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Pahalgam

Pahalgam Terror Attack India-Pakistan Tension बढ़ा, जलविद्युत परियोजनाएं बनीं नई जंग की वजह

जम्मू-कश्मीर के Pahalgam में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक नए मुकाम पर पहुंच गया है। भारत ने न सिर्फ सिंधु जल संधि को निलंबित किया है, बल्कि दो अहम जलविद्युत परियोजनाओं पर काम भी शुरू कर दिया है, जिससे पड़ोसी मुल्क में खलबली मच गई है। Pahalgam हमला: 26 पर्यटकों की मौत से भड़का माहौल 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दर्दनाक आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई। भारत ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और भी गहरा हो गया। भारत का बड़ा कदम: सिंधु जल संधि निलंबित, परियोजनाएं शुरू इस हमले के जवाब में भारत सरकार ने 1960 की सिंधु जल संधि को आंशिक रूप से निलंबित कर दिया है। साथ ही, जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर स्थित सलाल और बगलिहार जलविद्युत परियोजनाओं पर पुनः कार्य शुरू कर दिया गया है। पाकिस्तान की कड़ी चेतावनी: परमाणु हमले तक की धमकी भारत के इस कदम पर पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान के एक वरिष्ठ राजनयिक ने बयान दिया कि, “अगर भारत ने हमारे जल संसाधनों में हस्तक्षेप किया, तो हम अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल करेंगे—परमाणु विकल्प सहित।” कूटनीतिक और सैन्य तनाव चरम पर DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
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pancang

3 मई 2025 (शनिवार) का पंचांग

तिथि: कृष्ण पक्ष द्वितीया नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा योग: सिध्धि करण: वणिज सूर्योदय: 05:47 AM सूर्यास्त: 06:50 PM चंद्रोदय: 08:00 PM (लगभग) चंद्र राशि: कर्क राहुकाल: 09:00 AM – 10:40 AM शुभ मुहूर्त: वाहन, संपत्ति क्रय के लिए श्रेष्ठ ग्रह दशा: सूर्य मेष में, चंद्रमा कर्क में
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Daily Horoscope

3 मई 2025 शनिवार| (Saturday)| दैनिक राशिफल (Daily Horoscope)

मेष (Aries ♈️): सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। परिश्रम का फल मिलेगा। वृषभ (Taurus ♉️): घरेलू खर्च बढ़ सकता है। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। मिथुन (Gemini ♊️): विद्यार्थियों के लिए समय उत्तम है। मेहनत रंग लाएगी। कर्क (Cancer ♋️): घर-परिवार में सुख-शांति रहेगी। संपत्ति लाभ संभव है। सिंह (Leo ♌️): भावनाओं में बहने से बचें। निवेश में सतर्क रहें। कन्या (Virgo ♍️): किसी पुराने मित्र से मिल सकते हैं। मानसिक शांति मिलेगी। तुला (Libra ♎️): प्रेम जीवन में नई शुरुआत हो सकती है। अच्छे अवसर मिलेंगे। वृश्चिक (Scorpio ♏️): बिजनेस में लाभ होगा। परिवार के साथ समय बिताएंगे। धनु (Sagittarius ♐️): नए लक्ष्य बनाएं और उस पर काम करें। सफलता मिलेगी। मकर (Capricorn ♑️): बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। करियर में तरक्की संभव है। कुंभ (Aquarius ♒️): दोस्तों के साथ आउटिंग का मौका मिलेगा। मन प्रसन्न रहेगा। मीन (Pisces ♓️): सकारात्मक सोच रखें। पुरानी समस्याएं सुलझेंगी।
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India

India Pakistan Tension: बांग्लादेश जनरल की धमकी – “अगर India ने Pakistan पर हमला किया तो Northeast India पर करेंगे कब्ज़ा”

