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BRICS

BRICS Meeting 2026: भारत दौरे पर Putin, दुनिया की नजर Delhi Summit पर

सितंबर 2026 में राजधानी दिल्ली एक बार फिर वैश्विक राजनीति का बड़ा मंच बनने जा रही है। रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin BRICS Summit में हिस्सा लेने भारत आ रहे हैं। Kremlin की तरफ से इस दौरे की आधिकारिक पुष्टि कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, पुतिन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS Summit 2026 में शामिल होंगे। भारत इस साल BRICS समूह की मेजबानी कर रहा है, इसलिए यह सम्मेलन देश के लिए काफी अहम माना जा रहा है। दुनिया की बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं की मौजूदगी में कई महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। PM Modi और Putin की बैठक पर भी नजर रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन का यह दौरा करीब दो दिनों का हो सकता है। इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ द्विपक्षीय बैठक भी होने की उम्मीद है। दोनों नेताओं के बीच रक्षा सहयोग, ऊर्जा, व्यापार, डिजिटल टेक्नोलॉजी और अंतरराष्ट्रीय हालात पर बातचीत हो सकती है। भारत और रूस के रिश्ते पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। खासतौर पर ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों की साझेदारी काफी अहम मानी जाती है। यूक्रेन युद्ध के बाद भी भारत और रूस के बीच व्यापारिक संबंधों में स्थिरता देखने को मिली है। BRICS Summit 2026 क्यों है खास? नई दिल्ली में होने वाला BRICS Summit इस बार कई कारणों से चर्चा में है। वैश्विक अर्थव्यवस्था, AI, साइबर सिक्योरिटी, ग्रीन एनर्जी और मल्टीपोलर वर्ल्ड जैसे मुद्दे सम्मेलन के मुख्य एजेंडे में शामिल रह सकते हैं। इस बार सम्मेलन की थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखी गई है। भारत की कोशिश होगी कि BRICS देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई दिशा दी जाए। दुनिया की नजर भारत पर मौजूदा समय में दुनिया भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे माहौल में भारत में आयोजित हो रहा BRICS Summit काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुतिन का भारत दौरा भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़े संदेश दे सकता है। BRICS संगठन में भारत, रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका समेत कई नए सदस्य देश शामिल हैं। पिछले कुछ वर्षों में इस समूह का वैश्विक प्रभाव तेजी से बढ़ा है और इसे पश्चिमी देशों के प्रभाव के विकल्प के रूप में भी देखा जा रहा है। BRICS Summit 2026 से भारत को क्या फायदा? विशेषज्ञों का मानना है कि इस सम्मेलन से भारत को वैश्विक मंच पर अपनी कूटनीतिक स्थिति और मजबूत करने का मौका मिलेगा। साथ ही विदेशी निवेश, टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप और व्यापारिक समझौतों को भी नई गति मिल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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जहांगीर खान

West Bengal Politics: फलता सीट से नाम हटने पर TMC ने तोड़ी चुप्पी, जहांगीर खान पर दिया बड़ा बयान

