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हमजा बुरहान

Pulwama Blast Update: मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की पाकिस्तान में गोली मारकर हत्या

पाकिस्तान से बड़ी खबर: हमजा बुरहान की हत्या का दावा पाकिस्तान से एक सनसनीखेज दावा सामने आया है, जिसमें 2019 के पुलवामा आतंकी हमले से जुड़े बताए जा रहे आतंकी हमजा बुरहान की गोली मारकर हत्या किए जाने की बात कही जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार यह घटना पाकिस्तान-प्रशासित कश्मीर (PoK) के एक इलाके में हुई, जहां अज्ञात हमलावरों ने उसे निशाना बनाया। अचानक हुई फायरिंग, मौके पर मौत का दावा स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमजा बुरहान किसी स्थान पर मौजूद था, तभी कुछ अज्ञात हथियारबंद लोग वहां पहुंचे और उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने के बाद उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। हमलावर कौन थे? अब तक कोई जिम्मेदारी नहीं इस हमले की जिम्मेदारी अब तक किसी भी संगठन ने नहीं ली है। हमलावर कौन थे और उन्होंने हमला क्यों किया—इस पर अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे मामला और रहस्यमय बन गया है। Pulwama Attack 2019 क्या था? 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले में CRPF जवानों के काफिले को निशाना बनाया गया था। इस हमले में 40 से ज्यादा जवान शहीद हो गए थे, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया था। अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं फिलहाल हमजा बुरहान की हत्या की खबर विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और अनौपचारिक सूत्रों पर आधारित है। किसी भी सरकारी एजेंसी या आधिकारिक स्रोत ने इसकी पुष्टि नहीं की है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tamil Nadu

Tamil Nadu Politics: शपथ लेते वक्त कांग्रेस विधायक का नारा, Governor ने तुरंत टोका

शपथ समारोह में अचानक मचा हंगामा तमिलनाडु विधानसभा के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उस समय माहौल बदल गया जब कांग्रेस के एक विधायक ने शपथ लेते समय संवैधानिक शब्दों के बीच “Rahul Zindabad” का नारा जोड़ दिया। इस घटना ने सदन में मौजूद सभी लोगों का ध्यान खींच लिया और कुछ देर के लिए हल्का व्यवधान भी देखने को मिला। Governor ने तुरंत जताई आपत्ति सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही विधायक ने शपथ के दौरान राजनीतिक नारा लगाया, राज्यपाल ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शपथ एक संवैधानिक प्रक्रिया है और इसमें किसी भी प्रकार का राजनीतिक बयान या नारा शामिल नहीं किया जा सकता। सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए प्रभावित राज्यपाल की टिप्पणी के बाद सदन में कुछ समय के लिए असहज स्थिति बन गई। हालांकि बाद में शपथ ग्रहण प्रक्रिया को सामान्य रूप से आगे बढ़ाया गया और बाकी विधायकों ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शपथ ली। Vijay Cabinet और 23 मंत्रियों की चर्चा तेज इसी बीच तमिलनाडु की नई “Vijay Cabinet” को लेकर भी राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि इस कैबिनेट में 23 मंत्रियों को शामिल किया गया है, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में लगातार चर्चा जारी है। विपक्ष और सत्ता पक्ष में अलग-अलग राय इस घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। विपक्ष का कहना है कि यह अभिव्यक्ति का तरीका हो सकता है, जबकि सत्ता पक्ष इसे विधानसभा की गरिमा और शपथ प्रक्रिया का उल्लंघन बता रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों की राय विशेषज्ञों का मानना है कि शपथ ग्रहण जैसे संवैधानिक अवसरों पर इस तरह की घटनाएं संस्थाओं की मर्यादा पर सवाल खड़ा करती हैं और अनावश्यक विवाद को जन्म देती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Raghav Chadha

