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Operation Sindoor: Shashi Tharoor

Operation Sindoor: शशि थरूर के नेतृत्व में विदेशी डेलिगेशन, कांग्रेस में मचा घमासान

केंद्र सरकार द्वारा पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उजागर करने के लिए गठित किए गए डेलिगेशन में कांग्रेस सांसद शशि थरूर को शामिल करने के फैसले ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। जहां एक ओर थरूर ने इस पहल का स्वागत किया है, वहीं कांग्रेस पार्टी के भीतर इस पर असंतोष की लहर दौड़ गई है। ऑपरेशन सिंदूर: भारत की कूटनीतिक पहल पिछले महीने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी, भारत सरकार ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत एक कूटनीतिक अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद को वैश्विक मंचों पर उजागर करना है। इसके तहत, शशि थरूर के नेतृत्व में एक बहुदलीय डेलिगेशन को अमेरिका भेजा जाएगा, जिसमें मिलिंद देवड़ा और शंभवी चौधरी जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं। कांग्रेस में असंतोष: जयराम रमेश और उदित राज की प्रतिक्रिया कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सरकार के इस कदम को “बेईमानी” करार देते हुए कहा कि पार्टी द्वारा प्रस्तावित चार सांसदों की सूची को नजरअंदाज कर शशि थरूर को शामिल किया गया है। उन्होंने इसे इंदिरा गांधी के कार्यकाल की एकतरफा नीतियों से तुलना करते हुए आलोचना की। वहीं, कांग्रेस नेता उदित राज ने थरूर की पाकिस्तान के खिलाफ तीखी टिप्पणियों पर सवाल उठाते हुए पूछा, “क्या वे बीजेपी के प्रवक्ता बन गए हैं?” उन्होंने थरूर की पार्टी के प्रति निष्ठा पर भी संदेह जताया। थरूर का पक्ष: राष्ट्रहित सर्वोपरि शशि थरूर ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणियां व्यक्तिगत हैं और पार्टी की आधिकारिक नीति का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं। उन्होंने कहा, “मैं अपने देश के लिए बोलता हूं, और मुझे इस मिशन का हिस्सा बनने पर गर्व है।” थरूर ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें पार्टी की ओर से कोई औपचारिक चेतावनी नहीं मिली है। बीजेपी का तंज: राहुल गांधी पर निशाना बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए पूछा, “राहुल गांधी उन लोगों से नफरत क्यों करते हैं जो भारत के लिए बोलते हैं?” पार्टी ने थरूर को डेलिगेशन से बाहर रखने के कांग्रेस के फैसले पर सवाल उठाया और इसे राष्ट्रहित के खिलाफ बताया। निष्कर्ष: कूटनीति बनाम राजनीति शशि थरूर की डेलिगेशन में नियुक्ति ने एक बार फिर दिखाया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीति के मुद्दों पर भी राजनीतिक दलों के बीच मतभेद गहरे हैं। जहां एक ओर सरकार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं विपक्षी दलों के भीतर इस पर असहमति और आंतरिक संघर्ष स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे है
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Virat Kohli Retirement

Virat Kohli Retirement: विराट कोहली अनुष्का संग पहुंचे प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम

भारतीय क्रिकेट के सितारे विराट कोहली ने हाल ही में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया। संन्यास के तुरंत बाद विराट कोहली अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ वृंदावन पहुंचे। यहाँ उन्होंने प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज से आध्यात्मिक वार्तालाप किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। दूसरी बार पहुंचे वृंदावन गौरतलब है कि इस साल यह विराट और अनुष्का की दूसरी वृंदावन यात्रा थी। इससे पहले जनवरी में भी दंपति अपने बच्चों के साथ यहां आए थे। इस बार विराट और अनुष्का ने वृंदावन स्थित श्री हित राधा केली कुंज वराह घाट आश्रम में महाराज जी से मुलाकात की। प्रेमानंद जी महाराज से आध्यात्मिक संवाद आश्रम पहुंचने पर विराट और अनुष्का ने महाराज जी को प्रणाम किया। महाराज जी ने मुस्कुराते हुए पूछा, “प्रसन्न हो?” इस पर विराट ने उत्तर दिया, “जी, अभी ठीक है।” महाराज जी ने भी कहा, “ठीक ही रहना चाहिए।”इस वार्तालाप के दौरान महाराज जी ने विराट और अनुष्का को महत्वपूर्ण उपदेश भी दिए। अनुष्का ने नाम जप के बारे में भी महाराज जी से प्रश्न किए। उपदेश सुनते समय अनुष्का भावुक हो गईं। ध्यान और साधना पर चर्चा महाराज जी ने विराट कोहली को ध्यान और साधना के महत्व के बारे में बताया। विराट ने भी महाराज जी की बातों को गहनता से सुना। विराट और अनुष्का ने आश्रम में कुछ समय व्यतीत किया और आश्रम के वातावरण में मन की शांति का अनुभव किया। संन्यास के बाद का आध्यात्मिक सफर टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद विराट कोहली का यह आध्यात्मिक सफर फैंस के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है। विराट और अनुष्का के वृंदावन दौरे ने यह साफ कर दिया कि क्रिकेट के मैदान से हटने के बाद विराट ने जीवन के आध्यात्मिक पक्ष को भी समझने की कोशिश की है। विराट कोहली का जीवन दर्शन विराट कोहली के लिए क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं बल्कि जीवन का हिस्सा था। अब संन्यास के बाद उनका वृंदावन आना यह संकेत देता है कि वह आत्म-खोज और शांति की राह पर हैं। फैंस के बीच उत्सुकता सोशल मीडिया पर विराट और अनुष्का की वृंदावन यात्रा की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। फैंस इस बदलाव को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। विराट कोहली के इस कदम ने उनके चाहने वालों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्रिकेट के मैदान के बाद विराट के जीवन का अगला अध्याय क्या होगा। वृंदावन यात्रा का संदेश विराट कोहली का वृंदावन दौरा यह बताता है कि चाहे जीवन में कितनी भी सफलता क्यों न हो, शांति और आध्यात्मिकता का महत्व हमेशा बना रहता है। विराट का यह निर्णय युवाओं को भी यह संदेश देता है कि मानसिक शांति के लिए आध्यात्मिकता को जीवन में स्थान देना जरूरी है
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Adampur Airbase

