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Operation Sindoor: Shashi Tharoor

Operation Sindoor: शशि थरूर के नेतृत्व में विदेशी डेलिगेशन, कांग्रेस में मचा घमासान

केंद्र सरकार द्वारा पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उजागर करने के लिए गठित किए गए डेलिगेशन में कांग्रेस सांसद शशि थरूर को शामिल करने के फैसले ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। जहां एक ओर थरूर ने इस पहल का स्वागत किया है, वहीं कांग्रेस पार्टी के भीतर इस पर असंतोष की लहर दौड़ गई है। ऑपरेशन सिंदूर: भारत की कूटनीतिक पहल पिछले महीने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी, भारत सरकार ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत एक कूटनीतिक अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद को वैश्विक मंचों पर उजागर करना है। इसके तहत, शशि थरूर के नेतृत्व में एक बहुदलीय डेलिगेशन को अमेरिका भेजा जाएगा, जिसमें मिलिंद देवड़ा और शंभवी चौधरी जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं। कांग्रेस में असंतोष: जयराम रमेश और उदित राज की प्रतिक्रिया कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सरकार के इस कदम को “बेईमानी” करार देते हुए कहा कि पार्टी द्वारा प्रस्तावित चार सांसदों की सूची को नजरअंदाज कर शशि थरूर को शामिल किया गया है। उन्होंने इसे इंदिरा गांधी के कार्यकाल की एकतरफा नीतियों से तुलना करते हुए आलोचना की। वहीं, कांग्रेस नेता उदित राज ने थरूर की पाकिस्तान के खिलाफ तीखी टिप्पणियों पर सवाल उठाते हुए पूछा, “क्या वे बीजेपी के प्रवक्ता बन गए हैं?” उन्होंने थरूर की पार्टी के प्रति निष्ठा पर भी संदेह जताया। थरूर का पक्ष: राष्ट्रहित सर्वोपरि शशि थरूर ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणियां व्यक्तिगत हैं और पार्टी की आधिकारिक नीति का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं। उन्होंने कहा, “मैं अपने देश के लिए बोलता हूं, और मुझे इस मिशन का हिस्सा बनने पर गर्व है।” थरूर ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें पार्टी की ओर से कोई औपचारिक चेतावनी नहीं मिली है। बीजेपी का तंज: राहुल गांधी पर निशाना बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए पूछा, “राहुल गांधी उन लोगों से नफरत क्यों करते हैं जो भारत के लिए बोलते हैं?” पार्टी ने थरूर को डेलिगेशन से बाहर रखने के कांग्रेस के फैसले पर सवाल उठाया और इसे राष्ट्रहित के खिलाफ बताया। निष्कर्ष: कूटनीति बनाम राजनीति शशि थरूर की डेलिगेशन में नियुक्ति ने एक बार फिर दिखाया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीति के मुद्दों पर भी राजनीतिक दलों के बीच मतभेद गहरे हैं। जहां एक ओर सरकार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं विपक्षी दलों के भीतर इस पर असहमति और आंतरिक संघर्ष स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे है
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Virat Kohli Retirement

Virat Kohli Retirement: विराट कोहली अनुष्का संग पहुंचे प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम

भारतीय क्रिकेट के सितारे विराट कोहली ने हाल ही में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया। संन्यास के तुरंत बाद विराट कोहली अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ वृंदावन पहुंचे। यहाँ उन्होंने प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज से आध्यात्मिक वार्तालाप किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। दूसरी बार पहुंचे वृंदावन गौरतलब है कि इस साल यह विराट और अनुष्का की दूसरी वृंदावन यात्रा थी। इससे पहले जनवरी में भी दंपति अपने बच्चों के साथ यहां आए थे। इस बार विराट और अनुष्का ने वृंदावन स्थित श्री हित राधा केली कुंज वराह घाट आश्रम में महाराज जी से मुलाकात की। प्रेमानंद जी महाराज से आध्यात्मिक संवाद आश्रम पहुंचने पर विराट और अनुष्का ने महाराज जी को प्रणाम किया। महाराज जी ने मुस्कुराते हुए पूछा, “प्रसन्न हो?” इस पर विराट ने उत्तर दिया, “जी, अभी ठीक है।” महाराज जी ने भी कहा, “ठीक ही रहना चाहिए।”इस वार्तालाप के दौरान महाराज जी ने विराट और अनुष्का को महत्वपूर्ण उपदेश भी दिए। अनुष्का ने नाम जप के बारे में भी महाराज जी से प्रश्न किए। उपदेश सुनते समय अनुष्का भावुक हो गईं। ध्यान और साधना पर चर्चा महाराज जी ने विराट कोहली को ध्यान और साधना के महत्व के बारे में बताया। विराट ने भी महाराज जी की बातों को गहनता से सुना। विराट और अनुष्का ने आश्रम में कुछ समय व्यतीत किया और आश्रम के वातावरण में मन की शांति का अनुभव किया। संन्यास के बाद का आध्यात्मिक सफर टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद विराट कोहली का यह आध्यात्मिक सफर फैंस के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है। विराट और अनुष्का के वृंदावन दौरे ने यह साफ कर दिया कि क्रिकेट के मैदान से हटने के बाद विराट ने जीवन के आध्यात्मिक पक्ष को भी समझने की कोशिश की है। विराट कोहली का जीवन दर्शन विराट कोहली के लिए क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं बल्कि जीवन का हिस्सा था। अब संन्यास के बाद उनका वृंदावन आना यह संकेत देता है कि वह आत्म-खोज और शांति की राह पर हैं। फैंस के बीच उत्सुकता सोशल मीडिया पर विराट और अनुष्का की वृंदावन यात्रा की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। फैंस इस बदलाव को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। विराट कोहली के इस कदम ने उनके चाहने वालों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्रिकेट के मैदान के बाद विराट के जीवन का अगला अध्याय क्या होगा। वृंदावन यात्रा का संदेश विराट कोहली का वृंदावन दौरा यह बताता है कि चाहे जीवन में कितनी भी सफलता क्यों न हो, शांति और आध्यात्मिकता का महत्व हमेशा बना रहता है। विराट का यह निर्णय युवाओं को भी यह संदेश देता है कि मानसिक शांति के लिए आध्यात्मिकता को जीवन में स्थान देना जरूरी है
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Adampur Airbase

