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Trump का दावा: IRAN ने सुप्रीम लीडर बनने का दिया प्रस्ताव, मैंने ठुकराया

Trump का दावा: IRAN ने सुप्रीम लीडर बनने का दिया प्रस्ताव, मैंने ठुकराया

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। ट्रम्प के अनुसार, Iran ने उन्हें अपना सुप्रीम लीडर बनने का प्रस्ताव दिया था, जिसे उन्होंने साफ तौर पर ठुकरा दिया। ट्रम्प ने कहा कि उन्हें किसी दूसरे देश का नेता बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनका पूरा ध्यान हमेशा United States और वहां के लोगों पर रहा है। हालांकि, ट्रम्प के इस बयान पर अभी तक ईरान की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा जरूर पैदा करते हैं, लेकिन इनकी सच्चाई की पुष्टि होना भी उतना ही जरूरी है। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण बने हुए हैं। ऐसे में ट्रम्प का यह दावा और भी ज्यादा सुर्खियों में आ गया है। फिलहाल, इस मामले को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे गंभीरता से ले रहे हैं, तो कुछ इसे सिर्फ एक राजनीतिक बयान मान रहे हैं। ज्यादा अपडेट्स के लिए विजिट करें: Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MP Board 5th, 8th Result 2026: आज जारी होंगे नतीजे, ऐसे करें चेक

MP Board 5th, 8th Result 2026: आज जारी होंगे नतीजे, ऐसे करें चेक

मध्य प्रदेश के लाखों छात्रों का इंतजार आज खत्म होने जा रहा है। MP Board Class 5th और 8th का रिजल्ट 2026 आज जारी किया जाएगा। छात्र अपना रिजल्ट Samagra ID या Roll Number की मदद से ऑनलाइन देख सकेंगे। रिजल्ट जारी होने के बाद बच्चे और उनके माता-पिता काफी उत्साहित नजर आएंगे, क्योंकि यह उनके पूरे साल की मेहनत का परिणाम है। कैसे चेक करें MP Board 5th, 8th Result 2026? छात्र नीचे दिए गए आसान स्टेप्स से अपना रिजल्ट देख सकते हैं: क्या-क्या जानकारी होगी रिजल्ट में? रिजल्ट में छात्रों को ये जरूरी जानकारी मिलेगी: छात्रों के लिए खास संदेश रिजल्ट सिर्फ नंबर नहीं होता, बल्कि यह आपके प्रयास और सीखने की यात्रा का एक हिस्सा है। जिन छात्रों का रिजल्ट उम्मीद के अनुसार नहीं आए, वे निराश न हों—आगे और भी मौके मिलेंगे। Desh Har Pal पर पढ़ें पूरी जानकारी MP Board Result 2026 से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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इस हफ्ते Government Jobs की बंपर सौगात: रेलवे में 11,127 पद, SSB में 1924 वैकेंसी, कुल 17,682 मौके

इस हफ्ते Government Jobs की बंपर सौगात: रेलवे में 11,127 पद, SSB में 1924 वैकेंसी, कुल 17,682 मौके

देशभर के युवाओं के लिए इस हफ्ते राहत भरी खबर सामने आई है। Government Jobs की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग विभागों में कुल 17,682 पदों पर भर्ती निकली है। खास बात यह है कि इनमें से कई पदों के लिए सिर्फ 10वीं पास योग्यता भी मांगी गई है। रेलवे में 11,127 पदों पर भर्ती भारतीय रेलवे ने इस हफ्ते सबसे ज्यादा भर्तियां निकाली हैं। रेलवे की यह भर्ती उन उम्मीदवारों के लिए सुनहरा मौका है, जो कम शैक्षणिक योग्यता के बावजूद स्थायी नौकरी चाहते हैं। SSB में 1924 कॉन्स्टेबल पद सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने भी युवाओं के लिए अच्छी खबर दी है। कुल मिलाकर 17,682 नौकरियां इस हफ्ते अलग-अलग सरकारी विभागों में मिलाकर: युवाओं के लिए क्यों खास है ये मौका? आज के समय में जहां नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, वहीं इतनी बड़ी संख्या में वैकेंसी निकलना युवाओं के लिए उम्मीद की किरण है।खासकर छोटे शहरों और गांवों के युवाओं के लिए ये भर्तियां उनके सपनों को पूरा करने का जरिया बन सकती हैं। अधिक जानकारी के लिए इन भर्तियों से जुड़ी पूरी जानकारी, आवेदन प्रक्रिया और अपडेट्स के लिए विजिट करें:Desh Har Pal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IPL 2026: इस साल होगा सबसे बड़ा सीजन, 84 मैच खेले जाएंगे

