आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलPunjab Election 2027: हरमीत पठानमाजरा और चेतन जौड़ामाजरा ने AAP से दिया इस्तीफा◆BREAKINGस्पोर्ट्सIND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया, Team India ने 3-2 से जीती सीरीज◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi Politics: INDIA Bloc की Rally के जवाब में BJP का मार्च, JP Nadda ने राहुल गांधी को घेरा◆BREAKINGBreaking NewsINDIA Bloc का बड़ा प्रदर्शन: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 19 पार्टियां एकजुट, खड़गे ने दी चेतावनी◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Trump Iran Attack: नेतन्याहू से बात के बाद ट्रम्प का बड़ा बयान, 4 नवंबर को ईरान पर हमले की आशंका◆BREAKINGदेश-हरपलPM Modi का बड़ा दावा: 12 साल में 49.6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर, 13.4 करोड़ रोजगार बढ़े◆BREAKINGस्पोर्ट्सIND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने जीता Toss, भारत पहले करेगा Batting; भुवी-वरुण की वापसी◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi Politics: राहुल गांधी की Rally के जवाब में BJP का मार्च, 1984 दंगा पीड़ितों के साथ उतरेगी पार्टी◆BREAKINGदेश-हरपलPunjab Election 2027: हरमीत पठानमाजरा और चेतन जौड़ामाजरा ने AAP से दिया इस्तीफा◆BREAKINGस्पोर्ट्सIND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया, Team India ने 3-2 से जीती सीरीज◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi Politics: INDIA Bloc की Rally के जवाब में BJP का मार्च, JP Nadda ने राहुल गांधी को घेरा◆BREAKINGBreaking NewsINDIA Bloc का बड़ा प्रदर्शन: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 19 पार्टियां एकजुट, खड़गे ने दी चेतावनी◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Trump Iran Attack: नेतन्याहू से बात के बाद ट्रम्प का बड़ा बयान, 4 नवंबर को ईरान पर हमले की आशंका◆BREAKINGदेश-हरपलPM Modi का बड़ा दावा: 12 साल में 49.6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर, 13.4 करोड़ रोजगार बढ़े◆BREAKINGस्पोर्ट्सIND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने जीता Toss, भारत पहले करेगा Batting; भुवी-वरुण की वापसी◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi Politics: राहुल गांधी की Rally के जवाब में BJP का मार्च, 1984 दंगा पीड़ितों के साथ उतरेगी पार्टी◆

PAL-PAL KI KHABAR HAR PAL

[category_slider]

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

जिस बांग्लादेश की मदद में भारत ने लगाए हजारों करोड़, अब वही दिखा रहा आंखें – क्या PM मोदी देंगे करारा जवाब?

जिस BANGLADESH की मदद में भारत ने लगाए हजारों करोड़, अब वही दिखा रहा आंखें – क्या PM मोदी देंगे करारा जवाब?

भारत ने बांग्लादेश को हमेशा एक अच्छे पड़ोसी और दोस्त की तरह देखा। जब भी बांग्लादेश को ज़रूरत पड़ी, भारत ने दिल खोलकर मदद की – फिर चाहे बात आज़ादी की लड़ाई की हो, विकास परियोजनाओं की या आर्थिक सहायता की। लेकिन आज हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। भारत की दरियादिली पर बांग्लादेश की सियासत भारी?बीते कुछ समय में बांग्लादेश की ओर से ऐसे बयान और कदम सामने आ रहे हैं, जो भारत के लिए चौंकाने वाले हैं। बांग्लादेश सरकार का चीन के साथ बढ़ता गठजोड़, भारत के खिलाफ तल्ख़ रुख और कई द्विपक्षीय मुद्दों पर टकराव – ये सभी इशारा कर रहे हैं कि रिश्तों में दरार आ चुकी है। हजारों करोड़ की मदद – लेकिन फिर भी उपेक्षा!भारत ने अब तक बांग्लादेश को करीब 8 बिलियन डॉलर (65 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा) की आर्थिक सहायता दी है। सड़कें, रेल, बिजली और शिक्षा – हर सेक्टर में भारत ने अपना हाथ बढ़ाया। लेकिन इसके बदले में हाल ही में जो रवैया देखने को मिल रहा है, वो कड़वा है। चीन का खेल और बांग्लादेश की चुप्पीबांग्लादेश अब चीन की ओर झुकता दिख रहा है। चीन वहाँ भारी निवेश कर रहा है और रणनीतिक तौर पर भारत की घेराबंदी की कोशिश कर रहा है। ऐसे में बांग्लादेश की चुप्पी और भारत के खिलाफ बयान चिंता का कारण हैं। क्या मोदी सरकार दिखाएगी सख्ती?मोदी सरकार अब इस पूरे मामले पर बारीकी से नज़र रखे हुए है। जानकारों का मानना है कि भारत जल्द ही कड़ा संदेश दे सकता है। यह वक्त है जब भारत को अपनी उदारता और राष्ट्रीय हितों में संतुलन बैठाना होगा।
Read more
मेरठ में आंधी-बारिश का कहर: दो मकान गिरे, 9 महीने की मासूम समेत दो की दर्दनाक मौत; कई राज्यों में मौसम ने बदला मिजाज

MEERUT में आंधी-बारिश का कहर: दो मकान गिरे, 9 महीने की मासूम समेत दो की दर्दनाक मौत; कई राज्यों में मौसम ने बदला मिजाज

