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Kerala

Kerala Politics Update: सत्ता बदलते ही क्यों रद्द हो रही है SilverLine Rail Project?

Kerala में हाल ही में हुए राजनीतिक बदलाव के बाद नई सरकार ने एक बड़ा और चर्चित कदम उठाया है। राज्य की बहुचर्चित SilverLine High-Speed Rail Project (K-Rail) को अब रद्द करने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने कैबिनेट बैठक के बाद इस फैसले की जानकारी दी। यह फैसला राज्य की विकास योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर नीति पर बड़ा असर डाल सकता है। क्या थी SilverLine High-Speed Rail Project? सिल्वरलाइन परियोजना केरल सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना थी, जिसका उद्देश्य राज्य में तेज़ गति की रेल सेवा शुरू करना था। यह प्रोजेक्ट यात्रा समय कम करने और आधुनिक परिवहन सुविधा देने के लिए तैयार किया गया था। हालांकि शुरुआत से ही यह योजना विवादों में रही। नई सरकार का बड़ा फैसला क्या है? सत्ता बदलते ही नई सरकार ने इस प्रोजेक्ट को आगे न बढ़ाने का संकेत दिया है। सरकार के अनुसार: क्यों हुआ यह बड़ा फैसला? इस परियोजना को लेकर लंबे समय से विरोध और सवाल उठते रहे हैं: इन कारणों ने इस योजना को लगातार विवादों में बनाए रखा। Kerala Politics Impact: राजनीतिक बदलाव का असर यह फैसला सिर्फ एक परियोजना का रद्द होना नहीं है, बल्कि केरल की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। नई सरकार पिछली सरकार की प्राथमिकताओं से अलग दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है। अब आगे क्या होगा? सरकार अब उन योजनाओं पर फोकस करने की बात कर रही है जो: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

Rahul Gandhi Viral Statement: देश की राजनीति में नई हलचल

भारतीय राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी ने माहौल गरमा दिया है। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल मचा दी है। क्या कहा राहुल गांधी ने? राहुल गांधी ने एक जनसभा के दौरान दावा करते हुए कहा कि “आने वाले एक महीने के अंदर नरेंद्र मोदी टीवी पर आकर हाथ जोड़ेंगे।” इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। उनके इस कथन को लेकर समर्थकों और विरोधियों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे चुनावी बयानबाज़ी बता रहे हैं, तो कुछ इसे गंभीर राजनीतिक हमला मान रहे हैं। Politics Heat Up: BJP vs Congress टकराव बढ़ा इस बयान के बाद देश की राजनीति में एक बार फिर Narendra Modi और राहुल गांधी के बीच सियासी जुबानी जंग तेज होने की संभावना है। फिलहाल भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर तीखी बयानबाज़ी देखने को मिल सकती है। Ground Reality: बयान या राजनीतिक रणनीति? चुनावी माहौल में ऐसे बयान अक्सर चर्चा का विषय बन जाते हैं और जनता के बीच तेजी से फैलते हैं। सोशल मीडिया पर भी यह बयान वायरल हो चुका है, जहां लोग इसे लेकर अपनी-अपनी राय दे रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi in Italy: Giorgia Meloni को दिया Melody Toffee, Social Media पर छाया Video

