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Greenland

Greenland समझौता और Trump का टैरिफ फैसला Europe Relations पर असर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में यूरोपीय देशों पर लगाई जाने वाली 10% टैरिफ (Tariff) की धमकी वापस ले ली है। ये टैरिफ 1 फरवरी से लागू होने वाला था और इसे भविष्य में 25% तक बढ़ाने की चेतावनी भी दी गई थी। लेकिन अब ट्रंप ने इसे रद्द कर दिया है, और इसकी वजह उन्होंने NATO और Greenland पर एक समझौते का फ्रेमवर्क (Framework) बताया। किन देशों पर था टैरिफ खतरा? टैरिफ की योजना के तहत कुल 8 यूरोपीय देश निशाने पर थे: ट्रंप के अनुसार, NATO महासचिव मार्क रुट्टे के साथ बातचीत के बाद ग्रीनलैंड और आर्कटिक क्षेत्र पर भविष्य का फ्रेमवर्क तय हुआ। इसी के आधार पर उन्होंने टैरिफ को वापस लेने का निर्णय लिया। Greenland और Arctic की स्ट्रैटेजिक अहमियत ग्रीनलैंड को ट्रंप रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानते हैं। उन्होंने इसे अमेरिका के नियंत्रण में लाने की बात भी कही थी। इस प्रस्ताव ने यूरोपीय देशों में विरोध उत्पन्न किया था। टैरिफ की धमकी ने अमेरिकी-यूरोपीय संबंधों में तनाव पैदा किया और वैश्विक मार्केट में हलचल मचाई। हालांकि, फ्रेमवर्क की पूरी डिटेल अभी सार्वजनिक नहीं हुई है और कुछ यूरोपीय नेताओं ने ट्रंप के दावों पर सवाल उठाए हैं। फिर भी, टैरिफ वापस लेने का कदम दोनों पक्षों के बीच संबंध सुधारने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। Human Angle: क्यों यह फैसला महत्वपूर्ण है? यह सिर्फ राजनीतिक निर्णय नहीं है, बल्कि लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर भी असर डालता है। टैरिफ से महंगाई बढ़ सकती थी और व्यापारिक रिश्तों में तनाव भी बढ़ सकता था। इसे वापस लेने से यूरोप और अमेरिका के बीच भरोसे का माहौल बना है और आर्थिक स्थिरता के संकेत भी मिल रहे हैं। संक्षेप में, ट्रंप ने ग्रीनलैंड विवाद को सुलझाने का दावा करते हुए यूरोपीय देशों पर टैरिफ योजना वापस ली। उन्होंने कहा कि NATO और अमेरिका के बीच भविष्य के समझौते का फ्रेमवर्क तैयार है। यह कदम दोनों पक्षों के बीच संबंधों में सुधार और भरोसा बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Gold Silver Price Today ट्रंप के फैसले का असर, सोना और चांदी हुए सस्ते

आज सर्राफा बाजार में हलचल है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक अहम फैसले के बाद सोने (Gold)और चांदी (Silver) की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है। अगर आप सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे थे, तो यह खबर आपके लिए राहत भरी हो सकती है। क्यों सस्ता हुआ सोना-चांदी? हाल ही में ट्रंप की ओर से टैरिफ से जुड़े फैसले को लेकर आए संकेतों ने ग्लोबल मार्केट में भरोसा बढ़ाया है। इससे निवेशक सुरक्षित निवेश यानी गोल्ड और सिल्वर से थोड़ा पीछे हटे हैं। नतीजा यह हुआ कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम गिरे और उसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखा। आज के ताजा भाव (संकेतात्मक) एमसीएक्स और स्थानीय सर्राफा बाजार दोनों में कीमतों में नरमी रही है। हालांकि शहर और शुद्धता के हिसाब से भावों में थोड़ा फर्क हो सकता है। निवेशकों के लिए क्या मतलब? अगर आप लंबे समय के लिए निवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह गिरावट एक अच्छा मौका हो सकती है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अभी बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए एक साथ बड़ी रकम लगाने से पहले सोच-समझकर फैसला लें। खरीदने से पहले ध्यान दें ट्रंप के फैसले का असर सीधे सोने-चांदी (Gold-Silver) की कीमतों पर पड़ा है और आज खरीदारों के लिए माहौल अनुकूल नजर आ रहा है। अगर आप गहने खरीदने या निवेश करने की सोच रहे हैं, तो आज का दिन आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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अविमुक्तेश्वरानंद