IPL 2026: इस साल होगा सबसे बड़ा सीजन, 84 मैच खेले जाएंगे

क्रिकेट फैंस के लिए इस साल का Indian Premier League (IPL) बेहद खास होने वाला है। IPL 2026 अब तक का सबसे बड़ा सीजन बनने जा रहा है, जिसमें कुल 84 मुकाबले खेले जाएंगे। इस बार टूर्नामेंट की शुरुआत 28 मार्च से होगी और पूरे देश में क्रिकेट का जबरदस्त माहौल देखने को मिलेगा। क्या है इस बार खास? फैंस के लिए डबल एंटरटेनमेंट इस बार IPL का फॉर्मेट बड़ा होने से हर टीम को खुद को साबित करने के ज्यादा मौके मिलेंगे। इससे न सिर्फ टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बल्कि दर्शकों को भी लंबे समय तक रोमांचक क्रिकेट देखने को मिलेगा। देशभर में फिर छाएगा क्रिकेट का खुमार जैसे ही 28 मार्च से सीजन शुरू होगा, स्टेडियम से लेकर टीवी और मोबाइल तक हर जगह IPL का रंग देखने को मिलेगा। खास बात ये है कि हर टीम ज्यादा मैच खेलेगी, जिससे फैंस अपनी पसंदीदा टीम को ज्यादा बार खेलते देख सकेंगे। IPL 2026 का यह बड़ा और लंबा सीजन क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं होने वाला है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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देश की राजनीति में चुनावी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच BJP ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि Asaduddin Owaisi पश्चिम बंगाल में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

BJP का आरोप- Asaduddin Owaisi पश्चिम बंगाल में पकड़ बनाने की कोशिश में

देश की राजनीति में चुनावी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच BJP ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि Asaduddin Owaisi पश्चिम बंगाल में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि बंगाल की जनता किसी नए नेता या पार्टी को आसानी से स्वीकार नहीं करती है, इसलिए यहां पैर जमाना आसान नहीं है। भाजपा का मानना है कि बंगाल की राजनीति पहले से ही काफी जटिल है, जहां क्षेत्रीय दलों का मजबूत प्रभाव है। ऐसे में बाहर से आने वाली पार्टियों के लिए जगह बनाना चुनौती भरा होता है। वहीं दूसरी तरफ तमिलनाडु में चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं। AIADMK ने अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी है। इस लिस्ट में कई पुराने और भरोसेमंद चेहरों को मौका दिया गया है, साथ ही कुछ नए उम्मीदवारों को भी टिकट दिया गया है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में अलग-अलग राज्यों में चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प हो सकता है। सभी पार्टियां अपनी-अपनी रणनीति के साथ मैदान में उतर रही हैं और जनता का समर्थन पाने की कोशिश कर रही हैं। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें Desh Har Pal के साथ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kerala BJP अध्यक्ष के. सुरेंद्रन पर आरोप, कांग्रेस ने उठाई उम्मीदवारी रद्द करने की मांग

Kerala BJP अध्यक्ष के. सुरेंद्रन पर आरोप, कांग्रेस ने उठाई उम्मीदवारी रद्द करने की मांग

Kerala की राजनीति में इस समय नया विवाद सामने आया है। K. Surendran, जो Bharatiya Janata Party के प्रदेश अध्यक्ष हैं, उनकी उम्मीदवारी को लेकर Indian National Congress ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सुरेंद्रन ने अपने चुनावी हलफनामे में पूरी जानकारी नहीं दी। पार्टी का दावा है कि उनके पास Bengaluru में करीब ₹200 करोड़ का एक आलीशान बंगला है, जिसकी जानकारी उन्होंने छिपाई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अगर यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह चुनाव नियमों का गंभीर उल्लंघन है। इसलिए उन्होंने चुनाव आयोग से उनकी उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की है। वहीं, बीजेपी की ओर से इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि चुनाव के समय इस तरह के आरोप लगाना विपक्ष की रणनीति का हिस्सा है। अब इस मामले पर सबकी नजर चुनाव आयोग के फैसले पर है। अगर जांच होती है, तो सच्चाई सामने आ सकती है और इसका असर चुनावी माहौल पर भी पड़ सकता है। ऐसी ही ताज़ा और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहें Deshharpal News Portal के साथ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kangana Ranaut आज अपना 40वां जन्मदिन मना रही हैं - 4 नेशनल अवॉर्ड जीतकर बनाया खास मुकाम