इटली दौरे के दौरान भारत के PM Modi और इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni के बीच एक बेहद हल्का-फुल्का और यादगार पल सामने आया, जिसने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियाँ बटोरीं। इस मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने एक अनोखा और देसी अंदाज़ दिखाते हुए मेलोनी को भारत की मशहूर “Melody Toffee” गिफ्ट की। यह छोटा सा गिफ्ट देखते ही दोनों नेताओं के चेहरे पर मुस्कान आ गई और माहौल काफी सहज और दोस्ताना हो गया। “Melody Toffee” वाला खास पल हुआ वायरल इस खास पल का वीडियो खुद इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया। वीडियो सामने आते ही यह तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने इसे खूब पसंद किया। भारत में लोकप्रिय इस टॉफी को देखकर कई लोगों को उसका पुराना विज्ञापन और स्लोगन “Melody itni chocolaty kyun hai?” भी याद आ गया, जिसने इस पल को और भी दिलचस्प बना दिया। सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इस मुलाकात को “simple yet powerful diplomatic moment” बताया। कई लोगों ने कहा कि ऐसे छोटे-छोटे gestures देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाते हैं। कुछ यूजर्स ने पीएम मोदी के इस सहज और भारतीय टच वाले अंदाज़ की तारीफ की, जबकि कई लोगों ने इसे India-Italy संबंधों की बढ़ती नज़दीकियों का प्रतीक माना। India-Italy रिश्तों में नई गर्माहट यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिक बैठक नहीं थी, बल्कि भारत और इटली के बीच मजबूत हो रहे रिश्तों का संकेत भी देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हल्के-फुल्के और दोस्ताना पल अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में सकारात्मक ऊर्जा जोड़ते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मायावती

Opposition Unity पर झटका: Congress की पहल, लेकिन मायावती का साफ इनकार

देश की राजनीति में एक बार फिर विपक्षी एकता को लेकर हलचल तेज हो गई है। जहां एक तरफ Indian National Congress की ओर से बहुजन समाज पार्टी से बातचीत की कोशिश की खबरें सामने आईं, वहीं दूसरी तरफ Bahujan Samaj Party प्रमुख मायावती ने किसी भी तरह की मुलाकात से साफ इनकार कर दिया है। इस घटनाक्रम ने सियासी गलियारों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। कांग्रेस की कोशिश: विपक्ष को एकजुट करने की रणनीति सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस लंबे समय से विपक्षी दलों को एक साथ लाकर एक मजबूत गठबंधन बनाने की कोशिश कर रही है। पार्टी चाहती है कि आने वाले चुनावों में विपक्षी वोटों का बिखराव न हो और एक साझा रणनीति के तहत चुनाव लड़ा जाए। इसी रणनीति के तहत बसपा से संपर्क साधने की कोशिश भी की गई थी, ताकि भविष्य में किसी संभावित सहयोग की जमीन तैयार हो सके। मायावती का साफ रुख: “अभी कोई मुलाकात नहीं” लेकिन बसपा सुप्रीमो मायावती का रुख एक बार फिर साफ और सख्त नजर आया। उन्होंने कांग्रेस से किसी भी तरह की मुलाकात या बातचीत से दूरी बना ली है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मायावती फिलहाल पार्टी संगठन को मजबूत करने और स्वतंत्र राजनीतिक पहचान को बनाए रखने पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। यही वजह है कि वह किसी बड़े गठबंधन की बजाय अपनी रणनीति पर आगे बढ़ना चाहती हैं। सियासी असर: विपक्षी एकता पर सवाल इस इनकार के बाद विपक्षी एकता की कोशिशों पर सवाल उठने लगे हैं। खासकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में, जहां कांग्रेस और बसपा दोनों का अलग-अलग आधार रहा है, वहां यह घटनाक्रम राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि राजनीति के जानकार यह भी मानते हैं कि भारतीय राजनीति में रिश्ते और समीकरण स्थायी नहीं होते। परिस्थितियों के हिसाब से आगे बातचीत या बदलाव की संभावनाएं हमेशा बनी रहती हैं। लोगों की नजर में क्या संदेश गया? आम राजनीतिक माहौल में यह खबर इस बात की ओर इशारा करती है कि विपक्ष अभी भी एक साझा मंच पर पूरी तरह सहमत नहीं है। वहीं जनता के बीच भी यह चर्चा है कि क्या आने वाले समय में बड़े गठबंधन बन पाएंगे या फिर सभी दल अलग-अलग राह पर ही चलेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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‘पूरा Vande Mataram गाना गलत’, CPM नेता के बयान पर सियासी बवाल

