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PM Modi on Oil Crisis, Work From Home India,

Gulf War Oil Crisis: PM मोदी की देशवासियों से बड़ी अपील, बोले- पेट्रोल-डीजल बचाइए”

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट के बीच बढ़ती तेल कीमतों को लेकर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से ईंधन बचाने की अपील की है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत को आने वाले आर्थिक दबाव से बचाने के लिए अब पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल “बहुत संयम” के साथ करना होगा। हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने लोगों से कहा कि जहां संभव हो वहां Work From Home (WFH) अपनाया जाए, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाया जाए और कारपूलिंग को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ऑनलाइन मीटिंग्स को भी फिर से प्राथमिकता देने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक हालात के कारण भारत पर विदेशी मुद्रा का दबाव बढ़ सकता है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के रूप में आयात करता है। ऐसे में हर लीटर पेट्रोल और डीजल की बचत देश की अर्थव्यवस्था को राहत दे सकती है। विदेशी यात्रा और गोल्ड खरीदने पर भी सलाह पीएम मोदी ने लोगों से फिलहाल गैर-जरूरी विदेशी यात्राएं टालने और शादी-ब्याह में सोने की खरीद कम करने की भी अपील की। उनका कहना था कि मौजूदा वैश्विक संकट में देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। क्या फिर लौटेगा कोविड वाला WFH कल्चर? प्रधानमंत्री की अपील के बाद सोशल मीडिया और कॉर्पोरेट सेक्टर में फिर से Work From Home को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि एशिया के कई देश बढ़ती तेल कीमतों के बीच कोविड काल जैसी रणनीतियों पर विचार कर रहे हैं। हालांकि सरकार की ओर से किसी तरह के लॉकडाउन या अनिवार्य WFH को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। सरकार ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं इस बीच भारतीय तेल कंपनियों ने साफ किया है कि देश में फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और सप्लाई सामान्य बनी हुई है। कंपनियों ने अफवाहों से बचने की अपील की है।
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Himanta Biswa Sarma, Assam CM 2026

असम में फिर लौटेगा BJPराज, दूसरी बार CM बनेंगे Himanta Biswa Sarma

पूर्वोत्तर की राजनीति में एक बार फिर बड़ा फैसला सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की बैठक में Himanta Biswa Sarma को सर्वसम्मति से नेता चुना गया है। इसके साथ ही अब वह लगातार दूसरी बार और कुल मिलाकर तीसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, शपथ ग्रहण समारोह 12 मई को गुवाहाटी में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah समेत NDA के कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है। 2026 असम विधानसभा चुनाव में BJP के नेतृत्व वाले NDA ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत से कहीं ज्यादा सीटें हासिल कीं। चुनाव परिणामों में BJP ने 126 में से 82 सीटें जीतकर राज्य में अपनी मजबूत पकड़ साबित की। चुनाव जीतने के बाद Himanta Biswa Sarma ने कहा कि अब सरकार का फोकस “योजनाओं को जमीन पर उतारने” पर रहेगा और अगले पांच साल विकास व इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम होंगे। इससे पहले नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने मंत्रिमंडल के साथ राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया था।
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Tamil Nadu CM Vijay, C Joseph Vijay,

Breaking News: “कोई दूसरा Power Center नहीं होगा” — CM विजय का पहला बड़ा संदेश

तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने शपथ के बाद अपने पहले भाषण में साफ कहा कि सरकार में कोई दूसरा पावर सेंटर नहीं होगा। जानिए उन्होंने जनता से क्या बड़े वादे किए। चेन्नई से नई राजनीति की शुरुआत तमिलनाडु की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। टीवीके चीफ और अभिनेता से नेता बने सी जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपने पहले संबोधन में साफ संदेश दिया कि उनकी सरकार में “कोई दूसरा Power Center नहीं होगा।” चेन्नई में आयोजित शपथ समारोह के बाद मुख्यमंत्री विजय ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और पारदर्शिता के सिद्धांतों पर चलेगी। उन्होंने कहा कि जनता से किए गए सभी वादे चरणबद्ध तरीके से पूरे किए जाएंगे। “वादे पूरे होंगे, लेकिन धीरे-धीरे” अपने पहले भाषण में विजय ने जल्दबाजी से बचने का संकेत देते हुए कहा कि सरकार हर फैसले को योजनाबद्ध तरीके से लागू करेगी। उन्होंने कहा कि जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया है और उनकी सरकार उस भरोसे को टूटने नहीं देगी। मुख्यमंत्री विजय ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार में अंतिम निर्णय उन्हीं का होगा और किसी समानांतर शक्ति केंद्र की कोई भूमिका नहीं होगी। राजनीतिक गलियारों में उनके इस बयान को बड़ा संकेत माना जा रहा है। सामाजिक न्याय और सेक्युलर मॉडल पर जोर विजय ने कहा कि उनकी सरकार हर वर्ग के लिए काम करेगी। युवाओं, महिलाओं और गरीब तबकों को प्राथमिकता देने की बात करते हुए उन्होंने रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े सुधारों का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की पहचान सामाजिक न्याय और प्रगतिशील सोच से रही है और उनकी सरकार उसी मॉडल को आगे बढ़ाएगी। राजनीति में नई शैली? फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए विजय के मुख्यमंत्री बनने को तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। उनके पहले ही भाषण ने यह साफ कर दिया है कि वे अपनी सरकार पर पूरी पकड़ रखना चाहते हैं और नेतृत्व को लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं छोड़ना चाहते।
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Yogi Cabinet Expansion 2026,

Breaking News: योगी सरकार 2.0 का बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार, 8 मंत्रियों ने ली शपथ