दक्षिण एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर है। जम्मू-कश्मीर के पाहलगाम आतंकी हमले के बाद जहां India में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा है, वहीं बांग्लादेश से आया एक बयान भारत के लिए नई चुनौती बनता नजर आ रहा है। बांग्लादेश के अंतरिम नेता मुहम्मद यूनुस के करीबी और रिटायर्ड मेजर जनरल ए.एल.एम. फजलुर रहमान ने विवादास्पद बयान देते हुए कहा कि अगर भारत ने पाकिस्तान पर हमला किया, तो बांग्लादेश को भारत के पूर्वोत्तर राज्यों (Northeast India) पर कब्जा कर लेना चाहिए। बांग्लादेश-चीन गठजोड़ की वकालत जनरल रहमान ने कहा कि बांग्लादेश को इस रणनीति को अंजाम देने के लिए चीन (China) के साथ सैन्य गठबंधन (Military Alliance) पर विचार करना चाहिए। उनका दावा है कि भारत के पूर्वोत्तर राज्य “landlocked” हैं, यानी वे समुद्र से कटे हुए हैं, और इन क्षेत्रों के लिए बांग्लादेश ही एकमात्र समुद्री मार्ग है। इसलिए, उन्होंने बांग्लादेश को “समुद्र का गार्डियन” करार दिया। 🇮🇳 भारत का जवाब – पूर्वोत्तर क्षेत्र बनेगा Connectivity Hub भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इन बयानों को लेकर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत का पूर्वोत्तर क्षेत्र अब सिर्फ सीमित भूभाग नहीं, बल्कि BIMSTEC जैसे क्षेत्रीय मंचों के तहत एक Connectivity Hub के रूप में विकसित हो रहा है। भारत वहां इंफ्रास्ट्रक्चर और रोड कनेक्टिविटी बढ़ा रहा है जिससे दक्षिण एशियाई देशों के बीच सहयोग मजबूत हो सके। India-बांग्लादेश रिश्तों में तनाव यह बयान उस समय आया है जब भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण हैं। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत में शरण लिए हुए हैं। वहीं, बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर भी भारत ने चिंता जताई है। DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
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Vizhinjam

पीएम मोदी ने किया Vizhinjam International Port राष्ट्र को समर्पित – भारत का पहला Deep Water Transshipment Port अब केरल में

तिरुवनंतपुरम (केरल), 2 मई 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के तट पर बने Vizhinjam International Seaport को देश को समर्पित किया। यह बंदरगाह भारत का पहला Deep Water Transshipment Port है और इसे भारत के समुद्री क्षेत्र के लिए एक Game Changer माना जा रहा है। इस ऐतिहासिक मौके पर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और अडाणी ग्रुप के सीईओ करण अडाणी भी मौजूद रहे। PM Modi Kerala Visit: Vizhinjam Port से भारत को क्या मिलेगा? विजिंजम पोर्ट की गहराई 24 मीटर है और यह दुनिया के सबसे बड़े कंटेनर जहाजों को संभालने में सक्षम है। इसकी खासियत यह है कि यह पोर्ट अंतरराष्ट्रीय समुद्री रूट से सिर्फ 10 नॉटिकल माइल्स दूर है, जिससे भारत को अब कोलंबो, सिंगापुर और दुबई जैसे विदेशी ट्रांसशिपमेंट हब्स पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। 5000+ रोजगार और ₹5000 करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट इस प्रोजेक्ट से केरल और भारत दोनों को जबरदस्त आर्थिक और रोजगार लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, यह बंदरगाह 5,000 से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार देगा और लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और टूरिज्म जैसे क्षेत्रों को भी बूस्ट करेगा। केरल सरकार ने इसके लिए ₹5,000 करोड़ का विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज घोषित किया है, जिसमें सड़क और रेलवे कनेक्टिविटी को भी सुधारा जाएगा। 10 KM रेलवे टनल और Smart Cargo Handling विजिंजम पोर्ट को Balaramapuram स्टेशन से जोड़ने के लिए 10.2 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन प्रस्तावित है, जिसमें 9.2 किमी लंबी सुरंग (Tunnel) होगी। इससे माल की आवाजाही आसान, तेज़ और सुरक्षित होगी। यह परियोजना पर्यावरण और सामाजिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया में है। Adani Ports और सरकार की मजबूत साझेदारी यह पोर्ट भारत सरकार और निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक Adani Ports & SEZ Limited की साझेदारी में विकसित किया जा रहा है। यह एक Public-Private Partnership (PPP) मॉडल का बेहतरीन उदाहरण है, जिसकी कुल लागत करीब ₹8,867 करोड़ है। करण अडाणी ने इसे प्रधानमंत्री मोदी के “Maritime Amrit Kaal 2047” विजन का अहम हिस्सा बताया और कहा कि यह भारत को आत्मनिर्भर समुद्री राष्ट्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। PM Modi का संदेश: “विजिंजम भारत की शक्ति का प्रतीक है” प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा:
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JD Vance

