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शैलपुत्री

चैत्र नवरात्रि 2026 Day 1 शैलपुत्री माता की आराधना, व्रत और शुभ मुहूर्त

चैत्र नवरात्रि 2026 का पहला दिन 12 मार्च को मनाया जाएगा। यह नवरात्रि वसंत ऋतु के आगमन और माँ दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का शुभ समय है। हर दिन माँ के अलग रूप की पूजा की जाती है, और पहले दिन शैलपुत्री माता की उपासना होती है। शैलपुत्री माता – पहला दिन का महत्व ‘शैलपुत्री’ का अर्थ है “पर्वत की कन्या”। माता शैलपुत्री भगवान शिव और पार्वती की पुत्री हैं। उनके वाहन बैल हैं और हाथ में त्रिशूल और कमल धारण है। शैलपुत्री माता धैर्य, साहस और मानसिक स्थिरता का प्रतीक हैं। उनके आशीर्वाद से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शक्ति का विकास होता है। शैलपुत्री माता का पूजन और मंत्र व्रत और अनुष्ठान शैलपुत्री माता के दिन विशेष सुझाव हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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चैत्र नवरात्रि 2026

चैत्र नवरात्रि 2026 माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा और व्रत नियम

जानें चैत्र नवरात्रि 2026 की तिथियाँ, महत्व, व्रत नियम और पूजा विधियाँ। यह पर्व सिर्फ भक्ति और श्रद्धा का समय नहीं है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, समर्पण और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक भी माना जाता है। चैत्र नवरात्रि 2026 की तारीखें और महत्त्व चैत्र नवरात्रि को वसंत ऋतु में मनाया जाता है और यह नया हिंदू संवत्सर शुरू करने का प्रतीक है। नवरात्रि के अंतिम दिन राम नवमी भी मनाई जाती है, जो भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का शुभ अवसर है। माँ दुर्गा के नौ रूप और उनके लाभ हर दिन नवरात्रि में माँ दुर्गा के अलग-अलग रूप की पूजा की जाती है, जिनसे विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। दिन देवी का रूप प्रमुख गुण 1 शैलपुत्री शक्ति और मूल तत्व 2 ब्रह्मचारिणी तप और समर्पण 3 चंद्रघंटा साहस और धैर्य 4 कुश्मांडा आनंद और सृजन शक्ति 5 स्कंदमाता मातृत्व और प्रेम 6 कात्यायनी वीरता और साहस 7 कालरात्रि भय नाश 8 महागौरी पवित्रता और शांति 9 सिद्धिदात्री सिद्धि और सफलता घट स्थापना और पूजा विधि नवरात्रि की शुरुआत घटस्थापना से होती है। घर या मंदिर में कलश स्थापित कर माँ दुर्गा के स्वागत के लिए मंत्रों का उच्चारण किया जाता है। इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शुभता आती है। व्रत नियम और पूजा के टिप्स इन नियमों का पालन करने से न केवल धार्मिक पुण्य मिलता है, बल्कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। समाज में नवरात्रि का महत्व नवरात्रि के अवसर पर धार्मिक स्थलों पर विशेष सुरक्षा और भीड़-प्रबंधन की तैयारी की जाती है। श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन अतिरिक्त कदम उठाता है। नवरात्रि का संदेश नवरात्रि केवल पूजा और उत्सव नहीं है, बल्कि यह शक्ति, समर्पण और आत्म-नवीनीकरण का पर्व है। माँ दुर्गा के आदर्शों — धैर्य, करुणा, वीरता और शक्ति — को अपनाकर जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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LPG

