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Supreme Court Stray Dogs Verdict

Supreme Court का बड़ा फैसला आज! आवारा कुत्तों के आतंक पर क्या बदलेगा कानून?

देशभर में बढ़ते डॉग बाइट मामलों और आवारा कुत्तों के आतंक के बीच आज Supreme Court of India एक बड़ा फैसला सुनाने जा रहा है। यह मामला सिर्फ जानवरों की सुरक्षा का नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा और बच्चों की जान से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। Supreme Court Stray Dogs Verdict आज उन याचिकाओं पर फैसला देगा, जिनमें पहले दिए गए आदेशों में बदलाव की मांग की गई थी। इस केस में केंद्र सरकार, राज्य सरकारें, पशु अधिकार संगठन, डॉग लवर्स, डॉग बाइट पीड़ित और Animal Welfare Board of India (AWBI) समेत कई पक्ष शामिल हैं। आखिर मामला क्या है? पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में बढ़ते स्ट्रे डॉग अटैक पर सख्त रुख अपनाया था। कोर्ट ने कहा था कि राजधानी को “आवारा कुत्तों से मुक्त” किया जाना चाहिए और सभी स्ट्रे डॉग्स को पकड़कर विशेष शेल्टर में भेजा जाए। लेकिन इस आदेश का कई पशु अधिकार संगठनों और एक्टिविस्ट्स ने विरोध किया। उनका कहना था कि यह आदेश व्यवहारिक नहीं है और इससे जानवरों के अधिकार प्रभावित होंगे। इसके बाद कई याचिकाएं दायर हुईं, जिन पर आज फैसला आने वाला है। देश में क्यों बढ़ रहा है स्ट्रे डॉग संकट? Dog Bite Crisis India 2026 ╔════════════════════════════╗║ 🚨 भारत में डॉग बाइट अलर्ट 🚨 ║╠════════════════════════════╣║ लाखों लोग हर साल शिकार ║║ बच्चों और बुजुर्गों पर खतरा ║║ Rabies के मामले भी चिंता ║║ नगर निगमों पर उठे सवाल ║╚════════════════════════════╝ विशेषज्ञों के अनुसार, नसबंदी कार्यक्रमों की धीमी रफ्तार, कचरा प्रबंधन की खराब व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही इस समस्या की बड़ी वजह हैं। कई राज्यों में स्ट्रे डॉग्स के हमलों से बच्चों और बुजुर्गों की मौत तक हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले क्या कहा था? सुनवाई के दौरान कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था: “अगर आप कुत्तों को खाना खिलाना चाहते हैं, तो उन्हें अपने घर ले जाइए।” कोर्ट ने यह भी कहा था कि डॉग बाइट मामलों में राज्यों को “भारी मुआवजा” देना पड़ सकता है। आज के फैसले पर पूरे देश की नजर आज आने वाला फैसला यह तय कर सकता है कि: इस फैसले का असर देशभर की नगर पालिकाओं, पशु अधिकार कानूनों और आम जनता की सुरक्षा पर पड़ सकता है।
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Umar Khalid मामले में Supreme Court की बड़ी टिप्पणी, कहा- जमानत अधिकार है, जेल अपवाद

Umar Khalid मामले में Supreme Court की बड़ी टिप्पणी, कहा- जमानत अधिकार है, जेल अपवाद

दिल्ली दंगा मामले में आरोपी Umar Khalid को लेकर Supreme Court ने अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि “जमानत नियम है और जेल अपवाद”, जबकि उमर खालिद को पहले बेल मिल सकती थी। अदालत ने अपने पुराने फैसले पर भी आपत्ति जताई और कहा कि कई मामलों में इस मूल सिद्धांत का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि किसी भी आरोपी को ट्रायल से पहले लंबे समय तक जेल में रखना सही नहीं माना जा सकता। अदालत ने साफ कहा कि भारतीय न्याय व्यवस्था में व्यक्तिगत स्वतंत्रता बेहद महत्वपूर्ण है और बेल को अधिकार की तरह देखा जाना चाहिए। दरअसल, उमर खालिद पर 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश रचने का आरोप है। उनके खिलाफ यूएपीए (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया था। जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जबकि मामले के कुछ अन्य आरोपियों को राहत दी गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट की नई टिप्पणी के बाद इस फैसले को लेकर फिर बहस शुरू हो गई है। अदालत ने कहा कि “बेल नियम और जेल अपवाद” का सिद्धांत सिर्फ सामान्य मामलों में ही नहीं, बल्कि यूएपीए जैसे मामलों में भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। कानूनी जानकारों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी आने वाले समय में जमानत से जुड़े मामलों पर बड़ा असर डाल सकती है। इससे निचली अदालतों को भी यह संदेश गया है कि लंबे समय तक बिना ट्रायल जेल में रखना न्याय के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kerala में VD Satheesan ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, 60 साल बाद पूरी कैबिनेट ने साथ लिया शपथ ग्रहण

