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Iran

Middle East War Iran में 8000 घरों पर हमला, 140 अमेरिकी सैनिक घायल, Israel में भी बमबारी

मध्य-पूर्व में चल रहा Iran–Israel War अब और गंभीर होता जा रहा है। इस संघर्ष में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। ताज़ा रिपोर्टों के मुताबिक युद्ध का असर अब सैनिकों के साथ-साथ आम लोगों की ज़िंदगी पर भी गहराई से दिखाई देने लगा है। 140 अमेरिकी सैनिक घायल, 7 की मौत अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार अब तक इस संघर्ष में करीब 140 अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं। इनमें कुछ सैनिकों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार 7 अमेरिकी सैनिकों की मौत की भी पुष्टि हुई है। घायल सैनिकों का इलाज सैन्य अस्पतालों में चल रहा है और कई सैनिक उपचार के बाद फिर से अपनी ड्यूटी पर लौट चुके हैं। यह घटना दिखाती है कि युद्ध सिर्फ सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता, बल्कि इसके असर हजारों परिवारों तक पहुंचते हैं। ईरान में भारी तबाही, 8000 घरों पर हमले इस संघर्ष का सबसे बड़ा असर ईरान के कई शहरों में देखा गया है। रिपोर्टों के मुताबिक अब तक लगभग 8000 घरों और इमारतों पर हमले हुए हैं। इन हमलों के कारण कई इलाकों में बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। बिजली, पानी और संचार सेवाओं पर भी इसका असर पड़ा है। स्थानीय लोगों के लिए यह सिर्फ युद्ध की खबर नहीं, बल्कि उनकी रोज़मर्रा की जिंदगी की कठिन सच्चाई बन चुकी है। Israel में भी मिसाइल और ड्रोन हमले दूसरी ओर Israel भी इस संघर्ष से अछूता नहीं रहा है। ईरान की ओर से किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण देश के कई हिस्सों में बमबारी की घटनाएं सामने आई हैं। इजराइल ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया है ताकि अधिकतर मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया जा सके। फिर भी कुछ हमलों से नुकसान हुआ है और कई शहरों में लोगों को बंकरों में शरण लेनी पड़ी। कैसे बढ़ा Iran–Israel Conflict विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया तनाव तब और बढ़ गया जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान के कुछ सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन के जरिए जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच हमले और जवाबी हमलों का सिलसिला जारी है। दुनिया भर में बढ़ी चिंता इस संघर्ष को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ती जा रही है। कई देशों और संगठनों ने शांति वार्ता और युद्धविराम की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह युद्ध और बढ़ता है तो इसका असर सिर्फ मध्य-पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Surya

World Champion Captain Surya Celebration मंदिर दर्शन, तिरंगा और देशभर में धमाल

कप्तान सूर्या का Hanuman Mandir दौरा और आशीर्वाद भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई। भारतीय टीम के कप्तान Suryakumar Yadav जब वर्ल्ड चैंपियन बने तो यह पल हर भारतीय के लिए गर्व का बन गया। जीत के बाद कप्तान सूर्या भगवान का आशीर्वाद लेने के लिए हनुमान मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने शांत मन से पूजा-अर्चना की और देश की जीत के लिए धन्यवाद दिया। मंदिर में दर्शन करने के दौरान कई श्रद्धालु भी मौजूद थे, जिन्होंने कप्तान सूर्या को देखकर खुशी जाहिर की और उन्हें बधाई दी। इस दौरान माहौल काफी भावुक और गर्व से भरा हुआ नजर आया। देशभर में Celebration और जश्न का माहौल जैसे ही भारत के वर्ल्ड चैंपियन बनने की खबर फैली, कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए। हाथों में तिरंगा लिए युवा और बच्चे खुशी से झूमते नजर आए। जगह-जगह आतिशबाजी हुई, ढोल-नगाड़ों की आवाज गूंजने लगी और लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत का जश्न मनाया। कुछ जगहों पर क्रिकेट फैंस ने बाइक रैलियां भी निकालीं। लोग “भारत माता की जय” और “टीम इंडिया जिंदाबाद” के नारे लगाते दिखाई दिए। कई परिवारों ने घरों की छतों पर तिरंगा लहराकर इस जीत को खास अंदाज में सेलिब्रेट किया। सोशल मीडिया और फैंस की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर भी कप्तान सूर्या और टीम इंडिया की जीत को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। हजारों लोगों ने पोस्ट और वीडियो शेयर कर अपनी खुशी जाहिर की। क्रिकेट प्रेमियों का कहना है कि यह जीत आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। मेहनत, आस्था और प्रेरणा का संदेश वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद मंदिर पहुंचकर कप्तान सूर्या ने यह संदेश दिया कि मेहनत के साथ आस्था भी इंसान को आगे बढ़ने की ताकत देती है। यही वजह है कि आज पूरे देश को अपनी टीम और कप्तान पर गर्व महसूस हो रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kejriwal