मुंद्रा पोर्ट पर Jag Ladki जहाज से आया 6 लाख बैरल Crude Oil LPG सप्लाई भी जारी

भारत पहुंचा ‘जग लाडकी’ जहाज, ऊर्जा सप्लाई को मिला सहारा भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। ‘जग लाडकी’ नाम का विशाल जहाज करीब 6 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा। यह सिर्फ एक सामान्य खेप नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। पहले भी आए LPG जहाज, लगातार जारी है सप्लाई पिछले कुछ दिनों में इससे पहले भी दो जहाज एलपीजी (रसोई गैस) लेकर भारत पहुंचे थे। लगातार हो रही इन आपूर्तियों से साफ है कि सरकार और तेल कंपनियां मिलकर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि आम लोगों तक ईंधन की कमी का असर न पहुंचे। मुंद्रा पोर्ट बना Energy Hub मुंद्रा पोर्ट, जो देश के सबसे व्यस्त और आधुनिक बंदरगाहों में गिना जाता है, इस समय ऊर्जा आपूर्ति का एक बड़ा केंद्र बना हुआ है। यहां पहुंचने वाला कच्चा तेल अब रिफाइनरियों में भेजा जाएगा, जहां से पेट्रोल, डीजल और अन्य जरूरी ईंधन तैयार होंगे। यानी इस एक जहाज के पीछे लाखों घरों और करोड़ों लोगों की जरूरतें जुड़ी हैं। आम लोगों पर क्या होगा असर? अगर आम नजर से देखें तो ये सिर्फ जहाजों की आवाजाही लग सकती है, लेकिन असल में ये देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने का काम करते हैं। समय पर तेल और गैस की सप्लाई मिलने से ट्रांसपोर्ट सुचारु रहता है और महंगाई को भी काबू में रखने में मदद मिलती है। क्यों जरूरी है ऐसे बड़े शिपमेंट्स भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए ऐसे बड़े शिपमेंट्स का समय पर पहुंचना बेहद जरूरी होता है। वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच हर नई खेप देश के लिए राहत और भरोसा लेकर आती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Congress

Congress Internal Clash केरल में टिकट को लेकर तनाव, Sudhakaran ने उठाए सवाल

केरल में कांग्रेस के भीतर बढ़ता विवाद केरल में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Congress) एक बार फिर अंदरूनी खींचतान की वजह से सुर्खियों में है। चुनावी माहौल के बीच टिकट बंटवारे को लेकर उठा विवाद अब खुलकर सामने आ चुका है। Sudhakaran का अल्टिमेटम, नेतृत्व पर सवाल इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस सांसद K. सुधाकरण ने टिकट वितरण प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने साफ कहा कि राज्य नेताओं की राय को नजरअंदाज किया जा रहा है और इसी मुद्दे पर उन्होंने K. C. वेणुगोपाल को अल्टिमेटम दे दिया। टिकट बंटवारे पर क्या हैं आरोप? सुधाकरण का आरोप है कि कुछ सीटों पर “पसंदीदा उम्मीदवारों” को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे जमीनी कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है और पार्टी की छवि पर भी असर पड़ रहा है। गुटबाजी ने बढ़ाई चिंता केरल Congress में गुटबाजी पहले से ही मौजूद रही है, लेकिन चुनाव से ठीक पहले यह विवाद और गंभीर हो गया है। राज्य इकाई और केंद्रीय नेतृत्व के बीच तालमेल की कमी साफ नजर आ रही है। चुनाव पर पड़ सकता है असर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर समय रहते इस विवाद को नहीं सुलझाया गया, तो इसका सीधा असर चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है। विपक्षी दल इस मौके का फायदा उठा सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Dhurrandhar 2

Dhurrandhar 2 Release से पहले विवाद CBFC ने क्यों चलवाई 21 Cuts की कैंची

फिल्म रिलीज़ से पहले ही विवादों में फिल्म “धुरंधर 2” (Dhurrandhar 2) रिलीज़ से पहले ही सुर्खियों में आ गई है। जहां दर्शक इसके दमदार एक्शन का इंतज़ार कर रहे हैं, वहीं Central Board of Film Certification (CBFC) ने फिल्म पर सख्त रुख अपनाते हुए 21 कट्स लगाने का फैसला लिया है। क्यों लगे 21 कट्स? रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म में अत्यधिक हिंसा और खूनखराबे वाले सीन शामिल थे। सेंसर बोर्ड को ये दृश्य काफी ग्राफिक लगे, जिसके चलते: क्या-क्या बदला गया? सिर्फ विजुअल्स ही नहीं, बल्कि: फिल्म पर क्या पड़ेगा असर? इतने बदलावों के बाद फिल्म में: दर्शकों के लिए क्या खास? अक्सर देखा जाता है कि जब किसी फिल्म पर इतने कट्स लगते हैं, तो लोगों की उत्सुकता और बढ़ जाती है। “धुरंधर 2” के साथ भी कुछ ऐसा ही माहौल बन रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kangana Ranaut