‘पूरा Vande Mataram गाना गलत’, CPM नेता के बयान पर सियासी बवाल

देशभर में एक बार फिर ‘Vande Mataram’ को लेकर सियासी विवाद छिड़ गया है। CPM नेता के एक बयान ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। बयान में कहा गया कि “पूरा वंदे मातरम गाना गलत है”, जिसके बाद BJP ने इसे राष्ट्रगान और देशभक्ति का अपमान बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। BJP नेताओं ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि देश की आजादी की लड़ाई की पहचान रहा है। पार्टी का आरोप है कि इस तरह के बयान देश की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले हैं। कई BJP नेताओं ने सोशल मीडिया पर भी CPM पर निशाना साधा और कहा कि देश विरोधी सोच को जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। वहीं CPM की ओर से सफाई देते हुए कहा गया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि उन्होंने किसी की भावनाओं को आहत करने की मंशा से बात नहीं कही थी। इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। कुछ लोग CPM के बयान का विरोध कर रहे हैं, तो कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी माहौल में ऐसे मुद्दे अक्सर राजनीतिक बहस का केंद्र बन जाते हैं। फिलहाल ‘वंदे मातरम’ को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राष्ट्रीय राजनीति में नया मुद्दा बनता दिख रहा है। अधिक खबरों और अपडेट्स के लिए विजिट करें Deshharpal News हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ट्विशा शर्मा

कोर्ट में ट्विशा शर्मा केस की सुनवाई, Postmortem Report पर उठे सवाल

ट्विशा शर्मा केस एक बार फिर चर्चा में है। आज अदालत में इस मामले को लेकर महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है, जिसमें यह तय किया जाएगा कि क्या मृतका का पोस्टमार्टम दोबारा कराया जाएगा या नहीं। इस फैसले पर पूरे मामले की दिशा निर्भर करेगी और जांच को लेकर नया मोड़ आ सकता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर क्यों उठे सवाल? मामले में मृतका के परिजनों ने पहले किए गए पोस्टमार्टम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि रिपोर्ट में कई जरूरी पहलुओं को स्पष्ट नहीं किया गया, जिससे मौत के असली कारणों को लेकर संशय बना हुआ है। परिजनों का आरोप है कि जांच प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता नहीं रखी गई और कुछ अहम बिंदुओं को नजरअंदाज किया गया, जिससे सच्चाई अधूरी रह गई। परिवार की अदालत से क्या मांग? परिजनों ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर साफ तौर पर ये मांगें रखी हैं: परिवार का कहना है कि जब तक पूरी सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक वे किसी नतीजे को स्वीकार नहीं कर सकते। आज की कोर्ट सुनवाई में क्या हो सकता है फैसला? आज की सुनवाई में अदालत यह तय कर सकती है कि: इस सुनवाई के बाद केस की दिशा पूरी तरह बदल सकती है और कई नए पहलुओं पर रोशनी पड़ सकती है। क्यों बना यह केस चर्चा का विषय? यह मामला लगातार लोगों के बीच सुर्खियों में बना हुआ है। सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक लोग इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि अदालत क्या निर्णय देती है। परिजनों की भावनाएं और न्याय की उम्मीद इस केस को और संवेदनशील बना रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Chemists Strike

Chemists Strike देशभर में मेडिकल स्टोर्स बंद, Delhi-NCR और Lucknow में सबसे ज्यादा असर

