आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलLucknow Fire Breaking इंस्टीट्यूट में आग से मची अफरा-तफरी, कई छात्र घायलBREAKINGबिज़नेसMarket Update: Sensex 500 Points Jump, Nifty में 150 अंकों की बढ़तBREAKINGबिज़नेसGold Silver Market कीमतों में जोरदार उछाल, निवेशक सतर्कBREAKINGमध्य प्रदेश21 दिन से नहीं मिला जीवनरक्षक इंजेक्शन, बच्चों की जान बचाने सड़क पर बैठा पिता; जिला अस्पताल के सामने लगाया जामBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Keir Starmer Resigns: ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा उलटफेर, Andy Burnham सबसे बड़े दावेदारBREAKINGदेश-हरपलUP Election 2027: Mayawati का बड़ा Brahmin दांव, BSP ने घोषित किए 2 उम्मीदवारBREAKINGप्रदेशजबलपुर में आवारा कुत्ते के हमले से युवक की मौत, पहचान में जुटी पुलिसBREAKINGमध्य प्रदेशकैलाश विजयवर्गीय बोले- ‘अगर हम काफिर हैं तो हमारी बनाई सड़क पर मत चलो’, बयान पर छिड़ी चर्चाBREAKINGदेश-हरपलLucknow Fire Breaking इंस्टीट्यूट में आग से मची अफरा-तफरी, कई छात्र घायलBREAKINGबिज़नेसMarket Update: Sensex 500 Points Jump, Nifty में 150 अंकों की बढ़तBREAKINGबिज़नेसGold Silver Market कीमतों में जोरदार उछाल, निवेशक सतर्कBREAKINGमध्य प्रदेश21 दिन से नहीं मिला जीवनरक्षक इंजेक्शन, बच्चों की जान बचाने सड़क पर बैठा पिता; जिला अस्पताल के सामने लगाया जामBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Keir Starmer Resigns: ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा उलटफेर, Andy Burnham सबसे बड़े दावेदारBREAKINGदेश-हरपलUP Election 2027: Mayawati का बड़ा Brahmin दांव, BSP ने घोषित किए 2 उम्मीदवारBREAKINGप्रदेशजबलपुर में आवारा कुत्ते के हमले से युवक की मौत, पहचान में जुटी पुलिसBREAKINGमध्य प्रदेशकैलाश विजयवर्गीय बोले- ‘अगर हम काफिर हैं तो हमारी बनाई सड़क पर मत चलो’, बयान पर छिड़ी चर्चा

Latest Posts

2029 Elections

2029 Elections महिला आरक्षण और Seat Increase से बदलेगा सिस्टम

भारत की राजनीति एक बड़े बदलाव के मुहाने पर खड़ी है। आने वाले वर्षों में संसद की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है, क्योंकि सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिलाओं को 33% आरक्षण (Women Reservation) लागू करने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। यह सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि प्रतिनिधित्व और समान भागीदारी की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। Lok Sabha Seats Increase: 543 से 816 तक का सफर इस योजना का सबसे बड़ा पहलू है लोकसभा सीटों की संख्या में संभावित बढ़ोतरी। अभी जहां 543 सीटें हैं, वहीं इन्हें बढ़ाकर 816 सीटें करने का प्रस्ताव सामने आया है। यह बदलाव परिसीमन (Delimitation) के जरिए होगा, जिसमें जनसंख्या के आधार पर नए निर्वाचन क्षेत्र बनाए जाएंगे। सीधे शब्दों में कहें तो, देश की बढ़ती आबादी को देखते हुए संसद में ज्यादा प्रतिनिधियों की जरूरत महसूस की जा रही है। 33% Women Reservation: महिलाओं को मिलेगा बड़ा प्रतिनिधित्व अगर सीटें 816 हो जाती हैं, तो उनमें से लगभग 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यह भारतीय संसद के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा महिला प्रतिनिधित्व होगा। आज भी कई क्षेत्रों में महिलाएं राजनीति में आने से हिचकती हैं या उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते। ऐसे में यह कदम लाखों महिलाओं के लिए एक नई उम्मीद बन सकता है। क्यों जरूरी है यह बदलाव? यह सवाल कई लोगों के मन में आता है कि सीटें बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी। दरअसल, अगर सीधे मौजूदा सीटों में से 33% आरक्षण लागू किया जाता, तो कई मौजूदा सांसदों की सीटें प्रभावित होतीं।सीटों की संख्या बढ़ाकर सरकार एक संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है, ताकि: 2029 Elections Target: कब तक लागू होगा? सरकार की योजना है कि यह पूरी प्रक्रिया 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले पूरी कर ली जाए। हालांकि इसके लिए कुछ जरूरी कदम अभी बाकी हैं: Human Angle: बदलाव सिर्फ आंकड़ों का नहीं, सोच का भी यह सिर्फ सीटों की गणित नहीं है, बल्कि सोच में बदलाव की कहानी भी है।जब संसद में अधिक महिलाएं होंगी, तो शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक मुद्दों पर नए नजरिए सामने आएंगे। गांव से लेकर शहर तक, कई महिलाएं अब राजनीति में अपनी पहचान बनाना चाहती हैं। यह आरक्षण उनके लिए दरवाजे खोल सकता है। राजनीति पर क्या असर पड़ेगा? इस फैसले का असर देश की राजनीति पर साफ दिखाई देगा: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
रंधावा

