का ध्यान SCO Summit में भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस, ईरान समेत कई देशों के शीर्ष नेता शामिल हुए। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर चर्चा हुई। एक तरफ Summit में भारत का आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश सुर्खियों में रहा, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी की ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात ने भारत-ईरान संबंधों को लेकर ध्यान खींचा। अब पाकिस्तान PMO की कथित Edited Photo इस पूरे घटनाक्रम में एक नया विवाद बनकर सामने आई है। सोशल मीडिया पर बहस जारी है और लोगों की नजर इस बात पर है कि पाकिस्तान सरकार इस तस्वीर को लेकर कोई आधिकारिक सफाई देती है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJP

Jantar Mantar FIR Case: प्रदर्शनकारियों को SC से राहत, CJP ने Delhi March टाला

जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को खत्म करने का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च भी वापस ले लिया। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह अब इस मार्च का आयोजन नहीं करेगा। यह पूरा मामला जुलाई में हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान दर्ज FIR को वापस लेना आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में शामिल था। बाद में इसी मुद्दे को लेकर CJP ने 5 सितंबर को इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालने का ऐलान किया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रदर्शनकारियों को राहत सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों की ओर से प्रदर्शन से जुड़ी FIR वापस लेने को लेकर आवेदन किया गया था। सुनवाई के दौरान इन मामलों को खत्म करने का रास्ता निकाला गया। रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली में जंतर-मंतर और आसपास हुए प्रदर्शन से संबंधित करीब 13 FIR को आगे नहीं बढ़ाने की बात सामने आई। कुछ ऐसे लोगों के मामले अलग रखे गए हैं, जिनके खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले होने की जानकारी दी गई थी। इस फैसले के बाद आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों को बड़ी कानूनी राहत मिली है। लंबे समय से FIR वापसी की मांग कर रहे संगठन के लिए इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। 5 सितंबर का Delhi March क्यों किया गया था? CJP ने 24 अगस्त को 5 सितंबर को दिल्ली में शांतिपूर्ण मार्च निकालने का ऐलान किया था। प्रस्तावित मार्च इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक होना था। संगठन का आरोप था कि 25 जुलाई को आंदोलन वापस लेने के दौरान सरकार की ओर से किए गए कुछ आश्वासनों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। CJP ने खास तौर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने और आंदोलन से जुड़े अन्य मुद्दों पर सरकार से कार्रवाई की मांग की थी। संगठन ने कहा था कि अगर वादे पूरे नहीं हुए तो वह फिर से सड़कों पर उतरेगा। पहले SC ने मार्च पर रोक लगाने से किया था इनकार इस मामले में घटनाक्रम तेजी से बदला। 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने CJP के 5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि फिलहाल ऐसा कोई ठोस आधार नहीं है जिससे यह माना जाए कि प्रदर्शन के दौरान अनिवार्य रूप से अप्रिय स्थिति पैदा होगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासन पर छोड़ी गई थी। लेकिन इसके अगले ही दिन मामला अलग दिशा में चला गया। 1 सितंबर की सुनवाई के दौरान केंद्र के आश्वासन और कोर्ट के आदेश के बाद CJP ने खुद 5 सितंबर के मार्च को वापस लेने की घोषणा कर दी। CJP ने क्यों बदला फैसला? सुप्रीम कोर्ट में CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि केंद्र सरकार के सकारात्मक आश्वासन और अदालत के आदेश को देखते हुए संगठन ने मार्च वापस लेने का फैसला किया है। यानी जिस मुद्दे को लेकर दोबारा सड़क पर उतरने की तैयारी थी, उसमें कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल टकराव की स्थिति टल गई है। CJI ने भी सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के सकारात्मक रवैये और बातचीत के महत्व पर जोर दिया। अदालत की टिप्पणी का संदेश साफ था कि खुले मन से बातचीत हो तो विवाद का समाधान निकाला जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Bhopal

Sealing Action पर Bhopal में बवाल: व्यापारियों और पुलिस में भिड़ंत, शंख-डमरू बजाकर प्रदर्शन