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में बीती रात तेज आंधी और बारिश ने बड़ा कहर मचाया। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के चलते दो मकान ढह गए। इस हादसे में एक 9 महीने की मासूम बच्ची और एक बुजुर्ग की जान चली गई। परिवार के लिए यह एक ऐसा ग़म बन गया है, जो उम्र भर नहीं भरेगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसा देर रात हुआ, जब सभी लोग गहरी नींद में थे। अचानक ज़ोरदार आवाज़ के साथ दीवारें गिर गईं और सब कुछ मलबे में तब्दील हो गया। पड़ोसियों ने तुरंत मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दो लोगों की सांसे थम चुकी थीं। राजौरी (जम्मू-कश्मीर) में ओलावृष्टि: दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में मौसम ने करवट ली और जोरदार ओले गिरे। खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है। किसान परेशान हैं, क्योंकि उनकी मेहनत पर पानी फिर गया। राजस्थान में हीटवेव का अलर्ट: राजस्थान के कई जिलों में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मौसम विभाग ने हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। जयपुर, बीकानेर, जोधपुर समेत कई जगहों पर तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। लोगों को दिन में बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। देश के कोने-कोने में मौसम का कहर:एक ओर बारिश और तूफान जान ले रहे हैं, तो दूसरी ओर गर्मी से लोग बेहाल हैं। मौसम का यह बदलता रूप आम जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है। ज़रूरत है सतर्क रहने की, ताकि जान-माल का नुकसान रोका जा सके।
Read more
क्या हिंदू कार्ड से बंगाल फतेह करेगी BJP? 2026 के मिशन की रणनीति संघ ने तय की, 4% वोट दिला सकता है सत्ता

क्या HINDU CARD से BENGAL फतेह करेगी BJP? 2026 के मिशन की रणनीति संघ ने तय की, 4% वोट दिला सकता है सत्ता KOLKATA।

क्या बंगाल में फिर से सियासी तूफान लाने की तैयारी में है बीजेपी? 2026 के विधानसभा चुनाव को लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत की सक्रियता कुछ बड़ा संकेत दे रही है। सूत्रों की मानें तो संघ ने बंगाल में हिंदू वोट बैंक को जोड़ने के लिए एक ठोस रणनीति बना ली है। टारगेट है सिर्फ 4% अतिरिक्त वोट… जो गेम चेंजर साबित हो सकते हैं। क्यों खास है ये 4%? बीजेपी को साल 2021 में लगभग 38% वोट मिले थे, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने 47.9% वोटों के साथ सत्ता कायम रखी। विश्लेषकों की मानें तो अगर बीजेपी को 2026 में 42% से ज्यादा वोट मिलते हैं, तो वो सीधे सरकार बनाने की दौड़ में आ सकती है। और यही 4% वोट अब बीजेपी और संघ का फोकस बन गए हैं। भागवत ने तय की दिशा मोहन भागवत का बंगाल दौरा सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं थी। उन्होंने संघ के स्थानीय कार्यकर्ताओं और बीजेपी के रणनीतिकारों से लंबी बैठकें कीं। बैठक में साफ कहा गया कि बंगाल में ‘हिंदू पहचान’ को केंद्र में लाकर जनमानस को जोड़ा जाएगा। क्या बदलेगा मुद्दों का रुख? जहां TMC ममता बनर्जी के विकास मॉडल और बंगाली अस्मिता की बात करती है, वहीं बीजेपी अब मंदिर, गोरक्षा, लव जिहाद और बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे मुद्दों को फिर से धार दे सकती है। संघ का मानना है कि बंगाल में हिंदू समाज के कई वर्ग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। इन्हीं भावनाओं को चुनावी मुद्दा बनाया जाएगा। ग्राउंड लेवल पर तैयारी शुरू संघ की शाखाएं गांव-गांव में तेज़ी से फैल रही हैं। युवाओं को जोड़ने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, धर्म-सभाएं और सेवा कार्यों पर ज़ोर है। बीजेपी भी बूथ लेवल मैनेजमेंट को मज़बूत कर रही है। ममता के लिए खतरे की घंटी? अगर बीजेपी अपना 4% टारगेट पूरा कर लेती है, तो ममता बनर्जी की सत्ता को सीधी चुनौती मिल सकती है। मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण TMC के पक्ष में पहले से है, लेकिन अगर हिंदू वोट एकजुट हो गया, तो तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
Read more
चीन का बड़ा फैसला: बोइंग जेट नहीं खरीदेगा, अमेरिका को दिया करारा जवाब

चीन का बड़ा फैसला: बोइंग जेट नहीं खरीदेगा, अमेरिका को दिया करारा जवाब

बीजिंग/वॉशिंगटन – अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव का असर अब विमान और धातुओं के व्यापार पर भी पड़ने लगा है। चीन ने साफ कर दिया है कि वह अब अमेरिकी विमान कंपनी बोइंग से नए जेट नहीं खरीदेगा। इसके साथ ही, चीन ने अमेरिका को कीमती मेटल्स (rare earth metals) की सप्लाई भी रोक दी है। क्यों लिया ये बड़ा फैसला? यह सब हुआ है अमेरिका द्वारा चीन पर लगाए गए नए टैक्स (टैरिफ) के बाद। अमेरिका ने हाल ही में कुछ चीनी सामानों पर भारी टैरिफ लगाए हैं। इसके जवाब में चीन ने बोइंग की डिलीवरी रोकने और कीमती मेटल्स की सप्लाई बंद करने का निर्णय लिया। बोइंग को लगेगा बड़ा झटका बोइंग के लिए चीन एक बड़ा ग्राहक रहा है। हर साल चीन दर्जनों बोइंग विमान खरीदता रहा है। लेकिन अब जब चीन ने मना कर दिया है, तो इसका सीधा असर अमेरिका की इकोनॉमी और बोइंग कंपनी पर पड़ेगा। टेक्नोलॉजी और मेटल की लड़ाई चीन के पास दुर्लभ मेटल्स का बड़ा भंडार है – जैसे लैन्थेनम, नियोडिमियम, डाइसप्रोसियम आदि। ये मेटल्स इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज़, गाड़ियाँ और रक्षा उपकरण बनाने में काम आते हैं। अगर चीन इनकी सप्लाई रोक देता है, तो अमेरिका और बाकी देशों की टेक इंडस्ट्री को बड़ी दिक्कत हो सकती है। आम लोगों पर भी असर? इस तरह की ट्रेड वॉर का असर आम लोगों पर भी पड़ता है। उड़ानों की कीमतें बढ़ सकती हैं, गैजेट्स महंगे हो सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अनिश्चितता बढ़ जाती है।
Read more
B. R. Ambedkar का धर्म परिवर्तन: इस्लाम भी था विकल्प, लेकिन क्यों चुना बौद्ध धर्म?