Punjab में हड़कंप रंधावा सुसाइड के बाद AAP नेता लालजीत भुल्लर गिरफ्तार

अमृतसर में एक सरकारी अधिकारी गगनदीप सिंह रंधावा की कथित आत्महत्या (Suicide) ने पंजाब में सनसनी फैला दी है। इस मामले में पुलिस ने पूर्व AAP मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को गिरफ्तार कर एक बड़ा कदम उठाया है। गिरफ्तारी मंडी गोबिंदगढ़ से की गई और इसे मामले में न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मामला क्या है? रंधावा ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो संदेश (Video Message) में दावा किया कि उन्हें भुल्लर और उनके करीबियों ने मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया। इसके बाद उनकी पत्नी उपिंदर कौर ने पुलिस में FIR दर्ज कराई। FIR में आरोप हैं कि पूर्व मंत्री, उनके पिता और PA ने रंधावा को धमकाया और आत्महत्या के लिए उकसाया। परिवार ने दिया अल्टीमेटम रंधावा के परिवार ने सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार नहीं किया गया, तो अंतिम संस्कार रोक दिया जाएगा। इस अल्टीमेटम ने प्रशासन और मीडिया का ध्यान तुरंत इस मामले की ओर खींचा। राजनीतिक प्रतिक्रिया इस मामले ने पंजाब में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल सहित कई विपक्षी दलों ने भुल्लर की गिरफ्तारी और CBI जांच की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वॉटर कैनन और सुरक्षा बलों का इस्तेमाल किया। CBI जांच की मांग परिवार और विपक्ष का कहना है कि स्थानीय जांच में प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई धीमी रही, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए CBI का हस्तक्षेप आवश्यक है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
RGPV

RGPV कैंटीन मामला Students बोले खाना में छिपकली, Staff ने कहा शिमला मिर्च

RGPV (राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय) के कैंटीन में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने छात्रों और स्टाफ के बीच हलचल मचा दी है। कुछ छात्रों ने खाने में छिपकली (Lizard) पाए जाने का दावा किया, लेकिन कैंटीन स्टाफ ने इसे उठाकर खा लिया और कहा कि यह शिमला मिर्च (Capsicum) है। घटना 18 मार्च को हुई, जब छात्रों ने खाने में संदिग्ध चीज़ देखी और तुरंत कैंटीन स्टाफ को बुलाया। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि स्टाफ उस वस्तु को खाते हुए कहता है, “यह Lizard नहीं, शिमला मिर्च है।” वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और छात्रों में नाराजगी फैल गई। छात्रों की प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया हलचल छात्रों का कहना है कि कैंटीन की स्वच्छता और खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया और छात्रों ने उच्च स्तर पर जांच की मांग की। प्रशासन और कैंटीन स्टाफ का बयान कैंटीन संचालक का दावा है कि खाना पूरी तरह सुरक्षित था और यह केवल शिमला मिर्च का टुकड़ा था। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत जांच समिति गठित कर दी है ताकि सच सामने आए। स्वच्छता और सुरक्षा पर बहस इस घटना ने कैंटीन में स्वच्छता और सुरक्षा मानकों पर बहस को और तेज कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुँचा जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
मोदी

