/ Apr 29, 2026
आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGएनवायरनमेंटअब पेट्रोल में होगा बड़ा बदलाव! गाड़ियां चलेंगी ‘शराब वाले फ्यूल’ सेBREAKINGमध्य प्रदेशदलबदल मामले में हाईकोर्ट की सख्ती, 720 दिन की देरी पर सवालBREAKINGछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने जारी किए 12वीं बोर्ड के नतीजेBREAKINGदेश-हरपलPetrol vs Ethanol: E85 Petrol Launch से बदल जाएगा India का Fuel SystemBREAKINGमध्य प्रदेशसागर में तेज रफ्तार का कहर, एक की मौत, एक गंभीर घायलBREAKINGमध्य प्रदेशड्राइविंग के दौरान मोबाइल इस्तेमाल पर सख्ती, 118 चालान और 72 लाइसेंस निलंबितBREAKINGबिज़नेसOPEC से UAE अलग? India को Relief, Pakistan पर Economic PressureBREAKINGदेश-हरपलWest Bengal Voting LIVE 2026: 142 Seats पर 61% Polling, TMC-BJP ClashBREAKINGएनवायरनमेंटअब पेट्रोल में होगा बड़ा बदलाव! गाड़ियां चलेंगी ‘शराब वाले फ्यूल’ सेBREAKINGमध्य प्रदेशदलबदल मामले में हाईकोर्ट की सख्ती, 720 दिन की देरी पर सवालBREAKINGछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने जारी किए 12वीं बोर्ड के नतीजेBREAKINGदेश-हरपलPetrol vs Ethanol: E85 Petrol Launch से बदल जाएगा India का Fuel SystemBREAKINGमध्य प्रदेशसागर में तेज रफ्तार का कहर, एक की मौत, एक गंभीर घायलBREAKINGमध्य प्रदेशड्राइविंग के दौरान मोबाइल इस्तेमाल पर सख्ती, 118 चालान और 72 लाइसेंस निलंबितBREAKINGबिज़नेसOPEC से UAE अलग? India को Relief, Pakistan पर Economic PressureBREAKINGदेश-हरपलWest Bengal Voting LIVE 2026: 142 Seats पर 61% Polling, TMC-BJP Clash

Latest Posts

Prayagraj

Prayagraj हवा में संतुलन खो बैठा Air Force विमान, तालाब में गिरा, बड़ा हादसा टला

प्रयागराज (Prayagraj) शहर बुधवार दोपहर अचानक दहशत और अफरा-तफरी में बदल गया, जब भारतीय वायुसेना का एक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट (Trainer Aircraft) हवा में डगमगाते हुए शहर के बीचों-बीच तालाब में जा गिरा। यह हादसा केपी कॉलेज के पीछे हुआ, जो माघ मेला क्षेत्र से करीब 3 किलोमीटर दूर है। घटना के वक्त लोग रोज़मर्रा की ज़िंदगी में व्यस्त थे। तभी अचानक तेज आवाज़ के साथ विमान नीचे आता दिखा और कुछ ही सेकेंड में तालाब में समा गया। आसपास मौजूद लोगों ने मोबाइल से वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हवा में डगमगाया और तालाब में गिरा प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विमान उड़ान भरते समय अचानक संतुलन खो बैठा। कुछ सेकेंड तक वह हवा में इधर-उधर झूलता रहा और फिर सीधा तालाब में गिर गया। जोरदार आवाज़ सुनते ही आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े। शुरुआती जानकारी के अनुसार, विमान रूटीन ट्रेनिंग सॉर्टी पर था और उसमें दो पायलट सवार थे। दोनों पायलट सुरक्षित, बड़ा हादसा टला सबसे राहत की बात यह रही कि विमान में मौजूद दोनों पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। स्थानीय लोगों, पुलिस और रेस्क्यू टीम ने मिलकर तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। दोनों पायलटों को मामूली चोटें आई हैं और उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर और खतरे से बाहर है। माघ मेला के पास हादसा, बढ़ी सतर्कता यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब प्रयागराज में माघ मेला चल रहा है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शहर में मौजूद हैं। चूंकि दुर्घटना स्थल मेला क्षेत्र से ज्यादा दूर नहीं है, इसलिए प्रशासन ने पूरे इलाके में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। अगर विमान रिहायशी इलाके में गिरता, तो नुकसान कहीं ज़्यादा बड़ा हो सकता था। इंजन फेल या तकनीकी खराबी? जांच शुरू प्रारंभिक रिपोर्ट में आशंका जताई जा रही है कि विमान के इंजन में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके चलते पायलट नियंत्रण नहीं रख पाए। भारतीय वायुसेना और संबंधित तकनीकी एजेंसियों ने हादसे की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि दुर्घटना की असली वजह क्या थी। वीडियो में दिखा खौफनाक मंजर घटना के वीडियो में साफ दिखाई देता है कि विमान अचानक नीचे की ओर झुकता है और तालाब में गिर जाता है। कुछ ही पल में लोग मौके पर पहुंचते हैं और तालाब के पानी में उतरकर पायलटों को बाहर निकालने की कोशिश करते हैं। प्रशासन और वायुसेना का बयान प्रशासन की ओर से कहा गया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी आम नागरिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। वहीं, वायुसेना ने पुष्टि की है कि दोनों पायलट सुरक्षित हैं और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रयागराज (Prayagraj) में हुआ यह हादसा डरावना जरूर था, लेकिन समय पर हुए रेस्क्यू और पायलटों की सूझ-बूझ से एक बड़ा नुकसान टल गया। फिलहाल पूरा शहर राहत की सांस ले रहा है और सभी की नजरें अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Vehicle

