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Punjab

Punjab Crime तरनतारन लॉ कॉलेज में सनसनी, छात्र ने सहपाठी को गोली मारी फिर खुद की जान ली

पंजाब (Punjab) के तरनतारन जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। माई भागो लॉ कॉलेज (Mai Bhago Law College) में पढ़ने वाली एक लॉ छात्रा की क्लासरूम के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद आरोपी छात्र ने खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या (Suicide) कर ली। यह पूरी घटना कॉलेज में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कैसे हुई वारदात? प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, घटना उस समय हुई जब कॉलेज में नियमित कक्षाएं चल रही थीं। तभी एक छात्र अचानक क्लासरूम में दाखिल हुआ और बिना किसी चेतावनी के अपनी सहपाठी संदीप कौर के सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही छात्रा जमीन पर गिर पड़ी। घटना को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी छात्र ने खुद को भी गोली मार ली। दोनों को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। CCTV Video से मचा हड़कंप कॉलेज परिसर में लगे CCTV कैमरों में यह पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई है। वीडियो सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन, छात्रों और अभिभावकों में डर और गुस्सा दोनों देखा जा रहा है। पुलिस ने वीडियो को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस जांच में क्या सामने आ रहा है? पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी और मृतक छात्रा के बीच किसी निजी विवाद या एकतरफा संबंध का मामला हो सकता है। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी किसी नतीजे पर पहुँचना जल्दबाजी होगी। पुलिस कॉलेज के छात्रों, शिक्षकों और परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी के पास हथियार कैसे पहुंचा। कॉलेज प्रशासन और समाज की प्रतिक्रिया घटना के बाद कॉलेज में शोक का माहौल है। कॉलेज प्रशासन ने कक्षाएं स्थगित कर दी हैं और छात्रों के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था करने की बात कही है। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था, छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य, और हथियारों की आसान उपलब्धता कितनी बड़ी समस्या बन चुकी है। एक चेतावनी भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि हिंसक और संवेदनशील वीडियो शेयर न करें, क्योंकि इससे पीड़ित परिवारों को और मानसिक आघात पहुंचता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ISRO

ISRO Chandrayaan-4 Plan Mons Mouton से मिट्टी और चट्टानों के सैंपल लाने का लक्ष्य

भारत एक बार फिर चंद्रमा पर इतिहास रचने की तैयारी में है। ISRO (Indian Space Research Organisation) ने अपने आने वाले मिशन चंद्रयान-4 (Chandrayaan-4) के लिए लैंडिंग साइट की तलाश लगभग पूरी कर ली है। इस बार मिशन का फोकस चंद्रमा के South Pole क्षेत्र पर है, जहां Mons Mouton नामक पहाड़ी इलाके को सबसे सुरक्षित और उपयोगी माना जा रहा है। क्यों खास है Mons Mouton? Mons Mouton चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास स्थित एक ऊँचा इलाका है। वैज्ञानिकों के अनुसार यहां की सतह अपेक्षाकृत स्थिर है और ढलान भी ज्यादा खतरनाक नहीं है। यही वजह है कि ISRO ने इसे Chandrayaan-4 की संभावित लैंडिंग साइट के रूप में चुना है। इस क्षेत्र की एक और खास बात यह है कि यहां सूरज की रोशनी लंबे समय तक मिलती है, जिससे भविष्य के मिशनों में सोलर एनर्जी का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। Chandrayaan-4 का मुख्य उद्देश्य क्या होगा? चंद्रयान-4 सिर्फ लैंडिंग तक सीमित नहीं रहेगा। इस मिशन का सबसे बड़ा लक्ष्य होगा: ये सैंपल वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद करेंगे कि चंद्रमा की सतह कैसे बनी, वहां मौजूद खनिजों की संरचना क्या है और भविष्य में वहां मानव मिशन की कितनी संभावना है। South Pole क्यों बना वैज्ञानिकों की पसंद? चंद्रमा का South Pole दुनियाभर के स्पेस एजेंसियों के लिए बेहद आकर्षण का केंद्र है। माना जाता है कि इस इलाके में: अगर यह पुष्टि होती है, तो यह मानव अंतरिक्ष अभियानों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। कैसे चुनी गई लैंडिंग साइट? ISRO ने Chandrayaan-2 के ऑर्बिटर से मिले हाई-रेजोल्यूशन डेटा का इस्तेमाल किया। इन तस्वीरों के जरिए: का गहराई से विश्लेषण किया गया। इसके बाद Mons Mouton के पास एक सुरक्षित पैच को फाइनल विकल्प माना गया। कब लॉन्च हो सकता है Chandrayaan-4? फिलहाल मिशन की तैयारियां चल रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों के अनुसार Chandrayaan-4 को 2027 या 2028 तक लॉन्च किया जा सकता है। हालांकि, ISRO की तरफ से आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। भारत के लिए क्यों अहम है यह मिशन? Chandrayaan-4 भारत को उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल कर सकता है जो चंद्रमा से सैंपल वापस लाने में सक्षम हैं। यह मिशन न सिर्फ वैज्ञानिक दृष्टि से बल्कि तकनीकी और वैश्विक स्तर पर भी भारत की स्थिति को मजबूत करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Om Birla