Delhi HC Personality Rights विवाद में Raghav Chadha को नहीं मिली अंतरिम राहत

दिल्ली हाईकोर्ट में पर्सनैलिटी राइट्स (Personality Rights) से जुड़े एक अहम मामले में राज्यसभा सांसद Raghav Chadha को फिलहाल राहत नहीं मिल पाई है। कोर्ट ने उनकी याचिका पर तुरंत कोई अंतरिम सुरक्षा देने से इनकार कर दिया है, हालांकि मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और आगे सुनवाई जारी रहेगी। क्या है पूरा मामला? राघव चड्ढा ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की थी कि उनके नाम, फोटो, आवाज और पहचान का बिना अनुमति इस्तेमाल रोका जाए। उनका कहना है कि आज के डिजिटल दौर में AI tools और deepfake technology के जरिए फर्जी वीडियो और कंटेंट बनाकर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। सोशल मीडिया पर बिना अनुमति किसी भी पब्लिक फिगर की पहचान का इस्तेमाल तेजी से बढ़ता जा रहा है, जिसे लेकर यह मामला काफी अहम माना जा रहा है। हाईकोर्ट ने क्या कहा? दिल्ली हाईकोर्ट ने फिलहाल मामले में तुरंत रोक लगाने या अंतरिम राहत देने से इनकार किया है।लेकिन कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे विस्तार से सुनवाई की जाएगी। मतलब साफ है—कोर्ट ने अभी किसी भी पक्ष में अंतिम फैसला नहीं दिया है, लेकिन मुद्दे को गंभीर माना है। क्यों अहम है यह केस? आज के समय में AI-generated content और deepfake videos तेजी से फैल रहे हैं। किसी भी व्यक्ति की तस्वीर, आवाज या नाम का गलत इस्तेमाल करना अब बहुत आसान हो गया है। ऐसे में यह मामला सिर्फ एक नेता तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में digital identity protection और personality rights को लेकर एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। आगे क्या हो सकता है? अब अगली सुनवाई में कोर्ट यह तय करेगा कि क्या इस तरह के मामलों में स्थायी सुरक्षा आदेश (permanent protection order) की जरूरत है या नहीं। साथ ही यह भी तय हो सकता है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे कंटेंट को रोकने के लिए क्या गाइडलाइन होनी चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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CM Dr. Mohan Yadav ने की स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा, योजनाओं को बेहतर बनाने के दिए निर्देश

CM Dr. Mohan Yadav ने की स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा, योजनाओं को बेहतर बनाने के दिए निर्देश

CM Dr. Mohan Yadav ने गुरुवार को मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं और विभागीय गतिविधियों की समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था, छात्रों को मिलने वाली सुविधाएं और चल रही योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए योजनाओं का प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचना सरकार की प्राथमिकता है। साथ ही स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने और शिक्षा के स्तर में सुधार लाने पर भी जोर दिया गया। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने छात्रों के हित में चल रही योजनाओं को समय पर पूरा करने और शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। सरकार का फोकस ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य मिल सके। अधिक खबरों और अपडेट्स के लिए विजिट करें Deshharpal News हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bandra

मुंबई Bandra Clash: Bulldozer Action के दौरान भड़की भीड़, पुलिस पर पथराव से हालात बेकाबू

मुंबई के बांद्रा (Bandra) इलाके में बुलडोजर कार्रवाई के दौरान अचानक हालात बिगड़ गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन गई, जिसके बाद भीड़ के उग्र होने और पुलिस पर पथराव की खबरों ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। क्या हुआ बांद्रा में? सूत्रों के मुताबिक, नगर प्रशासन द्वारा अवैध निर्माण या अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान कुछ स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का विरोध करने लगे। धीरे-धीरे लोगों की भीड़ बढ़ती गई और माहौल गर्म होता चला गया। कैसे बढ़ा तनाव? स्थिति तब और बिगड़ गई जब: कुछ ही समय में पूरा इलाका तनाव के माहौल में बदल गया। पुलिस पर पथराव, हालात हुए बेकाबू स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल मौके पर पहुंचा, लेकिन इसी दौरान कथित तौर पर भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने और स्थिति को काबू में करने के लिए अतिरिक्त बल बुलाया। प्रशासन का पक्ष प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई नियमों के तहत की जा रही थी, जबकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्हें पर्याप्त समय और जानकारी नहीं दी गई। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है ताकि असली वजह सामने आ सके। मौजूदा स्थिति रिपोर्ट्स के अनुसार, फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। लोगों में नाराज़गी और सवाल इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tamil Nadu में 59 साल बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी, विजय कैबिनेट में दो विधायक बने मंत्री

Tamil Nadu में 59 साल बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी, विजय कैबिनेट में दो विधायक बने मंत्री