पश्चिम एशिया Crisis मोदी का संदेश, नागरिक सुरक्षा और Energy Security पर जोर

पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ता तनाव अब भारत की चिंता का बड़ा मुद्दा बन गया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल ही में कहा कि किसी भी परिस्थिति में नागरिकों पर हमला स्वीकार्य नहीं है और क्षेत्र में शांति बनाए रखना बहुत जरूरी है। उनका यह संदेश स्पष्ट रूप से दुनिया को यह दिखाता है कि भारत सभी पक्षों के साथ संतुलित और जिम्मेदार रवैया अपनाए हुए है। होर्मुज Strait और भारत की चिंता प्रधानमंत्री ने खास तौर पर Strait of Hormuz का ज़िक्र किया। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल रूट्स में से एक है। अगर यहां रास्ता रोका गया, तो global oil supply प्रभावित होगी और तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। भारत की Energy Security भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर करता है। मोदी ने बताया कि देश 41 देशों से तेल और गैस इंपोर्ट करता है ताकि किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम रहे। इसके बावजूद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से भारत की अर्थव्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर संघर्ष और बढ़ता है, तो: भारत का संतुलित रुख भारत ने सभी पक्षों से dialogue और peace की अपील की है। सरकार का मुख्य फोकस न केवल वैश्विक स्थिरता पर है, बल्कि अपने नागरिकों की सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा भी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
मौसम

Weather Alert Delhi-राजस्थान में बारिश, Kedarnath में भारी Snowfall, फिर बदलेगा मौसम

राजस्थान–दिल्ली में बारिश से बढ़ी ठंड उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। राजस्थान और दिल्ली में हुई बारिश ने तापमान को नीचे ला दिया है। जिन लोगों ने हल्के कपड़े पहनना शुरू कर दिया था, उन्हें एक बार फिर ठंड का एहसास होने लगा है। सुबह-शाम की ठंडी हवाओं ने मौसम को और सर्द बना दिया है। पुरी में घना कोहरा, विजिबिलिटी कम वहीं पुरी में सुबह का नज़ारा पूरी तरह धुंध में लिपटा नजर आया। घने कोहरे की वजह से सड़क पर चलना मुश्किल हो गया। वाहन चालकों को खास सतर्कता बरतनी पड़ी, क्योंकि कई जगह विजिबिलिटी बेहद कम हो गई थी। केदारनाथ में 4 फीट तक बर्फबारी पहाड़ी इलाकों में सर्दी अपने चरम पर है। केदारनाथ मंदिर में भारी बर्फबारी के चलते करीब 4 फीट तक बर्फ जम गई है। पूरा इलाका सफेद चादर से ढक गया है। यह दृश्य जितना खूबसूरत है, उतना ही स्थानीय लोगों के लिए चुनौती भी बन गया है, क्योंकि ठंड और आवाजाही दोनों मुश्किल हो गई हैं। 3 दिन बाद फिर बदलेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 दिनों में एक और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो सकता है। इसका असर फिर से उत्तर भारत में देखने को मिलेगा, जहां बारिश और बर्फबारी का एक और दौर शुरू हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Gold