Prayagraj Magh Mela में हंगामा अविमुक्तेश्वरानंद को Ban की चेतावनी

प्रयागराज में बढ़ा विवाद प्रयागराज में चल रहे विश्वप्रसिद्ध माघ मेले (Magh Mela) को लेकर प्रशासन और संत अविमुक्तेश्वरानंद के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। जिला प्रशासन ने उन्हें दूसरा नोटिस जारी करते हुए साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर उनके किसी भी कृत्य से फिर से मेले की व्यवस्था प्रभावित हुई, तो उन्हें माघ मेले से बैन (Ban) किया जा सकता है। व्यवस्था बिगड़ने का आरोप प्रशासन का कहना है कि हाल ही में अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े एक कार्यक्रम के कारण भीड़ अचानक बढ़ गई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और यातायात व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, हालात इतने बिगड़ गए कि श्रद्धालुओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ी और कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ा। पहले भी मिल चुका है नोटिस इससे पहले भी प्रशासन ने उन्हें नियमों के उल्लंघन को लेकर नोटिस भेजा था, लेकिन उसके बावजूद हालात में कोई खास सुधार नहीं हुआ। इसी को देखते हुए अब दूसरा नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन की सख्त चेतावनी नोटिस में स्पष्ट लिखा गया है कि माघ मेला एक संवेदनशील और विशाल धार्मिक आयोजन है, जहां हर दिन लाखों श्रद्धालु स्नान और पूजा के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी व्यक्ति या संगठन की लापरवाही भारी पड़ सकती है।प्रशासन ने यह भी कहा है कि यदि अविमुक्तेश्वरानंद ने बिना अनुमति कोई कार्यक्रम किया या भीड़ को उकसाने वाली गतिविधियों में हिस्सा लिया, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ मेले में प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है। समर्थकों में नाराज़गी इस पूरे मामले पर अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थकों में नाराज़गी देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि संत को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, जबकि प्रशासन का तर्क है कि नियम सबके लिए बराबर हैं और किसी को भी विशेष छूट नहीं दी जा सकती। आगे क्या होगा? फिलहाल दूसरा नोटिस जारी होने के बाद माहौल और गंभीर हो गया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि अविमुक्तेश्वरानंद प्रशासन की चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेते हैं। अगर भविष्य में भी ऐसी स्थिति बनी रही, तो माघ मेले से उनका बैन होना लगभग तय माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Prayagraj

