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Bangladesh

Hindu Community खतरे में Bangladesh में बढ़ती अल्पसंख्यक Violence

बांग्लादेश (Bangladesh) में हिंदू युवाओं और अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हिंसा लगातार बढ़ती जा रही है। हाल के हफ्तों में हुई कई घटनाएँ इस बात का सबूत हैं कि यह सिर्फ दुर्घटना नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई जानलेवा हिंसा है। Petrol Pump पर जानलेवा हमला राजबारी ज़िले में 30 वर्षीय रिपोन साहा की हत्या एक बेहद दुखद घटना के रूप में सामने आई। रिपोन, जो क़रीम पेट्रोल पंप में काम करते थे, ने वाहन चालक से ईंधन का बिल चुकाने की मांग की। इसके जवाब में चालक और उसके साथी ने कार से रिपोन को कुचलकर मार डाला। पुलिस ने आरोपी को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार कर लिया। यह घटना दिखाती है कि हिंसा की यह कार्रवाई जानबूझकर की गई थी। भीड़ द्वारा हमले और डर का माहौल 18 दिसंबर 2025 को दीपू चंद्र दास नामक हिंदू युवक को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला। इसके कुछ दिन बाद, 31 दिसंबर 2025 को खोकन चंद्र दास पर हमला हुआ। उसे पीटा गया और चाकू से मारा गया, साथ ही आग लगाने की कोशिश भी की गई। वह अपनी जान बचाने में सफल रहा। बढ़ते मामलों की गंभीरता मानवाधिकार समूहों के अनुसार, पिछले 45 दिनों में कम से कम 15 हिंदुओं की हत्या के मामले दर्ज किए गए हैं। यह संख्या चिंताजनक रूप से बढ़ रही है और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। International Response और Human Touch संयुक्त राष्ट्र महासचिव और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन इस हिंसा पर चिंता जता चुके हैं। उनका कहना है कि बांग्लादेश सरकार को अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए। यह घटनाएँ सिर्फ संख्या या रिपोर्ट नहीं हैं — यह इंसानियत पर चोट हैं, जो यह दिखाती हैं कि समाज में धार्मिक और सामाजिक भेदभाव अभी भी कितनी गहरी जड़ें जमा चुका है। सोशल मीडिया और अफवाहों से सावधानी सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, लेकिन उनमें से कुछ तथ्यों से दूर या AI जनरेटेड पाए गए हैं। इसलिए, इन घटनाओं को समझने और साझा करने से पहले विश्वसनीय स्रोतों की पुष्टि करना जरूरी है। Bangladesh में हिंदू युवाओं पर बढ़ती हिंसा केवल स्थानीय समस्या नहीं है, बल्कि यह मानवाधिकार और सुरक्षा की गंभीर चुनौती बन चुकी है। समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है कि वे अल्पसंख्यकों को सुरक्षित रखने के लिए ठोस कदम उठाएँ और इंसानियत को जीवित रखें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BMC

BMC Election 2026 Results मुंबई में BJP की बड़ी जीत, PM Modi और CM Fadnavis का धन्यवाद

महाराष्ट्र के 29 नगरपालिकाओं में हाल ही में हुए BMC Election 2026 और अन्य नगरपालिका चुनावों में BJP‑सहयोगी महायुति गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया। खासकर बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में BJP सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और अब वह तय करेगी कि मुंबई का नया मेयर कौन होगा। चुनाव परिणाम (Election Results) नेताओं की प्रतिक्रिया (Leaders’ Reactions) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi, BJP):PM मोदी ने महाराष्ट्र के लोगों को धन्यवाद कहा और इसे “अच्छे शासन और विकास के लिए जनता का समर्थन” बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह जनता का विश्वास और BJP की नीति में भरोसा दर्शाता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (CM Fadnavis, BJP):फडणवीस ने कहा कि जनता ने ईमानदारी, विकास और पारदर्शी प्रशासन के लिए मतदान किया। उन्होंने BJP और उसके सहयोगियों की नीतियों को समावेशी और विकासोन्मुख बताया और कहा कि यह जनता के भरोसे का प्रतीक है। कांग्रेस पार्टी (Opposition Congress):कांग्रेस ने चुनाव को “विचारधारा की लड़ाई” बताया और कहा कि उनका अभियान सिद्धांतों पर आधारित था, चाहे परिणाम बड़े न भी आए हों। व्यापक प्रभाव (Broader Impact) BMC Election 2026 और अन्य नगरपालिका चुनावों में BJP‑महायुति की शानदार जीत ने महाराष्ट्र की शहरी राजनीति में नया मोड़ दिया है। PM Modi और CM Fadnavis ने जनता का आभार जताया, जबकि विपक्ष ने इसे विचारधारा आधारित मुकाबला बताया। अब नगर निगमों में प्रशासन और विकास की दिशा तय होगी, और यह जनता के लिए नए अवसर और चुनौतियां लेकर आएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