Lok Sabha Speaker Om Birla पर No Confidence Motion की तैयारी संसद में टकराव चरम पर

संसद के बजट सत्र के दौरान चल रहा राजनीतिक टकराव अब एक नए और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। विपक्षी दलों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला (Lok Sabha Speaker Om Birla) के खिलाफ नो कॉन्फिडेंस मोशन (No Confidence Motion) लाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह कदम भारतीय संसदीय इतिहास में बेहद असामान्य माना जा रहा है और इससे संसद की राजनीति और अधिक गरमा गई है। पिछले कुछ दिनों से लोकसभा की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है। विपक्ष का आरोप है कि उन्हें सदन में अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा और स्पीकर के फैसले एकतरफा हैं। इसी नाराज़गी के चलते विपक्ष अब सीधे स्पीकर की भूमिका पर सवाल खड़ा कर रहा है। संसद में क्यों बढ़ा तनाव? बजट सत्र की शुरुआत से ही लोकसभा में हंगामे का माहौल बना हुआ है। विपक्षी सांसदों का कहना है कि कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की अनुमति नहीं दी जा रही, जबकि सरकार के पक्ष में बोलने वालों को ज्यादा समय मिल रहा है। हालात इतने बिगड़ गए कि सदन को कई बार स्थगित करना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में बड़ी संख्या में विपक्षी सांसद स्पीकर के चेंबर तक पहुंचे और अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद से ही यह चर्चा तेज हो गई कि विपक्ष कोई बड़ा कदम उठा सकता है — और अब स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। विपक्ष का आरोप, सरकार का पलटवार विपक्ष का कहना है कि यह कदम किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं की रक्षा के लिए उठाया जा रहा है। उनका दावा है कि अगर सदन निष्पक्ष रूप से नहीं चलेगा तो जनता की आवाज संसद तक नहीं पहुंच पाएगी। वहीं सरकार और सत्तारूढ़ दल इस पूरे घटनाक्रम को विपक्ष की राजनीतिक रणनीति बता रहे हैं। उनका कहना है कि जब विपक्ष के पास ठोस मुद्दे नहीं होते, तब वह संसद को बाधित करने और संवैधानिक पदों को विवाद में घसीटने का रास्ता अपनाता है। कितना अहम है यह प्रस्ताव? विशेषज्ञों के अनुसार, लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना बेहद दुर्लभ है। अगर प्रस्ताव पेश होता है, तो उसे सदन में स्वीकार किया जाना और फिर उस पर बहस होना अपने-आप में बड़ी राजनीतिक घटना होगी। हालांकि, प्रस्ताव का पारित होना संख्याबल पर निर्भर करेगा। फिलहाल यह साफ है कि संसद का यह सत्र सिर्फ बजट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में स्पीकर, विपक्ष और सरकार के बीच टकराव भारतीय राजनीति का केंद्र बन सकता है। आगे क्या? अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि विपक्ष औपचारिक रूप से अविश्वास प्रस्ताव कब पेश करता है और स्पीकर उस पर क्या फैसला लेते हैं। यह मामला न सिर्फ संसद के अंदर, बल्कि देश की राजनीति में भी दूरगामी असर डाल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi

Delhi Crime कार के अंदर 3 Dead Bodies, Suicide Theory पर परिवार का सवाल

दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर (Peeragarhi Flyover) पर कार के अंदर तीन लोगों की लाशें मिलने से सनसनी फैल गई है। मृतकों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। जहां दिल्ली पुलिस इसे शुरुआती तौर पर सामूहिक आत्महत्या (Suicide Case) मान रही है, वहीं मृतकों के परिजन इस थ्योरी को सिरे से खारिज करते हुए इसे Murder Case बता रहे हैं। परिवार के इस दावे के बाद मामला और भी रहस्यमय हो गया है। Peeragarhi Flyover पर क्या हुआ था? रविवार शाम को पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास सड़क किनारे खड़ी एक सफेद कार से बदबू आने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि कार के अंदर तीन लोग बेहोशी की हालत में पड़े थे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। Police Investigation: क्यों Suicide का शक? पुलिस अधिकारियों के मुताबिक: इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस को यह मामला सुसाइड जैसा प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि यह केवल प्राथमिक जांच है। Family Claim: “ये Suicide नहीं, Murder है” मामले में उस वक्त बड़ा मोड़ आया जब मृतकों के एक भाई ने मीडिया के सामने आकर कहा, “मेरे भाई आत्महत्या नहीं कर सकते। यह साफ तौर पर मर्डर है।” परिजनों का कहना है कि: परिवार ने पुलिस से मांग की है कि मामले की जांच हत्या के एंगल से भी गंभीरता से की जाए। Delhi Triple Death Case में आगे क्या जांच होगी? दिल्ली पुलिस अब इस केस को Suicide और Murder—दोनों एंगल से जांच रही है।जांच के अहम बिंदु: इन रिपोर्ट्स के आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि तीनों की मौत खुदकुशी थी या किसी साजिश का नतीजा। अब सबकी नजरें रिपोर्ट पर फिलहाल, Delhi Car Death Mystery एक अनसुलझी पहेली बनी हुई है। पुलिस और परिवार—दोनों अपने-अपने तर्क रख रहे हैं। सच्चाई क्या है, इसका जवाब अब पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट ही दे पाएगी। जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक पीरागढ़ी का यह मामला दिल्ली के सबसे चर्चित और रहस्यमय केस में गिना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi

Delhi Janakpuri Accident खुले गड्ढे में गिरकर युवक की मौत, DJB काम में बड़ी लापरवाही उजागर

Delhi के जनकपुरी इलाके से सामने आया एक दर्दनाक हादसा न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ गया, बल्कि राजधानी में चल रहे निर्माण कार्यों की हकीकत भी उजागर कर गया। खुले गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय युवक कमल ध्यानी की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस ने ठेकेदार राजेश प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया है। Delhi Janakpuri Accident: क्या है पूरा मामला मिली जानकारी के अनुसार, कमल ध्यानी बीती रात करीब 11:30 बजे बाइक से घर लौट रहे थे। जनकपुरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के तहत सड़क पर पानी की पाइपलाइन से जुड़ा काम चल रहा था। इसी दौरान सड़क पर एक गहरा गड्ढा खोदा गया था, लेकिन न तो उसे ढका गया और न ही वहां कोई चेतावनी बोर्ड, बैरिकेड या स्ट्रीट लाइट लगाई गई। अंधेरा होने की वजह से कमल को गड्ढा दिखाई नहीं दिया और वह सीधे उसमें गिर गए। पूरी रात वह लापता रहे। सुबह स्थानीय लोगों ने गड्ढे में शव देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। Kamal Dhyani Death Case में ठेकेदार की भूमिका पुलिस जांच में सामने आया कि इस काम का जिम्मा ठेकेदार राजेश प्रजापति के पास था। आरोप है कि उसे रात में हादसे की जानकारी मिल गई थी, इसके बावजूद उसने न तो मौके पर पहुंचकर मदद की और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम करवाए। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide Not Amounting to Murder) की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दायरे में और भी लोग आ सकते हैं। Delhi Jal Board और प्रशासन पर उठे सवाल हादसे के बाद दिल्ली जल बोर्ड और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। Delhi सरकार ने मामले की जांच के लिए समिति गठित की है। साथ ही DJB के कुछ अधिकारियों को निलंबित कर उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। परिवार का दर्द और गुस्सा कमल ध्यानी के परिवार का कहना है कि यह एक हादसा नहीं बल्कि साफ तौर पर लापरवाही से हुई मौत है। परिवार ने आरोप लगाया कि अगर गड्ढे को ढका गया होता या चेतावनी के इंतजाम होते, तो आज उनका बेटा जिंदा होता। उन्होंने दोषियों को सख्त सजा और सरकार से मुआवजे की मांग की है। Delhi Road Safety पर बड़ा सवाल यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि Delhi में चल रहे निर्माण कार्य कितने असुरक्षित तरीके से किए जा रहे हैं। खुले गड्ढे, बिना बैरिकेडिंग और लाइट के काम आम लोगों की जान पर भारी पड़ रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर कब तक ऐसी लापरवाही की कीमत निर्दोष लोग अपनी जान देकर चुकाते रहेंगे? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रितू तावड़े

BMC Mayor Mumbai को मिला नया नेतृत्व, BJP की रितू तावड़े मेयर, संजय घाड़ी डिप्टी मेयर