टपोरी जैसा व्यवहार Kangana Ranaut का Rahul Gandhi पर हमला

विवाद की शुरुआत कैसे हुई? भारतीय राजनीति में बयानबाज़ी कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब फिल्म जगत से जुड़ी कोई बड़ी शख्सियत सीधे राजनीतिक नेताओं पर टिप्पणी करती है, तो मामला और भी चर्चा में आ जाता है। हाल ही में कंगना रनौत का राहुल गांधी को लेकर दिया गया बयान इसी वजह से सुर्खियों में है। कंगना रनौत ने क्या कहा? कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने राहुल गांधी के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए उन्हें “टपोरी जैसा” बताया। उनका कहना था कि एक राष्ट्रीय स्तर के नेता को अपने आचरण और बोलचाल में गंभीरता दिखानी चाहिए। इस दौरान उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि राहुल को उनसे सीखने की जरूरत है, क्योंकि उनका सार्वजनिक व्यवहार अधिक संतुलित नजर आता है। सोशल मीडिया और राजनीति में प्रतिक्रिया Kangana Ranaut के सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस शुरू हो गई। कुछ लोग कंगना के बयान को बेबाक और स्पष्ट कह रहे हैं, तो वहीं कई लोग इसे अनावश्यक और व्यक्तिगत टिप्पणी मान रहे हैं। क्या कहती है बदलती राजनीतिक संस्कृति? अगर गहराई से देखें, तो यह मुद्दा सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं है। यह उस बदलती राजनीतिक संस्कृति को भी दिखाता है, जहां व्यक्तित्व और छवि पर लगातार चर्चा होती है। आज के दौर में नेता केवल अपने काम से नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और संवाद शैली से भी लोगों के बीच अपनी पहचान बनाते हैं। कंगना के बयान क्यों रहते हैं चर्चा में? Kangana Ranaut पहले भी कई बार राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रख चुकी हैं। उनके बयान अक्सर सीधे और बिना किसी झिझक के होते हैं, जो उन्हें अलग बनाते हैं, लेकिन साथ ही विवाद भी खड़े कर देते हैं। राहुल गांधी पर क्यों रहती है सबकी नजर? दूसरी ओर, राहुल गांधी भारतीय राजनीति के एक बड़े चेहरे हैं, जिनकी हर बात और हर कदम पर नजर रहती है। ऐसे में उनके खिलाफ दिए गए इस तरह के बयान स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन जाते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sara Ali Khan

Kedarnath-Badrinath Row Affidavit Rule पर बवाल, Sara Ali Khan बनीं चर्चा का केंद्र

उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थस्थल Kedarnath Temple और Badrinath Temple एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। इस बार वजह आस्था, परंपरा और अधिकारों से जुड़ा एक संवेदनशील मुद्दा है, जिसने आम लोगों से लेकर राजनीति तक हलचल मचा दी है। क्या है पूरा मामला? हाल के दिनों में कुछ धार्मिक संगठनों ने यह मांग उठाई कि इन प्रमुख हिंदू तीर्थों में आने वाले गैर-हिंदू श्रद्धालुओं को “सनातन धर्म में आस्था” का एफिडेविट देना चाहिए। उनका कहना है कि इससे मंदिरों की पवित्रता और पारंपरिक मर्यादा बनी रहेगी। यह मुद्दा तब और सुर्खियों में आया जब बॉलीवुड अभिनेत्री Sara Ali Khan का नाम इसमें जुड़ गया। सारा पहले केदारनाथ दर्शन के लिए जा चुकी हैं, और इसी संदर्भ में कुछ लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए। आस्था बनाम अधिकार – बहस तेज इस प्रस्ताव ने समाज में एक बड़ी बहस को जन्म दिया है। एक तरफ कुछ लोग इसे धार्मिक परंपराओं की सुरक्षा से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता के खिलाफ मान रहे हैं। Indian National Congress (कांग्रेस) ने इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का कहना है कि भारत का संविधान हर नागरिक को अपनी पसंद के धार्मिक स्थल पर जाने की स्वतंत्रता देता है, और इस तरह की शर्तें लगाना भेदभावपूर्ण हो सकता है। क्या सच में लागू हो गया है नया नियम? अभी तक सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि इस तरह का कोई नियम आधिकारिक रूप से लागू नहीं हुआ है। न तो सरकार और न ही मंदिर प्रशासन ने ऐसा कोई आदेश जारी किया है। फिलहाल यह सिर्फ एक मांग है, जिस पर चर्चा और विवाद जारी है। लोगों की भावना क्या कहती है? जमीन पर लोगों की राय भी बंटी हुई नजर आती है। कुछ श्रद्धालु मानते हैं कि तीर्थस्थलों की परंपराओं का सम्मान जरूरी है, वहीं कई लोग कहते हैं कि आस्था दिल से जुड़ी होती है, उसे किसी कागज से साबित नहीं किया जा सकता। केदारनाथ और बद्रीनाथ से जुड़ा यह विवाद सिर्फ एक नियम या प्रस्ताव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस संतुलन की तलाश है जहां परंपरा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता साथ-साथ चल सकें। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह बहस किस दिशा में जाती है और क्या कोई ठोस फैसला सामने आता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Israel