Kangana Ranaut आज अपना 40वां जन्मदिन मना रही हैं – 4 नेशनल अवॉर्ड जीतकर बनाया खास मुकाम

Kangana Ranaut आज अपना 40वां जन्मदिन मना रही हैं। बॉलीवुड की इस दमदार अभिनेत्री की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही। जहां एक तरफ उन्होंने कई मुश्किलों का सामना किया, वहीं दूसरी तरफ अपनी मेहनत और हिम्मत से इंडस्ट्री में खास पहचान बनाई। कंगना का शुरुआती सफर काफी संघर्ष भरा रहा। खबरों के मुताबिक, एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें Aditya Pancholi से डरकर बिल्डिंग से कूदना पड़ा था। उस दौर में कंगना ने कई मानसिक और भावनात्मक चुनौतियों का सामना किया। इतना ही नहीं, अपने करियर के शुरुआती दिनों में वे चंबल के इलाके में भी एक खतरनाक स्थिति में फंस गई थीं, जहां डाकुओं ने उन्हें गन पॉइंट पर रोक लिया था। लेकिन हर मुश्किल से निकलकर कंगना और मजबूत बनकर सामने आईं। अगर उनके करियर की बात करें, तो कंगना ने अपनी दमदार एक्टिंग से चार नेशनल अवॉर्ड जीतकर एक खास रिकॉर्ड बनाया है। फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदार और बेबाक अंदाज ने उन्हें इंडस्ट्री की सबसे अलग और मजबूत अभिनेत्री बना दिया। आज कंगना रनौत सिर्फ एक एक्ट्रेस ही नहीं, बल्कि एक ऐसी शख्सियत हैं जो अपने विचारों और हिम्मत के लिए भी जानी जाती हैं। उनका सफर हमें यह सिखाता है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी मुश्किल रास्ता रोक नहीं सकता। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IRAN की सीजफायर पर 3 नई शर्तें, कहा- पहले भरोसा और सुरक्षा की गारंटी जरूरी

IRAN की सीजफायर पर 3 नई शर्तें, कहा- पहले भरोसा और सुरक्षा की गारंटी जरूरी

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच IRAN ने सीजफायर (युद्धविराम) को लेकर अपनी तीन नई शर्तें सामने रखी हैं। IRAN का कहना है कि जब तक उसकी सुरक्षा और सम्मान की गारंटी नहीं दी जाती, तब तक शांति की बात आगे नहीं बढ़ सकती। ईरान के अधिकारियों के मुताबिक, सबसे पहली शर्त है कि उस पर हुए हमलों का मुआवजा दिया जाए। उनका कहना है कि बिना नुकसान की भरपाई के आगे बढ़ना संभव नहीं है। दूसरी बड़ी मांग यह है कि ईरान को यह भरोसा दिया जाए कि भविष्य में उस पर कोई हमला नहीं किया जाएगा। यानी पहले सुरक्षा की गारंटी, तभी सीजफायर पर सहमति। तीसरी शर्त में ईरान ने उन पत्रकारों और मीडिया संस्थानों पर कार्रवाई की बात कही है, जिन्हें वह ‘ईरान विरोधी’ मानता है। ईरान का आरोप है कि कुछ मीडिया संस्थान लगातार उसके खिलाफ माहौल बना रहे हैं। इस पूरे मामले में साफ दिख रहा है कि दोनों पक्षों के बीच भरोसे की कमी सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। आम लोगों के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है, क्योंकि हर दिन बढ़ता तनाव शांति की उम्मीद को और कमजोर कर रहा है। अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या इन शर्तों के बाद बातचीत आगे बढ़ेगी या फिर तनाव और गहराएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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AE/N Mains Exam 22-23 मार्च को, एडमिट कार्ड जारी; सेंटर पर समय से पहले पहुंचना जरूरी

AE/N Mains Exam 22-23 मार्च को, एडमिट कार्ड जारी; सेंटर पर समय से पहले पहुंचना जरूरी

