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Ceasefire

भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल संघर्षविराम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, “अमेरिका की मध्यस्थता में एक लंबी रात की बातचीत के बाद, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल संघर्षविराम पर सहमत हो गए हैं…”
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India’s Stern Warning

India’s Stern Warning: आतंकवादी कृत्य को ‘युद्ध की कार्रवाई’ मानेगा भारत

India-Pakistan Tensions LIVE Updates: भारत का सख्त संदेश: आतंकी कृत्य होगा ‘युद्ध की कार्रवाई ‘India’s Stern Warning: नई दिल्ली। पाकिस्तान के साथ लगातार बढ़ रहे तनाव के बीच भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण और सख्त कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने साफ किया है कि भविष्य में भारत के खिलाफ किसी भी प्रकार की आतंकी घटना को सीधे ‘युद्ध की कार्रवाई’ माना जाएगा। सरकार का सख्त फैसला समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, सरकारी सूत्रों ने बताया है कि भारत सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी आतंकी हमले को अब युद्ध छेड़ने का प्रयास माना जाएगा। इस फैसले के पीछे का मुख्य उद्देश्य देश की सुरक्षा को मजबूत करना और आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश देना है। क्यों लिया गया यह निर्णय? भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार बढ़ते तनाव और सीमापार से होने वाले आतंकी हमलों के मद्देनजर सरकार ने यह कड़ा निर्णय लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला आतंकियों और उनके संरक्षकों के लिए एक कड़ा संदेश है कि भारत अब हर हमले का करारा जवाब देगा। क्या होगा असर? विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के इस सख्त रुख से पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ेगा। साथ ही, आतंकी संगठनों को यह समझ आ जाएगा कि अब भारत की सहनशीलता की सीमा समाप्त हो चुकी है। भारत का रुख भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि अब आतंकवाद के खिलाफ देश और भी कठोर नीतियों के साथ खड़ा रहेगा। इससे न केवल देशवासियों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की छवि एक सख्त और निर्णयात्मक देश के रूप में उभरेगी। निष्कर्ष इस फैसले के बाद से देशवासियों में सुरक्षा की भावना और सशक्त होगी। सरकार के इस कदम से न केवल आतंकवादियों में भय का माहौल बनेगा बल्कि देश के दुश्मनों के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी जाएगा।
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Barak-8

Pakistan Missile Attack: : भारत ने Barak-8 से दिया मुंहतोड़ जवाब

Pakistan Missile Attack: Barak-8 Air Defence System Shields India भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। 10 मई की सुबह, पाकिस्तान ने फतेह-1 मिसाइल से जम्मू एयर बेस और उधमपुर को निशाना बनाने की कोशिश की। लेकिन भारत ने अपनी दमदार वायु रक्षा प्रणाली बराक-8 से इस हमले को नाकाम कर दिया। Barak-8 : भारत-इजरायल की संयुक्त ताकत बराक-8 मिसाइल प्रणाली को भारत और इजरायल ने मिलकर विकसित किया है। यह सतह से हवा में मार करने वाली एडवांस मिसाइल है। बराक का हिब्रू में अर्थ ‘बिजली’ है, जो इसकी तेज गति और क्षमता का प्रतीक है। इसकी लंबाई 4.5 मीटर और वजन 275 किलोग्राम है। Barak-8 की क्षमताएँ और विशेषताएँ यह मिसाइल एक साथ कई हवाई खतरों का सामना कर सकती है। चाहे वह विमान हो, हेलीकॉप्टर, यूएवी, क्रूज मिसाइल या बैलिस्टिक मिसाइल, बराक-8 हर चुनौती का जवाब देने में सक्षम है। इसकी अधिकतम मारक दूरी 70-100 किलोमीटर तक है। इसकी अधिकतम गति मैक 2 है और 360-डिग्री कवरेज के साथ वर्टिकल लॉन्च की क्षमता भी है। दोहरी मोटर और थ्रस्ट वेक्टर कंट्रोल बराक-8 में दोहरी पल्स रॉकेट मोटर और थ्रस्ट वेक्टर कंट्रोल (TVC) है, जो मिसाइल को तेजी से लक्ष्य तक पहुँचाने में मदद करता है। सेचुरेशन अटैक के दौरान भी यह प्रणाली कई लक्ष्यों को एक साथ निशाना बना सकती है। क्यों है बराक-8 खास? बराक-8 आधुनिक वायु रक्षा प्रणाली और बहु-कार्य निगरानी ट्रैक और मार्गदर्शन रडार से लैस है। इसकी उच्चतम सटीकता और रडार सीकर प्रणाली दुश्मन के मिसाइल हमलों को नाकाम करने में मदद करती है। भारत की कूटनीतिक जीत इस हमले के विफल होने से पाकिस्तान की मंशा पर पानी फिर गया। भारत ने न केवल अपनी सुरक्षा प्रणाली की ताकत दिखाई, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी पाकिस्तान के इस कृत्य की कड़ी निंदा की जा रही है। बराक-8 मिसाइल प्रणाली ने साबित कर दिया कि भारत की वायु रक्षा में कोई कमी नहीं है। पाकिस्तान के हमले को बेअसर कर भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उसकी सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश का करारा जवाब मिलेगा।
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operation sindoor 2.0