B. R. Ambedkar का धर्म परिवर्तन: इस्लाम भी था विकल्प, लेकिन क्यों चुना बौद्ध धर्म?

हिंदू पैदा हुए, लेकिन हिंदू नहीं रहना चाहते थे अंबेडकर – जानिए उनके दिल की बात डॉ. भीमराव अंबेडकर, जिनका नाम आज भी सामाजिक न्याय की लड़ाई का प्रतीक है, उन्होंने अपने जीवन में एक ऐतिहासिक फैसला लिया था—धर्म परिवर्तन का। यह सिर्फ उनका व्यक्तिगत निर्णय नहीं था, बल्कि करोड़ों दलितों के जीवन और सोच को बदलने वाला कदम था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अंबेडकर ने पहले इस्लाम अपनाने का भी विचार किया था? जी हां, उन्होंने इस्लाम और ईसाई धर्म पर भी गंभीरता से विचार किया था, पर आखिरकार उन्होंने बौद्ध धर्म को ही क्यों चुना, यह जानना बेहद ज़रूरी है। अंबेडकर का दर्द: “मैं हिंदू के रूप में पैदा हुआ, लेकिन हिंदू के रूप में मरूंगा नहीं”अंबेडकर ने कई बार कहा था कि छुआछूत और जात-पात की ज़ंजीरों में जकड़े हिंदू धर्म में उनके लिए कोई सम्मान नहीं था। उन्होंने कहा था— “मैं हिंदू के रूप में पैदा जरूर हुआ हूं, लेकिन हिंदू के रूप में मरूंगा नहीं।” यह सिर्फ एक बयान नहीं था, बल्कि एक पूरी जाति के आत्म-सम्मान और समानता की पुकार थी। तो इस्लाम क्यों नहीं अपनाया? अंबेडकर ने इस्लाम को गहराई से समझा। उनके पास पाकिस्तान के नेता मोहम्मद अली जिन्ना और कई मुस्लिम विद्वानों के प्रस्ताव भी आए। इस्लाम में सामाजिक समानता की बात उन्हें आकर्षित भी करती थी। लेकिन अंबेडकर को चिंता थी कि धर्म बदलने से कहीं उनके अनुयायी भारत में ‘अल्पसंख्यक’ बनकर नई मुश्किलों में न फंस जाएं। बौद्ध धर्म ही क्यों? अंबेडकर ने आखिरकार 14 अक्टूबर 1956 को नागपुर में लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया। इसका कारण था— उन्होंने कहा— “बुद्ध का धर्म ही सच्चा मानव धर्म है, जिसमें कोई भेदभाव नहीं।” आज भी प्रासंगिक हैं अंबेडकर के विचार आज जब समाज में फिर से जातिगत भेदभाव की घटनाएं सामने आती हैं, तब अंबेडकर की सोच और उनका फैसला और भी ज़्यादा महत्व रखता है। उन्होंने सिर्फ धर्म नहीं बदला, उन्होंने सोच और पहचान बदलने की प्रेरणा दी। अंबेडकर #धर्मपरिवर्तन #बौद्धधर्म #AmbedkarJayanti #DalitHistory #DeshHarpal
Read more
सैफ अली खान हमला केस: 1613 पन्नों की चार्जशीट, करीना बोलीं - बेटा तैमूर के कमरे में घुस आया था हमलावर

SAIF ALI KHAN हमला केस: 1613 पन्नों की चार्जशीट, करीना बोलीं – बेटा तैमूर के कमरे में घुस आया था हमलावर

मुंबई: बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। इस केस में 1613 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई है, जिसमें 35 गवाहों के बयान दर्ज हैं। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि एक्ट्रेस करीना कपूर खान ने अपने बयान में बताया कि हमलावर घटना वाली रात उनके बेटे तैमूर के कमरे तक पहुंच गया था। करीना के बयान ने इस पूरे मामले को और भावुक बना दिया है। एक मां के तौर पर उस रात का डर आज भी उनके चेहरे पर साफ नजर आता है। उन्होंने बताया, “हम सब घर में थे, अचानक शोर हुआ। जब देखा तो हमलावर तैमूर के कमरे की ओर बढ़ रहा था। वो पल हमारे लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था।” क्या है पूरा मामला? यह घटना कुछ समय पहले मुंबई के पॉश इलाके में स्थित सैफ और करीना के घर पर घटी थी। बताया जा रहा है कि हमलावर ने सुरक्षा गार्ड को चकमा देकर घर में घुसपैठ की। उसके बाद वह सीधे अंदर घुसा और सैफ अली खान पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की। चार्जशीट में क्या-क्या शामिल है? हमलावर कौन था? पुलिस जांच में पता चला है कि हमलावर मानसिक रूप से अस्थिर हो सकता है। हालांकि उसकी मंशा क्या थी, ये अब कोर्ट की जांच और सुनवाई में साफ हो पाएगा। सेलिब्रिटी होने का भी खतरा होता है – करीना करीना कपूर ने कहा, “लोग सोचते हैं कि हम सेलिब्रिटीज की ज़िंदगी आसान होती है, लेकिन हम भी इंसान हैं। जब हमारे बच्चों की सुरक्षा खतरे में आती है, तो हमें भी डर लगता है।”
Read more
खुशखबरी! अब TV, FRIDGE और SMARTPHONE हो सकते हैं सस्ते – चीन से मिल रही 5% की छूट, जानिए वजह

खुशखबरी! अब TV, FRIDGE और SMARTPHONE हो सकते हैं सस्ते – चीन से मिल रही 5% की छूट, जानिए वजह