Prayagraj हवा में संतुलन खो बैठा Air Force विमान, तालाब में गिरा, बड़ा हादसा टला

प्रयागराज (Prayagraj) शहर बुधवार दोपहर अचानक दहशत और अफरा-तफरी में बदल गया, जब भारतीय वायुसेना का एक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट (Trainer Aircraft) हवा में डगमगाते हुए शहर के बीचों-बीच तालाब में जा गिरा। यह हादसा केपी कॉलेज के पीछे हुआ, जो माघ मेला क्षेत्र से करीब 3 किलोमीटर दूर है। घटना के वक्त लोग रोज़मर्रा की ज़िंदगी में व्यस्त थे। तभी अचानक तेज आवाज़ के साथ विमान नीचे आता दिखा और कुछ ही सेकेंड में तालाब में समा गया। आसपास मौजूद लोगों ने मोबाइल से वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हवा में डगमगाया और तालाब में गिरा प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विमान उड़ान भरते समय अचानक संतुलन खो बैठा। कुछ सेकेंड तक वह हवा में इधर-उधर झूलता रहा और फिर सीधा तालाब में गिर गया। जोरदार आवाज़ सुनते ही आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े। शुरुआती जानकारी के अनुसार, विमान रूटीन ट्रेनिंग सॉर्टी पर था और उसमें दो पायलट सवार थे। दोनों पायलट सुरक्षित, बड़ा हादसा टला सबसे राहत की बात यह रही कि विमान में मौजूद दोनों पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। स्थानीय लोगों, पुलिस और रेस्क्यू टीम ने मिलकर तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। दोनों पायलटों को मामूली चोटें आई हैं और उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर और खतरे से बाहर है। माघ मेला के पास हादसा, बढ़ी सतर्कता यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब प्रयागराज में माघ मेला चल रहा है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शहर में मौजूद हैं। चूंकि दुर्घटना स्थल मेला क्षेत्र से ज्यादा दूर नहीं है, इसलिए प्रशासन ने पूरे इलाके में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। अगर विमान रिहायशी इलाके में गिरता, तो नुकसान कहीं ज़्यादा बड़ा हो सकता था। इंजन फेल या तकनीकी खराबी? जांच शुरू प्रारंभिक रिपोर्ट में आशंका जताई जा रही है कि विमान के इंजन में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके चलते पायलट नियंत्रण नहीं रख पाए। भारतीय वायुसेना और संबंधित तकनीकी एजेंसियों ने हादसे की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि दुर्घटना की असली वजह क्या थी। वीडियो में दिखा खौफनाक मंजर घटना के वीडियो में साफ दिखाई देता है कि विमान अचानक नीचे की ओर झुकता है और तालाब में गिर जाता है। कुछ ही पल में लोग मौके पर पहुंचते हैं और तालाब के पानी में उतरकर पायलटों को बाहर निकालने की कोशिश करते हैं। प्रशासन और वायुसेना का बयान प्रशासन की ओर से कहा गया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी आम नागरिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। वहीं, वायुसेना ने पुष्टि की है कि दोनों पायलट सुरक्षित हैं और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रयागराज (Prayagraj) में हुआ यह हादसा डरावना जरूर था, लेकिन समय पर हुए रेस्क्यू और पायलटों की सूझ-बूझ से एक बड़ा नुकसान टल गया। फिलहाल पूरा शहर राहत की सांस ले रहा है और सभी की नजरें अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vehicle

Vehicle Alert बिना टोल भुगतान के NOC और Fitness Certificate नहीं मिलेगा

देशभर के vehicle owners के लिए बड़ी चेतावनी सामने आई है। अब अगर किसी वाहन पर टोल टैक्स बकाया है, तो मालिक को कई महत्वपूर्ण सुविधाओं से वंचित होना पड़ सकता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना टोल क्लियरेंस के NOC (No Objection Certificate), fitness certificate, और national permit जारी नहीं होंगे। क्या है पूरी स्थिति? Vehicle Owners के लिए सुझाव अधिकारियों ने सभी वाहन मालिकों से अपील की है कि वे समय पर अपने टोल बकाया का भुगतान करें। ऑनलाइन टोल पेमेंट और RTO रिकॉर्ड अपडेट की सुविधा आसानी से उपलब्ध है। इससे न सिर्फ परेशानी से बचा जा सकता है, बल्कि वाहन से जुड़ी सभी कानूनी सेवाएं भी सुचारू रूप से मिलती रहेंगी। टोल बकाया केवल एक रकम नहीं, बल्कि वाहन मालिक के लिए कई सेवाओं की चाबी है। इसे समय पर चुकाना आपके लिए सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex

Sensex Crash Today सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, दो दिन में 2000 पॉइंट गिरा; निफ्टी भी फिसला

भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन निवेशकों के लिए काफी मुश्किल भरा रहा। लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेज बिकवाली देखने को मिली, जिससे बीएसई सेंसेक्स (Sensex) करीब 1,000 अंक टूटकर 81,100 के स्तर तक आ गया। वहीं एनएसई निफ्टी भी 200 से 350 अंक तक गिर गया। महज दो दिनों में ही सेंसेक्स लगभग 2,000 अंक नीचे आ चुका है, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है। बाजार में क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट? सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव साफ दिखने लगा। गिरावट के पीछे प्रमुख वजहें निवेशकों के लिए क्या संकेत? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट ज्यादातर भावनात्मक और वैश्विक कारणों से जुड़ी हुई है। आम निवेशकों की चिंता कई छोटे निवेशक इस तेज गिरावट से परेशान हैं। एक रिटेल निवेशक का कहना है,“पिछले कुछ महीनों की कमाई दो दिनों में मिट गई। अब समझ नहीं आ रहा कि होल्ड करें या बेच दें।” Sensex Crash Today ने एक बार फिर याद दिला दिया कि शेयर बाजार में उतार–चढ़ाव आम बात है। फिलहाल बाजार पर वैश्विक संकेत, एफआईआई की गतिविधि और कंपनियों के नतीजों का असर बना रहेगा। निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे घबराने के बजाय सोच-समझकर फैसले लें और लंबी अवधि की रणनीति पर टिके रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump

Trump Air Force One में तकनीकी खराबी Davos जाते समय बीच उड़ान से लौटे राष्ट्रपति ट्रम्प

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Trump) जब स्विट्ज़रलैंड के दावोस में होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (World Economic Forum – WEF) में हिस्सा लेने के लिए रवाना हुए, तब उनकी यात्रा अचानक सुर्खियों में आ गई। राष्ट्रपति का विशेष विमान एयरफोर्स-वन टेकऑफ़ के कुछ ही देर बाद तकनीकी खराबी के कारण बीच उड़ान से वापस वाशिंगटन लौट आया। क्या थी तकनीकी खराबी जानकारी के मुताबिक, उड़ान के दौरान विमान में एक “मामूली इलेक्ट्रिकल समस्या” सामने आई। पायलटों और तकनीकी टीम ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जोखिम न लेने का फैसला किया और विमान को तुरंत मैरीलैंड स्थित जॉइंट बेस एंड्रयूज़ की ओर मोड़ दिया। कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया कि प्रेस केबिन की लाइट्स थोड़ी देर के लिए बंद हो गई थीं, जिससे यात्रियों को अंदाजा हो गया था कि कुछ गड़बड़ है। व्हाइट हाउस का बयान व्हाइट हाउस ने साफ किया कि यह कोई गंभीर संकट नहीं था, बल्कि एक एहतियाती कदम था। राष्ट्रपति ट्रम्प और उनका दल सुरक्षित रूप से बेस पर उतर गए। इसके बाद उन्हें दूसरे सरकारी विमान में स्थानांतरित किया गया ताकि वे दावोस की यात्रा जारी रख सकें। दावोस दौरे का महत्व ट्रम्प का दावोस दौरा काफ़ी अहम माना जा रहा है। वहां वे वैश्विक नेताओं और उद्योगपतियों से मुलाकात कर आर्थिक मुद्दों, निवेश और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर चर्चा करने वाले हैं। इस तकनीकी रुकावट से उनके कार्यक्रम में थोड़ी देरी जरूर हुई, लेकिन दौरा रद्द नहीं किया गया। पुराने विमान, नए सवाल गौरतलब है कि मौजूदा एयरफोर्स-वन विमान लगभग चार दशक पुराने हैं। पहले भी इनके रखरखाव और भरोसेमंद संचालन को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इस ताज़ा घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि नए राष्ट्रपति विमानों की जरूरत कितनी जरूरी हो चुकी है। Trump का एयरफोर्स-वन तकनीकी खराबी के कारण बीच उड़ान से लौटना भले ही एक छोटी घटना लगे, लेकिन इससे राष्ट्रपति सुरक्षा, विमान की उम्र और आधुनिक तकनीक की जरूरत जैसे बड़े मुद्दे फिर चर्चा में आ गए हैं। राहत की बात यह रही कि सब कुछ सुरक्षित रहा और राष्ट्रपति अपनी दावोस यात्रा दूसरे विमान से जारी रखने में सफल रहे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market गिरा Sensex और Nifty की बड़ी गिरावट के पीछे क्या है असली वजह?

