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Big Shock: 19KG Commercial LPG Cylinder ₹993 महंगा, जानिए आपके बिज़नेस पर कितना पड़ेगा असर

19KG Commercial LPG Cylinder की कीमत में ₹993 की भारी बढ़ोतरी, दिल्ली में नया रेट ₹3071.50। जानिए इसका असर होटल, रेस्टोरेंट और आम लोगों पर। डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।देशभर के होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों को बड़ा झटका लगा है। सरकारी तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में ₹993 की भारी बढ़ोतरी कर दी है। अब राजधानी दिल्ली में इस सिलेंडर की कीमत ₹3071.50 हो गई है, जो पहले करीब ₹2078.50 थी। यानी एक ही झटके में लगभग हजार रुपये का इजाफा, जिसने कारोबारियों का बजट बिगाड़ दिया है। क्या बदला और क्या नहीं? किस पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर? इस बढ़ोतरी का सीधा असर इन सेक्टर्स पर पड़ेगा: इन व्यवसायों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर ग्राहकों की जेब पर भी पड़ सकता है। आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं। क्यों बढ़ाई गई कीमत? तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमत, डॉलर-रुपया विनिमय दर और परिवहन लागत के आधार पर दाम तय करती हैं। हाल के समय में ग्लोबल कीमतों में उतार-चढ़ाव इसका बड़ा कारण माना जा रहा है। एक्सपर्ट की राय विशेषज्ञों का मानना है कि: “यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर महंगाई को बढ़ावा दे सकती है, क्योंकि सर्विस सेक्टर में लागत बढ़ेगी और उसका बोझ उपभोक्ताओं पर डाला जाएगा।” आम लोगों पर क्या असर? हालांकि घरेलू गैस सस्ती ही बनी हुई है, लेकिन:
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South India Exit Poll 2026

Exit Poll 2026 South India: असम में BJP मजबूत, तमिलनाडु-केरल में कांटे की टक्कर, पुडुचेरी में NDA आगे

South India Exit Poll 2026 में असम में BJP को बढ़त, तमिलनाडु और केरल में कड़ा मुकाबला, जबकि पुडुचेरी में NDA आगे दिख रहा है। जानिए पूरा विश्लेषण। Exit Poll 2026 ने दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत की राजनीति की तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है।Bharatiya Janata Party असम में मजबूत नजर आ रही है, जबकि तमिलनाडु और केरल में मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है।वहीं पुडुचेरी में NDA को बढ़त मिलती दिख रही है। ASSAM – Stability का वोट, BJP को बढ़त असम में इस बार चुनाव एकतरफा नजर आ रहा है।Exit Poll के अनुसार BJP को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है। 👉 सबसे बड़ा फैक्टर रहा नेतृत्व।Himanta Biswa Sarma की लोकप्रियता और विकास एजेंडा ने वोटरों को प्रभावित किया। 👉 इसके अलावा, महिला और युवा वोट दोनों ही BJP की ओर झुके दिखे। असम में जनता ने स्थिरता और विकास के नाम पर वोट दिया है। TAMIL NADU – DMK आगे, लेकिन नया ट्विस्ट तमिलनाडु में मुकाबला पहले से ज्यादा दिलचस्प हो गया है।Dravida Munnetra Kazhagam बढ़त में है, लेकिन इस बार एक नया फैक्टर सामने आया है। 👉 Vijay की एंट्री ने खासकर युवाओं के वोट को प्रभावित किया। 👉 महिला वोट अभी भी welfare schemes के कारण DMK के साथ बना हुआ है।DMK को बढ़त जरूर है, लेकिन भविष्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दिख रहा है। KERALA – Anti-incumbency का असर केरल में इस बार बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।Exit Poll के मुताबिक सत्ता परिवर्तन की संभावना बढ़ गई है। 👉 Pinarayi Vijayan सरकार के खिलाफ एंटी-इंकम्बेंसी साफ नजर आई। 👉 Educated और middle class वोटर बदलाव के मूड में दिखे। केरल में परंपरा जारी रह सकती है — हर चुनाव में सत्ता बदलने की। यह भी पढ़े- Exit Poll 2026 West Bengal: BJP vs TMC में कांटे की टक्कर , BJP को बढ़त PUDUCHERRY – छोटा राज्य, बड़ा संकेत पुडुचेरी में मुकाबला भले छोटा हो, लेकिन संकेत बड़े हैं।Exit Poll में NDA को बढ़त मिलती दिख रही है। 👉 यहां local leadership और regional मुद्दे ज्यादा प्रभावी रहे। 👉 युवा वोट ने भी परिणाम को प्रभावित किया है।पुडुचेरी का रुझान राष्ट्रीय राजनीति के लिए संकेत दे सकता है। South India Overall Trend (Combined Insight) 👉 Assam → BJP मजबूत👉 Tamil Nadu → DMK बढ़त👉 Kerala → UDF comeback संकेत👉 Puducherry → NDA आगे Final Verdict (Impact Line) 👉 “दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में अलग-अलग मूड, लेकिन हर राज्य में वोटर ने साफ संदेश दिया है।” ➡️असम = Stabilityतमिलनाडु = Transitionकेरल = Changeपुडुचेरी = संकेत Reality Check Exit Poll सिर्फ अनुमान हैं।असली नतीजे काउंटिंग डे पर ही सामने आएंगे।
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West Bengal Exit Poll 2026 Analysis