Vehicle Alert बिना टोल भुगतान के NOC और Fitness Certificate नहीं मिलेगा

देशभर के vehicle owners के लिए बड़ी चेतावनी सामने आई है। अब अगर किसी वाहन पर टोल टैक्स बकाया है, तो मालिक को कई महत्वपूर्ण सुविधाओं से वंचित होना पड़ सकता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना टोल क्लियरेंस के NOC (No Objection Certificate), fitness certificate, और national permit जारी नहीं होंगे। क्या है पूरी स्थिति? Vehicle Owners के लिए सुझाव अधिकारियों ने सभी वाहन मालिकों से अपील की है कि वे समय पर अपने टोल बकाया का भुगतान करें। ऑनलाइन टोल पेमेंट और RTO रिकॉर्ड अपडेट की सुविधा आसानी से उपलब्ध है। इससे न सिर्फ परेशानी से बचा जा सकता है, बल्कि वाहन से जुड़ी सभी कानूनी सेवाएं भी सुचारू रूप से मिलती रहेंगी। टोल बकाया केवल एक रकम नहीं, बल्कि वाहन मालिक के लिए कई सेवाओं की चाबी है। इसे समय पर चुकाना आपके लिए सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Sensex

Sensex Crash Today सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, दो दिन में 2000 पॉइंट गिरा; निफ्टी भी फिसला

भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन निवेशकों के लिए काफी मुश्किल भरा रहा। लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेज बिकवाली देखने को मिली, जिससे बीएसई सेंसेक्स (Sensex) करीब 1,000 अंक टूटकर 81,100 के स्तर तक आ गया। वहीं एनएसई निफ्टी भी 200 से 350 अंक तक गिर गया। महज दो दिनों में ही सेंसेक्स लगभग 2,000 अंक नीचे आ चुका है, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है। बाजार में क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट? सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव साफ दिखने लगा। गिरावट के पीछे प्रमुख वजहें निवेशकों के लिए क्या संकेत? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट ज्यादातर भावनात्मक और वैश्विक कारणों से जुड़ी हुई है। आम निवेशकों की चिंता कई छोटे निवेशक इस तेज गिरावट से परेशान हैं। एक रिटेल निवेशक का कहना है,“पिछले कुछ महीनों की कमाई दो दिनों में मिट गई। अब समझ नहीं आ रहा कि होल्ड करें या बेच दें।” Sensex Crash Today ने एक बार फिर याद दिला दिया कि शेयर बाजार में उतार–चढ़ाव आम बात है। फिलहाल बाजार पर वैश्विक संकेत, एफआईआई की गतिविधि और कंपनियों के नतीजों का असर बना रहेगा। निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे घबराने के बजाय सोच-समझकर फैसले लें और लंबी अवधि की रणनीति पर टिके रहें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Trump

Trump Air Force One में तकनीकी खराबी Davos जाते समय बीच उड़ान से लौटे राष्ट्रपति ट्रम्प

