आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGBreaking NewsBRICS Summit 2026: 7 साल बाद भारत पहुंचे Xi Jinping, Modi-Xi Meeting पर सबकी नजरBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Saudi Pipeline Shutdown: ड्रोन हमले से मचा हड़कंप, Hormuz Crisis के बीच Oil Supply पर नया संकटBREAKINGप्रदेशUttarakhand में 170 फीट लंबा पुल बहा, छत्तीसगढ़ में 3 छात्र नदी में लापताBREAKINGबिज़नेसBlack Dog New Packaging: 140 साल पुरानी विरासत को मिला Modern LookBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़China Southern Airlines: 21 सितंबर से ग्वांगझू-दिल्ली सीधी उड़ान, 6 साल बाद Air Connectivity बहालBREAKINGदेश-हरपलBRICS Summit 2026: 10 साल बाद एक मंच पर मोदी-पुतिन-जिनपिंग, दुनिया की नजर भारत परBREAKINGदेश-हरपलमोदी-पुतिन फिर एक कार में साथ दिखे, बख्तरबंद Aurus Senat में प्रदर्शनी तक किया सफरBREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में सांची पॉइंट पर बड़ा हादसा, गर्म मावा कर्मचारियों पर गिरा; एक की मौत, दूसरा गंभीरBREAKINGBreaking NewsBRICS Summit 2026: 7 साल बाद भारत पहुंचे Xi Jinping, Modi-Xi Meeting पर सबकी नजरBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Saudi Pipeline Shutdown: ड्रोन हमले से मचा हड़कंप, Hormuz Crisis के बीच Oil Supply पर नया संकटBREAKINGप्रदेशUttarakhand में 170 फीट लंबा पुल बहा, छत्तीसगढ़ में 3 छात्र नदी में लापताBREAKINGबिज़नेसBlack Dog New Packaging: 140 साल पुरानी विरासत को मिला Modern LookBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़China Southern Airlines: 21 सितंबर से ग्वांगझू-दिल्ली सीधी उड़ान, 6 साल बाद Air Connectivity बहालBREAKINGदेश-हरपलBRICS Summit 2026: 10 साल बाद एक मंच पर मोदी-पुतिन-जिनपिंग, दुनिया की नजर भारत परBREAKINGदेश-हरपलमोदी-पुतिन फिर एक कार में साथ दिखे, बख्तरबंद Aurus Senat में प्रदर्शनी तक किया सफरBREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में सांची पॉइंट पर बड़ा हादसा, गर्म मावा कर्मचारियों पर गिरा; एक की मौत, दूसरा गंभीर
Banner

Latest Posts

Indian Space

Indian Space Sector को बड़ी कामयाबी: पहला Private Orbital Rocket लॉन्च

भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान (Indian Space Technology) के क्षेत्र में एक और बड़ी छलांग लगाई है। देश का पहला Private Orbital Rocket सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया, जिसने भारतीय स्पेस इंडस्ट्री के लिए एक नया अध्याय खोल दिया है। यह मिशन सिर्फ तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि उन महान वैज्ञानिकों को सम्मान देने का भी अवसर बना, जिनकी बदौलत भारत आज अंतरिक्ष की नई ऊंचाइयों तक पहुंच रहा है। इस रॉकेट के जरिए करीब 450 किलोमीटर ऊंची Low Earth Orbit (LEO) में पेलोड (Payload) तैनात किया जाएगा। सबसे खास बात यह रही कि मिशन के साथ भारत के तीन महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, डॉ. विक्रम साराभाई और नोबेल विजेता सर सी.वी. रमन की सोने से बनी स्मृति प्रतिमाएं भी अंतरिक्ष में भेजी गईं। भारत के Private Space Sector के लिए ऐतिहासिक दिन अब तक भारत में ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च का नेतृत्व मुख्य रूप से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) करता रहा है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में सरकार द्वारा निजी कंपनियों के लिए स्पेस सेक्टर खोले जाने के बाद कई भारतीय स्टार्टअप इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़े हैं। पहले प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट की लॉन्चिंग इस बात का संकेत है कि भारत अब केवल सरकारी एजेंसियों के भरोसे नहीं, बल्कि निजी कंपनियों की तकनीकी क्षमता के दम पर भी वैश्विक स्पेस इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। 450 Km की कक्षा में होगा Payload Deployment इस मिशन का उद्देश्य पृथ्वी से लगभग 450 किलोमीटर की ऊंचाई पर लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) में पेलोड स्थापित करना है। इस कक्षा का उपयोग पृथ्वी की निगरानी, संचार सेवाओं, मौसम अध्ययन, वैज्ञानिक अनुसंधान और भविष्य के कई अंतरिक्ष मिशनों के लिए किया जाता है। यदि मिशन पूरी तरह सफल रहता है, तो भारतीय निजी स्पेस कंपनियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर खुल सकते हैं और वैश्विक ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ेगा। तीन महान वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष से सम्मान इस मिशन का सबसे भावुक पहलू उन वैज्ञानिकों को श्रद्धांजलि देना रहा, जिन्होंने भारत के वैज्ञानिक विकास की मजबूत नींव रखी। इन तीनों महान हस्तियों की सोने से बनी स्मृति प्रतिमाएं अंतरिक्ष में भेजकर उन्हें अनोखे अंदाज में सम्मान दिया गया। यह पहल भारतीय विज्ञान की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी संदेश देती है। भारत की Space Economy को मिलेगा नया बल दुनिया भर में कमर्शियल सैटेलाइट लॉन्च की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च देश की स्पेस इकोनॉमी के लिए बड़ा अवसर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत वैश्विक लॉन्च मार्केट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकता है। कम लागत, बेहतर तकनीक और कुशल इंजीनियरिंग के दम पर भारतीय कंपनियां आने वाले वर्षों में विदेशी ग्राहकों के लिए भी लॉन्च सेवाएं उपलब्ध करा सकती हैं। इस मिशन की प्रमुख बातें हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Aamir Khan

Bollywood Aamir Khan को मिली कथित धमकी, तीसरी शादी और Gauri Spratt को लेकर वायरल पोस्ट