🚀 Adampur Airbase पर PM Modi का Surprise Visit: Pakistan के दावों की खुली पोल

🇮🇳 Adampur Airbase पर PM Modi का Surprise Visit: पाकिस्तान के झूठ की खुली पोल भारत और पाकिस्तान में सीजफायर के बाद मंगलवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक पंजाब के जालंधर स्थित आदमपुर एयरबेस का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने एयरफोर्स के जवानों से मुलाकात की और ऑपरेशन सिंदूर में सफल एयर स्ट्राइक के लिए उन्हें बधाई दी। प्रधानमंत्री का यह दौरा पाकिस्तान के झूठे दावों की पोल खोलने वाला साबित हुआ। 🌟 PM Modi का उत्साहवर्धन और सच्चाई का सबूत प्रधानमंत्री मोदी ने आदमपुर एयरबेस पर करीब एक घंटे तक समय बिताया। जवानों से बातचीत के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “आज सुबह मैं वायुसेना स्टेशन आदमपुर गया और हमारे बहादुर वायु योद्धाओं और सैनिकों से मिला। साहस, दृढ़ संकल्प और निडरता के प्रतीक लोगों के साथ रहना एक बहुत ही विशेष अनुभव था। भारत हमारे सशस्त्र बलों के प्रति हमेशा आभारी है, जो हमारे देश के लिए सब कुछ करते हैं।” 🚁 Pakistan का झूठा दावा और भारत की सच्चाई पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसकी सेना के हमले में आदमपुर एयरबेस को नुकसान पहुंचा है। यहां तक कि पाकिस्तान ने अपने फाइटर जेट JF-17 से दागी गई हाइपरसोनिक मिसाइल द्वारा भारत के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट करने का भी दावा किया। हालांकि, उसी दिन भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नल सोफिया कुरैशी ने इस दावे को झूठा करार दिया। कर्नल सोफिया ने कहा कि पाकिस्तान का दावा केवल एक प्रोपेगेंडा है और हकीकत में S-400 एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है। 🌍 ऑपरेशन सिंदूर की सफलता: आतंक पर करारा प्रहार 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने 6-7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में 100 से ज्यादा आतंकियों को ढेर कर दिया। जवाब में पाकिस्तान ने ड्रोन, रॉकेट और मिसाइल से हमला करने की कोशिश की, लेकिन भारत के मिग-29 फाइटर जेट्स और S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने इन हमलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। 📸 PM Modi के दौरे में S-400 का दिखना: Pakistan की पोल खुली पाकिस्तान ने यह भी दावा किया था कि भारत ने आदमपुर एयरबेस से छह मिसाइलें दागीं और S-400 को तबाह कर दिया। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के दौरान उनकी तस्वीर के बैकग्राउंड में S-400 की मौजूदगी ने पाकिस्तान के झूठ को पूरी तरह से उजागर कर दिया। 💡 रक्षा मंत्रालय का बयान: दुश्मन की हर साजिश नाकाम रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत का S-400, जिसे ‘सुदर्शन’ नाम से जाना जाता है, पाकिस्तान के हर हमले को नाकाम कर रहा है। वायुसेना के अधिकारियों ने भी बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम की चौकसी के कारण पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइल हमले हवा में ही नष्ट हो गए। 🔥 Pakistan का झूठ और भारत की सच्चाई प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा न केवल जवानों के हौसले को बढ़ाने वाला था, बल्कि पाकिस्तान के झूठे प्रोपेगेंडा को भी बेनकाब करने वाला साबित हुआ। ऑपरेशन सिंदूर ने दिखा दिया कि भारत अपनी सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ता। पाकिस्तान के झूठे दावे और भारत की सटीक जवाबी कार्रवाई ने यह साफ कर दिया कि भारतीय वायुसेना की ताकत से कोई समझौता नहीं हो सकता। 📰 देश हरपल – जहां हर पल है सच का साथ! देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें ‘देश हरपल’ से।
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Operation Sindoor: PM Modi's Powerful Address After Ceasefire with Pakistan