देशभर में केमिस्ट्स की हड़ताल (Chemists Strike) का असर बुधवार को कई बड़े शहरों में साफ देखने को मिला। दिल्ली, लखनऊ, राजकोट और चंडीगढ़ समेत कई जगह मेडिकल स्टोर्स के बंद रहने से आम लोगों को दवाइयों के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। सुबह से ही कई मरीज और उनके परिजन जरूरी दवाइयों की तलाश में परेशान नजर आए। हालांकि कुछ जगहों पर अस्पतालों और इमरजेंसी सेवाओं को ध्यान में रखते हुए सीमित मेडिकल स्टोर्स खुले रहे, ताकि गंभीर मरीजों को दिक्कत न हो। ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ नाराजगी, क्यों हो रही है हड़ताल? यह हड़ताल ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर की गई। दवा व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन फार्मेसी और क्विक डिलीवरी प्लेटफॉर्म बिना सख्त निगरानी के दवाइयां बेच रहे हैं, जिससे छोटे मेडिकल स्टोर कारोबार पर असर पड़ रहा है। केमिस्ट संगठनों की मुख्य चिंता यह है कि दवाइयां “सामान्य प्रोडक्ट” की तरह बिक रही हैं, जबकि ये सीधे लोगों की सेहत से जुड़ी होती हैं। Delhi NCR में सबसे ज्यादा असर, लोग परेशान दिल्ली-एनसीआर में हड़ताल का असर काफी व्यापक रहा। कई इलाकों में मेडिकल स्टोर्स पूरी तरह बंद रहे। सुबह से ही लोग जरूरी दवाइयों के लिए दुकानें तलाशते रहे, लेकिन कई जगह निराशा हाथ लगी। बुजुर्ग मरीजों और नियमित दवा लेने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। कुछ इलाकों में अस्पतालों के आसपास की दुकानें खुली रहीं, ताकि इमरजेंसी सेवाएं बाधित न हों। Lucknow में दवा खरीदने को लेकर लोगों की मुश्किलें लखनऊ में भी हड़ताल का असर साफ दिखा। शहर के प्रमुख बाजारों और मेडिकल हब में कई दुकानें बंद रहीं। मरीज सुबह से दवा लेने पहुंचे लेकिन उन्हें बंद शटर देखकर वापस लौटना पड़ा। कुछ मेडिकल स्टोर्स ने मानवता के आधार पर सीमित दवाइयां उपलब्ध कराईं, लेकिन सामान्य खरीदारी लगभग प्रभावित रही। Rajkot में जोरदार विरोध, Online Pharmacy पर सवाल गुजरात के राजकोट में दवा व्यापारियों ने ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि भारी डिस्काउंट और आसान डिलीवरी मॉडल से पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स का कारोबार प्रभावित हो रहा है। साथ ही यह भी चिंता जताई गई कि बिना पर्ची के दवाइयों की उपलब्धता स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकती है। Chandigarh और Punjab में आंशिक असर चंडीगढ़ और पंजाब के कई हिस्सों में मेडिकल स्टोर्स बंद रहे, लेकिन जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं पर असर नहीं पड़ा। PGI और GMCH-32 जैसे बड़े अस्पतालों के आसपास दवा व्यवस्था चालू रही। प्रशासन ने लोगों से अपील की कि घबराने की जरूरत नहीं है, दवाइयों की सप्लाई सामान्य रखी गई है। कई राज्यों में मिला-जुला असर, कुछ संगठनों ने बनाई दूरी दिलचस्प बात यह रही कि कुछ राज्यों में केमिस्ट संगठनों ने हड़ताल से दूरी बना ली। ऐसे में वहां आंशिक असर ही देखने को मिला। कई जगह बातचीत की संभावना भी जताई जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में इस विवाद का हल निकल सकता है। क्या है आगे की उम्मीद? दवा व्यापारियों और सरकार के बीच ऑनलाइन फार्मेसी को लेकर बातचीत जारी है। आने वाले समय में इस पर नए नियम या गाइडलाइन आने की संभावना है। केमिस्ट संगठनों की मांग है कि दवाइयों की बिक्री पर सख्त नियंत्रण हो और बिना पर्ची दवा बेचने पर रोक लगे, ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बांदा

Weather Update: बांदा बना देश का सबसे गर्म शहर, Delhi-MP समेत कई राज्यों में Heatwave