Rahul Gandhi Indore Visit बॉम्बे हॉस्पिटल में मरीजों से मिले राहुल गांधी, पीड़ितों को देंगे 1 लाख की मदद

कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) अपने इंदौर दौरे के दौरान सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचे। यहां उन्होंने इलाज करा रहे मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। राहुल गांधी ने मरीजों से बातचीत कर उन्हें बेहतर इलाज और सहयोग का भरोसा दिलाया। अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों से भी उन्होंने उपचार की स्थिति को लेकर चर्चा की। हॉस्पिटल गेट पर रोके गए कांग्रेस कार्यकर्ता Rahul Gandhi के आगमन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंच गए। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था के चलते पुलिस ने कार्यकर्ताओं को गेट पर ही रोक दिया। केवल सीमित नेताओं और अधिकारियों को ही अस्पताल परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई, जिससे कुछ समय के लिए गेट पर हलचल का माहौल रहा। भागीरथपुरा में पीड़ित परिवारों से करेंगे मुलाकात बॉम्बे हॉस्पिटल के बाद Rahul Gandhi का अगला कार्यक्रम भागीरथपुरा क्षेत्र में तय है। यहां वे हालिया घटनाओं से प्रभावित पीड़ित परिवारों से सीधे मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी पीड़ितों के घर जाकर हालात का जायजा लेंगे। पीड़ितों को 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता कांग्रेस की ओर से जानकारी दी गई है कि राहुल गांधी पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता के रूप में 1-1 लाख रुपये का चेक सौंपेंगे। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह मदद पीड़ितों को तत्काल राहत देने के उद्देश्य से की जा रही है, ताकि वे इस कठिन समय से उबर सकें। मानवीय संवेदना के संदेश के साथ इंदौर दौरा कांग्रेस नेताओं का कहना है कि Rahul Gandhi का यह दौरा राजनीतिक से अधिक मानवीय संवेदना से जुड़ा हुआ है। उनका प्रयास है कि पीड़ित परिवार खुद को अकेला न समझें। राहुल गांधी के इंदौर दौरे को लेकर शहर में दिनभर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं, वहीं प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े इंतजाम किए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tariff

Trump Greenland Threat ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकी से बढ़ा वैश्विक तनाव, कनाडा-डेनमार्क आमने-सामने