Gold-Silver Prices Fall 24 दिनों में सोना ₹25,000 सस्ता

पिछले कुछ हफ्तों में सर्राफा बाजार ने ऐसा उतार-चढ़ाव देखा है, जिसने आम निवेशकों से लेकर बड़े ट्रेडर्स तक सभी को हैरान कर दिया है। जहां आमतौर पर वैश्विक तनाव के समय सोना सुरक्षित निवेश (safe haven) माना जाता है, वहीं इस बार तस्वीर बिल्कुल अलग नजर आई। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, सोने (Gold) की कीमतों में पिछले करीब 24 दिनों में ₹20,000 से ₹25,000 तक की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं चांदी (Silver) भी पीछे नहीं रही और इसमें ₹60,000 से ₹65,000 तक की बड़ी गिरावट देखने को मिली है। सिर्फ एक दिन में ही सोना ₹10,000 से ज्यादा और चांदी ₹30,000 तक सस्ती हो गई। क्या है गिरावट की असली वजह? 1. मजबूत हुआ डॉलर, कमजोर पड़ा सोना वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने सोने की चमक फीकी कर दी है। निवेशक अब सोने की बजाय डॉलर को ज्यादा सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। इसका सीधा असर सोने की मांग पर पड़ा है। ब्याज दरों का दबाव कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई बढ़ने का खतरा है। ऐसे में केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं।जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो लोग सोने से पैसा निकालकर FD और बॉन्ड जैसे विकल्पों में निवेश करने लगते हैं, जिससे सोने की कीमत गिरती है। तेल की बढ़ती कीमतें मध्य-पूर्व में तनाव के कारण तेल महंगा हो गया है। इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है और निवेशकों की प्राथमिकताएं बदल गई हैं। मुनाफावसूली सोना कुछ समय पहले अपने उच्चतम स्तर पर था। ऐसे में कई निवेशकों ने मुनाफा निकालने के लिए बिक्री शुरू कर दी। इससे बाजार में सप्लाई बढ़ी और कीमतें नीचे आ गईं। नकदी की जरूरत शेयर बाजार में गिरावट के चलते निवेशकों को नुकसान की भरपाई करनी पड़ी। इसके लिए उन्होंने सोना और चांदी बेचना शुरू किया, जिससे कीमतों पर और दबाव आया। क्या इस बार safe haven नहीं रहा सोना? इस बार सबसे दिलचस्प बात यह है कि युद्ध जैसे हालात के बावजूद सोना तेजी नहीं दिखा पाया।इसका कारण साफ है — निवेशकों का फोकस अब सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि रिटर्न और तुरंत उपलब्ध नकदी (liquidity) पर भी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
West Bengal

West Bengal Controversy ‘Bangladesh जैसे हालात’ बयान से बढ़ा Political Tension

मामला क्या है? पश्चिम बंगाल (West Bengal) में एक बार फिर धार्मिक और राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भाजपा नेता और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के हालिया बयान ने इस बहस को और तेज कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में मंदिरों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं बढ़ रही हैं और हाल ही में भगवान श्रीराम की एक मूर्ति को भी तोड़ा गया। Suvendu Adhikari का बयान सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की स्थिति की तुलना बांग्लादेश से करते हुए कहा कि यहां अब मंदिर तोड़ना आम बात होती जा रही है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है और सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस छिड़ गई है। BJP vs TMC: आरोप-प्रत्यारोप भाजपा का कहना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस इन आरोपों को सिरे से खारिज करती है। पार्टी का दावा है कि भाजपा जानबूझकर राज्य का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है और ऐसी घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। आम जनता पर असर स्थानीय लोगों की मानें तो इस तरह की घटनाएं समाज में तनाव पैदा करती हैं और आम जनता के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ाती हैं। कई लोगों का कहना है कि राजनीति से ऊपर उठकर शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखना जरूरी है। जांच और सच्चाई का इंतजार फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से विस्तृत जांच की जरूरत बताई जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके। जब तक आधिकारिक रिपोर्ट नहीं आती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
New York

New York Plane Accident LaGuardia Airport पर बड़ा हादसा, रनवे पर भिड़े विमान और ट्रक

