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Bengal Polls मुर्शिदाबाद में बम हमला, Malda में मशीन खराब; डर के बीच वोटिंग

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण की वोटिंग से पहले ही मुर्शिदाबाद और मालदा से आई खबरों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जहां एक ओर मुर्शिदाबाद में देसी बम से हमला हुआ, वहीं मालदा के कई बूथों पर EVM मशीनों में गड़बड़ी ने वोटिंग प्रक्रिया को प्रभावित किया। चुनाव से पहले ऐसी घटनाएं आम लोगों के मन में डर और सवाल दोनों पैदा करती हैं। मुर्शिदाबाद में बम हमला, दहशत का माहौल मुर्शिदाबाद के नौदा इलाके में सुबह-सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब अचानक देसी बम से हमला हुआ। इस घटना में कई लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाके की आवाज से पूरा इलाका दहल गया और लोग घरों से बाहर निकलने से भी डरने लगे। चुनाव के दिन से पहले इस तरह की हिंसा ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। Humayun Kabir के पहुंचते ही बढ़ा विवाद घटना की जानकारी मिलते ही Humayun Kabir मौके पर पहुंचे। लेकिन उनके पहुंचते ही स्थिति और बिगड़ गई। TMC कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों के बीच तीखी बहस और झड़प देखने को मिली। पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा। पहले से चल रहा राजनीतिक तनाव इस घटना के बाद और गहरा गया। Malda में EVM खराब, वोटरों को करना पड़ा इंतजार इधर मालदा जिले के कई मतदान केंद्रों पर EVM मशीनों के खराब होने की खबर सामने आई। कुछ जगहों पर मशीनें काम नहीं कर रही थीं, जिससे वोटिंग में देरी हुई। कई वोटरों को लंबी कतार में खड़े रहना पड़ा। हालांकि बाद में तकनीकी टीमों ने पहुंचकर मशीनों को ठीक किया, लेकिन शुरुआत में काफी परेशानी हुई। वोटिंग के बीच बना रहा दबाव सुबह से ही मतदान शुरू हो गया था, लेकिन कई जगहों पर तनाव साफ नजर आया। सुरक्षा बल तैनात रहे, फिर भी छिटपुट झड़पों और डर के माहौल ने लोगों के अनुभव को प्रभावित किया। प्रशासन अलर्ट मोड पर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां तैनात की गई हैं। चुनाव आयोग ने भी साफ किया है कि हिंसा पर सख्त कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ी तो कड़े कदम उठाए जाएंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lenskart

Lenskart Controversy 4 राज्यों में बवाल, Tilak-Kalawa को लेकर बढ़ा विवाद

आईवियर कंपनी Lenskart को लेकर “तिलक और कलावा” विवाद अब कई राज्यों में फैल चुका है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से शुरू हुआ यह मामला महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ तक पहुंच गया, जहां अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन देखने को मिले। क्या है पूरा मामला? रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ जगहों पर आरोप लगे कि Lenskart के स्टोर्स में कर्मचारियों को तिलक लगाने या कलावा पहनने से रोका गया। इस बात के सामने आते ही कई संगठनों और स्थानीय लोगों ने विरोध जताना शुरू कर दिया। स्टोर्स पर पहुंचे प्रदर्शनकारी विरोध के दौरान प्रदर्शनकारी सीधे कंपनी के स्टोर्स तक पहुंचे। वहां उन्होंने कर्मचारियों को तिलक लगाया और कलावा पहनाया। कई जगहों पर नारेबाजी भी हुई, हालांकि प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखा। कई राज्यों में बढ़ा असर यह विवाद तेजी से फैलते हुए मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा ट्रेंड कर रहा है और लोग अलग-अलग पक्षों में अपनी राय रख रहे हैं। धीरेंद्र शास्त्री का बयान बागेश्वर धाम के प्रमुख Dhirendra Krishna Shastri ने इस विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर भारतीय परंपराओं का सम्मान नहीं किया जा सकता, तो कंपनी के मालिक “लाहौर में जाकर कंपनी खोल लें।” उनके इस बयान के बाद मामला और ज्यादा गरमा गया है। कंपनी की प्रतिक्रिया का इंतजार फिलहाल Lenskart की ओर से इस विवाद पर कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में कंपनी की पॉलिसी और इस मामले की सच्चाई को लेकर सवाल बने हुए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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KGMU में फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, हिंदू लड़कियों को धर्मांतरण के लिए बना रहा था निशाना

KGMU में फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार, हिंदू लड़कियों को धर्मांतरण के लिए बना रहा था निशाना