नई दिल्ली: आम लोगों के लिए राहत की खबर है। आने वाले दिनों में टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और स्मार्टफोन जैसे जरूरी इलेक्ट्रॉनिक सामान की कीमतें घट सकती हैं। इसका फायदा सीधे-सीधे भारतीय ग्राहकों को मिल सकता है। दरअसल, चीन और अमेरिका के बीच चल रहे ट्रेड वॉर (व्यापार युद्ध) का असर अब भारत पर दिखने लगा है – और वो भी पॉजिटिव तरीके से। चीन की बड़ी-बड़ी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां अब भारत को अपने प्रोडक्ट्स पर 5% तक का डिस्काउंट दे रही हैं। क्यों दे रहे चीनी कंपनियां भारत को छूट? चीन और अमेरिका के बीच आयात-निर्यात को लेकर लंबे समय से तनातनी चल रही है। अमेरिका ने चीन से आने वाले कई प्रोडक्ट्स पर भारी टैक्स लगा दिया है, जिससे चीन के लिए अमेरिका में सामान बेचना मुश्किल हो गया है। अब चीन को अपने माल के लिए नए बाजारों की जरूरत है – और भारत उसके लिए सबसे बड़ा विकल्प बनकर सामने आया है। यही वजह है कि चीनी कंपनियां भारतीय बाजार को लुभाने के लिए सस्ते दाम पर सामान ऑफर कर रही हैं। आम आदमी को क्या फायदा? अगर आप नया टीवी, फ्रिज या मोबाइल लेने की सोच रहे हैं, तो यह आपके लिए एक सुनहरा मौका हो सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले कुछ महीनों में इन प्रोडक्ट्स की कीमतों में 5 से 8 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। घर चलाने वाली माएं हों या टेक्नोलॉजी पसंद करने वाले युवा, हर किसी के लिए यह राहत भरी खबर है। बढ़ती महंगाई के बीच अगर रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाले सामान थोड़े सस्ते हो जाएं, तो इससे बड़ी खुशी क्या हो सकती है? दुकानदार और कारोबारी भी खुश सिर्फ ग्राहक ही नहीं, दुकानदार और कारोबारी भी इस छूट से खुश हैं। उन्हें उम्मीद है कि डिस्काउंट मिलने से बिक्री बढ़ेगी और ग्राहकों का भरोसा भी। टीवीफ्रिजसस्ते #स्मार्टफोनऑफर #चीनभारतछूट #इलेक्ट्रॉनिक्सऑफर #DeshharpalNews
Read more
REPO RATE में कटौती से सस्ते हो सकते हैं लोन: आपकी EMI भी होगी कम | RBI ने रेपो रेट घटाकर 6% किया 9 अप्रैल 2025 | देशहरपाल न्यूज़ डेस्क

REPO RATE में कटौती से सस्ते हो सकते हैं लोन: आपकी EMI भी होगी कम | RBI ने रेपो रेट घटाकर 6% किया 9 अप्रैल 2025 | देशहरपाल न्यूज़ डेस्क

अब होम लोन और कार लोन लेना हो सकता है सस्ता, क्योंकि RBI ने एक बार फिर रेपो रेट में कटौती की है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो रेट को 0.25% घटाकर 6% कर दिया है, जो पहले 6.25% थी। यानी अब बैंकों से मिलने वाला कर्ज सस्ता हो सकता है और आपकी EMI भी कम होगी। RBI गवर्नर ने दी जानकारी RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आज 9 अप्रैल को सुबह 10 बजे यह जानकारी दी। यह फैसला 7 से 9 अप्रैल तक चली मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक के बाद लिया गया। यह इस वित्त वर्ष 2025-26 की पहली मीटिंग थी। फरवरी में भी हुई थी कटौती इससे पहले फरवरी 2025 में भी RBI ने ब्याज दरों में 0.25% की कटौती की थी। तब रेपो रेट 6.5% से घटाकर 6.25% कर दी गई थी। यह कदम लगभग 5 साल बाद उठाया गया था। रेपो रेट कम होने का आपके जीवन पर असर क्या होगा? रेपो रेट क्या होता है? रेपो रेट वह दर होती है जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है। जब यह दर कम होती है तो बैंक भी अपने ग्राहकों को सस्ते लोन देते हैं। जैसे अगर बैंक को कम ब्याज पर पैसा मिलेगा, तो वो भी होम लोन या कार लोन पर कम ब्याज वसूलेंगे। RBI रेपो रेट क्यों घटाता या बढ़ाता है? RBI गवर्नर की 8 बड़ी घोषणाएं महंगाई के ताज़ा आंकड़े क्या कहते हैं? RBI की अगली बैठक कब होगी?
Read more
Allu Arjun @43: प्यार में मिला धोखा, रिश्तों में आई दरार और एक पैन इंडिया स्टार बनने की अनसुनी कहानी

Allu Arjun @43: प्यार में मिला धोखा, रिश्तों में आई दरार और एक पैन इंडिया स्टार बनने की अनसुनी कहानी