प्रधानमंत्री मोदी:भारत ने मिलिट्री एक्शन को केवल स्थगित किया है, समाप्त नहीं

प्रधानमंत्री मोदी का सीजफायर के बाद संबोधन: ऑपरेशन सिंदूर की गूंज Operation Sindoor: PM Modi’s Powerful Address After Ceasefire with Pakistan नई दिल्ली: पाकिस्तान के साथ संघर्षविराम (Ceasefire) के 51 घंटे बाद सोमवार रात 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। 22 मिनट के इस भाषण में प्रधानमंत्री ने पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर, सीजफायर, आतंकवाद, सिंधु जल समझौता और PoK पर खुलकर बात की। ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई प्रधानमंत्री ने कहा, “जिन आतंकियों ने हमारी मां-बहनों का सिंदूर मिटाया, हमने उन्हें मिटा दिया।” ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की सेनाओं ने पाकिस्तान में आतंकवाद के ठिकानों पर सटीक प्रहार किया। इस कार्रवाई में 100 से अधिक खूंखार आतंकवादी मारे गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकी अब जान चुके हैं कि भारत की बेटियों के माथे से सिंदूर हटाने का अंजाम क्या होता है। सीजफायर: पाकिस्तान की गुहार और भारत का रुख प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पाकिस्तान की गुहार पर भारत ने संघर्षविराम की सहमति दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने मिलिट्री एक्शन को केवल स्थगित किया है, समाप्त नहीं। आगे की कार्रवाई पाकिस्तान के रवैये पर निर्भर करेगी। पहलगाम हमला: आतंक का वीभत्स चेहरा 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा किए गए बर्बर हमले ने देश और दुनिया को झकझोर दिया था। छुट्टियां मना रहे मासूम लोगों को बेरहमी से मारना आतंक का घिनौना चेहरा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हमारे देश के सद्भाव को तोड़ने की कोशिश थी। आतंकवाद पर भारत की स्पष्ट नीति प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कड़ी नीति का जिक्र करते हुए कहा कि अब आतंक और टॉक एक साथ नहीं चल सकते। भारत ने आतंक के ठिकानों पर निर्णायक प्रहार कर आतंकियों को मिटा दिया है। सिंधु जल समझौता और PoK पर भारत का रुख प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। पाकिस्तान से बात केवल आतंकवाद और PoK पर ही होगी। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान को बचना है तो उसे अपने टेरर इन्फ्रास्ट्रक्चर का सफाया करना होगा। ऑपरेशन सिंदूर: तीन स्पष्ट संदेश पीएम का संदेश: शांति के लिए शक्ति जरूरी बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि शांति का मार्ग शक्ति से होकर गुजरता है। उन्होंने सेना के साहस और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि भारत की एकता आतंकवाद के खिलाफ सबसे बड़ी शक्ति है।
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एयरस्ट्राइक पर एयरमार्शल बोले- भय बिनु होय ना प्रीति

एयरस्ट्राइक पर एयरमार्शल – भय बिनु होय ना प्रीति

Operation Sindoor: Indian Army’s Joint Press Conference Highlights भारतीय सेना ने सोमवार को ऑपरेशन सिंदूर पर लगातार दूसरे दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में आर्मी से DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, नेवी से वाइस एडमिरल एएन प्रमोद और एयरफोर्स से एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने भाग लिया। 32 मिनट की इस कॉन्फ्रेंस में आतंकवाद और ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तार से चर्चा हुई। ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने स्पष्ट किया कि ‘भय बिनु होय ना प्रीत’ की नीति के तहत हमारी लड़ाई केवल आतंकवादियों के खिलाफ है, न कि पाकिस्तानी मिलिट्री के। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने आतंकियों का समर्थन किया, जिससे हमें जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। पाकिस्तानी हमले का करारा जवाब भारतीय सेना के अनुसार, पाकिस्तान ने चीनी मूल के लॉन्ग रेंज रॉकेट, UAV और ड्रोन का उपयोग किया। भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने इन हमलों का सफलतापूर्वक मुकाबला किया। एयर मार्शल भारती ने बताया कि पुराने एयर डिफेंस सिस्टम ने भी शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें आकाश मिसाइल सिस्टम से दुश्मन के ड्रोन और फाइटर एयरक्राफ्ट को गिराया गया। युद्ध की रणनीति और खेल से प्रेरणा लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने इस ऑपरेशन को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच 1974 एशेज सीरीज से जोड़ा, जहां ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों ने इंग्लैंड की टीम को ध्वस्त कर दिया था। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को उसी तरह की रणनीति से प्रेरित बताया। नौसेना की महत्वपूर्ण भूमिका वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने बताया कि नौसेना ने सर्विलांस और डिटेक्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हमारे एयरक्राफ्ट कैरियर में मिग-29 एक्शन के लिए तैयार थे। नौसेना ने लगातार खतरे की पहचान कर उसे नष्ट किया। किराना हिल्स पर क्या है सच्चाई? प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एयर मार्शल भारती ने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना ने किराना हिल्स पर कोई हमला नहीं किया। यह इलाका पाकिस्तान के सरगोधा में स्थित है और यहां पर परमाणु हथियारों के भंडारण की जानकारी दी गई। संयुक्त सैन्य अभियान का संदेश तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर एक समन्वित और संयुक्त प्रयास था। इसमें आर्मी, नेवी और एयरफोर्स ने मिलकर आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की। BSF ने भी सीमा पर मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारी निभाई। निष्कर्ष भारतीय सेना का यह ऑपरेशन दर्शाता है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाए हुए है। ऑपरेशन सिंदूर में तीनों सेनाओं के तालमेल और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम की भूमिका ने दुश्मन के मंसूबों को नाकाम किया।
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Sanam Teri Kasam

Sanam Teri Kasam’ के मेकर्स का कड़ा रुख, पाकिस्तानी एक्ट्रेस मावरा होकेन के विवादास्पद बयानों की निंदा