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मेयर पद के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ पार्षद रितू तावड़े के नाम पर मुहर लग गई है, जबकि शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के संजय घाड़ी को डिप्टी मेयर बनाया जाएगा। यह फैसला महायुति गठबंधन के पावर-शेयरिंग फॉर्मूले के तहत लिया गया है। BMC में पहली बार BJP का मेयर मुंबई की राजनीति में यह फैसला ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि करीब ढाई दशक बाद पहली बार BMC को BJP का मेयर मिलने जा रहा है। हालिया निगम चुनावों में महायुति गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिला था, जिसके बाद यह तय माना जा रहा था कि मेयर और डिप्टी मेयर के पद गठबंधन के भीतर साझा किए जाएंगे। BJP ने अपने मजबूत संगठनात्मक आधार और संख्या बल के दम पर रितू तावड़े को मेयर पद के लिए आगे किया। कौन हैं रितू तावड़े? रितू तावड़े मुंबई के घाटकोपर इलाके से तीन बार की निर्वाचित पार्षद हैं। वे BMC में लंबे समय से सक्रिय रही हैं और शिक्षा समिति की अध्यक्ष जैसी अहम जिम्मेदारियां भी संभाल चुकी हैं। स्थानीय स्तर पर उन्हें एक जमीनी नेता के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने नागरिक मुद्दों पर लगातार आवाज उठाई है। उनकी छवि एक सुलझी हुई और कामकाजी नेता की रही है, यही वजह है कि पार्टी ने उन्हें मुंबई जैसे बड़े महानगर की जिम्मेदारी सौंपी है। Deputy Mayor होंगे संजय घाड़ी महायुति के सहयोगी दल शिवसेना (शिंदे गुट) ने संजय शंकर घाड़ी को डिप्टी मेयर पद के लिए नामित किया है। संजय घाड़ी BMC में अनुभवी पार्षद माने जाते हैं और संगठन में उनकी पकड़ मजबूत है। डिप्टी मेयर के तौर पर उनका कार्यकाल लगभग 15 महीनों का होने की संभावना है। माना जा रहा है कि वे प्रशासन और पार्षदों के बीच समन्वय बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। 11 फरवरी को होगा औपचारिक चुनाव BMC मुख्यालय में 11 फरवरी 2026 को मेयर और डिप्टी मेयर का औपचारिक चुनाव होगा। हालांकि संख्याबल को देखते हुए रितू तावड़े और संजय घाड़ी की जीत लगभग तय मानी जा रही है। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज इस फैसले के बाद विपक्षी दल शिवसेना (UBT) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं का कहना है कि BJP का मेयर बनना मुंबई की राजनीतिक पहचान के लिए ठीक नहीं है। वहीं, महायुति नेताओं का दावा है कि यह फैसला स्थिर प्रशासन और विकास को गति देने वाला साबित होगा। आगे क्या बदलेगा? BMC देश की सबसे अमीर नगरपालिकाओं में से एक है। ऐसे में नया नेतृत्व आने से इंफ्रास्ट्रक्चर, नागरिक सुविधाएं, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर नई प्राथमिकताएं तय होने की उम्मीद है। रितू तावड़े के सामने चुनौती होगी कि वे राजनीतिक संतुलन बनाए रखते हुए मुंबईकरों की अपेक्षाओं पर खरी उतरें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar Politics 31 साल पुराने मामले में Pappu Yadav Arrest, अस्पताल में भर्ती समर्थकों का विरोध

बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव (Pappu Yadav) को 31 साल पुराने एक मामले में पटना से गिरफ्तार किए जाने के बाद सियासी माहौल गर्मा गया है। इस कार्रवाई ने न सिर्फ पुराने केस को दोबारा चर्चा में ला दिया है, बल्कि कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। गिरफ्तारी के बाद Pappu Yadav का बयान: जान को बताया खतरा गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उनकी हत्या हो सकती है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया। उनके इस बयान के बाद समर्थकों और राजनीतिक हलकों में चिंता बढ़ गई है। तबीयत बिगड़ी, हाई ब्लड प्रेशर के चलते अस्पताल में भर्ती गिरफ्तारी की प्रक्रिया के दौरान ही Pappu Yadav की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत हुई, जिसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। समर्थकों का विरोध प्रदर्शन, गिरफ्तारी को बताया साजिश Pappu Yadav की गिरफ्तारी और अस्पताल में भर्ती होने की खबर फैलते ही उनके समर्थकों में नाराजगी देखने को मिली। पटना समेत कई इलाकों में समर्थकों ने प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि इतने पुराने केस में अचानक की गई कार्रवाई राजनीतिक साजिश का हिस्सा है और इससे उनके नेता की जान को खतरा बढ़ गया है। प्रशासन का पक्ष: न्यायिक प्रक्रिया के तहत हुई कार्रवाई वहीं पुलिस और प्रशासन का कहना है कि यह गिरफ्तारी पूरी तरह न्यायिक प्रक्रिया के तहत की गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। बिहार राजनीति में बढ़ा तनाव, आगे भी जारी रह सकती है बयानबाजी फिलहाल Pappu Yadav अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी सेहत को लेकर समर्थक लगातार अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। 31 साल पुराने इस केस में हुई गिरफ्तारी ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर तनाव पैदा कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और विरोध प्रदर्शन तेज होने की संभावना जताई जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trade