operation sindoor 2.0-8-9 मई की मध्यरात्रि को पाकिस्तानी सेना नेनियंत्रण रेखा पर 36 जगहों पर 300-400 ड्रोनों का इस्तेमाल घुसपैठ के लिया किया गया।

operation sindoor 2.0-कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया, “8-9 मई की मध्यरात्रि को पाकिस्तानी सेना ने सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के इरादे से पूरी पश्चिमी सेना पर भारतीय वायुक्षेत्र का कई बार उल्लंघन किया। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर भारी कैलिबर वाले हथियारों से गोलीबारी भी की। अंतर्राष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर 36 जगहों पर 300-400 ड्रोनों का इस्तेमाल घुसपैठ के लिया किया गया। भारत ने इनमें से कई ड्रोन को मार गिराया।
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Pakistan Occupied Kashmir (PoK)

OPREATION SINDOOR-क्या भारत बिना युद्ध के PoK को वापस ले सकता है? जानें कहां अटका है पेच

Pakistan Occupied Kashmir (PoK) का मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच हमेशा से विवाद का विषय रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या PoK को बिना युद्ध वापस हासिल किया जा सकता है? हाल ही में पाकिस्तान द्वारा राजस्थान, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के कई शहरों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद भारतीय सेना ने कड़ा जवाब दिया। भारत के इस निर्णायक रुख ने एक बार फिर PoK पर नियंत्रण को लेकर बहस को हवा दे दी है। Pakistan Occupied Kashmir (PoK) का ऐतिहासिक और भौगोलिक परिप्रेक्ष्य PoK मुख्यतः दो हिस्सों में बंटा है: गिलगिट-बाल्टिस्तान (64,817 किमी²) और तथाकथित ‘आज़ाद कश्मीर’ (13,297 किमी²)। जब भारत आजाद हुआ था, उस समय जम्मू-कश्मीर के महाराजा हरि सिंह ने पाकिस्तान के आक्रमण से बचने के लिए भारत से मदद मांगी थी। इसके तहत 26 अक्टूबर 1947 को Instrument of Accession पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन गया। हालांकि, पाकिस्तान ने इस क्षेत्र के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया, जिसे आज PoK के नाम से जाना जाता है। PoK पर भारत का कानूनी दावा संविधानिक दृष्टिकोण से जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न हिस्सा है। भारत का तर्क है कि महाराजा हरि सिंह द्वारा हस्ताक्षरित विलय पत्र (Instrument of Accession) के अनुसार PoK भी भारत का अंग है। 2019 में अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया था कि गिलगिट-बाल्टिस्तान समेत पूरा PoK भारत का अभिन्न हिस्सा है। अंतरराष्ट्रीय पेच और कूटनीतिक चुनौतियाँ भारत के लिए PoK को सीधा वापस लेना कूटनीतिक दृष्टि से आसान नहीं है। यह एक अंतरराष्ट्रीय विवाद का रूप ले चुका है। संयुक्त राष्ट्र का प्रस्ताव यह कहता है कि जब तक पाकिस्तान अपनी सेना को कश्मीर से नहीं हटाता, तब तक जनमत संग्रह की कोई संभावना नहीं है। पाकिस्तान ने न सिर्फ अपनी सेना बल्कि वहाँ के जनसांख्यिकी ढांचे में भी बदलाव किए हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाना भारत के लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। क्या युद्ध ही एकमात्र विकल्प है? राजनीतिक और सामरिक विशेषज्ञों की राय में, बिना युद्ध के PoK को वापस लेना लगभग असंभव दिखता है। पाकिस्तान की सरकार और सेना कभी भी अपनी मर्जी से PoK को भारत को नहीं सौंपेंगी। हालांकि, युद्ध का विकल्प चुनने पर दोनों देशों के लिए आर्थिक और सामाजिक क्षति होगी। युद्ध की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय समुदाय का दबाव भी एक महत्वपूर्ण पहलू बनकर उभर सकता है। भारत का PoK पर दावा न केवल ऐतिहासिक और संवैधानिक आधार पर मजबूत है, बल्कि राजनीतिक रूप से भी सटीक है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति और पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति इसे जटिल बना देती है। अगर पाकिस्तान शांति से PoK नहीं लौटाता, तो भारत के पास कूटनीतिक प्रयासों के बाद युद्ध के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
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Breaking: India Shoots Down Pakistan’s F-16 & JF-17 Jets; AWACS Neutralized