देश इस समय भीषण गर्मी और हीटवेव की मार झेल रहा है। उत्तर प्रदेश का बांदा लगातार तीसरे दिन देश का सबसे गर्म शहर बना हुआ है। यहां तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिसने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा समेत 6 राज्यों के 22 शहरों में तापमान 45°C के पार पहुंच चुका है। तेज धूप, गर्म हवाएं और उमस भरी रातों ने आम लोगों की जिंदगी पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। दोपहर के समय सड़कें खाली नजर आ रही हैं और कई शहरों में बिजली की मांग बढ़ने से कटौती की समस्या भी सामने आने लगी है। Banda बना देश का सबसे Hot City उत्तर प्रदेश का बांदा इस समय देशभर में सबसे ज्यादा चर्चा में है। लगातार तीसरे दिन यहां तापमान 48.2°C दर्ज किया गया। सुबह से ही तेज धूप और लू के थपेड़ों ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोपहर के वक्त हालात ऐसे हो जाते हैं कि कुछ मिनट बाहर खड़े रहना भी मुश्किल हो रहा है। गर्म हवाओं के कारण बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम हो गई है। Delhi में Season की सबसे ज्यादा गर्मी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सफदरजंग में तापमान 45.1°C रिकॉर्ड किया गया, जबकि दिल्ली रिज इलाके में पारा 46.5°C तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने राजधानी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म बनी हुई हैं, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पा रही। एसी और कूलर की बढ़ती डिमांड के कारण बिजली खपत में भी तेजी देखी जा रही है। MP, Rajasthan और Maharashtra में Heatwave का असर मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के कई शहर भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ और श्रीगंगानगर में तापमान 46°C के आसपास पहुंच गया। वहीं मध्य प्रदेश के ग्वालियर, नौगांव और भोपाल में तेज गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में अमरावती, अकोला, नागपुर और वर्धा जैसे शहरों में तापमान 45°C से ज्यादा रिकॉर्ड किया गया। पंजाब के फरीदकोट में भी पारा 47.3°C तक पहुंच गया। Health Department ने जारी की चेतावनी लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और कमजोरी के मामलों में तेजी आ सकती है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचने, ज्यादा पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखने को कहा गया है। अगले कुछ दिन नहीं मिलेगी राहत IMD के अनुसार उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक हीटवेव जारी रह सकती है। फिलहाल बारिश की संभावना कम दिखाई दे रही है, इसलिए तापमान में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मई के आखिरी सप्ताह तक गर्मी का असर इसी तरह बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Meloni

Italy में PM Modi का खास अंदाज, Meloni संग मुलाकात और Colosseum Visit की तस्वीरें वायरल

प्रधानमंत्री Narendra Modi अपने पांच देशों के विदेश दौरे के आखिरी चरण में इटली पहुंचे, जहां उनका स्वागत बेहद खास अंदाज में किया गया। इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने रोम में पीएम मोदी का स्वागत करते हुए कहा, “Welcome to Rome, My Friend।” यह पल कैमरों में कैद हुआ और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। Meloni और Modi की मुलाकात बनी चर्चा का विषय रोम पहुंचने के बाद दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के साथ काफी समय बिताया। पीएम मोदी और मेलोनी ने साथ में डिनर किया और दुनिया की मशहूर ऐतिहासिक धरोहर Colosseum का भ्रमण भी किया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच दोस्ताना माहौल साफ नजर आया। तस्वीरों में दोनों नेताओं की शानदार बॉन्डिंग लोगों को काफी पसंद आ रही है। व्यापार, रक्षा और टेक्नोलॉजी पर हुई अहम चर्चा सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात में भारत और इटली के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने व्यापार, रक्षा, टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। भारत और इटली लगातार अपने रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और यह बैठक उसी कड़ी का अहम हिस्सा मानी जा रही है। यूरोप के साथ रिश्ते मजबूत करने पर भारत का फोकस पीएम मोदी का यह दौरा इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि हाल के समय में भारत ने यूरोपीय देशों के साथ अपने रिश्तों को नई मजबूती दी है। नॉर्वे दौरे के बाद इटली पहुंचकर पीएम मोदी ने यह साफ संकेत दिया कि भारत वैश्विक स्तर पर अपने कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। भारतीय समुदाय ने किया जोरदार स्वागत रोम में भारतीय समुदाय के लोगों ने भी पीएम मोदी का जोरदार स्वागत किया। बड़ी संख्या में मौजूद भारतीयों ने ‘मोदी-मोदी’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। पीएम मोदी ने भी लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और उनसे मुलाकात की। भारत-इटली संबंधों को मिल सकती है नई दिशा भारत और इटली के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में लगातार सुधार देखने को मिला है। रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और तकनीक जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की साझेदारी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में पीएम मोदी और मेलोनी की यह मुलाकात आने वाले समय में दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Oman