आज भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में जो कुछ हुआ, उसने छोटे-बड़े हर निवेशक को थोड़ा चौंका दिया।सुबह बाजार खुलते ही कमजोरी दिखने लगी और कुछ ही देर में Sensex और Nifty दोनों लाल निशान में फिसल गए। जिन निवेशकों को कल तक तेजी की उम्मीद थी, आज उनके चेहरे पर चिंता साफ दिखी। Today’s Market Update: क्या हुआ आज बाजार में? आज के कारोबार में: कुल मिलाकर बाजार में “sell first, think later” वाला माहौल दिखा। आखिर Sensex-Nifty क्यों गिरे? जानिए असली कारण 1. Global Market से आए खराब संकेत अमेरिका और यूरोप के बाजार पहले से दबाव में थे।Trade tension और geopolitical issues ने दुनिया भर के निवेशकों को सतर्क बना दिया — और उसका असर सीधा भारत पर दिखा। 2. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली (FII Selling) Foreign investors पिछले कुछ सत्रों से भारतीय शेयर बेच रहे हैं।जब बड़े खिलाड़ी बाहर निकलते हैं, तो बाजार में डर फैलना स्वाभाविक है। 3. कंपनियों के कमजोर नतीजे कुछ बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, खासकर IT सेक्टर में।नतीजों ने यह साफ किया कि फिलहाल growth थोड़ी धीमी हो रही है। 4. रुपये की कमजोरी डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ है।इससे न सिर्फ import महंगा होता है, बल्कि foreign investors का भरोसा भी थोड़ा डगमगाता है। 5. अनिश्चित नीतियाँ और टैरिफ डर अमेरिका-यूरोप के बीच टैरिफ विवाद और policy uncertainty ने investors को risk लेने से रोका। कौन से सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए? आज गिरावट में सबसे आगे रहे:IT सेक्टर – कमजोर global demand की वजह सेBanking & Finance – profit booking और डर की वजह सेRealty और Media Stocks – भारी बिकवाली के शिकार कुछ defensive शेयरों में थोड़ी मजबूती जरूर दिखी, लेकिन overall mood bearish ही रहा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Saina Nehwal

Saina Nehwal Retirement 3 साल से कोर्ट से दूर, घुटने की समस्या ने लिया फैसला

भारतीय बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी Saina Nehwal ने आधिकारिक तौर पर प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन से संन्यास की घोषणा की है। पिछले लगभग 3 साल से कोर्ट से दूर रहने के बाद यह खबर उनके फैंस के लिए भावनात्मक पल लेकर आई है। घुटनों की समस्या ने दी वजह साइना ने कहा कि उनका शरीर अब खेल की उच्च शारीरिक मांगों को नहीं सह सकता। लगातार घुटनों की समस्या (knee injury) और उससे जुड़ी परेशानियों के कारण उन्होंने प्रतिस्पर्धा जारी रखना मुश्किल पाया। उनके घुटनों में आर्थराइटिस और कार्टिलेज डीजेनेरेशन जैसी समस्याएं बढ़ रही थीं, जिससे उच्च स्तर के टूर्नामेंट्स और ट्रेनिंग करना संभव नहीं था। आखिरी मैच और कोर्ट से दूरी साइना ने यह भी बताया कि उन्होंने लगभग दो साल पहले ही खेलना बंद कर दिया था, और इसके बाद कभी कोर्ट पर वापसी नहीं हुई। उनकी आखिरी प्रतिस्पर्धा 2023 में सिंगापुर ओपन में हुई थी। उन्होंने कहा, “अब मैं खुद को और आगे नहीं धकेल सकती, यह सही समय है संन्यास लेने का।” शानदार करियर और उपलब्धियां साइना नेहवाल ने भारतीय बैडमिंटन में एक अलग मुकाम बनाया। 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक, कई अंतरराष्ट्रीय खिताब और विश्व चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन उनके करियर की पहचान है। उनके समर्पण और मेहनत ने ना सिर्फ उन्हें सफलता दिलाई, बल्कि भारतीय बैडमिंटन को वैश्विक पहचान भी दी। भारतीय खेल में युग का अंत उनके संन्यास के साथ ही भारतीय खेल में एक युग का अंत माना जा रहा है। फैंस और खिलाड़ियों के लिए साइना नेहवाल हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी। उनके खेल, संघर्ष और जज्बे की कहानी आने वाली पीढ़ियों को हौसला और प्रेरणा देती रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Silver