🚀 Adampur Airbase पर PM Modi का Surprise Visit: Pakistan के दावों की खुली पोल

🇮🇳 Adampur Airbase पर PM Modi का Surprise Visit: पाकिस्तान के झूठ की खुली पोल भारत और पाकिस्तान में सीजफायर के बाद मंगलवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक पंजाब के जालंधर स्थित आदमपुर एयरबेस का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने एयरफोर्स के जवानों से मुलाकात की और ऑपरेशन सिंदूर में सफल एयर स्ट्राइक के लिए उन्हें बधाई दी। प्रधानमंत्री का यह दौरा पाकिस्तान के झूठे दावों की पोल खोलने वाला साबित हुआ। 🌟 PM Modi का उत्साहवर्धन और सच्चाई का सबूत प्रधानमंत्री मोदी ने आदमपुर एयरबेस पर करीब एक घंटे तक समय बिताया। जवानों से बातचीत के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “आज सुबह मैं वायुसेना स्टेशन आदमपुर गया और हमारे बहादुर वायु योद्धाओं और सैनिकों से मिला। साहस, दृढ़ संकल्प और निडरता के प्रतीक लोगों के साथ रहना एक बहुत ही विशेष अनुभव था। भारत हमारे सशस्त्र बलों के प्रति हमेशा आभारी है, जो हमारे देश के लिए सब कुछ करते हैं।” 🚁 Pakistan का झूठा दावा और भारत की सच्चाई पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसकी सेना के हमले में आदमपुर एयरबेस को नुकसान पहुंचा है। यहां तक कि पाकिस्तान ने अपने फाइटर जेट JF-17 से दागी गई हाइपरसोनिक मिसाइल द्वारा भारत के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट करने का भी दावा किया। हालांकि, उसी दिन भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नल सोफिया कुरैशी ने इस दावे को झूठा करार दिया। कर्नल सोफिया ने कहा कि पाकिस्तान का दावा केवल एक प्रोपेगेंडा है और हकीकत में S-400 एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है। 🌍 ऑपरेशन सिंदूर की सफलता: आतंक पर करारा प्रहार 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने 6-7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में 100 से ज्यादा आतंकियों को ढेर कर दिया। जवाब में पाकिस्तान ने ड्रोन, रॉकेट और मिसाइल से हमला करने की कोशिश की, लेकिन भारत के मिग-29 फाइटर जेट्स और S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने इन हमलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। 📸 PM Modi के दौरे में S-400 का दिखना: Pakistan की पोल खुली पाकिस्तान ने यह भी दावा किया था कि भारत ने आदमपुर एयरबेस से छह मिसाइलें दागीं और S-400 को तबाह कर दिया। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के दौरान उनकी तस्वीर के बैकग्राउंड में S-400 की मौजूदगी ने पाकिस्तान के झूठ को पूरी तरह से उजागर कर दिया। 💡 रक्षा मंत्रालय का बयान: दुश्मन की हर साजिश नाकाम रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत का S-400, जिसे ‘सुदर्शन’ नाम से जाना जाता है, पाकिस्तान के हर हमले को नाकाम कर रहा है। वायुसेना के अधिकारियों ने भी बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम की चौकसी के कारण पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइल हमले हवा में ही नष्ट हो गए। 🔥 Pakistan का झूठ और भारत की सच्चाई प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा न केवल जवानों के हौसले को बढ़ाने वाला था, बल्कि पाकिस्तान के झूठे प्रोपेगेंडा को भी बेनकाब करने वाला साबित हुआ। ऑपरेशन सिंदूर ने दिखा दिया कि भारत अपनी सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ता। पाकिस्तान के झूठे दावे और भारत की सटीक जवाबी कार्रवाई ने यह साफ कर दिया कि भारतीय वायुसेना की ताकत से कोई समझौता नहीं हो सकता। 📰 देश हरपल – जहां हर पल है सच का साथ! देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें ‘देश हरपल’ से।
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Operation Sindoor: PM Modi's Powerful Address After Ceasefire with Pakistan