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान (Aamir Khan) एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी कोई फिल्म नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक कथित धमकी है। खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग (Lawrence Bishnoi Gang) से जुड़ा बताने वाले एक अकाउंट ने आमिर खान और उनकी पार्टनर गौरी स्प्रैट (Gauri Spratt) को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट साझा की है। पोस्ट में उनके रिश्ते को “Love Jihad” बताया गया और अभिनेता को “सबक सिखाने” जैसी धमकी दी गई। हालांकि, अब तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि यह पोस्ट वास्तव में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा है या किसी फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट से किया गया है। पुलिस और साइबर एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं। सोशल मीडिया पोस्ट के बाद बढ़ी हलचल वायरल पोस्ट में आमिर खान की निजी जिंदगी को निशाना बनाया गया। दावा किया गया कि उनकी तीसरी शादी “Love Jihad” का हिस्सा है। पोस्ट में धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि पोस्ट किस अकाउंट से किया गया, उसका वास्तविक संचालक कौन है और क्या उसका किसी संगठित गैंग से कोई संबंध है। आमिर खान पहले ही दे चुके हैं सफाई कुछ महीने पहले आमिर खान ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर खुलकर बात की थी। उन्होंने बताया था कि उनकी पार्टनर गौरी स्प्रैट ने अपना धर्म नहीं बदला है और उन्होंने कभी भी धर्म परिवर्तन के लिए कोई दबाव नहीं बनाया। आमिर ने कहा था कि उनका रिश्ता विश्वास, सम्मान और समझ पर टिका है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि दोनों अपने-अपने धर्म और मान्यताओं का सम्मान करते हैं और उनके रिश्ते में धर्म का कोई विवाद नहीं है। पुलिस और साइबर टीम कर रही जांच धमकी भरे पोस्ट के सामने आने के बाद संबंधित एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। साइबर एक्सपर्ट पोस्ट की तकनीकी जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि पोस्ट किस स्थान से किया गया और इसके पीछे कौन लोग हैं। फिलहाल किसी भी एजेंसी ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा है कि धमकी देने वाला अकाउंट वास्तव में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा है। इसलिए जांच पूरी होने तक किसी भी दावे की पुष्टि नहीं की जा सकती। पहले भी कलाकारों को मिल चुकी हैं धमकियां बीते कुछ वर्षों में कई फिल्मी सितारों और चर्चित हस्तियों को सोशल मीडिया और ईमेल के जरिए धमकी मिलने के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों में पुलिस डिजिटल फॉरेंसिक, साइबर ट्रैकिंग और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश करती है। क्या है पूरा मामला? जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल पोस्ट के पीछे कौन है और उसका उद्देश्य क्या था। फिलहाल इस मामले में आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Sharad Pawar

Sharad Pawar-Ajit Pawar Reunion की चर्चा तेज, BJP बोली- पहले NCP Merger, फिर NDA में स्वागत

महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (NCP) को लेकर चर्चाएं तेज हैं। Sharad Pawar और Ajit Pawar के नेतृत्व वाले दोनों गुटों के संभावित विलय की अटकलों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) का रुख भी सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा चाहती है कि पहले NCP के दोनों धड़े एकजुट होकर एक पार्टी के रूप में सामने आएं। इसके बाद ही उन्हें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल करने पर फैसला लिया जाएगा। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक किसी भी दल की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। महाराष्ट्र में क्यों तेज हुई NCP Merger की चर्चा? पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र के कई बड़े नेताओं की लगातार मुलाकातों ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से NCP के दोनों गुटों के नेताओं की अलग-अलग बैठकों के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि पार्टी के भीतर फिर से एकता की कोशिशें शुरू हो सकती हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि दोनों गुट एक हो जाते हैं तो महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं। इससे आगामी चुनावों की रणनीति पर भी असर पड़ सकता है। BJP का क्या है प्लान? सूत्रों का कहना है कि BJP अलग-अलग गुटों के बजाय एकीकृत NCP के साथ ही आगे बढ़ना चाहती है। पार्टी का मानना है कि पहले संगठनात्मक और कानूनी स्तर पर विलय होना जरूरी है, ताकि भविष्य में नेतृत्व, चुनाव चिन्ह और संगठन से जुड़े विवाद सामने न आएं। यही वजह है कि NDA में शामिल होने से पहले दोनों गुटों के एक होने को प्राथमिक शर्त माना जा रहा है। सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर भी चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि यदि NCP का विलय होता है और संयुक्त पार्टी NDA का हिस्सा बनती है तो सरकार और संगठन में नई जिम्मेदारियों का बंटवारा भी हो सकता है। हालांकि, इसे लेकर किसी भी पक्ष ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। फिलहाल इन चर्चाओं को केवल राजनीतिक अटकलों और सूत्रों के हवाले से ही देखा जा रहा है। सुप्रिया सुले और शरद पवार का रुख शरद पवार गुट की वरिष्ठ नेता सुप्रिया सुले पहले ही सार्वजनिक रूप से कह चुकी हैं कि विलय को लेकर कई तरह की खबरें सामने आईं, लेकिन इस विषय पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। वहीं शरद पवार भी अब तक इस मुद्दे पर खुलकर कुछ नहीं बोले हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि NCP के भीतर इस मुद्दे पर अलग-अलग राय हो सकती है और अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व ही करेगा। महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या पड़ेगा असर? अगर NCP के दोनों गुटों का विलय होता है और उसके बाद पार्टी NDA में शामिल होती है, तो महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इससे महायुति की ताकत बढ़ सकती है और विपक्ष के लिए नई चुनौती खड़ी हो सकती है। हालांकि, जब तक किसी भी दल की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक इसे संभावनाओं और राजनीतिक चर्चाओं के रूप में ही देखा जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Monsoon

Monsoon अरुणाचल में भूस्खलन से बढ़ी मुश्किलें, UP में बारिश का Red Alert; राजस्थान में सूखे जैसे हालात