Breaking: India Shoots Down Pakistan’s F-16 & JF-17 Jets; AWACS Neutralizedपाकिस्तानी जेट को घेर कर मार गिराया

🇮🇳 भारत की वायुसेना की बड़ी सफलता: तीन पाकिस्तानी फाइटर जेट्स और एक AWACS विमान ध्वस्त Breaking: India Shoots Down Pakistan’s F-16 & JF-17 Jets; AWACS Neutralized8 मई 2025 को भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण हालातों के बीच भारतीय वायुसेना ने एक महत्वपूर्ण सैन्य कार्रवाई की। भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के दो JF-17 और एक F-16 फाइटर जेट को मार गिराया, साथ ही पाकिस्तान एयरफोर्स का AWACS (Airborne Warning and Control System) विमान भी निष्क्रिय कर दिया। 🛡️ S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की भूमिका भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान द्वारा जम्मू स्थित एयरस्ट्रिप पर किए गए रॉकेट हमले को नाकाम कर दिया। भारत की S-400 मिसाइल डिफेंस प्रणाली ने 8 पाकिस्तानी मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान टाल दिया गया। 🔥 ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के खिलाफ निर्णायक प्रहार इस सैन्य कार्रवाई के तहत भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” लॉन्च किया, जिसमें पाकिस्तान के बहावलपुर, मुरिदके, सियालकोट और मुजफ्फराबाद जैसे शहरों में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस ऑपरेशन में राफेल फाइटर जेट्स से SCALP क्रूज मिसाइलों का उपयोग किया गया।
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India Thwarts Pakistani Drone-Missile Attack:

India Thwarts Pakistani Drone-Missile Attack:भारत ने पाकिस्तानी ड्रोन-मिसाइल अटैक को फेल किया:बॉर्डर से सटे एयरबेस और सेना पर हमला

India Thwarts Pakistani Drone-Missile Attack: Border Airbase and Army Safe दो JF-17 और एक F-16… भारत ने गिराए PAK के तीन फाइटर जेट, पाक एयरफोर्स का AWACS भी फेल भारत ने पाकिस्तान के दो JF-17 और एक F-16 फाइटर जेट को मार गिराया है, साथ ही पाकिस्तान एयरफोर्स का AWACS विमान उनके ही पंजाब प्रांत में ध्वस्त कर दिया
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India Destroys Pakistan's Air Defense System

India Destroys Pakistan’s Air Defense System: Lahore और कराची में Drone Attacks से मचा हड़कंप

India Destroys Pakistan’s Air Defense System: Lahore – भारत ने लाहौर में पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को किया तबाह भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। गुरुवार को भारतीय सेना के ड्रोन हमलों ने पाकिस्तान के कई प्रमुख शहरों में हड़कंप मचा दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, लाहौर से लेकर कराची और रावलपिंडी तक 25 से अधिक ड्रोन हमलों में पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह तबाह हो गया है। एयर डिफेंस सिस्टम का विनाश लाहौर और कराची में ड्रोन हमले के बाद पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। पाकिस्तान सरकार ने पुष्टि की है कि अब तक 25 ड्रोन अटैक हो चुके हैं, जिसमें रावलपिंडी, लाहौर और कराची में 3 बड़े ड्रोन अटैक शामिल हैं। इन हमलों में रावलपिंडी स्थित आर्मी कैंप पूरी तरह नष्ट हो गया है। परमाणु ठिकाने तक ड्रोन की पहुंच सूत्रों के मुताबिक, भारतीय ड्रोन ने पाकिस्तान के परमाणु ठिकाने तक भी पहुंच बना ली है। एक के बाद एक धमाकों से लाहौर और कराची में दहशत का माहौल है। पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली इन हमलों को रोकने में नाकाम साबित हुई। पाकिस्तान का बयान पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने ड्रोन हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस हमले से उनकी सुरक्षा तैयारियों में गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। हालांकि, इस हमले के पीछे भारत का हाथ होने का दावा भी किया गया है। भारत की प्रतिक्रिया भारत सरकार ने ऑफिशियल बयान जारी करके बताया, “07 और 08 मई की दरमियानी रात को पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइलों का उपयोग करके अवंतीपुरा, श्रीनगर जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना सहित कुल 15 शहरों में कई सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की. भारत ने पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई करते हुए एयर डिफेंस सिस्टम तबाह कर दिया.” ड्रोन हमले के प्रभाव रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम का नष्ट होना एक बड़ा झटका है। इससे न केवल पाकिस्तान की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं, बल्कि भारत की ड्रोन तकनीक और रणनीतिक क्षमता का भी प्रदर्शन होता है।
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Pakistan's Attack Foiled