India-US Trade Deal 18% Tariff Cut और $30 ट्रिलियन Market का मौका

भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए India-US Trade Deal ने व्यापार जगत में हलचल मचा दी है। इस समझौते के तहत कई बड़े बदलाव हुए हैं, जो भारत के exporters, छोटे व्यवसाय और किसान समुदाय के लिए game-changer साबित हो सकते हैं। आइए जानते हैं इस डील की 10 बड़ी बातें। $30 ट्रिलियन का Market खुलेगा इस डील के बाद भारत को अमेरिका जैसे बड़े और विकसित बाजार में प्रवेश मिलेगा। यह अवसर लगभग $30 ट्रिलियन का है, जिससे Indian exporters को बहुत फायदा होने की उम्मीद है। टैरिफ घटकर सिर्फ 18% अमेरिका ने भारत से आयातित अधिकांश सामान पर टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर दिया है। इसका मतलब यह है कि Indian goods अब अधिक competitive होंगे। Zero Tariff Products कुछ high-value products जैसे generic medicines, diamond & gemstone, aircraft parts पर टैरिफ पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। $500 Billion की खरीद का समझौता भारत ने अगले 5 सालों में अमेरिकी products की खरीद के लिए लगभग $500 बिलियन का commitment किया है। इसमें energy, aviation और technology products शामिल हैं। Non-Tariff Barriers में कमी दोनों देश regulations और non-tariff barriers को कम करके व्यापार को आसान बनाने पर जोर देंगे। Agriculture और Dairy Products सुरक्षित धान, गेहूँ, दूध, पनीर और मांस जैसे sensitive products पर टैरिफ में कोई बदलाव नहीं किया गया। यह किसानों और rural economy की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। MSME और किसान लाभान्वित छोटे और medium enterprises (MSMEs), किसान और मछुआरे इस deal से सीधे लाभान्वित होंगे। Export opportunities बढ़ने से उन्हें global market में जगह मिलेगी। नई Jobs के अवसर इस डील से निर्यात बढ़ेगा, और इससे लाखों नई नौकरियाँ पैदा होने की संभावना है, खासकर youth और women workforce के लिए। Supply Chain और Investment में सहयोग दोनों देश digital trade, supply-chain flexibility और investment के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे, जिससे long-term economic growth में मदद मिलेगी। Interim Trade Framework भारत और अमेरिका ने एक Interim Trade Agreement Framework पर सहमति जताई है। यह आगे चलकर comprehensive bilateral trade agreement की नींव बनेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Islamabad

Islamabad Blast शिया समुदाय पर लक्षित आत्मघाती हमला

इस्लामाबाद, पाकिस्तान — शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को इस्लामाबाद (Islamabad) के तरलाई इलाके में स्थित शिया मस्जिद इमाम बारगाह (Imambargah) में जुमे की नमाज़ के दौरान एक भयानक आत्मघाती विस्फोट (Suicide Blast) हुआ। घटना के समय मस्जिद में भारी भीड़ थी, और विस्फोट के कारण 10 लोगों की मौत हुई जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना का विवरण स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हमलावर ने मस्जिद के मुख्य द्वार पर खुद को विस्फोट कर लिया। धमाके की आवाज पूरे इलाके में सुनी गई और मलबा चारों ओर बिखर गया।लोग खून से लथपथ और घायल स्थिति में बाहर भागते दिखे। तत्काल पुलिस और राहत टीमें (Rescue Teams) मौके पर पहुंची और घायल लोगों को अस्पताल ले जाया गया। मुख्य बिंदु: सुरक्षा और प्रतिक्रिया (Security & Response) इस्लामाबाद पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया और इमरजेंसी (Emergency) घोषित कर दी। सुरक्षा एजेंसियाँ घटनास्थल पर फोरेंसिक जांच कर रही हैं। अभी तक किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है, लेकिन प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट है कि यह धार्मिक समुदाय को निशाना बनाने वाला आतंकी हमला (Targeted Terror Attack) था। सामाजिक और मानवीय प्रभाव (Social & Human Impact) यह हमला न केवल इस्लामाबाद बल्कि पूरे पाकिस्तान में शिया समुदाय और अन्य धार्मिक समूहों के लिए चिंता का विषय बन गया है।घायलों के परिवार सदमे में हैं और स्थानीय प्रशासन उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रहा है। स्थानीय लोग और विश्व समुदाय इस हमले की निंदा कर रहे हैं। सामाजिक मीडिया पर भी “Prayers for Islamabad” और “Shia Mosque Blast” ट्रेंड कर रहा है। इस्लामाबाद में यह आत्मघाती हमला पाकिस्तान में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की संवेदनशीलता को उजागर करता है।स्थानीय प्रशासन ने चेतावनी जारी की है और जनता से शांति बनाए रखने का आग्रह किया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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U-19