Gold & Silver Price चांदी ₹3.05 लाख, सोना ₹1.46 लाख तक पहुंचा

भारतीय मार्केट में सोना (Gold) और चांदी (Silver) ने निवेशकों के लिए रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया है। आज चांदी की कीमत में ₹10,888 की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह ₹3.05 लाख के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई। खास बात यह है कि केवल 20 दिनों में चांदी की कीमत में ₹74,000 का जोरदार उछाल देखा गया। सोने की कीमत में भी उछाल Gold भी Silver की तरह तेजी दिखा रहा है। आज सोने की कीमत ₹2,429 बढ़कर ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम हो गई। निवेशक इसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश के रूप में देख रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में कीमती धातुओं की मांग बढ़ी है, और इसका असर सीधे कीमतों पर दिखाई दे रहा है। तेजी के पीछे क्या कारण हैं? विशेषज्ञों के अनुसार, सोना और चांदी की बढ़ती कीमतों के पीछे कई कारण हैं: निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है? इस तेजी का सबसे बड़ा फायदा निवेशकों को हो रहा है। जो लोग लंबे समय से सोना और चांदी में निवेश कर रहे हैं, उनके पोर्टफोलियो में अच्छा रिटर्न देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि छोटी मात्रा में भी निवेश करना फायदेमंद हो सकता है। मार्केट ट्रेंड और भविष्य Silver की तेजी सोने की तुलना में अधिक रही है, और निवेशक इस समय चांदी की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। आने वाले महीनों में अगर वैश्विक मार्केट में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता, तो यह बढ़त जारी रह सकती है। Gold और चांदी में निवेश अब केवल एक विकल्प नहीं बल्कि सुरक्षित निवेश का जरिया बन गया है। चाहे आप छोटे निवेशक हों या बड़े, यह समय सोने और चांदी में निवेश करने का सही मौका हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Editor's Picks

Lucknow

Lucknow Fire Breaking इंस्टीट्यूट में आग से मची अफरा-तफरी, कई छात्र घायल

उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में एक इंस्टीट्यूट में अचानक लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे अंदर मौजूद छात्र-छात्राएं और स्टाफ घबरा गए। धुआं भरते ही बिगड़े हालात प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही आग लगी, पूरे भवन में घना धुआं फैल गया और बाहर निकलने के रास्ते बंद होने लगे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई छात्रों को अपनी जान बचाने के लिए पहली मंजिल से नीचे कूदना पड़ा। कई छात्र घायल, अस्पताल में भर्ती इस हादसे में कुछ छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। एक छात्र के नीचे गिरने से लोहे की ग्रिल से टकराने की भी जानकारी सामने आई है, जिससे उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। रेस्क्यू ऑपरेशन और राहत कार्य जारी घटना के बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की गई। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sensex

Market Update: Sensex 500 Points Jump, Nifty में 150 अंकों की बढ़त

आज भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के चेहरे पर खुशी लौट आई जब पूरे दिन खरीदारी का माहौल बना रहा। शुरुआती कारोबार से ही बाजार में तेजी का रुख देखने को मिला और दिन के अंत तक यह मजबूती और गहरी हो गई। Sensex करीब 500 अंकों की बढ़त के साथ 77,300 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं Nifty 50 में भी लगभग 150 अंकों की तेजी दर्ज की गई, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा। बाजार में क्यों लौटी रौनक? पिछले कुछ सत्रों की सुस्ती के बाद आज बाजार में जो तेजी देखने को मिली, उसके पीछे कई अहम वजहें रहीं— इन सभी कारणों ने मिलकर बाजार को मजबूत सपोर्ट दिया। सेक्टर अपडेट: किसने कितना दिया साथ? आज के कारोबार में अलग-अलग सेक्टरों का प्रदर्शन इस तरह रहा— IT सेक्टर: दिन का सबसे बड़ा स्टार, लगातार खरीदारी देखने को मिलीOil & Gas: मजबूत उछाल के साथ निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ीBanking: स्थिर से सकारात्मक रुझानFMCG: हल्की लेकिन स्थिर बढ़त बाजार का मूड कैसा रहा? बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक यह तेजी फिलहाल एक राहत भरी रिकवरी (relief rally) का हिस्सा हो सकती है। हालांकि, आगे भी ग्लोबल संकेत और आर्थिक डेटा बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशकों के बीच फिलहाल बड़े और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों को लेकर भरोसा बढ़ता दिख रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Silver Market कीमतों में जोरदार उछाल, निवेशक सतर्क