प्रधानमंत्री मोदी:भारत ने मिलिट्री एक्शन को केवल स्थगित किया है, समाप्त नहीं

प्रधानमंत्री मोदी का सीजफायर के बाद संबोधन: ऑपरेशन सिंदूर की गूंज Operation Sindoor: PM Modi’s Powerful Address After Ceasefire with Pakistan नई दिल्ली: पाकिस्तान के साथ संघर्षविराम (Ceasefire) के 51 घंटे बाद सोमवार रात 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। 22 मिनट के इस भाषण में प्रधानमंत्री ने पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर, सीजफायर, आतंकवाद, सिंधु जल समझौता और PoK पर खुलकर बात की। ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई प्रधानमंत्री ने कहा, “जिन आतंकियों ने हमारी मां-बहनों का सिंदूर मिटाया, हमने उन्हें मिटा दिया।” ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की सेनाओं ने पाकिस्तान में आतंकवाद के ठिकानों पर सटीक प्रहार किया। इस कार्रवाई में 100 से अधिक खूंखार आतंकवादी मारे गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकी अब जान चुके हैं कि भारत की बेटियों के माथे से सिंदूर हटाने का अंजाम क्या होता है। सीजफायर: पाकिस्तान की गुहार और भारत का रुख प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पाकिस्तान की गुहार पर भारत ने संघर्षविराम की सहमति दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने मिलिट्री एक्शन को केवल स्थगित किया है, समाप्त नहीं। आगे की कार्रवाई पाकिस्तान के रवैये पर निर्भर करेगी। पहलगाम हमला: आतंक का वीभत्स चेहरा 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा किए गए बर्बर हमले ने देश और दुनिया को झकझोर दिया था। छुट्टियां मना रहे मासूम लोगों को बेरहमी से मारना आतंक का घिनौना चेहरा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हमारे देश के सद्भाव को तोड़ने की कोशिश थी। आतंकवाद पर भारत की स्पष्ट नीति प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कड़ी नीति का जिक्र करते हुए कहा कि अब आतंक और टॉक एक साथ नहीं चल सकते। भारत ने आतंक के ठिकानों पर निर्णायक प्रहार कर आतंकियों को मिटा दिया है। सिंधु जल समझौता और PoK पर भारत का रुख प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। पाकिस्तान से बात केवल आतंकवाद और PoK पर ही होगी। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान को बचना है तो उसे अपने टेरर इन्फ्रास्ट्रक्चर का सफाया करना होगा। ऑपरेशन सिंदूर: तीन स्पष्ट संदेश पीएम का संदेश: शांति के लिए शक्ति जरूरी बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि शांति का मार्ग शक्ति से होकर गुजरता है। उन्होंने सेना के साहस और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि भारत की एकता आतंकवाद के खिलाफ सबसे बड़ी शक्ति है।
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एयरस्ट्राइक पर एयरमार्शल बोले- भय बिनु होय ना प्रीति

एयरस्ट्राइक पर एयरमार्शल – भय बिनु होय ना प्रीति

Operation Sindoor: Indian Army’s Joint Press Conference Highlights भारतीय सेना ने सोमवार को ऑपरेशन सिंदूर पर लगातार दूसरे दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में आर्मी से DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, नेवी से वाइस एडमिरल एएन प्रमोद और एयरफोर्स से एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने भाग लिया। 32 मिनट की इस कॉन्फ्रेंस में आतंकवाद और ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तार से चर्चा हुई। ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने स्पष्ट किया कि ‘भय बिनु होय ना प्रीत’ की नीति के तहत हमारी लड़ाई केवल आतंकवादियों के खिलाफ है, न कि पाकिस्तानी मिलिट्री के। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने आतंकियों का समर्थन किया, जिससे हमें जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। पाकिस्तानी हमले का करारा जवाब भारतीय सेना के अनुसार, पाकिस्तान ने चीनी मूल के लॉन्ग रेंज रॉकेट, UAV और ड्रोन का उपयोग किया। भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने इन हमलों का सफलतापूर्वक मुकाबला किया। एयर मार्शल भारती ने बताया कि पुराने एयर डिफेंस सिस्टम ने भी शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें आकाश मिसाइल सिस्टम से दुश्मन के ड्रोन और फाइटर एयरक्राफ्ट को गिराया गया। युद्ध की रणनीति और खेल से प्रेरणा लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने इस ऑपरेशन को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच 1974 एशेज सीरीज से जोड़ा, जहां ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों ने इंग्लैंड की टीम को ध्वस्त कर दिया था। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को उसी तरह की रणनीति से प्रेरित बताया। नौसेना की महत्वपूर्ण भूमिका वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने बताया कि नौसेना ने सर्विलांस और डिटेक्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हमारे एयरक्राफ्ट कैरियर में मिग-29 एक्शन के लिए तैयार थे। नौसेना ने लगातार खतरे की पहचान कर उसे नष्ट किया। किराना हिल्स पर क्या है सच्चाई? प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एयर मार्शल भारती ने स्पष्ट किया कि भारतीय सेना ने किराना हिल्स पर कोई हमला नहीं किया। यह इलाका पाकिस्तान के सरगोधा में स्थित है और यहां पर परमाणु हथियारों के भंडारण की जानकारी दी गई। संयुक्त सैन्य अभियान का संदेश तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर एक समन्वित और संयुक्त प्रयास था। इसमें आर्मी, नेवी और एयरफोर्स ने मिलकर आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की। BSF ने भी सीमा पर मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारी निभाई। निष्कर्ष भारतीय सेना का यह ऑपरेशन दर्शाता है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाए हुए है। ऑपरेशन सिंदूर में तीनों सेनाओं के तालमेल और आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम की भूमिका ने दुश्मन के मंसूबों को नाकाम किया।
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Sanam Teri Kasam