U-19 World Cup Final में भारत का दमदार खेल Suryavanshi की चौथी फिफ्टी

अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल (U-19 World Cup Final) में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे महामुकाबले में Team India ने शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए मैच पर पकड़ मजबूत कर ली है। फाइनल जैसे बड़े मंच पर भारतीय युवाओं का आत्मविश्वास साफ झलक रहा है। खबर लिखे जाने तक भारत ने 149 रन पर सिर्फ 1 विकेट गंवाया है। भारतीय पारी के हीरो एक बार फिर सूर्यवंशी (Suryavanshi) रहे, जिन्होंने इस टूर्नामेंट की अपनी चौथी अर्धशतकीय पारी (Fourth Fifty) पूरी की। पूरे अंडर-19 वर्ल्ड कप में सूर्यवंशी लगातार भरोसेमंद बल्लेबाज़ के रूप में उभरे हैं और फाइनल में भी उन्होंने टीम को मज़बूत शुरुआत दिलाई। दबाव के बावजूद उनकी बल्लेबाज़ी में धैर्य और मैच्योरिटी साफ दिखाई दी। दूसरे छोर पर म्हात्रे (Mhatre) ने उनका शानदार साथ निभाया। दोनों बल्लेबाज़ों के बीच हुई शतकीय साझेदारी (Century Partnership) ने इंग्लैंड के गेंदबाज़ों की रणनीति बिगाड़ दी। इस पार्टनरशिप के दौरान भारतीय बल्लेबाज़ों ने सिंगल्स-डबल्स के साथ खराब गेंदों पर बाउंड्री लगाकर स्कोरबोर्ड को लगातार आगे बढ़ाया। फाइनल मुकाबले में केवल एक विकेट गिरना भारत की मजबूत स्थिति को दर्शाता है। टॉप ऑर्डर की इस बेहतरीन बल्लेबाज़ी ने इंग्लैंड पर दबाव बना दिया है और भारत बड़े स्कोर की ओर तेजी से बढ़ता दिख रहा है। कुल मिलाकर, IND vs ENG U-19 Final में भारतीय टीम का प्रदर्शन यही संकेत देता है कि युवा खिलाड़ी बड़े मौकों के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अगर बल्लेबाज़ी का यही सिलसिला जारी रहा, तो Team India खिताब जीतने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ा सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lucknow

Lucknow Fire Breaking इंस्टीट्यूट में आग से मची अफरा-तफरी, कई छात्र घायल

उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में एक इंस्टीट्यूट में अचानक लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे अंदर मौजूद छात्र-छात्राएं और स्टाफ घबरा गए। धुआं भरते ही बिगड़े हालात प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही आग लगी, पूरे भवन में घना धुआं फैल गया और बाहर निकलने के रास्ते बंद होने लगे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई छात्रों को अपनी जान बचाने के लिए पहली मंजिल से नीचे कूदना पड़ा। कई छात्र घायल, अस्पताल में भर्ती इस हादसे में कुछ छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। एक छात्र के नीचे गिरने से लोहे की ग्रिल से टकराने की भी जानकारी सामने आई है, जिससे उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। रेस्क्यू ऑपरेशन और राहत कार्य जारी घटना के बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की गई। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sensex