दिल्ली शराब घोटाला केस में नया मोड़ Kejriwal-Sisodia समेत 23 आरोपियों को High Court नोटिस

दिल्ली की चर्चित शराब नीति (Excise Policy) मामले में एक बार फिर कानूनी हलचल तेज हो गई है। Delhi High Court ने इस केस में पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal, पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia और अन्य आरोपियों सहित कुल 23 लोगों को नोटिस जारी किया है। अदालत ने इन सभी से जांच एजेंसी की अपील पर जवाब दाखिल करने को कहा है। यह मामला दिल्ली की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है और अब एक बार फिर अदालत में इसकी सुनवाई से राजनीतिक और कानूनी बहस तेज हो गई है। कैसे फिर से अदालत पहुंचा Delhi Liquor Policy Case दरअसल, इस मामले में पहले दिल्ली की Rouse Avenue Court ने फरवरी 2026 में बड़ा फैसला सुनाया था। कोर्ट ने कहा था कि आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं, इसलिए केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य आरोपियों को डिस्चार्ज (आरोपों से मुक्त) किया जाता है। लेकिन जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) इस फैसले से संतुष्ट नहीं थी। एजेंसी का मानना है कि ट्रायल कोर्ट ने सबूतों का सही तरीके से मूल्यांकन नहीं किया। इसी वजह से CBI ने इस आदेश को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की। High Court की सुनवाई में क्या हुआ CBI की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कुछ अहम कदम उठाए: अब अदालत अगली सुनवाई में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे का फैसला करेगी। क्या है पूरा Delhi Excise Policy Controversy यह विवाद दिल्ली सरकार की 2021-22 की नई शराब नीति से जुड़ा है। उस समय सरकार ने शराब की बिक्री से जुड़े नियमों में कई बदलाव किए थे। जांच एजेंसियों का आरोप है कि: इस मामले की जांच Central Bureau of Investigation के साथ-साथ Enforcement Directorate (ED) भी कर रही है। क्यों अहम है यह मामला दिल्ली की राजनीति में यह केस सिर्फ एक कानूनी विवाद नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा भी बन चुका है। पिछले कुछ सालों में इस मामले को लेकर कई बार गिरफ्तारी, पूछताछ और अदालत में सुनवाई हुई है। अब जब हाई कोर्ट ने दोबारा नोटिस जारी किया है, तो यह साफ है कि मामला अभी खत्म नहीं हुआ है और आने वाले समय में अदालत का फैसला इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gold

Today Gold Price सोने के दाम में गिरावट, चांदी भी सस्ती

Gold और Silver खरीदने वालों के लिए आज राहत की खबर है। सर्राफा बाजार में सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ती कीमतों के बाद आज बाजार में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे लोगों को फायदा मिल सकता है। बाजार के जानकारों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव और निवेशकों की रणनीति में बदलाव का असर सीधे घरेलू बाजार पर पड़ा है। यही वजह है कि आज कई बड़े शहरों में सोना थोड़ा सस्ता हुआ है और चांदी के दाम में भी कमी आई है। आज का Gold Price (सोने का ताजा भाव) आज भारतीय बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1,61,000 से ₹1,63,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास चल रही है। वहीं 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,48,000 से ₹1,49,000 प्रति 10 ग्राम के बीच बिक रहा है। बताया जा रहा है कि आज सोने की कीमत में करीब ₹1,900 से ₹2,000 प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में शादी-ब्याह या निवेश के लिए सोना खरीदने का सोच रहे लोगों के लिए यह समय कुछ हद तक बेहतर माना जा रहा है। महानगरों में आज का Gold Rate देश के प्रमुख शहरों में सोने के दाम लगभग इस तरह हैं: ध्यान देने वाली बात यह है कि अलग-अलग शहरों में टैक्स, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स के मार्जिन की वजह से कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है। Silver Price Today: चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है। आज बाजार में चांदी करीब ₹3,000 से ₹3,600 प्रति किलो तक सस्ती हुई है। फिलहाल देश के कई बाजारों में चांदी का भाव लगभग ₹2.60 लाख से ₹2.85 लाख प्रति किलो के आसपास बताया जा रहा है। क्यों बदल रहे हैं Gold Silver Price? विशेषज्ञों के अनुसार सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव के पीछे कई कारण हो सकते हैं: इन सभी कारकों का असर सीधे सर्राफा बाजार पर पड़ता है। खरीदारी से पहले क्या ध्यान रखें? अगर आप सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान जरूर रखें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Iran