Sanam Teri Kasam’ के मेकर्स का कड़ा रुख, पाकिस्तानी एक्ट्रेस मावरा होकेन के विवादास्पद बयानों की निंदा

‘Sanam Teri Kasam’ Makers Stand Against Pak Actress Mawra Hocane’s Controversial Remarks फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ के मेकर्स राधिका राव और विनय सप्रू ने सीमा पार आतंकवाद पर पाकिस्तानी एक्टर्स के विवादास्पद बयानों की निंदा करने की बढ़ती सूची में अपना नाम जोड़ दिया है। उनका कड़ा रुख फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडियन सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा पाकिस्तानी एक्टर्स पर लगाए गए प्रतिबंध के साथ मेल खाता है। पाक कलाकारों पर बैन ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तो कम हुआ, लेकिन इसके बाद भारत में पाकिस्तानी कलाकारों पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया। पाकिस्तानी एक्ट्रेस मावरा होकेन ने भारत के हवाई हमलों की निंदा करते हुए ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने इसे ‘कायरतापूर्ण’ करार दिया था। उनके इस बयान ने न केवल दर्शकों बल्कि फिल्म के लीड एक्टर हर्षवर्धन राणे का भी गुस्सा भड़का दिया। हर्षवर्धन राणे ने जताई नाराज़गी हर्षवर्धन राणे ने सार्वजनिक रूप से कहा कि अगर भविष्य में ‘सनम तेरी कसम’ का सीक्वल बनता है और मावरा इसमें होती हैं, तो वे इसका हिस्सा नहीं होंगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए फिल्म के मेकर्स राधिका राव और विनय सप्रू ने भी मावरा होकेन के बयानों की आलोचना की। FWICE का समर्थन FWICE ने हाल ही में पाकिस्तानी एक्टर्स पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे बयानों से भारत में कला और संस्कृति पर बुरा प्रभाव पड़ता है। राधिका और विनय का कड़ा रुख इस प्रतिबंध के समर्थन में देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ मावरा होकेन के ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर जबरदस्त विरोध देखा गया। कई भारतीय सेलेब्स ने उनके बयान की निंदा की और कहा कि देश के खिलाफ बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निष्कर्ष: ‘सनम तेरी कसम’ के मेकर्स का यह कड़ा रुख दिखाता है कि वे देश की गरिमा से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेंगे। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मावरा होकेन भविष्य में बॉलीवुड में अपनी वापसी कर पाएंगी।
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modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8 बजे देश को संबोधित करेंगे

Ceasefire Aftermath: PM Modi to Address Nation Tonight नई दिल्ली। PM Modi to Address Nation Tonight- भारत और पाकिस्तान के बीच तीन दिन पहले हुए सीजफायर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8 बजे देश को संबोधित करेंगे। उम्मीद है कि पीएम मोदी ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद के हालात पर बात करेंगे। इस ऑपरेशन के दौरान 5 आर्मी और 2 BSF जवान शहीद हुए हैं, जबकि 60 जवान घायल हैं। वहीं, पाकिस्तान की गोलाबारी में 27 सिविलियंस की भी जान गई है। ऑपरेशन सिंदूर: कब और कैसे शुरू हुआ? 7 मई को भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की। यह ऑपरेशन पाकिस्तान की लगातार गोलाबारी के जवाब में किया गया था। इस दौरान पाकिस्तान ने सीमावर्ती इलाकों में भारी गोलाबारी की, जिसमें भारतीय सेना और BSF को नुकसान हुआ। पाकिस्तान का ऑपरेशन बनयान-उन-मर्सूस सीजफायर के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 10 मई की रात 11.30 बजे अपने देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने पाकिस्तानी सेना के ऑपरेशन बनयान-उन-मर्सूस की सफलता का दावा किया। पाकिस्तान में इसके बाद ‘यौम-ए-तशक्कुर’ मनाया जा रहा है, जिसका अर्थ है ‘शुक्रिया का दिन’। सेना के DGMO कर रहे प्रेस कॉन्फ्रेंस सीजफायर के बाद से लगातार तीन दिन से भारतीय सेना के तीनों अंगों के डीजीएमओ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। इसमें सीजफायर के हालात और आगे की रणनीति पर चर्चा की जा रही है। क्या कह सकते हैं पीएम मोदी? प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर की रणनीति और भविष्य की तैयारी पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा वे शहीद जवानों के परिवारों के लिए भी कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकते हैं। यौम-ए-तशक्कुर और भारत की प्रतिक्रिया पाकिस्तान में यौम-ए-तशक्कुर के उत्सव पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारतीय रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह दावा पूरी तरह से प्रोपेगेंडा है। देश हरपल पर बने रहें, पीएम मोदी के संबोधन की लाइव अपडेट्स के लिए।
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हनुमान जी

Bada Mangal 2025: बड़ा मंगल कब है, क्या है इसका महत्व और कैसे करें पूजा ?