Pahalgam आतंकी हमला: JD Vance का Pakistan पर बड़ा बयान, India से शांतिपूर्ण जवाब की उम्मीद

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले को लेकर अमेरिका ने सख्त रुख अपनाया है। पाकिस्तान को घेरते हुए बोले जेडी वेंस अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि पाकिस्तान को, जहां तक वह इस हमले के लिए जिम्मेदार है, भारत के साथ मिलकर आतंकियों की तलाश में पूरा सहयोग करना चाहिए। उन्होंने यह भी आशा जताई कि भारत का जवाब ऐसा हो जो क्षेत्रीय तनाव को और न बढ़ाए। “हम उम्मीद करते हैं कि भारत इस हमले का जवाब सोच-समझकर देगा ताकि कोई बड़ा क्षेत्रीय संघर्ष न हो। साथ ही पाकिस्तान, अगर वह किसी भी रूप में जिम्मेदार है, तो उसे भारत के साथ मिलकर इन आतंकियों को ढूंढने और सज़ा दिलाने में सहयोग करना चाहिए,” वेंस ने यह बात एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में फॉक्स न्यूज से कही। गौरतलब है कि जब यह हमला हुआ, उस समय JD Vance अपने परिवार के साथ भारत यात्रा पर थे। उन्होंने तुरंत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कॉल कर इस क्रूर हमले की कड़ी निंदा की और मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि वेंस ने मोदी से बात करते हुए कहा कि “अमेरिका भारत के साथ खड़ा है और आतंकवाद के खिलाफ इस साझा लड़ाई में हरसंभव सहायता देने को तैयार है।” JD Vance ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर भी भावुक पोस्ट करते हुए लिखा,“उषा और मैं पहलगाम में हुए दर्दनाक आतंकी हमले के पीड़ितों के लिए संवेदना व्यक्त करते हैं। भारत की सुंदरता और इसके लोगों की गर्मजोशी से हम बेहद प्रभावित हुए हैं। इस भयानक समय में हमारी प्रार्थनाएं भारत के साथ हैं।” आतंकियों का निशाना बना ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ यह आतंकी हमला बैसारन घाटी में हुआ, जो अपनी हरी-भरी वादियों और पहाड़ियों के कारण ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से मशहूर है। हमले में 26 लोगों की जान चली गई, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल है, जबकि दर्जनों घायल हुए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही गोलियों की आवाजें गूंजीं, पर्यटकों में अफरा-तफरी मच गई। लेकिन खुला मैदान होने की वजह से वे कहीं छिप नहीं पाए और कई जानें चली गईं। भारत का सख्त जवाब: सिंधु जल संधि निलंबित इस हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। दशकों पुरानी सिंधु जल संधि को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया गया है, और भारत में रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजा जा रहा है। इसके साथ ही भारतीय सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है और आतंकियों की तलाश जारी है। यह हमला अनुच्छेद 370 हटने के बाद का सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
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pancang

2 मई 2025 (शुक्रवार) का पंचांग

तिथि: कृष्ण पक्ष प्रतिपदा नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा योग: वज्र करण: गर सूर्योदय: 05:48 AM सूर्यास्त: 06:50 PM चंद्रोदय: रात्रि में चंद्र राशि: मिथुन से कर्क में प्रवेश रात्रि में राहुकाल: 10:36 AM – 12:16 PM शुभ मुहूर्त: चर संज्ञक कार्य हेतु ग्रह दशा: सूर्य मेष में, चंद्रमा मिथुन/कर्क में
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Daily Horoscope

2 मई 2025 (शुक्रवार) | Friday| दैनिक राशिफल (Daily Horoscope)

मेष (Aries ♈️): आज कठिनाइयाँ आ सकती हैं, धैर्य रखें। वृषभ (Taurus ♉️): धन लाभ का दिन है। पुराने निवेश से फायदा मिलेगा। मिथुन (Gemini ♊️): सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। मान-सम्मान मिलेगा। कर्क (Cancer ♋️): रिश्तों में तनाव से बचें। संयम से काम लें। सिंह (Leo ♌️): कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। वरिष्ठों का सहयोग रहेगा। कन्या (Virgo ♍️): मानसिक शांति मिलेगी। छोटे यात्राओं के योग हैं। तुला (Libra ♎️): विरोधी सक्रिय रहेंगे, सतर्क रहें। आत्मबल बनाए रखें। वृश्चिक (Scorpio ♏️): बड़े फैसले सोच-समझकर लें। सफलता मिलेगी। धनु (Sagittarius ♐️): दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी। घूमने का प्लान बन सकता है। मकर (Capricorn ♑️): नया वाहन या संपत्ति खरीद सकते हैं। शुभ समाचार मिलेगा। कुंभ (Aquarius ♒️): समय का सदुपयोग करें। नई योजनाएं सफल होंगी। मीन (Pisces ♓️): क्रिएटिव फील्ड वालों के लिए अच्छा दिन है। आत्मविश्वास बढ़ेगा।
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WAVES 2025