Iran में बड़ा सत्ता बदलाव मोजतबा खामेनेई बने सुप्रीम लीडर, अमेरिका से बढ़ा टकराव

मध्य-पूर्व की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। Iran के लंबे समय तक सर्वोच्च नेता रहे Ali Khamenei के बाद उनके बेटे Mojtaba Khamenei को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। इस फैसले के साथ ही अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है, खासकर Iran और United States के बीच तनाव और बढ़ता दिखाई दे रहा है। कैसे चुने गए नए सुप्रीम लीडर Iran में सुप्रीम लीडर का चयन देश की शक्तिशाली धार्मिक संस्था Assembly of Experts करती है। इसी संस्था ने अली खामेनेई के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर घोषित किया। यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि ईरान की इस सर्वोच्च धार्मिक-राजनीतिक सत्ता में पहली बार नेतृत्व लगभग “पारिवारिक उत्तराधिकार” की तरह पिता से बेटे को गया है। कुछ विशेषज्ञ इसे ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव मान रहे हैं। “Epstein गैंग हमारा भविष्य तय नहीं करेगी” ईरान (Iran) के धार्मिक और राजनीतिक नेतृत्व ने पश्चिमी देशों के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि देश का भविष्य किसी बाहरी ताकत से तय नहीं होगा। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि “Epstein गैंग” या पश्चिमी ताकतें ईरान के नेतृत्व को तय नहीं कर सकतीं। इस बयान को सीधे तौर पर पश्चिमी प्रभाव और बाहरी दबाव को खारिज करने के रूप में देखा जा रहा है। ट्रम्प का बयान अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि ईरान को नया सुप्रीम लीडर चुनने से पहले अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर भी विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका की मंजूरी के बिना चुना गया नेतृत्व क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चुनौती बन सकता है। क्यों अहम है सुप्रीम लीडर का पद Iran में सुप्रीम लीडर देश का सबसे शक्तिशाली पद होता है। यह पद राष्ट्रपति से भी ऊपर माना जाता है। सुप्रीम लीडर के पास सेना, न्यायपालिका, सुरक्षा एजेंसियों और विदेश नीति पर अंतिम निर्णय का अधिकार होता है। इस वजह से मोजतबा खामेनेई का सत्ता में आना सिर्फ ईरान की आंतरिक राजनीति ही नहीं बल्कि पूरे मध्य-पूर्व की रणनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है। आगे क्या असर पड़ सकता है विशेषज्ञों का मानना है कि: ईरान में नेतृत्व परिवर्तन के इस घटनाक्रम ने वैश्विक राजनीति का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है और आने वाले समय में इसके दूरगामी असर देखने को मिल सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sensex

Middle East Crisis Iran तनाव से Stock Market Down, Sensex गिरा और Oil Prices चढ़े