साउथ के सुपरस्टार और पैन इंडिया स्टार अल्लू अर्जुन आज 8 अप्रैल को अपना 43वां जन्मदिन मना रहे हैं। एक वक्त था जब ये बच्चा फिल्मों में छोटा-सा रोल करता था, लेकिन आज करोड़ों दिलों की धड़कन बन चुका है। आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी कुछ अनकही और इमोशनल कहानियां, जो उन्हें एक स्टार से इंसान बनाती हैं। परिवार से ही मिला एक्टिंग का संस्कार अल्लू अर्जुन के दादा अल्लू रामालिंगय्या साउथ इंडस्ट्री के नामी एक्टर रहे हैं। वहीं, उनके पिता अल्लू अरविंद एक मशहूर प्रोड्यूसर हैं। अल्लू के दो भाई हैं – बड़े भाई वेंकटेश अब बिजनेसमैन हैं और छोटे भाई सिरीष फिल्मों में एक्टिव हैं। बचपन में किया फिल्मों में काम, फिर लंबे समय तक बेरोजगारी अल्लू अर्जुन ने 2 साल की उम्र में चिरंजीवी की फिल्म ‘विजेता’ में चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में काम किया। 2003 में बतौर हीरो फिल्म ‘गंगोत्री’ से डेब्यू किया। फिल्म चली तो सही, लेकिन उन्हें बतौर एक्टर पहचान नहीं मिली। काफी समय तक कोई फिल्म नहीं मिली, वो बेरोजगार रहे। फिर आया एक मौका जिसने सब बदल दिया—‘आर्या’। ‘आर्या’ ने बनाई पहचान, ‘पुष्पा’ ने बना दिया पैन इंडिया स्टार डायरेक्टर सुकुमार ने उन्हें फिल्म ‘आर्या’ दी, जिसने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। इसके बाद ‘पुष्पा: द राइज’ ने उन्हें पैन इंडिया स्टार बना दिया। अब ‘पुष्पा 2: द रूल’ उनकी सबसे बड़ी हिट बन चुकी है। सफलता के साथ-साथ विवाद भी आए‘पुष्पा 2’ की रिलीज के दौरान हैदराबाद में भगदड़ में एक महिला की मौत हो गई, जिसके बाद अल्लू अर्जुन की गिरफ्तारी भी हुई। उनके फूफा और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने इस गिरफ्तारी को सही बताया, जिससे रिश्तों में खटास आ गई। इसके अलावा फिल्म में ‘आर्मी’ शब्द के इस्तेमाल और गानों के बोल को लेकर भी विवाद हुआ। कई संगठनों ने फिल्म पर बैन की मांग भी की। प्यार में मिला धोखा, दिल टूटा लेकिन बढ़ते गए आगे मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक समय अल्लू अर्जुन और नेहा शर्मा के बीच रिश्ते थे। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन नेहा ने उन्हें छोड़कर राम चरण को डेट करना शुरू कर दिया। इससे अल्लू अर्जुन का दिल टूट गया। कहा जाता है कि इसके बाद राम चरण और अल्लू अर्जुन के बीच रिश्ते खराब हो गए। यहां तक कि जब अल्लू अर्जुन की गिरफ्तारी हुई, तब राम चरण मिलने तक नहीं आए जबकि इंडस्ट्री के कई बड़े स्टार्स आए थे। नयनतारा ने किया था पब्लिकली इग्नोरएक अवॉर्ड शो के दौरान नयनतारा को बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिलना था, जो अल्लू अर्जुन के हाथों दिया जाना था। लेकिन नयनतारा ने स्टेज पर कहा कि वो यह अवॉर्ड अपने डायरेक्टर विग्नेश शिवन से लेना चाहेंगी। उस वक्त अल्लू अर्जुन ठगा-सा महसूस कर रहे थे। प्यार में टूटा, शादी में जीता – स्नेहा रेड्डी से लव स्टोरी अल्लू अर्जुन की लव लाइफ साउथ की सबसे प्यारी कहानियों में से एक है। उन्हें स्नेहा रेड्डी से पहली नजर में प्यार हुआ। दोनों ने लंबा वक्त एक-दूसरे को डेट किया। साल 2011 में शादी की, हालांकि स्नेहा के परिवार वाले इसके खिलाफ थे। लेकिन दोनों ने अपने रिश्ते को जी-जान से निभाया। आज उनके दो प्यारे बच्चे – बेटी अरहा और बेटा अयान हैं। आज भी लाखों दिलों पर राज कर रहे हैंअल्लू अर्जुन की कहानी सिर्फ एक फिल्मी स्टार बनने की नहीं है, बल्कि संघर्ष, प्यार, रिश्तों की ऊँच-नीच और फिर भी मुस्कुराने की कहानी है। वो सिर्फ एक स्टार नहीं, बल्कि लोगों के दिलों में बसे एक इंसान हैं। टैग्स: #AlluArjunBirthday #PushpaStar #AlluArjunLoveStory #AlluVsRamCharan #NehaSharma #AlluArjunControversy #SouthSuperstar #PanIndiaStar
Read more
चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन

चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन

नवरात्रि के सातवें दिन माँ कालरात्रि की पूजा की जाती है, जो अज्ञान और अंधकार के विनाश की शक्ति हैं। उनका स्वरूप अत्यंत भयावह है, लेकिन अपने भक्तों के लिए वह स्नेहमयी और कल्याणकारी हैं।माँ कालरात्रि का प्रिय रंग (ग्रे) है, जो अंधकार और बुरी शक्तियों के विनाश का प्रतीक
Read more
1 … 56 57 58 59 60

Trending News

Editor's Picks

AAP

Punjab Election 2027: हरमीत पठानमाजरा और चेतन जौड़ामाजरा ने AAP से दिया इस्तीफा

पंजाब की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पार्टी के दो मौजूदा विधायकों ने इस्तीफा देकर अपनी राह अलग कर ली। सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने 1 नवंबर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का ऐलान किया। दोनों नेताओं के इस फैसले ने पंजाब में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू कर दी हैं। दिलचस्प बात यह है कि AAP ने 31 अक्टूबर को ही पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इसके अगले ही दिन दो विधायकों के इस्तीफे की खबर सामने आ गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी के भीतर टिकट और संगठन में बदलाव को लेकर नाराजगी बढ़ रही है? AAP की Candidate List के बाद क्यों बढ़ी हलचल? आम आदमी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। 31 अक्टूबर को जारी पहली उम्मीदवार सूची में 40 नाम शामिल किए गए। मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कई मौजूदा विधायकों को भी दोबारा चुनाव लड़ने का मौका मिला है। हालांकि, इस सूची में हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा का नाम नहीं था। इतना ही नहीं, पार्टी ने उनके विधानसभा क्षेत्रों में नए हलका इंचार्ज भी नियुक्त कर दिए थे। सनौर में रंजोध हदाना और समाना में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को जिम्मेदारी दी गई। इन फैसलों के बाद दोनों विधायकों की राजनीतिक भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे। Harmeet Singh Pathanmajra ने Kejriwal को भेजा इस्तीफा सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेजा। पठानमाजरा और पंजाब सरकार के बीच पिछले काफी समय से मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं। सितंबर 2025 में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को लेकर सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। इसके बाद पार्टी नेतृत्व के साथ उनके संबंधों में तनाव की चर्चा होने लगी थी। उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले ने भी उन्हें लगातार सुर्खियों में बनाए रखा। सितंबर 2025 में एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। पठानमाजरा ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक प्रताड़ना बताते हुए आरोप लगाए थे। Chetan Singh Jouramajra ने भी छोड़ी पार्टी समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने भी AAP से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। जौड़ामाजरा भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं, लेकिन बाद में मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान उन्हें पद से हटा दिया गया था। इसके बाद समाना विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। पार्टी ने हाल ही में पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को समाना का हलका इंचार्ज बनाया था। इसे भी जौड़ामाजरा की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। इस्तीफे के बाद जौड़ामाजरा ने कहा कि अब उनका पार्टी में मन नहीं लग रहा है। उन्होंने पंजाब के मौजूदा हालात को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। क्या BJP में शामिल होंगे दोनों विधायक? दोनों विधायकों के AAP छोड़ने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर हो रही है। राजनीतिक गलियारों में अटकलें हैं कि दोनों नेता भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, अभी तक BJP या दोनों विधायकों की ओर से पार्टी में शामिल होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल केवल राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। Punjab Election 2027 से पहले AAP के सामने चुनौती पंजाब में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। AAP की पहली उम्मीदवार सूची के तुरंत बाद दो मौजूदा विधायकों का इस्तीफा पार्टी के लिए एक नई चुनौती बन गया है। दोनों विधायक पटियाला जिले की सनौर और समाना सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इन सीटों पर उम्मीदवारों का चयन और स्थानीय राजनीतिक समीकरण आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेंगे। अब देखना होगा कि AAP इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में किसे जिम्मेदारी देती है और क्या दोनों पूर्व विधायक किसी दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं। फिलहाल पंजाब की राजनीति में 2027 चुनाव से पहले ही सियासी उठापटक शुरू हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
IND vs NZ

