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बांदा

Weather Update: उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर, बांदा सबसे ज्यादा तपता शहर

मई का महीना अभी खत्म भी नहीं हुआ और गर्मी ने लोगों की हालत खराब कर दी है। उत्तर प्रदेश का बांदा इस वक्त पूरी दुनिया में तीसरे सबसे गर्म शहर के रूप में चर्चा में है। यहां तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नौतपा शुरू होने में अभी चार दिन बाकी हैं, लेकिन उससे पहले ही गर्म हवाओं ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है। सुबह के समय थोड़ी राहत मिलती है, लेकिन दोपहर होते-होते सड़कें खाली नजर आने लगती हैं। बाजारों में भी भीड़ कम हो गई है। लोग जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं। Banda में 48°C ने बढ़ाई चिंता बांदा में लगातार बढ़ते तापमान ने प्रशासन और लोगों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार इलाके में सूखी और तेज गर्म हवाएं चल रही हैं, जिसकी वजह से तापमान तेजी से ऊपर जा रहा है। कई जगहों पर लोग पेड़ों की छांव और पानी की तलाश करते दिखाई दिए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस बार गर्मी पिछले कई सालों से ज्यादा महसूस हो रही है। दिन में कुछ देर बाहर रहने पर ही शरीर में थकान और बेचैनी महसूस होने लगती है। MP और Maharashtra में भी Heatwave का असर सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई शहर भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं। मध्य प्रदेश के ग्वालियर और नौगांव में तापमान 47°C के करीब पहुंच गया, जबकि महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बढ़ती गर्मी का असर बिजली और पानी की सप्लाई पर भी दिखने लगा है। कई इलाकों में बिजली की मांग अचानक बढ़ गई है, जिससे कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं। नौतपा से पहले ही बदला मौसम का मिजाज भारतीय पंचांग के अनुसार नौतपा वह समय माना जाता है जब सूर्य की किरणें सबसे ज्यादा तेज होती हैं और गर्मी अपने चरम पर पहुंचती है। आमतौर पर इस दौरान तापमान रिकॉर्ड स्तर तक जाता है, लेकिन इस बार मौसम ने पहले ही तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ती गर्मी की वजह से Heatwave की स्थिति हर साल ज्यादा गंभीर होती जा रही है। इसका असर खेती, पानी और लोगों की सेहत पर साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने जारी किया Alert मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में उत्तर भारत और मध्य भारत के कई हिस्सों में Heatwave जारी रहने की संभावना जताई है। लोगों को दोपहर में धूप से बचने, ज्यादा पानी पीने और जरूरी होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को इस मौसम में खास सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि लू और डिहाइड्रेशन का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bengal

Bengal Falta Bypoll 2026: TMC Candidate के हटते ही बदल गया चुनावी माहौल

Bengal के फालता विधानसभा उपचुनाव ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। गुरुवार को फालता सीट के 285 मतदान केंद्रों पर वोटिंग शुरू हुई, जहां सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम देखने को मिले। चुनाव आयोग ने संवेदनशील बूथों को ध्यान में रखते हुए हर बूथ पर सामान्य से दोगुने जवान तैनात किए हैं, ताकि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से कराया जा सके। इस बीच सबसे बड़ा राजनीतिक मोड़ तब आया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार ने मतदान से पहले ही अपना नाम वापस ले लिया। इस फैसले ने चुनावी मुकाबले को और ज्यादा दिलचस्प बना दिया है। विपक्षी दल भाजपा और वामपंथी पार्टियां इसे टीएमसी के भीतर बढ़ती नाराजगी और अंदरूनी खींचतान का संकेत बता रही हैं। सुबह से बूथों पर दिखा वोटर्स का उत्साह सुबह मतदान शुरू होते ही कई बूथों पर लंबी कतारें नजर आईं। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्ग मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कई लोगों ने कहा कि वे विकास और स्थिरता के मुद्दे पर वोट डालने पहुंचे हैं। गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने बूथों पर पानी, छाया और मेडिकल सहायता की भी व्यवस्था की है। सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती फालता सीट को इस बार हाई-प्रोफाइल माना जा रहा है। यही वजह है कि चुनाव आयोग ने केंद्रीय सुरक्षा बलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की हैं। संवेदनशील इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है और हर गतिविधि पर सीसीटीवी व वेबकास्टिंग के जरिए नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि मतदान अब तक शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। TMC उम्मीदवार के हटने से बढ़ी राजनीतिक चर्चा टीएमसी उम्मीदवार के अचानक पीछे हटने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह फैसला पार्टी के अंदर बढ़ते असंतोष को दिखाता है, जबकि टीएमसी ने इसे संगठन का निजी फैसला बताया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम का असर वोटिंग प्रतिशत और नतीजों दोनों पर पड़ सकता है। 24 मई को आएंगे नतीजे अब पूरे बंगाल की नजर 24 मई पर टिकी हुई है, जब फालता उपचुनाव के परिणाम घोषित किए जाएंगे। माना जा रहा है कि यह चुनाव सिर्फ एक सीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में राज्य की राजनीति की दिशा भी तय कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM मोदी की बड़ी बैठक आज, कैबिनेट फेरबदल और बड़े फैसलों की चर्चा तेज