अगर आप AE/N (Assistant Engineer/Nurse या संबंधित पोस्ट) मेंस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह आपके लिए जरूरी अपडेट है। परीक्षा 22 और 23 मार्च को आयोजित की जाएगी और इसके लिए एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। उम्मीदवार अब अपना एडमिट कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। समय का रखें खास ध्यान परीक्षा देने जा रहे कैंडिडेट्स के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि उन्हें परीक्षा केंद्र पर कम से कम 1 घंटे पहले पहुंचना होगा।देरी से आने पर एंट्री नहीं मिलेगी, इसलिए समय से पहले निकलना बेहतर रहेगा। कैलकुलेटर की मिलेगी अनुमति इस बार परीक्षा में कैंडिडेट्स को कैलकुलेटर इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है, जिससे गणित या टेक्निकल सवाल हल करने में आसानी होगी। क्या-क्या साथ ले जाना जरूरी है? एक जरूरी सलाह परीक्षा के दिन किसी भी तरह की भागदौड़ और तनाव से बचने के लिए एक दिन पहले ही अपनी तैयारी पूरी कर लें और सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें। समय पर पहुंचना और शांत मन से परीक्षा देना ही सफलता की कुंजी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Punjab में अधिकारी की आत्महत्या से हड़कंप: मंत्री का नाम लेकर वीडियो बनाया, CM ने तुरंत लिया एक्शन

Punjab में अधिकारी की आत्महत्या से हड़कंप: मंत्री का नाम लेकर वीडियो बनाया, CM ने तुरंत लिया एक्शन

Punjab में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर ने आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे प्रशासनिक सिस्टम को हिला कर रख दिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आत्महत्या करने से पहले अधिकारी ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया। इस वीडियो में उन्होंने एक मंत्री का नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान थे। वीडियो सामने आने के बाद मामला और भी गंभीर हो गया। जैसे ही यह खबर फैली, राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की। आरोपों के घेरे में आए मंत्री से इस्तीफा ले लिया गया है। साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सिस्टम के अंदर काम कर रहे अधिकारियों पर दबाव इतना बढ़ चुका है कि उन्हें इस तरह का कदम उठाना पड़ रहा है। यह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक परिवार की त्रासदी है। एक इंसान जो जिम्मेदारी निभा रहा था, वह आखिरकार इतना टूट गया कि उसे अपनी जान देनी पड़ी। ऐसे मामलों में सिर्फ जांच ही नहीं, बल्कि सिस्टम में सुधार की भी जरूरत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Punjab Election 2027: हरमीत पठानमाजरा और चेतन जौड़ामाजरा ने AAP से दिया इस्तीफा

पंजाब की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के दो मौजूदा विधायकों ने इस्तीफा देकर अपनी राह अलग कर ली। सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने 1 नवंबर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का ऐलान किया। दोनों नेताओं के इस फैसले ने पंजाब में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू कर दी हैं। दिलचस्प बात यह है कि AAP ने 31 अक्टूबर को ही पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इसके अगले ही दिन दो विधायकों के इस्तीफे की खबर सामने आ गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी के भीतर टिकट और संगठन में बदलाव को लेकर नाराजगी बढ़ रही है? AAP की Candidate List के बाद क्यों बढ़ी हलचल? आम आदमी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। 31 अक्टूबर को जारी पहली उम्मीदवार सूची में 40 नाम शामिल किए गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कई मौजूदा विधायकों को भी दोबारा चुनाव लड़ने का मौका मिला है। हालांकि, इस सूची में हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा का नाम नहीं था। इतना ही नहीं, पार्टी ने उनके विधानसभा क्षेत्रों में नए हलका इंचार्ज भी नियुक्त कर दिए थे। सनौर में रंजोध हदाना और समाना में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को जिम्मेदारी दी गई। इन फैसलों के बाद दोनों विधायकों की राजनीतिक भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे। Harmeet Singh Pathanmajra ने Kejriwal को भेजा इस्तीफा सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेजा। पठानमाजरा और पंजाब सरकार के बीच पिछले काफी समय से मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। सितंबर 2025 में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को लेकर सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। इसके बाद पार्टी नेतृत्व के साथ उनके संबंधों में तनाव की चर्चा होने लगी थी। उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले ने भी उन्हें लगातार सुर्खियों में बनाए रखा। सितंबर 2025 में एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। पठानमाजरा ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक प्रताड़ना बताते हुए आरोप लगाए थे। Chetan Singh Jouramajra ने भी छोड़ी पार्टी समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने भी AAP से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। जौड़ामाजरा भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, लेकिन बाद में मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान उन्हें पद से हटा दिया गया था। इसके बाद समाना विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। पार्टी ने हाल ही में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को समाना का हलका इंचार्ज बनाया था। इसे भी जौड़ामाजरा की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। इस्तीफे के बाद जौड़ामाजरा ने कहा कि अब उनका पार्टी में मन नहीं लग रहा है। उन्होंने पंजाब के मौजूदा हालात को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। क्या BJP में शामिल होंगे दोनों विधायक? दोनों विधायकों के AAP छोड़ने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि दोनों नेता भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अभी तक BJP या दोनों विधायकों की ओर से पार्टी में शामिल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल केवल राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। Punjab Election 2027 से पहले AAP के सामने चुनौती पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। AAP की पहली उम्मीदवार सूची के तुरंत बाद दो मौजूदा विधायकों का इस्तीफा पार्टी के लिए एक नई चुनौती बन गया है। दोनों विधायक पटियाला जिले की सनौर और समाना सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इन सीटों पर उम्मीदवारों का चयन और स्थानीय राजनीतिक समीकरण आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेंगे। अब देखना होगा कि AAP इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में किसे जिम्मेदारी देती है और क्या दोनों पूर्व विधायक किसी दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं। फिलहाल पंजाब की राजनीति में 2027 चुनाव से पहले ही सियासी उठापटक शुरू हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
IND vs NZ