Exit Poll 2026 West Bengal: BJP vs TMC में कांटे की टक्कर , BJP को बढ़त

Poll of Polls Analysis पश्चिम बंगाल में 2026 का चुनाव सिर्फ सीटों की लड़ाई नहीं रहा, बल्कि यह “Identity vs Change” की सीधी टक्कर बन गया है। Exit Polls के ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि Bharatiya Janata Party और All India Trinamool Congress के बीच मुकाबला बेहद करीबी है।हालांकि BJP को हल्की बढ़त दिख रही है, लेकिन TMC अभी भी मजबूत फाइट में बनी हुई है। West Bengal Poll of Polls (Average Trend) 👉 BJP: 155 – 170 सीट👉 TMC: 120 – 135 सीट👉 Others: 5 – 12 सीट इसलिए साफ है कि मुकाबला एकतरफा नहीं, बल्कि आखिरी तक टक्कर वाला है। Gender Factor – महिला vs पुरुष वोट सबसे पहले, इस चुनाव में महिला वोट निर्णायक भूमिका में दिख रहा है।TMC की योजनाएं जैसे Lakshmir Bhandar ने महिलाओं में मजबूत पकड़ बनाई है। वहीं दूसरी ओर, पुरुष वोटरों में एक अलग ट्रेंड देखने को मिला।बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों के कारण पुरुष वर्ग BJP की ओर झुकता नजर आया। ➡️ इसलिए gender divide इस चुनाव का बड़ा फैक्टर बन गया है। Caste & Community Factor – Polarization का असर इसके अलावा, जातीय और धार्मिक समीकरण भी बेहद अहम रहे। इस वजह से चुनाव में polarization साफ दिखाई दिया।और यही factor कई सीटों पर result को तय कर सकता है। Class Divide – शहर vs गांव अगर वर्ग (class) की बात करें, तो तस्वीर और भी दिलचस्प है। Urban middle class ने BJP को सपोर्ट किया।इसके विपरीत, ग्रामीण और गरीब वर्ग ने TMC की welfare schemes पर भरोसा जताया। इसलिए यह चुनाव “Urban vs Rural” की लड़ाई भी बन गया। CM Face Factor – ममता vs मोदी प्रभाव नेतृत्व की बात करें तो Mamata Banerjee का कनेक्शन अभी भी मजबूत दिखता है।उनकी छवि एक जमीनी और भावनात्मक नेता की बनी हुई है। हालांकि BJP के पास सुधांशु अधिकारी हैं पर राज्य स्तर पर मजबूत CM चेहरा नहीं है,लेकिन Narendra Modi का प्रभाव इस कमी को काफी हद तक पूरा कर रहा है। यह भी पढ़े -Poll of Polls: बंगाल,असम और पांडचुरी में बीजेपी की हैट्रिक, केरल में सत्ता परिवर्तन… Gen-Z & Youth Factor – बदलाव की चाह अब सबसे बड़ा बदलाव युवा वोट में दिख रहा है। पहली बार वोट डालने वाले युवा बदलाव के मूड में नजर आए।सोशल मीडिया का प्रभाव भी इस बार काफी ज्यादा रहा। यही वजह है कि Gen-Z वोट BJP के लिए गेमचेंजर बन सकता है। Final Verdict – किसके साथ है जनता? अगर सभी फैक्टर्स को मिलाकर देखें, तो तस्वीर साफ होती है: 👉 महिला + मुस्लिम वोट = TMC की ताकत👉 पुरुष + युवा वोट = BJP का आधार इसलिए पश्चिम बंगाल में मुकाबला “neck-to-neck” बना हुआ है। पश्चिम बंगाल का Exit Poll यही संकेत देता है कि👉 “सत्ता बदल भी सकती है और बच भी सकती है — फैसला बेहद करीबी होगा।”
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अब पेट्रोल में होगा बड़ा बदलाव! गाड़ियां चलेंगी ‘शराब वाले फ्यूल’ से