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव ने सोमवार को दुनिया भर के वित्तीय बाजारों को हिला दिया। Iran से जुड़े युद्ध के खतरे और कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेजी के कारण ग्लोबल स्टॉक मार्केट में घबराहट का माहौल देखने को मिला। इसका सीधा असर भारत के शेयर बाजार पर भी पड़ा, जहां Sensex करीब 2,100 अंक गिरकर लगभग 76,800 के स्तर पर आ गया। भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय बाजार कमजोर शुरुआत के साथ खुले। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक Sensex 2,000 से ज्यादा अंक टूट गया, जबकि Nifty 50 में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। बाजार में अचानक आई इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में बड़ी कमी आई। कुछ ही घंटों में भारतीय बाजार से लाखों करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू कम हो गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों ने बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण तेजी से मुनाफावसूली शुरू कर दी। एशियाई बाजारों में भी बड़ी गिरावट भारत ही नहीं, बल्कि एशिया के कई प्रमुख बाजारों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों को डर है कि अगर मध्य-पूर्व में संघर्ष लंबा चला, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। Oil Prices में तेजी से बढ़ी चिंता मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ने का सबसे बड़ा असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर दिखा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जो पिछले कई महीनों का उच्च स्तर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर संघर्ष बढ़ता है और तेल आपूर्ति प्रभावित होती है, तो कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। यही कारण है कि ऊर्जा बाजारों में भी अस्थिरता बढ़ गई है। भारत पर क्यों ज्यादा असर पड़ता है? भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में से एक है और अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगाता है। ऐसे में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होता है, तो उसका असर सीधे देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। तेल की कीमतें बढ़ने से: इसी वजह से तेल में तेजी आने पर अक्सर शेयर बाजार में भी दबाव देखने को मिलता है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक मध्य-पूर्व के हालात और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। अगर तनाव कम होता है तो बाजार में राहत देखने को मिल सकती है। लेकिन यदि स्थिति बिगड़ती है, तो वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फिलहाल निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल है। कई निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं और बाजार में हल्की-फुल्की घबराहट भी दिखाई दे रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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T20 World Cup

T20 World Cup Final भारत का ऐतिहासिक जीत, New Zealand को 96 रन से हराया

क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह पल बेहद खास बन गया जब भारत ने ICC Men’s T20 World Cup 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने New Zealand national cricket team को 96 रन से हराकर तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारतीय टीम टूर्नामेंट के इतिहास में तीन बार चैंपियन बनने वाली पहली टीम बन गई। स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों और देशभर में टीवी के सामने बैठे करोड़ों क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह जीत किसी जश्न से कम नहीं थी। भारत ने न सिर्फ खिताब जीता, बल्कि कई नए रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। भारत की धमाकेदार बल्लेबाजी टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने शुरू से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। टीम ने 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 255 रन का विशाल स्कोर बनाया, जो टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर भी बन गया। भारतीय बल्लेबाजों ने पूरे मैच में न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। भारतीय बल्लेबाजों की इस आक्रामक बल्लेबाजी ने फाइनल मैच का रुख शुरुआत में ही तय कर दिया था। गेंदबाजों ने भी दिखाया दम 256 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम शुरुआत से ही दबाव में दिखाई दी। भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर मैच को पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया। तेज गेंदबाज Jasprit Bumrah ने अहम मौकों पर विकेट लेकर न्यूजीलैंड की उम्मीदों को झटका दिया। अंततः न्यूजीलैंड की टीम लक्ष्य से काफी दूर रह गई और भारत ने 96 रन से शानदार जीत दर्ज की। बने कई बड़े रिकॉर्ड इस ऐतिहासिक मुकाबले में कई नए रिकॉर्ड भी बने: जश्न में डूबा देश जैसे ही जीत की आखिरी गेंद डाली गई, स्टेडियम में तिरंगे लहराने लगे और खिलाड़ियों ने मैदान पर जश्न मनाया। देशभर में क्रिकेट फैंस ने सड़कों पर निकलकर जीत का जश्न मनाया। यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के आत्मविश्वास और लगातार मजबूत हो रही टीम का प्रतीक भी है। भारतीय टीम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मंच पर दबाव को कैसे जीत में बदला जाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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जयशंकर

ईरान के Warship IRIS Lavan को India ने क्यों दी शरण जानें विदेश मंत्री जयशंकर की बात