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Trump) जब स्विट्ज़रलैंड के दावोस में होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (World Economic Forum – WEF) में हिस्सा लेने के लिए रवाना हुए, तब उनकी यात्रा अचानक सुर्खियों में आ गई। राष्ट्रपति का विशेष विमान एयरफोर्स-वन टेकऑफ़ के कुछ ही देर बाद तकनीकी खराबी के कारण बीच उड़ान से वापस वाशिंगटन लौट आया। क्या थी तकनीकी खराबी जानकारी के मुताबिक, उड़ान के दौरान विमान में एक “मामूली इलेक्ट्रिकल समस्या” सामने आई। पायलटों और तकनीकी टीम ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जोखिम न लेने का फैसला किया और विमान को तुरंत मैरीलैंड स्थित जॉइंट बेस एंड्रयूज़ की ओर मोड़ दिया। कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया कि प्रेस केबिन की लाइट्स थोड़ी देर के लिए बंद हो गई थीं, जिससे यात्रियों को अंदाजा हो गया था कि कुछ गड़बड़ है। व्हाइट हाउस का बयान व्हाइट हाउस ने साफ किया कि यह कोई गंभीर संकट नहीं था, बल्कि एक एहतियाती कदम था। राष्ट्रपति ट्रम्प और उनका दल सुरक्षित रूप से बेस पर उतर गए। इसके बाद उन्हें दूसरे सरकारी विमान में स्थानांतरित किया गया ताकि वे दावोस की यात्रा जारी रख सकें। दावोस दौरे का महत्व ट्रम्प का दावोस दौरा काफ़ी अहम माना जा रहा है। वहां वे वैश्विक नेताओं और उद्योगपतियों से मुलाकात कर आर्थिक मुद्दों, निवेश और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर चर्चा करने वाले हैं। इस तकनीकी रुकावट से उनके कार्यक्रम में थोड़ी देरी जरूर हुई, लेकिन दौरा रद्द नहीं किया गया। पुराने विमान, नए सवाल गौरतलब है कि मौजूदा एयरफोर्स-वन विमान लगभग चार दशक पुराने हैं। पहले भी इनके रखरखाव और भरोसेमंद संचालन को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इस ताज़ा घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि नए राष्ट्रपति विमानों की जरूरत कितनी जरूरी हो चुकी है। Trump का एयरफोर्स-वन तकनीकी खराबी के कारण बीच उड़ान से लौटना भले ही एक छोटी घटना लगे, लेकिन इससे राष्ट्रपति सुरक्षा, विमान की उम्र और आधुनिक तकनीक की जरूरत जैसे बड़े मुद्दे फिर चर्चा में आ गए हैं। राहत की बात यह रही कि सब कुछ सुरक्षित रहा और राष्ट्रपति अपनी दावोस यात्रा दूसरे विमान से जारी रखने में सफल रहे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Stock Market

Stock Market गिरा Sensex और Nifty की बड़ी गिरावट के पीछे क्या है असली वजह?

आज भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में जो कुछ हुआ, उसने छोटे-बड़े हर निवेशक को थोड़ा चौंका दिया।सुबह बाजार खुलते ही कमजोरी दिखने लगी और कुछ ही देर में Sensex और Nifty दोनों लाल निशान में फिसल गए। जिन निवेशकों को कल तक तेजी की उम्मीद थी, आज उनके चेहरे पर चिंता साफ दिखी। Today’s Market Update: क्या हुआ आज बाजार में? आज के कारोबार में: कुल मिलाकर बाजार में “sell first, think later” वाला माहौल दिखा। आखिर Sensex-Nifty क्यों गिरे? जानिए असली कारण 1. Global Market से आए खराब संकेत अमेरिका और यूरोप के बाजार पहले से दबाव में थे।Trade tension और geopolitical issues ने दुनिया भर के निवेशकों को सतर्क बना दिया — और उसका असर सीधा भारत पर दिखा। 2. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली (FII Selling) Foreign investors पिछले कुछ सत्रों से भारतीय शेयर बेच रहे हैं।जब बड़े खिलाड़ी बाहर निकलते हैं, तो बाजार में डर फैलना स्वाभाविक है। 3. कंपनियों के कमजोर नतीजे कुछ बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, खासकर IT सेक्टर में।नतीजों ने यह साफ किया कि फिलहाल growth थोड़ी धीमी हो रही है। 4. रुपये की कमजोरी डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ है।इससे न सिर्फ import महंगा होता है, बल्कि foreign investors का भरोसा भी थोड़ा डगमगाता है। 5. अनिश्चित नीतियाँ और टैरिफ डर अमेरिका-यूरोप के बीच टैरिफ विवाद और policy uncertainty ने investors को risk लेने से रोका। कौन से सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए? आज गिरावट में सबसे आगे रहे:IT सेक्टर – कमजोर global demand की वजह सेBanking & Finance – profit booking और डर की वजह सेRealty और Media Stocks – भारी बिकवाली के शिकार कुछ defensive शेयरों में थोड़ी मजबूती जरूर दिखी, लेकिन overall mood bearish ही रहा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Saina Nehwal