देशभर में मानसून (Monsoon) ने एक बार फिर अपना अलग-अलग रंग दिखाना शुरू कर दिया है। कहीं लगातार बारिश लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा रही है तो कहीं अब भी अच्छी बरसात का इंतजार है। अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं और 35 गांव प्रभावित बताए जा रहे हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। दूसरी ओर राजस्थान में इस मानसून सीजन अब तक सामान्य से 21 फीसदी कम बारिश दर्ज होने से किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। अरुणाचल प्रदेश में बारिश बनी आफत, 35 गांव प्रभावित पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन के अनुसार करीब 35 गांव प्रभावित हुए हैं। कई सड़कों पर मलबा आने से यातायात बाधित हो गया है, जबकि कुछ इलाकों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है। राहत और बचाव टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात हैं। स्थानीय प्रशासन लोगों से पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील कर रहा है। UP Weather Alert: सभी 75 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों क्षेत्रों में अगले 24 से 48 घंटे तक तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रशासन ने जिला अधिकारियों को अलर्ट रहने और जलभराव वाले इलाकों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। राजस्थान में कमजोर पड़ा मानसून जहां देश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है, वहीं राजस्थान में मानसून की रफ्तार अभी भी धीमी बनी हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब तक सामान्य से 21 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। कम बारिश का असर खेती, जलाशयों और पेयजल व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिससे स्थिति में सुधार हो सकता है। कई राज्यों में बढ़ी सतर्कता लगातार हो रही बारिश को देखते हुए कई राज्यों में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। राहत एजेंसियों को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है। बारिश के दौरान इन बातों का रखें ध्यान हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Sonam Wangchuk

Sonam Wangchuk Protest: अनशन के 21वें दिन अस्पताल पहुंचे वांगचुक, Police कार्रवाई और CJP के विरोध से गरमाई सियासत

लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। उनकी भूख हड़ताल (Hunger Strike) का 21वां दिन पूरा होने के साथ ही स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई। तबीयत बिगड़ने पर पुलिस उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लेकर गई। इस दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। घटना के बाद नागरिक अधिकार संगठन Citizens for Justice and Peace (CJP) की ओर से भी विरोध तेज हो गया। संगठन की ओर से समर्थन में भूख हड़ताल शुरू की गई और आरोप लगाया गया कि वांगचुक के साथ पुलिस ने सख्ती दिखाई। हालांकि प्रशासन का कहना है कि उन्हें केवल स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल ले जाया गया। आखिर क्यों चर्चा में हैं Sonam Wangchuk? Sonam Wangchuk पिछले तीन सप्ताह से लद्दाख के भविष्य और वहां के लोगों के अधिकारों को लेकर शांतिपूर्ण अनशन कर रहे हैं। उनका कहना है कि हिमालयी क्षेत्र का पर्यावरण लगातार खतरे में है और इसे बचाने के लिए मजबूत कानूनी सुरक्षा जरूरी है। उनकी मांगें केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं हैं। वे चाहते हैं कि स्थानीय लोगों के अधिकार, रोजगार और सांस्कृतिक पहचान को भी संवैधानिक संरक्षण मिले। क्या हैं वांगचुक की प्रमुख मांगें? अनशन के दौरान सोनम वांगचुक लगातार चार प्रमुख मुद्दे उठा रहे हैं— उनका कहना है कि यदि समय रहते इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले वर्षों में लद्दाख की पारिस्थितिकी और संस्कृति दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता है। 21वें दिन बिगड़ी तबीयत, अस्पताल ले गई पुलिस लगातार 21 दिनों तक भूख हड़ताल पर रहने के कारण सोनम वांगचुक की तबीयत कमजोर पड़ गई। मेडिकल टीम की सलाह के बाद पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर गई, जहां उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। प्रशासन का दावा है कि यह कदम केवल उनकी सुरक्षा और इलाज के लिए उठाया गया। वहीं आंदोलन से जुड़े लोगों का आरोप है कि अस्पताल ले जाने के दौरान पुलिस ने अनावश्यक बल प्रयोग किया। सोशल मीडिया पर इस घटना के कई वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनकी अलग-अलग तरह से व्याख्या की जा रही है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। CJP की ओर से भी शुरू हुआ विरोध सोनम वांगचुक के समर्थन में Citizens for Justice and Peace (CJP) से जुड़े लोगों ने भी भूख हड़ताल शुरू की। संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि आंदोलन को केवल कानून-व्यवस्था के नजरिए से देखने के बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाए। सोशल मीडिया पर बढ़ा समर्थन सोनम वांगचुक के अस्पताल पहुंचने की खबर के बाद सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने उनकी सलामती की कामना की। पर्यावरण कार्यकर्ताओं, छात्रों और कई सामाजिक संगठनों ने भी उनके आंदोलन का समर्थन किया। लोगों का कहना है कि लद्दाख जैसे संवेदनशील क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर गंभीर और दीर्घकालिक नीति बनाने की जरूरत है। प्रशासन का पक्ष प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वांगचुक को उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों के अनुसार उनका स्वास्थ्य लगातार निगरानी में है। वहीं, पुलिस पर लगाए गए दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Gold