PM Modi Cabinet Meeting 2026: आज होगी बड़ी बैठक, कैबिनेट फेरबदल की अटकलें नई दिल्ली। Narendra Modi आज केंद्रीय मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) की अहम बैठक की अध्यक्षता करने जा रहे हैं। इस बैठक को मोदी सरकार 3.0 के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक रिव्यू से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस बैठक के बाद बड़े कैबिनेट फेरबदल और मंत्रालयों में बदलाव की चर्चाएं काफी तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति, मंत्रालयों के कामकाज, आगामी रणनीति और प्रशासनिक सुधारों पर चर्चा होगी। इसके अलावा कई मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट भी समीक्षा के दायरे में रह सकती है। जून में हो सकता है बड़ा कैबिनेट विस्तार राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि मोदी सरकार के पहले कार्यकाल की वर्षगांठ से पहले जून के दूसरे सप्ताह में कैबिनेट विस्तार और फेरबदल हो सकता है। ऐसे में आज की बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि सरकार संगठन और प्रशासन दोनों स्तरों पर “परफॉर्मेंस और चुनावी समीकरण” को ध्यान में रखते हुए बदलाव कर सकती है। कई राज्यों में आगामी चुनावों और हालिया राजनीतिक समीकरणों को भी इस रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। किन मुद्दों पर रहेगा फोकस? बैठक में इन प्रमुख विषयों पर चर्चा होने की संभावना है— सूत्रों के अनुसार, कुछ मंत्रालयों में जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण भी संभव माना जा रहा है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक किसी आधिकारिक फेरबदल की पुष्टि नहीं की गई है। राजनीतिक हलकों में क्यों बढ़ी हलचल? हाल ही में कई राज्यों में बीजेपी के संगठनात्मक बदलाव और कैबिनेट पुनर्गठन की चर्चाएं तेज हुई हैं। ऐसे में केंद्र स्तर पर भी बदलाव की अटकलें लगाई जा रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार 2027 और 2029 की रणनीति को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों को मौका दे सकती है।
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लखनऊ में मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने स्व. Prateek Yadav के परिजनों से मुलाकात कर बंधाया ढांढस

लखनऊ में मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने स्व. Prateek Yadav के परिजनों से मुलाकात कर बंधाया ढांढस

उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने स्वर्गीय प्रतीक यादव के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने परिवार के दुख में शामिल होते हुए संवेदनाएं व्यक्त कीं और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी अपने को खोने का दुख बेहद पीड़ादायक होता है। उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर उनका हाल जाना और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील व्यवहार से परिवार को भावनात्मक सहारा मिला। मुलाकात के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। देश और प्रदेश की हर बड़ी खबर के लिए जुड़े रहें Deshharpal News Portal के साथ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से की मुलाकात

मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से की मुलाकात

भोपाल में मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने मंगलवार को राज्यपाल Anandiben Patel से राजभवन पहुंचकर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच प्रदेश के विकास, प्रशासनिक गतिविधियों और विभिन्न जनहित के मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यपाल को प्रदेश में चल रही विकास योजनाओं और सरकार की प्राथमिकताओं की जानकारी दी। मुलाकात के दौरान प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास से जुड़े विषयों पर भी बातचीत हुई। राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच समय-समय पर होने वाली ऐसी बैठकों को सरकार और प्रशासन के बेहतर समन्वय के रूप में देखा जाता है। प्रदेश में लगातार विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर सरकार सक्रिय नजर आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार प्रदेश के हर वर्ग के हित में काम कर रही है और विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें Deshharpal News हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav बोले- ग्रामीण विकास में रोजगार सहायकों की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav बोले- ग्रामीण विकास में रोजगार सहायकों की अहम भूमिका, सरकार करेगी हितों की चिंता

मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने कहा है कि ग्रामीण विकास योजनाओं को जमीन पर सफल बनाने में रोजगार सहायकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार रोजगार सहायकों के हितों और उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर है और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गांवों के विकास, मनरेगा सहित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में रोजगार सहायकों का बड़ा योगदान रहता है। वे ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार और जनता के बीच मजबूत कड़ी का काम करते हैं। उनकी मेहनत से कई विकास कार्य समय पर पूरे हो पाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों और संविदा कर्मियों के हितों की रक्षा के लिए लगातार काम कर रही है। रोजगार सहायकों की मांगों और समस्याओं पर भी सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ग्रामीण विकास को मजबूत बनाने के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों का सम्मान और सहयोग जरूरी है। इस दौरान रोजगार सहायकों ने भी अपनी विभिन्न मांगों को सरकार के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि उनकी बातों को गंभीरता से सुना जाएगा और उचित निर्णय लिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में रोजगार सहायकों की भूमिका लगातार अहम बनी हुई है। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें: Deshharpal News हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TMC

TMC Protest ममता की पार्टी के प्रदर्शन में कम दिखी भीड़

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (TMC) को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। राज्य की सत्ता हाथ से निकलने के बाद अब पार्टी के अंदर हलचल और असंतोष की खबरें सामने आने लगी हैं। हाल ही में हुए एक बड़े विरोध प्रदर्शन ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी, क्योंकि इस कार्यक्रम में पार्टी के केवल 35 विधायक ही नजर आए। शक्ति प्रदर्शन में क्यों कम दिखे विधायक? यह प्रदर्शन TMC के लिए सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ताकत दिखाने का मौका माना जा रहा था। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद थी कि बड़ी संख्या में विधायक और कार्यकर्ता सड़क पर उतरेंगे, लेकिन तस्वीर उम्मीद से बिल्कुल अलग दिखाई दी। कम मौजूदगी ने विपक्ष को हमला बोलने का मौका दे दिया। विपक्ष ने क्या लगाए आरोप? विपक्षी दलों ने दावा किया कि सत्ता जाने के बाद पार्टी के भीतर एकजुटता कमजोर पड़ती दिख रही है। कई नेताओं ने इसे TMC के अंदर बढ़ती नाराजगी और गुटबाजी से जोड़कर देखा। राजनीतिक जानकार भी मानते हैं कि लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली किसी पार्टी के लिए हार के बाद संगठन को संभालना आसान नहीं होता। TMC ने क्या दी सफाई? हालांकि, TMC नेताओं ने इन अटकलों को खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि कई विधायक अपने क्षेत्रों में पहले से तय कार्यक्रमों में व्यस्त थे, इसलिए वे प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सके। लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस सफाई से ज्यादा चर्चा विधायकों की कम मौजूदगी की हो रही है। आगे TMC के सामने क्या चुनौती? Mamata Banerjee की अगुवाई वाली TMC अब ऐसे दौर में खड़ी है, जहां उसे सिर्फ विपक्ष से ही नहीं बल्कि संगठन को मजबूत बनाए रखने की चुनौती से भी जूझना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में पार्टी किस तरह खुद को संभालती है, इस पर बंगाल की राजनीति की नजरें टिकी रहेंगी।
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24 साल बाद कानून के शिकंजे में आया उम्रकैद का पैरोल Jumper