देश के सर्राफा बाजार में आज सोना (Gold) और चांदी (Silver) की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। लगातार बढ़ते दामों ने जहां निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है, वहीं आम खरीदारों के बजट पर भी दबाव साफ नजर आने लगा है। ताजा अपडेट के अनुसार चांदी के भाव में आज ₹5,826 प्रति किलोग्राम की बड़ी छलांग दर्ज की गई है। इस तेजी के बाद चांदी का रेट अब करीब ₹2.37 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। बाजार में यह स्तर काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से चांदी लगातार मजबूत बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर सोने की कीमतों में भी तेजी जारी है। 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) अब ₹1,46,000 के आसपास पहुंच गया है, जिसमें ₹1,694 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सोने के दामों में यह उछाल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही बाजारों के संकेतों का असर माना जा रहा है। आखिर क्यों बढ़ रहे हैं Gold-Silver के दाम? विशेषज्ञों के अनुसार सोना-चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता, डॉलर में उतार-चढ़ाव और सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ती मांग इसका मुख्य कारण है। इसके साथ ही भारत में शादी और त्योहारों का सीजन भी नजदीक है, जिससे ज्वेलरी की मांग तेजी से बढ़ रही है। आम लोगों पर असर और निवेश का संकेत लगातार बढ़ते रेट्स का सीधा असर आम खरीदारों पर पड़ रहा है, खासकर उन लोगों पर जो शादी या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं। दूसरी तरफ, निवेशक इसे अभी भी सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बाजार की स्थिति को देखते हुए सोच-समझकर निवेश करना चाहिए। कुल मिलाकर, सोना-चांदी की यह तेजी संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में सर्राफा बाजार और भी ज्यादा सक्रिय और अस्थिर रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

21 दिन से नहीं मिला जीवनरक्षक इंजेक्शन, बच्चों की जान बचाने सड़क पर बैठा पिता; जिला अस्पताल के सामने लगाया जाम

सीहोर में एक पिता की बेबसी उस वक्त सड़क पर उतर आई, जब हीमोफीलिया से पीड़ित उसके दो बच्चों को पिछले 21 दिनों से जीवनरक्षक इंजेक्शन नहीं मिल पाया। बच्चों की बिगड़ती हालत से परेशान पिता ने परिवार सहित जिला अस्पताल के सामने चक्काजाम कर प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। आष्टा तहसील के ग्राम गुराडिया रूपचन्द्र निवासी श्रवण कुमार मेवाड़ा के दो बच्चे हीमोफीलिया जैसी गंभीर अनुवांशिक बीमारी से पीड़ित हैं। इस बीमारी में चोट लगने या रक्तस्राव होने पर खून का थक्का नहीं जमता, जिससे मरीज की जान तक खतरे में पड़ सकती है। इलाज के लिए नियमित रूप से फैक्टर VIII (Factor VIII) इंजेक्शन की आवश्यकता होती है। 21 दिनों से अस्पताल में नहीं है इंजेक्शन परिजनों के अनुसार डॉक्टरों ने बच्चों के लिए फैक्टर VIII इंजेक्शन लिख रखा है, लेकिन जिला अस्पताल के मुख्य दवा स्टोर में पिछले 21 दिनों से यह दवा उपलब्ध नहीं है। इतना ही नहीं, भोपाल में भी सरकारी स्तर पर यह इंजेक्शन नहीं मिल पा रहा है। आर्थिक तंगी बनी मजबूरी श्रवण कुमार ने बताया कि वे बेरोजगार हैं और उनकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि निजी मेडिकल स्टोर से महंगा इंजेक्शन खरीद सकें। उन्होंने 19 जून को कलेक्टर को आवेदन देकर मदद की मांग भी की थी। पिता का कहना है कि यदि मध्य प्रदेश में दवा उपलब्ध नहीं है तो प्रशासन उन्हें बच्चों के इलाज के लिए मुंबई जाने हेतु कम से कम 15 दिनों की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए। बच्चों की जान बचाने सड़क पर बैठा परिवार जब लगातार शिकायतों के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला तो परेशान पिता अपने परिवार के साथ जिला चिकित्सालय के सामने सड़क पर बैठ गए। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हो गया। बच्चों की जान बचाने की गुहार लगाते इस परिवार को देखकर मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए। सिविल सर्जन ने दिया आश्वासन चक्काजाम और हंगामे की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल के सिविल सर्जन मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवार से बातचीत कर उनकी समस्या सुनी और जल्द से जल्द फैक्टर VIII इंजेक्शन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कराने के प्रयास किए गए। व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता और गरीब मरीजों को समय पर इलाज मिलने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते दवा उपलब्ध करा दी जाती, तो एक परिवार को सड़क पर उतरकर अपनी पीड़ा जाहिर करने की नौबत नहीं आती। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
Keir Starmer