WAVES 2025 समिट मुंबई में शुरू: भारत बनेगा Global Entertainment Hub, बोले PM मोदी

1 मई 2025 — मुंबई के जिओ वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आज से शुरू हुआ ‘WAVES 2025’ (World Audio Visual and Entertainment Summit) — एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय मंच जो भारत को ग्लोबल मीडिया और एंटरटेनमेंट हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह चार दिवसीय समिट 4 मई तक चलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर कहा, “भारत की रचनात्मकता और सांस्कृतिक विविधता अब वैश्विक पहचान पा रही है। WAVES 2025 इस बदलाव को और मजबूत करेगा।” PM मोदी ने इस समिट की घोषणा पहले ‘मन की बात’ के 117वें एपिसोड में की थी, और तब से देशभर में इसकी चर्चा जोरों पर है। क्या है WAVES 2025? WAVES 2025 एक अंतरराष्ट्रीय समिट है जिसमें दुनिया भर के मीडिया हाउस, फिल्म निर्माता, एनीमेशन और गेमिंग इंडस्ट्री के दिग्गज, तकनीकी विशेषज्ञ और निवेशक भाग ले रहे हैं। इसका उद्देश्य भारत को ऑडियो-विज़ुअल और मनोरंजन उद्योग के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनाना है। सम्मलेन के प्रमुख उद्देश्य: किसने क्या कहा? भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर हॉलीवुड, बॉलीवुड और साउथ इंडस्ट्री के टॉप चेहरों तक—हर कोई इस समिट को भारत के लिए “गेम-चेंजर” मान रहा है। यह मंच भारत की soft power को बढ़ावा देगा और दुनिया को यह दिखाएगा कि हम न केवल कंटेंट का उपभोग करते हैं, बल्कि अब उसे गढ़ते भी हैं। पहले गोवा, अब मुंबई गौरतलब है कि यह समिट पहले नवंबर 2024 में गोवा में होने वाली थी, लेकिन बाद में इसे मुंबई में मई 2025 के लिए रीशेड्यूल किया गया — ताकि अधिक प्रतिभागियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को शामिल किया जा सके। DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
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Supreme Court

Supreme Court ने Pahalgam Terror Attack की Judicial Inquiry वाली PIL को किया खारिज, कहा – “Desh ko Jodne ka Waqt Hai”

1 मई 2025 – Supreme Court ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की न्यायिक जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने इसे गैर-ज़िम्मेदार बताते हुए कहा कि ऐसे वक्त में सुरक्षा बलों का मनोबल गिराने वाली याचिकाएं नहीं लाई जानी चाहिए। Supreme Court ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की न्यायिक जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका (PIL) को सख्त शब्दों में खारिज कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसे समय में इस तरह की याचिकाएं देश की सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल गिरा सकती हैं। 22 अप्रैल को हुए इस आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी, जिनमें कई पर्यटक भी शामिल थे। इस दर्दनाक घटना के बाद तीन नागरिक – मोहम्मद जुनैद, फतेह कुमार साहू और विक्की कुमार – ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर एक सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच की मांग की थी। लेकिन जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने इस याचिका को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया और स्पष्ट शब्दों में कहा: “ऐसी याचिकाएं सुरक्षा बलों का मनोबल तोड़ती हैं। यह समय एकजुट होकर आतंक के खिलाफ खड़े होने का है, न कि जांच के नाम पर अफसरों को कटघरे में खड़ा करने का। देश के लिए जिम्मेदार बनिए।” कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि न्यायिक जांच की मांग क्यों की जा रही है, जबकि जांच की ज़िम्मेदारी पहले से ही एजेंसियों के पास है। “हम न्याय करते हैं, जांच नहीं। रिटायर्ड जज जांच के विशेषज्ञ नहीं होते। हर मामले में न्यायिक आयोग बना देना समाधान नहीं है,” कोर्ट ने कहा। इन सख्त टिप्पणियों के बाद याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका वापस ले ली। Supreme Court ने याचिका को वापस लेने की अनुमति तो दी, लेकिन साफ कर दिया कि भविष्य में ऐसी याचिकाएं दाखिल करने से पहले राष्ट्रीय भावना और ज़िम्मेदारी को समझना ज़रूरी है। DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
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बिलासपुर केंद्रीय जेल से 19 बंदी रिहा, 15 से 16 साल की सजा काटने के बाद मिली मुक्ति

