कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान ने देश की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए “आतंकवादी” शब्द का इस्तेमाल किया, जिसके बाद राजनीतिक माहौल तेजी से गरमा गया और सत्ता पक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद खड़गे ने खुद सामने आकर सफाई दी और कहा कि उनका ऐसा कोई मतलब नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है और शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया।
खड़गे के मुताबिक, उनका इशारा किसी व्यक्ति को “आतंकवादी” कहने का नहीं था, बल्कि सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर विपक्षी दलों और आम लोगों को डराने-धमकाने की राजनीति करने के आरोपों की ओर था। उन्होंने कहा कि उनकी बात को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, जिससे गलतफहमी फैल गई।
इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और खड़गे पर हमला बोलते हुए इसे आपत्तिजनक बयान बताया है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि विपक्षी नेताओं के बयानों को अक्सर संदर्भ से हटाकर पेश किया जाता है।
पूरा मामला अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है, जहां दोनों दल अपने-अपने पक्ष में तर्क दे रहे हैं और बयान को लेकर सियासी टकराव जारी है।
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