Pakistan’s Attack Foiled:पाकिस्‍तान ने श्रीनगर, चंडीगढ़ समेत 15 शहरों में भारतीय सैन्य ठिकानों पर की हमले की कोशिश, भारत ने नाकाम

पाकिस्तान की नापाक साजिश नाकाम!Pakistan’s Attack Foiled पाकिस्तान ने उत्तरी और पश्चिमी भारत के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमला करने की नाकाम कोशिश की। जम्मू-कश्मीर से लेकर पंजाब, राजस्थान और गुजरात तक के इलाकों में ड्रोन और मिसाइल के जरिए हमला करने की साजिश रची गई। हमले का मुख्य लक्ष्य अवंतीपुरा, श्रीनगर, पठानकोट, अमृतसर, लुधियाना और भुज जैसे अहम ठिकाने थे। हमलों को ऐसे किया गया नाकाम भारत की मजबूत रक्षा तैयारियों ने पाकिस्तान की इस साजिश को सफल नहीं होने दिया। देश की Integrated Counter-UAS Grid और Air Defence Systems ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और सभी हमलों को नाकाम कर दिया। विभिन्न स्थानों से बरामद ड्रोन और मिसाइल के मलबे ने हमले की पुष्टि की है। क्या है Integrated Counter-UAS Grid? यह प्रणाली विशेष रूप से ड्रोन और अन्य हवाई खतरों से निपटने के लिए तैयार की गई है। इसमें आधुनिक रडार सिस्टम, सेंसर और एंटी-ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिससे किसी भी हमले का समय रहते पता लगाया जा सके। पाकिस्तान की रणनीति पर उठे सवाल इस नाकाम हमले के बाद पाकिस्तान की रणनीति पर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला भारत को अस्थिर करने के लिए किया गया था। लेकिन भारत की तैयारी और सुरक्षा तंत्र ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है। भारत का कड़ा संदेश भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस हमले के बाद भारत की सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं। निष्कर्ष इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत की सुरक्षा प्रणालियां बेहद मजबूत और सक्षम हैं। पाकिस्तान की नापाक साजिश को नाकाम कर भारत ने यह संदेश दिया है कि किसी भी आक्रमण का कड़ा जवाब दिया जाएगा।
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Pakistani Anchor Crying Video Viral:

Pakistani Anchor Crying Video Viral: ऑपरेशन सिंदूर के बाद वायरल हुआ पाकिस्तानी एंकर के रोने का वीडियो

Indian Army’s ‘Operation Sindoor’ shook Pakistan. A viral video shows a Pakistani news anchor crying, claiming to mourn deaths due to the airstrike. Full details on Desh Harpal. भारतीय सेना ने पहलगाम हमले के जवाब में ‘Operation Sindoor’ के तहत बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। मंगलवार देर रात करीब डेढ़ बजे इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने आतंकियों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई के बाद पूरे पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में पाकिस्तानी एंकर का रोता हुआ चेहरा सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक पाकिस्तानी न्यूज एंकर लाइव टीवी पर रोते हुए दिखाई दे रही है। दावा किया जा रहा है कि वह भारतीय हवाई हमले में मारे गए पाकिस्तानी नागरिकों के लिए दुख जता रही है। वीडियो में वह टूटे दिल से दया और हिम्मत की दुआ मांगती नजर आ रही है। एंकर रोते हुए कहती है कि जो मासूम शहीद हुए उनकी आत्मा को शांति मिले। क्या है वीडियो की सच्चाई? इस वायरल वीडियो की सत्यता की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, सोशल मीडिया पर कई लोग इसे हाल ही में भारतीय सेना द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का रिएक्शन मान रहे हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह वीडियो पुराने फुटेज का भी हो सकता है, जिसे मौजूदा हालात के साथ जोड़ा जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान में खौफ भारतीय सेना के ‘Operation Sindoor’ के बाद पाकिस्तान में दहशत का माहौल है। आतंकियों के खिलाफ की गई इस बड़ी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में असंतोष और भय का माहौल बना हुआ है। भारतीय सेना ने इस ऑपरेशन के तहत आतंकवादियों के ठिकानों पर बड़ा प्रहार किया। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं लोग सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ इसे भारतीय सेना की कड़ी प्रतिक्रिया मान रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि यह पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा का हिस्सा भी हो सकता है। वायरल वीडियो और ऑपरेशन सिंदूर के बीच क्या संबंध है, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। लेकिन भारतीय सेना की इस कार्रवाई ने पाकिस्तान में हड़कंप जरूर मचा दिया है।
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Editor's Picks