Gold Price Today खरीदारी से पहले जानें नया रेट, सोना-चांदी दोनों हुए सस्ते

Gold खरीदने का प्लान बना रहे लोगों के लिए इस समय बाजार से राहत भरी खबर सामने आई है। Gold Rate Today में गिरावट देखने को मिली है। घरेलू बाजार में आज सोने की कीमत ₹415 प्रति 10 ग्राम तक नीचे आ गई, वहीं चांदी के भाव में भी ₹797 प्रति किलो की कमी दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों से जारी उतार-चढ़ाव के बीच इस हफ्ते सोना और चांदी दोनों ही सस्ते हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, सात दिनों में सोने की कीमत करीब ₹2,104 प्रति 10 ग्राम गिर चुकी है, जबकि Silver Price में लगभग ₹3,753 प्रति किलो की गिरावट आई है। इस गिरावट से ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों के चेहरे पर थोड़ी राहत दिखाई दे रही है। Gold Price Today: एक हफ्ते में कितना बदला सोने का भाव? सोने की कीमतों में इस सप्ताह लगातार दबाव देखने को मिला है। आज की गिरावट के बाद सोना पिछले सात दिनों के मुकाबले काफी नीचे आ चुका है। बाजार में आई इस नरमी का असर 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। शादी-ब्याह के सीजन या निवेश के लिए सोना खरीदने की तैयारी कर रहे ग्राहकों के लिए यह गिरावट एक अच्छा मौका मानी जा रही है। हालांकि, खरीदारी से पहले अपने शहर के ताजा रेट की जानकारी लेना जरूरी है। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट जारी है। आज चांदी करीब ₹797 प्रति किलो सस्ती हुई, जबकि पिछले एक सप्ताह में इसके भाव में लगभग ₹3,753 प्रति किलो की कमी आई है। चांदी की कीमतों में गिरावट का फायदा ज्वेलरी खरीदारों के अलावा उन लोगों को भी मिल सकता है जो चांदी के सिक्के, बर्तन या निवेश के लिए खरीदारी करना चाहते हैं। सोना-चांदी सस्ता होने की क्या है वजह? बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कीमती धातुओं की कीमतों पर कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों का असर पड़ता है। हाल की गिरावट के पीछे प्रमुख कारण माने जा रहे हैं: सोने को हमेशा से सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है, इसलिए कीमतों में छोटी-बड़ी हलचल लगातार देखने को मिलती रहती है। क्या अभी सोना खरीदना सही समय है? सोने की कीमतों में आई गिरावट से खरीदारों को जरूर राहत मिली है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। अगर आप लंबे समय के लिए निवेश या शादी के लिए खरीदारी करने की सोच रहे हैं तो मौजूदा भाव पर बाजार की जानकारी लेकर फैसला कर सकते हैं। खरीदारी करते समय हमेशा BIS Hallmark वाला सोना, शुद्धता और मेकिंग चार्ज जरूर जांचें। अलग-अलग शहरों में टैक्स और ज्वेलर्स के चार्ज के कारण कीमतों में अंतर हो सकता है। अपने शहर में आज का Gold Rate कैसे जानें? सोना और चांदी के भाव हर शहर में अलग-अलग हो सकते हैं। अपने शहर का ताजा रेट जानने के लिए स्थानीय ज्वेलर्स या भरोसेमंद सराफा बाजार अपडेट जरूर देखें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
PM Modi

PM Modi in Chandigarh: Development को नई रफ्तार, ₹4700 करोड़ की योजनाएं और Medical College की सौगात

PM Modi के Chandigarh दौरे में शहर को बड़ी विकास योजनाओं की सौगात मिली। पीएम मोदी ने यहां करीब ₹4700 करोड़ रुपये के विभिन्न Development Projects का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने चंडीगढ़ में एक नए MBBS College (Medical College) की स्थापना का ऐलान किया, जिसे क्षेत्र की मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि देश में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार करने के लिए मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना जरूरी है। नए मेडिकल कॉलेज से छात्रों को मेडिकल क्षेत्र में आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे और आम लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। Chandigarh में नए MBBS College की बड़ी घोषणा चंडीगढ़ में बनने वाला नया मेडिकल कॉलेज शहर और आसपास के क्षेत्रों के लिए अहम साबित हो सकता है। इससे मेडिकल सीटों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ युवाओं को अपने क्षेत्र में ही उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का मौका मिलेगा। केंद्र सरकार पिछले कुछ वर्षों में देशभर में नए मेडिकल कॉलेज खोलने और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर दे रही है। चंडीगढ़ की इस नई परियोजना को इसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। ₹4700 करोड़ के Projects से बदलेगी Chandigarh की तस्वीर प्रधानमंत्री मोदी ने चंडीगढ़ में कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर के Infrastructure, Public Facilities और विकास कार्यों को मजबूत करना है। सरकार के अनुसार, इन Projects के पूरा होने के बाद लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और शहर के विकास को नई गति मिलेगी। कार्यक्रम में कांग्रेस सांसद की मौजूदगी बनी चर्चा पीएम मोदी के कार्यक्रम में कांग्रेस सांसद की मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही। आमतौर पर राजनीतिक मंचों पर अलग-अलग विचार रखने वाले नेताओं का एक साथ दिखाई देना लोगों का ध्यान आकर्षित कर गया। विकास से जुड़े इस कार्यक्रम में पक्ष और विपक्ष के नेताओं की मौजूदगी को सकारात्मक संदेश के तौर पर देखा गया। Chandigarh के बाद Punjab रवाना हुए PM Modi चंडीगढ़ कार्यक्रम खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब के लिए रवाना हो गए। पीएम मोदी के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पंजाब में भी उनके कई कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। Health Sector और Education को मिलेगा Boost नए MBBS College और अन्य Development Projects के जरिए चंडीगढ़ में Education और Health Sector को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे न सिर्फ छात्रों को फायदा होगा, बल्कि क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था भी पहले से बेहतर हो सकती है। PM Modi के Chandigarh Visit में ₹4700 करोड़ की योजनाएं, New Medical College की घोषणा और विकास को लेकर सरकार का फोकस सबसे बड़ी खबरें रहीं। यह कदम चंडीगढ़ को Education और Healthcare के क्षेत्र में नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Indian Stock Market

Indian Stock Market में बड़ा उछाल: Sensex 78,000 के करीब, Nifty 24,300 पार; Banking-IT सेक्टर चमके

भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में शुक्रवार को निवेशकों के चेहरे पर फिर से मुस्कान नजर आई। मजबूत खरीदारी के चलते Sensex करीब 800 अंक चढ़कर 78,000 के स्तर के करीब पहुंच गया, वहीं Nifty 50 ने भी 24,300 का आंकड़ा पार कर लिया। बाजार की इस शानदार तेजी में IT, Auto और Banking सेक्टर के शेयरों ने अहम भूमिका निभाई। सुबह कारोबार शुरू होते ही बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। निवेशकों ने बड़ी कंपनियों के शेयरों में जमकर खरीदारी की, जिससे दोनों प्रमुख इंडेक्स में तेजी बनी रही। लंबे समय बाद बाजार में आई इस मजबूती ने निवेशकों के भरोसे को भी बढ़ाया है। Sensex-Nifty में तेजी से निवेशकों को राहत पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में उतार-चढ़ाव के बाद शुक्रवार को बाजार ने मजबूत वापसी की। BSE Sensex 800 अंकों की बढ़त के साथ 78,000 के स्तर पर पहुंचा, जबकि NSE Nifty 50 करीब 200 अंक बढ़कर 24,300 के ऊपर कारोबार करता नजर आया। मार्केट में खरीदारी का असर ज्यादातर बड़े शेयरों पर देखने को मिला। निवेशकों ने मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में भरोसा दिखाया और बाजार को नई ऊर्जा मिली। IT Stocks में तेजी, टेक कंपनियों पर बढ़ा भरोसा आज के कारोबार में IT सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। टेक कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन और वैश्विक बाजारों से मिल रहे सकारात्मक संकेतों के चलते निवेशकों का रुझान इस सेक्टर की ओर बढ़ा। आईटी शेयरों में तेजी ने बाजार के सेंटीमेंट को मजबूत किया और इंडेक्स को ऊपर ले जाने में मदद की। Banking और Auto Sector ने संभाला बाजार बाजार की तेजी को सबसे ज्यादा मजबूती Banking और Auto सेक्टर से मिली। निजी और सरकारी बैंकों के शेयरों में खरीदारी बढ़ने से बैंकिंग इंडेक्स में मजबूती आई। वहीं, Auto कंपनियों के शेयरों में भी तेजी दर्ज की गई। बेहतर मांग, बिक्री में सुधार की उम्मीद और सकारात्मक आउटलुक के चलते ऑटो स्टॉक्स में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी। Global Market से मिले पॉजिटिव संकेत भारतीय शेयर बाजार को विदेशी बाजारों से भी सपोर्ट मिला। ग्लोबल मार्केट में मजबूती और निवेशकों के बढ़ते भरोसे का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में बाजार की दिशा कंपनियों के तिमाही नतीजों, विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियों, ब्याज दरों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों से तय होगी। क्या बाजार में जारी रहेगी तेजी? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर घरेलू और वैश्विक संकेत सकारात्मक बने रहते हैं तो शेयर बाजार में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है। हालांकि, निवेशकों को बाजार की चाल को देखते हुए सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है। फिलहाल Sensex और Nifty की तेजी ने निवेशकों को राहत दी है और बाजार में एक बार फिर पॉजिटिव माहौल बनता नजर आ रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Chabahar Port

US Airstrike on Iran: Chabahar Port को नुकसान, भारत के Trade Route पर बढ़ी दुनिया की नजर

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब और गहरा गया है। ताजा घटनाक्रम में ईरानी बंदरगाह चाबहार पोर्ट (Chabahar Port) को लेकर चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी एयरस्ट्राइक में चाबहार पोर्ट के एक महत्वपूर्ण हिस्से को नुकसान पहुंचा है। यह वही पोर्ट है, जिसमें भारत की बड़ी रणनीतिक भागीदारी है और जो भारत के लिए व्यापार और कनेक्टिविटी का अहम रास्ता माना जाता है। चाबहार पोर्ट पर हमले की खबर सामने आने के बाद भारत की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यह परियोजना भारत की Central Asia Connectivity Strategy का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हालांकि, अभी तक भारत सरकार की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। US Airstrike में Chabahar Port का Control Tower हुआ प्रभावित मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों के दौरान चाबहार पोर्ट क्षेत्र को भी निशाना बनाया गया। हमले में पोर्ट के Maritime Control Tower को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। चाबहार पोर्ट ईरान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित है और अरब सागर से जुड़ा एक महत्वपूर्ण बंदरगाह है। इसकी रणनीतिक स्थिति इसे क्षेत्रीय व्यापार और समुद्री गतिविधियों के लिए बेहद अहम बनाती है। Iran पर लगातार छठी रात जारी रहे अमेरिकी हमले अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर लगातार हवाई हमले किए हैं। इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं और रणनीतिक ठिकानों को कमजोर करना बताया जा रहा है। वहीं, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी और उसके सहयोगी देशों के ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। दोनों देशों के बीच बढ़ते संघर्ष ने पूरे Middle East Region में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। भारत के लिए क्यों खास है Chabahar Port? चाबहार पोर्ट भारत के लिए सिर्फ एक व्यापारिक परियोजना नहीं, बल्कि एक रणनीतिक निवेश है। भारत इस पोर्ट के जरिए अफगानिस्तान और मध्य एशियाई देशों तक अपनी पहुंच मजबूत करना चाहता है। इस पोर्ट की मदद से भारत को पाकिस्तान के रास्ते पर निर्भर हुए बिना क्षेत्रीय व्यापार के नए विकल्प मिलते हैं। यही कारण है कि चाबहार पोर्ट को भारत की विदेश नीति और आर्थिक रणनीति में महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता है। Chabahar Port पर हमले से भारत की चिंता क्यों बढ़ी? अगर क्षेत्र में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो इसका असर समुद्री व्यापार, ऊर्जा सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी पर पड़ सकता है। चाबहार जैसे रणनीतिक प्रोजेक्ट की सुरक्षा भारत के लिए अहम मुद्दा बन सकती है। हालांकि, फिलहाल पोर्ट के संचालन और भारत से जुड़े प्रोजेक्ट पर प्रभाव को लेकर पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं है। भारत लगातार क्षेत्रीय घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। Middle East Crisis का Global Market पर असर अमेरिका-ईरान तनाव का असर सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव से कच्चे तेल की कीमतों, समुद्री व्यापार और वैश्विक बाजारों पर भी असर पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत या सैन्य कार्रवाई की दिशा पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Ayodhya Ram Mandir

Ayodhya Ram Mandir में शांति और शुद्धि के लिए विशेष पूजा, Donation Case के बाद बढ़ी हलचल