पश्चिम बंगाल की राजनीति में फलता विधानसभा सीट एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता जहांगीर खान का नाम सीट से हटने की खबरों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस मुद्दे पर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। अब पूरे मामले पर TMC ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्थिति साफ करने की कोशिश की है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि जहांगीर खान ने जो फैसला लिया है, वह पूरी तरह उनका निजी निर्णय है। इसका तृणमूल कांग्रेस की आधिकारिक रणनीति या संगठनात्मक फैसले से कोई संबंध नहीं है। TMC नेताओं ने साफ किया कि पार्टी पूरी मजबूती के साथ चुनावी तैयारियों में जुटी हुई है और उम्मीदवारों को लेकर अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व ही करेगा। क्या है पूरा मामला? फलता विधानसभा सीट दक्षिण 24 परगना जिले की अहम सीटों में गिनी जाती है। यहां लंबे समय से TMC का मजबूत प्रभाव रहा है। हाल ही में जहांगीर खान का नाम चुनावी चर्चा से हटने की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक अटकलें तेज हो गईं। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पार्टी के भीतर मतभेद की वजह से यह स्थिति बनी है। हालांकि TMC ने इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी नेता के व्यक्तिगत फैसले को पार्टी की अंदरूनी राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। विपक्ष ने साधा निशाना मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने TMC पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विपक्ष का कहना है कि पार्टी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है और कई नेता खुद को नजरअंदाज महसूस कर रहे हैं। वहीं TMC ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष बिना वजह मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है। चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। ऐसे समय में फलता सीट से जुड़ा यह घटनाक्रम काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि टिकट वितरण और नेताओं की नाराजगी जैसी बातें चुनावी मौसम में आम होती हैं, लेकिन पार्टियां उन्हें सार्वजनिक विवाद बनने से रोकने की कोशिश करती हैं। फिलहाल TMC इस पूरे विवाद को व्यक्तिगत फैसला बताकर राजनीतिक नुकसान से बचने की कोशिश कर रही है, जबकि विपक्ष इसे पार्टी की अंदरूनी कलह से जोड़कर मुद्दा बनाने में लगा हुआ है। आने वाले दिनों में फलता सीट का यह मामला बंगाल की राजनीति में और चर्चा बटोर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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सपा

UP Politics Big Shock: सपा-बसपा को झटका, 51 Leaders ने छोड़ी Party और Join किया SBSP

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राज्य की प्रमुख पार्टियों—Samajwadi Party और Bahujan Samaj Party—को उस समय तगड़ा झटका लगा जब 51 नेताओं ने एक साथ दोनों दलों से इस्तीफा देकर Suheldev Bharatiya Samaj Party का दामन थाम लिया। आखिर क्यों हुआ इतना बड़ा दल-बदल? सूत्रों के अनुसार, कई जिलों से जुड़े सपा और बसपा के स्थानीय नेता लंबे समय से संगठनात्मक फैसलों और टिकट बंटवारे को लेकर असंतुष्ट थे। धीरे-धीरे यह नाराजगी बढ़ती गई और आखिरकार एक साथ 51 नेताओं ने पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया। इसके बाद सभी नेताओं ने SBSP में शामिल होकर नई राजनीतिक शुरुआत की। SBSP को मिला बड़ा फायदा इस सामूहिक शामिल होने को SBSP के लिए एक बड़ी राजनीतिक बढ़त माना जा रहा है। खासकर ग्रामीण और जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है। सपा-बसपा के लिए क्या संदेश? इस घटनाक्रम को राजनीतिक विश्लेषक एक “वेक-अप कॉल” के रूप में देख रहे हैं: यूपी की सियासत में नया समीकरण उत्तर प्रदेश में पहले से ही राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते रहे हैं। ऐसे में 51 नेताओं का एक साथ दल बदलना आने वाले चुनावों में नई रणनीतियों और गठबंधनों का संकेत भी माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MEA

क्या दुनिया भारत पर भरोसा कर सकती है? Norway Event में MEA का शानदार जवाब चर्चा में