बिलासपुर केंद्रीय जेल में लंबे समय से बंद 19 पुरुष बंदियों को शुक्रवार को रिहा कर दिया गया। ये बंदी 15 से 16 साल तक जेल में सजा काट चुके थे। सजा की अवधि पूरी होने के बावजूद शासन स्तर से माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई लंबित थी। जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता के निरीक्षण के दौरान यह मामला सामने आया था। इसके बाद संबंधित बंदियों के प्रकरणों की समीक्षा की गई और रिहाई का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। स्वीकृति मिलने के बाद सभी 19 बंदियों को जेल से रिहा कर दिया गया। बंदियों से बातचीत में सामने आई थी समस्या केंद्रीय जेल के निरीक्षण के दौरान जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता ने बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। इस दौरान कुछ बंदियों ने बताया कि वे अपनी सजा की अवधि पूरी कर चुके हैं, लेकिन माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो पा रही है। मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित बंदियों के आचरण और जेल के अभिलेखों की जांच कराई गई। परीक्षण के दौरान अच्छे आचरण वाले और अधिक उम्र के बंदियों के प्रकरणों पर विचार करते हुए रिहाई के प्रस्ताव तैयार किए गए और शासन को भेजे गए। परिवार के बीच लौटकर नई शुरुआत का अवसर शासन से स्वीकृति मिलने के बाद शुक्रवार को 19 पुरुष बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद अब ये बंदी अपने परिवारों के बीच लौट सकेंगे और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नई शुरुआत कर सकेंगे। रिहाई के दौरान केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी, जेलर विजयानंद सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार, सभी 19 बंदियों को शासन के निर्देश पर रिहा किया गया है।

ग्वालियर के दारुल कुरआन मदरसे पर कार्रवाई की मांग, 4 दिन में तालाबंदी का अल्टीमेटम

ग्वालियर के एजी ऑफिस स्थित ‘दारुल कुरआन’ मदरसे में मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम के निरीक्षण के बाद विवाद बढ़ गया है। मदरसे में बच्चों की देखरेख, साफ-सफाई और जरूरी दस्तावेजों को लेकर सामने आई कथित अनियमितताओं के विरोध में राष्ट्रीय सनातन सेना ने प्रदर्शन किया। संगठन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि चार दिन के भीतर मदरसे पर ताला नहीं लगाया गया, तो उसके कार्यकर्ता खुद तालाबंदी करेंगे। संगठन के पदाधिकारियों ने बच्चों के साथ किसी भी तरह की गलत हरकत सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। निरीक्षण के दौरान मिले थे 26 बच्चे शुक्रवार को मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता ने बाल कल्याण समिति (CWC) की टीम के साथ मदरसे का औचक निरीक्षण किया था। मौके पर 4 से 14 वर्ष की उम्र के 8 बच्चियां और 18 बच्चे मिले थे। इस तरह कुल 26 बच्चे मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि रजिस्टर्ड 15 बच्चियों में से मौके पर केवल 8 मौजूद थीं। खबर के अनुसार, कुछ बच्चियों को पिछले रास्ते से बाहर भेजे जाने की आशंका भी जताई गई। हालांकि, इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं। टीम के मुताबिक, मदरसा प्रबंधन मौके पर मान्यता और पंजीकरण से जुड़े जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। बच्चों की सुरक्षा और संस्थान के संचालन से संबंधित पहलुओं की जांच की जा रही है। रसोई और टॉयलेट में मिली गंदगी निरीक्षण के दौरान टीम को रसोईघर और टॉयलेट में गंदगी मिली। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ जगहों पर दरवाजे भी नहीं थे। बच्चों के सोने की व्यवस्था पर भी सवाल उठे। बताया गया कि 42 पंजीकृत बच्चों के लिए एक छोटे हॉल में पलंग के बजाय पतली चादरों पर सोने की व्यवस्था थी। इन स्थितियों को लेकर बाल अधिकारों और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठाए गए हैं। राष्ट्रीय सनातन सेना ने की सख्त कार्रवाई की मांग राष्ट्रीय सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती शुक्ला ने मदरसे में कथित अनियमितताओं पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। संगठन ने आरोप लगाया कि ऐसे संस्थानों में बच्चों को भड़काऊ शिक्षा दी जा रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। फिलहाल, मदरसे के संचालन, निर्माण, जमीन और फंडिंग के स्रोतों से जुड़े पहलुओं की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई और आधिकारिक निष्कर्षों पर नजर रहेगी।
Vishwas Sarang