लखनऊ में रविवार को योगी आदित्यनाथ सरकार 2.0 का दूसरा बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार हुआ। राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कुल 8 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इनमें 2 नेताओं को कैबिनेट मंत्री बनाया गया, जबकि 2 राज्य मंत्रियों को प्रमोशन देकर स्वतंत्र प्रभार दिया गया। इस विस्तार में भाजपा ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है। पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और समाजवादी पार्टी से आए मनोज पांडे को कैबिनेट मंत्री बनाया गया। वहीं अजीत पाल सिंह और सोमेंद्र तोमर को स्वतंत्र प्रभार का दर्जा मिला। इसके अलावा कृष्णा पासवान, सुरेंद्र डिलेर, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत को राज्य मंत्री के रूप में शामिल किया गया है। इस विस्तार के बाद योगी सरकार में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 60 के करीब पहुंच गई है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने ओबीसी, दलित और पूर्वांचल-बुंदेलखंड क्षेत्रों को साधने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। पार्टी संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी फोकस दिखा। समारोह में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath, राज्यपाल Anandiben Patel समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। विपक्ष ने इस विस्तार को चुनावी रणनीति बताया है।
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Historic Bengal: सुवेंदु अधिकारी बने पश्चिम बंगाल के पहले BJP मुख्यमंत्री, शपथ के बाद PM मोदी के छुए पैर

पश्चिम बंगाल में इतिहास रचते हुए सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के पहले BJP मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शपथ समारोह में PM मोदी, अमित शाह और NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। Historic Bengal: सुवेंदु अधिकारी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, बंगाल में पहली बार BJP सरकार कोलकाता में शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की राजनीति का सबसे बड़ा अध्याय लिखा गया, जब भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के पहले भारतीय जनता पार्टी मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। सुवेंदु अधिकारी ने बांग्ला भाषा में ईश्वर के नाम पर शपथ लेकर समारोह को भावनात्मक और ऐतिहासिक बना दिया। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने पूरे समारोह का केंद्र बना दिया। सुवेंदु अधिकारी मंच से उतरकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास पहुंचे और उनके पैर छुए। प्रधानमंत्री ने उन्हें गले लगाकर शुभकामनाएं दीं। इस दृश्य पर कार्यक्रम स्थल तालियों से गूंज उठा। 4 मंत्रियों ने भी ली शपथ सुवेंदु अधिकारी के साथ भाजपा के चार वरिष्ठ नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पाल, निषिथ प्रमाणिक और अशोक शामिल रहे। माना जा रहा है कि नई सरकार बंगाल में संगठन और प्रशासन दोनों स्तर पर बड़े बदलाव की तैयारी में है। समारोह में दिखा शक्ति प्रदर्शन कोलकाता में आयोजित इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, NDA सहयोगी दलों के नेता और भाजपा शासित राज्यों के लगभग 20 मुख्यमंत्री मौजूद रहे। समारोह पूरी तरह शक्ति प्रदर्शन में बदल गया, जहां भाजपा ने बंगाल में अपनी ऐतिहासिक जीत का संदेश पूरे देश को देने की कोशिश की। टैगोर को श्रद्धांजलि समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मंच पर टैगोर की तस्वीर के सामने प्रधानमंत्री कुछ क्षण रुके और नमन किया। भाजपा नेताओं ने इसे बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने वाला संदेश बताया। 98 वर्षीय कार्यकर्ता का सम्मान बना सबसे भावुक पल कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा के 98 वर्षीय कार्यकर्ता माखनलाल सरकार का सम्मान किया। मंच पर पहुंचते ही प्रधानमंत्री सीधे उनके पास गए, उन्हें शॉल ओढ़ाई और फिर उनके पैर छुए। यह दृश्य देखकर पूरा सभागार भावुक हो गया। माखनलाल सरकार ने प्रधानमंत्री को गले लगाया और कुछ देर तक दोनों मंच पर साथ खड़े रहे। भाजपा नेताओं ने इसे “कार्यकर्ता सम्मान” की सबसे बड़ी मिसाल बताया। बंगाल की राजनीति में नया दौर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के साथ राज्य की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत हो चुकी है। लंबे समय बाद सत्ता परिवर्तन ने बंगाल की राजनीतिक दिशा बदल दी है। अब सबकी नजर नई सरकार के पहले फैसलों और प्रशासनिक रणनीति पर रहेगी।
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NS Raja Subramani CDS, New CDS of India, Chief of Defence Staff India, Anil Chauhan Retirement, Indian Army News, CDS Appointment 2026, Bipin Rawat CDS, Defence Ministry India

Big Breaking: लेफ्टिनेंट जनरल NS राजा सुब्रमणि होंगे भारत के नए CDS, अनिल चौहान की लेंगे जगह

भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि को नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया। वे 30 मई 2026 के बाद जनरल अनिल चौहान की जगह संभालेंगे। भारत को मिला नया CDS, मोदी सरकार ने किया बड़ा ऐलान भारत सरकार ने देश के अगले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि (PVSM, AVSM, SM, VSM – सेवानिवृत्त) को देश का नया CDS नियुक्त किया गया है। वर्तमान CDS जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। इसके बाद एन.एस. राजा सुब्रमणि देश की तीनों सेनाओं के सर्वोच्च सैन्य अधिकारी की जिम्मेदारी संभालेंगे। सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, वे पदभार ग्रहण करने के साथ ही सैन्य मामलों के विभाग (Department of Military Affairs) में सचिव की भूमिका भी निभाएंगे। कौन हैं NS राजा सुब्रमणि? लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि भारतीय सेना के सबसे अनुभवी और रणनीतिक अधिकारियों में गिने जाते हैं। वे 1 सितंबर 2025 से राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) में सैन्य सलाहकार के तौर पर कार्यरत हैं। इससे पहले उन्होंने भारतीय सेना में कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। उनका सैन्य करियर: रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चीन और हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों के बीच उनका अनुभव भारत के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। क्या होता है CDS का पद? चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ यानी CDS भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के बीच तालमेल स्थापित करने वाला सर्वोच्च सैन्य पद होता है। यह पद 2020 में मोदी सरकार ने बनाया था ताकि तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय और आधुनिक युद्ध रणनीति तैयार की जा सके। CDS रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग का प्रमुख भी होता है। बिपिन रावत थे भारत के पहले CDS 1 जनवरी 2020 को यह पद अस्तित्व में आने के बाद जनरल Bipin Rawat भारत के पहले CDS बने थे। हालांकि 8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में उनका निधन हो गया था, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। इसके बाद जनरल अनिल चौहान को नया CDS नियुक्त किया गया था। अब जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को संभालेंगे। क्यों अहम मानी जा रही यह नियुक्ति? भारत इस समय चीन सीमा, हिंद महासागर, साइबर युद्ध और आधुनिक सैन्य तकनीक जैसी कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में नए CDS की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि NS राजा सुब्रमणि का अनुभव और रणनीतिक सोच आने वाले वर्षों में भारतीय सेना के आधुनिकीकरण और थिएटर कमांड सिस्टम को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।
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Tamil Nadu Government Formation 2026, Vijay TVK,

Tamil Nadu Political Drama: बहुमत के बिना फंसे विजय! सरकार गठन पर सस्पेंस, राज्यपाल ने अब तक नहीं दिया न्योता

Tamil Nadu Government Formation 2026: विजय की TVK सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद सरकार गठन पर सस्पेंस जारी। राज्यपाल ने अब तक सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया। तमिलनाडु की राजनीति इस समय जबरदस्त सस्पेंस और सत्ता संघर्ष के दौर से गुजर रही है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत से दूर होने के कारण सरकार गठन अब तक अधर में लटका हुआ है। राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने अभी तक विजय को सरकार बनाने का औपचारिक न्योता नहीं दिया है, जिससे राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। विपक्ष इसे “लोकतंत्र की परीक्षा” बता रहा है, जबकि समर्थक इसे संवैधानिक प्रक्रिया कह रहे हैं। 108 सीटें जीतकर भी क्यों फंसी TVK? 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 है। विजय की Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) ने चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीतीं, लेकिन सरकार बनाने के लिए उसे 10 और विधायकों के समर्थन की जरूरत थी। इसके बाद कांग्रेस ने सबसे पहले TVK को समर्थन देने का ऐलान किया। कांग्रेस के 5 विधायकों के साथ TVK का आंकड़ा 113 तक पहुंचा, लेकिन फिर भी बहुमत से पीछे था। राजनीतिक समीकरण तब बदले जब CPI, CPI(M), VCK और IUML जैसी पार्टियों ने भी विजय को समर्थन देने का फैसला किया। इसके बाद TVK का आंकड़ा 120 तक पहुंच गया।फिर भी राज्यपाल क्यों नहीं दे रहे न्योता? सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ था कि जब TVK बहुमत का दावा कर रही है, तो राज्यपाल सरकार गठन का निमंत्रण क्यों नहीं दे रहे? राजभवन सूत्रों के मुताबिक शुरुआत में कुछ सहयोगी दलों के समर्थन पत्र औपचारिक रूप से नहीं पहुंचे थे। इसी वजह से राज्यपाल ने विजय को तुरंत न्योता नहीं दिया। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों और संवैधानिक विशेषज्ञों के बीच बहस छिड़ गई। कई नेताओं ने कहा कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते विजय को पहले मौका मिलना चाहिए था और बहुमत साबित करने की जिम्मेदारी विधानसभा फ्लोर टेस्ट में तय होनी चाहिए। तीसरी बार राज्यपाल से मिले विजय सरकार गठन की कोशिशों के बीच विजय लगातार सक्रिय नजर आए। उन्होंने तीन दिनों में तीसरी बार राज्यपाल से मुलाकात की और समर्थन देने वाले दलों के पत्र भी सौंपे। इसके बाद चेन्नई में TVK समर्थकों ने बड़े स्तर पर जश्न मनाया। विजय ने CPI और CPI(M) कार्यालय जाकर वाम दलों के नेताओं का समर्थन के लिए धन्यवाद भी दिया। यह पहली बार था जब उन्होंने सार्वजनिक तौर पर इन दलों के साथ इतनी नजदीकी दिखाई। DMK और INDIA गठबंधन में बढ़ी बेचैनी कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन दिए जाने से DMK और INDIA गठबंधन के भीतर भी असहजता बढ़ गई है। राजनीतिक जानकार इसे तमिलनाडु की राजनीति में “नई पारी” मान रहे हैं। वहीं BJP ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी दल के साथ सरकार गठन में शामिल नहीं होगी और जनता के जनादेश का सम्मान करेगी। क्या विजय बन पाएंगे मुख्यमंत्री? अब लगभग साफ माना जा रहा है कि समर्थन जुटाने के बाद विजय सरकार बनाने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक जल्द ही शपथ ग्रहण की तारीख का आधिकारिक ऐलान हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह तमिलनाडु की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव होगा, क्योंकि दशकों बाद राज्य में DMK और AIADMK के बाहर कोई नई ताकत सत्ता तक पहुंचेगी।
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Bengal CM Face Final: सुवेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री, अमित शाह ने किया ऐलान