नॉर्वे में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय प्रेस बातचीत के दौरान भारत की वैश्विक भूमिका और विश्वसनीयता को लेकर एक सवाल ने सबका ध्यान खींच लिया। एक नॉर्वेजियन पत्रकार ने सीधे विदेश मंत्रालय (MEA) से पूछा—“दुनिया भारत पर भरोसा क्यों करे?” इस सवाल के बाद कुछ पल के लिए माहौल गंभीर हो गया, लेकिन भारत के विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs India) के प्रवक्ता ने बेहद शांत और आत्मविश्वास भरा जवाब दिया, जिसने चर्चा का रुख ही बदल दिया। MEA ने क्या कहा? (Strong Diplomatic Reply) विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ शब्दों में कहा कि भारत की पहचान अब सिर्फ एक देश के रूप में नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में बन चुकी है। उन्होंने अपने जवाब में कहा— उन्होंने यह भी कहा कि “दुनिया में भरोसा भाषणों से नहीं, बल्कि लगातार किए गए काम से बनता है”—और भारत इसी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। क्यों बढ़ रहा है भारत पर भरोसे का सवाल? आज दुनिया तेजी से बदल रही है और भारत की भूमिका भी उसी के साथ मजबूत हो रही है। इन्हीं बदलावों के बीच दुनिया भारत की विश्वसनीयता और भूमिका को लेकर सवाल भी कर रही है और उसे समझ भी रही है। नॉर्वे में क्यों उठा यह सवाल? यह चर्चा Norway में एक प्रेस इवेंट के दौरान हुई, जहां अलग-अलग देशों के पत्रकार मौजूद थे।भारत की विदेश नीति, विकास और वैश्विक भूमिका पर चर्चा के दौरान यह सवाल सामने आया। सोशल मीडिया पर रिएक्शन (Public Reaction) इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी काफी प्रतिक्रिया देखने को मिली। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India-Nordic Summit 2026

India-Nordic Summit 2026: पीएम मोदी की नॉर्वे यात्रा से बढ़ेगा India-Europe Cooperation

भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi जल्द ही India-Nordic Summit 2026 में शामिल होने के लिए नॉर्वे का दौरा करेंगे। यह दौरा भारत की विदेश नीति और ग्लोबल पार्टनरशिप के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इस शिखर सम्मेलन में भारत और नॉर्डिक देशों के बीच ग्रीन एनर्जी, स्पेस टेक्नोलॉजी और इनोवेशन जैसे भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गहराई से चर्चा होगी। इस समिट में नॉर्वे के साथ-साथ स्वीडन, डेनमार्क और फिनलैंड के प्रधानमंत्री भी शामिल होंगे, जहां भारत के साथ सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनने की उम्मीद है। चार देशों के नेताओं से होगी अहम बातचीत पीएम मोदी इस दौरे में चार नॉर्डिक देशों के शीर्ष नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगे। इन बैठकों में फोकस रहेगा: Green Energy पर भारत-नॉर्डिक साझेदारी होगी मजबूत आज दुनिया जिस तेजी से क्लाइमेट चेंज की चुनौती का सामना कर रही है, उसमें भारत और नॉर्डिक देश मिलकर बड़ा रोल निभा सकते हैं। इस समिट में ग्रीन एनर्जी को लेकर कई अहम प्रस्ताव सामने आने की उम्मीद है। मुख्य फोकस क्षेत्र: Space Technology और Innovation पर नई दिशा भारत और नॉर्डिक देश स्पेस सेक्टर में भी सहयोग बढ़ाने की तैयारी में हैं। इस दौरान: इससे भारत के स्पेस प्रोग्राम को नई गति मिलने की उम्मीद है। भारत के लिए क्यों खास है यह Summit? यह दौरा सिर्फ एक कूटनीतिक यात्रा नहीं है, बल्कि भारत के भविष्य के विकास मॉडल से जुड़ा हुआ कदम माना जा रहा है। नॉर्डिक देश टेक्नोलॉजी और ग्रीन इनोवेशन में दुनिया में अग्रणी हैं। भारत को इससे मिल सकते हैं: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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AAP