Vishwas Sarang खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचे मंत्री, कॉरिडोर और दशहरा मैदान का लिया जायजा

राजधानी भोपाल के छोला स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर को आने वाले समय में नई पहचान मिलने जा रही है। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से यहां भव्य श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। मंत्री विश्वास सारंग (Vishwas Sarang) ने रावतपुरा सरकार के साथ मंदिर में दर्शन किए और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों और छोला दशहरा मैदान का निरीक्षण कर अधिकारियों से परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। इस परियोजना का मकसद सिर्फ मंदिर परिसर का विस्तार करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को बेहतर दर्शन व्यवस्था, आधुनिक सुविधाएं और धार्मिक वातावरण उपलब्ध कराना भी है। योजना को ‘विरासत भी और विकास भी’ की भावना के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। 100 करोड़ रुपये से बदलेगा खेड़ापति हनुमान मंदिर का स्वरूप श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर को लगभग 21 एकड़ क्षेत्र में विकसित करने की योजना है। जुलाई 2026 में प्रकाशित परियोजना संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, इसके निर्माण में राजस्थान के व्हाइट मार्बल और प्राचीन नागर शैली की वास्तुकला का इस्तेमाल किया जाना है। मंत्री विश्वास सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा किया जाए और गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न हो। साथ ही मंदिर के पुराने गर्भगृह की मूल संरचना और धार्मिक स्वरूप को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया है। सुंदरकांड की झलक से सजेगा भव्य कॉरिडोर हनुमान लोक कॉरिडोर की खास बात यह होगी कि इसमें सुंदरकांड से जुड़े प्रसंगों की झलक देखने को मिलेगी। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव भी मिलेगा। कॉरिडोर को पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक निर्माण के मेल से विकसित करने की योजना है। इससे मंदिर परिसर की सुंदरता बढ़ने के साथ भोपाल की धार्मिक पहचान को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं को मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं परियोजना के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई तरह के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य खासतौर पर धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानियों को कम करना है। Chhola Dussehra Maidan का भी होगा विकास मंत्री विश्वास सारंग ((Vishwas Sarang)) ने छोला दशहरा मैदान का भी निरीक्षण किया। योजना के तहत मैदान के खुले स्वरूप को बनाए रखते हुए सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जानी हैं। यहां दर्शक दीर्घा, मंच और दशहरा जैसे आयोजनों के लिए आवश्यक अधोसंरचना तैयार करने की योजना है। इससे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। स्थानीय लोगों और कारोबारियों का भी रखा जाएगा ध्यान निर्माण कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों की सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि यातायात व्यवस्था सुचारु रहे और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। परियोजना से संबंधित पूर्व में प्रकाशित जानकारी में दर्शक दीर्घा के नीचे 100 से अधिक दुकानों के निर्माण का प्रस्ताव भी सामने आया था। इसका उद्देश्य स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। Bhopal की धार्मिक पहचान को मिलेगी नई पहचान श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर भोपाल के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। ऐसे में कॉरिडोर का विकास शहर के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था और सार्वजनिक आयोजनों के लिए सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है। हालांकि, निर्माण पूरा होने की निश्चित तारीख और वर्तमान प्रगति की ताजा आधिकारिक स्थिति की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। कुल मिलाकर, श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर भोपाल में आस्था और आधुनिक विकास को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है। अब श्रद्धालुओं को इंतजार है कि यह भव्य परिसर कब पूरी तरह तैयार होकर उनके लिए नई सुविधाओं के साथ खुलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Philippines