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Trump) एक बार फिर अपने बयानों को लेकर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में हैं। इस बार मामला दुनिया के सबसे बड़े द्वीप ग्रीनलैंड (Greenland) का है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर दूसरे देश अमेरिका के ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की योजना का समर्थन नहीं करते, तो उन पर भारी टैरिफ (Tariff Threat) लगाए जा सकते हैं। उनके इस बयान ने वैश्विक राजनीति में नई बहस और चिंता को जन्म दे दिया है। ट्रंप की धमकी और अमेरिका का तर्क Trump का कहना है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security) के लिए बेहद अहम है। उन्होंने आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन की बढ़ती गतिविधियों का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका अपने हितों की अनदेखी नहीं कर सकता। ट्रंप के मुताबिक, टैरिफ लगाना उन देशों पर दबाव बनाने का एक तरीका हो सकता है जो अमेरिका की इस रणनीति के रास्ते में खड़े हैं। डेनमार्क और ग्रीनलैंड का सख्त रुख Trump के बयान के बाद डेनमार्क और ग्रीनलैंड की प्रतिक्रिया भी उतनी ही साफ और सख्त रही। डेनमार्क ने दो टूक कहा कि ग्रीनलैंड उसकी संप्रभुता के अंतर्गत आता है और किसी भी तरह की धमकी या सौदेबाजी स्वीकार नहीं की जाएगी। वहीं ग्रीनलैंड के स्थानीय नेताओं ने भावनात्मक लहजे में कहा कि यह द्वीप “बिकाऊ नहीं है” और वहां के लोग अपने भविष्य का फैसला खुद करेंगे। कनाडा और यूरोपीय देशों का समर्थन इस पूरे विवाद में कनाडा भी खुलकर सामने आया है। कनाडाई प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका देश हर हाल में ग्रीनलैंड के साथ खड़ा है और उसकी संप्रभुता का सम्मान करता है। इसके अलावा कई यूरोपीय देशों और नाटो सहयोगियों ने भी ट्रंप की टैरिफ धमकी को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया है। उनका कहना है कि किसी भी क्षेत्र पर जबरन कब्जे की सोच आधुनिक विश्व व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। क्यों इतना अहम है ग्रीनलैंड? ग्रीनलैंड केवल बर्फ से ढका एक द्वीप नहीं है। यह इलाका के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। जलवायु परिवर्तन के कारण यहां नए रास्ते और संसाधन सामने आ रहे हैं, जिससे बड़ी ताकतों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। ग्रीनलैंड को लेकर Trump की टैरिफ धमकी ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि वैश्विक राजनीति में शक्ति और हितों की टकराहट कितनी गहरी हो सकती है। जहां अमेरिका अपने सुरक्षा हितों की बात कर रहा है, वहीं ग्रीनलैंड, डेनमार्क और उनके समर्थक देश संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय नियमों पर जोर दे रहे हैं। आने वाले समय में यह विवाद किस दिशा में जाएगा, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Maharashtra

Maharashtra Municipal Result 2026 BJP+ का शहरी स्ट्रॉन्गहोल्ड, Congress को Latur और Chandrapur में राहत

महाराष्ट्र (Maharashtra) नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की शहरी राजनीति की तस्वीर लगभग साफ कर दी है। 29 नगर निगमों में हुए चुनावों के रुझानों और नतीजों में बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन (BJP+) ने बड़ा दबदबा दिखाया है। शुरुआती और लगभग अंतिम रुझानों के मुताबिक 23 से 25 नगर निगमों में BJP+ को बढ़त या जीत मिली है, जबकि कुछ जगहों पर कांग्रेस और विपक्षी दलों ने भी मजबूत प्रदर्शन किया है। Mumbai, Pune, Nagpur में BJP+ का दमदार प्रदर्शन राज्य के तीन सबसे बड़े और अहम नगर निगम—मुंबई (BMC), पुणे और नागपुर—में बीजेपी और उसके सहयोगियों ने बढ़त बना ली है। इन नतीजों को शहरी मतदाताओं के बीच बीजेपी की पकड़ के रूप में देखा जा रहा है, खासकर विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थिर प्रशासन जैसे मुद्दों को लेकर। Latur और Chandrapur में Congress को राहत जहां एक तरफ BJP+ का दबदबा दिखा, वहीं लातूर और चंद्रपुर जैसे नगर निगमों में कांग्रेस ने बहुमत हासिल कर या मजबूत बढ़त बनाकर राहत की सांस ली है। इन इलाकों में स्थानीय मुद्दों, उम्मीदवारों और संगठन की पकड़ ने कांग्रेस को फायदा पहुंचाया। अन्य नगर निगमों का हाल मतदाता रुझान और राजनीतिक संकेत इन चुनावों में शहरी मतदाताओं का रुझान साफ तौर पर स्थिरता और मजबूत नेतृत्व की ओर झुका दिखता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये नतीजे आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए भी संकेत देने वाले हो सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Update 16 Jan 2026 Sensex-Nifty Today Highlights और Top Movers

आज, 16 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में जोरदार तेजी देखने को मिली। BSE Sensex ने लगभग 700 पॉइंट्स की बढ़त दर्ज की और Nifty 50 25,800 के ऊपर ट्रेड कर रहा है। निवेशकों का भरोसा IT और Banking सेक्टर के मजबूत प्रदर्शन से बढ़ा, जबकि बड़ी कंपनियों के तिमाही परिणाम ने बाजार को नई ऊर्जा दी। आज के Market Movers – IT और Tech Stocks की चमक Banking और Financial Stocks भी चमके Other Stocks on Radar Sensex और Nifty Levels Summary – क्या सीखें आज के Market से? 16 जनवरी 2026 का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक और उत्साहजनक रहा। आज का दिन यह साबित करता है कि सही सेक्टर और सही स्टॉक्स में निवेश, मार्केट मूड को बदल सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold & Silver Today चांदी ₹2.89 लाख/kg और सोना ₹1.47 लाख/10g तक पहुंचा