West Bengal New CM 2026: सुवेंदु अधिकारी को BJP विधायक दल ने नेता चुना। अमित शाह ने कोलकाता में उनके नाम का ऐलान किया। रूपा गांगुली बनेंगी डिप्टी CM। श्चिम बंगाल की राजनीति में आखिरकार वह ऐतिहासिक पल आ ही गया जिसका इंतजार पूरे देश को था। BJP विधायक दल की बैठक में सुवेंदु अधिकारी को नेता चुन लिया गया है और अब वही पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री होंगे। कोलकाता के कन्वेंशन सेंटर में हुई हाई-वोल्टेज बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आधिकारिक तौर पर उनके नाम का ऐलान किया। 15 साल बाद बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ BJP पहली बार राज्य में अपनी सरकार बनाने जा रही है। पार्टी के अंदर लंबे मंथन और कई दौर की चर्चाओं के बाद सुवेंदु अधिकारी के नाम पर अंतिम सहमति बनी। दो डिप्टी CM के साथ बनेगी नई सरकार BJP ने बंगाल में संतुलन साधने के लिए दो उपमुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक अभिनेत्री से नेता बनीं रूपा गांगुली के नाम पर डिप्टी CM के तौर पर मुहर लग चुकी है। वहीं दूसरा डिप्टी CM उत्तर बंगाल से आने वाला पुरुष विधायक होगा, जिसकी घोषणा जल्द की जाएगी। राजनीतिक जानकार इसे BJP की “सोशल और रीजनल बैलेंसिंग स्ट्रैटेजी” मान रहे हैं। उत्तर बंगाल में पार्टी को भारी समर्थन मिला था और इसी वजह से वहां से भी मजबूत प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है। कल होगा भव्य शपथ ग्रहण समारोह नई सरकार का शपथ ग्रहण कल सुबह 10 बजे कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होगा। BJP इसे “बंगाल विजय दिवस” की तरह पेश कर रही है। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, कई केंद्रीय मंत्री और NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को हाई-सिक्योरिटी जोन में बदल दिया है। BJP कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। कोलकाता की सड़कों पर पार्टी समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है। ममता को हराकर बने बंगाल की राजनीति के सबसे बड़े चेहरे सुवेंदु अधिकारी वही नेता हैं जिन्होंने 2021 में नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराकर राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई थी। इस बार भी उन्होंने भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को शिकस्त देकर बंगाल की राजनीति का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया। उन्होंने नंदीग्राम से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुवेंदु अधिकारी की आक्रामक शैली, संगठन पर पकड़ और जमीनी नेटवर्क ने BJP को बंगाल में ऐतिहासिक जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई। 207 सीटों के साथ BJP का ऐतिहासिक प्रदर्शन पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में BJP ने 294 में से 207 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया है। वहीं TMC को करारी हार का सामना करना पड़ा। यह जीत सिर्फ सरकार बदलने तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे बंगाल की राजनीति में “नई वैचारिक शुरुआत” के तौर पर देखा जा रहा है। अब नजरें कल के शपथ ग्रहण समारोह और नई सरकार के पहले फैसलों पर टिकी हैं।
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Nashik TCS Case, Nida Khan

BREAKING: 40 दिन बाद गिरफ्तार हुई निदा खान! नासिक TCS कांड में मालेगांव-मलेशिया कनेक्शन की जांच तेज

नासिक TCS धर्मांतरण और यौन शोषण मामले में मुख्य आरोपी निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब मोबाइल, डायरी और कथित मालेगांव-मलेशिया नेटवर्क की जांच में जुटी है। BREAKING: 40 दिन तक फरार रही निदा खान आखिरकार गिरफ्तार, नासिक TCS कांड में नए खुलासों से हड़कंप महाराष्ट्र के चर्चित नासिक TCS कांड में बड़ा मोड़ आ गया है। लगभग 40 दिनों से फरार चल रही मुख्य आरोपी निदा खान को आखिरकार पुलिस ने छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियों की नजर उसके मोबाइल फोन, निजी डायरी और कथित धर्मांतरण नेटवर्क पर टिक गई है। पुलिस के अनुसार, निदा खान पिछले चार दिनों से छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव स्थित कैसर कॉलोनी के एक फ्लैट में छिपकर रह रही थी। उसके साथ उसके माता-पिता, भाई और मौसी भी मौजूद थे। नासिक SIT, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम पिछले दो दिनों से उस फ्लैट पर नजर रखे हुए थी। देर रात हुई कार्रवाई में उसे दबोच लिया गया। कौन है निदा खान? निदा खान देश की बड़ी IT कंपनी TCS की नासिक यूनिट में कार्यरत थी, लेकिन मामला सामने आने के बाद कंपनी ने उसे निलंबित कर दिया। उसके खिलाफ बलात्कार, यौन शोषण, मानसिक प्रताड़ना और कथित धर्मांतरण के लिए दबाव डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में इससे पहले भी छह कर्मचारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन पुलिस को सबसे ज्यादा तलाश निदा खान की थी क्योंकि जांच एजेंसियां उसे पूरे कथित नेटवर्क की “मुख्य कड़ी” मान रही हैं। पुलिस को कैसे मिला सुराग? सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को तकनीकी निगरानी और कुछ संदिग्ध संपर्कों के जरिए निदा खान की लोकेशन का इनपुट मिला था। इसके बाद नारेगांव इलाके में लगातार निगरानी रखी गई। जैसे ही पुलिस को पुष्टि हुई कि निदा फ्लैट के अंदर मौजूद है, टीम ने देर रात कार्रवाई कर उसे हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे तुरंत नासिक ले जाया गया, जहां JMFC जज के समक्ष पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया गया। FIR में क्या-क्या आरोप? FIR में दर्ज आरोपों के मुताबिक, कार्यस्थल पर कुछ महिला कर्मचारियों पर इस्लामी परंपराएं अपनाने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि: जांच एजेंसियों का दावा है कि एक पीड़िता का नाम बदलकर “हानिया” रखने और उसे नौकरी के नाम पर मलेशिया भेजने की योजना भी बनाई जा रही थी। मोबाइल और डायरी से खुल सकते हैं बड़े राज SIT का मानना है कि निदा खान का मोबाइल फोन और निजी डायरी इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी साबित हो सकते हैं। जांचकर्ताओं को शक है कि: इसी वजह से पुलिस उसकी कस्टोडियल पूछताछ पर जोर दे रही है। गर्भावस्था का हवाला देकर मांगी थी राहत गिरफ्तारी से पहले निदा खान ने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर करते हुए खुद को दो महीने की गर्भवती बताया था और सुरक्षा की मांग की थी। हालांकि अदालत ने SIT की दलीलों को अहम मानते हुए राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मामले की गंभीरता और जांच में आरोपी की भूमिका को देखते हुए हिरासत में पूछताछ जरूरी है। राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज इस केस के सामने आने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति भी गरमा गई है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी बहस जारी है। एक पक्ष इसे संगठित धर्मांतरण नेटवर्क बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष जांच पूरी होने से पहले निष्कर्ष निकालने से बचने की बात कह रहा है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और डिजिटल सबूतों की जांच के बाद कई और बड़े खुलासे संभव हैं।
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Shuvendu Adhikari PA shot dead, Chandranath Rath murder