PNB

PNB में करोड़ों की Fake Currency का खेल! Saharanpur में CCTV ने बढ़ाया शक, 3 Officers पर Action

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से जुड़ा मामला सामने आने के बाद बैंकिंग सिस्टम में हड़कंप मच गया है। जांच के दौरान करोड़ों रुपये के संदिग्ध नकली नोट मिलने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों में रकम को लेकर अलग-अलग आंकड़े बताए गए हैं, जबकि विस्तृत जांच में करीब ₹7.40 करोड़ की नकली करेंसी मिलने की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक के तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है। पुलिस ने भी जांच तेज कर दी है। वहीं, RBI की जांच के बाद इस पूरे मामले में कई और तथ्य सामने आने की उम्मीद है। कैसे सामने आया करोड़ों के नकली नोटों का मामला? मामले की शुरुआत उस समय हुई जब RBI को भेजी गई नकदी में करीब ₹4.36 लाख की कमी सामने आई। इतनी बड़ी गड़बड़ी के बाद बैंक में करेंसी चेस्ट का रिकॉर्ड खंगाला गया और विस्तृत जांच शुरू की गई। जांच आगे बढ़ी तो बैंक के अंदर रखी नकदी में बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई। असली Cash की जगह Fake Notes रखने का शक प्रारंभिक जांच में आशंका है कि करेंसी चेस्ट में मौजूद असली नोटों को निकालकर उनकी जगह नकली नोट रखे गए। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि असली रकम कब निकाली गई और नकली नोट बैंक के Cash Vault तक कैसे पहुंचे। बैंक के Cash Movement Records, लॉगबुक, ऑडिट रिपोर्ट और कर्मचारियों की ड्यूटी से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। CCTV फुटेज में दिखी संदिग्ध गतिविधि इस पूरे मामले में बैंक का CCTV Footage जांच का अहम हिस्सा बन गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, फुटेज में करेंसी चेस्ट के आसपास एक हाउसकीपिंग कर्मचारी की गतिविधियां दिखाई दी हैं। जांच अधिकारी अब CCTV फुटेज को बैंक के एंट्री-एग्जिट रिकॉर्ड और कैश रिकॉर्ड से मिलाकर देख रहे हैं। इससे यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि करेंसी चेस्ट तक किस-किस कर्मचारी की पहुंच थी। 3 PNB Officers Suspended मामले में बैंक के तीन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें करेंसी चेस्ट और कैश से जुड़े अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। बैंक ने तीन अधिकारियों को Suspended कर दिया है। हालांकि, निलंबन का मतलब दोष साबित होना नहीं है। अंतिम जिम्मेदारी जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी। SIT के हाथ में जांच, RBI भी कर रहा पड़ताल मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने SIT (Special Investigation Team) गठित की है। टीम बैंक के रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और नकदी के लेन-देन की पूरी कड़ी को खंगाल रही है। दूसरी ओर, RBI से जुड़ी जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नकली नोटों का स्रोत क्या था और वे बैंक की करेंसी चेस्ट तक किस रास्ते से पहुंचे। ₹17 करोड़ या ₹7.40 करोड़? रकम को लेकर क्यों है Confusion इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा नकली नोटों की रकम को लेकर है। कुछ शुरुआती रिपोर्टों में ₹17 करोड़ तक की रकम का उल्लेख किया गया, जबकि बाद की विस्तृत रिपोर्टों में करीब ₹7.40 करोड़ की नकली करेंसी मिलने की बात कही गई है। चूंकि जांच और नोटों की गिनती का काम जारी है, इसलिए अंतिम आंकड़ा आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। बैंकिंग सिस्टम की Security पर उठे सवाल सहारनपुर के PNB मामले ने बैंक की करेंसी चेस्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट बैंक के सुरक्षित Cash Vault तक कैसे पहुंचे? नियमित जांच और ऑडिट के दौरान इनकी पहचान क्यों नहीं हुई? इन सवालों के जवाब फिलहाल जांच एजेंसियां तलाश रही हैं। आने वाले दिनों में CCTV फुटेज, बैंक रिकॉर्ड और अधिकारियों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की तस्वीर और साफ हो सकती है। फिलहाल जांच जारी है और नकली नोटों की वास्तविक मात्रा, असली रकम के नुकसान और इस मामले में शामिल लोगों को लेकर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
SCO Summit