देश के बुलियन मार्केट (Bullion Market) में 2026 की शुरुआत में ही एक जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। चांदी (Silver) और सोना (Gold) दोनों ने नया ऑल टाइम हाई (All-Time High) छू लिया है, जिससे निवेशकों और ज्वैलर्स में उत्साह और उत्सुकता दोनों बढ़ गई है। चांदी (Silver) का नया रिकॉर्ड चांदी की कीमत ने लगभग ₹2,89,000 प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक स्तर पार किया। केवल पिछले चार दिनों में इसकी कीमत में ₹40,000 से अधिक की तेजी आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह तेजी वैश्विक मार्केट अनिश्चितताओं, कमज़ोर डॉलर और औद्योगिक मांग में वृद्धि के कारण हो रही है। चांदी न केवल निवेश का सुरक्षित माध्यम है, बल्कि यह सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहनों में उपयोग होने के कारण भी डिमांड बढ़ा रही है। सोना (Gold) की लगातार बढ़ती कीमत सोने ने भी रिकॉर्ड बनाया और आज ₹1,47,300 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। जनवरी की शुरुआत से लगभग 7% का उछाल देखा गया है। सोने की इस तेजी के पीछे निवेशक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीतिक अस्थिरताओं में सुरक्षा तलाशते हुए इसमें निवेश कर रहे हैं। क्यों बढ़ रही हैं कीमतें? निवेशकों के लिए टिप्स विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि वर्तमान स्तर पर निवेश लाभ लेने और सावधानी के संतुलन के साथ किया जाए। मार्केट रुझान लगातार बदल रहे हैं, इसलिए अपडेटेड जानकारी पर ध्यान देना जरूरी है। आज का सारांश धातु वर्तमान कीमत (India) ट्रेंड चांदी (Silver) ₹2,89,000 / kg तेजी में सोना (Gold) ₹1,47,300 / 10g रिकॉर्ड हाई हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Yashwant Varma

Justice Yashwant Varma के खिलाफ Parliamentary Committee की जांच जारी Supreme Court ने रोक नहीं लगाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश Justice Yashwant Varma के लिए हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा झटका दिया है। अदालत ने उनके उस आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ गठित Parliamentary Investigation Committee को चुनौती दी थी। इस फैसले के बाद अब उनके खिलाफ लगे corruption allegations की संसदीय जांच पूरी तरह से जारी रह सकेगी। मामला क्या है? जस्टिस यशवंत वर्मा तब विवादों में आए थे जब दिल्ली हाईकोर्ट में उनका official residence आग की घटना के बाद खुलासा हुआ कि वहां बड़ी मात्रा में unaccounted cash मिली। इसके बाद उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे और उन्हें बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया गया। संसदीय कार्रवाई की शुरुआत लोकसभा में उनके खिलाफ impeachment motion पेश किया गया। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने Judges (Inquiry) Act, 1968 के तहत तीन सदस्यीय संसदीय जांच समिति का गठन किया। इस समिति का काम है आरोपों की निष्पक्ष जांच करना। हालांकि, राज्यसभा में यह प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हो सका क्योंकि उपसभापति ने इसे पहले ही रिजेक्ट कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस वर्मा की दलील जस्टिस वर्मा ने दलील दी कि जब तक दोनों सदनों में महाभियोग प्रस्ताव स्वीकार नहीं होता, तब तक संसदीय जांच समिति का गठन कानूनी रूप से सही नहीं है। उनका कहना था कि लोकसभा अध्यक्ष ने एकतरफा निर्णय लिया, जो कानून के खिलाफ है। कोर्ट का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि: इस निर्णय के बाद संसदीय जांच समिति को जस्टिस वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच जारी रखने का हक मिल गया। अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला न्यायिक जवाबदेही और transparency की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। जस्टिस यशवंत वर्मा के लिए यह एक बड़ा झटका है, जबकि संसद को उनके खिलाफ गंभीर आरोपों की जांच जारी रखने का अधिकार मिल गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Venezuela