IND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया, Team India ने 3-2 से जीती सीरीज

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रोमांचक रहा। हैमिल्टन के Seddon Park में खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हरा दिया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 191 रन बनाए थे, लेकिन Tim Seifert की शानदार पारी के सामने भारतीय गेंदबाज बेबस नजर आए। न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। हालांकि, इस हार से सीरीज का नतीजा नहीं बदला। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बनाई थी। न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मैच जीतकर वापसी जरूर की, लेकिन सीरीज भारत ने 3-2 से अपने नाम कर ली। ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने संभाली भारतीय पारी टॉस जीतकर न्यूजीलैंड ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अभिषेक शर्मा सिर्फ 1 रन और संजू सैमसन 4 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती झटकों के बाद टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। ऐसे समय में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तेजी से रन बनाते हुए न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। ईशान किशन ने 32 गेंदों में 61 रन की शानदार पारी खेली, जबकि श्रेयस अय्यर ने सिर्फ 23 गेंदों में 50 रन बना दिए। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने भारत को मैच में वापसी दिलाई। इसके बाद नमन धीर ने 33 रन और नीतीश कुमार रेड्डी ने 22 रन बनाकर टीम का स्कोर 191 तक पहुंचाया। न्यूजीलैंड की तरफ से Adam Milne ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। Nathan Smith और Blair Tickner को 2-2 सफलताएं मिलीं। Tim Seifert के 93 रन ने पलट दिया Match 192 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत जरूर थोड़ी लड़खड़ाई। फिन एलन सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इसके बाद Tim Seifert ने भारतीय गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी। Seifert ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 50 गेंदों में 93 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। वह शतक से महज 7 रन दूर रह गए, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड जीत के काफी करीब पहुंच चुका था। उनका साथ Daryl Mitchell ने दिया। Mitchell ने 16 गेंदों में 29 रन बनाए। इसके बाद Glenn Phillips ने भी अपना दम दिखाया। उन्होंने 37 गेंदों में नाबाद 61 रन की पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों की मदद से न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में 3 विकेट खोकर 195 रन बना लिए और मुकाबला 7 विकेट से जीत लिया। भारतीय गेंदबाजों की नहीं चली, बल्लेबाजों की मेहनत गई बेकार भारत के लिए इस मुकाबले में सबसे बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड की तेज रन गति रही। 191 रन बनाने के बाद टीम इंडिया को उम्मीद थी कि गेंदबाज मैच पर पकड़ बनाएंगे, लेकिन Tim Seifert और Glenn Phillips ने भारतीय गेंदबाजी को संभलने का मौका नहीं दिया। फिन एलन का विकेट जल्दी मिलने के बावजूद भारत लगातार विकेट नहीं निकाल सका। नतीजा यह रहा कि न्यूजीलैंड ने लक्ष्य को दो ओवर बाकी रहते हासिल कर लिया। 3-0 से आगे था भारत, फिर न्यूजीलैंड ने की वापसी इस T20 सीरीज की शुरुआत भारत के लिए काफी अच्छी रही थी। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बना ली थी। ऐसा लग रहा था कि भारत सीरीज में क्लीन स्वीप कर सकता है। लेकिन चौथे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी की। टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया और भारत को 87 रन से हराया। इसके बाद पांचवें T20 में भी न्यूजीलैंड ने जीत दर्ज कर दी। लगातार दो जीत के बावजूद न्यूजीलैंड सीरीज अपने नाम नहीं कर सका। भारत ने शुरुआती बढ़त के दम पर पांच मैचों की सीरीज 3-2 से जीत ली। IND vs NZ 5th T20: मैच का पूरा Scorecard भारत – 191/8 (20 ओवर) न्यूजीलैंड – 195/3 (18 ओवर) मैच का नतीजा: न्यूजीलैंड ने 7 विकेट से जीत दर्ज की। सीरीज का नतीजा: भारत ने 3-2 से सीरीज जीती। सीरीज जीतकर भी आखिरी दो मैच हारा भारत टीम इंडिया के लिए यह सीरीज दो अलग-अलग तस्वीरें लेकर आई। शुरुआती तीन मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन आखिरी दो मैचों में न्यूजीलैंड ने अपनी रणनीति और बल्लेबाजी से मुकाबले का रुख बदल दिया। आखिरी मैच में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर की फिफ्टी के बावजूद भारत जीत हासिल नहीं कर पाया। वहीं Tim Seifert और Glenn Phillips की पारियों ने न्यूजीलैंड को शानदार जीत दिलाई। भारत के लिए राहत की बात यही रही कि शुरुआती तीन जीत के कारण T20 सीरीज की ट्रॉफी टीम इंडिया के पास ही रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
INDIA Bloc