SCO Summit में Pakistan की Edited Photo पर बवाल, PM Modi और Iran President गायब

SCO Summit से जुड़ी एक तस्वीर ने भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से चल रही तल्खी को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के आधिकारिक X अकाउंट से शेयर की गई एक तस्वीर को लेकर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तस्वीर के एडिटेड वर्जन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके साथ खड़े ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन नजर नहीं आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर तस्वीर सामने आने के बाद यूजर्स ने पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक अकाउंट पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। खास बात यह है कि जिस कार्यक्रम की तस्वीर साझा की गई, उसमें भारत और ईरान दोनों के शीर्ष नेता मौजूद थे। Original Photo और Edited Version को लेकर सवाल SCO Summit की ग्रुप फोटो में संगठन के कई सदस्य देशों के नेता एक साथ नजर आए थे। इसी तस्वीर का एक अलग वर्जन पाकिस्तान PMO के X हैंडल से पोस्ट किए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन दिखाई नहीं देते। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि क्या तस्वीर को जानबूझकर एडिट किया गया था। हालांकि, तस्वीर को लेकर पाकिस्तान सरकार की ओर से ऐसी कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है कि पोस्ट में मूल तस्वीर के बजाय बदला हुआ फ्रेम क्यों इस्तेमाल किया गया। PM Modi और Pezeshkian की मुलाकात भी रही अहम SCO Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ मुलाकात भी हुई। दोनों नेताओं के बीच भारत-ईरान संबंधों, व्यापार और क्षेत्रीय हालात पर बातचीत हुई। भारत और ईरान के रिश्ते लंबे समय से रणनीतिक और आर्थिक महत्व रखते हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की बैठक Summit के दौरान महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रमों में शामिल रही। यही वजह है कि ग्रुप फोटो से दोनों नेताओं के गायब होने वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। Pakistan PM की भी ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात इस मामले का एक और दिलचस्प पहलू सामने आया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी SCO Summit के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत हुई। ऐसे में सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाया कि अगर ईरानी राष्ट्रपति पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से भी मिले थे, तो ग्रुप फोटो के साझा किए गए वर्जन में उनका नजर नहीं आना आखिर क्यों हुआ। India-Pakistan Relations के बीच बढ़ी चर्चा भारत और पाकिस्तान के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। ऐसे में SCO जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच से सामने आने वाली छोटी-सी तस्वीर भी राजनीतिक और कूटनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण हो जाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने Summit में आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और सामूहिक कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। भारत लगातार यह रुख रखता रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी तरह का दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए। ऐसे माहौल में पाकिस्तान के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से सामने आई कथित Edited Photo ने राजनीतिक बहस को और हवा दे दी। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उठाए सवाल तस्वीर पोस्ट होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने Original Group Photo और पाकिस्तान PMO द्वारा साझा तस्वीर की तुलना करते हुए सवाल पूछे। हालांकि, यह भी जरूरी है कि तस्वीर के पीछे की मंशा को लेकर जल्दबाजी में निष्कर्ष न निकाला जाए। पाकिस्तान सरकार की ओर से इस मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि तस्वीर में बदलाव क्यों किया गया था। SCO Summit ने फिर खींचा दुनिया का ध्यान SCO Summit में भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस, ईरान समेत कई देशों के शीर्ष नेता शामिल हुए। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर चर्चा हुई। एक तरफ Summit में भारत का आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश सुर्खियों में रहा, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी की ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात ने भारत-ईरान संबंधों को लेकर ध्यान खींचा। अब पाकिस्तान PMO की कथित Edited Photo इस पूरे घटनाक्रम में एक नया विवाद बनकर सामने आई है। सोशल मीडिया पर बहस जारी है और लोगों की नजर इस बात पर है कि पाकिस्तान सरकार इस तस्वीर को लेकर कोई आधिकारिक सफाई देती है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJP

Jantar Mantar FIR Case: प्रदर्शनकारियों को SC से राहत, CJP ने Delhi March टाला

जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को खत्म करने का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च भी वापस ले लिया। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह अब इस मार्च का आयोजन नहीं करेगा। यह पूरा मामला जुलाई में हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान दर्ज FIR को वापस लेना आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में शामिल था। बाद में इसी मुद्दे को लेकर CJP ने 5 सितंबर को इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालने का ऐलान किया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रदर्शनकारियों को राहत सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों की ओर से प्रदर्शन से जुड़ी FIR वापस लेने को लेकर आवेदन किया गया था। सुनवाई के दौरान इन मामलों को खत्म करने का रास्ता निकाला गया। रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली में जंतर-मंतर और आसपास हुए प्रदर्शन से संबंधित करीब 13 FIR को आगे नहीं बढ़ाने की बात सामने आई। कुछ ऐसे लोगों के मामले अलग रखे गए हैं, जिनके खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले होने की जानकारी दी गई थी। इस फैसले के बाद आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों को बड़ी कानूनी राहत मिली है। लंबे समय से FIR वापसी की मांग कर रहे संगठन के लिए इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। 5 सितंबर का Delhi March क्यों किया गया था? CJP ने 24 अगस्त को 5 सितंबर को दिल्ली में शांतिपूर्ण मार्च निकालने का ऐलान किया था। प्रस्तावित मार्च इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक होना था। संगठन का आरोप था कि 25 जुलाई को आंदोलन वापस लेने के दौरान सरकार की ओर से किए गए कुछ आश्वासनों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। CJP ने खास तौर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने और आंदोलन से जुड़े अन्य मुद्दों पर सरकार से कार्रवाई की मांग की थी। संगठन ने कहा था कि अगर वादे पूरे नहीं हुए तो वह फिर से सड़कों पर उतरेगा। पहले SC ने मार्च पर रोक लगाने से किया था इनकार इस मामले में घटनाक्रम तेजी से बदला। 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने CJP के 5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि फिलहाल ऐसा कोई ठोस आधार नहीं है जिससे यह माना जाए कि प्रदर्शन के दौरान अनिवार्य रूप से अप्रिय स्थिति पैदा होगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासन पर छोड़ी गई थी। लेकिन इसके अगले ही दिन मामला अलग दिशा में चला गया। 1 सितंबर की सुनवाई के दौरान केंद्र के आश्वासन और कोर्ट के आदेश के बाद CJP ने खुद 5 सितंबर के मार्च को वापस लेने की घोषणा कर दी। CJP ने क्यों बदला फैसला? सुप्रीम कोर्ट में CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि केंद्र सरकार के सकारात्मक आश्वासन और अदालत के आदेश को देखते हुए संगठन ने मार्च वापस लेने का फैसला किया है। यानी जिस मुद्दे को लेकर दोबारा सड़क पर उतरने की तैयारी थी, उसमें कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल टकराव की स्थिति टल गई है। CJI ने भी सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के सकारात्मक रवैये और बातचीत के महत्व पर जोर दिया। अदालत की टिप्पणी का संदेश साफ था कि खुले मन से बातचीत हो तो विवाद का समाधान निकाला जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Bhopal

Sealing Action पर Bhopal में बवाल: व्यापारियों और पुलिस में भिड़ंत, शंख-डमरू बजाकर प्रदर्शन

Bhopal में Sealing Action को लेकर व्यापारियों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। कार्रवाई के विरोध में जुटे कारोबारियों और पुलिस के बीच मंगलवार को धक्का-मुक्की हो गई। कुछ व्यापारियों ने बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके दौरान कुछ कारोबारी गिर गए। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। Sealing के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में व्यापारी बड़ी संख्या में एकजुट हुए। कारोबारियों का कहना है कि कार्रवाई से उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर वे प्रशासन और सरकार के सामने अपनी बात रखने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर व्यापारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इसी बीच कुछ कारोबारी बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ गए। पुलिस और व्यापारियों के बीच इसी दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। बैरिकेड्स के पास हुई धक्का-मुक्की प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब व्यापारियों ने पुलिस के बैरिकेड्स को हटाने की कोशिश की। आगे बढ़ने की कोशिश में कुछ कारोबारी गिर गए। पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। हालांकि, कुछ देर बाद स्थिति को संभाल लिया गया। इस घटनाक्रम के बाद मौके पर मौजूद व्यापारियों में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर नाराजगी और बढ़ती दिखाई दी। थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार से लगाई गुहार व्यापारियों के विरोध का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार की ‘सद्बुद्धि’ के लिए विरोध जताया। व्यापारियों का कहना था कि उनकी समस्याओं को सुना जाए और सीलिंग कार्रवाई को लेकर सरकार उनकी मांगों पर विचार करे। प्रदर्शनकारियों ने अपने विरोध के जरिए सरकार और प्रशासन तक संदेश पहुंचाने की कोशिश की। उनका कहना है कि वे टकराव नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए समस्या का समाधान चाहते हैं। व्यापारियों की मांग पर अब नजर भोपाल में Sealing Action को लेकर हुए इस प्रदर्शन ने प्रशासन और कारोबारियों के बीच चल रहे विवाद को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार और प्रशासन व्यापारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं। फिलहाल प्रदर्शन के दौरान पुलिस और व्यापारियों के बीच हुई धक्का-मुक्की के बाद मामला चर्चा में है। व्यापारियों का विरोध यह संकेत दे रहा है कि सीलिंग कार्रवाई का मुद्दा अभी शांत होने वाला नहीं है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Rahul Gandhi