‘Sanam Teri Kasam’ Makers Stand Against Pak Actress Mawra Hocane’s Controversial Remarks फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ के मेकर्स राधिका राव और विनय सप्रू ने सीमा पार आतंकवाद पर पाकिस्तानी एक्टर्स के विवादास्पद बयानों की निंदा करने की बढ़ती सूची में अपना नाम जोड़ दिया है। उनका कड़ा रुख फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडियन सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा पाकिस्तानी एक्टर्स पर लगाए गए प्रतिबंध के साथ मेल खाता है। पाक कलाकारों पर बैन ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तो कम हुआ, लेकिन इसके बाद भारत में पाकिस्तानी कलाकारों पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया। पाकिस्तानी एक्ट्रेस मावरा होकेन ने भारत के हवाई हमलों की निंदा करते हुए ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने इसे ‘कायरतापूर्ण’ करार दिया था। उनके इस बयान ने न केवल दर्शकों बल्कि फिल्म के लीड एक्टर हर्षवर्धन राणे का भी गुस्सा भड़का दिया। हर्षवर्धन राणे ने जताई नाराज़गी हर्षवर्धन राणे ने सार्वजनिक रूप से कहा कि अगर भविष्य में ‘सनम तेरी कसम’ का सीक्वल बनता है और मावरा इसमें होती हैं, तो वे इसका हिस्सा नहीं होंगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए फिल्म के मेकर्स राधिका राव और विनय सप्रू ने भी मावरा होकेन के बयानों की आलोचना की। FWICE का समर्थन FWICE ने हाल ही में पाकिस्तानी एक्टर्स पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे बयानों से भारत में कला और संस्कृति पर बुरा प्रभाव पड़ता है। राधिका और विनय का कड़ा रुख इस प्रतिबंध के समर्थन में देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ मावरा होकेन के ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर जबरदस्त विरोध देखा गया। कई भारतीय सेलेब्स ने उनके बयान की निंदा की और कहा कि देश के खिलाफ बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निष्कर्ष: ‘सनम तेरी कसम’ के मेकर्स का यह कड़ा रुख दिखाता है कि वे देश की गरिमा से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेंगे। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मावरा होकेन भविष्य में बॉलीवुड में अपनी वापसी कर पाएंगी।
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modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8 बजे देश को संबोधित करेंगे

Ceasefire Aftermath: PM Modi to Address Nation Tonight नई दिल्ली। PM Modi to Address Nation Tonight- भारत और पाकिस्तान के बीच तीन दिन पहले हुए सीजफायर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8 बजे देश को संबोधित करेंगे। उम्मीद है कि पीएम मोदी ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद के हालात पर बात करेंगे। इस ऑपरेशन के दौरान 5 आर्मी और 2 BSF जवान शहीद हुए हैं, जबकि 60 जवान घायल हैं। वहीं, पाकिस्तान की गोलाबारी में 27 सिविलियंस की भी जान गई है। ऑपरेशन सिंदूर: कब और कैसे शुरू हुआ? 7 मई को भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की। यह ऑपरेशन पाकिस्तान की लगातार गोलाबारी के जवाब में किया गया था। इस दौरान पाकिस्तान ने सीमावर्ती इलाकों में भारी गोलाबारी की, जिसमें भारतीय सेना और BSF को नुकसान हुआ। पाकिस्तान का ऑपरेशन बनयान-उन-मर्सूस सीजफायर के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 10 मई की रात 11.30 बजे अपने देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने पाकिस्तानी सेना के ऑपरेशन बनयान-उन-मर्सूस की सफलता का दावा किया। पाकिस्तान में इसके बाद ‘यौम-ए-तशक्कुर’ मनाया जा रहा है, जिसका अर्थ है ‘शुक्रिया का दिन’। सेना के DGMO कर रहे प्रेस कॉन्फ्रेंस सीजफायर के बाद से लगातार तीन दिन से भारतीय सेना के तीनों अंगों के डीजीएमओ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। इसमें सीजफायर के हालात और आगे की रणनीति पर चर्चा की जा रही है। क्या कह सकते हैं पीएम मोदी? प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर की रणनीति और भविष्य की तैयारी पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा वे शहीद जवानों के परिवारों के लिए भी कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकते हैं। यौम-ए-तशक्कुर और भारत की प्रतिक्रिया पाकिस्तान में यौम-ए-तशक्कुर के उत्सव पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारतीय रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह दावा पूरी तरह से प्रोपेगेंडा है। देश हरपल पर बने रहें, पीएम मोदी के संबोधन की लाइव अपडेट्स के लिए।
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हनुमान जी

Bada Mangal 2025: बड़ा मंगल कब है, क्या है इसका महत्व और कैसे करें पूजा ?

Bada Mangal 2025: बड़ा मंगल कब है? बड़ा मंगल का पर्व विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, खासकर लखनऊ में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। बड़ा मंगल का आरंभ ज्येष्ठ महीने के पहले मंगलवार से होता है और पूरे महीने के हर मंगलवार को इसे मनाया जाता है। वर्ष 2025 में, बड़ा मंगल का पहला मंगलवार 13 मई को है। क्या होता है बड़ा मंगल? बड़ा मंगल विशेष रूप से हनुमान जी को समर्पित पर्व है। इसे ‘हनुमान जयन्ती’ के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन भक्तगण हनुमान मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं और भंडारे का आयोजन करते हैं। लखनऊ में इस पर्व का विशेष महत्त्व है, जहाँ जगह-जगह प्रसाद वितरण और भंडारे का आयोजन किया जाता है। बड़ा मंगल कैसे मनाएं? बड़ा मंगल का महत्व: ऐसी मान्यता है कि बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस दिन का व्रत रखने से कष्टों का निवारण होता है और संकट कटते हैं। लखनऊ में बड़ा मंगल का महत्व: लखनऊ में बड़ा मंगल एक उत्सव की तरह मनाया जाता है। यहाँ के हनुमान मंदिरों में हजारों भक्त पूजा-अर्चना करने आते हैं। सड़कों पर भंडारे लगते हैं और भक्तगण प्रसाद का वितरण करते हैं। यह पर्व लखनऊ की संस्कृति का अहम हिस्सा है।
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Operation Sindoor: Indian Armed Forces' Daring Counterstrike on Pakistan