Kerala में VD Satheesan ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, 60 साल बाद पूरी कैबिनेट ने साथ लिया शपथ ग्रहण

V. D. Satheesan ने सोमवार को केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राजधानी तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में उनके साथ पूरी कैबिनेट ने भी शपथ ग्रहण किया। बताया जा रहा है कि करीब 60 साल बाद ऐसा मौका आया है, जब मुख्यमंत्री के साथ पूरा मंत्रिमंडल एक साथ शपथ ले रहा है। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के कई बड़े नेता मौजूद रहे। Rahul Gandhi और Priyanka Gandhi समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। वहीं राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर लेफ्ट और बीजेपी के कई नेता भी समारोह में पहुंचे। केरल में कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) करीब एक दशक बाद सत्ता में लौटा है। चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद वीडी सतीशन को मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई कैबिनेट में युवा और अनुभवी नेताओं का संतुलन देखने को मिला। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें Deshharpal News Portal
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Supreme Court

Supreme Court Update 2026: लंबित मामलों के बीच बढ़ी जजों की संख्या, राष्ट्रपति ने लगाई मुहर

देश की न्याय व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा फैसला सामने आया है। Droupadi Murmu ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। अब Supreme Court of India में Chief Justice of India (CJI) सहित कुल 38 जज कार्य कर सकेंगे। सरकार के इस फैसले को लंबित मामलों के बढ़ते बोझ को कम करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में सुप्रीम कोर्ट में लाखों मामलों की सुनवाई लंबित रही है, जिसके चलते जजों की संख्या बढ़ाने की मांग लगातार उठ रही थी। अब कितने होंगे सुप्रीम कोर्ट में जज? अब तक सुप्रीम कोर्ट में CJI को छोड़कर 33 जजों की नियुक्ति की अनुमति थी। नए संशोधन के बाद यह संख्या बढ़ाकर 37 कर दी गई है। यानी Chief Justice को मिलाकर अब कुल 38 न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट में होंगे। यह फैसला “Supreme Court (Number of Judges) Amendment Ordinance, 2026” के तहत लागू किया गया है। इससे पहले साल 2019 में जजों की संख्या 31 से बढ़ाकर 34 की गई थी। क्यों जरूरी पड़ा यह फैसला? देश की सबसे बड़ी अदालत में लगातार बढ़ते मामलों ने न्यायिक व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया था। कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई लंबी खिंच रही थी और संविधान पीठ के गठन में भी समय लग रहा था। ऐसे में केंद्र सरकार ने जजों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया ताकि: आम लोगों को क्या होगा फायदा? कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जजों की संख्या बढ़ने से सुप्रीम कोर्ट की कार्यक्षमता बेहतर होगी। इससे बड़े और संवेदनशील मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी। साथ ही आम नागरिकों को भी न्याय पाने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार अब जल्द ही नए जजों की नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है। माना जा रहा है कि इससे देश की न्याय व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET

NEET 2026 Controversy: ट्रांसलेशन प्रोसेस से लीक हुआ पेपर? कोर्ट में बड़ा दावा

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। पेपर लीक मामले की जांच कर रही CBI ने कोर्ट में ऐसे खुलासे किए हैं, जिन्होंने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा व्यवस्था सभी को झकझोर दिया है। जांच एजेंसी का दावा है कि प्रश्नपत्र लीक होने के पीछे केवल बाहरी गैंग ही नहीं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कुछ अंदरूनी लोग भी शामिल हो सकते हैं। जांच के दौरान सबसे बड़ा शक उस टीम पर गया है, जो प्रश्नपत्र को अलग-अलग भाषाओं में ट्रांसलेट करने का काम कर रही थी। CBI का मानना है कि पेपर ट्रांसलेशन प्रक्रिया के दौरान ही गोपनीय जानकारी बाहर पहुंचाई गई और फिर इसे मोटी रकम लेकर छात्रों तक पहुंचाया गया। कोर्ट में CBI ने क्या बताया? दिल्ली की विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान CBI ने कहा कि पेपर लीक का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था। जांच एजेंसी के अनुसार, कुछ आरोपियों ने मेडिकल सीट दिलाने और अच्छे नंबर लाने का लालच देकर छात्रों और उनके परिवारों से लाखों रुपये वसूले। CBI ने यह भी खुलासा किया कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र WhatsApp ग्रुप, निजी चैनलों और कोचिंग नेटवर्क के जरिए शेयर किया गया। जांच में सामने आया है कि कुछ लोगों ने 10 लाख से लेकर 25 लाख रुपये तक की डील की थी। Translation Team पर क्यों बढ़ा शक? सूत्रों के मुताबिक, पेपर को कई भाषाओं में तैयार और ट्रांसलेट किया जाता है। CBI को शक है कि इसी प्रक्रिया के दौरान किसी ने गोपनीय दस्तावेज की कॉपी बाहर निकाली। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर सबसे पहले किस स्तर पर लीक हुआ और इसे किन-किन लोगों तक पहुंचाया गया। जांच में पुणे की एक बॉटनी टीचर का नाम भी सामने आया है, जो कथित तौर पर NTA से जुड़ी एक्सपर्ट टीम का हिस्सा थीं। CBI ने उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। एजेंसी का दावा है कि इस मामले में कुछ और बड़े नाम भी सामने आ सकते हैं। कई राज्यों में CBI की रेड पेपर लीक मामले की जांच अब दिल्ली, बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र और हरियाणा तक पहुंच चुकी है। CBI ने कई शहरों में छापेमारी कर मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच एजेंसी डिजिटल चैट, बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल रिकॉर्ड्स खंगाल रही है। सूत्र बताते हैं कि कुछ आरोपी छात्रों को “पक्का पेपर” देने का दावा कर रहे थे। हालांकि कई छात्रों के कम नंबर आने के बाद यह भी सामने आया कि कुछ लोगों ने फर्जीवाड़ा कर अभिभावकों से पैसे ठगे। छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता NEET जैसी बड़ी परीक्षा में पेपर लीक की खबर ने लाखों छात्रों की मेहनत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर विरोध जताया है। सोशल मीडिया पर भी NTA की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। कई अभिभावकों का कहना है कि बच्चे पूरे साल मेहनत करते हैं, लेकिन ऐसे मामलों से उनका भरोसा टूटता जा रहा है। छात्रों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार की मांग की है। अभी और हो सकते हैं बड़े खुलासे CBI का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। एजेंसी अब इस बात की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक का मास्टरमाइंड कौन था और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे। NEET UG 2026 पेपर लीक मामला अब सिर्फ एक परीक्षा विवाद नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lucknow

Lucknow Breaking Bulldozer Action के खिलाफ वकीलों का प्रदर्शन, बढ़ा तनाव

लखनऊ (Lucknow) में गुरुवार को DM ऑफिस के बाहर अचानक हालात तनावपूर्ण हो गए जब शहर में चल रही बुलडोजर कार्रवाई (Bulldozer Action) के विरोध में वकीलों ने बड़ा प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल गर्मा गया। आखिर क्यों भड़के वकील? जानकारी के मुताबिक, शहर में कुछ इलाकों में अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाया जा रहा था। इसी कार्रवाई को लेकर वकीलों ने नाराजगी जताई और DM ऑफिस के बाहर पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे वकीलों का आरोप है कि कार्रवाई में पारदर्शिता और उचित कानूनी प्रक्रिया की कमी है। उनका कहना था कि बिना पूरी सुनवाई के इस तरह की कार्रवाई लोगों के अधिकारों पर असर डालती है। DM ऑफिस के बाहर अचानक बढ़ा तनाव जैसे-जैसे प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ी, स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई। नारेबाजी तेज हुई और माहौल कुछ देर के लिए अस्थिर हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पुलिस बल को तैनात किया गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और लोगों को वहां से हटाने की कोशिश की। कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे सवाल इस घटना ने एक बार फिर शहर में चल रही बुलडोजर कार्रवाई की प्रक्रिया और तरीके पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर लोग मांग कर रहे हैं कि किसी भी कार्रवाई से पहले उचित संवाद और कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NEET