Philippines Plane Crash: ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, 4 पायलटों की गई जान

फिलीपींस (Philippines) से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां ट्रेनिंग के दौरान वायुसेना के दो सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए। इस हादसे में चार पायलटों की मौत हो गई। घटना के बाद फिलीपींस एयर फोर्स ने एहतियात के तौर पर SF-260 ट्रेनिंग विमानों की उड़ान पर रोक लगा दी है। वहीं, दुर्घटना की असली वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। Philippines Plane Crash: कहां और कब हुआ हादसा? यह हादसा 23 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के बटांगस प्रांत के लिपा शहर में स्थित फर्नांडो एयर बेस के पास हुआ। वायुसेना के अनुसार, दुर्घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 3:51 बजे हुई। दोनों विमान ट्रेनिंग फ्लाइट पर थे। शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि उड़ान के दौरान दोनों विमान हवा में टकरा गए, जिसके बाद वे दुर्घटनाग्रस्त हो गए। हालांकि, टक्कर किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या वजह थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। हादसे में चार पायलटों की मौत इस दुर्घटना में दोनों विमानों में सवार चारों पायलटों की जान चली गई। इस खबर के सामने आने के बाद वायुसेना ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। अधिकारियों ने परिवारों को जरूरी सहायता देने की बात भी कही है। वायुसेना के मुताबिक, हादसा एयर बेस की सीमा के भीतर हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जमीन पर मौजूद किसी अन्य व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। दुर्घटना के बाद SF-260 विमानों की उड़ान पर रोक हादसे के बाद फिलीपींस एयर फोर्स ने एहतियाती कदम उठाते हुए SF-260 ट्रेनिंग विमानों के पूरे बेड़े की उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं। जांच के दौरान इन विमानों को उड़ान भरने की अनुमति नहीं होगी। इस फैसले का उद्देश्य दुर्घटना की वजह का पता लगाना और विमानों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच करना है। फिलहाल तकनीकी खराबी, मानवीय चूक या किसी अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के नतीजे आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पहले भी हो चुका है SF-260 विमान हादसा फिलीपींस में SF-260 विमान से जुड़ी दुर्घटना पहले भी सामने आ चुकी है। मई 2026 में उत्तरी फिलीपींस के बेंगुएट प्रांत में एक ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। उस हादसे में दो सैन्य पायलटों की मौत हुई थी। ताजा दुर्घटना के बाद सैन्य ट्रेनिंग विमानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद सामने आएगी हादसे की वजह फिलीपींस एयर फोर्स ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि दोनों विमान किस परिस्थिति में दुर्घटनाग्रस्त हुए और क्या इसमें किसी तकनीकी समस्या की भूमिका थी। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि हादसे में चार पायलटों की जान चली गई है। वायुसेना ने संबंधित विमानों की उड़ान रोक दी है और जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Yogi Adityanath