Breaking News: शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या

पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणामों के बाद हिंसा के बीच बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या। जानिए पूरी घटना, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और जांच की ताज़ा अपडेट। Breaking News: बंगाल में खूनी सियासत! शुभेंदु अधिकारी के सबसे करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद जारी हिंसा अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। बुधवार देर रात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में बीजेपी नेता और संभावित मुख्यमंत्री चेहरे Suvendu Adhikari के निजी सहायक और करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रात करीब 10:20 बजे चंद्रनाथ रथ अपनी कार से बारासात स्थित घर लौट रहे थे। इसी दौरान दो बाइक पर आए हमलावरों ने मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके में उनकी कार को ओवरटेक कर रोक लिया और बेहद करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हमलावरों ने करीब 10 राउंड फायरिंग की, जिनमें से कई गोलियां रथ को लगीं। उनके साथ मौजूद ड्राइवर और एक अन्य सहयोगी भी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। “ये प्री-प्लान्ड मर्डर है” — शुभेंदु अधिकारी घटना के बाद बीजेपी नेता Suvendu Adhikari ने इसे “पूर्व नियोजित हत्या” बताया। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार अधिकारी ने दावा किया कि कई दिनों से रेकी की जा रही थी और इसके बाद हमला किया गया। बीजेपी नेताओं ने सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा है। वहीं दूसरी ओर All India Trinamool Congress ने भी घटना की निंदा करते हुए कोर्ट मॉनिटरिंग में CBI जांच की मांग की है। कौन थे चंद्रनाथ रथ? चंद्रनाथ रथ पूर्व भारतीय वायुसेना कर्मी बताए जा रहे हैं। वे पिछले कई वर्षों से शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी सहयोगी थे और चुनावी रणनीति से लेकर संगठनात्मक काम तक संभालते थे। बीजेपी के अंदर उन्हें अधिकारी का सबसे भरोसेमंद चेहरा माना जाता था। बंगाल में चुनाव बाद हिंसा क्यों बढ़ रही है? पश्चिम बंगाल में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद कई जिलों से हिंसा, आगजनी, हमले और राजनीतिक झड़पों की खबरें सामने आ रही हैं। पुलिस के अनुसार चुनाव परिणाम आने के बाद अब तक 200 से ज्यादा FIR दर्ज की जा चुकी हैं और सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कोलकाता और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस CCTV फुटेज खंगाल रही है और हमलावरों की तलाश जारी है। राजनीतिक माहौल हुआ और गर्म इस हत्या के बाद बंगाल की राजनीति पूरी तरह उबाल पर है। बीजेपी इसे “लोकतंत्र पर हमला” बता रही है, जबकि टीएमसी हिंसा के लिए बीजेपी समर्थकों को जिम्मेदार ठहरा रही है। आने वाले दिनों में यह मामला बंगाल की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है। यह भी पढ़े –Bengal Political Crisis 2026: 9 May को BJP Government की शपथ
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Bhopal

Sealing Action पर Bhopal में बवाल: व्यापारियों और पुलिस में भिड़ंत, शंख-डमरू बजाकर प्रदर्शन

Bhopal में Sealing Action को लेकर व्यापारियों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। कार्रवाई के विरोध में जुटे कारोबारियों और पुलिस के बीच मंगलवार को धक्का-मुक्की हो गई। कुछ व्यापारियों ने बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके दौरान कुछ कारोबारी गिर गए। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। Sealing के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में व्यापारी बड़ी संख्या में एकजुट हुए। कारोबारियों का कहना है कि कार्रवाई से उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर वे प्रशासन और सरकार के सामने अपनी बात रखने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर व्यापारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इसी बीच कुछ कारोबारी बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ गए। पुलिस और व्यापारियों के बीच इसी दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। बैरिकेड्स के पास हुई धक्का-मुक्की प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब व्यापारियों ने पुलिस के बैरिकेड्स को हटाने की कोशिश की। आगे बढ़ने की कोशिश में कुछ कारोबारी गिर गए। पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। हालांकि, कुछ देर बाद स्थिति को संभाल लिया गया। इस घटनाक्रम के बाद मौके पर मौजूद व्यापारियों में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर नाराजगी और बढ़ती दिखाई दी। थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार से लगाई गुहार व्यापारियों के विरोध का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार की ‘सद्बुद्धि’ के लिए विरोध जताया। व्यापारियों का कहना था कि उनकी समस्याओं को सुना जाए और सीलिंग कार्रवाई को लेकर सरकार उनकी मांगों पर विचार करे। प्रदर्शनकारियों ने अपने विरोध के जरिए सरकार और प्रशासन तक संदेश पहुंचाने की कोशिश की। उनका कहना है कि वे टकराव नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए समस्या का समाधान चाहते हैं। व्यापारियों की मांग पर अब नजर भोपाल में Sealing Action को लेकर हुए इस प्रदर्शन ने प्रशासन और कारोबारियों के बीच चल रहे विवाद को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार और प्रशासन व्यापारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं। फिलहाल प्रदर्शन के दौरान पुलिस और व्यापारियों के बीच हुई धक्का-मुक्की के बाद मामला चर्चा में है। व्यापारियों का विरोध यह संकेत दे रहा है कि सीलिंग कार्रवाई का मुद्दा अभी शांत होने वाला नहीं है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Rahul Gandhi