Tamil Nadu की राजनीति में 59 साल बाद कांग्रेस ने सरकार में वापसी की है। अभिनेता से नेता बने Vijay की सरकार में कांग्रेस के दो विधायकों को मंत्री बनाया गया है। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है। कांग्रेस लंबे समय से तमिलनाडु में सहयोगी दल की भूमिका निभा रही थी, लेकिन अब उसे सीधे सत्ता में भागीदारी मिली है। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। वहीं, राजनीतिक जानकार इसे दक्षिण भारत में कांग्रेस के लिए बड़ी रणनीतिक सफलता मान रहे हैं। विजय की कैबिनेट में शामिल किए गए कांग्रेस विधायकों को अहम विभाग मिलने की चर्चा भी तेज है। माना जा रहा है कि इससे गठबंधन और मजबूत होगा और आने वाले समय में कांग्रेस राज्य की राजनीति में अपनी पकड़ बढ़ाने की कोशिश करेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि तमिलनाडु में कांग्रेस की यह वापसी सिर्फ सत्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पार्टी के लिए दक्षिण भारत में नए सिरे से खुद को मजबूत करने का मौका भी है। फिलहाल, विजय सरकार के गठन और नए मंत्रियों की नियुक्ति को लेकर समर्थकों में खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रुपये को बचाने के लिए RBI का बड़ा एक्शन! आम आदमी पर बढ़ सकता है EMI और लोन का बोझ

रुपये को बचाने के लिए RBI का बड़ा एक्शन! आम आदमी पर बढ़ सकता है EMI और लोन का बोझ

भारतीय रिजर्व बैंक यानी Reserve Bank of India (RBI) इन दिनों रुपये को मजबूत बनाए रखने और बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने के लिए सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि RBI जल्द ही अपने “3 in 1 प्लान” पर काम तेज कर सकता है। इसका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर RBI सख्ती बढ़ाता है तो होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI महंगी हो सकती है। साथ ही बाजार में नकदी कम होने से खर्च और निवेश पर भी असर पड़ सकता है। क्या है RBI का ‘3 in 1’ प्लान? RBI का यह प्लान तीन बड़े कदमों पर आधारित माना जा रहा है— 1. ब्याज दरों में बढ़ोतरी महंगाई को कंट्रोल करने और रुपये को मजबूत रखने के लिए RBI रेपो रेट बढ़ा सकता है। इससे बैंकों के लिए कर्ज महंगा हो जाएगा और वे ग्राहकों से ज्यादा ब्याज वसूल सकते हैं। 2. बाजार से नकदी कम करना RBI सिस्टम से अतिरिक्त पैसा निकालने की कोशिश कर सकता है ताकि रुपये पर दबाव कम हो और महंगाई नियंत्रित रहे। 3. डॉलर की मांग पर नजर रुपये की गिरावट रोकने के लिए RBI विदेशी मुद्रा बाजार में दखल बढ़ा सकता है। इससे डॉलर के मुकाबले रुपये को सहारा मिलेगा। आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा? अगर RBI का यह प्लान लागू होता है तो सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ सकता है। हालांकि, RBI का मानना है कि लंबे समय में ये कदम देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने में मदद करेंगे। क्यों जरूरी हो गया यह कदम? हाल के दिनों में डॉलर के मुकाबले रुपये पर दबाव बढ़ा है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक तनाव का असर भी भारतीय अर्थव्यवस्था पर दिखाई दे रहा है। ऐसे में RBI रुपये को कमजोर होने से बचाने के लिए सख्त फैसले लेने के मूड में नजर आ रहा है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि RBI का यह कदम अल्पकाल में आम लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है, लेकिन इससे देश की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi का Mega Foreign Tour: UAE से Norway तक भारत की नई रणनीति