Iran-Israel Conflict ईरान ने Mossad Spy को दी फांसी, Israel पर Missile Attack से बढ़ा तनाव

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंचता दिख रहा है। Iran ने हाल ही में दावा किया है कि उसने मोसाद के एक कथित जासूस को फांसी दी है। इस खबर ने न सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों बल्कि आम लोगों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। जासूसी के आरोप क्या थे? रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस व्यक्ति पर आरोप था कि वह इजराइल (Isreal) की खुफिया एजेंसी के लिए काम कर रहा था और संवेदनशील सैन्य इलाकों की तस्वीरें व जानकारी भेज रहा था। ईरान का कहना है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ एक गंभीर साजिश थी, जिसके चलते उसे कड़ी सजा दी गई। मिसाइल हमलों से क्यों बढ़ी चिंता? इसी बीच, हालात तब और तनावपूर्ण हो गए जब इजराइल (Isreal) के कई शहरों पर मिसाइल हमलों की खबरें सामने आईं। इन हमलों ने आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि हर बार की तरह इस बार भी टकराव का असर सीधे लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है। Iran-Israel रिश्तों का इतिहास अगर हम इस पूरे घटनाक्रम को समझें, तो यह साफ है कि ईरान और इजराइल के बीच दुश्मनी कोई नई बात नहीं है। जासूसी, साइबर अटैक और प्रॉक्सी वॉर जैसे मुद्दे लंबे समय से दोनों देशों के रिश्तों को प्रभावित करते रहे हैं। क्या बढ़ सकता है बड़ा संघर्ष? हर नई घटना के साथ एक डर भी जुड़ा होता है—क्या यह तनाव किसी बड़े युद्ध में बदल सकता है? विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर हालात काबू में नहीं आए, तो इसका असर सिर्फ इन दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ सकता है। लोगों के लिए क्यों अहम है यह खबर? फिलहाल, दुनिया की नजरें इस घटनाक्रम पर टिकी हैं। आम लोग यही उम्मीद कर रहे हैं कि हालात जल्द शांत हों, ताकि रोजमर्रा की जिंदगी फिर से सामान्य हो सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Indore

Indore EV Fire Case इंदौर में EV Charging से लगी आग, Digital Lock Fail होने से 8 की मौत

इंदौर (Indore) से आई यह खबर दिल दहला देने वाली है। एक साधारण सी लगने वाली रात अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गई, जब EV (Electric Vehicle) चार्जिंग के दौरान लगी आग ने 8 लोगों की जान ले ली। इस हादसे में 4 लोग घायल भी हुए हैं, जिनका इलाज जारी है। एक छोटी सी चिंगारी, बड़ा हादसा प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बिल्डिंग के अंदर इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में धुआं पूरे परिसर में फैल गया। लोगों को समझ ही नहीं आया कि क्या हो रहा है। कई परिवार अपने घरों में ही फंसे रह गए—कुछ सो रहे थे, कुछ ने दरवाजे खोलने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। Digital Lock बना जानलेवा जाल इस हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू था डिजिटल लॉक सिस्टम का फेल होना। आग लगते ही बिजली सप्लाई बंद हो गई, जिससे दरवाजों के डिजिटल लॉक काम करना बंद कर गए। लोग अंदर ही कैद हो गए। सोचिए, जब बाहर आग हो और अंदर से दरवाजा ही न खुले—यह स्थिति कितनी भयावह रही होगी। अपनों को खोने का दर्द इस हादसे में जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया, उनके लिए यह सिर्फ एक खबर नहीं, जिंदगी भर का जख्म है। पड़ोसियों के अनुसार, कई लोग मदद के लिए पुकारते रहे, लेकिन धुएं और आग ने किसी को मौका नहीं दिया। राहत और जांच जारी दमकल विभाग और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता चल सके कि: क्या हम सुरक्षित हैं? यह घटना कई सवाल छोड़ जाती है: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kuldeep Yadav