AAP Political News: हाई कोर्ट की सख्ती, सोशल मीडिया पोस्ट बना विवाद की वजह

दिल्ली हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह सहित कई अन्य को नोटिस जारी किया है। यह मामला सोशल मीडिया पर अदालत की कार्यवाही और एक जज से जुड़ी टिप्पणियों को लेकर किए गए पोस्ट से जुड़ा हुआ है। क्या है पूरा पूरा मामला? यह विवाद तब शुरू हुआ जब AAP नेताओं की तरफ से कुछ सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो शेयर किए गए, जिनमें दिल्ली हाई कोर्ट की कार्यवाही और जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से जुड़े कथित टिप्पणियों का उल्लेख था। आरोप है कि इन पोस्ट्स में अदालत की सुनवाई को या तो गलत तरीके से दिखाया गया या उसे अलग संदर्भ में प्रस्तुत किया गया, जिससे न्यायपालिका की छवि प्रभावित हो सकती है। सोशल Media Posts पर क्यों उठे सवाल? जानकारी के अनुसार, जिन पोस्ट्स को लेकर यह कार्रवाई हुई है, उनमें कोर्ट की कार्यवाही से जुड़ी सामग्री को बिना अनुमति रिकॉर्ड कर या एडिट करके सोशल मीडिया पर साझा किया गया था। इसी वजह से इसे कोर्ट की प्रक्रिया और गरिमा के खिलाफ माना जा रहा है। High Court की सख्त टिप्पणी दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले को गंभीर मानते हुए कहा है कि न्यायिक कार्यवाही को बिना अनुमति रिकॉर्ड करना या उसे गलत तरीके से प्रसारित करना न्यायालय की गरिमा को नुकसान पहुंचा सकता है। इसी आधार पर सभी संबंधित नेताओं से स्पष्टीकरण मांगा गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Supreme Court सख्त: खतरनाक कुत्तों को दें मौत का इंजेक्शन

Supreme Court सख्त: खतरनाक कुत्तों को दें मौत का इंजेक्शन

Supreme Court of India ने आवारा और खतरनाक कुत्तों के बढ़ते हमलों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि लोगों की सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है और जो कुत्ते गंभीर रूप से खतरनाक या लाइलाज बीमारी से ग्रसित हैं, उन्हें नियमों के तहत मौत का इंजेक्शन (यूथेनेशिया) दिया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि यदि स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारी कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि स्कूल, अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। कोर्ट ने आवारा कुत्तों को लेकर दायर कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि लगातार बढ़ रहे डॉग बाइट मामलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने यह भी माना कि पशुओं के प्रति संवेदनशीलता जरूरी है, लेकिन इंसानों की जान और सुरक्षा उससे ऊपर है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी निर्देश दिए थे कि सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाकर शेल्टर होम भेजा जाए। कोर्ट ने यह भी कहा था कि नसबंदी और वैक्सीनेशन के बाद भी खतरनाक कुत्तों को दोबारा भीड़भाड़ वाले इलाकों में न छोड़ा जाए। देश के कई हिस्सों में बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों पर कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की यह सख्त टिप्पणी आम लोगों की सुरक्षा को लेकर अहम मानी जा रही है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ambulance

मरीज को अस्पताल छोड़ वापस लौट रही Ambulance में लगी भीषण आग, चालक जिंदा जला

दर्दनाक हादसे ने सबको झकझोरा मरीज को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने के बाद लौट रही एक एंबुलेंस (Ambulance) रास्ते में दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई। तेज रफ्तार एंबुलेंस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुछ ही सेकंड में एंबुलेंस में आग लग गई और पूरा वाहन आग के गोले में बदल गया। हादसे में चालक की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई। टक्कर के बाद मची अफरा-तफरी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके की ओर दौड़े, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि कोई भी चालक तक नहीं पहुंच सका। लोगों ने पानी और मिट्टी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, मगर लपटें लगातार बढ़ती चली गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एंबुलेंस मरीज को छोड़कर वापस लौट रही थी। इसी दौरान अचानक चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और एंबुलेंस सीधे पेड़ से जा टकराई। फायर ब्रिगेड और पुलिस ने संभाला मोर्चा घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक चालक पूरी तरह झुलस चुका था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। हादसे की वजह तलाश रही पुलिस प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार, चालक को झपकी आना या वाहन में तकनीकी खराबी जैसी आशंकाएं जताई जा रही हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है। एंबुलेंस कर्मचारियों की सुरक्षा पर उठे सवाल इस हादसे ने एक बार फिर एंबुलेंस चालकों की लगातार ड्यूटी और उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिन-रात मरीजों की जान बचाने में लगे ड्राइवर खुद कितने सुरक्षित हैं, यह घटना उसी की एक दर्दनाक तस्वीर बनकर सामने आई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhojshala

Bhojshala Dhar Update: आस्था और परंपरा का संगम, अखंड ज्योति बनी आकर्षण का केंद्र

भोजशाला में सुबह से जुटने लगे श्रद्धालु मध्यप्रदेश के धार में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला (Bhojshala) में सोमवार को विशेष हवन-पूजन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला परिसर पहुंचने लगे थे। पूरे परिसर में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला। 700 साल बाद जली अखंड ज्योति इस आयोजन का सबसे खास पल तब आया, जब करीब 700 साल बाद भोजशाला परिसर में अखंड ज्योति प्रज्वलित की गई। वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच जैसे ही ज्योति जलाई गई, श्रद्धालुओं ने इसे ऐतिहासिक और भावुक क्षण बताया। कई भक्तों की आंखों में खुशी साफ दिखाई दी। वैदिक मंत्रों और भजन-कीर्तन से गूंजा परिसर पूरे आयोजन के दौरान भोजशाला परिसर में भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना चलती रही। साधु-संतों और पुजारियों ने विधि-विधान से हवन संपन्न कराया। श्रद्धालुओं ने देश में सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हुए पूजा में हिस्सा लिया। सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम धार प्रशासन ने आयोजन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए थे। परिसर के आसपास पुलिस बल तैनात रहा और अधिकारियों ने लगातार व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रखी। सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा आयोजन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को सहेजने का भी प्रतीक है। भोजशाला में अखंड ज्योति जलने से श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Heatwave

Heatwave in India: अगले 7 दिन झुलसाएगी गर्मी, कई शहरों में Red Alert जारी

मई की तपती गर्मी (Heatwave)अब लोगों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बनती जा रही है। देश के कई राज्यों में सूरज आग उगल रहा है और हालात ऐसे हैं कि दोपहर में सड़कें सूनी नजर आने लगी हैं। मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों तक भीषण गर्मी और Heatwave जारी रहने की चेतावनी दी है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और हरियाणा समेत कई राज्यों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। उत्तर प्रदेश का बांदा इस समय देश का सबसे गर्म शहर बन गया है। यहां तापमान 47.6°C रिकॉर्ड किया गया, जिसने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। प्रयागराज, झांसी और कानपुर जैसे शहरों में भी गर्म हवाओं ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है। दिन के साथ अब रातें भी गर्म होने लगी हैं, जिससे राहत नहीं मिल पा रही। MP और राजस्थान में सबसे ज्यादा असर मध्य प्रदेश के ग्वालियर, खजुराहो, नौगांव और रतलाम में भीषण लू चल रही है। वहीं राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर में दोपहर के समय हालात बेहद कठिन बने हुए हैं। कई इलाकों में लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। महाराष्ट्र के अमरावती, वर्धा और अकोला जैसे शहर भी तेज गर्मी की चपेट में हैं। लगातार बढ़ते तापमान ने बिजली और पानी की मांग भी बढ़ा दी है। अगले 7 दिन क्यों रहेंगे मुश्किल? मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल उत्तर और मध्य भारत में बारिश की कोई मजबूत प्रणाली सक्रिय नहीं है। सूखी हवाएं और लगातार तेज धूप के कारण तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर बना हुआ है। यही वजह है कि Heatwave का असर आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है। अस्पतालों में बढ़ने लगे मरीज भीषण गर्मी का असर लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। कई शहरों के अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और कमजोरी की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों ने खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और धूप में काम करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। गर्मी से बचने के लिए क्या करें? मौसम विभाग के मुताबिक मई के आखिरी सप्ताह तक कई राज्यों में गर्मी का असर बना रह सकता है। कुछ इलाकों में तापमान 48°C तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और अपनी सेहत का खास ध्यान रखने की जरूरत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

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