Ayodhya Ram Mandir से जुड़े चढ़ावा विवाद के बाद अब अयोध्या में धार्मिक शुद्धि और प्रायश्चित अनुष्ठान शुरू हो गया है। मंदिर की पवित्रता और श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए पंडितों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रों के साथ अनुष्ठान कराया जा रहा है। इस बीच मामले से जुड़े गोपाल राव के अचानक अयोध्या छोड़कर चले जाने की खबर ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। राम मंदिर देशभर के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में मंदिर से जुड़ी किसी भी घटना पर श्रद्धालुओं की नजर रहती है। चढ़ावे से जुड़े विवाद के सामने आने के बाद मंदिर परिसर में धार्मिक परंपराओं के अनुसार शांति और शुद्धिकरण के लिए यह अनुष्ठान शुरू किया गया है। Ayodhya Ram Mandir में शुद्धि पूजा, पंडित कर रहे विशेष अनुष्ठान धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी अप्रिय घटना के बाद मंदिरों में वातावरण की सकारात्मकता बनाए रखने के लिए शुद्धिकरण पूजा की जाती है। इसी उद्देश्य से राम मंदिर में भी पंडितों द्वारा पूजा-पाठ और प्रायश्चित अनुष्ठान किया जा रहा है। अनुष्ठान के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधियों का पालन किया जा रहा है। मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है कि यह प्रक्रिया श्रद्धालुओं की भावनाओं और आस्था को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। Donation Theft Case के बाद बढ़ी सुरक्षा और पारदर्शिता पर चर्चा राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले ने सुरक्षा व्यवस्था और दान प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में बड़ी संख्या में चढ़ावा और दान दिया जाता है, ऐसे में इसकी निगरानी और पारदर्शिता बेहद अहम मानी जाती है। मामले के बाद मंदिर व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन और संबंधित संस्थाएं पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। गोपाल राव ने छोड़ी अयोध्या, सामने नहीं आया कोई बयान इस पूरे विवाद के बीच गोपाल राव के अयोध्या छोड़ने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि वह बिना किसी सार्वजनिक बयान के चुपचाप शहर से चले गए। हालांकि, उनके जाने की वजह को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। उनकी चुप्पी के कारण मामले को लेकर लोगों में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला राम मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं से जुड़ा स्थान है। यही वजह है कि मंदिर से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर देशभर में चर्चा का विषय बन जाती है। अब सभी की नजर इस मामले की आगे की जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और आने वाले अपडेट पर बनी हुई है। मंदिर प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की व्यवस्था को बनाए रखना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 43 44 45 46 47 323

Editor's Picks

Xi Jinping

BRICS Summit 2026: 7 साल बाद भारत पहुंचे Xi Jinping, Modi-Xi Meeting पर सबकी नजर

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) शनिवार को नई दिल्ली पहुंच गए। वह BRICS Summit 2026 में हिस्सा लेने के लिए भारत आए हैं। करीब सात साल बाद उनकी भारत यात्रा हो रही है, इसलिए उनके दिल्ली पहुंचते ही भारत-चीन रिश्तों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जिनपिंग का यह दौरा ऐसे वक्त में हो रहा है, जब भारत और चीन के रिश्ते धीरे-धीरे सामान्य होने की कोशिश कर रहे हैं। 2020 में गलवान घाटी की घटना के बाद दोनों देशों के संबंधों में काफी तनाव आया था। ऐसे में सात साल बाद चीनी राष्ट्रपति का भारत आना अपने आप में अहम माना जा रहा है। 7 साल बाद भारत आए शी जिनपिंग शी जिनपिंग आखिरी बार 2019 में भारत आए थे। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जिनपिंग के बीच महाबलीपुरम में अनौपचारिक मुलाकात हुई थी। इसके बाद सीमा विवाद के कारण दोनों देशों के रिश्तों में बड़ा बदलाव देखने को मिला। अब लंबे अंतराल के बाद जिनपिंग की दिल्ली यात्रा से यह उम्मीद जगी है कि दोनों देश बातचीत के जरिए अपने रिश्तों में आगे बढ़ने की कोशिश कर सकते हैं। Modi-Xi Meeting पर सबसे ज्यादा नजर BRICS Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच संभावित मुलाकात सबसे बड़ा आकर्षण हो सकती है। दोनों नेताओं की बातचीत में सीमा पर शांति, व्यापार, निवेश और दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध जैसे मुद्दे अहम रहेंगे। भारत और चीन के बीच व्यापार काफी बड़ा है, लेकिन व्यापार असंतुलन लंबे समय से चिंता का विषय रहा है। ऐसे में दोनों नेताओं की बैठक से आर्थिक मोर्चे पर भी कुछ सकारात्मक संकेत मिलने की उम्मीद की जा रही है। गलवान के बाद रिश्तों में आई थी दूरी 2020 के गलवान विवाद ने भारत-चीन संबंधों को मुश्किल दौर में पहुंचा दिया था। सीमा पर तनाव बढ़ने के साथ दोनों देशों के बीच सैन्य और राजनयिक स्तर पर लगातार बातचीत हुई। पिछले कुछ समय में हालात को सामान्य करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। सीमा पर तनाव कम करने के प्रयासों के साथ दोनों देशों के बीच उड़ान, वीजा और अन्य संपर्कों को भी धीरे-धीरे बेहतर करने की कोशिश हुई है। हालांकि, सीमा विवाद अभी भी दोनों देशों के बीच सबसे संवेदनशील मुद्दों में शामिल है। BRICS Summit में जुटे बड़े नेता नई दिल्ली में हो रहा BRICS Summit 2026 वैश्विक राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। सम्मेलन में सदस्य देशों के नेता आर्थिक सहयोग, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, तकनीक और Global South से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत कई प्रमुख नेता भी सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे समय में जब दुनिया कई बड़े संघर्षों और आर्थिक चुनौतियों से गुजर रही है, BRICS की भूमिका पर भी खास चर्चा हो रही है। भारत-चीन रिश्तों के लिए अहम मौका शी जिनपिंग का भारत दौरा सिर्फ BRICS Summit तक सीमित नहीं है। इसे भारत और चीन के बीच रिश्तों को आगे बढ़ाने के एक महत्वपूर्ण मौके के तौर पर भी देखा जा रहा है। अब सबकी नजर Modi-Xi Meeting पर है। दोनों नेताओं के बीच बातचीत अगर सकारात्मक रहती है, तो इससे सीमा विवाद के साथ-साथ व्यापार और आर्थिक सहयोग के मोर्चे पर भी आगे बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। फिलहाल, शी जिनपिंग का सात साल बाद भारत पहुंचना ही दोनों देशों के रिश्तों में एक नए chapter की शुरुआत की उम्मीद जगा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saudi

Saudi Pipeline Shutdown: ड्रोन हमले से मचा हड़कंप, Hormuz Crisis के बीच Oil Supply पर नया संकट