US–Venezuela Relations मचाडो का भावनात्मक कदम, Trump को दिया Nobel Prize पदक

Venezuela Politics से जुड़ी एक बड़ी और भावनात्मक खबर सामने आई है। वेनेज़ुएला की चर्चित विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो (Maria Corina Machado) ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को अपने Nobel Peace Prize का पदक प्रतीकात्मक रूप से सौंपा है। इस मुलाकात के बाद मचाडो ने कहा कि उन्हें अब “अमेरिकी राष्ट्रपति पर भरोसा है”। यह मुलाकात वॉशिंगटन में हुई, जिसने न सिर्फ वेनेज़ुएला की राजनीति बल्कि US–Venezuela Relations को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है। Nobel Prize देना प्रतीकात्मक, नियम नहीं बदले मारिया कोरिना मचाडो को हाल ही में Venezuela में लोकतंत्र, मानवाधिकार और तानाशाही के खिलाफ संघर्ष के लिए नोबेल शांति पुरस्कार मिला था। ट्रंप को दिया गया पदक केवल एक प्रतीकात्मक सम्मान है। नोबेल समिति पहले ही साफ कर चुकी है कि नोबेल पुरस्कार किसी और को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता और आधिकारिक तौर पर यह सम्मान मचाडो के नाम पर ही रहेगा। President बनने की चर्चा थी, लेकिन Trump का खुला समर्थन नहीं पिछले कुछ महीनों से यह चर्चा तेज थी कि मचाडो वेनेज़ुएला (Venezuela) की अगली राष्ट्रपति बन सकती हैं। उन्हें देश के भीतर और बाहर लोकतंत्र समर्थक चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इस मुलाकात के बावजूद डोनाल्ड ट्रंप ने उनके राष्ट्रपति बनने का खुलकर समर्थन नहीं किया। ट्रंप ने संकेत दिए कि अमेरिका वेनेज़ुएला में मौजूदा राजनीतिक हालात को देखते हुए सभी विकल्प खुले रखना चाहता है। इससे साफ है कि अमेरिका की नीति अभी पूरी तरह किसी एक नेता पर केंद्रित नहीं है। बदला हुआ रुख, भरोसे का संदेश दिलचस्प बात यह है कि पहले मचाडो ट्रंप की नीतियों को लेकर सतर्क नजर आती थीं। लेकिन अब उनका बयान बदला हुआ दिखता है। पदक सौंपने के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका और ट्रंप वेनेज़ुएला में लोकतंत्र बहाल करने में अहम भूमिका निभाएंगे। उनके इस कदम को कई लोग एक राजनीतिक अपील के तौर पर देख रहे हैं, ताकि अमेरिका का समर्थन उनके आंदोलन को और मजबूती दे सके। Expert View: इसका मतलब क्या है? राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह पूरा घटनाक्रम एक कूटनीतिक संदेश है। इससे साफ है कि वेनेज़ुएला की सत्ता को लेकर तस्वीर अभी भी धुंधली बनी हुई है। Trump–Machado Meeting और Nobel Peace Prize का यह प्रतीकात्मक कदम भावनात्मक जरूर है, लेकिन इससे तुरंत कोई बड़ा राजनीतिक बदलाव होना तय नहीं माना जा रहा। मचाडो को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली है, पर वेनेज़ुएला की सत्ता तक पहुंचने का रास्ता अब भी लंबा और मुश्किल है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Maharashtra

Maharashtra Civic Polls 2026 मुंबई नगर निगम में कड़ा मुकाबला, Nagpur में BJP का दबदबा