IND vs NZ 5th T20: न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हराया, Team India ने 3-2 से जीती सीरीज

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रोमांचक रहा। हैमिल्टन के Seddon Park में खेले गए इस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से हरा दिया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 191 रन बनाए थे, लेकिन Tim Seifert की शानदार पारी के सामने भारतीय गेंदबाज बेबस नजर आए। न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। हालांकि, इस हार से सीरीज का नतीजा नहीं बदला। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बनाई थी। न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मैच जीतकर वापसी जरूर की, लेकिन सीरीज भारत ने 3-2 से अपने नाम कर ली। ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने संभाली भारतीय पारी टॉस जीतकर न्यूजीलैंड ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अभिषेक शर्मा सिर्फ 1 रन और संजू सैमसन 4 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआती झटकों के बाद टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। ऐसे समय में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तेजी से रन बनाते हुए न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। ईशान किशन ने 32 गेंदों में 61 रन की शानदार पारी खेली, जबकि श्रेयस अय्यर ने सिर्फ 23 गेंदों में 50 रन बना दिए। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 93 रन की साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने भारत को मैच में वापसी दिलाई। इसके बाद नमन धीर ने 33 रन और नीतीश कुमार रेड्डी ने 22 रन बनाकर टीम का स्कोर 191 तक पहुंचाया। न्यूजीलैंड की तरफ से Adam Milne ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। Nathan Smith और Blair Tickner को 2-2 सफलताएं मिलीं। Tim Seifert के 93 रन ने पलट दिया Match 192 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत जरूर थोड़ी लड़खड़ाई। फिन एलन सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इसके बाद Tim Seifert ने भारतीय गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी। Seifert ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 50 गेंदों में 93 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। वह शतक से महज 7 रन दूर रह गए, लेकिन तब तक न्यूजीलैंड जीत के काफी करीब पहुंच चुका था। उनका साथ Daryl Mitchell ने दिया। Mitchell ने 16 गेंदों में 29 रन बनाए। इसके बाद Glenn Phillips ने भी अपना दम दिखाया। उन्होंने 37 गेंदों में नाबाद 61 रन की पारी खेली। इन दोनों बल्लेबाजों की मदद से न्यूजीलैंड ने 18 ओवर में 3 विकेट खोकर 195 रन बना लिए और मुकाबला 7 विकेट से जीत लिया। भारतीय गेंदबाजों की नहीं चली, बल्लेबाजों की मेहनत गई बेकार भारत के लिए इस मुकाबले में सबसे बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड की तेज रन गति रही। 191 रन बनाने के बाद टीम इंडिया को उम्मीद थी कि गेंदबाज मैच पर पकड़ बनाएंगे, लेकिन Tim Seifert और Glenn Phillips ने भारतीय गेंदबाजी को संभलने का मौका नहीं दिया। फिन एलन का विकेट जल्दी मिलने के बावजूद भारत लगातार विकेट नहीं निकाल सका। नतीजा यह रहा कि न्यूजीलैंड ने लक्ष्य को दो ओवर बाकी रहते हासिल कर लिया। 3-0 से आगे था भारत, फिर न्यूजीलैंड ने की वापसी इस T20 सीरीज की शुरुआत भारत के लिए काफी अच्छी रही थी। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर 3-0 की बढ़त बना ली थी। ऐसा लग रहा था कि भारत सीरीज में क्लीन स्वीप कर सकता है। लेकिन चौथे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने शानदार वापसी की। टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया और भारत को 87 रन से हराया। इसके बाद पांचवें T20 में भी न्यूजीलैंड ने जीत दर्ज कर दी। लगातार दो जीत के बावजूद न्यूजीलैंड सीरीज अपने नाम नहीं कर सका। भारत ने शुरुआती बढ़त के दम पर पांच मैचों की सीरीज 3-2 से जीत ली। IND vs NZ 5th T20: मैच का पूरा Scorecard भारत – 191/8 (20 ओवर) न्यूजीलैंड – 195/3 (18 ओवर) मैच का नतीजा: न्यूजीलैंड ने 7 विकेट से जीत दर्ज की। सीरीज का नतीजा: भारत ने 3-2 से सीरीज जीती। सीरीज जीतकर भी आखिरी दो मैच हारा भारत टीम इंडिया के लिए यह सीरीज दो अलग-अलग तस्वीरें लेकर आई। शुरुआती तीन मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन आखिरी दो मैचों में न्यूजीलैंड ने अपनी रणनीति और बल्लेबाजी से मुकाबले का रुख बदल दिया। आखिरी मैच में ईशान किशन और श्रेयस अय्यर की फिफ्टी के बावजूद भारत जीत हासिल नहीं कर पाया। वहीं Tim Seifert और Glenn Phillips की पारियों ने न्यूजीलैंड को शानदार जीत दिलाई। भारत के लिए राहत की बात यही रही कि शुरुआती तीन जीत के कारण T20 सीरीज की ट्रॉफी टीम इंडिया के पास ही रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
INDIA Bloc