Kuldeep Yadav Reception Lucknow कुलदीप के ग्रैंड इवेंट में 900 मेहमान, Kohli-Dhoni की एंट्री की चर्चा

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार स्पिनर Kuldeep Yadav इन दिनों अपनी शादी के बाद जश्न के माहौल में हैं। मसूरी में निजी समारोह के बाद अब लखनऊ में उनका भव्य रिसेप्शन चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यह सिर्फ एक पारिवारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्रिकेट और वीवीआईपी हस्तियों से सजा एक बड़ा आयोजन माना जा रहा है। Mussoorie Wedding के बाद Lucknow में Grand Celebration 14 मार्च को Kuldeep Yadav ने Mussoorie में अपनी बचपन की दोस्त वंशिका चड्ढा के साथ सात फेरे लिए। शादी अपेक्षाकृत निजी माहौल में हुई, जिसमें परिवार और करीबी लोग शामिल हुए। अब 17 मार्च को Lucknow में होने वाला रिसेप्शन काफी भव्य होने जा रहा है, जहां सजावट से लेकर मेहमानों की लिस्ट तक हर चीज़ खास बनाई गई है। 900 Guests Expected: Cricket, Politics और Bollywood का संगम रिपोर्ट्स के अनुसार, इस रिसेप्शन में करीब 900 मेहमानों के पहुंचने की संभावना है।इनमें शामिल हो सकते हैं: यह आयोजन एक तरह से अलग-अलग क्षेत्रों की बड़ी हस्तियों का संगम बन सकता है। VVIP Entry के लिए Chartered Planes की तैयारी इवेंट की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वीवीआईपी मेहमानों के लिए चार चार्टर्ड प्लेन तक की व्यवस्था की चर्चा है। इससे साफ है कि मेहमानों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही। Kohli, Dhoni और Jay Shah के आने की चर्चा तेज क्रिकेट फैंस के लिए सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस रिसेप्शन में कई बड़े नाम शामिल हो सकते हैं। जिनमें चर्चा हो रही है: हालांकि अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इन दिग्गजों की मौजूदगी से कार्यक्रम और भी खास बन सकता है। Security और Management भी High Level पर इतने बड़े आयोजन को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। होटल परिसर और आसपास के इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहने की संभावना है, ताकि कार्यक्रम बिना किसी बाधा के पूरा हो सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lucknow

Lucknow Fire Breaking इंस्टीट्यूट में आग से मची अफरा-तफरी, कई छात्र घायल

उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में एक इंस्टीट्यूट में अचानक लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे अंदर मौजूद छात्र-छात्राएं और स्टाफ घबरा गए। धुआं भरते ही बिगड़े हालात प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही आग लगी, पूरे भवन में घना धुआं फैल गया और बाहर निकलने के रास्ते बंद होने लगे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई छात्रों को अपनी जान बचाने के लिए पहली मंजिल से नीचे कूदना पड़ा। कई छात्र घायल, अस्पताल में भर्ती इस हादसे में कुछ छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। एक छात्र के नीचे गिरने से लोहे की ग्रिल से टकराने की भी जानकारी सामने आई है, जिससे उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। रेस्क्यू ऑपरेशन और राहत कार्य जारी घटना के बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की गई। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sensex

Market Update: Sensex 500 Points Jump, Nifty में 150 अंकों की बढ़त

आज भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के चेहरे पर खुशी लौट आई जब पूरे दिन खरीदारी का माहौल बना रहा। शुरुआती कारोबार से ही बाजार में तेजी का रुख देखने को मिला और दिन के अंत तक यह मजबूती और गहरी हो गई। Sensex करीब 500 अंकों की बढ़त के साथ 77,300 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं Nifty 50 में भी लगभग 150 अंकों की तेजी दर्ज की गई, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा। बाजार में क्यों लौटी रौनक? पिछले कुछ सत्रों की सुस्ती के बाद आज बाजार में जो तेजी देखने को मिली, उसके पीछे कई अहम वजहें रहीं— इन सभी कारणों ने मिलकर बाजार को मजबूत सपोर्ट दिया। सेक्टर अपडेट: किसने कितना दिया साथ? आज के कारोबार में अलग-अलग सेक्टरों का प्रदर्शन इस तरह रहा— IT सेक्टर: दिन का सबसे बड़ा स्टार, लगातार खरीदारी देखने को मिलीOil & Gas: मजबूत उछाल के साथ निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ीBanking: स्थिर से सकारात्मक रुझानFMCG: हल्की लेकिन स्थिर बढ़त बाजार का मूड कैसा रहा? बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक यह तेजी फिलहाल एक राहत भरी रिकवरी (relief rally) का हिस्सा हो सकती है। हालांकि, आगे भी ग्लोबल संकेत और आर्थिक डेटा बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशकों के बीच फिलहाल बड़े और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों को लेकर भरोसा बढ़ता दिख रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Silver Market कीमतों में जोरदार उछाल, निवेशक सतर्क