Saina Nehwal Retirement 3 साल से कोर्ट से दूर, घुटने की समस्या ने लिया फैसला

भारतीय बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी Saina Nehwal ने आधिकारिक तौर पर प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन से संन्यास की घोषणा की है। पिछले लगभग 3 साल से कोर्ट से दूर रहने के बाद यह खबर उनके फैंस के लिए भावनात्मक पल लेकर आई है। घुटनों की समस्या ने दी वजह साइना ने कहा कि उनका शरीर अब खेल की उच्च शारीरिक मांगों को नहीं सह सकता। लगातार घुटनों की समस्या (knee injury) और उससे जुड़ी परेशानियों के कारण उन्होंने प्रतिस्पर्धा जारी रखना मुश्किल पाया। उनके घुटनों में आर्थराइटिस और कार्टिलेज डीजेनेरेशन जैसी समस्याएं बढ़ रही थीं, जिससे उच्च स्तर के टूर्नामेंट्स और ट्रेनिंग करना संभव नहीं था। आखिरी मैच और कोर्ट से दूरी साइना ने यह भी बताया कि उन्होंने लगभग दो साल पहले ही खेलना बंद कर दिया था, और इसके बाद कभी कोर्ट पर वापसी नहीं हुई। उनकी आखिरी प्रतिस्पर्धा 2023 में सिंगापुर ओपन में हुई थी। उन्होंने कहा, “अब मैं खुद को और आगे नहीं धकेल सकती, यह सही समय है संन्यास लेने का।” शानदार करियर और उपलब्धियां साइना नेहवाल ने भारतीय बैडमिंटन में एक अलग मुकाम बनाया। 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक, कई अंतरराष्ट्रीय खिताब और विश्व चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन उनके करियर की पहचान है। उनके समर्पण और मेहनत ने ना सिर्फ उन्हें सफलता दिलाई, बल्कि भारतीय बैडमिंटन को वैश्विक पहचान भी दी। भारतीय खेल में युग का अंत उनके संन्यास के साथ ही भारतीय खेल में एक युग का अंत माना जा रहा है। फैंस और खिलाड़ियों के लिए साइना नेहवाल हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी। उनके खेल, संघर्ष और जज्बे की कहानी आने वाली पीढ़ियों को हौसला और प्रेरणा देती रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Silver

Gold & Silver Price चांदी ₹3.05 लाख, सोना ₹1.46 लाख तक पहुंचा

भारतीय मार्केट में सोना (Gold) और चांदी (Silver) ने निवेशकों के लिए रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया है। आज चांदी की कीमत में ₹10,888 की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह ₹3.05 लाख के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई। खास बात यह है कि केवल 20 दिनों में चांदी की कीमत में ₹74,000 का जोरदार उछाल देखा गया। सोने की कीमत में भी उछाल Gold भी Silver की तरह तेजी दिखा रहा है। आज सोने की कीमत ₹2,429 बढ़कर ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम हो गई। निवेशक इसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश के रूप में देख रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में कीमती धातुओं की मांग बढ़ी है, और इसका असर सीधे कीमतों पर दिखाई दे रहा है। तेजी के पीछे क्या कारण हैं? विशेषज्ञों के अनुसार, सोना और चांदी की बढ़ती कीमतों के पीछे कई कारण हैं: निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है? इस तेजी का सबसे बड़ा फायदा निवेशकों को हो रहा है। जो लोग लंबे समय से सोना और चांदी में निवेश कर रहे हैं, उनके पोर्टफोलियो में अच्छा रिटर्न देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि छोटी मात्रा में भी निवेश करना फायदेमंद हो सकता है। मार्केट ट्रेंड और भविष्य Silver की तेजी सोने की तुलना में अधिक रही है, और निवेशक इस समय चांदी की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। आने वाले महीनों में अगर वैश्विक मार्केट में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता, तो यह बढ़त जारी रह सकती है। Gold और चांदी में निवेश अब केवल एक विकल्प नहीं बल्कि सुरक्षित निवेश का जरिया बन गया है। चाहे आप छोटे निवेशक हों या बड़े, यह समय सोने और चांदी में निवेश करने का सही मौका हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
R.N. Ravi