महाराष्ट्र (Maharashtra) में नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की शहरी राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। मतगणना के रुझानों से साफ है कि इस बार BJP+ (महायुति) गठबंधन ने कई बड़े महानगरों में मजबूत बढ़त बना ली है। खास तौर पर मुंबई और नागपुर जैसे अहम शहरों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, जहां मुकाबला सिर्फ सीटों का नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रभाव का भी है। Mumbai BMC Result: कड़ा मुकाबला, लेकिन BJP+ आगे देश की आर्थिक राजधानी मुंबई नगर निगम (BMC) में इस बार चुनावी जंग बेहद दिलचस्प रही। अब तक सामने आए रुझानों के अनुसार BJP+ गठबंधन करीब 44 सीटों पर आगे चल रहा है। वहीं शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और उसके सहयोगी लगभग 24 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।कई वार्डों में मुकाबला इतना नजदीकी है कि हर राउंड के साथ समीकरण बदलते दिखे। फिर भी, मौजूदा रुझान यह संकेत दे रहे हैं कि मुंबई की नगर राजनीति में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। Nagpur Municipal Result: BJP का दबदबा बरकरार नागपुर नगर निगम में तस्वीर कहीं ज्यादा साफ नजर आ रही है। यहां BJP+ गठबंधन लगभग 63 सीटों पर आगे चल रहा है। यह शहर लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है और इस चुनाव में भी पार्टी ने अपनी पकड़ कायम रखी है। विपक्षी दल नागपुर में प्रभावी चुनौती देने में फिलहाल पीछे दिख रहे हैं। अन्य महानगरों में क्या रहा हाल मुंबई और नागपुर के अलावा पुणे, ठाणे, नवी मुंबई, वसई-विरार जैसे प्रमुख नगर निगमों में भी BJP+ को बढ़त मिलती दिख रही है। कुछ जगहों पर कांग्रेस, NCP और शिवसेना (UBT) ने टक्कर जरूर दी, लेकिन कुल मिलाकर रुझान महायुति के पक्ष में रहे हैं। राजनीतिक मायने क्या हैं इन नगर निगम चुनाव परिणामों को सिर्फ स्थानीय निकाय तक सीमित नहीं देखा जा रहा। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि शहरी इलाकों में BJP+ की बढ़त आने वाले समय में राज्य और राष्ट्रीय राजनीति पर असर डाल सकती है। वहीं शिवसेना (उद्धव गुट) के लिए यह चुनाव आत्ममंथन का मौका भी माना जा रहा है। फिलहाल ये सभी आंकड़े मतगणना के रुझानों पर आधारित हैं और अंतिम परिणाम आना अभी बाकी है। लेकिन इतना तय है कि Maharashtra Nagar Nigam Election Result 2026 ने यह साफ कर दिया है कि शहरी महाराष्ट्र में राजनीतिक हवा किस दिशा में बह रही है। आने वाले घंटों में जब अंतिम नतीजे सामने आएंगे, तब यह तस्वीर और भी स्पष्ट हो जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Editor's Picks

Lucknow

Lucknow Fire Breaking इंस्टीट्यूट में आग से मची अफरा-तफरी, कई छात्र घायल

उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में एक इंस्टीट्यूट में अचानक लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे अंदर मौजूद छात्र-छात्राएं और स्टाफ घबरा गए। धुआं भरते ही बिगड़े हालात प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही आग लगी, पूरे भवन में घना धुआं फैल गया और बाहर निकलने के रास्ते बंद होने लगे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई छात्रों को अपनी जान बचाने के लिए पहली मंजिल से नीचे कूदना पड़ा। कई छात्र घायल, अस्पताल में भर्ती इस हादसे में कुछ छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। एक छात्र के नीचे गिरने से लोहे की ग्रिल से टकराने की भी जानकारी सामने आई है, जिससे उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। रेस्क्यू ऑपरेशन और राहत कार्य जारी घटना के बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की गई। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sensex

Market Update: Sensex 500 Points Jump, Nifty में 150 अंकों की बढ़त

आज भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के चेहरे पर खुशी लौट आई जब पूरे दिन खरीदारी का माहौल बना रहा। शुरुआती कारोबार से ही बाजार में तेजी का रुख देखने को मिला और दिन के अंत तक यह मजबूती और गहरी हो गई। Sensex करीब 500 अंकों की बढ़त के साथ 77,300 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं Nifty 50 में भी लगभग 150 अंकों की तेजी दर्ज की गई, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा। बाजार में क्यों लौटी रौनक? पिछले कुछ सत्रों की सुस्ती के बाद आज बाजार में जो तेजी देखने को मिली, उसके पीछे कई अहम वजहें रहीं— इन सभी कारणों ने मिलकर बाजार को मजबूत सपोर्ट दिया। सेक्टर अपडेट: किसने कितना दिया साथ? आज के कारोबार में अलग-अलग सेक्टरों का प्रदर्शन इस तरह रहा— IT सेक्टर: दिन का सबसे बड़ा स्टार, लगातार खरीदारी देखने को मिलीOil & Gas: मजबूत उछाल के साथ निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ीBanking: स्थिर से सकारात्मक रुझानFMCG: हल्की लेकिन स्थिर बढ़त बाजार का मूड कैसा रहा? बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक यह तेजी फिलहाल एक राहत भरी रिकवरी (relief rally) का हिस्सा हो सकती है। हालांकि, आगे भी ग्लोबल संकेत और आर्थिक डेटा बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशकों के बीच फिलहाल बड़े और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों को लेकर भरोसा बढ़ता दिख रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Silver Market कीमतों में जोरदार उछाल, निवेशक सतर्क