देश के सर्राफा बाजार में आज सोना (Gold) और चांदी (Silver) की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। लगातार बढ़ते दामों ने जहां निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है, वहीं आम खरीदारों के बजट पर भी दबाव साफ नजर आने लगा है। ताजा अपडेट के अनुसार चांदी के भाव में आज ₹5,826 प्रति किलोग्राम की बड़ी छलांग दर्ज की गई है। इस तेजी के बाद चांदी का रेट अब करीब ₹2.37 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। बाजार में यह स्तर काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से चांदी लगातार मजबूत बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर सोने की कीमतों में भी तेजी जारी है। 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) अब ₹1,46,000 के आसपास पहुंच गया है, जिसमें ₹1,694 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सोने के दामों में यह उछाल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही बाजारों के संकेतों का असर माना जा रहा है। आखिर क्यों बढ़ रहे हैं Gold-Silver के दाम? विशेषज्ञों के अनुसार सोना-चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता, डॉलर में उतार-चढ़ाव और सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ती मांग इसका मुख्य कारण है। इसके साथ ही भारत में शादी और त्योहारों का सीजन भी नजदीक है, जिससे ज्वेलरी की मांग तेजी से बढ़ रही है। आम लोगों पर असर और निवेश का संकेत लगातार बढ़ते रेट्स का सीधा असर आम खरीदारों पर पड़ रहा है, खासकर उन लोगों पर जो शादी या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं। दूसरी तरफ, निवेशक इसे अभी भी सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बाजार की स्थिति को देखते हुए सोच-समझकर निवेश करना चाहिए। कुल मिलाकर, सोना-चांदी की यह तेजी संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में सर्राफा बाजार और भी ज्यादा सक्रिय और अस्थिर रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

21 दिन से नहीं मिला जीवनरक्षक इंजेक्शन, बच्चों की जान बचाने सड़क पर बैठा पिता; जिला अस्पताल के सामने लगाया जाम

सीहोर में एक पिता की बेबसी उस वक्त सड़क पर उतर आई, जब हीमोफीलिया से पीड़ित उसके दो बच्चों को पिछले 21 दिनों से जीवनरक्षक इंजेक्शन नहीं मिल पाया। बच्चों की बिगड़ती हालत से परेशान पिता ने परिवार सहित जिला अस्पताल के सामने चक्काजाम कर प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। आष्टा तहसील के ग्राम गुराडिया रूपचन्द्र निवासी श्रवण कुमार मेवाड़ा के दो बच्चे हीमोफीलिया जैसी गंभीर अनुवांशिक बीमारी से पीड़ित हैं। इस बीमारी में चोट लगने या रक्तस्राव होने पर खून का थक्का नहीं जमता, जिससे मरीज की जान तक खतरे में पड़ सकती है। इलाज के लिए नियमित रूप से फैक्टर VIII (Factor VIII) इंजेक्शन की आवश्यकता होती है। 21 दिनों से अस्पताल में नहीं है इंजेक्शन परिजनों के अनुसार डॉक्टरों ने बच्चों के लिए फैक्टर VIII इंजेक्शन लिख रखा है, लेकिन जिला अस्पताल के मुख्य दवा स्टोर में पिछले 21 दिनों से यह दवा उपलब्ध नहीं है। इतना ही नहीं, भोपाल में भी सरकारी स्तर पर यह इंजेक्शन नहीं मिल पा रहा है। आर्थिक तंगी बनी मजबूरी श्रवण कुमार ने बताया कि वे बेरोजगार हैं और उनकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि निजी मेडिकल स्टोर से महंगा इंजेक्शन खरीद सकें। उन्होंने 19 जून को कलेक्टर को आवेदन देकर मदद की मांग भी की थी। पिता का कहना है कि यदि मध्य प्रदेश में दवा उपलब्ध नहीं है तो प्रशासन उन्हें बच्चों के इलाज के लिए मुंबई जाने हेतु कम से कम 15 दिनों की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए। बच्चों की जान बचाने सड़क पर बैठा परिवार जब लगातार शिकायतों के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला तो परेशान पिता अपने परिवार के साथ जिला चिकित्सालय के सामने सड़क पर बैठ गए। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हो गया। बच्चों की जान बचाने की गुहार लगाते इस परिवार को देखकर मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए। सिविल सर्जन ने दिया आश्वासन चक्काजाम और हंगामे की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल के सिविल सर्जन मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवार से बातचीत कर उनकी समस्या सुनी और जल्द से जल्द फैक्टर VIII इंजेक्शन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कराने के प्रयास किए गए। व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता और गरीब मरीजों को समय पर इलाज मिलने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते दवा उपलब्ध करा दी जाती, तो एक परिवार को सड़क पर उतरकर अपनी पीड़ा जाहिर करने की नौबत नहीं आती। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
Keir Starmer