Tamil Nadu Assembly Drama R.N. Ravi ने राष्ट्रगान विवाद में छोड़ा सदन

तमिलनाडु विधानसभा में आज फिर हाई-ड्रामा (High Drama) देखने को मिला। राज्यपाल R.N. Ravi ने सदन में अपना पारंपरिक अभिभाषण (customary address) दिए बिना वॉक आउट (walk out) कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय गीत (National Anthem) का अपमान हुआ और उनके माइक्रोफोन को बंद कर दिया गया। यह कदम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। राज्यपाल का आरोप: राष्ट्रीय गीत का अपमान R.N. Ravi ने कहा कि सदन में राष्ट्रीय गीत का सम्मान नहीं किया गया, और इसी कारण उन्होंने अपना भाषण स्थगित कर दिया। उनका यह भी कहना था कि उनका माइक्रोफोन बंद कर दिया गया, जिससे उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं मिला। यह घटना पिछले वर्षों में हुए राष्ट्रगान विवाद की तरह सामने आई है, जब उन्होंने इसी कारण विधानसभा सत्र छोड़ दिया था। विवाद की जड़: Tamil Thai Vaazhthu और National Anthem तमिलनाडु की परंपरा के अनुसार सत्र की शुरुआत तमिल राज्यगीत ‘Tamil Thai Vaazhthu’ से होती है और बाद में राष्ट्रीय गीत बजता है। राज्यपाल का कहना है कि संविधान के अनुसार राष्ट्रीय गीत को सही सम्मान दिया जाना चाहिए। वहीं, डीएमके सरकार इस परंपरा का पालन करते हुए कहती है कि यह कोई अपमानजनक कदम नहीं है। मुख्यमंत्री और DMK की प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री M.K. Stalin ने कहा कि राज्य की परंपरा के अनुसार ऐसा करना पूरी तरह सही है। उन्होंने राज्यपाल के वॉक आउट को “निराधार और अव्यवहारिक” बताया। DMK नेताओं का कहना है कि राज्यपाल का यह कदम राजनीतिक तनाव बढ़ा रहा है और लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करने की बजाय बहस को गर्म कर रहा है। राजनीतिक और संवैधानिक महत्व राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच यह टकराव राजनीतिक और संवैधानिक दोनों स्तर पर अहम है। यह केवल राष्ट्रगान का मुद्दा नहीं, बल्कि राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और परंपराओं का सम्मान भी है। पिछले वर्षों में भी इस तरह के विवाद विधानसभा सत्र की शुरुआत में देखे गए थे। तमिलनाडु विधानसभा में आज का घटनाक्रम बताता है कि राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान और राज्य की परंपराएं राजनीति में कितनी संवेदनशील हो सकती हैं। R.N. Ravi का कदम और DMK की प्रतिक्रिया दोनों ही दर्शाती हैं कि यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Nitin Nabin

Nitin Nabin बने BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोदी, शाह और Rajnath Singh ने किया समर्थन

BJP ने चुना नया National President भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नितिन नबीन (Nitin Nabin) को अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष (National President) निर्विरोध चुना है। 45 वर्ष के नबीन अब तक के सबसे युवा अध्यक्ष हैं और पार्टी के संगठन को नई ऊर्जा देने के लिए इस अहम जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं। निर्विरोध चुनाव और वरिष्ठ नेताओं का समर्थन चुनाव में Nitin Nabin को 37 नामांकन पत्रों का समर्थन मिला, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi), गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) समेत पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने खुलकर समर्थन दिया। पदभार संभालने का समारोह Nitin Nabin ने 20 जनवरी 2026 को भाजपा मुख्यालय में औपचारिक रूप से पदभार संभाला। इस समारोह में पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, राज्य अध्यक्ष और संगठन मंत्री भी मौजूद रहे। युवा नेतृत्व को बढ़ावा भाजपा सूत्रों के अनुसार, नबीन की नियुक्ति युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने और संगठन में नई रणनीति लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नबीन के नेतृत्व में पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों और संगठनात्मक सुधारों में नए उत्साह के साथ कदम रखेगी। नेताओं की शुभकामनाएं और पार्टी की उम्मीदें समारोह में उपस्थित नेताओं ने Nitin Nabin को पदभार संभालने पर बधाई दी और उन्हें आगामी चुनौतियों में सफलता की शुभकामनाएं दीं। उनके अनुभव और संगठनात्मक कौशल को देखते हुए, पार्टी को उम्मीद है कि नबीन भाजपा को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे। नबीन का राजनीतिक सफर नबीन का राजनीतिक करियर लगातार बढ़ रहा है और युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता भी उन्हें पार्टी के लिए एक भरोसेमंद नेतृत्व बनाती है। अब उनका नेतृत्व पार्टी की दिशा, चुनावी रणनीति और संगठन सुधारों में निर्णायक साबित होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Magh Mela

Magh Mela Row शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस, अब 24 घंटे में देना होगा जवाब