Operation Sindoor: एयर मार्शल एके भारती : हमारा उद्देश्य टारगेट को ध्वस्त करना था, न कि लाशें गिनना।

Operation Sindoor: Indian Armed Forces launched a daring counterstrike on Pakistan’s terror camps भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद रविवार शाम 6:30 बजे तीनों सेनाओं ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस । इसमें डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, वाइस एडमिरल एएन प्रमोद और एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जानकारी दी। भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई की शाम 5 बजे संघर्षविराम हुआ था। इसके कुछ घंटे बाद पाकिस्तान ने सीजफायर तोड़कर जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान में फायरिंग और ड्रोन से हमला किया था। Peration Sindoor: जब भारत की तीनों सेनाओं ने पाकिस्तान को दिया करारा जवाब भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर टूटने के बाद, भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के खिलाफ ज़बरदस्त जवाबी कार्रवाई की। इस अभियान के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों पर हमला कर उन्हें ध्वस्त कर दिया। ‘ ऑपरेशन सिंदूर के बाद मीडिया ब्रीफिंग में एयर मार्शल एके भारती ने बताया कि हमारा उद्देश्य टारगेट को ध्वस्त करना था, न कि लाशें गिनना। उन्होंने कहा, “हमारे प्रयासों से दुश्मन के ठिकानों पर वांछित असर हुआ। कितने लोग हताहत हुए, यह हमारी प्राथमिकता नहीं थी।” 100 से अधिक आतंकी ढेर ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया। पाकिस्तानी सेना के भी 35 से 40 जवान हताहत हुए। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से कई हवाई हमले किए गए, लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों ने सभी हमलों को नाकाम कर दिया। पाकिस्तान को सख्त संदेश वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “अगर पाकिस्तान ने फिर से कोई हरकत की, तो भारत का जवाब और कड़ा होगा।” भारतीय सेना ने स्पष्ट कर दिया कि आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। संघर्षविराम के बावजूद हमला 10 मई को सीजफायर के कुछ घंटों बाद ही पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर और पंजाब में ड्रोन से हमला किया। भारतीय सेना ने तत्परता दिखाते हुए इन हमलों को विफल कर दिया और पाकिस्तानी एयरबेस पर करारा जवाब दिया। भारतीय सेना की तैयारी भारतीय नौसेना ने अरब सागर में अपनी तैयारी का प्रदर्शन करते हुए कई ड्रिल की। एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने बताया कि हमने पाकिस्तान के लाहौर और गुजरांवाला स्थित रडार सिस्टम को भी निशाना बनाया। अंतिम चेतावनी भारतीय सेना ने पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए कहा कि किसी भी आक्रामकता का माकूल जवाब दिया जाएगा। भारत ने स्पष्ट किया कि उसकी लड़ाई आतंकवाद के खिलाफ है, न कि पाकिस्तानी सेना के खिलाफ।
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Operation Sindoor

Ceasefire Violation: पाकिस्तान के घोर उल्लंघन पर भारत का सख्त रुख, सेना को कड़ी कार्रवाई के निर्देश

पाकिस्तान के सीजफायर उल्लंघन पर भारत का कड़ा रुख, सेना को सख्त कार्रवाई के निर्देश नई दिल्ली, 10 मई 2025 — भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए सीजफायर समझौते के कुछ ही घंटे बाद पाकिस्तान द्वारा कई स्थानों पर उल्लंघन की घटनाएं सामने आई हैं। इस पर विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कड़ा रुख अपनाते हुए सेना को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। विदेश सचिव का बयान विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “पिछले कुछ घंटों से पाकिस्तान द्वारा सीजफायर का घोर उल्लंघन हो रहा है। भारतीय सेना स्थिति से निपट रही है। हमारा मानना है कि पाकिस्तान को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।” सीमा पर बढ़ता तनाव सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं जम्मू-कश्मीर के कई क्षेत्रों में देखी गई हैं, जिसमें पुंछ, राजौरी और बारामुला शामिल हैं। भारतीय सेना ने इन घटनाओं का मुंहतोड़ जवाब दिया है। सेना के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया गया है।
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PNB

PNB में करोड़ों की Fake Currency का खेल! Saharanpur में CCTV ने बढ़ाया शक, 3 Officers पर Action