भारत ने ईरान के युद्धपोत IRIS Lavan को कोच्चि बंदरगाह में आपातकालीन डॉकिंग की अनुमति देकर 183 नाविकों की जान बचाई। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया कि यह कदम मानवीय दृष्टिकोण और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों के पालन के लिए लिया गया, न कि किसी राजनीतिक कारण से। IRIS Lavan क्यों आया कोच्चि? ईरान ने 28 फरवरी 2026 को जहाज के तकनीकी खराबियों और चालक दल की सुरक्षा के मद्देनज़र कोच्चि में डॉकिंग की अनुमति मांगी थी। भारत ने इस अनुरोध को 1 मार्च को मंज़ूरी दी और 4 मार्च को IRIS Lavan सुरक्षित रूप से कोच्चि बंदरगाह पर डॉक हुआ। मानव जीवन की सुरक्षा बनी प्राथमिकता जयशंकर ने बताया कि जहाज में नौसैनिकों के लिए उचित सुविधाएँ नहीं थीं और खुले समुद्र में रहने से उनकी जान खतरे में थी। भारत ने तुरंत मानवीय सहायता प्रदान की और सभी 183 नाविकों को भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहराया। भारत का संदेश: मानवीय कदम और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता इस कदम से भारत ने यह संदेश दिया कि वह मानवीय संकटों में सहयोग करने के लिए हमेशा तैयार है और समुद्री सुरक्षा नियमों का पालन करता है। यह निर्णय विशेष रूप से मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के समय आया, जिससे यह कदम और भी महत्वपूर्ण बन गया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Iran

Iran President का बयान पड़ोसी देशों से माफी लेकिन National Security के लिए सरेंडर नहीं

मध्य-पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव के बीच Iran के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian का एक बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने हाल ही में अपने पड़ोसी देशों से माफी मांगते हुए साफ कहा कि Iran शांति चाहता है, लेकिन किसी भी दबाव में आकर सरेंडर (Surrender) नहीं करेगा। पड़ोसी देशों से क्यों मांगी माफी हाल के दिनों में क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन से जुड़े कुछ सैन्य घटनाक्रम सामने आए, जिससे खाड़ी के कई देशों में चिंता बढ़ गई। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान का इरादा अपने पड़ोसी देशों को नुकसान पहुंचाने का नहीं था। उन्होंने अपने बयान में कहा कि अगर हाल की घटनाओं से किसी भी पड़ोसी देश को परेशानी हुई है, तो ईरान इसके लिए खेद व्यक्त करता है। उनका कहना था कि पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण संबंध बनाए रखना ईरान की प्राथमिकता है। “Iran सरेंडर नहीं करेगा” – राष्ट्रपति का सख्त बयान माफी के साथ-साथ राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि देश अपनी संप्रभुता और सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें ईरान पर दबाव बनाकर उसे झुकाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन ऐसा कभी संभव नहीं होगा। उनके शब्दों में, जो लोग ईरान के आत्मसमर्पण का सपना देख रहे हैं, वे इस सपने को कभी सच होते नहीं देख पाएंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्रीय राजनीति और सैन्य गतिविधियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पड़ोसियों से रिश्ते सुधारने की कोशिश विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह बयान दो संदेश देता है।पहला, वह अपने पड़ोसी देशों को यह भरोसा दिलाना चाहता है कि उसका लक्ष्य क्षेत्र में तनाव बढ़ाना नहीं है। दूसरा, वह यह भी दिखाना चाहता है कि बाहरी दबाव के बावजूद ईरान अपनी नीतियों पर कायम रहेगा। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि मध्य-पूर्व में स्थिरता तभी संभव है जब सभी देश एक-दूसरे की सुरक्षा और संप्रभुता का सम्मान करें। Middle East में बढ़ता तनाव पिछले कुछ समय से मध्य-पूर्व में सुरक्षा और राजनीति से जुड़े मुद्दों को लेकर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। ऐसे माहौल में ईरान की ओर से आया यह बयान काफी अहम माना जा रहा है। एक तरफ ईरान ने पड़ोसी देशों से माफी मांगकर कूटनीतिक संतुलन बनाने की कोशिश की है, वहीं दूसरी तरफ उसने यह स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सम्मान के मामले में वह पीछे हटने वाला नहीं है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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T20 World Cup