PM Modi की पांच देशों की विदेश यात्रा अब पूरी हो चुकी है, लेकिन इस दौरे की चर्चा अभी भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जारी है। United Arab Emirates, Netherlands, Sweden, Norway और Italy की इस यात्रा ने साफ कर दिया कि भारत अब केवल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था का मजबूत केंद्र बनता जा रहा है। इस पूरे दौरे में कहीं निवेश की बात हुई, कहीं रक्षा साझेदारी मजबूत हुई, तो कहीं ग्रीन एनर्जी और नई टेक्नोलॉजी पर बड़ा फोकस देखने को मिला। खास बात यह रही कि हर देश में भारत को एक भरोसेमंद और तेजी से उभरती ताकत के रूप में देखा गया। UAE में निवेश और व्यापार को मिली नई रफ्तार यात्रा की शुरुआत UAE से हुई, जहां पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक और रक्षा सहयोग को लेकर कई अहम चर्चाएं हुईं। भारत और UAE ने व्यापारिक संबंधों को और मजबूत बनाने तथा निवेश प्रक्रियाओं को आसान करने पर जोर दिया। PM मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और UAE की दोस्ती केवल कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों के दिलों से जुड़ा रिश्ता बन चुका है। Netherlands के साथ टेक्नोलॉजी और Water Management पर फोकस Netherlands दौरे के दौरान सेमीकंडक्टर, कृषि तकनीक और जल प्रबंधन जैसे विषय प्रमुख रहे। नीदरलैंड लंबे समय से आधुनिक जल प्रबंधन तकनीकों के लिए जाना जाता है और भारत इस अनुभव का फायदा अपने शहरी और कृषि विकास में लेना चाहता है। दोनों देशों ने क्लीन एनर्जी और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। Sweden और Norway के साथ Green Energy Partnership मजबूत Sweden और Norway में प्रधानमंत्री मोदी ने ग्रीन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर अहम बातचीत की। नॉर्डिक देशों ने भारत के साथ क्लीन एनर्जी और डिजिटल इनोवेशन सेक्टर में दीर्घकालिक साझेदारी बढ़ाने में रुचि दिखाई। इन बैठकों में स्टार्टअप, AI टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को लेकर भी सकारात्मक चर्चा हुई, जिसे भविष्य के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। Italy में Defence और AI सेक्टर पर बड़ा जोर यात्रा के अंतिम चरण में पीएम मोदी Italy पहुंचे, जहां रक्षा सहयोग, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे मुद्दों पर विस्तृत बातचीत हुई। भारत और इटली ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा को लेकर साझा दृष्टिकोण दोहराया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात यूरोप में भारत की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करेगी। दुनिया को मिला भारत का बड़ा संदेश पीएम मोदी की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब दुनिया आर्थिक अस्थिरता, ऊर्जा संकट और भू-राजनीतिक तनावों का सामना कर रही है। ऐसे माहौल में भारत ने इस दौरे के जरिए साफ संकेत दिया है कि वह वैश्विक मंच पर निर्णायक भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस दौरे ने यह भी दिखाया कि भारत अब केवल कूटनीतिक संबंध नहीं बना रहा, बल्कि टेक्नोलॉजी, निवेश, रक्षा और ग्रीन एनर्जी जैसे भविष्य के क्षेत्रों में भी मजबूत साझेदारी तैयार कर रहा है। यही वजह है कि पीएम मोदी की इस विदेश यात्रा को भारत की बदलती वैश्विक ताकत का बड़ा प्रतीक माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vande Mataram

बंगाल में बदला सियासी माहौल: मदरसों में Vande Mataram, गोहत्या पर बैन और CAA की तैयारी तेज

West Bengal की नई सरकार ने सत्ता संभालते ही कई बड़े फैसलों से राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। सिर्फ 12 दिनों के भीतर सरकार ने ऐसे निर्णय लिए हैं, जिनका असर शिक्षा, सीमा सुरक्षा, धार्मिक मामलों और राज्य की राजनीति पर साफ दिखाई दे रहा है। सबसे ज्यादा चर्चा मदरसों में ‘Vande Mataram’ अनिवार्य करने, गोहत्या पर बैन लगाने, CAA लागू करने की तैयारी और भारत-बांग्लादेश सीमा पर BSF फेंसिंग तेज करने के फैसलों को लेकर हो रही है। सरकार इन कदमों को “राष्ट्रहित और सुरक्षा” से जोड़ रही है, जबकि विपक्ष इसे चुनावी रणनीति बता रहा है। Madrasas में Vande Mataram हुआ अनिवार्य राज्य सरकार ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि सभी सरकारी और सहायता प्राप्त मदरसों में अब प्रार्थना के दौरान ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य होगा। शिक्षा विभाग का कहना है कि इसका उद्देश्य छात्रों में राष्ट्रभक्ति और संविधान के प्रति सम्मान की भावना बढ़ाना है। हालांकि इस फैसले के बाद राज्य में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कुछ संगठनों ने इसे देशहित का फैसला बताया, जबकि कई मुस्लिम संगठनों और विपक्षी दलों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। Cow Slaughter Ban पर सरकार सख्त सरकार ने राज्य में गोहत्या और अवैध पशु तस्करी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीमावर्ती जिलों में पुलिस और प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि इससे सीमा पार होने वाली अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी। वहीं विपक्ष का आरोप है कि सरकार धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक रंग दे रही है। CAA लागू करने की तैयारी तेज नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA को लेकर भी सरकार ने बड़ा संकेत दिया है। अधिकारियों को केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक जरूरी तैयारियां शुरू करने को कहा गया है। बंगाल पहले भी CAA और NRC को लेकर बड़े प्रदर्शनों का केंद्र रह चुका है। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा फिर से सियासी तापमान बढ़ा सकता है। BSF Fencing और Border Security पर फोकस भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने के लिए BSF फेंसिंग का काम तेज करने का फैसला लिया गया है। सरकार ने सीमावर्ती इलाकों में जमीन अधिग्रहण और सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इससे घुसपैठ, तस्करी और सीमा पार अपराधों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। 12 दिन में सरकार के 12 बड़े फैसले नई सरकार बनने के बाद अब तक जिन फैसलों ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं, उनमें शामिल हैं: विपक्ष ने उठाए सवाल विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार बेरोजगारी, महंगाई और विकास जैसे मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। विपक्ष का आरोप है कि इतने बड़े फैसले जल्दबाजी में लिए जा रहे हैं, जिससे सामाजिक तनाव बढ़ सकता है। हालांकि सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सभी फैसले कानून और संविधान के दायरे में रहकर लिए जा रहे हैं और इनका मकसद राज्य में बेहतर प्रशासन और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। बंगाल की राजनीति में बढ़ सकती है हलचल राजनीतिक जानकारों का मानना है कि CAA, मदरसा नीति और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दे आने वाले महीनों में बंगाल की राजनीति का केंद्र बन सकते हैं। इन फैसलों का असर सिर्फ राज्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी इसकी गूंज सुनाई दे सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Cockroach Janta Party