Bus में नाबालिग से कथित गैंगरेप, 47 KM तक चलता रहा सफर; Rahul Gandhi ने पूछा- Checking क्यों नहीं?

दिल्ली-NCR में चलती स्लीपर बस के अंदर नाबालिग छात्रा के साथ कथित गैंगरेप का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बस करीब 47 किलोमीटर तक चलती रही, लेकिन रास्ते में किसी चेकपोस्ट पर उसकी जांच नहीं हुई। मामले में बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया गया है। घटना सामने आने के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जब बस इतने लंबे रूट से होकर गुजरी तो पुलिस और प्रशासन को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? बारिश और अंधेरे के बीच बस में बैठी छात्रा रिपोर्टों के मुताबिक, नाबालिग छात्रा बारिश और अंधेरे के बीच रास्ता भटककर ग्रेटर नोएडा के परी चौक इलाके में पहुंची थी। वह नोएडा में अपने रिश्तेदार के पास जाने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान एक स्लीपर बस वहां पहुंची। आरोप है कि ड्राइवर और कंडक्टर ने छात्रा को मदद का भरोसा देकर बस में बैठाया। इसके बाद बस दिल्ली की तरफ बढ़ गई। पुलिस के अनुसार, परी चौक से कश्मीरी गेट तक का सफर करीब 47 किलोमीटर का था। इसी सफर के दौरान छात्रा के साथ कथित अपराध हुआ। एक दिन पहले भी आरोपियों पर गंभीर आरोप जांच में यह बात भी सामने आई है कि घटना से एक दिन पहले भी ड्राइवर और कंडक्टर पर छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बस और उससे जुड़े अन्य सबूतों को कब्जे में लिया है। CCTV फुटेज समेत दूसरे डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों की भी जांच की जा रही है। Driver और Conductor गिरफ्तार पुलिस ने मामले में बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बस किस रास्ते से गुजरी और रास्ते में किन-किन जगहों पर रुकी। बस की जांच भी की जा रही है ताकि घटना से जुड़े जरूरी सबूत जुटाए जा सकें। Bus में पर्दे, CCTV को लेकर भी सवाल स्लीपर बसों में यात्रियों की Privacy के लिए पर्दे लगाए जाते हैं, लेकिन इसी व्यवस्था ने सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। रिपोर्टों में बस में CCTV की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में सवाल है कि लंबी दूरी तक चलने वाली स्लीपर बसों में यात्रियों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त Monitoring क्यों नहीं होती? Rahul Gandhi ने Police Checking पर उठाए सवाल मामले पर राहुल गांधी ने सरकार और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक नाबालिग के साथ बस के अंदर इतनी गंभीर घटना हुई और वाहन करीब 47 किलोमीटर तक चलता रहा। उन्होंने सवाल किया कि रास्ते में मौजूद पुलिस व्यवस्था को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। उन्होंने बसों की Checking और Monitoring को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की। राहुल गांधी ने इस घटना का संदर्भ देते हुए Nirbhaya Case की याद भी दिलाई और कहा कि वर्षों बाद भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर वही सवाल सामने आना चिंताजनक है। 47 KM का सफर और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल इस घटना ने दिल्ली-NCR की Public Transport Safety पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। आखिर सड़कों पर चलने वाली बसों की Monitoring किस तरह होती है? क्या संदिग्ध बसों की नियमित Checking होती है? क्या हर स्लीपर बस में CCTV और Emergency Support की पर्याप्त व्यवस्था है? ये सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल रोजाना हजारों लोग करते हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की तस्वीर साफ होगी। यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि Public Transport में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सिस्टम की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Messi