Market Update: Sensex 500 Points Jump, Nifty में 150 अंकों की बढ़त

आज भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों के चेहरे पर खुशी लौट आई जब पूरे दिन खरीदारी का माहौल बना रहा। शुरुआती कारोबार से ही बाजार में तेजी का रुख देखने को मिला और दिन के अंत तक यह मजबूती और गहरी हो गई। Sensex करीब 500 अंकों की बढ़त के साथ 77,300 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं Nifty 50 में भी लगभग 150 अंकों की तेजी दर्ज की गई, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा। बाजार में क्यों लौटी रौनक? पिछले कुछ सत्रों की सुस्ती के बाद आज बाजार में जो तेजी देखने को मिली, उसके पीछे कई अहम वजहें रहीं— इन सभी कारणों ने मिलकर बाजार को मजबूत सपोर्ट दिया। सेक्टर अपडेट: किसने कितना दिया साथ? आज के कारोबार में अलग-अलग सेक्टरों का प्रदर्शन इस तरह रहा— IT सेक्टर: दिन का सबसे बड़ा स्टार, लगातार खरीदारी देखने को मिलीOil & Gas: मजबूत उछाल के साथ निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ीBanking: स्थिर से सकारात्मक रुझानFMCG: हल्की लेकिन स्थिर बढ़त बाजार का मूड कैसा रहा? बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक यह तेजी फिलहाल एक राहत भरी रिकवरी (relief rally) का हिस्सा हो सकती है। हालांकि, आगे भी ग्लोबल संकेत और आर्थिक डेटा बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशकों के बीच फिलहाल बड़े और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों को लेकर भरोसा बढ़ता दिख रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Silver Market कीमतों में जोरदार उछाल, निवेशक सतर्क

देश के सर्राफा बाजार में आज सोना (Gold) और चांदी (Silver) की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। लगातार बढ़ते दामों ने जहां निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है, वहीं आम खरीदारों के बजट पर भी दबाव साफ नजर आने लगा है। ताजा अपडेट के अनुसार चांदी के भाव में आज ₹5,826 प्रति किलोग्राम की बड़ी छलांग दर्ज की गई है। इस तेजी के बाद चांदी का रेट अब करीब ₹2.37 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। बाजार में यह स्तर काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से चांदी लगातार मजबूत बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर सोने की कीमतों में भी तेजी जारी है। 24 कैरेट सोना (10 ग्राम) अब ₹1,46,000 के आसपास पहुंच गया है, जिसमें ₹1,694 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सोने के दामों में यह उछाल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही बाजारों के संकेतों का असर माना जा रहा है। आखिर क्यों बढ़ रहे हैं Gold-Silver के दाम? विशेषज्ञों के अनुसार सोना-चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता, डॉलर में उतार-चढ़ाव और सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ती मांग इसका मुख्य कारण है। इसके साथ ही भारत में शादी और त्योहारों का सीजन भी नजदीक है, जिससे ज्वेलरी की मांग तेजी से बढ़ रही है। आम लोगों पर असर और निवेश का संकेत लगातार बढ़ते रेट्स का सीधा असर आम खरीदारों पर पड़ रहा है, खासकर उन लोगों पर जो शादी या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं। दूसरी तरफ, निवेशक इसे अभी भी सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बाजार की स्थिति को देखते हुए सोच-समझकर निवेश करना चाहिए। कुल मिलाकर, सोना-चांदी की यह तेजी संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में सर्राफा बाजार और भी ज्यादा सक्रिय और अस्थिर रह सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

21 दिन से नहीं मिला जीवनरक्षक इंजेक्शन, बच्चों की जान बचाने सड़क पर बैठा पिता; जिला अस्पताल के सामने लगाया जाम