मिडिल ईस्ट में तनाव का असर अब सीधे Global Oil Supply पर दिखाई देने लगा है। ड्रोन हमले के बाद सऊदी अरब ने अपनी एक अहम East-West Oil Pipeline को बंद कर दिया है। यह वही पाइपलाइन है, जिसके जरिए रोजाना करीब 50 लाख बैरल तक कच्चा तेल Red Sea के रास्ते भेजा जा रहा था। सऊदी का यह फैसला ऐसे वक्त में आया है, जब Strait of Hormuz को लेकर पहले से ही चिंता बनी हुई है। ऐसे में एक और बड़े Oil Route का प्रभावित होना दुनिया के लिए चिंता बढ़ाने वाला है। ड्रोन हमले के बाद लिया गया फैसला रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी अरब के रियाद और मदीना क्षेत्र में पाइपलाइन से जुड़े ठिकानों को ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया। घटना के बाद सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पाइपलाइन का ऑपरेशन रोक दिया गया। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, ड्रोन इराक की दिशा से आए थे। घटना के बाद इराक की ओर से भी कार्रवाई की गई। इस पूरे मामले ने खाड़ी क्षेत्र में पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ा दिया है। क्या है East-West Oil Pipeline? सऊदी अरब की East-West Pipeline देश के तेल कारोबार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। करीब 1,200 किलोमीटर लंबी यह पाइपलाइन सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से से कच्चे तेल को Red Sea के किनारे स्थित Yanbu तक पहुंचाती है। इस रूट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि तेल को Hormuz Strait से होकर भेजने की जरूरत नहीं पड़ती। यानी समुद्री रास्ते में परेशानी होने पर यह पाइपलाइन Saudi Arabia के लिए एक वैकल्पिक रास्ते के तौर पर काम करती है। हाल में इससे करीब 40 से 50 लाख बैरल तेल प्रतिदिन भेजे जाने की बात सामने आई है। Hormuz के बाद Pipeline बंद होना क्यों अहम? Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण Oil Shipping Routes में से एक है। यहां तनाव बढ़ने पर पहले से ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की Supply को लेकर चिंता रहती है। ऐसे समय में सऊदी की East-West Pipeline का बंद होना अलग तरह की चुनौती पैदा करता है। जिस रास्ते को Hormuz के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था, उस पर भी अब सुरक्षा का सवाल खड़ा हो गया है। Red Sea Route पर भी दबाव मिडिल ईस्ट में संकट सिर्फ Hormuz तक सीमित नहीं है। Red Sea और Bab el-Mandeb क्षेत्र में भी लंबे समय से सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बनी हुई हैं। इन इलाकों में तनाव बढ़ने से कई बार Shipping Companies को अपने रास्ते बदलने पड़े हैं। अब Saudi Oil Infrastructure पर हुए ड्रोन हमले ने Energy Supply को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। Oil Prices पर कितना असर पड़ेगा? सऊदी अरब दुनिया के सबसे बड़े Oil Producers में शामिल है। इसलिए वहां तेल की Supply या Infrastructure में किसी बड़ी रुकावट का असर International Market पर पड़ सकता है। अगर पाइपलाइन जल्द दोबारा शुरू हो जाती है, तो बाजार में दबाव सीमित रह सकता है। लेकिन अगर बंदी लंबी खिंचती है और Hormuz तथा Red Sea में भी स्थिति सामान्य नहीं होती, तो Crude Oil Prices में तेजी का खतरा बढ़ सकता है। महंगे कच्चे तेल का असर आगे चलकर Transport और Manufacturing से लेकर पेट्रोल-डीजल की कीमतों तक दिखाई दे सकता है। दुनिया की नजर अब Saudi Arabia पर फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सऊदी अरब East-West Pipeline को कब तक बंद रखता है। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में Middle East में ड्रोन हमले और Shipping Security की स्थिति किस दिशा में जाती है। एक तरफ Hormuz में तनाव और दूसरी तरफ Saudi Oil Pipeline पर हमला—इन घटनाओं ने Global Energy Market की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में तेल की Supply और कीमतों पर इसका असर साफ तौर पर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Uttarakhand में 170 फीट लंबा पुल बहा, छत्तीसगढ़ में 3 छात्र नदी में लापता

Uttarakhand में 170 फीट लंबा पुल बहा, छत्तीसगढ़ में 3 छात्र नदी में लापता

देश के कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। Uttarakhand से लेकर बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान तक बारिश और बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। कहीं पुल बह गए हैं तो कहीं नदियों का जलस्तर बढ़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। Uttarakhand में 170 फीट लंबा पुल बहा उत्तराखंड में भारी बारिश के बीच एक करीब 170 फीट लंबा पुल नदी के तेज बहाव में बह गया। पुल के बह जाने से आसपास के इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन और राहत दल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। छत्तीसगढ़ में नदी में बहे 3 कॉलेज छात्र छत्तीसगढ़ में भी बारिश के बीच बड़ा हादसा सामने आया है। नदी में नहाने गए तीन कॉलेज छात्र लापता हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन को सूचना दी गई। राहत और बचाव दलों ने छात्रों की तलाश शुरू कर दी है। नदी के तेज बहाव के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भी मुश्किलें आ रही हैं। बिहार में 47 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से करीब 47 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में पानी घरों और सड़कों तक पहुंच गया है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है तथा प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। MP और राजस्थान में भी बारिश का दौर मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है। बारिश के कारण कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई है। लोगों को नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। बारिश के इस दौर में प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी सतर्क रहना जरूरी है। खासकर नदियों और तेज बहाव वाले इलाकों में जाने से बचना चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Black Dog