Bada Mangal 2025: बड़ा मंगल कब है? बड़ा मंगल का पर्व विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, खासकर लखनऊ में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। बड़ा मंगल का आरंभ ज्येष्ठ महीने के पहले मंगलवार से होता है और पूरे महीने के हर मंगलवार को इसे मनाया जाता है। वर्ष 2025 में, बड़ा मंगल का पहला मंगलवार 13 मई को है। क्या होता है बड़ा मंगल? बड़ा मंगल विशेष रूप से हनुमान जी को समर्पित पर्व है। इसे ‘हनुमान जयन्ती’ के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन भक्तगण हनुमान मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं और भंडारे का आयोजन करते हैं। लखनऊ में इस पर्व का विशेष महत्त्व है, जहाँ जगह-जगह प्रसाद वितरण और भंडारे का आयोजन किया जाता है। बड़ा मंगल कैसे मनाएं? बड़ा मंगल का महत्व: ऐसी मान्यता है कि बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस दिन का व्रत रखने से कष्टों का निवारण होता है और संकट कटते हैं। लखनऊ में बड़ा मंगल का महत्व: लखनऊ में बड़ा मंगल एक उत्सव की तरह मनाया जाता है। यहाँ के हनुमान मंदिरों में हजारों भक्त पूजा-अर्चना करने आते हैं। सड़कों पर भंडारे लगते हैं और भक्तगण प्रसाद का वितरण करते हैं। यह पर्व लखनऊ की संस्कृति का अहम हिस्सा है।
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Operation Sindoor: Indian Armed Forces' Daring Counterstrike on Pakistan

Operation Sindoor: एयर मार्शल एके भारती : हमारा उद्देश्य टारगेट को ध्वस्त करना था, न कि लाशें गिनना।

Operation Sindoor: Indian Armed Forces launched a daring counterstrike on Pakistan’s terror camps भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद रविवार शाम 6:30 बजे तीनों सेनाओं ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस । इसमें डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, वाइस एडमिरल एएन प्रमोद और एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जानकारी दी। भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई की शाम 5 बजे संघर्षविराम हुआ था। इसके कुछ घंटे बाद पाकिस्तान ने सीजफायर तोड़कर जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान में फायरिंग और ड्रोन से हमला किया था। Peration Sindoor: जब भारत की तीनों सेनाओं ने पाकिस्तान को दिया करारा जवाब भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर टूटने के बाद, भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के खिलाफ ज़बरदस्त जवाबी कार्रवाई की। इस अभियान के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों पर हमला कर उन्हें ध्वस्त कर दिया। ‘ ऑपरेशन सिंदूर के बाद मीडिया ब्रीफिंग में एयर मार्शल एके भारती ने बताया कि हमारा उद्देश्य टारगेट को ध्वस्त करना था, न कि लाशें गिनना। उन्होंने कहा, “हमारे प्रयासों से दुश्मन के ठिकानों पर वांछित असर हुआ। कितने लोग हताहत हुए, यह हमारी प्राथमिकता नहीं थी।” 100 से अधिक आतंकी ढेर ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया। पाकिस्तानी सेना के भी 35 से 40 जवान हताहत हुए। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि पाकिस्तान की ओर से कई हवाई हमले किए गए, लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों ने सभी हमलों को नाकाम कर दिया। पाकिस्तान को सख्त संदेश वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “अगर पाकिस्तान ने फिर से कोई हरकत की, तो भारत का जवाब और कड़ा होगा।” भारतीय सेना ने स्पष्ट कर दिया कि आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। संघर्षविराम के बावजूद हमला 10 मई को सीजफायर के कुछ घंटों बाद ही पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर और पंजाब में ड्रोन से हमला किया। भारतीय सेना ने तत्परता दिखाते हुए इन हमलों को विफल कर दिया और पाकिस्तानी एयरबेस पर करारा जवाब दिया। भारतीय सेना की तैयारी भारतीय नौसेना ने अरब सागर में अपनी तैयारी का प्रदर्शन करते हुए कई ड्रिल की। एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने बताया कि हमने पाकिस्तान के लाहौर और गुजरांवाला स्थित रडार सिस्टम को भी निशाना बनाया। अंतिम चेतावनी भारतीय सेना ने पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए कहा कि किसी भी आक्रामकता का माकूल जवाब दिया जाएगा। भारत ने स्पष्ट किया कि उसकी लड़ाई आतंकवाद के खिलाफ है, न कि पाकिस्तानी सेना के खिलाफ।
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Operation Sindoor

Ceasefire Violation: पाकिस्तान के घोर उल्लंघन पर भारत का सख्त रुख, सेना को कड़ी कार्रवाई के निर्देश