भारत सरकार ने पेट्रोल में 85% तक एथेनॉल मिलाने (E85 Fuel) का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। जानिए इसका आपकी गाड़ी, माइलेज और जेब पर क्या असर पड़ेगा। E85 Petrol: देश में फ्यूल सिस्टम बदलने की तैयारी भारत में अब पेट्रोल का खेल बदलने वाला है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाकर E85 (85% एथेनॉल + 15% पेट्रोल) करने का बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस प्रस्ताव के तहत न सिर्फ E85 बल्कि E100 (100% एथेनॉल) फ्यूल को भी शामिल करने की तैयारी है, यानी आने वाले समय में गाड़ियां पूरी तरह “अल्कोहल बेस्ड फ्यूल” पर चल सकती हैं। क्या है E85 Fuel? (Simple भाषा में समझें) अब तक देश में E20 लागू हो चुका है, लेकिन सरकार इससे आगे बढ़कर E85 की दिशा में काम कर रही है। सरकार ऐसा क्यों कर रही है? इस फैसले के पीछे कई बड़े कारण हैं: 👉 तेल आयात पर निर्भरता कम करना👉 पेट्रोल खर्च घटाना👉 पर्यावरण को कम नुकसान (कम कार्बन उत्सर्जन)👉किसानों को फायदा (एथेनॉल गन्ना/मक्का से बनता है) भारत पहले ही E20 लक्ष्य हासिल कर चुका है और अब अगला कदम E85 है। क्या आपकी गाड़ी में चलेगा E85? यह सबसे बड़ा सवाल है 👇 ❌ अभी की ज्यादातर गाड़ियां E85 के लिए तैयार नहीं हैं✔ इसके लिए Flex Fuel Vehicles (FFV) चाहिए होंगी✔ कंपनियों को नई टेक्नोलॉजी लानी पड़ेगी यानी तुरंत बदलाव नहीं होगा, लेकिन आने वाले सालों में नई गाड़ियां इस हिसाब से डिजाइन होंगी। क्या होंगे इसके असर? गाड़ियों पर असर पेट्रोल पंप पर बदलाव आपकी जेब पर असर Auto कंपनियों की चिंता भी बढ़ी ऑटो इंडस्ट्री इस बदलाव को लेकर पूरी तरह तैयार नहीं है। कंपनियों का कहना है कि: आगे क्या होगा? E85 Fuel भारत के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।लेकिन सच यह भी है कि यह बदलाव धीरे-धीरे ही लागू होगा। 👉 अभी के लिए घबराने की जरूरत नहीं👉 लेकिन भविष्य में गाड़ी खरीदते समय “Flex Fuel” जरूर ध्यान में रखें
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Mahapol

Poll of Polls: बंगाल,असम और पांडचुरी में बीजेपी की हैट्रिक, केरल में सत्ता परिवर्तन…

अभी जो स्थिति है, उसका सबसे बड़ा सच ये है कि आज 29 अप्रैल शाम 6:30 बजे के बाद ही सभी टीवी चैनलों और एजेंसियों के ऑफिशियल Exit Polls आए हैं/आ रहे हैं — इसलिए “पूरा Poll of Polls” लगातार अपडेट हो रहा है और अभी final trend बन रहा है। Exit Poll 2026 का सबसे बड़ा निचोड़ (Overall Trend) एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के सर्वे के मुताबिक बीजेपी 88 से 100 सीटें जीत सकती है तो कांग्रेस को 24 से 36 सीटें मिलने का अनुमान है. MATRIZE के एग्जिट पोल के आंकड़ों के मुताबिक, असम में एक बार फिर से भाजपा की सरकार बन सकती है। एग्जिट पोल के अनुसार, असम में BJP गठबंधन को 85-95 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, असम में कांग्रेस गठबंधन के खाते में 25-32 सीटें आने की संभावना है।  West Bengal Exit Poll 2026 में BJP और TMC के बीच कांटे की टक्कर, Poll of Polls में किसकी बन रही सरकार? देखते रहिये पूरी रिपोर्ट। West Bengal Election 2026 के दूसरे चरण में 5 बजे तक बम्वोपर वोटिंग जारी है। TMC और BJP के बीच कांटे की टक्कर, जानिए वोटिंग प्रतिशत, बड़े अपडेट्स और ग्राउंड रिपोर्ट इस LIVE ब्लॉग में। Bengal Election 2026 LIVE: दूसरे चरण में वोटिंग तेज, सभी पुराने रिकार्ड टूटे कोलकाता से ग्राउंड रिपोर्ट Kolkata समेत कई जिलों में आज Bengal Election 2026 के दूसरे चरण के लिए वोटिंग जारी है। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं, जो अभी शाम तक बनी हुई हैं जिससे साफ है कि इस बार मतदाताओं में भारी उत्साह है। सुबह से बढ़िया वोटिंग प्रतिशत दूसरे चरण की वोटिंग में शुरुआती घंटों में ही अच्छा turnout दर्ज किया गया। ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में मतदाता बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।चुनाव आयोग के मुताबिक दोपहर तक मतदान प्रतिशत तेजी से बढ़ा है। पश्चिम बंगाल में दूसरे और अंतिम चरण की 142 विधानसभा सीटों के लिए मतदान जारी है. दूसरे चरण की वोटिंग के बीच भारतीय जनता पार्टी के अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया था कि फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम पर टेप लगा दिए गए हैं, जिससे बीजेपी उम्मीदवार का नाम छिप गया है. अब चुनाव आयोग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ऐसे बूथ पर फिर से मतदान कराने के आदेश दे दिए हैं. Assembly Election Exit Poll 2026 LIVE Updates: पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में मतदान खत्म होने के बाद अब एग्जिट पोल पर सबकी नजर है. शाम 6:30 बजे से शुरुआती अनुमान आने लगेंगे, जो चुनावी तस्वीर का संकेत देंगे.  मुख्य मुकाबला: TMC vs BJP इस चरण में सीधा मुकाबला के बीच माना जा रहा है। TMC जहां अपने विकास और क्षेत्रीय पकड़ के दम पर जीत का दावा कर रही है, वहीं BJP बदलाव के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है। नेताओं की नजर इस चरण पर दोनों पार्टियों के लिए यह चरण बेहद अहम माना जा रहा है। यह भी पढ़े –SIR में अपना नाम सर्च करने के इस लिंक पर क्लिक करे कुछ जगहों पर हल्की झड़प की खबर कई इलाकों से मामूली तनाव और झड़प की खबरें भी सामने आई हैं, हालांकि सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रण में रखा है।चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि हर बूथ पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। क्यों अहम है दूसरा चरण? यही कारण है कि सभी राजनीतिक दलों की नजर इस फेज पर टिकी हुई है। क्या कहता है ग्राउंड मूड? मतदाताओं में इस बार मुद्दे साफ दिख रहे हैं: युवाओं और महिलाओं की भागीदारी भी इस बार ज्यादा देखी जा रही है। West Bengal Election 2026 का दूसरा चरण केवल वोटिंग नहीं, बल्कि सत्ता की दिशा तय करने वाला बड़ा संकेत है। अब देखना होगा कि जनता का रुख किसके पक्ष में जाता है—TMC या BJP। यह भी पढ़े –Kashi दौरा 2026: PM Modi का emotional connect, 2 नई Trains लॉन्च और Reservation पर फोकस
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College Admission 2026 MP: UG-PG के लिए रजिस्ट्रेशन डेट जारी, ये है पूरा शेड्यूल