Delhi Politics: INDIA Bloc की Rally के जवाब में BJP का मार्च, JP Nadda ने राहुल गांधी को घेरा

दिल्ली में 1 नवंबर को सियासी हलचल तेज रही। एक तरफ राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA Bloc के 19 विपक्षी दलों ने रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली की, तो दूसरी तरफ भाजपा ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर विरोध मार्च निकालकर कांग्रेस को घेरा। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीति में उन लोगों को भूल गई, जिन्होंने 1984 की हिंसा में अपनी जान गंवाई थी। दिल्ली में हुए इन दोनों प्रदर्शनों के केंद्र में अलग-अलग मुद्दे रहे। विपक्ष ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला, जबकि भाजपा ने कांग्रेस को 1984 की हिंसा की याद दिलाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए आवाज उठाई। INDIA Bloc की Rally में राहुल गांधी समेत 19 दलों के नेता शामिल रामलीला मैदान में आयोजित विपक्ष की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और INDIA Bloc के कई अन्य नेता शामिल हुए। रैली का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां रहा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। इससे पात्र मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। BJP का जवाबी मार्च, सिख समुदाय और पीड़ित परिवारों ने लिया हिस्सा विपक्ष की रैली के बीच भाजपा ने भी दिल्ली में अपना विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने पश्चिमी दिल्ली में 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई नेता शामिल हुए। मार्च में सिख समुदाय के लोगों और 1984 की हिंसा से प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। भाजपा ने इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस से 1984 की हिंसा के लिए जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवारों से माफी मांगने की मांग की। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस ने इस संवेदनशील तारीख पर बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित करके सिख समुदाय की भावनाओं का ध्यान नहीं रखा। JP Nadda का राहुल गांधी पर हमला, बोले- अपनी राजनीति में शहीदों को भूले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष की रैली को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर का दिन देश के इतिहास में बेहद दुखद है। 1984 में इसी दौरान सिख समुदाय के लोगों को हिंसा का सामना करना पड़ा था। नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी राजनीतिक गतिविधियों में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें 1984 की हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवारों की पीड़ा याद नहीं रही। उन्होंने कहा कि देश उन घटनाओं को नहीं भूला है और सिख समुदाय के जख्म आज भी लोगों को याद हैं। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। राहुल गांधी ने BJP के कारोबार वाले आरोप पर दिया जवाब भाजपा ने विपक्ष की रैली को लेकर यह भी कहा कि इससे दिल्ली के बाजारों और छोटे कारोबारियों को नुकसान हो सकता है। दिवाली से पहले बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक की समस्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई। इस पर राहुल गांधी ने भाजपा के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रैली में शामिल होने वाले लोगों से दिल्ली में खरीदारी करने की अपील की गई थी, ताकि स्थानीय व्यापारियों को फायदा मिले। राहुल गांधी ने कनॉट प्लेस में दुकानों के बंद होने का मुद्दा भी उठाया और सवाल किया कि व्यापारियों का कारोबार प्रभावित होने के लिए कौन जिम्मेदार है। खड़गे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। खड़गे का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं और कई लोगों के नाम हटाए गए हैं। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बता रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण को निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है। अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने भी उठाए सवाल विपक्ष की रैली में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटने के मुद्दे को उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल किए। वहीं, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता शशि थरूर समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर क्यों बढ़ा विवाद? 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा भड़क गई थी। 1 से 3 नवंबर के बीच दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई परिवारों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा। इस घटना को देश के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में गिना जाता है। हिंसा के पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और जवाबदेही का मुद्दा आज भी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा है। भाजपा ने इसी घटना की बरसी को लेकर कांग्रेस की रैली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, कांग्रेस और INDIA Bloc का कहना है कि उनकी रैली चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए थी। Delhi Politics: एक दिन में दो प्रदर्शन, BJP और विपक्ष आमने-सामने दिल्ली में 1 नवंबर को हुए दोनों प्रदर्शनों ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। रामलीला मैदान में विपक्ष ने चुनाव आयोग...
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INDIA Bloc का बड़ा प्रदर्शन: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 19 पार्टियां एकजुट, खड़गे ने दी चेतावनी