CJI बयान के विरोध से शुरू हुई Cockroach Janta Party, सोशल मीडिया पर बना नया Trend

देश में इन दिनों सोशल मीडिया पर एक नया नाम तेजी से चर्चा में है — ‘Cockroach Janta Party’। CJI (Chief Justice of India) के बयान को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद बना यह इंस्टाग्राम पेज महज 6 दिनों में 1.16 करोड़ फॉलोअर्स तक पहुंच गया। इतनी तेज ग्रोथ ने सोशल मीडिया यूजर्स के साथ-साथ राजनीतिक विश्लेषकों को भी हैरान कर दिया है। दिलचस्प बात यह है कि इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के मामले में यह पेज अब देश की बड़ी राजनीतिक पार्टियों को भी कड़ी टक्कर देता दिखाई दे रहा है। जहां BJP के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 87 लाख फॉलोअर्स हैं, वहीं कांग्रेस के अकाउंट पर लगभग 1.33 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं। ऐसे में ‘Cockroach Janta Party’ का कुछ ही दिनों में करोड़ों यूजर्स तक पहुंचना इंटरनेट पर बड़ा चर्चा का विषय बन गया है। कैसे शुरू हुआ पूरा मामला? सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट्स के मुताबिक, CJI के एक बयान के विरोध में कई मीम्स और व्यंग्यात्मक वीडियो शेयर किए जाने लगे। इसी दौरान ‘Cockroach Janta Party’ नाम से एक इंस्टाग्राम पेज सामने आया, जिसने खुद को आम जनता की “डिजिटल आवाज” बताकर कंटेंट डालना शुरू किया। शुरुआत में इसे सिर्फ एक मीम पेज माना गया, लेकिन धीरे-धीरे इसके वीडियो और पोस्ट्स तेजी से वायरल होने लगे। खासकर युवा वर्ग के बीच इसकी लोकप्रियता अचानक बढ़ गई। पेज पर राजनीतिक मुद्दों, सिस्टम और ट्रेंडिंग खबरों को लेकर व्यंग्यात्मक अंदाज में कंटेंट पोस्ट किया जा रहा है, जिसे लोग जमकर शेयर कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर बदल रही राजनीति की तस्वीर डिजिटल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अब राजनीति सिर्फ रैलियों और टीवी डिबेट तक सीमित नहीं रही। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मीम कल्चर और वायरल कंटेंट भी लोगों की राय बनाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। ‘Cockroach Janta Party’ की तेजी से बढ़ती फॉलोइंग इस बात का उदाहरण मानी जा रही है कि आज के दौर में इंटरनेट पर वायरल होना किसी भी संगठन या कैंपेन को अचानक चर्चा के केंद्र में ला सकता है। BJP और कांग्रेस के बीच नई डिजिटल एंट्री इन आंकड़ों के बाद सोशल media पर लोग इसे “नई डिजिटल राजनीति” का नाम दे रहे हैं। हालांकि, कई यूजर्स इसे सिर्फ मनोरंजन और ट्रोल कल्चर का हिस्सा भी मान रहे हैं। युवाओं के बीच क्यों हो रही है इतनी चर्चा? इस पेज की लोकप्रियता के पीछे सबसे बड़ी वजह इसका रिलेटेबल और व्यंग्यात्मक कंटेंट माना जा रहा है। छोटे वीडियो, मीम्स और ट्रेंडिंग मुद्दों पर त्वरित प्रतिक्रिया देने की वजह से यह तेजी से वायरल हुआ। सोशल मीडिया पर बढ़ती यह लोकप्रियता दिखाती है कि आज की युवा पीढ़ी राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए नए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

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