T20 World Cup Final 2026 टूट सकता है Yuzvendra Chahal का बड़ा रिकॉर्ड

T20 World Cup Final पर सबकी नजरें T20 World Cup 2026 अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच 8 मार्च को खेला जाएगा। इस बड़े मैच को लेकर क्रिकेट फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। यह मुकाबला सिर्फ ट्रॉफी के लिए ही नहीं बल्कि एक बड़े व्यक्तिगत रिकॉर्ड के लिहाज से भी बेहद खास रहने वाला है। खतरे में Yuzvendra Chahal का बड़ा रिकॉर्ड भारतीय टीम के अनुभवी स्पिनर Yuzvendra Chahal लंबे समय से T20 International क्रिकेट में भारत के लिए स्पिन गेंदबाजों में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम रखते हैं। लेकिन अब यह रिकॉर्ड खतरे में नजर आ रहा है क्योंकि टीम इंडिया के दो मौजूदा स्पिनर उनके आंकड़े के काफी करीब पहुंच चुके हैं। Axar Patel और Kuldeep Yadav के पास मौका इस रिकॉर्ड को तोड़ने की रेस में भारतीय ऑलराउंडर Axar Patel और चाइनामैन स्पिनर Kuldeep Yadav शामिल हैं। दोनों खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार गेंदबाजी की है और कई अहम मौकों पर टीम इंडिया को विकेट दिलाकर मैच का रुख बदलने में मदद की है। अगर फाइनल मुकाबले में इन दोनों में से कोई भी गेंदबाज अच्छा प्रदर्शन करते हुए विकेट हासिल करता है, तो वह Yuzvendra Chahal को पीछे छोड़कर T20 International में भारत का सबसे सफल स्पिनर बन सकता है। सेमीफाइनल में भारत और न्यूजीलैंड का प्रदर्शन T20 World Cup 2026 के सेमीफाइनल मुकाबलों में भारत और न्यूजीलैंड दोनों ने दमदार प्रदर्शन किया। भारत ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराकर फाइनल में जगह बनाई, जबकि न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को मात देकर खिताबी मुकाबले का टिकट हासिल किया। फाइनल में बन सकता है नया इतिहास अब सभी की नजरें फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं। एक तरफ भारत की नजरें ट्रॉफी जीतने पर होंगी, वहीं दूसरी तरफ Axar Patel और Kuldeep Yadav के पास इतिहास रचने का सुनहरा मौका होगा। अगर इन दोनों में से कोई भी गेंदबाज फाइनल में कमाल दिखाता है, तो Yuzvendra Chahal का बड़ा रिकॉर्ड इतिहास बन सकता है। क्रिकेट फैंस के लिए यह मुकाबला कई मायनों में खास होने वाला है—एक तरफ विश्व कप का रोमांच और दूसरी तरफ नए रिकॉर्ड बनने की संभावना। ऐसे में T20 World Cup 2026 का फाइनल मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lucknow

Lucknow Fire Breaking इंस्टीट्यूट में आग से मची अफरा-तफरी, कई छात्र घायल

उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में एक इंस्टीट्यूट में अचानक लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे अंदर मौजूद छात्र-छात्राएं और स्टाफ घबरा गए। धुआं भरते ही बिगड़े हालात प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही आग लगी, पूरे भवन में घना धुआं फैल गया और बाहर निकलने के रास्ते बंद होने लगे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई छात्रों को अपनी जान बचाने के लिए पहली मंजिल से नीचे कूदना पड़ा। कई छात्र घायल, अस्पताल में भर्ती इस हादसे में कुछ छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। एक छात्र के नीचे गिरने से लोहे की ग्रिल से टकराने की भी जानकारी सामने आई है, जिससे उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। रेस्क्यू ऑपरेशन और राहत कार्य जारी घटना के बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की गई। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sensex

Market Update: Sensex 500 Points Jump, Nifty में 150 अंकों की बढ़त

आज भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के चेहरे पर खुशी लौट आई जब पूरे दिन खरीदारी का माहौल बना रहा। शुरुआती कारोबार से ही बाजार में तेजी का रुख देखने को मिला और दिन के अंत तक यह मजबूती और गहरी हो गई। Sensex करीब 500 अंकों की बढ़त के साथ 77,300 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं Nifty 50 में भी लगभग 150 अंकों की तेजी दर्ज की गई, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा। बाजार में क्यों लौटी रौनक? पिछले कुछ सत्रों की सुस्ती के बाद आज बाजार में जो तेजी देखने को मिली, उसके पीछे कई अहम वजहें रहीं— इन सभी कारणों ने मिलकर बाजार को मजबूत सपोर्ट दिया। सेक्टर अपडेट: किसने कितना दिया साथ? आज के कारोबार में अलग-अलग सेक्टरों का प्रदर्शन इस तरह रहा— IT सेक्टर: दिन का सबसे बड़ा स्टार, लगातार खरीदारी देखने को मिलीOil & Gas: मजबूत उछाल के साथ निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ीBanking: स्थिर से सकारात्मक रुझानFMCG: हल्की लेकिन स्थिर बढ़त बाजार का मूड कैसा रहा? बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक यह तेजी फिलहाल एक राहत भरी रिकवरी (relief rally) का हिस्सा हो सकती है। हालांकि, आगे भी ग्लोबल संकेत और आर्थिक डेटा बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशकों के बीच फिलहाल बड़े और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों को लेकर भरोसा बढ़ता दिख रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Silver Market कीमतों में जोरदार उछाल, निवेशक सतर्क