Yogi Adityanath जिस जमीन पर था भू-माफिया का कब्जा, वहां अब बना फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने भू-माफिया से सरकारी जमीन वापस लेने की कहानी सुनाते हुए बताया कि जिस जमीन को कभी कब्जे से मुक्त कराना मुश्किल हो रहा था, आज उसी पर स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट (State Forensic Science Institute) बनाया गया है। इस उदाहरण के जरिए उन्होंने प्रदेश में जमीनों को कब्जे से मुक्त कराने, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों का जिक्र किया। सीएम योगी ने यह बात 15 जून 2026 को लखनऊ में आयोजित डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग ‘त्रिवेणी’ के समापन सत्र में कही। उन्होंने बताया कि सरकारी जमीन को वापस लेकर उसका इस्तेमाल एक महत्वपूर्ण संस्थान बनाने के लिए किया गया। कैसे भू-माफिया के कब्जे में पहुंची सरकारी जमीन? लखनऊ के सरोजनी नगर इलाके में स्थित इस जमीन का मामला कई साल पुराना है। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 57 एकड़ जमीन वर्ष 1955 में एक ट्रैक्टर कंपनी को 10 साल की लीज पर दी गई थी। लीज की अवधि पूरी होने के बाद जमीन ग्राम सभा के नाम दर्ज की गई। बाद में जमीन के दस्तावेजों में कथित हेराफेरी कर उसे दूसरे नाम पर दर्ज कराने के आरोप सामने आए। जांच में जमीन को वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज कराने और फिर रियल एस्टेट कंपनियों के बीच हस्तांतरित करने से जुड़े आरोपों की पड़ताल की गई। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें हुईं। इसके बाद प्रशासन और पुलिस ने दस्तावेजों की जांच शुरू की। जमीन के स्वामित्व और कथित अवैध हस्तांतरण का मामला प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंचा। 2015 में वापस मिली जमीन, फिर शुरू हुई संस्थान बनाने की तैयारी उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 17 दिसंबर 2015 को जिला प्रशासन ने जमीन को कब्जे से मुक्त कराया। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई थी। कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। जमीन वापस मिलने के बाद इसके इस्तेमाल को लेकर योजना बनाई गई। आगे चलकर इसी जगह उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट स्थापित करने का फैसला हुआ। यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया, क्योंकि जमीन को लेकर विवाद और कब्जे की शिकायतों के बाद उसका इस्तेमाल सार्वजनिक उद्देश्य के लिए किए जाने की योजना बनी। ₹200 करोड़ की लागत से बना Forensic Science Institute लखनऊ के सरोजनी नगर में इस संस्थान की आधारशिला 1 अगस्त 2021 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रखी थी। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। शुरुआती रिपोर्टों में परियोजना की लागत करीब 200 करोड़ रुपये बताई गई थी। संस्थान का उद्देश्य फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञ तैयार करना और पुलिस व जांच एजेंसियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है। यहां वैज्ञानिक जांच, साइबर सुरक्षा और अपराध से जुड़े साक्ष्यों के विश्लेषण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। आज के समय में आपराधिक मामलों की जांच केवल गवाहों और बयानों तक सीमित नहीं है। डीएनए जांच, डिजिटल साक्ष्य और दूसरे वैज्ञानिक तरीकों की मदद से जांच को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। ऐसे संस्थान इसी जरूरत को पूरा करने में अहम भूमिका निभाते हैं। CM Yogi ने क्यों सुनाया जमीन का यह किस्सा? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उदाहरण के जरिए बताया कि सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराकर उसका इस्तेमाल विकास कार्यों में किया जा सकता है। उनके बयान का मुख्य संदेश यह था कि जिस जमीन पर कभी कब्जे की समस्या थी, उसी पर अब शिक्षा और आधुनिक तकनीक से जुड़ा संस्थान बनाया गया है। सीएम योगी ने इसे प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधारने और भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई से जोड़कर पेश किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास, डिफेंस कॉरिडोर और ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। हालांकि, जमीन से जुड़े आरोपों और कानूनी दावों को समझने के लिए प्रशासनिक रिकॉर्ड तथा जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण हैं। भू-माफिया से मुक्त जमीन पर आवास योजना भी चर्चा में उत्तर प्रदेश में कब्जे से मुक्त कराई गई जमीनों का सार्वजनिक इस्तेमाल हाल के महीनों में भी चर्चा में रहा है। अक्टूबर 2026 में प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके में माफिया अतीक अहमद से जुड़ी बताई गई जमीन पर आवासीय परियोजना की शुरुआत की खबर सामने आई। 15 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पद्मलोक आवास योजना के तहत 602 फ्लैटों की परियोजना का भूमि पूजन किया। परियोजना की लागत 191 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई। इसी दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पीपलगांव में बने 556 घरों के लाभार्थियों को चाबियां सौंपने की जानकारी भी सामने आई। इन परियोजनाओं को राज्य सरकार जमीन के इस्तेमाल को आम लोगों के आवास और विकास से जोड़ने के उदाहरण के तौर पर पेश कर रही है। सरकारी जमीन से संस्थान तक, क्या है इस खबर का महत्व? लखनऊ के फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट की कहानी में जमीन का पुराना विवाद, प्रशासनिक कार्रवाई और सार्वजनिक उपयोग के लिए संस्थान बनाने की प्रक्रिया शामिल है। यह मामला दिखाता है कि सरकारी जमीन को लेकर विवाद सुलझने के बाद उसका इस्तेमाल शिक्षा और वैज्ञानिक जांच जैसी जरूरतों के लिए किया जा सकता है। सीएम योगी के बयान ने इस पुराने मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अब यह कहानी सिर्फ जमीन वापस लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात पर भी ध्यान खींचती है कि सरकारी संपत्ति का इस्तेमाल किस तरह सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण में किया जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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