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के मशहूर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में एक फर्जी डॉक्टर को पकड़ा गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी खुद को डॉक्टर बताकर अस्पताल में लोगों से मिलता था और इलाज के नाम पर भरोसा जीतता था। लेकिन जांच में सामने आया कि उसके पास कोई वैध मेडिकल डिग्री नहीं थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी खासतौर पर हिंदू लड़कियों को अपने निशाने पर लेता था। वह पहले दोस्ती करता, फिर धीरे-धीरे उन्हें अपने प्रभाव में लेने की कोशिश करता था। इसके बाद धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने की बात भी सामने आई है। अस्पताल प्रशासन को आरोपी की गतिविधियों पर शक हुआ। इसके बाद जांच की गई तो उसकी सच्चाई सामने आ गई। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि वह कब से इस तरह लोगों को गुमराह कर रहा था और उसके साथ कोई और लोग भी जुड़े हैं या नहीं।? ऐसे मामलों में सावधानी बेहद जरूरी है। किसी भी डॉक्टर से इलाज कराने से पहले उसकी पहचान और डिग्री जरूर जांच लें, ताकि इस तरह के धोखे से बचा जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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China

अमेरिका नहीं China बना India से बड़ा खरीदार – Plan-B का बड़ा कमाल

वैश्विक व्यापार की तस्वीर तेजी से बदल रही है और इसका सीधा फायदा अब भारत को मिल रहा है। जहां पहले उम्मीद थी कि अमेरिका भारत से इस खास प्रोडक्ट का सबसे बड़ा खरीदार बनेगा, वहीं अब चीन (China) ने बाजी मार ली है। China ने भारत से इस प्रोडक्ट की बड़ी मात्रा में खरीद शुरू कर दी है, जिससे एक्सपोर्ट सेक्टर में नई जान आ गई है। सरकार की “Plan-B” रणनीति को इस पूरे बदलाव का अहम कारण माना जा रहा है। क्या है पूरा बदलाव? कुछ समय पहले तक भारत के एक्सपोर्ट में अमेरिका और कुछ यूरोपीय देश ही मुख्य खरीदार थे। लेकिन अब स्थिति बदल रही है। भारत ने अपनी व्यापार नीति को डायवर्सिफाई करते हुए नए बाजारों की ओर कदम बढ़ाया है। इसी बदलाव के तहत चीन के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत हुए हैं और अब वह भारत से बड़े पैमाने पर आयात कर रहा है। चीन की बढ़ती डिमांड क्यों अहम है? चीन जैसे बड़े बाजार का भारत से जुड़ना सिर्फ एक सामान्य व्यापारिक लेन-देन नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा आर्थिक संकेत है। इससे भारतीय कंपनियों को नए अवसर मिल रहे हैं और एक्सपोर्ट ग्रोथ में तेजी आई है। Government Plan-B कैसे बना गेमचेंजर? भारत सरकार की Plan-B रणनीति का मुख्य उद्देश्य था: इस रणनीति के चलते भारत ने चीन जैसे बड़े बाजारों में अपनी पकड़ बनानी शुरू की है। भारत को क्या फायदा हो रहा है? इस पूरे बदलाव का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है: आगे की तस्वीर कैसी हो सकती है? विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो भारत आने वाले समय में ग्लोबल सप्लाई चेन का एक बड़ा हिस्सा बन सकता है। चीन जैसे देशों से बढ़ता व्यापार भारत के लिए लंबे समय में बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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खड़गे

Political Row खड़गे बोले “मोदी आतंकवादी”, फिर कहा- गलत समझा गया बयान

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान ने देश की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए “आतंकवादी” शब्द का इस्तेमाल किया, जिसके बाद राजनीतिक माहौल तेजी से गरमा गया और सत्ता पक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद खड़गे ने खुद सामने आकर सफाई दी और कहा कि उनका ऐसा कोई मतलब नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है और शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया। खड़गे के मुताबिक, उनका इशारा किसी व्यक्ति को “आतंकवादी” कहने का नहीं था, बल्कि सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर विपक्षी दलों और आम लोगों को डराने-धमकाने की राजनीति करने के आरोपों की ओर था। उन्होंने कहा कि उनकी बात को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, जिससे गलतफहमी फैल गई। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और खड़गे पर हमला बोलते हुए इसे आपत्तिजनक बयान बताया है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि विपक्षी नेताओं के बयानों को अक्सर संदर्भ से हटाकर पेश किया जाता है। पूरा मामला अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है, जहां दोनों दल अपने-अपने पक्ष में तर्क दे रहे हैं और बयान को लेकर सियासी टकराव जारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sabarimala