देश के सर्राफा बाजार में आज सोना (Gold) और चांदी (Silver) की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। लगातार बढ़ते दामों ने जहां निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है, वहीं आम खरीदारों के बजट पर भी दबाव साफ नजर आने लगा है। ताजा अपडेट के अनुसार चांदी के भाव में आज ₹5,826 प्रति किलोग्राम की बड़ी छलांग दर्ज की गई है। इस तेजी के बाद चांदी का रेट अब करीब ₹2.37 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। बाजार में यह स्तर काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से चांदी लगातार मजबूत बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर सोने की कीमतों में भी तेजी जारी है। 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) अब ₹1,46,000 के आसपास पहुंच गया है, जिसमें ₹1,694 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सोने के दामों में यह उछाल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही बाजारों के संकेतों का असर माना जा रहा है। आखिर क्यों बढ़ रहे हैं Gold-Silver के दाम? विशेषज्ञों के अनुसार सोना-चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता, डॉलर में उतार-चढ़ाव और सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ती मांग इसका मुख्य कारण है। इसके साथ ही भारत में शादी और त्योहारों का सीजन भी नजदीक है, जिससे ज्वेलरी की मांग तेजी से बढ़ रही है। आम लोगों पर असर और निवेश का संकेत लगातार बढ़ते रेट्स का सीधा असर आम खरीदारों पर पड़ रहा है, खासकर उन लोगों पर जो शादी या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं। दूसरी तरफ, निवेशक इसे अभी भी सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बाजार की स्थिति को देखते हुए सोच-समझकर निवेश करना चाहिए। कुल मिलाकर, सोना-चांदी की यह तेजी संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में सर्राफा बाजार और भी ज्यादा सक्रिय और अस्थिर रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

21 दिन से नहीं मिला जीवनरक्षक इंजेक्शन, बच्चों की जान बचाने सड़क पर बैठा पिता; जिला अस्पताल के सामने लगाया जाम

सीहोर में एक पिता की बेबसी उस वक्त सड़क पर उतर आई, जब हीमोफीलिया से पीड़ित उसके दो बच्चों को पिछले 21 दिनों से जीवनरक्षक इंजेक्शन नहीं मिल पाया। बच्चों की बिगड़ती हालत से परेशान पिता ने परिवार सहित जिला अस्पताल के सामने चक्काजाम कर प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। आष्टा तहसील के ग्राम गुराडिया रूपचन्द्र निवासी श्रवण कुमार मेवाड़ा के दो बच्चे हीमोफीलिया जैसी गंभीर अनुवांशिक बीमारी से पीड़ित हैं। इस बीमारी में चोट लगने या रक्तस्राव होने पर खून का थक्का नहीं जमता, जिससे मरीज की जान तक खतरे में पड़ सकती है। इलाज के लिए नियमित रूप से फैक्टर VIII (Factor VIII) इंजेक्शन की आवश्यकता होती है। 21 दिनों से अस्पताल में नहीं है इंजेक्शन परिजनों के अनुसार डॉक्टरों ने बच्चों के लिए फैक्टर VIII इंजेक्शन लिख रखा है, लेकिन जिला अस्पताल के मुख्य दवा स्टोर में पिछले 21 दिनों से यह दवा उपलब्ध नहीं है। इतना ही नहीं, भोपाल में भी सरकारी स्तर पर यह इंजेक्शन नहीं मिल पा रहा है। आर्थिक तंगी बनी मजबूरी श्रवण कुमार ने बताया कि वे बेरोजगार हैं और उनकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि निजी मेडिकल स्टोर से महंगा इंजेक्शन खरीद सकें। उन्होंने 19 जून को कलेक्टर को आवेदन देकर मदद की मांग भी की थी। पिता का कहना है कि यदि मध्य प्रदेश में दवा उपलब्ध नहीं है तो प्रशासन उन्हें बच्चों के इलाज के लिए मुंबई जाने हेतु कम से कम 15 दिनों की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए। बच्चों की जान बचाने सड़क पर बैठा परिवार जब लगातार शिकायतों के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला तो परेशान पिता अपने परिवार के साथ जिला चिकित्सालय के सामने सड़क पर बैठ गए। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हो गया। बच्चों की जान बचाने की गुहार लगाते इस परिवार को देखकर मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए। सिविल सर्जन ने दिया आश्वासन चक्काजाम और हंगामे की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल के सिविल सर्जन मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवार से बातचीत कर उनकी समस्या सुनी और जल्द से जल्द फैक्टर VIII इंजेक्शन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कराने के प्रयास किए गए। व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता और गरीब मरीजों को समय पर इलाज मिलने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते दवा उपलब्ध करा दी जाती, तो एक परिवार को सड़क पर उतरकर अपनी पीड़ा जाहिर करने की नौबत नहीं आती। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
Keir Starmer