प्रयागराज में चल रहे माघ मेला 2026 (Magh Mela 2026) के दौरान एक ऐसा विवाद सामने आया है, जिसने धार्मिक, प्रशासनिक और राजनीतिक तीनों हलकों में हलचल मचा दी है। मामला जुड़ा है शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से, जो बीते तीन दिनों से मेला क्षेत्र में धरने पर बैठे हैं और अब उन्हें मेला प्रशासन की ओर से एक औपचारिक नोटिस थमा दिया गया है। विवाद की शुरुआत कैसे हुई? मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पारंपरिक पालकी यात्रा के साथ संगम स्नान के लिए जा रहे थे। इसी दौरान प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण का हवाला देते हुए उनकी पालकी यात्रा को बीच में ही रोक दिया। यहीं से मामला गरमा गया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इसे धार्मिक परंपराओं और संतों के सम्मान के खिलाफ बताते हुए संगम स्नान से इनकार कर दिया और धरने पर बैठ गए। उनके समर्थकों का कहना है कि यह केवल एक प्रशासनिक रोक नहीं थी, बल्कि संतों के साथ किए गए व्यवहार ने उन्हें आहत किया है। नोटिस में क्या कहा गया? माघ मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को जारी नोटिस में उनसे 24 घंटे के भीतर यह स्पष्ट करने को कहा है कि वे किस आधार पर स्वयं को “शंकराचार्य” कह रहे हैं। प्रशासन का तर्क है कि जब तक किसी पीठ पर शंकराचार्य की औपचारिक नियुक्ति (पट्टाभिषेक) नहीं होती और अदालत या परंपरागत संस्थाओं से मान्यता नहीं मिलती, तब तक किसी व्यक्ति द्वारा इस पदवी का उपयोग करना विवादित हो सकता है। यानी अब विवाद केवल संगम स्नान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सीधे-सीधे शंकराचार्य पद की वैधता पर आ टिका है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का पक्ष धरने पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने साफ शब्दों में कहा है कि “हम शंकराचार्य हैं या नहीं, यह कोई प्रशासन या सरकार तय नहीं कर सकती।” उनका कहना है कि उनका पद धार्मिक परंपरा और गुरु-शिष्य परंपरा से जुड़ा है, न कि किसी सरकारी अनुमति से। वे यह भी कह चुके हैं कि जब तक उनके साथ हुए व्यवहार पर प्रशासन माफी नहीं मांगता और सम्मानपूर्वक व्यवहार नहीं करता, तब तक वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। राजनीति भी कूदी मैदान में इस पूरे विवाद ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है।समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से फोन पर बात कर उनका समर्थन किया है। वहीं अन्य दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों ने भी प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। कुछ नेताओं ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़कर देखा है, तो कुछ ने इसे केवल सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा मामला बताया है। प्रशासन का क्या कहना है? प्रशासन का पक्ष है कि यह कार्रवाई पूरी तरह व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ी थी, न कि किसी संत या धर्म विशेष के अपमान से। उनका कहना है कि मेला क्षेत्र में लाखों श्रद्धालु मौजूद होते हैं और किसी भी तरह की विशेष छूट कानून व्यवस्था के लिए खतरा बन सकती है। साथ ही, “शंकराचार्य” की उपाधि को लेकर नोटिस को वे एक कानूनी और प्रक्रियात्मक सवाल बता रहे हैं, न कि धार्मिक हस्तक्षेप। अब आगे क्या? अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इस नोटिस का क्या जवाब देते हैं।उनका जवाब तय करेगा कि मामला शांत होगा या और ज्यादा तूल पकड़ेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 43 44 45 46 47 196

Editor's Picks

E85 Petrol, Ethanol Fuel India, E85 Fuel India News, Petrol Ethanol Blend, Flex Fuel Vehicle India, E100 Fuel, Petrol Price India, Biofuel India