Sabarimala Case “मूर्ति छूना ईश्वर का अपमान कैसे?” सुप्रीम कोर्ट में नई बहस

सुप्रीम कोर्ट में सबरीमाला (Sabarimala) मंदिर से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान एक बार फिर आस्था, परंपरा और कानून के बीच संतुलन को लेकर गहन बहस देखने को मिली। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सवाल उठाया कि आखिर “मूर्ति को छूना ईश्वर का अपमान कैसे माना जा सकता है?” इस टिप्पणी ने पूरे मामले को फिर से चर्चा में ला दिया है। क्या है पूरा Sabarimala Temple Case? Sabarimala मंदिर के नियमों को लेकर यह विवाद वर्षों से चला आ रहा है। परंपरा के अनुसार, 10 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर रोक रही है। इस नियम को लेकर पहले भी देशभर में विरोध प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई हो चुकी है। अब एक बार फिर यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, जहां अदालत धार्मिक परंपराओं और संवैधानिक अधिकारों के बीच संतुलन तलाश रही है। “भगवान अयप्पा ब्रह्मचारी” – मंदिर पक्ष की दलील सुनवाई के दौरान सबरीमाला मंदिर पक्ष के वकील ने अदालत में दलील दी कि भगवान अयप्पा को ब्रह्मचारी स्वरूप में पूजा जाता है। इसलिए उनकी पूजा पद्धति में विशेष नियम और शुद्धता का पालन किया जाता है। वकील ने कहा कि यह परंपरा कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि सदियों से चली आ रही आस्था और धार्मिक विश्वास का हिस्सा है, जिसे उसी संदर्भ में समझा जाना चाहिए। कोर्ट का सवाल और बड़ी बहस सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह महत्वपूर्ण सवाल उठाया कि यदि मूर्ति को छूना ईश्वर का अपमान नहीं माना जा सकता, तो फिर पूजा की परंपराओं में ऐसे नियम क्यों बनाए गए हैं? यह टिप्पणी मामले को केवल धार्मिक नहीं, बल्कि संवैधानिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण बना देती है। आस्था बनाम अधिकार – फिर सामने पुरानी बहस यह मामला एक बार फिर उसी पुराने सवाल को सामने लाता है जहां एक तरफ धार्मिक परंपराएं और आस्था है, तो दूसरी तरफ समानता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार। समाज के अलग-अलग वर्ग इस मुद्दे को अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं, जिससे यह मामला और भी संवेदनशील बन जाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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केजरीवाल

Breaking न्यायपालिका बनाम राजनीति? केजरीवाल की याचिका खारिज, हाईकोर्ट का सख्त संदेश

दिल्ली के बहुचर्चित शराब नीति (Excise Policy) मामले में केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को बड़ा झटका लगा है। Delhi High Court ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने जस्टिस Swarana Kanta Sharma को मामले की सुनवाई से अलग (recuse) करने की मांग की थी। अदालत ने अपने फैसले में बेहद कड़े शब्दों में कहा कि—“कोई भी पक्ष, खासकर एक राजनेता, यह तय नहीं कर सकता कि कौन सा जज निष्पक्ष है और कौन नहीं।” पूरा मामला क्या है? यह विवाद दिल्ली की 2021-22 की नई शराब नीति से जुड़ा है, जिसे लागू करने के बाद भारी राजनीतिक और कानूनी विवाद खड़ा हुआ। इसी दौरान केजरीवाल की ओर से जज पर सवाल उठाते हुए उन्हें केस से हटाने की मांग की गई। केजरीवाल के 3 बड़े आरोप याचिका में केजरीवाल की तरफ से जस्टिस शर्मा पर कई गंभीर आरोप लगाए गए— 1. Conflict of Interest का आरोप कहा गया कि जज के परिवार के कुछ सदस्यों का संबंध सरकारी संस्थानों से है, जिससे निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। 2. एकतरफा सुनवाई का आरोप केजरीवाल ने दावा किया कि अदालत की कार्यवाही में उनकी दलीलों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा। 3. पूर्वाग्रह (Bias) का आरोप यह भी कहा गया कि कोर्ट का रुख पहले से ही उनके खिलाफ दिखाई दे रहा है, जिससे निष्पक्ष ट्रायल पर सवाल उठता है। हाईकोर्ट का सख्त और स्पष्ट जवाब जस्टिस स्वरणा कांता शर्मा ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए विस्तृत आदेश में कहा— अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिका में लगाए गए आरोप ठोस सबूतों पर आधारित नहीं थे, बल्कि “अनुमानों और आशंकाओं” पर आधारित थे। राजनीतिक प्रतिक्रिया: बयानबाजी तेज इस फैसले के बाद सियासत भी गरमा गई— इस पूरे घटनाक्रम ने एक नई बहस छेड़ दी है— क्या नेता जज की निष्पक्षता पर सवाल उठा सकते हैं? या यह न्यायपालिका की गरिमा को चुनौती है? कानूनी नजरिए से क्यों अहम है ये फैसला? यह फैसला सिर्फ एक केस तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए एक बड़ा नज़ीर (precedent) बन सकता है— बड़ी बात (Big Takeaway) दिल्ली हाईकोर्ट का यह फैसला एक मजबूत संदेश देता है— न्यायपालिका किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव के आगे नहीं झुकेगीसिर्फ आरोप लगाकर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित नहीं किया जा सकता यह मामला अब सिर्फ एक कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि“न्यायपालिका vs राजनीति” की बड़ी बहस बन चुका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kedarnath