Keir Starmer Resigns: ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा उलटफेर, Andy Burnham सबसे बड़े दावेदार

ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि उनकी अपनी पार्टी लेबर पार्टी (Labour Party) के कई सांसदों को अब यह भरोसा नहीं है कि वह अगले आम चुनाव (General Election) में पार्टी को जीत दिला पाएंगे। ऐसे में उन्होंने पार्टी और देश के हित को प्राथमिकता देते हुए पद छोड़ने का फैसला लिया। स्टार्मर ने अपने संबोधन में कहा कि नेतृत्व केवल पद पर बने रहने का नाम नहीं है, बल्कि सही समय पर सही फैसला लेना भी उतना ही जरूरी होता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नए नेता के चुने जाने तक वह कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे, ताकि सत्ता का हस्तांतरण बिना किसी राजनीतिक अस्थिरता के पूरा हो सके। पार्टी के भीतर बढ़ता गया दबाव पिछले कुछ महीनों से लेबर पार्टी के अंदर स्टार्मर के नेतृत्व को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। कई सांसदों का मानना था कि सरकार की लोकप्रियता में गिरावट और हाल के चुनावी प्रदर्शन को देखते हुए मौजूदा नेतृत्व के साथ अगले चुनाव में जीत आसान नहीं होगी। इसी बीच कुछ उपचुनावों के नतीजों और पार्टी के अंदर बढ़ती नाराजगी ने नेतृत्व परिवर्तन की मांग को और मजबूत कर दिया। आखिरकार, लगातार बढ़ते दबाव के बाद स्टार्मर ने इस्तीफा देने का फैसला किया। Andy Burnham बन सकते हैं नए प्रधानमंत्री स्टार्मर के इस्तीफे के बाद एंडी बर्नहैम (Andy Burnham) का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में सामने आया है। पार्टी के कई सांसद उनके समर्थन में बताए जा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि नेतृत्व चुनाव में कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ, तो बर्नहैम ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं। हालांकि, लेबर पार्टी की आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नए नेता और प्रधानमंत्री के नाम की औपचारिक घोषणा होगी। ब्रिटेन की राजनीति पर क्या पड़ेगा असर? प्रधानमंत्री के अचानक इस्तीफे से ब्रिटेन की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। नई सरकार बनने के बाद आर्थिक नीतियों, विदेश नीति और घरेलू सुधारों में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नया नेतृत्व आने के बाद लेबर पार्टी अपनी रणनीति में बदलाव कर सकती है ताकि अगले आम चुनाव से पहले जनता का भरोसा दोबारा हासिल किया जा सके। वहीं विपक्ष भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। सत्ता परिवर्तन पर दुनिया की नजर कीर स्टार्मर ने अपने कार्यकाल के दौरान कई अहम फैसले लिए, लेकिन पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष ने उनके लिए पद पर बने रहना मुश्किल बना दिया। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि लेबर पार्टी अपना नया नेता किसे चुनती है और ब्रिटेन की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है। यदि एंडी बर्नहैम प्रधानमंत्री बनते हैं, तो यह केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा, बल्कि लेबर पार्टी के लिए नई राजनीतिक शुरुआत भी मानी जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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