न्यूयॉर्क के व्यस्त LaGuardia Airport पर सोमवार को उस वक्त डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब Air Canada एक्सप्रेस का एक यात्री विमान अचानक रनवे पर खड़े फायर/रेस्क्यू ट्रक से टकरा गया। यह घटना कुछ ही सेकंड में हुई, लेकिन इसका असर पूरे एयरपोर्ट पर घंटों तक दिखाई दिया। अचानक टक्कर, यात्रियों में दहशत मॉन्ट्रियल से आए CRJ-900 विमान ने लैंडिंग के बाद जैसे ही टैक्सी करना शुरू किया, तभी सामने मौजूद आपातकालीन वाहन से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। विमान के अंदर बैठे यात्रियों को एक तेज झटका महसूस हुआ। कई लोग घबरा गए, कुछ ने इसे पहले भूकंप जैसा झटका बताया। टक्कर इतनी तेज थी कि विमान का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि विमान में आग नहीं लगी और स्थिति और ज्यादा भयावह नहीं बनी। कितने लोग घायल हुए? इस हादसे में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें एयरपोर्ट स्टाफ और फायर सर्विस से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं। कुछ घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। हालांकि सोशल मीडिया पर फैल रही “मास कैजुअल्टी” की खबरों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एयरपोर्ट पर लगा ‘ग्राउंड स्टॉप’ घटना के तुरंत बाद Federal Aviation Administration (FAA) ने सुरक्षा को देखते हुए सभी उड़ानों पर अस्थायी रोक लगा दी। इससे कई फ्लाइट्स लेट हुईं और कुछ को दूसरे एयरपोर्ट की ओर मोड़ना पड़ा। यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। क्या वजह हो सकती है? फिलहाल इस हादसे की जांच जारी है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, खराब मौसम, कम विजिबिलिटी या रनवे पर समन्वय में कमी इसकी वजह हो सकती है। जांच एजेंसियां एयर ट्रैफिक कंट्रोल और ग्राउंड स्टाफ के बीच तालमेल की भी पड़ताल कर रही हैं। डर के बीच राहत हालांकि यह हादसा काफी खतरनाक था, लेकिन समय पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू होने और आग न लगने की वजह से एक बड़ा नुकसान टल गया। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जो इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी राहत की बात रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Stock Market

Stock Market Crash Sensex 1800 अंक गिरा, Nifty 550 Down

23 मार्च 2026 का दिन भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) के लिए काफी भारी साबित हुआ। हफ्ते की शुरुआत ही बड़ी गिरावट के साथ हुई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। कारोबारी सत्र के दौरान Sensex करीब 1800 अंक टूटकर 72,700 के आसपास पहुंच गया, जबकि Nifty लगभग 550 अंक गिरकर 22,500 के स्तर पर आ गया। इस तेज गिरावट का सबसे बड़ा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा—कुछ ही घंटों में करीब ₹11 से ₹13 लाख करोड़ की वैल्यू मिट गई। बाजार में चारों तरफ लाल निशान और घबराहट का माहौल देखने को मिला। क्यों गिरा शेयर बाजार? (Top Reasons Behind Market Fall इस गिरावट के पीछे कोई एक वजह नहीं, बल्कि कई बड़े फैक्टर्स एक साथ काम कर रहे हैं: 1. Global Tension का असरमिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया के बाजारों को हिला दिया है। जब भी इस तरह की अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक जोखिम से दूरी बनाते हैं—और इसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ता है। 2. Crude Oil Prices में उछालकच्चे तेल की कीमतें $110 प्रति बैरल के पार पहुंचना भारत जैसे देश के लिए चिंता की बात है। इससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के खर्च बढ़ने का डर रहता है। 3. Rupee Weakness (कमजोर रुपया)डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने से विदेशी निवेशकों का भरोसा कम होता है। यही वजह है कि बाजार से पैसा निकलना तेज हुआ। 4. FII Selling (विदेशी निवेशकों की बिकवाली)Foreign Institutional Investors (FII) लगातार भारतीय बाजार में बिकवाली कर रहे हैं, जिससे गिरावट और तेज हो गई। 5. Global Markets में कमजोरीअमेरिका और एशिया के बाजार पहले से दबाव में थे, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखा। 6. Interest Rate Pressureबढ़ती ब्याज दरें और बॉन्ड यील्ड निवेशकों को शेयर बाजार से हटाकर सुरक्षित विकल्पों की ओर ले जा रही हैं। किन सेक्टरों में सबसे ज्यादा गिरावट? आज की गिरावट में कुछ सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे: कुल मिलाकर, बाजार का मूड पूरी तरह नकारात्मक रहा और ज्यादातर शेयर नुकसान में रहे। निवेशकों के लिए क्या सीख? ऐसे समय में घबराना स्वाभाविक है, लेकिन जल्दबाजी में फैसले लेना नुकसानदायक हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
NATO

Strait of Hormuz Tension Iran vs NATO Allies – क्या बड़ा टकराव आने वाला है?