Keir Starmer Resigns: ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा उलटफेर, Andy Burnham सबसे बड़े दावेदार

ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि उनकी अपनी पार्टी लेबर पार्टी (Labour Party) के कई सांसदों को अब यह भरोसा नहीं है कि वह अगले आम चुनाव (General Election) में पार्टी को जीत दिला पाएंगे। ऐसे में उन्होंने पार्टी और देश के हित को प्राथमिकता देते हुए पद छोड़ने का फैसला लिया। स्टार्मर ने अपने संबोधन में कहा कि नेतृत्व केवल पद पर बने रहने का नाम नहीं है, बल्कि सही समय पर सही फैसला लेना भी उतना ही जरूरी होता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नए नेता के चुने जाने तक वह कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे, ताकि सत्ता का हस्तांतरण बिना किसी राजनीतिक अस्थिरता के पूरा हो सके। पार्टी के भीतर बढ़ता गया दबाव पिछले कुछ महीनों से लेबर पार्टी के अंदर स्टार्मर के नेतृत्व को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। कई सांसदों का मानना था कि सरकार की लोकप्रियता में गिरावट और हाल के चुनावी प्रदर्शन को देखते हुए मौजूदा नेतृत्व के साथ अगले चुनाव में जीत आसान नहीं होगी। इसी बीच कुछ उपचुनावों के नतीजों और पार्टी के अंदर बढ़ती नाराजगी ने नेतृत्व परिवर्तन की मांग को और मजबूत कर दिया। आखिरकार, लगातार बढ़ते दबाव के बाद स्टार्मर ने इस्तीफा देने का फैसला किया। Andy Burnham बन सकते हैं नए प्रधानमंत्री स्टार्मर के इस्तीफे के बाद एंडी बर्नहैम (Andy Burnham) का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में सामने आया है। पार्टी के कई सांसद उनके समर्थन में बताए जा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि नेतृत्व चुनाव में कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ, तो बर्नहैम ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं। हालांकि, लेबर पार्टी की आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नए नेता और प्रधानमंत्री के नाम की औपचारिक घोषणा होगी। ब्रिटेन की राजनीति पर क्या पड़ेगा असर? प्रधानमंत्री के अचानक इस्तीफे से ब्रिटेन की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। नई सरकार बनने के बाद आर्थिक नीतियों, विदेश नीति और घरेलू सुधारों में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नया नेतृत्व आने के बाद लेबर पार्टी अपनी रणनीति में बदलाव कर सकती है ताकि अगले आम चुनाव से पहले जनता का भरोसा दोबारा हासिल किया जा सके। वहीं विपक्ष भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। सत्ता परिवर्तन पर दुनिया की नजर कीर स्टार्मर ने अपने कार्यकाल के दौरान कई अहम फैसले लिए, लेकिन पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष ने उनके लिए पद पर बने रहना मुश्किल बना दिया। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि लेबर पार्टी अपना नया नेता किसे चुनती है और ब्रिटेन की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है। यदि एंडी बर्नहैम प्रधानमंत्री बनते हैं, तो यह केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा, बल्कि लेबर पार्टी के लिए नई राजनीतिक शुरुआत भी मानी जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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