मध्यप्रदेश में MP College Admission 2026 की प्रक्रिया 5 मई से शुरू होगी। जानें UG-PG रजिस्ट्रेशन, काउंसलिंग, मेरिट लिस्ट, जरूरी डॉक्यूमेंट और पूरा शेड्यूल आसान भाषा में। अगर आप 12वीं या ग्रेजुएशन के बाद कॉलेज एडमिशन का इंतजार कर रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। मध्यप्रदेश में MP College Admission 2026 का पूरा शेड्यूल सामने आ गया है। इस बार प्रोसेस आसान, ऑनलाइन और टाइम-बाउंड रहेगा। कब से शुरू होगी एडमिशन प्रक्रिया? राज्य में UG और PG कोर्सेस के लिए एडमिशन प्रक्रिया 5 मई 2026 से शुरू होगी। इसके अलावा, यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। यानी छात्रों को बार-बार कॉलेज जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कैसे होगा एडमिशन प्रोसेस? एडमिशन का पूरा सिस्टम स्टेप-बाय-स्टेप इस तरह रहेगा: इसलिए, हर स्टेप को ध्यान से पूरा करना जरूरी है। कितने राउंड में होगी काउंसलिंग? इस बार काउंसलिंग को कुल 5 फेज में पूरा किया जाएगा। Main Counselling CLC (College Level Counselling) अगर पहले राउंड में मौका नहीं मिला, तो बाद में भी चांस रहेगा। महत्वपूर्ण तारीखें (Expected Schedule) जरूरी डॉक्यूमेंट्स एडमिशन के समय ये डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें: Important Tips MP College Admission 2026 इस बार पूरी तरह डिजिटल और तेज प्रोसेस पर आधारित है। अगर आप समय पर रजिस्ट्रेशन करते हैं और सही चॉइस भरते हैं, तो अच्छे कॉलेज में एडमिशन मिलने के चांस बढ़ जाएंगे। यह भी पढ़े –3 बार NEET में फेल, IIT Madras भी नहीं मिला… फिर भी बने Data Scientist, संजय बी की कहानी है प्रेरणा
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ईरान पर बातचीत के लिए पाकिस्तान जाएगा अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल, वेंस की यात्रा पर सस्पेंस

Big Update: ईरान होर्मुज खोलने को तैयार, अमेरिका से नाकेबंदी हटाने की मांग, ट्रम्प ने प्रस्ताव ठुकराया

ईरान ने पहली बार होर्मुज खोलने का प्रस्ताव दिया और अमेरिका से समुद्री नाकेबंदी हटाने की अपील की। हालांकि, डोनाल्ड ट्रम्प ने परमाणु मुद्दों के बिना इस प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया। मिडिल ईस्ट संकट के बीच एक बड़ा कूटनीतिक मोड़ सामने आया है। पहली बार ईरान ने नरमी दिखाते हुए होर्मुज खोलने की पेशकश की है। ईरान ने दिया नया प्रस्ताव रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका को नया प्रस्ताव भेजा है। इसमें समुद्री नाकेबंदी हटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की बात कही गई है। The New York Times की रिपोर्ट के अनुसार, तीन ईरानी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। प्रस्ताव की 3 बड़ी शर्तें ईरान ने बातचीत के लिए तीन मुख्य शर्तें रखी हैं: ट्रम्प ने प्रस्ताव को किया खारिज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस प्रस्ताव से सहमत नहीं हैं। CNN के मुताबिक, अमेरिका का मानना है कि अगर पहले होर्मुज खोल दिया गया, तो बातचीत में उसकी स्थिति कमजोर हो सकती है। इसलिए वॉशिंगटन चाहता है कि परमाणु मुद्दे और अन्य विवाद एक साथ सुलझाए जाएं। परमाणु कार्यक्रम बना सबसे बड़ा विवाद ईरान और अमेरिका के बीच सबसे बड़ा टकराव परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। अमेरिका चाहता है कि ईरान 20 साल तक अपना परमाणु कार्यक्रम रोक दे और अपने पास मौजूद 440 किलो समृद्ध यूरेनियम सौंप दे। लेकिन ईरान ने इन शर्तों को अस्वीकार्य बताते हुए ठुकरा दिया है। पहले भी खारिज हो चुका है प्रस्ताव ईरान ने 26 अप्रैल को एक और प्रस्ताव दिया था, जिसमें: हालांकि, डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे भी खारिज कर दिया था। पाकिस्तान के जरिए जारी है बातचीत ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से मुलाकात की है। ईरान, पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका तक अपने प्रस्ताव पहुंचा रहा है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स
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Iran US talks, Middle East war news