Delhi Politics: INDIA Bloc की Rally के जवाब में BJP का मार्च, JP Nadda ने राहुल गांधी को घेरा

दिल्ली में 1 नवंबर को सियासी हलचल तेज रही। एक तरफ राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA Bloc के 19 विपक्षी दलों ने रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली की, तो दूसरी तरफ भाजपा ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर विरोध मार्च निकालकर कांग्रेस को घेरा। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीति में उन लोगों को भूल गई, जिन्होंने 1984 की हिंसा में अपनी जान गंवाई थी। दिल्ली में हुए इन दोनों प्रदर्शनों के केंद्र में अलग-अलग मुद्दे रहे। विपक्ष ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला, जबकि भाजपा ने कांग्रेस को 1984 की हिंसा की याद दिलाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए आवाज उठाई। INDIA Bloc की Rally में राहुल गांधी समेत 19 दलों के नेता शामिल रामलीला मैदान में आयोजित विपक्ष की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और INDIA Bloc के कई अन्य नेता शामिल हुए। रैली का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियां रहा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। इससे पात्र मतदाताओं के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और मतदाताओं के अधिकारों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। BJP का जवाबी मार्च, सिख समुदाय और पीड़ित परिवारों ने लिया हिस्सा विपक्ष की रैली के बीच भाजपा ने भी दिल्ली में अपना विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने पश्चिमी दिल्ली में 1984 के सिख-विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई नेता शामिल हुए। मार्च में सिख समुदाय के लोगों और 1984 की हिंसा से प्रभावित परिवारों ने भी हिस्सा लिया। भाजपा ने इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस से 1984 की हिंसा के लिए जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवारों से माफी मांगने की मांग की। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस ने इस संवेदनशील तारीख पर बड़ी राजनीतिक रैली आयोजित करके सिख समुदाय की भावनाओं का ध्यान नहीं रखा। JP Nadda का राहुल गांधी पर हमला, बोले- अपनी राजनीति में शहीदों को भूले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष की रैली को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर का दिन देश के इतिहास में बेहद दुखद है। 1984 में इसी दौरान सिख समुदाय के लोगों को हिंसा का सामना करना पड़ा था। नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी राजनीतिक गतिविधियों में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें 1984 की हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवारों की पीड़ा याद नहीं रही। उन्होंने कहा कि देश उन घटनाओं को नहीं भूला है और सिख समुदाय के जख्म आज भी लोगों को याद हैं। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। राहुल गांधी ने BJP के कारोबार वाले आरोप पर दिया जवाब भाजपा ने विपक्ष की रैली को लेकर यह भी कहा कि इससे दिल्ली के बाजारों और छोटे कारोबारियों को नुकसान हो सकता है। दिवाली से पहले बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक की समस्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई। इस पर राहुल गांधी ने भाजपा के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि रैली में शामिल होने वाले लोगों से दिल्ली में खरीदारी करने की अपील की गई थी, ताकि स्थानीय व्यापारियों को फायदा मिले। राहुल गांधी ने कनॉट प्लेस में दुकानों के बंद होने का मुद्दा भी उठाया और सवाल किया कि व्यापारियों का कारोबार प्रभावित होने के लिए कौन जिम्मेदार है। खड़गे ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। खड़गे का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं और कई लोगों के नाम हटाए गए हैं। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बता रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में गड़बड़ी और राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण को निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है। अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव ने भी उठाए सवाल विपक्ष की रैली में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटने के मुद्दे को उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल किए। वहीं, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में वोट चोरी के आरोपों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता शशि थरूर समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर क्यों बढ़ा विवाद? 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा भड़क गई थी। 1 से 3 नवंबर के बीच दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई परिवारों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा। इस घटना को देश के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में गिना जाता है। हिंसा के पीड़ित परिवारों के लिए न्याय और जवाबदेही का मुद्दा आज भी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा है। भाजपा ने इसी घटना की बरसी को लेकर कांग्रेस की रैली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, कांग्रेस और INDIA Bloc का कहना है कि उनकी रैली चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए थी। Delhi Politics: एक दिन में दो प्रदर्शन, BJP और विपक्ष आमने-सामने दिल्ली में 1 नवंबर को हुए दोनों प्रदर्शनों ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। रामलीला मैदान में विपक्ष ने चुनाव आयोग...
INDIA Bloc

INDIA Bloc का बड़ा प्रदर्शन: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 19 पार्टियां एकजुट, खड़गे ने दी चेतावनी

दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक बड़ी रैली की। INDIA Bloc के बैनर तले हुई इस रैली में 19 विपक्षी पार्टियों के नेता एक मंच पर नजर आए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई बड़े नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। रैली का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला बयान ममता बनर्जी का रहा। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी बंगाल में हारी नहीं, बल्कि उसे हराया गया। वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है। ममता बनर्जी ने बंगाल चुनाव को लेकर क्या कहा? रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती गई। ममता ने कहा कि बंगाल में उनकी पार्टी को हराया गया है। उन्होंने मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि लोकतंत्र में हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है और किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। खड़गे का ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मंच से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को इतनी आसानी से छोड़ने वाला नहीं है। खड़गे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्ष को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। विपक्षी दलों की मांग है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की समीक्षा हो और मतदाता सूची में हुए बदलावों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। राहुल गांधी, प्रियंका और अखिलेश यादव समेत 19 पार्टियों की मौजूदगी दिल्ली की इस रैली में INDIA Bloc के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, फारूक अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव, अभिषेक बनर्जी और सुप्रिया सुले समेत कई नेताओं ने मंच साझा किया। सभी नेताओं ने अपने-अपने संबोधन में चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। SIR विवाद क्या है, जिस पर आमने-सामने हैं विपक्ष और चुनाव आयोग? इस पूरी राजनीतिक लड़ाई के केंद्र में Special Intensive Revision (SIR) है। यह चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की गहन जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में कई पात्र मतदाताओं के नाम भी प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष चाहता है कि नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची को सही और अपडेट रखने के लिए समय-समय पर समीक्षा जरूरी है। इस प्रक्रिया में डुप्लीकेट और अपात्र नामों की पहचान की जाती है। पात्र मतदाताओं को अपना नाम सूची में शामिल कराने का अवसर भी दिया जाता है। BJP ने भी निकाला मार्च, दिल्ली में बढ़ी राजनीतिक हलचल INDIA Bloc की रैली के बीच BJP ने भी 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के समर्थन में मार्च निकाला। इसको लेकर दोनों राजनीतिक पक्षों के बीच बयानबाजी भी देखने को मिली। दिल्ली में एक ही दिन दोनों पक्षों के कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। रैली और मार्च के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। आगे क्या होगा? चुनाव आयोग पर विपक्ष का दबाव जारी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA Bloc की यह रैली चुनाव आयोग और SIR को लेकर चल रहे विवाद में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि वे मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही का मुद्दा आगे भी उठाते रहेंगे। अब देखना होगा कि विपक्ष की इन मांगों पर चुनाव आयोग क्या रुख अपनाता है और आने वाले दिनों में इस राजनीतिक टकराव की दिशा क्या रहती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Trump

Trump Iran Attack: नेतन्याहू से बात के बाद ट्रम्प का बड़ा बयान, 4 नवंबर को ईरान पर हमले की आशंका

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के बीच अमेरिकी Trump ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत के बाद ट्रम्प के एक बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा कि ईरान के एक-दो ठिकानों पर कार्रवाई अभी बाकी है। इसी बीच मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका 4 नवंबर को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, अभी तक अमेरिकी सरकार ने किसी नए हमले की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। दूसरी तरफ ईरान भी लगातार चेतावनी दे रहा है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह चुप नहीं बैठेगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता बंद होने वाला है या फिर कोई नया समझौता हो सकता है? Trump-Netanyahu Talk: फोन पर क्या हुई बातचीत? रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच शनिवार को फोन पर बातचीत हुई। यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर अमेरिका और इजरायल की चिंताएं बढ़ी हुई हैं। बताया जा रहा है कि ट्रम्प ने इससे पहले व्हाइट हाउस में वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। इस बैठक में ईरान को लेकर आगे की रणनीति और संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा हुई। ट्रम्प बोले- ईरान के 1-2 ठिकाने अभी बाकी नेतन्याहू से बातचीत के बाद ट्रम्प ने ईरान को लेकर सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के एक या दो ठिकानों पर अभी कार्रवाई की जानी बाकी है। इस दौरान उन्होंने पिकैक्स माउंटेन (Pickaxe Mountain) का भी जिक्र किया। पिकैक्स माउंटेन को ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा एक संभावित भूमिगत ठिकाना माना जाता है। पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि यहां परमाणु गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हो सकती हैं। ट्रम्प के बयान के बाद एक बार फिर यह चर्चा शुरू हो गई है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई कर सकता है। 4 नवंबर को Iran पर Attack की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले को लेकर 4 नवंबर की तारीख चर्चा में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र के कुछ सहयोगी देशों को संभावित सैन्य कार्रवाई और उसके बाद पैदा होने वाली स्थिति के लिए सतर्क रहने को कहा है। रिपोर्ट्स में 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद कार्रवाई की संभावना जताई गई है। इसी वजह से 4 नवंबर की तारीख को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि अभी तक ट्रम्प प्रशासन ने हमले की तारीख या समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए इसे फिलहाल संभावित घटनाक्रम के तौर पर ही देखा जा रहा है। ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी अमेरिका की ओर से संभावित हमले की खबरों के बीच ईरान ने भी अपना रुख साफ कर दिया है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अगर अमेरिका या इजरायल की ओर से दोबारा हमला किया गया तो उसका जवाब दिया जाएगा। ईरान के अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि किसी नए सैन्य टकराव की स्थिति में क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे खाड़ी देशों में भी चिंता बढ़ गई है। ईरान का परमाणु कार्यक्रम इस विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों को लेकर उसकी चिंताओं का समाधान करे, जबकि तेहरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़े अधिकारों पर जोर दे रहा है। Qatar के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ हमले की चर्चाएं चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बातचीत के रास्ते भी खुले हुए हैं। कतर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिया है कि ईरान के साथ बातचीत पूरी तरह बंद नहीं हुई है। अमेरिका ऐसा समझौता चाहता है, जिससे उसके सुरक्षा संबंधी मुद्दों का समाधान निकल सके। ईरान की ओर से भी बातचीत को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अभी सहमति बनना बाकी है। Strait of Hormuz पर भी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या आवाजाही में रुकावट आने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई पर असर पड़ सकता है। भारत जैसे देशों के लिए भी यह मामला महत्वपूर्ण है, क्योंकि तेल आयात और ऊर्जा कीमतों में बदलाव का सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। क्या अमेरिका और ईरान के बीच फिर शुरू होगी जंग? फिलहाल पूरी दुनिया की नजर ट्रम्प के अगले कदम पर है। नेतन्याहू से बातचीत, ईरान के ठिकानों को लेकर दिया गया बयान और 4 नवंबर को संभावित हमले की रिपोर्ट ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। एक तरफ अमेरिका सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है, तो दूसरी तरफ कतर के जरिए कूटनीतिक बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। ईरान ने भी साफ कर दिया है कि किसी हमले की स्थिति में वह जवाब देगा। अब देखना होगा कि अमेरिका बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकालता है या फिर मध्य पूर्व में एक बार फिर सैन्य टकराव की स्थिति बनती है। फिलहाल 4 नवंबर को हमले की संभावना मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.