Kedarnath Yatra कपाट खुलते ही आस्था का सैलाब, प्रशासन ने जारी किए नए नियम

चारधाम यात्रा का सबसे पवित्र और भावनात्मक पड़ाव माने जाने वाले Kedarnath Dham के कपाट कल श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। लंबे इंतजार के बाद बाबा केदार के दर्शन का समय करीब आ गया है और देशभर से भक्त भारी उत्साह के साथ उत्तराखंड की ओर रवाना हो रहे हैं। पहाड़ों में ठंडी हवाओं के बीच गूंजते “जय बाबा केदार” के जयकारों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोगों की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। मंदिर में सख्त नियम: मोबाइल ले जाना पूरी तरह मना इस बार सबसे बड़ा बदलाव मंदिर परिसर में मोबाइल फोन पर पूरी तरह प्रतिबंध है। श्रद्धालुओं को गेट पर ही मोबाइल जमा करना होगा और उसके बाद ही प्रवेश मिलेगा। प्रशासन का कहना है कि यह कदम इसलिए लिया गया है ताकि: श्रद्धालुओं की भावनाएं और तैयारियां केदारनाथ यात्रा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का गहरा अनुभव है। कई श्रद्धालु सालभर इस पल का इंतजार करते हैं। कुछ भक्तों के चेहरे पर खुशी है तो कुछ में बाबा के दर्शन की भावुकता साफ झलक रही है। परिवारों के साथ पहुंचे श्रद्धालु कठिन रास्तों और मौसम की परवाह किए बिना बस एक ही भावना लेकर आगे बढ़ रहे हैं—“बाबा केदार के दर्शन”। प्रशासन की अपील और सुरक्षा इंतजाम प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और मौसम को ध्यान में रखते हुए यात्रा करें। सुरक्षा के लिए पुलिस और राहत दलों को तैनात किया गया है। साथ ही यात्रियों को सलाह दी गई है: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भोपाल

Weather Update भोपाल में नहीं मिल रही रात में राहत, कई राज्यों में असर

देश में गर्मी ने इस बार सामान्य सीमाओं को पीछे छोड़ दिया है। हालात ऐसे बन रहे हैं कि दिन ही नहीं, रातें भी तपने लगी हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मौसम विभाग ने रात में भी लू (Night Heatwave) चलने की चेतावनी दी है। इसका सीधा मतलब है कि लोगों को अब रात में भी राहत नहीं मिलने वाली। भोपाल: रात में भी नहीं मिल रही राहत आमतौर पर सूरज ढलने के बाद तापमान में गिरावट आती है, लेकिन इस बार स्थिति अलग है। भोपाल में रात का तापमान भी सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। गर्म हवाएं लगातार चल रही हैं, जिससे घरों के अंदर भी उमस और बेचैनी महसूस हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी स्थिति में शरीर को आराम नहीं मिल पाता, जिससे थकान, सिरदर्द और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। प्रयागराज: 44°C के पार पहुंचा तापमान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गर्मी अपने चरम पर है। यहां पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा दिखाई दे रहा है और लोग जरूरी काम के बिना घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं। Maharashtra–Chhattisgarh: पुलिसकर्मियों को राहत भीषण गर्मी का असर सिर्फ आम लोगों पर ही नहीं, ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों पर भी पड़ रहा है। इसे देखते हुए महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में पुलिसकर्मियों के ड्यूटी टाइम में बदलाव किया गया है। अब उन्हें सुबह और शाम के अपेक्षाकृत ठंडे समय में तैनात किया जा रहा है, ताकि लू के खतरे को कम किया जा सके। क्यों खतरनाक हो रही है यह Heatwave? मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार तापमान सामान्य से 4-6 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। तेज धूप, गर्म हवाएं और नमी की कमी मिलकर स्थिति को और गंभीर बना रही हैं। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और बाहर काम करने वाले लोग ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। बचाव ही सबसे बड़ा उपाय हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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