Breaking News: ईरान-अमेरिका बातचीत बेनतीजा, पाकिस्तान की भूमिका पर उठे सवाल, ट्रम्प की 3 दिन की चेतावनी

मिडिल ईस्ट संकट के बीच ईरान और अमेरिका की बातचीत में कोई ठोस सहमति नहीं बनी। ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका पर सवाल उठाए, वहीं डोनाल्ड ट्रम्प ने 3 दिन में सीजफायर की चेतावनी दी। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब और गहराता जा रहा है। कूटनीति की कोशिशें जारी हैं, लेकिन हालात अभी भी नियंत्रण से दूर नजर आ रहे हैं। ईरान-अमेरिका बातचीत में नहीं बनी सहमति मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत जारी है। हालांकि, अब तक किसी भी ठोस समझौते पर सहमति नहीं बन पाई है। इससे क्षेत्र में अस्थिरता बनी हुई है। पाकिस्तान की मध्यस्थता पर ईरान ने उठाए सवा ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजई ने पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दोस्त जरूर है, लेकिन वह निष्पक्ष मध्यस्थ नहीं बन सकता।रेजई के मुताबिक, पाकिस्तान अक्सर डोनाल्ड ट्रम्प और अमेरिका के हितों को प्राथमिकता देता है। इस वजह से वह दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाने में सक्षम नहीं है। लगातार पाकिस्तान दौरे से बढ़ी हलचल इस बयान के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 24 घंटे में दो बार पाकिस्तान का दौरा किया। उन्होंने इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख से मुलाकात कर शांति बहाली पर चर्चा की। यह घटनाक्रम क्षेत्रीय राजनीति को और जटिल बना रहा है। ट्रम्प की सख्त चेतावनी: 3 दिन में फैसला करो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास सिर्फ तीन दिन हैं, ताकि वह युद्ध खत्म करने के लिए सीजफायर पर सहमत हो जाए। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि अगर ईरान तेल निर्यात नहीं कर पाया, तो उसकी पाइपलाइन पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है। दबाव बढ़ने से तकनीकी कारणों से विस्फोट हो सकता है, जिससे भारी नुकसान होगा। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स
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Kejriwal

Kejriwal Swarna Kanta Case: हाई कोर्ट में पेश नहीं होंगे केजरीवाल, न्याय की उम्मीद टूटी

Kejriwal Swarna Kanta case में बड़ा मोड़: केजरीवाल ने हाई कोर्ट में पेश होने से इनकार किया और कहा कि न्याय की उम्मीद टूट गई है। जानें पूरा मामला। Kejriwal Swarna Kanta case में बड़ा मोड़: केजरीवाल ने हाई कोर्ट में पेश होने से इनकार किया और कहा कि न्याय की उम्मीद टूट गई है। जानें पूरा मामला। Kejriwal Swarna Kanta case में क्या हुआ? इस Kejriwal Swarna Kanta case में केजरीवाल ने पत्र के जरिए साफ कहा कि उनकी न्यायपालिका में विश्वास खो गया है। जस्टिस स्वर्णकांता का रुख हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bengal crude bomb case

Bengal Crude Bomb Case: TMC कार्यकर्ता के घर से बम बरामद, NIA जांच शुरू

Bengal crude bomb case में बड़ा खुलासा हुआ है, जहां TMC कार्यकर्ता से जुड़े घर से दर्जनों बम बरामद हुए हैं। अब NIA जांच शुरू हो चुकी है। जानिए पूरी घटना और चुनाव पर इसका असर। Bengal crude bomb case ने चुनावी माहौल में बड़ा सनसनीखेज मोड़ ला दिया है। इस Bengal crude bomb case में पश्चिम बंगाल के भांगड़ इलाके से एक TMC से जुड़े व्यक्ति के घर से भारी मात्रा में कच्चे बम बरामद हुए हैं, जिसके बाद अब जांच राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गई है। Bengal crude bomb case में क्या हुआ? इस Bengal crude bomb case में पुलिस ने दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ क्षेत्र में छापेमारी के दौरान दर्जनों कच्चे बम बरामद किए। NIA investigation Bengal: क्यों बढ़ी जांच? इस Bengal crude bomb case की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच National Investigation Agency को सौंप दी है। आगे क्या होगा? अब इस Bengal crude bomb case में NIA की जांच तय करेगी: यह भी पढ़े -500 Crore का ‘क्लब नेटवर्क’! ममता बनर्जी के समर्थन में जुटे 1 लाख क्लब, क्या BJP को पड़ेगा भारी?
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अक्षर पटेल का ऑलराउंड शो, शुभमन गिल की कप्तानी पारी; भारत ने इंग्लैंड को 6 विकेट से हराकर पहला वनडे जीता