Keir Starmer Resigns: ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा उलटफेर, Andy Burnham सबसे बड़े दावेदार

ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि उनकी अपनी पार्टी लेबर पार्टी (Labour Party) के कई सांसदों को अब यह भरोसा नहीं है कि वह अगले आम चुनाव (General Election) में पार्टी को जीत दिला पाएंगे। ऐसे में उन्होंने पार्टी और देश के हित को प्राथमिकता देते हुए पद छोड़ने का फैसला लिया। स्टार्मर ने अपने संबोधन में कहा कि नेतृत्व केवल पद पर बने रहने का नाम नहीं है, बल्कि सही समय पर सही फैसला लेना भी उतना ही जरूरी होता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नए नेता के चुने जाने तक वह कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे, ताकि सत्ता का हस्तांतरण बिना किसी राजनीतिक अस्थिरता के पूरा हो सके। पार्टी के भीतर बढ़ता गया दबाव पिछले कुछ महीनों से लेबर पार्टी के अंदर स्टार्मर के नेतृत्व को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। कई सांसदों का मानना था कि सरकार की लोकप्रियता में गिरावट और हाल के चुनावी प्रदर्शन को देखते हुए मौजूदा नेतृत्व के साथ अगले चुनाव में जीत आसान नहीं होगी। इसी बीच कुछ उपचुनावों के नतीजों और पार्टी के अंदर बढ़ती नाराजगी ने नेतृत्व परिवर्तन की मांग को और मजबूत कर दिया। आखिरकार, लगातार बढ़ते दबाव के बाद स्टार्मर ने इस्तीफा देने का फैसला किया। Andy Burnham बन सकते हैं नए प्रधानमंत्री स्टार्मर के इस्तीफे के बाद एंडी बर्नहैम (Andy Burnham) का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में सामने आया है। पार्टी के कई सांसद उनके समर्थन में बताए जा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि नेतृत्व चुनाव में कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ, तो बर्नहैम ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं। हालांकि, लेबर पार्टी की आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नए नेता और प्रधानमंत्री के नाम की औपचारिक घोषणा होगी। ब्रिटेन की राजनीति पर क्या पड़ेगा असर? प्रधानमंत्री के अचानक इस्तीफे से ब्रिटेन की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। नई सरकार बनने के बाद आर्थिक नीतियों, विदेश नीति और घरेलू सुधारों में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नया नेतृत्व आने के बाद लेबर पार्टी अपनी रणनीति में बदलाव कर सकती है ताकि अगले आम चुनाव से पहले जनता का भरोसा दोबारा हासिल किया जा सके। वहीं विपक्ष भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। सत्ता परिवर्तन पर दुनिया की नजर कीर स्टार्मर ने अपने कार्यकाल के दौरान कई अहम फैसले लिए, लेकिन पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष ने उनके लिए पद पर बने रहना मुश्किल बना दिया। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि लेबर पार्टी अपना नया नेता किसे चुनती है और ब्रिटेन की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है। यदि एंडी बर्नहैम प्रधानमंत्री बनते हैं, तो यह केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा, बल्कि लेबर पार्टी के लिए नई राजनीतिक शुरुआत भी मानी जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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