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बड़ी रैली की। INDIA Bloc के बैनर तले हुई इस रैली में 19 विपक्षी पार्टियों के नेता एक मंच पर नजर आए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई बड़े नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। रैली का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला बयान ममता बनर्जी का रहा। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी बंगाल में हारी नहीं, बल्कि उसे हराया गया। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। ममता बनर्जी ने बंगाल चुनाव को लेकर क्या कहा? रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती गई। ममता ने कहा कि बंगाल में उनकी पार्टी को हराया गया है। उन्होंने मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि लोकतंत्र में हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। खड़गे का ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मंच से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को इतनी आसानी से छोड़ने वाला नहीं है। खड़गे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्ष को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। विपक्षी दलों की मांग है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की समीक्षा हो और मतदाता सूची में हुए बदलावों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। राहुल गांधी, प्रियंका और अखिलेश यादव समेत 19 पार्टियों की मौजूदगी दिल्ली की इस रैली में INDIA Bloc के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, फारूक अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव, अभिषेक बनर्जी और सुप्रिया सुले समेत कई नेताओं ने मंच साझा किया। सभी नेताओं ने अपने-अपने संबोधन में चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। SIR विवाद क्या है, जिस पर आमने-सामने हैं विपक्ष और चुनाव आयोग? इस पूरी राजनीतिक लड़ाई के केंद्र में Special Intensive Revision (SIR) है। यह चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की गहन जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में कई पात्र मतदाताओं के नाम भी प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष चाहता है कि नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची को सही और अपडेट रखने के लिए समय-समय पर समीक्षा जरूरी है। इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट और अपात्र नामों की पहचान की जाती है। पात्र मतदाताओं को अपना नाम सूची में शामिल कराने का अवसर भी दिया जाता है। BJP ने भी निकाला मार्च, दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक हलचल INDIA Bloc की रैली के बीच BJP ने भी 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इसको लेकर दोनों राजनीतिक पक्षों के बीच बयानबाजी भी देखने को मिली। दिल्ली में एक ही दिन दोनों पक्षों के कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। रैली और मार्च के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। आगे क्या होगा? चुनाव आयोग पर विपक्ष का दबाव जारी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA Bloc की यह रैली चुनाव आयोग और SIR को लेकर चल रहे विवाद में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि वे मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही का मुद्दा आगे भी उठाते रहेंगे। अब देखना होगा कि विपक्ष की इन मांगों पर चुनाव आयोग क्या रुख अपनाता है और आने वाले दिनों में इस राजनीतिक टकराव की दिशा क्या रहती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump Iran Attack: नेतन्याहू से बात के बाद ट्रम्प का बड़ा बयान, 4 नवंबर को ईरान पर हमले की आशंका