बर्मिंघम। ऑलराउंडर अक्षर पटेल के शानदार प्रदर्शन और कप्तान शुभमन गिल की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने इंग्लैंड को पहले वनडे मुकाबले में 6 विकेट से हराकर सीरीज में विजयी शुरुआत की। एजबेस्टन मैदान पर खेले गए मैच में भारत ने 259 रन के लक्ष्य को 45.2 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 262 रन बनाकर हासिल कर लिया। अक्षर पटेल ने नाबाद 57 रन बनाए, जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने भी नाबाद 52 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को जीत तक पहुंचाया। कप्तान शुभमन गिल ने 80 रन बनाए, लेकिन मैच के दौरान क्रैम्प्स की समस्या के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा। शुरुआती झटकों के बाद गिल ने संभाली पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। रोहित शर्मा 11 रन और विराट कोहली 5 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर ने तीसरे विकेट के लिए 101 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम की पारी को संभाला। श्रेयस 35 रन बनाकर रनआउट हुए, जबकि केएल राहुल बोल्ड होकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने जिम्मेदारी संभालते हुए पांचवें विकेट के लिए 102 रन की अविजित साझेदारी की और भारत को शानदार जीत दिलाई। जो रूट और लियाम डॉसन ने इंग्लैंड को संभाला इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने 47.5 ओवर में 258 रन बनाए। इंग्लैंड की शुरुआत मजबूत रही और टीम ने 61 रन तक कोई विकेट नहीं गंवाया, लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने जोरदार वापसी करते हुए महज 19 रन के भीतर 5 विकेट झटक दिए। मध्यक्रम में जो रूट ने 76 रन और लियाम डॉसन ने 68 रन की अहम पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 121 रन की साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। अक्षर पटेल ने गेंद और बल्ले दोनों से निभाई अहम भूमिका भारतीय गेंदबाजों में अक्षर पटेल सबसे सफल रहे। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट अपने नाम किए। वहीं प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार ने 2-2 विकेट हासिल किए। जसप्रीत बुमराह और शिवम दुबे को एक-एक सफलता मिली। गेंद और बल्ले दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अक्षर पटेल ने टीम इंडिया की जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई और भारत ने सीरीज की शानदार शुरुआत की। क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

CAG रिपोर्ट में जल जीवन मिशन की पोल: छत्तीसगढ़ में 33% नल कनेक्शन गैर-कार्यशील, ‘हर घर जल’ लक्ष्य भी अधूरा

रायपुर। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन (JJM) के क्रियान्वयन को लेकर कई गंभीर खामियों का खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार कमजोर योजना, धीमा क्रियान्वयन, निगरानी की कमी और गलत रिपोर्टिंग के कारण ग्रामीण पेयजल योजनाओं की प्रभावशीलता और दीर्घकालिक स्थिरता प्रभावित हुई है। मार्च 2024 तक की अवधि पर आधारित ‘छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन का प्रदर्शन ऑडिट’ रिपोर्ट मंगलवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभा में पेश की। रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य सरकार ने इसके लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया, जबकि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद मिशन के कार्यों में तेजी आई है। योजना निर्माण में गंभीर खामियां CAG की रिपोर्ट के मुताबिक जल जीवन मिशन के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। कई स्थानों पर गांव स्तर की कार्ययोजना तैयार किए बिना ही जिला स्तरीय योजनाएं बना दी गईं, जबकि राज्य स्तरीय कार्ययोजना तैयार ही नहीं की गई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि राज्य स्तर पर जल सुरक्षा योजना नहीं बनाई गई, जिससे जल स्रोतों की दीर्घकालिक उपलब्धता और योजनाओं के रखरखाव की स्पष्ट रणनीति विकसित नहीं हो सकी। 33 प्रतिशत नल कनेक्शन निकले गैर-कार्यशील रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2025 तक 50 लाख ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था। जनवरी 2025 तक 40.10 लाख फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) लगाए गए। हालांकि, इनमें से 13.31 लाख (करीब 33%) कनेक्शन गैर-कार्यशील पाए गए। इसके पीछे सूख चुके जल स्रोत, अधूरी ओवरहेड टंकियां, बिजली कनेक्शन का अभाव और सोलर पंप स्थापित नहीं होना प्रमुख कारण बताए गए हैं। ‘हर घर जल’ लक्ष्य भी अधूरा राज्य के 19,656 गांवों को मार्च 2024 तक ‘हर घर जल’ प्रमाणित किया जाना था, लेकिन केवल 716 गांव (3.64 प्रतिशत) ही इस लक्ष्य तक पहुंच सके। ऑडिट में ऐसे मामले भी सामने आए, जहां अधूरे कार्यों के बावजूद गांवों को ‘हर घर जल’ प्रमाणित कर दिया गया। किसी भी जिले में 100% कवरेज नहीं मार्च 2024 तक राज्य के 33 में से किसी भी जिले और 146 में से किसी भी विकासखंड में 100 प्रतिशत नल जल कवरेज नहीं था। योजनाओं की प्रगति बेहद धीमी रिपोर्ट के अनुसार जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत 29,153 सिंगल विलेज स्कीम में से मार्च 2024 तक केवल 172 योजनाएं पूरी हो सकीं। इनमें भी सिर्फ 32 ग्राम पंचायतों को योजनाओं का संचालन सौंपा गया। वहीं, स्वीकृत 70 मल्टी विलेज स्कीम में से मार्च 2025 तक एक भी योजना पूरी नहीं हो सकी, जिससे करीब 9.85 लाख घरों तक सतही जल स्रोतों से पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य प्रभावित हुआ। सोलर आधारित योजनाओं में भी अनियमितताएं CAG ने पाया कि कई सोलर आधारित पेयजल योजनाओं में निर्धारित क्षमता से अधिक नल कनेक्शन जोड़ दिए गए। इसके कारण 28,984 परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। वित्तीय और गुणवत्ता संबंधी कमियां रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य सरकार केंद्र और राज्यांश मिलाकर 6,480.04 करोड़ रुपये की आवश्यक वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल रही। साथ ही मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जिला खनिज न्यास (DMF), सांसद निधि और CSR जैसी योजनाओं के संसाधनों के समन्वय के लिए भी कोई प्रभावी रणनीति नहीं बनाई गई। जल गुणवत्ता जांच की व्यवस्था कमजोर राज्य की 75 जल परीक्षण प्रयोगशालाओं में से केवल 4 प्रयोगशालाएं ही सभी 13 निर्धारित जल गुणवत्ता मानकों की जांच करने में सक्षम पाई गईं। इसके अलावा 37 प्रतिशत प्रयोगशालाओं को NABL की मान्यता प्राप्त नहीं थी। रिपोर्ट में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी निर्धारित मानकों के अनुसार जल गुणवत्ता जांच नहीं होने की बात कही गई है। CAG की प्रमुख सिफारिशें रिपोर्ट में सरकार को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं— सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को ठहराया जिम्मेदार CAG रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि दिसंबर 2023 में भाजपा सरकार बनने के बाद जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार मिशन को खराब स्थिति में छोड़कर गई थी, जिसके कारण परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की समय-सीमा 2024 से बढ़ाकर 2028 तक कर दी है। मार्च 2026 में स्वीकृत मिशन के दूसरे चरण को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा सके।