मध्य-पूर्व (Middle East) में हालात एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल ही में NATO के बयान और समुद्री गतिविधियों के चलते “Iran vs 22 countries” जैसे शब्द तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं। लेकिन ज़मीनी सच्चाई सिर्फ हेडलाइन जितनी सीधी नहीं है—इसके पीछे रणनीति, अर्थव्यवस्था और वैश्विक संतुलन की बड़ी कहानी छिपी है। Strait of Hormuz क्यों है इतना Important? Strait of Hormuz सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि दुनिया की तेल सप्लाई की लाइफलाइन है।हर दिन यहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल (crude oil) दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है। अगर यह रास्ता कुछ समय के लिए भी बाधित होता है, तो इसका असर सीधे पेट्रोल-डीजल की कीमतों से लेकर आम आदमी की जेब तक पहुंचता है। Iran का Stand क्या है? Iran लंबे समय से यह कहता रहा है कि अगर उस पर दबाव या सैन्य कार्रवाई बढ़ती है, तो वह इस अहम जलमार्ग को बंद करने पर विचार कर सकता है। यह सिर्फ एक चेतावनी नहीं, बल्कि एक ऐसा कदम हो सकता है जो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला दे। “22 Countries” की Reality सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में “Iran vs 22 countries” की बात चल रही है, लेकिन यह कोई आधिकारिक घोषणा नहीं है। असल में: NATO की Strategy क्या कहती है? NATO का फोकस साफ है: यानी अभी प्राथमिकता “control और stability” है, न कि सीधा टकराव। Ground Reality: War या सिर्फ Pressure? फिलहाल हालात को देखकर यही कहा जा सकता है: अगर Strait of Hormuz पर कोई बड़ा कदम उठता है, तो यह स्थिति तेजी से बदल सकती है। India और दुनिया पर क्या असर पड़ेगा? भारत जैसे देशों के लिए यह खबर सिर्फ अंतरराष्ट्रीय राजनीति नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी है। संभावित असर: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
1 72 73 74 75 76 251

Editor's Picks

Lucknow

Lucknow Fire Breaking इंस्टीट्यूट में आग से मची अफरा-तफरी, कई छात्र घायल

उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में एक इंस्टीट्यूट में अचानक लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे अंदर मौजूद छात्र-छात्राएं और स्टाफ घबरा गए। धुआं भरते ही बिगड़े हालात प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही आग लगी, पूरे भवन में घना धुआं फैल गया और बाहर निकलने के रास्ते बंद होने लगे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई छात्रों को अपनी जान बचाने के लिए पहली मंजिल से नीचे कूदना पड़ा। कई छात्र घायल, अस्पताल में भर्ती इस हादसे में कुछ छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। एक छात्र के नीचे गिरने से लोहे की ग्रिल से टकराने की भी जानकारी सामने आई है, जिससे उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। रेस्क्यू ऑपरेशन और राहत कार्य जारी घटना के बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की गई। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sensex

Market Update: Sensex 500 Points Jump, Nifty में 150 अंकों की बढ़त

आज भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के चेहरे पर खुशी लौट आई जब पूरे दिन खरीदारी का माहौल बना रहा। शुरुआती कारोबार से ही बाजार में तेजी का रुख देखने को मिला और दिन के अंत तक यह मजबूती और गहरी हो गई। Sensex करीब 500 अंकों की बढ़त के साथ 77,300 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं Nifty 50 में भी लगभग 150 अंकों की तेजी दर्ज की गई, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा। बाजार में क्यों लौटी रौनक? पिछले कुछ सत्रों की सुस्ती के बाद आज बाजार में जो तेजी देखने को मिली, उसके पीछे कई अहम वजहें रहीं— इन सभी कारणों ने मिलकर बाजार को मजबूत सपोर्ट दिया। सेक्टर अपडेट: किसने कितना दिया साथ? आज के कारोबार में अलग-अलग सेक्टरों का प्रदर्शन इस तरह रहा— IT सेक्टर: दिन का सबसे बड़ा स्टार, लगातार खरीदारी देखने को मिलीOil & Gas: मजबूत उछाल के साथ निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ीBanking: स्थिर से सकारात्मक रुझानFMCG: हल्की लेकिन स्थिर बढ़त बाजार का मूड कैसा रहा? बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक यह तेजी फिलहाल एक राहत भरी रिकवरी (relief rally) का हिस्सा हो सकती है। हालांकि, आगे भी ग्लोबल संकेत और आर्थिक डेटा बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशकों के बीच फिलहाल बड़े और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों को लेकर भरोसा बढ़ता दिख रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Silver Market कीमतों में जोरदार उछाल, निवेशक सतर्क