देश के सर्राफा बाजार में आज सोना (Gold) और चांदी (Silver) की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। लगातार बढ़ते दामों ने जहां निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है, वहीं आम खरीदारों के बजट पर भी दबाव साफ नजर आने लगा है। ताजा अपडेट के अनुसार चांदी के भाव में आज ₹5,826 प्रति किलोग्राम की बड़ी छलांग दर्ज की गई है। इस तेजी के बाद चांदी का रेट अब करीब ₹2.37 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। बाजार में यह स्तर काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से चांदी लगातार मजबूत बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर सोने की कीमतों में भी तेजी जारी है। 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) अब ₹1,46,000 के आसपास पहुंच गया है, जिसमें ₹1,694 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सोने के दामों में यह उछाल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही बाजारों के संकेतों का असर माना जा रहा है। आखिर क्यों बढ़ रहे हैं Gold-Silver के दाम? विशेषज्ञों के अनुसार सोना-चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता, डॉलर में उतार-चढ़ाव और सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ती मांग इसका मुख्य कारण है। इसके साथ ही भारत में शादी और त्योहारों का सीजन भी नजदीक है, जिससे ज्वेलरी की मांग तेजी से बढ़ रही है। आम लोगों पर असर और निवेश का संकेत लगातार बढ़ते रेट्स का सीधा असर आम खरीदारों पर पड़ रहा है, खासकर उन लोगों पर जो शादी या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं। दूसरी तरफ, निवेशक इसे अभी भी सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बाजार की स्थिति को देखते हुए सोच-समझकर निवेश करना चाहिए। कुल मिलाकर, सोना-चांदी की यह तेजी संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में सर्राफा बाजार और भी ज्यादा सक्रिय और अस्थिर रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

21 दिन से नहीं मिला जीवनरक्षक इंजेक्शन, बच्चों की जान बचाने सड़क पर बैठा पिता; जिला अस्पताल के सामने लगाया जाम

सीहोर में एक पिता की बेबसी उस वक्त सड़क पर उतर आई, जब हीमोफीलिया से पीड़ित उसके दो बच्चों को पिछले 21 दिनों से जीवनरक्षक इंजेक्शन नहीं मिल पाया। बच्चों की बिगड़ती हालत से परेशान पिता ने परिवार सहित जिला अस्पताल के सामने चक्काजाम कर प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। आष्टा तहसील के ग्राम गुराडिया रूपचन्द्र निवासी श्रवण कुमार मेवाड़ा के दो बच्चे हीमोफीलिया जैसी गंभीर अनुवांशिक बीमारी से पीड़ित हैं। इस बीमारी में चोट लगने या रक्तस्राव होने पर खून का थक्का नहीं जमता, जिससे मरीज की जान तक खतरे में पड़ सकती है। इलाज के लिए नियमित रूप से फैक्टर VIII (Factor VIII) इंजेक्शन की आवश्यकता होती है। 21 दिनों से अस्पताल में नहीं है इंजेक्शन परिजनों के अनुसार डॉक्टरों ने बच्चों के लिए फैक्टर VIII इंजेक्शन लिख रखा है, लेकिन जिला अस्पताल के मुख्य दवा स्टोर में पिछले 21 दिनों से यह दवा उपलब्ध नहीं है। इतना ही नहीं, भोपाल में भी सरकारी स्तर पर यह इंजेक्शन नहीं मिल पा रहा है। आर्थिक तंगी बनी मजबूरी श्रवण कुमार ने बताया कि वे बेरोजगार हैं और उनकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि निजी मेडिकल स्टोर से महंगा इंजेक्शन खरीद सकें। उन्होंने 19 जून को कलेक्टर को आवेदन देकर मदद की मांग भी की थी। पिता का कहना है कि यदि मध्य प्रदेश में दवा उपलब्ध नहीं है तो प्रशासन उन्हें बच्चों के इलाज के लिए मुंबई जाने हेतु कम से कम 15 दिनों की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए। बच्चों की जान बचाने सड़क पर बैठा परिवार जब लगातार शिकायतों के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला तो परेशान पिता अपने परिवार के साथ जिला चिकित्सालय के सामने सड़क पर बैठ गए। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हो गया। बच्चों की जान बचाने की गुहार लगाते इस परिवार को देखकर मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए। सिविल सर्जन ने दिया आश्वासन चक्काजाम और हंगामे की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल के सिविल सर्जन मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवार से बातचीत कर उनकी समस्या सुनी और जल्द से जल्द फैक्टर VIII इंजेक्शन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कराने के प्रयास किए गए। व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता और गरीब मरीजों को समय पर इलाज मिलने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते दवा उपलब्ध करा दी जाती, तो एक परिवार को सड़क पर उतरकर अपनी पीड़ा जाहिर करने की नौबत नहीं आती। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
Keir Starmer