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से जुड़ा मामला सामने आने के बाद बैंकिंग सिस्टम में हड़कंप मच गया है। जांच के दौरान करोड़ों रुपये के संदिग्ध नकली नोट मिलने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों में रकम को लेकर अलग-अलग आंकड़े बताए गए हैं, जबकि विस्तृत जांच में करीब ₹7.40 करोड़ की नकली करेंसी मिलने की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक के तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है। पुलिस ने भी जांच तेज कर दी है। वहीं, RBI की जांच के बाद इस पूरे मामले में कई और तथ्य सामने आने की उम्मीद है। कैसे सामने आया करोड़ों के नकली नोटों का मामला? मामले की शुरुआत उस समय हुई जब RBI को भेजी गई नकदी में करीब ₹4.36 लाख की कमी सामने आई। इतनी बड़ी गड़बड़ी के बाद बैंक में करेंसी चेस्ट का रिकॉर्ड खंगाला गया और विस्तृत जांच शुरू की गई। जांच आगे बढ़ी तो बैंक के अंदर रखी नकदी में बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई। असली Cash की जगह Fake Notes रखने का शक प्रारंभिक जांच में आशंका है कि करेंसी चेस्ट में मौजूद असली नोटों को निकालकर उनकी जगह नकली नोट रखे गए। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि असली रकम कब निकाली गई और नकली नोट बैंक के Cash Vault तक कैसे पहुंचे। बैंक के Cash Movement Records, लॉगबुक, ऑडिट रिपोर्ट और कर्मचारियों की ड्यूटी से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। CCTV फुटेज में दिखी संदिग्ध गतिविधि इस पूरे मामले में बैंक का CCTV Footage जांच का अहम हिस्सा बन गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, फुटेज में करेंसी चेस्ट के आसपास एक हाउसकीपिंग कर्मचारी की गतिविधियां दिखाई दी हैं। जांच अधिकारी अब CCTV फुटेज को बैंक के एंट्री-एग्जिट रिकॉर्ड और कैश रिकॉर्ड से मिलाकर देख रहे हैं। इससे यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि करेंसी चेस्ट तक किस-किस कर्मचारी की पहुंच थी। 3 PNB Officers Suspended मामले में बैंक के तीन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें करेंसी चेस्ट और कैश से जुड़े अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। बैंक ने तीन अधिकारियों को Suspended कर दिया है। हालांकि, निलंबन का मतलब दोष साबित होना नहीं है। अंतिम जिम्मेदारी जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी। SIT के हाथ में जांच, RBI भी कर रहा पड़ताल मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने SIT (Special Investigation Team) गठित की है। टीम बैंक के रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और नकदी के लेन-देन की पूरी कड़ी को खंगाल रही है। दूसरी ओर, RBI से जुड़ी जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नकली नोटों का स्रोत क्या था और वे बैंक की करेंसी चेस्ट तक किस रास्ते से पहुंचे। ₹17 करोड़ या ₹7.40 करोड़? रकम को लेकर क्यों है Confusion इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा नकली नोटों की रकम को लेकर है। कुछ शुरुआती रिपोर्टों में ₹17 करोड़ तक की रकम का उल्लेख किया गया, जबकि बाद की विस्तृत रिपोर्टों में करीब ₹7.40 करोड़ की नकली करेंसी मिलने की बात कही गई है। चूंकि जांच और नोटों की गिनती का काम जारी है, इसलिए अंतिम आंकड़ा आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। बैंकिंग सिस्टम की Security पर उठे सवाल सहारनपुर के PNB मामले ने बैंक की करेंसी चेस्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट बैंक के सुरक्षित Cash Vault तक कैसे पहुंचे? नियमित जांच और ऑडिट के दौरान इनकी पहचान क्यों नहीं हुई? इन सवालों के जवाब फिलहाल जांच एजेंसियां तलाश रही हैं। आने वाले दिनों में CCTV फुटेज, बैंक रिकॉर्ड और अधिकारियों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की तस्वीर और साफ हो सकती है। फिलहाल जांच जारी है और नकली नोटों की वास्तविक मात्रा, असली रकम के नुकसान और इस मामले में शामिल लोगों को लेकर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
SCO Summit

SCO Summit में Pakistan की Edited Photo पर बवाल, PM Modi और Iran President गायब

SCO Summit से जुड़ी एक तस्वीर ने भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से चल रही तल्खी को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के आधिकारिक X अकाउंट से शेयर की गई एक तस्वीर को लेकर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तस्वीर के एडिटेड वर्जन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके साथ खड़े ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन नजर नहीं आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर तस्वीर सामने आने के बाद यूजर्स ने पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक अकाउंट पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। खास बात यह है कि जिस कार्यक्रम की तस्वीर साझा की गई, उसमें भारत और ईरान दोनों के शीर्ष नेता मौजूद थे। Original Photo और Edited Version को लेकर सवाल SCO Summit की ग्रुप फोटो में संगठन के कई सदस्य देशों के नेता एक साथ नजर आए थे। इसी तस्वीर का एक अलग वर्जन पाकिस्तान PMO के X हैंडल से पोस्ट किए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन दिखाई नहीं देते। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि क्या तस्वीर को जानबूझकर एडिट किया गया था। हालांकि, तस्वीर को लेकर पाकिस्तान सरकार की ओर से ऐसी कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है कि पोस्ट में मूल तस्वीर के बजाय बदला हुआ फ्रेम क्यों इस्तेमाल किया गया। PM Modi और Pezeshkian की मुलाकात भी रही अहम SCO Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ मुलाकात भी हुई। दोनों नेताओं के बीच भारत-ईरान संबंधों, व्यापार और क्षेत्रीय हालात पर बातचीत हुई। भारत और ईरान के रिश्ते लंबे समय से रणनीतिक और आर्थिक महत्व रखते हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की बैठक Summit के दौरान महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रमों में शामिल रही। यही वजह है कि ग्रुप फोटो से दोनों नेताओं के गायब होने वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। Pakistan PM की भी ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात इस मामले का एक और दिलचस्प पहलू सामने आया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी SCO Summit के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत हुई। ऐसे में सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाया कि अगर ईरानी राष्ट्रपति पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से भी मिले थे, तो ग्रुप फोटो के साझा किए गए वर्जन में उनका नजर नहीं आना आखिर क्यों हुआ। India-Pakistan Relations के बीच बढ़ी चर्चा भारत और पाकिस्तान के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। ऐसे में SCO जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच से सामने आने वाली छोटी-सी तस्वीर भी राजनीतिक और कूटनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण हो जाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने Summit में आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और सामूहिक कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। भारत लगातार यह रुख रखता रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी तरह का दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए। ऐसे माहौल में पाकिस्तान के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से सामने आई कथित Edited Photo ने राजनीतिक बहस को और हवा दे दी। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उठाए सवाल तस्वीर पोस्ट होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने Original Group Photo और पाकिस्तान PMO द्वारा साझा तस्वीर की तुलना करते हुए सवाल पूछे। हालांकि, यह भी जरूरी है कि तस्वीर के पीछे की मंशा को लेकर जल्दबाजी में निष्कर्ष न निकाला जाए। पाकिस्तान सरकार की ओर से इस मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि तस्वीर में बदलाव क्यों किया गया था। SCO Summit ने फिर खींचा दुनिया का ध्यान SCO Summit में भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस, ईरान समेत कई देशों के शीर्ष नेता शामिल हुए। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर चर्चा हुई। एक तरफ Summit में भारत का आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश सुर्खियों में रहा, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी की ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात ने भारत-ईरान संबंधों को लेकर ध्यान खींचा। अब पाकिस्तान PMO की कथित Edited Photo इस पूरे घटनाक्रम में एक नया विवाद बनकर सामने आई है। सोशल मीडिया पर बहस जारी है और लोगों की नजर इस बात पर है कि पाकिस्तान सरकार इस तस्वीर को लेकर कोई आधिकारिक सफाई देती है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJP

Jantar Mantar FIR Case: प्रदर्शनकारियों को SC से राहत, CJP ने Delhi March टाला

जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को खत्म करने का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च भी वापस ले लिया। संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह अब इस मार्च का आयोजन नहीं करेगा। यह पूरा मामला जुलाई में हुए जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान दर्ज FIR को वापस लेना आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में शामिल था। बाद में इसी मुद्दे को लेकर CJP ने 5 सितंबर को इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालने का ऐलान किया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रदर्शनकारियों को राहत सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों की ओर से प्रदर्शन से जुड़ी FIR वापस लेने को लेकर आवेदन किया गया था। सुनवाई के दौरान इन मामलों को खत्म करने का रास्ता निकाला गया। रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली में जंतर-मंतर और आसपास हुए प्रदर्शन से संबंधित करीब 13 FIR को आगे नहीं बढ़ाने की बात सामने आई। कुछ ऐसे लोगों के मामले अलग रखे गए हैं, जिनके खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले होने की जानकारी दी गई थी। इस फैसले के बाद आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों को बड़ी कानूनी राहत मिली है। लंबे समय से FIR वापसी की मांग कर रहे संगठन के लिए इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। 5 सितंबर का Delhi March क्यों किया गया था? CJP ने 24 अगस्त को 5 सितंबर को दिल्ली में शांतिपूर्ण मार्च निकालने का ऐलान किया था। प्रस्तावित मार्च इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक होना था। संगठन का आरोप था कि 25 जुलाई को आंदोलन वापस लेने के दौरान सरकार की ओर से किए गए कुछ आश्वासनों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। CJP ने खास तौर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने और आंदोलन से जुड़े अन्य मुद्दों पर सरकार से कार्रवाई की मांग की थी। संगठन ने कहा था कि अगर वादे पूरे नहीं हुए तो वह फिर से सड़कों पर उतरेगा। पहले SC ने मार्च पर रोक लगाने से किया था इनकार इस मामले में घटनाक्रम तेजी से बदला। 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने CJP के 5 सितंबर के प्रस्तावित मार्च पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि फिलहाल ऐसा कोई ठोस आधार नहीं है जिससे यह माना जाए कि प्रदर्शन के दौरान अनिवार्य रूप से अप्रिय स्थिति पैदा होगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासन पर छोड़ी गई थी। लेकिन इसके अगले ही दिन मामला अलग दिशा में चला गया। 1 सितंबर की सुनवाई के दौरान केंद्र के आश्वासन और कोर्ट के आदेश के बाद CJP ने खुद 5 सितंबर के मार्च को वापस लेने की घोषणा कर दी। CJP ने क्यों बदला फैसला? सुप्रीम कोर्ट में CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि केंद्र सरकार के सकारात्मक आश्वासन और अदालत के आदेश को देखते हुए संगठन ने मार्च वापस लेने का फैसला किया है। यानी जिस मुद्दे को लेकर दोबारा सड़क पर उतरने की तैयारी थी, उसमें कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल टकराव की स्थिति टल गई है। CJI ने भी सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के सकारात्मक रवैये और बातचीत के महत्व पर जोर दिया। अदालत की टिप्पणी का संदेश साफ था कि खुले मन से बातचीत हो तो विवाद का समाधान निकाला जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Bhopal

Sealing Action पर Bhopal में बवाल: व्यापारियों और पुलिस में भिड़ंत, शंख-डमरू बजाकर प्रदर्शन