देश के सर्राफा बाजार में आज सोना (Gold) और चांदी (Silver) की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। लगातार बढ़ते दामों ने जहां निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है, वहीं आम खरीदारों के बजट पर भी दबाव साफ नजर आने लगा है। ताजा अपडेट के अनुसार चांदी के भाव में आज ₹5,826 प्रति किलोग्राम की बड़ी छलांग दर्ज की गई है। इस तेजी के बाद चांदी का रेट अब करीब ₹2.37 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। बाजार में यह स्तर काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से चांदी लगातार मजबूत बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर सोने की कीमतों में भी तेजी जारी है। 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) अब ₹1,46,000 के आसपास पहुंच गया है, जिसमें ₹1,694 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सोने के दामों में यह उछाल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही बाजारों के संकेतों का असर माना जा रहा है। आखिर क्यों बढ़ रहे हैं Gold-Silver के दाम? विशेषज्ञों के अनुसार सोना-चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता, डॉलर में उतार-चढ़ाव और सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ती मांग इसका मुख्य कारण है। इसके साथ ही भारत में शादी और त्योहारों का सीजन भी नजदीक है, जिससे ज्वेलरी की मांग तेजी से बढ़ रही है। आम लोगों पर असर और निवेश का संकेत लगातार बढ़ते रेट्स का सीधा असर आम खरीदारों पर पड़ रहा है, खासकर उन लोगों पर जो शादी या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं। दूसरी तरफ, निवेशक इसे अभी भी सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बाजार की स्थिति को देखते हुए सोच-समझकर निवेश करना चाहिए। कुल मिलाकर, सोना-चांदी की यह तेजी संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में सर्राफा बाजार और भी ज्यादा सक्रिय और अस्थिर रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

21 दिन से नहीं मिला जीवनरक्षक इंजेक्शन, बच्चों की जान बचाने सड़क पर बैठा पिता; जिला अस्पताल के सामने लगाया जाम

सीहोर में एक पिता की बेबसी उस वक्त सड़क पर उतर आई, जब हीमोफीलिया से पीड़ित उसके दो बच्चों को पिछले 21 दिनों से जीवनरक्षक इंजेक्शन नहीं मिल पाया। बच्चों की बिगड़ती हालत से परेशान पिता ने परिवार सहित जिला अस्पताल के सामने चक्काजाम कर प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। आष्टा तहसील के ग्राम गुराडिया रूपचन्द्र निवासी श्रवण कुमार मेवाड़ा के दो बच्चे हीमोफीलिया जैसी गंभीर अनुवांशिक बीमारी से पीड़ित हैं। इस बीमारी में चोट लगने या रक्तस्राव होने पर खून का थक्का नहीं जमता, जिससे मरीज की जान तक खतरे में पड़ सकती है। इलाज के लिए नियमित रूप से फैक्टर VIII (Factor VIII) इंजेक्शन की आवश्यकता होती है। 21 दिनों से अस्पताल में नहीं है इंजेक्शन परिजनों के अनुसार डॉक्टरों ने बच्चों के लिए फैक्टर VIII इंजेक्शन लिख रखा है, लेकिन जिला अस्पताल के मुख्य दवा स्टोर में पिछले 21 दिनों से यह दवा उपलब्ध नहीं है। इतना ही नहीं, भोपाल में भी सरकारी स्तर पर यह इंजेक्शन नहीं मिल पा रहा है। आर्थिक तंगी बनी मजबूरी श्रवण कुमार ने बताया कि वे बेरोजगार हैं और उनकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि निजी मेडिकल स्टोर से महंगा इंजेक्शन खरीद सकें। उन्होंने 19 जून को कलेक्टर को आवेदन देकर मदद की मांग भी की थी। पिता का कहना है कि यदि मध्य प्रदेश में दवा उपलब्ध नहीं है तो प्रशासन उन्हें बच्चों के इलाज के लिए मुंबई जाने हेतु कम से कम 15 दिनों की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए। बच्चों की जान बचाने सड़क पर बैठा परिवार जब लगातार शिकायतों के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला तो परेशान पिता अपने परिवार के साथ जिला चिकित्सालय के सामने सड़क पर बैठ गए। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हो गया। बच्चों की जान बचाने की गुहार लगाते इस परिवार को देखकर मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए। सिविल सर्जन ने दिया आश्वासन चक्काजाम और हंगामे की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल के सिविल सर्जन मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवार से बातचीत कर उनकी समस्या सुनी और जल्द से जल्द फैक्टर VIII इंजेक्शन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कराने के प्रयास किए गए। व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता और गरीब मरीजों को समय पर इलाज मिलने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते दवा उपलब्ध करा दी जाती, तो एक परिवार को सड़क पर उतरकर अपनी पीड़ा जाहिर करने की नौबत नहीं आती। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
Keir Starmer

