इंदौर (Indore) से आई यह खबर दिल दहला देने वाली है। एक साधारण सी लगने वाली रात अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गई, जब EV (Electric Vehicle) चार्जिंग के दौरान लगी आग ने 8 लोगों की जान ले ली। इस हादसे में 4 लोग घायल भी हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।
एक छोटी सी चिंगारी, बड़ा हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बिल्डिंग के अंदर इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में धुआं पूरे परिसर में फैल गया। लोगों को समझ ही नहीं आया कि क्या हो रहा है।
कई परिवार अपने घरों में ही फंसे रह गए—कुछ सो रहे थे, कुछ ने दरवाजे खोलने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
Digital Lock बना जानलेवा जाल
इस हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू था डिजिटल लॉक सिस्टम का फेल होना। आग लगते ही बिजली सप्लाई बंद हो गई, जिससे दरवाजों के डिजिटल लॉक काम करना बंद कर गए। लोग अंदर ही कैद हो गए।
सोचिए, जब बाहर आग हो और अंदर से दरवाजा ही न खुले—यह स्थिति कितनी भयावह रही होगी।
अपनों को खोने का दर्द
इस हादसे में जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया, उनके लिए यह सिर्फ एक खबर नहीं, जिंदगी भर का जख्म है। पड़ोसियों के अनुसार, कई लोग मदद के लिए पुकारते रहे, लेकिन धुएं और आग ने किसी को मौका नहीं दिया।
राहत और जांच जारी
दमकल विभाग और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता चल सके कि:
- आग की असली वजह क्या थी
- क्या EV चार्जिंग सिस्टम सुरक्षित था
- क्या बिल्डिंग में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम थे
क्या हम सुरक्षित हैं?
यह घटना कई सवाल छोड़ जाती है:
- क्या EV चार्जिंग के लिए हमारे शहर तैयार हैं?
- क्या Digital Lock सिस्टम में इमरजेंसी बैकअप होना चाहिए?
- क्या हर बिल्डिंग में फायर सेफ्टी सिस्टम अनिवार्य होना चाहिए?
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