Keir Starmer Resigns: ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा उलटफेर, Andy Burnham सबसे बड़े दावेदार

ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि उनकी अपनी पार्टी लेबर पार्टी (Labour Party) के कई सांसदों को अब यह भरोसा नहीं है कि वह अगले आम चुनाव (General Election) में पार्टी को जीत दिला पाएंगे। ऐसे में उन्होंने पार्टी और देश के हित को प्राथमिकता देते हुए पद छोड़ने का फैसला लिया। स्टार्मर ने अपने संबोधन में कहा कि नेतृत्व केवल पद पर बने रहने का नाम नहीं है, बल्कि सही समय पर सही फैसला लेना भी उतना ही जरूरी होता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नए नेता के चुने जाने तक वह कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे, ताकि सत्ता का हस्तांतरण बिना किसी राजनीतिक अस्थिरता के पूरा हो सके। पार्टी के भीतर बढ़ता गया दबाव पिछले कुछ महीनों से लेबर पार्टी के अंदर स्टार्मर के नेतृत्व को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। कई सांसदों का मानना था कि सरकार की लोकप्रियता में गिरावट और हाल के चुनावी प्रदर्शन को देखते हुए मौजूदा नेतृत्व के साथ अगले चुनाव में जीत आसान नहीं होगी। इसी बीच कुछ उपचुनावों के नतीजों और पार्टी के अंदर बढ़ती नाराजगी ने नेतृत्व परिवर्तन की मांग को और मजबूत कर दिया। आखिरकार, लगातार बढ़ते दबाव के बाद स्टार्मर ने इस्तीफा देने का फैसला किया। Andy Burnham बन सकते हैं नए प्रधानमंत्री स्टार्मर के इस्तीफे के बाद एंडी बर्नहैम (Andy Burnham) का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में सामने आया है। पार्टी के कई सांसद उनके समर्थन में बताए जा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि नेतृत्व चुनाव में कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ, तो बर्नहैम ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं। हालांकि, लेबर पार्टी की आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नए नेता और प्रधानमंत्री के नाम की औपचारिक घोषणा होगी। ब्रिटेन की राजनीति पर क्या पड़ेगा असर? प्रधानमंत्री के अचानक इस्तीफे से ब्रिटेन की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। नई सरकार बनने के बाद आर्थिक नीतियों, विदेश नीति और घरेलू सुधारों में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नया नेतृत्व आने के बाद लेबर पार्टी अपनी रणनीति में बदलाव कर सकती है ताकि अगले आम चुनाव से पहले जनता का भरोसा दोबारा हासिल किया जा सके। वहीं विपक्ष भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। सत्ता परिवर्तन पर दुनिया की नजर कीर स्टार्मर ने अपने कार्यकाल के दौरान कई अहम फैसले लिए, लेकिन पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष ने उनके लिए पद पर बने रहना मुश्किल बना दिया। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि लेबर पार्टी अपना नया नेता किसे चुनती है और ब्रिटेन की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है। यदि एंडी बर्नहैम प्रधानमंत्री बनते हैं, तो यह केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा, बल्कि लेबर पार्टी के लिए नई राजनीतिक शुरुआत भी मानी जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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