NEET Exam Paper Leak Case: प्रोफेसर और Coaching Network की मिलीभगत से हड़कंप

NEET पेपर लीक मामले की जांच अब और गहराती जा रही है। CBI की पूछताछ में ऐसे संकेत मिले हैं कि यह मामला सिर्फ किसी एक व्यक्ति या छोटे गिरोह तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें परीक्षा से जुड़े कुछ अंदरूनी लोग, प्रोफेसर और कोचिंग नेटवर्क की भूमिका भी सामने आ रही है। इस खुलासे ने पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कैसे शुरू हुआ NEET Paper Leak का पूरा मामला? जांच एजेंसियों के अनुसार, कुछ प्रोफेसरों ने अपने आधिकारिक एक्सेस और संपर्कों का गलत इस्तेमाल करते हुए परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र तक पहुंच बनाई। आरोप है कि इसके बाद पेपर को धीरे-धीरे एक नेटवर्क के जरिए आगे भेजा गया, जिसमें बिचौलिए और कोचिंग से जुड़े लोग भी शामिल थे। इस पूरे मामले ने यह शक और मजबूत कर दिया है कि पेपर लीक अचानक नहीं हुआ, बल्कि यह एक सुनियोजित (planned) तरीके से फैलाया गया नेटवर्क था। Coaching Network और “Secret Classes” का दावा CBI जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ कोचिंग सेंटरों में परीक्षा से पहले खास तरह की “सीक्रेट क्लासेस” चलाने के संकेत मिले हैं। इनमें छात्रों को ऐसे सवालों का अभ्यास कराया गया जो बाद में परीक्षा में पूछे गए। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी, लेकिन इस तरह के दावों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। CBI पूछताछ में क्या-क्या सामने आया? CBI की जांच में अब तक ये प्रमुख बातें सामने आई हैं: Digital Evidence और Chat Records की जांच जारी जांच एजेंसी अब आरोपियों के मोबाइल फोन, चैट हिस्ट्री और बैंक ट्रांजैक्शन की गहराई से जांच कर रही है। माना जा रहा है कि डिजिटल सबूतों से पूरे नेटवर्क की असली कड़ियां जुड़ सकती हैं और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। क्यों गंभीर है यह NEET Paper Leak Case? NEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिसमें लाखों छात्र हर साल शामिल होते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसे मामलों का सामने आना न सिर्फ परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि छात्रों के मेहनत और भरोसे को भी झटका देता है। यह मामला सिर्फ एक परीक्षा विवाद नहीं बल्कि पूरे एजुकेशन सिस्टम की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ मुद्दा बन गया है। आगे क्या हो सकता है? CBI इस पूरे नेटवर्क की फंडिंग, कोचिंग सेंटर लिंक और अंदरूनी मिलीभगत की गहराई से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे और सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Amravati

46°C Heatwave Crisis: Amravati-Wardha में Record Heat, Gujarat में Animals की देखभाल

गर्मी ने बढ़ाई मुश्किलें, महाराष्ट्र में पारा रिकॉर्ड स्तर पर देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। महाराष्ट्र के Amravati और Wardha में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़कें लगभग खाली नजर आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार की गर्मी पहले से कहीं ज्यादा तीखी है, जिससे दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय बाहर न निकलने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है। गुजरात में जानवरों के लिए खास “Cool Care” इंतजाम भीषण गर्मी को देखते हुए गुजरात में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं। जंगल सफारी और वाइल्डलाइफ एरिया में जानवरों को राहत देने के लिए AC कूलिंग सिस्टम, पानी के स्प्रिंकलर और छायादार जगहों की व्यवस्था की गई है। यह कदम इसलिए बेहद जरूरी माना जा रहा है क्योंकि तेज गर्मी जानवरों के स्वास्थ्य और व्यवहार पर सीधा असर डाल सकती है। Vadodara Zoo में जानवरों को मिल रही Ice Relief गुजरात के Vadodara स्थित चिड़ियाघर में गर्मी से राहत देने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। यहां जानवरों के बाड़ों में बर्फ के बड़े टुकड़े (ice blocks) रखे जा रहे हैं ताकि तापमान नियंत्रित रहे और जानवरों को ठंडक मिल सके। जू प्रशासन का कहना है कि गर्मी बढ़ने पर ऐसे उपाय नियमित रूप से किए जाते हैं ताकि जानवर सुरक्षित और आरामदायक रह सकें। लोगों और जानवरों दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण मौसम इस समय देश के कई हिस्सों में हीटवेव का असर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी तापमान ऊंचा रह सकता है। ऐसे में इंसानों के साथ-साथ वन्यजीवों की देखभाल भी बेहद जरूरी हो गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rajdhani Express