रायपुर में 16 जुलाई को निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ की परंपरा

रायपुर। राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ की विश्वविख्यात रथयात्रा 16 जुलाई को धार्मिक आस्था, वैदिक परंपराओं और भव्य आयोजन के साथ निकाली जाएगी। वहीं बाहुड़ा यात्रा 24 जुलाई को आयोजित होगी। मंदिर परिसर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र तथा माता सुभद्रा के तीनों रथों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रथयात्रा से पहले 14 जुलाई की शाम 6 बजे भगवान का नेत्रोत्सव आयोजित किया जाएगा। यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सांस्कृतिक एकता, भाईचारे और सनातन परंपरा का भी प्रतीक माना जाता है। भक्त और भगवान के मिलन का महापर्व श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष एवं विधायक पुरंदर मिश्रा ने बताया कि रथयात्रा भक्तों और भगवान के प्रत्यक्ष मिलन का महापर्व है। वर्ष में केवल इसी अवसर पर भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मंदिर से बाहर निकलकर श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं। 11 वैदिक पंडित कराएंगे विशेष पूजन रथयात्रा के दिन सुबह 11 वैदिक पंडितों के सान्निध्य में भगवान का विशेष अभिषेक, पूजन और हवन कराया जाएगा। चंदन, केसर, कस्तूरी, कपूर सहित विभिन्न सुगंधित द्रव्यों से भगवान का दिव्य स्नान कराया जाएगा। इसके बाद भगवान को गजामूंग महाप्रसाद अर्पित किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और मंगल वाद्यों की गूंज के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा अपने-अपने रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान करेंगे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ की परंपरा रथयात्रा की सबसे प्रमुख परंपराओं में शामिल ‘छेरा पहरा’ का निर्वहन इस वर्ष भी किया जाएगा। परंपरा के अनुसार राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भगवान के रथ के आगे सोने की झाड़ू से मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई करेंगे। यह परंपरा सेवा, समर्पण और विनम्रता का संदेश देती है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। भजन, झांकियों और लोकनृत्य से गूंजेगा शहर रथयात्रा के दौरान महिला मंडलों द्वारा भजन-कीर्तन, आकर्षक सांस्कृतिक झांकियां और पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। “जय जगन्नाथ” के जयघोष के साथ मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा। श्रद्धालुओं से की गई विशेष अपील श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति ने प्रदेशभर के श्रद्धालुओं से सपरिवार रथयात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने और सनातन संस्कृति की इस गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बनने की अपील की है। रायपुर और छत्तीसगढ़ की धार्मिक, सांस्कृतिक और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, सरकार और बोर्ड से 10 दिन में मांगा जवाब