Bus में नाबालिग से कथित गैंगरेप, 47 KM तक चलता रहा सफर; Rahul Gandhi ने पूछा- Checking क्यों नहीं?

दिल्ली-NCR में चलती स्लीपर बस के अंदर नाबालिग छात्रा के साथ कथित गैंगरेप का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बस करीब 47 किलोमीटर तक चलती रही, लेकिन रास्ते में किसी चेकपोस्ट पर उसकी जांच नहीं हुई। मामले में बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया गया है। घटना सामने आने के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जब बस इतने लंबे रूट से होकर गुजरी तो पुलिस और प्रशासन को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? बारिश और अंधेरे के बीच बस में बैठी छात्रा रिपोर्टों के मुताबिक, नाबालिग छात्रा बारिश और अंधेरे के बीच रास्ता भटककर ग्रेटर नोएडा के परी चौक इलाके में पहुंची थी। वह नोएडा में अपने रिश्तेदार के पास जाने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान एक स्लीपर बस वहां पहुंची। आरोप है कि ड्राइवर और कंडक्टर ने छात्रा को मदद का भरोसा देकर बस में बैठाया। इसके बाद बस दिल्ली की तरफ बढ़ गई। पुलिस के अनुसार, परी चौक से कश्मीरी गेट तक का सफर करीब 47 किलोमीटर का था। इसी सफर के दौरान छात्रा के साथ कथित अपराध हुआ। एक दिन पहले भी आरोपियों पर गंभीर आरोप जांच में यह बात भी सामने आई है कि घटना से एक दिन पहले भी ड्राइवर और कंडक्टर पर छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बस और उससे जुड़े अन्य सबूतों को कब्जे में लिया है। CCTV फुटेज समेत दूसरे डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों की भी जांच की जा रही है। Driver और Conductor गिरफ्तार पुलिस ने मामले में बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बस किस रास्ते से गुजरी और रास्ते में किन-किन जगहों पर रुकी। बस की जांच भी की जा रही है ताकि घटना से जुड़े जरूरी सबूत जुटाए जा सकें। Bus में पर्दे, CCTV को लेकर भी सवाल स्लीपर बसों में यात्रियों की Privacy के लिए पर्दे लगाए जाते हैं, लेकिन इसी व्यवस्था ने सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। रिपोर्टों में बस में CCTV की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में सवाल है कि लंबी दूरी तक चलने वाली स्लीपर बसों में यात्रियों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त Monitoring क्यों नहीं होती? Rahul Gandhi ने Police Checking पर उठाए सवाल मामले पर राहुल गांधी ने सरकार और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक नाबालिग के साथ बस के अंदर इतनी गंभीर घटना हुई और वाहन करीब 47 किलोमीटर तक चलता रहा। उन्होंने सवाल किया कि रास्ते में मौजूद पुलिस व्यवस्था को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। उन्होंने बसों की Checking और Monitoring को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की। राहुल गांधी ने इस घटना का संदर्भ देते हुए Nirbhaya Case की याद भी दिलाई और कहा कि वर्षों बाद भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर वही सवाल सामने आना चिंताजनक है। 47 KM का सफर और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल इस घटना ने दिल्ली-NCR की Public Transport Safety पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। आखिर सड़कों पर चलने वाली बसों की Monitoring किस तरह होती है? क्या संदिग्ध बसों की नियमित Checking होती है? क्या हर स्लीपर बस में CCTV और Emergency Support की पर्याप्त व्यवस्था है? ये सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल रोजाना हजारों लोग करते हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की तस्वीर साफ होगी। यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि Public Transport में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सिस्टम की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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