Messi ने लिया बड़ा फैसला: Argentina के लिए International Football से Retirement

फुटबॉल प्रेमियों के लिए 31 अगस्त 2026 का दिन हमेशा याद रहेगा। दुनिया के महानतम फुटबॉलरों में शामिल Lionel Messi ने Argentina की National Team से International Football को अलविदा कह दिया। 39 साल के मेसी ने Instagram पर एक भावुक पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। करीब 21 साल तक अर्जेंटीना की जर्सी पहनने के बाद उनका यह फैसला करोड़ों फैंस के लिए भावुक कर देने वाला है। Instagram Post में छलका Messi का दर्द मेसी ने अपने Instagram पोस्ट में बताया कि राष्ट्रीय टीम से विदा लेना उनके लिए आसान नहीं था। उन्होंने माना कि यह फैसला उन्हें अंदर तक दुख पहुंचा रहा है, लेकिन अब उन्हें लगता है कि इस अध्याय को बंद करने का समय आ गया है। मेसी ने यह भी कहा कि उन्होंने अर्जेंटीना के लिए खेलते हुए हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। उनके लिए National Team की जर्सी सिर्फ एक जर्सी नहीं, बल्कि गर्व और भावनाओं से जुड़ी रही है। उन्होंने अपने परिवार, साथियों, कोचों और फैंस का भी शुक्रिया अदा किया। 2026 World Cup Final के बाद लिया फैसला मेसी के मुताबिक उन्होंने 2026 FIFA World Cup Final के बाद ही International Football से हटने के बारे में गंभीरता से सोचना शुरू कर दिया था। फाइनल में Argentina को Spain के खिलाफ 1-0 से हार मिली थी। इस हार के बाद मेसी ने अपने भविष्य पर विचार किया। बाद में उनके पिता जॉर्ज मेसी के निधन ने भी इस कठिन दौर को और भावुक बना दिया। आखिरकार उन्होंने राष्ट्रीय टीम से विदाई लेने का फैसला सार्वजनिक कर दिया। Argentina के लिए Messi का शानदार सफर मेसी ने 2005 में Argentina की Senior Team के लिए अपना International Debut किया था। शुरुआती दौर में उन्हें कई बड़ी निराशाओं का सामना करना पड़ा। विश्व कप और Copa América के फाइनल में मिली हार ने उनके करियर पर सवाल भी खड़े किए, लेकिन मेसी ने कभी हार नहीं मानी। समय के साथ कहानी बदली। 2021 में Argentina ने Copa América जीता, इसके बाद 2022 में Messi की कप्तानी में टीम ने Qatar World Cup की ट्रॉफी उठाई। 2024 में Argentina ने फिर Copa América अपने नाम किया। 2026 में टीम World Cup Final तक पहुंची, हालांकि इस बार Spain से हार गई। Argentina के लिए 207 Matches और 125 Goals International career खत्म करते समय मेसी अपने पीछे ऐसे आंकड़े छोड़ गए हैं, जिन्हें पार करना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होगा। Argentina के लिए Messi के प्रमुख आंकड़े: इन उपलब्धियों के साथ मेसी अर्जेंटीना के फुटबॉल इतिहास में हमेशा एक खास जगह बनाए रखेंगे। एक दौर का हुआ अंत मेसी का सफर सिर्फ आंकड़ों या ट्रॉफियों की कहानी नहीं है। एक समय ऐसा भी था जब उन पर अर्जेंटीना को बड़ी ट्रॉफी नहीं दिला पाने का दबाव था। लेकिन उन्होंने आलोचनाओं के बीच वापसी की और आखिरकार वही हासिल किया, जिसका सपना उन्होंने बचपन से देखा था। 2022 World Cup जीत के बाद मेसी और Argentina के बीच वह रिश्ता पूरा हुआ, जिसका इंतजार लंबे समय से था। अब International Football से उनकी विदाई के साथ अर्जेंटीना की टीम में एक नए दौर की शुरुआत होगी। अब Messi को Argentina की जर्सी में नहीं देख पाएंगे फैंस मेसी ने अपने संदेश में संकेत दिया कि युवा खिलाड़ियों के लिए अब आगे आने का समय है। उन्होंने कहा कि वह Argentina को अब एक खिलाड़ी की तरह नहीं, बल्कि एक फैन की तरह सपोर्ट करेंगे। दुनियाभर से मेसी के लिए श्रद्धांजलि और शुभकामनाओं का सिलसिला शुरू हो गया है। Argentina के राष्ट्रपति Javier Milei ने भी मेसी को धन्यवाद देते हुए उनकी तारीफ की। फुटबॉल की दुनिया में कई महान खिलाड़ी आए और गए, लेकिन Lionel Messi और Argentina की कहानी अलग रहेगी। एक ऐसा खिलाड़ी जिसने आलोचना भी झेली, हार भी देखी और आखिरकार अपने देश को World Cup जिताकर अपने सपने को पूरा किया। अब Argentina की जर्सी में मेसी का अध्याय भले खत्म हो गया हो, लेकिन उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों तक याद की जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Uttarakhand

Uttarakhand Flood: बारिश और Landslide से मची तबाही, कार बही; Chitrakoot में 80 घर हुए जमींदोज