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की नई थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि “कोई भी भाषा सीखना कभी बेकार नहीं जाता।” हालांकि, नीति को लागू करने में सामने आ रही व्यावहारिक चुनौतियों को देखते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार, CBSE और संबंधित पक्षों से 10 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी। यह नीति शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू की गई है। इसके तहत छात्रों को दो भारतीय भाषाएं और एक विदेशी भाषा पढ़नी होगी। इससे कई छात्रों को पहले से पढ़ी जा रही भाषाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। क्या है विवाद? याचिकाकर्ताओं का कहना है कि CBSE ने पर्याप्त तैयारी के बिना नई भाषा नीति लागू कर दी है। उनके मुताबिक कई स्कूलों में संबंधित भाषाओं के शिक्षक, पाठ्यपुस्तकें और आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, जिससे छात्रों और शिक्षकों दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी से जुड़े अहम सवाल और जवाब 1. मामला क्या है? सुप्रीम कोर्ट में CBSE के उस नियम को चुनौती दी गई है, जिसके तहत 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य किया गया है। इनमें कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है। हालांकि, CBSE ने 6 जून को संशोधित दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया था कि इस वर्ष कक्षा 10 के छात्रों को तीसरी भाषा (R3) की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। 2. नए नियम में क्या बदलाव हुआ है? पहले कई छात्र अंग्रेजी के साथ एक भारतीय और एक विदेशी भाषा (जैसे फ्रेंच या जर्मन) पढ़ते थे। नए नियम के अनुसार अब तीन भाषाओं में से कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना अनिवार्य है। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में ही चुनी जा सकेगी। 3. याचिका किसने दायर की? यह याचिका छात्र यशिका भंडारी, अमनदीप कौर और अर्पण रॉय चौधरी की ओर से दायर की गई है। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद ग्रोवर, मुकुल रोहतगी और गोपाल शंकरनारायणन ने पैरवी की। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने की। 4. याचिकाकर्ताओं की मुख्य आपत्ति क्या है? याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नई व्यवस्था अचानक लागू कर दी गई। कई भारतीय भाषाओं की किताबें उपलब्ध नहीं हैं और अधिकांश स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षक भी नहीं हैं। ऐसे में छात्रों और स्कूलों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। 5. किताबों को लेकर क्या दलील दी गई? सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कहा कि 22 भारतीय भाषाओं में से फिलहाल केवल तीन भाषाओं की पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हैं। ऐसे में बाकी भाषाओं की पढ़ाई शुरू करना व्यवहारिक रूप से कठिन होगा। 6. शिक्षकों की कमी पर क्या कहा गया? याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि नई भारतीय भाषाएं पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की आवश्यकता होगी, लेकिन इतने कम समय में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण संभव नहीं है। 7. क्या विदेशी भाषाएं बंद हो जाएंगी? नहीं। छात्र फ्रेंच, जर्मन, जापानी जैसी विदेशी भाषाएं पढ़ सकते हैं, लेकिन इसके साथ उन्हें दो भारतीय भाषाएं भी पढ़नी होंगी। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में होगी। 8. क्या तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा होगी? नहीं। CBSE ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा (R3) का अलग बोर्ड एग्जाम नहीं होगा, ताकि छात्रों पर अतिरिक्त परीक्षा का दबाव न बढ़े। 9. अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार केंद्र सरकार, CBSE और NCERT अपना जवाब दाखिल करेंगे। इसके बाद 29 जुलाई को अदालत इस मामले में आगे की सुनवाई करेगी। नई शिक्षा नीति 2020 क्या है? भारत सरकार ने 29 जुलाई 2020 को नई शिक्षा नीति (NEP 2020) को मंजूरी दी थी। यह 34 वर्षों बाद देश की शिक्षा व्यवस्था में किया गया सबसे बड़ा बदलाव माना जाता है। इससे पहले शिक्षा नीति 1986 में लागू हुई थी, जिसे 1992 में संशोधित किया गया था। नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना, छात्रों में व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकसित करना है। केंद्र सरकार ने इसे चरणबद्ध तरीके से 2030 तक लागू करने का लक्ष्य रखा है। चूंकि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची का विषय है, इसलिए इसे लागू करने में केंद्र और राज्य सरकारों दोनों की भूमिका होती है। देश, शिक्षा और करियर से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

बिलासपुर: CM हेल्पलाइन शिकायतों के खराब निराकरण पर PHE के ईई को नोटिस, कलेक्टर ने अधिकारियों को लगाई फटकार

बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर संचालित सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की समीक्षा बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं मिलने पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने पीएचई विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) रूपेश कुमार धनंजय को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। टीएल (समय-सीमा) बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निपटारा करने के बजाय उनका गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने समय-सीमा का पालन करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी। एकल शिक्षकीय स्कूलों में जल्द होंगे अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने एकल शिक्षकीय स्कूलों में तत्काल अतिथि शिक्षक नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं भी ली जाएं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। जर्जर स्कूल भवनों में नहीं लगेंगी कक्षाएं कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जर्जर भवनों में किसी भी स्थिति में कक्षाएं संचालित नहीं की जाएं। ऐसे विद्यालयों के लिए वैकल्पिक भवन की व्यवस्था करने और नए भवन या अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के प्रस्ताव शीघ्र भेजने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को भी लगाई फटकार जिला खनिज न्यास (DMF) से जुड़े कार्यों की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए डीएमएफ की राशि का प्रभावी और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए। बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें। बिलासपुर और छत्तीसगढ़ की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

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