India-Oman Trade Deal: भारतीय कारोबारियों के लिए खुलेंगे नए मौके, 99% सामान Duty Free

India और Oman के बीच होने जा रहा Free Trade Agreement (FTA) अब अंतिम दौर की बातचीत में पहुंच चुका है। इस डील को भारत के लिए बड़ा आर्थिक और रणनीतिक कदम माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, समझौते के लागू होने के बाद भारत से ओमान भेजे जाने वाले करीब 99% सामानों पर इंपोर्ट ड्यूटी खत्म हो सकती है। यानी भारतीय उत्पादों को Zero Tariff का सीधा फायदा मिलेगा। सरकार और व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत के एक्सपोर्ट सेक्टर को नई रफ्तार दे सकता है। खासतौर पर ऐसे समय में, जब भारत दुनिया के बड़े बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। भारतीय कारोबारियों के लिए खुलेंगे नए मौके FTA लागू होने के बाद भारत के टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो पार्ट्स, फूड प्रोडक्ट्स, केमिकल्स और जेम्स-ज्वेलरी सेक्टर को बड़ा फायदा मिल सकता है। अब तक कई भारतीय उत्पादों पर ओमान में इंपोर्ट टैक्स लगता था, जिससे वहां भारतीय सामान की कीमत बढ़ जाती थी। लेकिन Zero Tariff लागू होने के बाद भारतीय कंपनियां कम कीमत में बेहतर प्रतिस्पर्धा कर पाएंगी। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। व्यापार विशेषज्ञों का कहना है कि इस डील से भारत का निर्यात बढ़ेगा और खाड़ी देशों में भारतीय कंपनियों की मौजूदगी और मजबूत होगी। होर्मुज स्ट्रेट की वजह से ओमान की बढ़ जाती है अहमियत Oman केवल व्यापारिक साझेदार नहीं, बल्कि भारत के लिए रणनीतिक रूप से भी बेहद अहम देश माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह है Strait of Hormuz। दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्गों में शामिल यह समुद्री रास्ता ग्लोबल ऑयल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दुनिया का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से तेल और गैस की सप्लाई करता है। ओमान का इस क्षेत्र में प्रभाव भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ओमान के साथ मजबूत रिश्ते भारत की समुद्री रणनीति और पश्चिम एशिया में उसकी स्थिति को और मजबूत कर सकते हैं। चीन-पाकिस्तान के बीच भारत की मजबूत रणनीति मध्य-पूर्व में चीन लगातार अपने निवेश और व्यापारिक नेटवर्क को बढ़ा रहा है। वहीं पाकिस्तान भी खाड़ी देशों के साथ अपने रिश्तों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे माहौल में भारत और ओमान की बढ़ती नजदीकियां नई रणनीतिक साझेदारी के तौर पर देखी जा रही हैं। यह डील भारत को Gulf Region में एक भरोसेमंद और मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करने में मदद कर सकती है। निवेश और रोजगार को भी मिलेगा बढ़ावा इस समझौते के बाद दोनों देशों के बीच निवेश बढ़ने की संभावना है। भारतीय कंपनियां ओमान में लॉजिस्टिक्स, पोर्ट, मैन्युफैक्चरिंग और एनर्जी सेक्टर में नए निवेश कर सकती हैं। इससे भारत में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध पहले से ज्यादा मजबूत हो सकते हैं। भारत-ओमान रिश्तों में आएगी नई मजबूती भारत और ओमान के बीच लंबे समय से अच्छे कूटनीतिक और व्यापारिक संबंध रहे हैं। रक्षा, ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में दोनों देश लगातार साथ काम कर रहे हैं। अब यह FTA दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा दे सकता है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह समझौता भारत की Global Trade Strategy को और मजबूत करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

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