सीहोर में एक पिता की बेबसी उस वक्त सड़क पर उतर आई, जब हीमोफीलिया से पीड़ित उसके दो बच्चों को पिछले 21 दिनों से जीवनरक्षक इंजेक्शन नहीं मिल पाया। बच्चों की बिगड़ती हालत से परेशान पिता ने परिवार सहित जिला अस्पताल के सामने चक्काजाम कर प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। आष्टा तहसील के ग्राम गुराडिया रूपचन्द्र निवासी श्रवण कुमार मेवाड़ा के दो बच्चे हीमोफीलिया जैसी गंभीर अनुवांशिक बीमारी से पीड़ित हैं। इस बीमारी में चोट लगने या रक्तस्राव होने पर खून का थक्का नहीं जमता, जिससे मरीज की जान तक खतरे में पड़ सकती है। इलाज के लिए नियमित रूप से फैक्टर VIII (Factor VIII) इंजेक्शन की आवश्यकता होती है। 21 दिनों से अस्पताल में नहीं है इंजेक्शन परिजनों के अनुसार डॉक्टरों ने बच्चों के लिए फैक्टर VIII इंजेक्शन लिख रखा है, लेकिन जिला अस्पताल के मुख्य दवा स्टोर में पिछले 21 दिनों से यह दवा उपलब्ध नहीं है। इतना ही नहीं, भोपाल में भी सरकारी स्तर पर यह इंजेक्शन नहीं मिल पा रहा है। आर्थिक तंगी बनी मजबूरी श्रवण कुमार ने बताया कि वे बेरोजगार हैं और उनकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि निजी मेडिकल स्टोर से महंगा इंजेक्शन खरीद सकें। उन्होंने 19 जून को कलेक्टर को आवेदन देकर मदद की मांग भी की थी। पिता का कहना है कि यदि मध्य प्रदेश में दवा उपलब्ध नहीं है तो प्रशासन उन्हें बच्चों के इलाज के लिए मुंबई जाने हेतु कम से कम 15 दिनों की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए। बच्चों की जान बचाने सड़क पर बैठा परिवार जब लगातार शिकायतों के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला तो परेशान पिता अपने परिवार के साथ जिला चिकित्सालय के सामने सड़क पर बैठ गए। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हो गया। बच्चों की जान बचाने की गुहार लगाते इस परिवार को देखकर मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए। सिविल सर्जन ने दिया आश्वासन चक्काजाम और हंगामे की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल के सिविल सर्जन मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवार से बातचीत कर उनकी समस्या सुनी और जल्द से जल्द फैक्टर VIII इंजेक्शन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त कराने के प्रयास किए गए। व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता और गरीब मरीजों को समय पर इलाज मिलने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते दवा उपलब्ध करा दी जाती, तो एक परिवार को सड़क पर उतरकर अपनी पीड़ा जाहिर करने की नौबत नहीं आती। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
Keir Starmer

Keir Starmer Resigns: ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा उलटफेर, Andy Burnham सबसे बड़े दावेदार

ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि उनकी अपनी पार्टी लेबर पार्टी (Labour Party) के कई सांसदों को अब यह भरोसा नहीं है कि वह अगले आम चुनाव (General Election) में पार्टी को जीत दिला पाएंगे। ऐसे में उन्होंने पार्टी और देश के हित को प्राथमिकता देते हुए पद छोड़ने का फैसला लिया। स्टार्मर ने अपने संबोधन में कहा कि नेतृत्व केवल पद पर बने रहने का नाम नहीं है, बल्कि सही समय पर सही फैसला लेना भी उतना ही जरूरी होता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नए नेता के चुने जाने तक वह कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे, ताकि सत्ता का हस्तांतरण बिना किसी राजनीतिक अस्थिरता के पूरा हो सके। पार्टी के भीतर बढ़ता गया दबाव पिछले कुछ महीनों से लेबर पार्टी के अंदर स्टार्मर के नेतृत्व को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। कई सांसदों का मानना था कि सरकार की लोकप्रियता में गिरावट और हाल के चुनावी प्रदर्शन को देखते हुए मौजूदा नेतृत्व के साथ अगले चुनाव में जीत आसान नहीं होगी। इसी बीच कुछ उपचुनावों के नतीजों और पार्टी के अंदर बढ़ती नाराजगी ने नेतृत्व परिवर्तन की मांग को और मजबूत कर दिया। आखिरकार, लगातार बढ़ते दबाव के बाद स्टार्मर ने इस्तीफा देने का फैसला किया। Andy Burnham बन सकते हैं नए प्रधानमंत्री स्टार्मर के इस्तीफे के बाद एंडी बर्नहैम (Andy Burnham) का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में सामने आया है। पार्टी के कई सांसद उनके समर्थन में बताए जा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि नेतृत्व चुनाव में कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ, तो बर्नहैम ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं। हालांकि, लेबर पार्टी की आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नए नेता और प्रधानमंत्री के नाम की औपचारिक घोषणा होगी। ब्रिटेन की राजनीति पर क्या पड़ेगा असर? प्रधानमंत्री के अचानक इस्तीफे से ब्रिटेन की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। नई सरकार बनने के बाद आर्थिक नीतियों, विदेश नीति और घरेलू सुधारों में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नया नेतृत्व आने के बाद लेबर पार्टी अपनी रणनीति में बदलाव कर सकती है ताकि अगले आम चुनाव से पहले जनता का भरोसा दोबारा हासिल किया जा सके। वहीं विपक्ष भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। सत्ता परिवर्तन पर दुनिया की नजर कीर स्टार्मर ने अपने कार्यकाल के दौरान कई अहम फैसले लिए, लेकिन पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष ने उनके लिए पद पर बने रहना मुश्किल बना दिया। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि लेबर पार्टी अपना नया नेता किसे चुनती है और ब्रिटेन की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है। यदि एंडी बर्नहैम प्रधानमंत्री बनते हैं, तो यह केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा, बल्कि लेबर पार्टी के लिए नई राजनीतिक शुरुआत भी मानी जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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