पाकिस्तान के सीजफायर उल्लंघन पर भारत का कड़ा रुख, सेना को सख्त कार्रवाई के निर्देश नई दिल्ली, 10 मई 2025 — भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए सीजफायर समझौते के कुछ ही घंटे बाद पाकिस्तान द्वारा कई स्थानों पर उल्लंघन की घटनाएं सामने आई हैं। इस पर विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कड़ा रुख अपनाते हुए सेना को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। विदेश सचिव का बयान विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “पिछले कुछ घंटों से पाकिस्तान द्वारा सीजफायर का घोर उल्लंघन हो रहा है। भारतीय सेना स्थिति से निपट रही है। हमारा मानना है कि पाकिस्तान को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।” सीमा पर बढ़ता तनाव सीजफायर उल्लंघन की घटनाएं जम्मू-कश्मीर के कई क्षेत्रों में देखी गई हैं, जिसमें पुंछ, राजौरी और बारामुला शामिल हैं। भारतीय सेना ने इन घटनाओं का मुंहतोड़ जवाब दिया है। सेना के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया गया है।
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Gold

Gold Price Today: 24K Gold ₹1.42 लाख के करीब, Silver ₹2.20 लाख पहुंची

देश में Gold Silver Price Today को लेकर बाजार में हलचल बनी हुई है। गुरुवार को सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली, जबकि चांदी ने तेजी पकड़ ली। 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹189 गिरकर ₹1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वहीं Silver Price में ₹680 की बढ़ोतरी दर्ज की गई और चांदी का भाव करीब ₹2.20 लाख रुपये प्रति किलो पहुंच गया। सोना-चांदी खरीदने वाले ग्राहकों के लिए यह बदलाव अहम है, क्योंकि छोटी सी गिरावट या बढ़ोतरी भी बड़ी खरीदारी पर काफी असर डालती है। खासकर शादी-ब्याह और निवेश के लिए सोना खरीदने वाले लोग लगातार बाजार के रुख पर नजर बनाए हुए हैं। Gold Rate Today: 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने का भाव सोने की कीमत उसकी शुद्धता यानी Carat के हिसाब से तय होती है। बाजार में सबसे ज्यादा मांग 24 कैरेट और 22 कैरेट गोल्ड की रहती है। 24K Gold को सबसे शुद्ध माना जाता है और इसका इस्तेमाल ज्यादातर निवेश के लिए किया जाता है। वहीं 22K Gold से ज्वेलरी तैयार की जाती है क्योंकि यह ज्यादा मजबूत होता है। Silver Price Today: चांदी की कीमतों में उछाल सोने में जहां मामूली गिरावट आई, वहीं चांदी की चमक बढ़ती नजर आई। Silver Price Today में करीब ₹680 की तेजी दर्ज की गई और चांदी ₹2.20 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे औद्योगिक मांग, वैश्विक बाजार की स्थिति और निवेशकों की बढ़ती रुचि को प्रमुख कारण माना जा रहा है। Gold Price में उतार-चढ़ाव क्यों जारी है? सोने और चांदी की कीमतें सिर्फ घरेलू मांग से नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के कई कारणों से प्रभावित होती हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: जब बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक अक्सर सोने को सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर देखते हैं। खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है: क्या अभी Gold खरीदना सही रहेगा? सोने की कीमतें अभी भी रिकॉर्ड स्तरों के आसपास बनी हुई हैं। ऐसे में निवेशकों और ग्राहकों को बाजार की चाल समझकर फैसला लेना चाहिए। छोटी अवधि में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, जबकि लंबे समय के निवेश के लिए सोने को अब भी एक सुरक्षित विकल्प माना जाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Share Market

Share Market Today: निवेशकों के चेहरे पर लौटी मुस्कान, Sensex-Nifty में बढ़त

भारतीय शेयर बाजार (Share Market) में गुरुवार को कारोबार के दौरान सकारात्मक माहौल देखने को मिला। Sensex करीब 200 अंकों की बढ़त के साथ 77,400 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जबकि Nifty 50 में भी करीब 50 अंकों की तेजी दर्ज की गई। बाजार में इस तेजी के पीछे IT और Media सेक्टर के शेयरों में हुई मजबूत खरीदारी को अहम वजह माना जा रहा है। सुबह से ही बाजार में निवेशकों का रुख थोड़ा उत्साहित नजर आया। लंबे समय से उतार-चढ़ाव के बीच कारोबार कर रहे निवेशकों को आज IT कंपनियों और मीडिया स्टॉक्स में बेहतर अवसर दिखाई दिए, जिसके चलते इन सेक्टर के शेयरों में खरीदारी बढ़ी। IT Stocks में तेजी, टेक सेक्टर को मिला सपोर्ट आज के कारोबार में IT Stocks में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों को उम्मीद है कि टेक्नोलॉजी सेक्टर में मांग बढ़ने और कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन से आने वाले समय में इस क्षेत्र को फायदा मिल सकता है। IT शेयरों में आई मजबूती ने बाजार के सेंटीमेंट को भी सकारात्मक बनाया। Media Stocks में भी दिखी बढ़त IT के साथ-साथ Media Stocks में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी। मीडिया कंपनियों के शेयरों में खरीदारी के कारण सेक्टर इंडेक्स में मजबूती देखने को मिली। बाजार में सेक्टर आधारित खरीदारी ने सेंसेक्स और निफ्टी को ऊपर जाने में मदद की। Global Market Signals पर निवेशकों की नजर भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में ग्लोबल संकेतों की अहम भूमिका बनी हुई है। अमेरिकी बाजारों का प्रदर्शन, विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियां, कच्चे तेल की कीमतें और डॉलर-रुपये की चाल पर निवेशक लगातार नजर बनाए हुए हैं। आगे कैसी रह सकती है Market की चाल? बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को बाजार में जल्दबाजी से बचते हुए मजबूत कंपनियों और अच्छे फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। फिलहाल Sensex और Nifty में आई तेजी से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। हालांकि, बाजार की आगे की दिशा घरेलू और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर निर्भर करेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Petrol