अब पेट्रोल में होगा बड़ा बदलाव! गाड़ियां चलेंगी ‘शराब वाले फ्यूल’ से

भारत सरकार ने पेट्रोल में 85% तक एथेनॉल मिलाने (E85 Fuel) का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। जानिए इसका आपकी गाड़ी, माइलेज और जेब पर क्या असर पड़ेगा। E85 Petrol: देश में फ्यूल सिस्टम बदलने की तैयारी भारत में अब पेट्रोल का खेल बदलने वाला है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाकर E85 (85% एथेनॉल + 15% पेट्रोल) करने का बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस प्रस्ताव के तहत न सिर्फ E85 बल्कि E100 (100% एथेनॉल) फ्यूल को भी शामिल करने की तैयारी है, यानी आने वाले समय में गाड़ियां पूरी तरह “अल्कोहल बेस्ड फ्यूल” पर चल सकती हैं। क्या है E85 Fuel? (Simple भाषा में समझें) अब तक देश में E20 लागू हो चुका है, लेकिन सरकार इससे आगे बढ़कर E85 की दिशा में काम कर रही है। सरकार ऐसा क्यों कर रही है? इस फैसले के पीछे कई बड़े कारण हैं: 👉 तेल आयात पर निर्भरता कम करना👉 पेट्रोल खर्च घटाना👉 पर्यावरण को कम नुकसान (कम कार्बन उत्सर्जन)👉किसानों को फायदा (एथेनॉल गन्ना/मक्का से बनता है) भारत पहले ही E20 लक्ष्य हासिल कर चुका है और अब अगला कदम E85 है। क्या आपकी गाड़ी में चलेगा E85? यह सबसे बड़ा सवाल है 👇 ❌ अभी की ज्यादातर गाड़ियां E85 के लिए तैयार नहीं हैं✔ इसके लिए Flex Fuel Vehicles (FFV) चाहिए होंगी✔ कंपनियों को नई टेक्नोलॉजी लानी पड़ेगी यानी तुरंत बदलाव नहीं होगा, लेकिन आने वाले सालों में नई गाड़ियां इस हिसाब से डिजाइन होंगी। क्या होंगे इसके असर? गाड़ियों पर असर पेट्रोल पंप पर बदलाव आपकी जेब पर असर Auto कंपनियों की चिंता भी बढ़ी ऑटो इंडस्ट्री इस बदलाव को लेकर पूरी तरह तैयार नहीं है। कंपनियों का कहना है कि: आगे क्या होगा? E85 Fuel भारत के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।लेकिन सच यह भी है कि यह बदलाव धीरे-धीरे ही लागू होगा। 👉 अभी के लिए घबराने की जरूरत नहीं👉 लेकिन भविष्य में गाड़ी खरीदते समय “Flex Fuel” जरूर ध्यान में रखें

दलबदल मामले में हाईकोर्ट की सख्ती, 720 दिन की देरी पर सवाल

सागर जिले की बीना सीट से विधायक निर्मला सप्रे के खिलाफ दलबदल मामले में दायर याचिका पर बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। यह याचिका नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दायर की है, जिसमें उनकी विधायकी खत्म करने की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों से जवाब मांगा और मामले में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। “90 दिन में फैसला होना चाहिए, 720 दिन क्यों लगे?” चीफ जस्टिस संजीव कुमार सचदेवा ने सुनवाई के दौरान कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि दलबदल मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने 90 दिनों के भीतर निर्णय देने की समय सीमा तय की है। ऐसे में 720 दिन बीत जाने के बाद भी फैसला नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने महाधिवक्ता प्रशांत सिंह से कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन स्पीकर के संज्ञान में लाई जाए। स्पीकर के पास लंबित है मामला महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कोर्ट को बताया कि मामले की सुनवाई विधानसभा स्पीकर के समक्ष जारी है और प्रस्तुत साक्ष्यों की जांच की जा रही है। वहीं उमंग सिंघार के वकील विभोर खंडेलवाल ने भी मांग की कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय 90 दिन की समय सीमा का पालन सुनिश्चित किया जाए। बीजेपी कार्यक्रम में दिखने के बाद बढ़ा विवाद दरअसल, निर्मला सप्रे ने 2023 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता था। 5 मई 2024 को लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान वे मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ बीजेपी के मंच पर नजर आई थीं। इसके बाद उनके बीजेपी में शामिल होने की चर्चा तेज हो गई थी। 5 जुलाई 2024 को उमंग सिंघार ने स्पीकर के समक्ष याचिका लगाकर उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग की। जब इस पर फैसला नहीं हुआ, तो नवंबर 2024 में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। अब इस मामले में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर बनी हुई है। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने जारी किए 12वीं बोर्ड के नतीजे