Bhopal में Sealing Action को लेकर व्यापारियों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। कार्रवाई के विरोध में जुटे कारोबारियों और पुलिस के बीच मंगलवार को धक्का-मुक्की हो गई। कुछ व्यापारियों ने बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके दौरान कुछ कारोबारी गिर गए। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। Sealing के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में व्यापारी बड़ी संख्या में एकजुट हुए। कारोबारियों का कहना है कि कार्रवाई से उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर वे प्रशासन और सरकार के सामने अपनी बात रखने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर व्यापारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इसी बीच कुछ कारोबारी बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ गए। पुलिस और व्यापारियों के बीच इसी दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। बैरिकेड्स के पास हुई धक्का-मुक्की प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब व्यापारियों ने पुलिस के बैरिकेड्स को हटाने की कोशिश की। आगे बढ़ने की कोशिश में कुछ कारोबारी गिर गए। पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। हालांकि, कुछ देर बाद स्थिति को संभाल लिया गया। इस घटनाक्रम के बाद मौके पर मौजूद व्यापारियों में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर नाराजगी और बढ़ती दिखाई दी। थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार से लगाई गुहार व्यापारियों के विरोध का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार की ‘सद्बुद्धि’ के लिए विरोध जताया। व्यापारियों का कहना था कि उनकी समस्याओं को सुना जाए और सीलिंग कार्रवाई को लेकर सरकार उनकी मांगों पर विचार करे। प्रदर्शनकारियों ने अपने विरोध के जरिए सरकार और प्रशासन तक संदेश पहुंचाने की कोशिश की। उनका कहना है कि वे टकराव नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए समस्या का समाधान चाहते हैं। व्यापारियों की मांग पर अब नजर भोपाल में Sealing Action को लेकर हुए इस प्रदर्शन ने प्रशासन और कारोबारियों के बीच चल रहे विवाद को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार और प्रशासन व्यापारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं। फिलहाल प्रदर्शन के दौरान पुलिस और व्यापारियों के बीच हुई धक्का-मुक्की के बाद मामला चर्चा में है। व्यापारियों का विरोध यह संकेत दे रहा है कि सीलिंग कार्रवाई का मुद्दा अभी शांत होने वाला नहीं है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Rahul Gandhi

Bus में नाबालिग से कथित गैंगरेप, 47 KM तक चलता रहा सफर; Rahul Gandhi ने पूछा- Checking क्यों नहीं?

दिल्ली-NCR में चलती स्लीपर बस के अंदर नाबालिग छात्रा के साथ कथित गैंगरेप का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बस करीब 47 किलोमीटर तक चलती रही, लेकिन रास्ते में किसी चेकपोस्ट पर उसकी जांच नहीं हुई। मामले में बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया गया है। घटना सामने आने के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जब बस इतने लंबे रूट से होकर गुजरी तो पुलिस और प्रशासन को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? बारिश और अंधेरे के बीच बस में बैठी छात्रा रिपोर्टों के मुताबिक, नाबालिग छात्रा बारिश और अंधेरे के बीच रास्ता भटककर ग्रेटर नोएडा के परी चौक इलाके में पहुंची थी। वह नोएडा में अपने रिश्तेदार के पास जाने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान एक स्लीपर बस वहां पहुंची। आरोप है कि ड्राइवर और कंडक्टर ने छात्रा को मदद का भरोसा देकर बस में बैठाया। इसके बाद बस दिल्ली की तरफ बढ़ गई। पुलिस के अनुसार, परी चौक से कश्मीरी गेट तक का सफर करीब 47 किलोमीटर का था। इसी सफर के दौरान छात्रा के साथ कथित अपराध हुआ। एक दिन पहले भी आरोपियों पर गंभीर आरोप जांच में यह बात भी सामने आई है कि घटना से एक दिन पहले भी ड्राइवर और कंडक्टर पर छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बस और उससे जुड़े अन्य सबूतों को कब्जे में लिया है। CCTV फुटेज समेत दूसरे डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों की भी जांच की जा रही है। Driver और Conductor गिरफ्तार पुलिस ने मामले में बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बस किस रास्ते से गुजरी और रास्ते में किन-किन जगहों पर रुकी। बस की जांच भी की जा रही है ताकि घटना से जुड़े जरूरी सबूत जुटाए जा सकें। Bus में पर्दे, CCTV को लेकर भी सवाल स्लीपर बसों में यात्रियों की Privacy के लिए पर्दे लगाए जाते हैं, लेकिन इसी व्यवस्था ने सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। रिपोर्टों में बस में CCTV की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में सवाल है कि लंबी दूरी तक चलने वाली स्लीपर बसों में यात्रियों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त Monitoring क्यों नहीं होती? Rahul Gandhi ने Police Checking पर उठाए सवाल मामले पर राहुल गांधी ने सरकार और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक नाबालिग के साथ बस के अंदर इतनी गंभीर घटना हुई और वाहन करीब 47 किलोमीटर तक चलता रहा। उन्होंने सवाल किया कि रास्ते में मौजूद पुलिस व्यवस्था को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। उन्होंने बसों की Checking और Monitoring को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की। राहुल गांधी ने इस घटना का संदर्भ देते हुए Nirbhaya Case की याद भी दिलाई और कहा कि वर्षों बाद भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर वही सवाल सामने आना चिंताजनक है। 47 KM का सफर और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल इस घटना ने दिल्ली-NCR की Public Transport Safety पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। आखिर सड़कों पर चलने वाली बसों की Monitoring किस तरह होती है? क्या संदिग्ध बसों की नियमित Checking होती है? क्या हर स्लीपर बस में CCTV और Emergency Support की पर्याप्त व्यवस्था है? ये सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल रोजाना हजारों लोग करते हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की तस्वीर साफ होगी। यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि Public Transport में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सिस्टम की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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