Black Dog New Packaging: 140 साल पुरानी विरासत को मिला Modern Look

करीब 140 साल पुरानी विरासत वाले स्कॉच व्हिस्की ब्रांड Black Dog ने अपनी पैकेजिंग में बड़ा बदलाव किया है। नए पैक के जरिए ब्रांड ने अपनी पारंपरिक पहचान को बरकरार रखते हुए इसे आज के दौर के हिसाब से नया रूप देने की कोशिश की है। इस बदलाव के साथ ब्रांड ने ‘Savour the Sip’ संदेश को भी सामने रखा है। 1883 से शुरू हुई Black Dog की कहानी Black Dog की शुरुआत वर्ष 1883 में सर वाल्टर मिलार्ड से जुड़ी मानी जाती है। स्कॉटलैंड से शुरू हुआ यह ब्रांड समय के साथ भारत सहित कई बाजारों में अपनी पहचान बनाने में सफल रहा है। कंपनी के मुताबिक, नए पैकेजिंग डिजाइन में ब्रांड की पुरानी विरासत और आधुनिक विजुअल स्टाइल को एक साथ रखा गया है। पैक पर बारीक डिटेलिंग और प्रीमियम फिनिश के जरिए Black Dog की पहचान को और उभारने की कोशिश की गई है। ‘Savour the Sip’ बना नया Brand Message नई पैकेजिंग के साथ ‘Savour the Sip’ को ब्रांड के प्रमुख संदेश के तौर पर पेश किया गया है। कंपनी का कहना है कि यह विचार तेज रफ्तार जिंदगी के बीच लोगों को अनुभवों को ठहरकर महसूस करने की सोच से जुड़ा है। ब्रांड की ओर से बताया गया है कि इसकी स्कॉच व्हिस्की स्कॉटलैंड की चुनिंदा डिस्टिलरी में तैयार की जाती है। इनमें Linkwood Distillery भी शामिल है। कंपनी अपने उत्पादों की खासियत को अलग-अलग कास्क में परिपक्व होने की प्रक्रिया और स्कॉटिश माल्ट्स से जोड़ती है। Portfolio में दो प्रमुख Variants नए पैकेजिंग बदलाव के साथ Black Dog के पोर्टफोलियो में दो प्रमुख वेरिएंट को भी अलग पहचान के साथ पेश किया गया है। Black Dog Black Reserve को चुनिंदा स्कॉटिश माल्ट्स से तैयार किया गया मिश्रण बताया गया है। कंपनी के अनुसार इसमें ओक, शेरी और माल्टी फ्लेवर की परतें शामिल हैं। वहीं Black Dog Triple Gold Reserve को ट्रिपल-कास्क मैच्योर्ड स्कॉच के तौर पर पेश किया गया है। कंपनी के मुताबिक इसमें ओक, टॉफी और वनीला जैसे फ्लेवर नोट्स देखने को मिलते हैं। नई Generation पर फोकस ब्रांड का यह बदलाव केवल पैकेजिंग तक सीमित नहीं है। नए डिजाइन और संदेश के जरिए Black Dog बदलते उपभोक्ता वर्ग के साथ अपनी पहचान को जोड़ने की कोशिश कर रहा है। Diageo India के वाइस प्रेसिडेंट और पोर्टफोलियो हेड वरुण कूरिच के मुताबिक, नई पैकेजिंग ब्रांड की विरासत का सम्मान करते हुए उसे आधुनिक समय के अनुरूप पेश करती है। कंपनी का फोकस ऐसे उपभोक्ताओं तक पहुंचने पर है जो उत्पाद के पीछे की कारीगरी और अनुभव को महत्व देते हैं। कुल मिलाकर, Black Dog की नई Packaging उसके पुराने heritage और modern branding के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है। करीब 140 साल पुरानी पहचान को बरकरार रखते हुए ब्रांड ने अपने visual identity और communication में बदलाव किया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
China Southern Airlines

China Southern Airlines: 21 सितंबर से ग्वांगझू-दिल्ली सीधी उड़ान, 6 साल बाद Air Connectivity बहाल

भारत और चीन के रिश्तों में लंबे समय बाद एक और सकारात्मक संकेत देखने को मिला है। चीन की China Southern Airlines 21 सितंबर 2026 से ग्वांगझू और नई दिल्ली के बीच सीधी उड़ान सेवा फिर शुरू करने जा रही है। करीब छह साल से बंद इस Direct Flight के दोबारा शुरू होने की खबर ऐसे समय आई है, जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत दौरे पर पहुंच रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान दोनों देशों के बीच सीधी यात्री उड़ानें बंद हो गई थीं। इसके बाद लंबे समय तक हवाई संपर्क पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया। अब China Southern Airlines के इस फैसले से दोनों देशों के बीच यात्रियों और कारोबारी गतिविधियों को राहत मिलने की उम्मीद है। 21 सितंबर से शुरू होगी Direct Flight China Southern Airlines की ग्वांगझू-दिल्ली उड़ान सेवा 21 सितंबर 2026 से दोबारा शुरू होगी। इससे भारत और चीन के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को एक और सीधा विकल्प मिलेगा। ग्वांगझू चीन का एक प्रमुख कारोबारी और औद्योगिक शहर है। ऐसे में दिल्ली के साथ सीधा हवाई संपर्क बहाल होने से बिजनेस ट्रैवल, पर्यटन और दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही को बढ़ावा मिल सकता है। शी जिनपिंग के भारत दौरे के बीच बड़ा अपडेट इस पूरे घटनाक्रम को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS Summit में हिस्सा लेने के लिए भारत आए हैं। उनके दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात पर भी दुनिया की नजर है। भारत और चीन के रिश्तों में 2020 के सीमा विवाद के बाद काफी तनाव देखने को मिला था। हालांकि, पिछले कुछ समय में दोनों देशों के बीच बातचीत और संपर्क बढ़ाने की कोशिशें हुई हैं। ऐसे में Direct Flight की वापसी को दोनों देशों के बीच धीरे-धीरे सामान्य होते संबंधों के एक संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। यात्रियों और कारोबारियों को क्या फायदा होगा? सीधी उड़ान शुरू होने से भारत और चीन के बीच यात्रा करने वाले लोगों को कनेक्टिंग फ्लाइट पर निर्भरता कम होगी। इससे समय की बचत हो सकती है और यात्रा पहले के मुकाबले आसान हो सकती है। खासकर कारोबारी यात्रियों, छात्रों और परिवारों के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण हो सकती है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक संपर्क बढ़ने की स्थिति में हवाई कनेक्टिविटी की भूमिका और भी अहम हो जाएगी। China-India Relations में धीरे-धीरे बदलाव भारत और चीन के संबंध अभी भी कई संवेदनशील मुद्दों से जुड़े हुए हैं। सीमा विवाद के अलावा व्यापार और रणनीतिक मामलों पर दोनों देशों के बीच मतभेद हैं। इसके बावजूद हाल के महीनों में बातचीत और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने की दिशा में कदम दिखाई दिए हैं। छह साल बाद ग्वांगझू-दिल्ली Direct Flight की वापसी इसी बदलाव की एक कड़ी मानी जा सकती है। अब सबकी नजर BRICS Summit के दौरान मोदी और शी जिनपिंग की बातचीत और उसके बाद दोनों देशों के रिश्तों की अगली दिशा पर रहेगी। कुल मिलाकर, शी जिनपिंग के भारत दौरे के बीच चीन की तीसरी एयरलाइन द्वारा भारत के लिए उड़ान सेवा शुरू करने का फैसला सिर्फ Aviation Sector के लिए ही नहीं, बल्कि India-China Relations के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.