Diesel ATF Export Duty Hike: सरकार का बड़ा फैसला, Petrol Export Duty में कटौती

देश में Petrol की सप्लाई को मजबूत बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात से जुड़ा बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी बढ़ा दी है, जबकि पेट्रोल के निर्यात शुल्क में कटौती की गई है। नई एक्सपोर्ट ड्यूटी दरें 16 जुलाई से लागू हो गई हैं। सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब देश में ईंधन की मांग लगातार बढ़ रही है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इस फैसले का उद्देश्य घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देना और बाजार में फ्यूल की उपलब्धता बनाए रखना है। Diesel और ATF Export Duty में बढ़ोतरी क्यों? सरकार ने डीजल और ATF के निर्यात पर शुल्क बढ़ाने का फैसला लिया है। डीजल देश के परिवहन क्षेत्र, उद्योगों और कृषि गतिविधियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण ईंधन है, जबकि ATF विमानन सेक्टर की जरूरतों को पूरा करता है। सरकार चाहती है कि तेल कंपनियां पहले घरेलू बाजार की मांग को पूरा करें, ताकि देश में ईंधन की कमी जैसी स्थिति पैदा न हो। बढ़ी हुई एक्सपोर्ट ड्यूटी से कंपनियों के लिए विदेशों में इन उत्पादों की बिक्री पहले की तुलना में महंगी हो सकती है। Petrol Export Duty हुई कम, क्या बदलेगा? जहां डीजल और ATF पर शुल्क बढ़ाया गया है, वहीं पेट्रोल के निर्यात पर एक्सपोर्ट ड्यूटी घटाई गई है। सरकार का यह फैसला पेट्रोलियम सेक्टर में संतुलन बनाए रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। पेट्रोलियम उत्पादों की मांग, अंतरराष्ट्रीय कीमतों और घरेलू जरूरतों को देखते हुए सरकार समय-समय पर एक्सपोर्ट पॉलिसी में बदलाव करती रहती है। Fuel Supply को लेकर सरकार की बड़ी तैयारी भारत अपनी जरूरतों के लिए कच्चे तेल का बड़े पैमाने पर आयात करता है और उसे रिफाइन करके पेट्रोल, डीजल और अन्य उत्पाद तैयार करता है। ऐसे में घरेलू बाजार में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना सरकार की बड़ी प्राथमिकता है। नई एक्सपोर्ट ड्यूटी व्यवस्था के जरिए सरकार घरेलू खपत और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के बीच संतुलन बनाना चाहती है। आम लोगों पर पड़ेगा क्या असर? इस फैसले का सीधा असर फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ने की संभावना कम है। एक्सपोर्ट ड्यूटी में बदलाव का मुख्य प्रभाव तेल कंपनियों और निर्यातकों पर पड़ेगा। हालांकि, आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी बाजार की स्थिति और रुपये की मजबूती के आधार पर ईंधन कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है। 16 July से लागू हुई नई दरें सरकार द्वारा जारी नई व्यवस्था 16 जुलाई से प्रभावी हो चुकी है। अब तेल कंपनियों को नई एक्सपोर्ट ड्यूटी के अनुसार पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भारत की Energy Security को मजबूत करने और घरेलू बाजार में फ्यूल की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया कदम है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
IMD

IMD Weather UP-Bihar के 18 जिलों में Heavy Rain Alert, Assam-Arunachal में बाढ़ का संकट

देश में मानसून इस समय दो बिल्कुल अलग तस्वीरें दिखा रहा है। एक ओर उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में लगातार बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, वहीं मध्य प्रदेश के कई जिले अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश और बिहार के 18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। दूसरी तरफ असम और अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ ने हजारों परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वहीं मध्य प्रदेश के 35 जिलों में सामान्य से कम बारिश होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। UP-Bihar में Heavy Rain का Alert मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश और बिहार के 18 जिलों में अगले 24 से 48 घंटे के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कई इलाकों में तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें भी अलर्ट मोड पर हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके। Assam Flood: 99 गांव पानी में डूबे असम में लगातार हो रही बारिश ने बाढ़ की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। राज्य के 99 गांव जलमग्न हो चुके हैं और हजारों लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई घरों में पानी घुस गया है, जबकि खेतों में खड़ी फसलें भी डूब गई हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और राहत शिविरों में भोजन, पीने का पानी तथा स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। Arunachal Pradesh में 1 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित अरुणाचल प्रदेश में भी लगातार बारिश और भूस्खलन ने हालात मुश्किल बना दिए हैं। कई नदियां उफान पर हैं और कई सड़कें बंद होने से गांवों का संपर्क टूट गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक करीब एक लाख लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं। प्रशासन राहत सामग्री पहुंचाने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। MP के 35 जिलों में बारिश की कमी, किसानों की बढ़ी चिंता जहां देश के कई हिस्से बाढ़ से जूझ रहे हैं, वहीं मध्य प्रदेश के 35 जिलों में अब भी पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। कम वर्षा के कारण खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है और जलाशयों का जलस्तर भी सामान्य से नीचे बना हुआ है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो फसल उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कुछ जिलों में बारिश की संभावना जताई है, लेकिन फिलहाल सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी IMD ने भारी बारिश वाले राज्यों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों में न जाने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है। ऐसे में जिन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है, वहां लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी। एक ही मानसून, लेकिन अलग-अलग तस्वीर इस बार मानसून ने देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग असर दिखाया है। पूर्वोत्तर, उत्तर प्रदेश और बिहार में लोग बाढ़ और भारी बारिश से जूझ रहे हैं, जबकि मध्य प्रदेश के कई किसान आसमान की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं। मौसम का यह असंतुलन सिर्फ आम जनजीवन ही नहीं, बल्कि खेती और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल रहा है। आने वाले दिनों में मानसून की चाल कैसी रहती है, इस पर लाखों लोगों की उम्मीदें टिकी हैं। फिलहाल प्रशासन, राहत एजेंसियां और मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी आपदा से समय रहते निपटा जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Rohingya