पहाड़ों से लेकर मैदान तक बारिश ने एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। Uttarakhand में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच कहीं सड़क पर तेज बहाव में कार बह गई तो कहीं पहाड़ से आया मलबा घरों में जा घुसा। इन हादसों में कई लोगों की जान चली गई। दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के बढ़े जलस्तर ने गांवों में तबाही मचा दी है। यहां 80 से ज्यादा कच्चे मकान ढहने की खबर है। बारिश और बाढ़ की वजह से कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। सड़कें बंद होने, भूस्खलन और जलभराव के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और राहत टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रही हैं। Uttarakhand में बारिश बनी आफत, अल्मोड़ा में घर में घुसा मलबा उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में भारी बारिश के दौरान पहाड़ी से आया मलबा एक मकान में घुस गया। हादसे में एक परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा और मलबा हटाकर फंसे लोगों को निकालने का अभियान चलाया गया। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर पहाड़ों से मलबा सड़कों पर आने की वजह से यातायात भी प्रभावित हुआ है। देहरादून में तेज बहाव में बही कार देहरादून में भी बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ। तेज बहाव के बीच एक कार बह गई। वाहन में सवार लोगों को बचाने के लिए SDRF की टीम ने अभियान चलाया। हादसे में दो लोगों की मौत हुई, जबकि एक महिला को सुरक्षित बचा लिया गया। इस घटना ने भारी बारिश के दौरान नदी-नालों और तेज बहाव वाले रास्तों पर सावधानी बरतने की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। बारिश के दौरान सामान्य दिखने वाली सड़क पर भी अचानक पानी का बहाव खतरनाक हो सकता है। Kedarnath Yatra पर भी मौसम का असर भारी बारिश का असर केदारनाथ यात्रा पर भी देखने को मिल रहा है। बारिश और भूस्खलन के कारण यात्रा मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई है। संवेदनशील स्थानों पर प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। श्रद्धालुओं को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा करने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है। पहाड़ी रास्तों पर मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रा रोकने या कुछ समय के लिए आगे बढ़ने से रोकने का फैसला भी लिया जा सकता है। Chitrakoot Flood: मंदाकिनी नदी के उफान से 80 से ज्यादा घर गिरे उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में भी बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से कई निचले इलाकों में पानी पहुंच गया। परसौंजा गांव में बाढ़ के कारण 80 से ज्यादा कच्चे मकानों के गिरने की जानकारी सामने आई है। कई परिवारों के सामने अब रहने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। बाढ़ के पानी से घरों में रखा अनाज, कपड़े और घरेलू सामान भी खराब हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि अचानक बढ़े पानी ने हालात संभालने का मौका कम दिया। UP के कई जिलों में Flood का असर चित्रकूट के अलावा उत्तर प्रदेश के दूसरे जिलों में भी नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रयागराज में गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर का असर निचले इलाकों में दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए प्रशासन और राहत दल सक्रिय हैं। वाराणसी समेत गंगा किनारे के कई इलाकों में भी जलस्तर बढ़ने से घाटों और आसपास के क्षेत्रों पर असर पड़ा है। तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। बारिश से बढ़ी लोगों की मुश्किलें उत्तराखंड में पहाड़ी मलबा, भूस्खलन और तेज बहाव लोगों के लिए चुनौती बना हुआ है, तो उत्तर प्रदेश में नदियों का बढ़ता जलस्तर चिंता बढ़ा रहा है। कहीं घर टूट रहे हैं तो कहीं सड़क और रास्ते पानी में डूब रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मौसम को देखते हुए लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी-नालों के पास जाने से बचें और स्थानीय प्रशासन की चेतावनी को नजरअंदाज न करें। Uttarakhand Rain और UP Flood की यह तस्वीर बताती है कि मानसून सिर्फ बारिश नहीं, बल्कि पहाड़ और मैदान दोनों के लिए बड़ी चुनौती लेकर आया है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर सभी की नजर बनी रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Goa

Goa से Delhi जा रही Flight में अचानक खराबी, 14 हजार फीट से वापस लौटा विमान

गोवा (Goa) से दिल्ली जा रही IndiGo की फ्लाइट को मंगलवार को उड़ान के दौरान अचानक वापस लौटना पड़ा। विमान करीब 14 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंच चुका था, तभी इंजन से जुड़ी तकनीकी समस्या सामने आई। पायलट ने बिना जोखिम लिए विमान को वापस गोवा लाने का फैसला किया। इसके बाद Goa Airport पर फ्लाइट की सुरक्षित Emergency Landing कराई गई। घटना के बाद कुछ समय के लिए यात्रियों के बीच भी चिंता का माहौल रहा। हालांकि राहत की बात यह रही कि विमान में सवार यात्रियों और क्रू मेंबर्स को किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। उड़ान के कुछ देर बाद सामने आई परेशानी रिपोर्ट्स के मुताबिक, IndiGo की फ्लाइट 6E 2102 ने सुबह करीब 9:16 बजे गोवा से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। विमान ने कुछ दूरी तय की और लगभग 14 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचा। इसी दौरान इंजन में तकनीकी खराबी का पता चला। स्थिति को देखते हुए पायलट ने तुरंत Air Traffic Control (ATC) से संपर्क किया। विमान को दिल्ली ले जाने के बजाय वापस गोवा ले जाने का निर्णय लिया गया। Goa Airport पर Full Emergency घोषित विमान के वापस लौटने की जानकारी मिलने के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ा दिए गए। रिपोर्टों के अनुसार, करीब 9:30 बजे ATC ने Full Emergency घोषित की। एयरपोर्ट पर जरूरी आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट कर दिया गया था। कुछ समय बाद विमान ने मनोहर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, गोवा पर सुरक्षित लैंडिंग की। लैंडिंग के बाद यात्रियों को विमान से बाहर निकाला गया। यात्रियों ने ली राहत की सांस इंजन में खराबी की जानकारी मिलने से विमान में बैठे यात्रियों के लिए पल थोड़ा तनावपूर्ण जरूर रहा होगा। लेकिन क्रू की सतर्कता और समय पर लिए गए फैसले से स्थिति नियंत्रण में रही। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, किसी यात्री या क्रू सदस्य के घायल होने की खबर नहीं है। विमान के सुरक्षित उतरने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। अब विमान की Technical Inspection इमरजेंसी लैंडिंग के बाद विमान को जांच के लिए रखा गया है। तकनीकी टीम इंजन और विमान के दूसरे हिस्सों की जांच कर रही है। अभी यह साफ नहीं हुआ है कि इंजन में किस वजह से खराबी आई थी। जांच पूरी होने के बाद ही खराबी की सही वजह सामने आएगी। साथ ही यह भी तय होगा कि विमान को दोबारा उड़ान के लिए कब अनुमति दी जाएगी। Safety Protocol ने संभाली स्थिति हवाई यात्रा के दौरान तकनीकी खराबी सामने आना यात्रियों के लिए चिंता का कारण बन सकता है। इस मामले में भी स्थिति गंभीर हो सकती थी, लेकिन पायलट और ATC ने समय रहते जरूरी कदम उठाए। विमान को दिल्ली ले जाने के बजाय वापस गोवा लाने का फैसला किया गया और एयरपोर्ट पर Emergency Landing की तैयारी की गई। फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित हैं और विमान की तकनीकी जांच जारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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