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के बीच अमेरिकी Trump ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत के बाद ट्रम्प के एक बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा कि ईरान के एक-दो ठिकानों पर कार्रवाई अभी बाकी है। इसी बीच मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका 4 नवंबर को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, अभी तक अमेरिकी सरकार ने किसी नए हमले की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। दूसरी तरफ ईरान भी लगातार चेतावनी दे रहा है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह चुप नहीं बैठेगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता बंद होने वाला है या फिर कोई नया समझौता हो सकता है? Trump-Netanyahu Talk: फोन पर क्या हुई बातचीत? रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच शनिवार को फोन पर बातचीत हुई। यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर अमेरिका और इजरायल की चिंताएं बढ़ी हुई हैं। बताया जा रहा है कि ट्रम्प ने इससे पहले व्हाइट हाउस में वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। इस बैठक में ईरान को लेकर आगे की रणनीति और संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई। ट्रम्प बोले- ईरान के 1-2 ठिकाने अभी बाकी नेतन्याहू से बातचीत के बाद ट्रम्प ने ईरान को लेकर सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के एक या दो ठिकानों पर अभी कार्रवाई की जानी बाकी है। इस दौरान उन्होंने पिकैक्स माउंटेन (Pickaxe Mountain) का भी जिक्र किया। पिकैक्स माउंटेन को ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा एक संभावित भूमिगत ठिकाना माना जाता है। पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि यहां परमाणु गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हो सकती हैं। ट्रम्प के बयान के बाद एक बार फिर यह चर्चा शुरू हो गई है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई कर सकता है। 4 नवंबर को Iran पर Attack की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले को लेकर 4 नवंबर की तारीख चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र के कुछ सहयोगी देशों को संभावित सैन्य कार्रवाई और उसके बाद पैदा होने वाली स्थिति के लिए सतर्क रहने को कहा है। रिपोर्ट्स में 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद कार्रवाई की संभावना जताई गई है। इसी वजह से 4 नवंबर की तारीख को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि अभी तक ट्रम्प प्रशासन ने हमले की तारीख या समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इसे फिलहाल संभावित घटनाक्रम के तौर पर ही देखा जा रहा है। ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी अमेरिका की ओर से संभावित हमले की खबरों के बीच ईरान ने भी अपना रुख साफ कर दिया है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अगर अमेरिका या इजरायल की ओर से दोबारा हमला किया गया तो उसका जवाब दिया जाएगा। ईरान के अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि किसी नए सैन्य टकराव की स्थिति में क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे खाड़ी देशों में भी चिंता बढ़ गई है। ईरान का परमाणु कार्यक्रम इस विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों को लेकर उसकी चिंताओं का समाधान करे, जबकि तेहरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़े अधिकारों पर जोर दे रहा है। Qatar के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ हमले की चर्चाएं चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बातचीत के रास्ते भी खुले हुए हैं। कतर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिया है कि ईरान के साथ बातचीत पूरी तरह बंद नहीं हुई है। अमेरिका ऐसा समझौता चाहता है, जिससे उसके सुरक्षा संबंधी मुद्दों का समाधान निकल सके। ईरान की ओर से भी बातचीत को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अभी सहमति बनना बाकी है। Strait of Hormuz पर भी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या आवाजाही में रुकावट आने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई पर असर पड़ सकता है। भारत जैसे देशों के लिए भी यह मामला महत्वपूर्ण है, क्योंकि तेल आयात और ऊर्जा कीमतों में बदलाव का सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। क्या अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू होगी जंग? फिलहाल पूरी दुनिया की नजर ट्रम्प के अगले कदम पर है। नेतन्याहू से बातचीत, ईरान के ठिकानों को लेकर दिया गया बयान और 4 नवंबर को संभावित हमले की रिपोर्ट ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। एक तरफ अमेरिका सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है, तो दूसरी तरफ कतर के जरिए कूटनीतिक बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। ईरान ने भी साफ कर दिया है कि किसी हमले की स्थिति में वह जवाब देगा। अब देखना होगा कि अमेरिका बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकालता है या फिर मध्य पूर्व में एक बार फिर सैन्य टकराव की स्थिति बनती है। फिलहाल 4 नवंबर को हमले की संभावना मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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