Bay of Bengal Boat Accident: Rohingya शरणार्थियों से भरी दो नावें डूबीं, UN ने जताई गहरी चिंता

Rohingya Boat Tragedy ने एक बार फिर दुनिया को झकझोर दिया है। सुरक्षित जीवन की तलाश में समुद्र का रास्ता चुनने वाले सैकड़ों रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए यह सफर मौत का सफर बन गया। संयुक्त राष्ट्र (UN) की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में दो अलग-अलग नाव हादसों में 500 से अधिक लोगों के डूबने या लापता होने की आशंका है। अगर यह आंकड़ा आधिकारिक रूप से पुष्टि होता है, तो यह हाल के वर्षों की सबसे बड़ी समुद्री मानवीय त्रासदियों में गिना जाएगा। समुद्र में गायब हुईं दो नावें संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के अनुसार, दोनों नावें जून के आखिर में म्यांमार के रखाइन राज्य और बांग्लादेश के कॉक्स बाजार शरणार्थी शिविरों से रवाना हुई थीं। इनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग समेत बड़ी संख्या में रोहिंग्या शरणार्थी सवार थे, जो बेहतर भविष्य की उम्मीद में मलेशिया और अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों की ओर जा रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, एक नाव समुद्र में निकलने के कुछ समय बाद ही लापता हो गई, जबकि दूसरी नाव 8 जुलाई के आसपास खराब मौसम के बीच पलट गई। शुरुआती आकलन में दोनों हादसों में 500 से ज्यादा लोगों के डूबने की आशंका जताई गई है। राहत एजेंसियां अभी भी लापता लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं। आखिर क्यों समुद्र का खतरनाक रास्ता चुन रहे हैं रोहिंग्या? रोहिंग्या समुदाय कई वर्षों से म्यांमार में हिंसा, भेदभाव और नागरिकता से जुड़े संकट का सामना कर रहा है। 2017 में बड़े पैमाने पर हुई सैन्य कार्रवाई के बाद लाखों लोग जान बचाकर बांग्लादेश पहुंचे, जहां वे आज भी शरणार्थी शिविरों में सीमित संसाधनों के बीच जीवन गुजार रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार खराब होती आर्थिक स्थिति, रोजगार की कमी, घटती अंतरराष्ट्रीय सहायता और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद लोगों को मानव तस्करों के भरोसे समुद्री रास्ता अपनाने के लिए मजबूर कर रही है। यह सफर जितना लंबा होता है, उतना ही जानलेवा भी साबित होता है। मानसून बना सबसे बड़ा खतरा बंगाल की खाड़ी में इस समय मानसून का मौसम चल रहा है। तेज हवाएं, ऊंची लहरें और लगातार खराब मौसम छोटी नावों के लिए बेहद खतरनाक साबित होते हैं। इसके बावजूद तस्कर ओवरलोडेड नावों में लोगों को समुद्र के रास्ते भेजते हैं, जिससे ऐसे हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। UN ने जताई गंभीर चिंता संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए क्षेत्र के देशों से अपील की है कि समुद्र में फंसे लोगों की तलाश और बचाव अभियान तेज किए जाएं। साथ ही मानव तस्करी के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई और रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए सुरक्षित एवं कानूनी रास्ते उपलब्ध कराने की जरूरत पर भी जोर दिया गया है। UN का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले महीनों में ऐसे हादसों की संख्या और बढ़ सकती है। Rohingya Crisis पर फिर उठे बड़े सवाल यह हादसा केवल दो नावों के डूबने की घटना नहीं है, बल्कि उस मानवीय संकट की तस्वीर है जो वर्षों से दुनिया के सामने मौजूद है। जब तक म्यांमार में रोहिंग्या समुदाय के लिए सुरक्षित माहौल, नागरिक अधिकार और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक हजारों लोग अपनी जान जोखिम में डालकर समुद्र के रास्ते पलायन करने को मजबूर रहेंगे। फिलहाल राहत एजेंसियां मृतकों और लापता लोगों की वास्तविक संख्या की पुष्टि करने में जुटी हैं। वहीं इस त्रासदी ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि रोहिंग्या संकट का स्थायी समाधान आखिर कब निकलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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