Keir Starmer Resigns: ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा उलटफेर, Andy Burnham सबसे बड़े दावेदार

ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि उनकी अपनी पार्टी लेबर पार्टी (Labour Party) के कई सांसदों को अब यह भरोसा नहीं है कि वह अगले आम चुनाव (General Election) में पार्टी को जीत दिला पाएंगे। ऐसे में उन्होंने पार्टी और देश के हित को प्राथमिकता देते हुए पद छोड़ने का फैसला लिया। स्टार्मर ने अपने संबोधन में कहा कि नेतृत्व केवल पद पर बने रहने का नाम नहीं है, बल्कि सही समय पर सही फैसला लेना भी उतना ही जरूरी होता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नए नेता के चुने जाने तक वह कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे, ताकि सत्ता का हस्तांतरण बिना किसी राजनीतिक अस्थिरता के पूरा हो सके। पार्टी के भीतर बढ़ता गया दबाव पिछले कुछ महीनों से लेबर पार्टी के अंदर स्टार्मर के नेतृत्व को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। कई सांसदों का मानना था कि सरकार की लोकप्रियता में गिरावट और हाल के चुनावी प्रदर्शन को देखते हुए मौजूदा नेतृत्व के साथ अगले चुनाव में जीत आसान नहीं होगी। इसी बीच कुछ उपचुनावों के नतीजों और पार्टी के अंदर बढ़ती नाराजगी ने नेतृत्व परिवर्तन की मांग को और मजबूत कर दिया। आखिरकार, लगातार बढ़ते दबाव के बाद स्टार्मर ने इस्तीफा देने का फैसला किया। Andy Burnham बन सकते हैं नए प्रधानमंत्री स्टार्मर के इस्तीफे के बाद एंडी बर्नहैम (Andy Burnham) का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में सामने आया है। पार्टी के कई सांसद उनके समर्थन में बताए जा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि नेतृत्व चुनाव में कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ, तो बर्नहैम ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं। हालांकि, लेबर पार्टी की आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नए नेता और प्रधानमंत्री के नाम की औपचारिक घोषणा होगी। ब्रिटेन की राजनीति पर क्या पड़ेगा असर? प्रधानमंत्री के अचानक इस्तीफे से ब्रिटेन की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। नई सरकार बनने के बाद आर्थिक नीतियों, विदेश नीति और घरेलू सुधारों में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नया नेतृत्व आने के बाद लेबर पार्टी अपनी रणनीति में बदलाव कर सकती है ताकि अगले आम चुनाव से पहले जनता का भरोसा दोबारा हासिल किया जा सके। वहीं विपक्ष भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। सत्ता परिवर्तन पर दुनिया की नजर कीर स्टार्मर ने अपने कार्यकाल के दौरान कई अहम फैसले लिए, लेकिन पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष ने उनके लिए पद पर बने रहना मुश्किल बना दिया। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि लेबर पार्टी अपना नया नेता किसे चुनती है और ब्रिटेन की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है। यदि एंडी बर्नहैम प्रधानमंत्री बनते हैं, तो यह केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा, बल्कि लेबर पार्टी के लिए नई राजनीतिक शुरुआत भी मानी जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.