Bhopal में Sealing Action को लेकर व्यापारियों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। कार्रवाई के विरोध में जुटे कारोबारियों और पुलिस के बीच मंगलवार को धक्का-मुक्की हो गई। कुछ व्यापारियों ने बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके दौरान कुछ कारोबारी गिर गए। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। Sealing के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में व्यापारी बड़ी संख्या में एकजुट हुए। कारोबारियों का कहना है कि कार्रवाई से उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर वे प्रशासन और सरकार के सामने अपनी बात रखने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर व्यापारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इसी बीच कुछ कारोबारी बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ गए। पुलिस और व्यापारियों के बीच इसी दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। बैरिकेड्स के पास हुई धक्का-मुक्की प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब व्यापारियों ने पुलिस के बैरिकेड्स को हटाने की कोशिश की। आगे बढ़ने की कोशिश में कुछ कारोबारी गिर गए। पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। हालांकि, कुछ देर बाद स्थिति को संभाल लिया गया। इस घटनाक्रम के बाद मौके पर मौजूद व्यापारियों में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर नाराजगी और बढ़ती दिखाई दी। थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार से लगाई गुहार व्यापारियों के विरोध का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार की ‘सद्बुद्धि’ के लिए विरोध जताया। व्यापारियों का कहना था कि उनकी समस्याओं को सुना जाए और सीलिंग कार्रवाई को लेकर सरकार उनकी मांगों पर विचार करे। प्रदर्शनकारियों ने अपने विरोध के जरिए सरकार और प्रशासन तक संदेश पहुंचाने की कोशिश की। उनका कहना है कि वे टकराव नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए समस्या का समाधान चाहते हैं। व्यापारियों की मांग पर अब नजर भोपाल में Sealing Action को लेकर हुए इस प्रदर्शन ने प्रशासन और कारोबारियों के बीच चल रहे विवाद को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार और प्रशासन व्यापारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं। फिलहाल प्रदर्शन के दौरान पुलिस और व्यापारियों के बीच हुई धक्का-मुक्की के बाद मामला चर्चा में है। व्यापारियों का विरोध यह संकेत दे रहा है कि सीलिंग कार्रवाई का मुद्दा अभी शांत होने वाला नहीं है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Rahul Gandhi

Bus में नाबालिग से कथित गैंगरेप, 47 KM तक चलता रहा सफर; Rahul Gandhi ने पूछा- Checking क्यों नहीं?

दिल्ली-NCR में चलती स्लीपर बस के अंदर नाबालिग छात्रा के साथ कथित गैंगरेप का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बस करीब 47 किलोमीटर तक चलती रही, लेकिन रास्ते में किसी चेकपोस्ट पर उसकी जांच नहीं हुई। मामले में बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया गया है। घटना सामने आने के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जब बस इतने लंबे रूट से होकर गुजरी तो पुलिस और प्रशासन को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? बारिश और अंधेरे के बीच बस में बैठी छात्रा रिपोर्टों के मुताबिक, नाबालिग छात्रा बारिश और अंधेरे के बीच रास्ता भटककर ग्रेटर नोएडा के परी चौक इलाके में पहुंची थी। वह नोएडा में अपने रिश्तेदार के पास जाने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान एक स्लीपर बस वहां पहुंची। आरोप है कि ड्राइवर और कंडक्टर ने छात्रा को मदद का भरोसा देकर बस में बैठाया। इसके बाद बस दिल्ली की तरफ बढ़ गई। पुलिस के अनुसार, परी चौक से कश्मीरी गेट तक का सफर करीब 47 किलोमीटर का था। इसी सफर के दौरान छात्रा के साथ कथित अपराध हुआ। एक दिन पहले भी आरोपियों पर गंभीर आरोप जांच में यह बात भी सामने आई है कि घटना से एक दिन पहले भी ड्राइवर और कंडक्टर पर छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बस और उससे जुड़े अन्य सबूतों को कब्जे में लिया है। CCTV फुटेज समेत दूसरे डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों की भी जांच की जा रही है। Driver और Conductor गिरफ्तार पुलिस ने मामले में बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बस किस रास्ते से गुजरी और रास्ते में किन-किन जगहों पर रुकी। बस की जांच भी की जा रही है ताकि घटना से जुड़े जरूरी सबूत जुटाए जा सकें। Bus में पर्दे, CCTV को लेकर भी सवाल स्लीपर बसों में यात्रियों की Privacy के लिए पर्दे लगाए जाते हैं, लेकिन इसी व्यवस्था ने सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। रिपोर्टों में बस में CCTV की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में सवाल है कि लंबी दूरी तक चलने वाली स्लीपर बसों में यात्रियों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त Monitoring क्यों नहीं होती? Rahul Gandhi ने Police Checking पर उठाए सवाल मामले पर राहुल गांधी ने सरकार और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक नाबालिग के साथ बस के अंदर इतनी गंभीर घटना हुई और वाहन करीब 47 किलोमीटर तक चलता रहा। उन्होंने सवाल किया कि रास्ते में मौजूद पुलिस व्यवस्था को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। उन्होंने बसों की Checking और Monitoring को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की। राहुल गांधी ने इस घटना का संदर्भ देते हुए Nirbhaya Case की याद भी दिलाई और कहा कि वर्षों बाद भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर वही सवाल सामने आना चिंताजनक है। 47 KM का सफर और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल इस घटना ने दिल्ली-NCR की Public Transport Safety पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। आखिर सड़कों पर चलने वाली बसों की Monitoring किस तरह होती है? क्या संदिग्ध बसों की नियमित Checking होती है? क्या हर स्लीपर बस में CCTV और Emergency Support की पर्याप्त व्यवस्था है? ये सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल रोजाना हजारों लोग करते हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की तस्वीर साफ होगी। यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि Public Transport में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सिस्टम की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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