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस साल कुल 83.04% छात्र-छात्राएं पास हुए हैं। टॉप-10 मेरिट लिस्ट में कुल 43 छात्रों ने जगह बनाई है। जिज्ञासु वर्मा ने किया टॉप बलौदाबाजार जिले के पलारी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र जिज्ञासु वर्मा ने 98.60% अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया।दूसरे स्थान पर बेमेतरा जिले की छात्रा ओमनी वर्मा रहीं, जिन्होंने 98.20% अंक हासिल किए।तीसरे स्थान पर रायगढ़ जिले के छात्र कृष महंत रहे, जिनके 97.80% अंक आए। इन जिलों के छात्रों का दबदबा रायगढ़, जशपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद और कांकेर जैसे जिलों के छात्रों ने टॉप-10 में जगह बनाई है। इससे साफ है कि छोटे शहरों के छात्र भी लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। टॉपर्स को मिलेंगे 1.5 लाख रुपए राज्य सरकार ने टॉपर्स को 1.5 लाख रुपए देने का ऐलान किया है। टॉपर जिज्ञासु वर्मा ने बताया कि वे आगे चलकर इंजीनियर बनना चाहते हैं। उनके पिता एक किराना दुकान चलाते हैं। टॉप-10 स्टूडेंट्स लिस्ट (CGBSE 12th 2026) इन वेबसाइट्स पर देख सकते हैं रिजल्ट छात्र अपना रिजल्ट CGBSE की आधिकारिक वेबसाइट सहित कुल 9 वेबसाइट्स पर देख सकते हैं। (स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे अपना रोल नंबर तैयार रखें) 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
E85 Petrol

Petrol vs Ethanol: E85 Petrol Launch से बदल जाएगा India का Fuel System

भारत के फ्यूल सेक्टर में एक बड़ा बदलाव दस्तक दे रहा है। केंद्र सरकार ने E85 Petrol(85% Ethanol + 15% Petrol) को लेकर ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। अगर यह लागू होता है, तो आने वाले समय में हमारी गाड़ियां पारंपरिक पेट्रोल के बजाय ज्यादा “ग्रीन फ्यूल” पर दौड़ती नजर आ सकती हैं। यह सिर्फ एक टेक्निकल बदलाव नहीं है—बल्कि इसका असर आपकी जेब, किसानों की आय और देश की ऊर्जा नीति तक पड़ेगा। क्या है E85 Petrol? (Simple समझें) E85 एक हाई एथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल है, जिसमें: अभी भारत में E20 फ्यूल का इस्तेमाल बढ़ रहा है, लेकिन E85 उससे कहीं आगे का स्टेप माना जा रहा है। सरकार का प्लान क्या है? सरकार चाहती है कि भारत धीरे-धीरे पेट्रोल-डिपेंडेंसी से बाहर निकले। इसी दिशा में: फिलहाल यह ड्राफ्ट स्टेज में है और जल्द ही इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। क्यों जरूरी है E85? (Big Reasons) 1. Import Bill होगा कम भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल बाहर से मंगाता है। एथेनॉल बढ़ने से यह खर्च कम हो सकता है 2. Pollution में कमी Ethanol एक क्लीनर फ्यूल है इससे कार्बन उत्सर्जन कम होगा और पर्यावरण को राहत मिलेगी 3. Farmers को सीधा फायदा क्या आपकी Car E85 पर चल पाएगी? यहीं पर सबसे बड़ा ट्विस्ट है। हर गाड़ी E85 पर नहीं चल सकती मतलब साफ है—नई टेक्नोलॉजी वाली गाड़ियां ही इस बदलाव का पूरा फायदा उठा पाएंगी। आने वाले समय में क्या बदल सकता है?

सागर में तेज रफ्तार का कहर, एक की मौत, एक गंभीर घायल

मध्य प्रदेश के सागर में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। राजघाट रोड पर बीडी अस्पताल के पास एक तेज रफ्तार कार ने दो बाइकों और एक ऑटो को टक्कर मार दी। इसके बाद कार अनियंत्रित होकर एक मकान की दीवार से जा टकराई। इस हादसे में 50 वर्षीय रामस्वरूप दीक्षित की मौके पर ही मौत हो गई। वे कटंगी के रहने वाले थे। उनके साथ बाइक पर सवार शिवराज गौड़ (45) गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए बीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद आरोपी चालक फरार घटना के बाद कार चालक मौके से भाग गया। मोतीनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने शव का पंचनामा कर परिजनों को सौंप दिया है। प्रत्यक्षदर्शी प्रदीप पटेल के अनुसार, हादसा रात करीब 11:30 से 12 बजे के बीच हुआ। एक काले रंग की तेज रफ्तार कार ने अचानक दो बाइक और ऑटो को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पास के मकान की दीवार से जा टकराई। “ड्राइवर नशे में था” — प्रत्यक्षदर्शी प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद लोगों ने कार चालक को बाहर निकाला, लेकिन वह नशे की हालत में था और कुछ देर बाद मौके से फरार हो गया। आरोपी की तलाश जारी स्थानीय लोगों के मुताबिक, आरोपी चालक का नाम राजेश बताया जा रहा है, जो विवेकानंद वार्ड क्षेत्र का रहने वाला है। मोतीनगर पुलिस ने बयान दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग के खतरों की याद दिलाता है। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.