Breaking Rail News: Rajdhani Express के 2 कोच में लगी आग, यात्रियों में मचा हड़कंप

त्रिवेंद्रम से दिल्ली जा रही प्रतिष्ठित राजधानी एक्सप्रेस (Rajdhani Express) में अचानक उस समय हड़कंप मच गया जब ट्रेन के दो कोच में आग लग गई। कुछ ही पलों में धुआं फैलने लगा और यात्रियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि, रेलवे स्टाफ की तेज़ी और सूझबूझ ने एक बड़ा हादसा होने से रोक दिया। 🔥 गार्ड की सूझबूझ से तुरंत मिला अलर्ट घटना के दौरान ट्रेन के गार्ड ने सबसे पहले कोच से धुआं और आग की लपटें देखीं। उन्होंने बिना देर किए लोको पायलट को सूचना दी। इसके बाद ट्रेन को सुरक्षित तरीके से रोका गया और इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू किया गया। 👨‍👩‍👧 यात्रियों को 15 मिनट में सुरक्षित बाहर निकाला गया रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और दोनों प्रभावित कोचों से लगभग 68 यात्रियों को सिर्फ 15 मिनट के अंदर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। कई यात्रियों के चेहरे पर डर साफ दिखाई दे रहा था, लेकिन समय पर मिली मदद ने सभी को सुरक्षित रखा। एक यात्री ने बताया कि “धुआं अचानक बहुत तेजी से फैल गया था, लेकिन रेलवे स्टाफ ने बहुत जल्दी हमें बाहर निकाल लिया।” 🚒 आग पर काबू, बड़ी दुर्घटना टली रेलवे और स्थानीय टीम की मदद से आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, लेकिन असली कारण की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी। रेलवे प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और ट्रेन सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी शुरू कर दी गई है। 🙏 यात्रियों में राहत, रेलवे की सराहना घटना के बाद यात्रियों में घबराहट जरूर थी, लेकिन सभी सुरक्षित होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। कई यात्रियों ने रेलवे स्टाफ की त्वरित कार्रवाई और प्रबंधन की तारीफ की। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भारत

भारत को मिली बड़ी सफलता: नीदरलैंड ने लौटाई चोल काल की 1000 साल पुरानी अनमोल धरोहर

भारत की सांस्कृतिक पहचान को एक बड़ी सफलता मिली है। नीदरलैंड (Netherlands) ने भारत को चोल राजवंश (Chola Dynasty) की करीब 1000 साल पुरानी अनमोल विरासत वापस लौटा दी है। यह ऐतिहासिक धरोहर अब औपचारिक रूप से भारत को सौंपी गई है और प्रधानमंत्री Narendra Modi को यह विरासत प्रदान की गई। यह कदम भारत की उस लंबे समय से चल रही कोशिश का हिस्सा है, जिसके तहत विदेशों में मौजूद प्राचीन भारतीय कलाकृतियों को वापस लाया जा रहा है। क्या है लौटाई गई Chola Heritage? नीदरलैंड से भारत को जो विरासत मिली है, वह दक्षिण भारत के महान चोल साम्राज्य से जुड़ी है। इसमें शामिल हैं: इन मूर्तियों को सिर्फ कलाकृतियां नहीं, बल्कि उस दौर की आध्यात्मिक सोच और कला की गहराई का प्रतीक माना जाता है। चोल साम्राज्य क्यों माना जाता है स्वर्ण युग? चोल राजवंश भारतीय इतिहास का एक ऐसा अध्याय है जिसने कला, संस्कृति और शासन—तीनों में गहरी छाप छोड़ी। इन कलाकृतियों में उस समय की जीवनशैली और धार्मिक आस्था की झलक साफ दिखाई देती है। कैसे लौटी यह ऐतिहासिक विरासत? भारत सरकार पिछले कई वर्षों से विदेशी संग्रहालयों और निजी संग्रहों में मौजूद भारतीय धरोहरों को वापस लाने की कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में नीदरलैंड ने सहयोग करते हुए यह ऐतिहासिक कदम उठाया। यह सिर्फ एक डिप्लोमैटिक सफलता नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान की मजबूत वापसी भी है। क्यों खास है यह वापसी? इस Chola Heritage Return का महत्व सिर्फ ऐतिहासिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी है: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

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