24 साल बाद कानून के शिकंजे में आया उम्रकैद का पैरोल Jumper

करीब 24 साल तक पुलिस और कानून की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा उम्रकैद का पैरोल Jumper आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी को प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के वक्त उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब सख्ती से पूछताछ हुई तो वह टूट गया और रोने लगा। पुलिस के मुताबिक आरोपी हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। साल 2001 में उसे पैरोल पर जेल से बाहर आने की अनुमति मिली थी, लेकिन वह वापस नहीं लौटा। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। लंबे समय तक फरार रहने के दौरान उसने अपनी पहचान बदल ली और अलग-अलग जगहों पर रहकर खुद को बचाता रहा। हाल ही में पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी प्रयागराज में छिपकर रह रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के समय आरोपी ने पहले अपना नाम और पहचान छिपाने की कोशिश की, लेकिन जांच में सच सामने आ गया। पूछताछ के दौरान आरोपी भावुक हो गया और रोने लगा। उसने माना कि वह कई सालों से लगातार डर और तनाव में जिंदगी जी रहा था। पुलिस अब उससे फरारी के दौरान मदद करने वाले लोगों और उसकी गतिविधियों के बारे में पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इतने सालों बाद आरोपी की गिरफ्तारी बड़ी सफलता है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। Deshharpal के साथ जुड़े रहें और पढ़ते रहें देश-दुनिया की हर बड़ी खबर। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Kejriwal

Kejriwal-Sisodia Election Ban PIL Dismissed: दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

दिल्ली की राजनीति से जुड़ा एक अहम मामला आज फिर सुर्खियों में रहा, जब Arvind Kejriwal, Manish Sisodia और Durgesh Pathak के खिलाफ दायर चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की जनहित याचिका (PIL) को Delhi High Court ने खारिज कर दिया। इस फैसले के बाद तीनों नेताओं को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि याचिका में मांग की गई थी कि उन्हें कथित मामलों और आरोपों के आधार पर चुनावी प्रक्रिया से बाहर किया जाए। कोर्ट ने क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने साफ संकेत दिया कि किसी भी व्यक्ति को चुनाव लड़ने से रोकना या अयोग्य घोषित करना केवल संविधान और कानून के दायरे में ही संभव है।याचिका में लगाए गए तर्कों को अदालत ने पर्याप्त आधार नहीं माना, जिसके बाद इसे खारिज कर दिया गया। मामला क्यों था चर्चा में? यह PIL काफी समय से राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि जिन नेताओं पर गंभीर आरोप हैं, उन्हें चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। हालांकि अदालत के इस फैसले ने साफ कर दिया कि सिर्फ आरोपों के आधार पर किसी भी जनप्रतिनिधि को चुनाव लड़ने से नहीं रोका जा सकता। राजनीतिक प्रतिक्रिया फैसले के बाद आम आदमी पार्टी से जुड़े नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और न्यायपालिका की जीत बताया है। वहीं राजनीतिक गलियारों में इस पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। दिल्ली की राजनीति में यह मामला भले ही लंबे समय से चर्चा में रहा हो, लेकिन हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद फिलहाल इस बहस पर विराम लगता दिख रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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अखिलेश यादव

UP Politics: अखिलेश यादव का हमला—आरक्षण कोई भिक्षा नहीं, अधिकार है

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने एक बार फिर आरक्षण और सामाजिक न्याय को लेकर सियासी माहौल गर्म कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि “आरक्षण कोई भिक्षा नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है” और साथ ही PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समुदाय की आवाज को दबाने का आरोप भी लगाया। उनके इस बयान ने न सिर्फ उत्तर प्रदेश की राजनीति बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा को तेज कर दिया है। आरक्षण पर अखिलेश यादव का सख्त संदेश अखिलेश यादव ने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को बराबरी का मौका देने की गारंटी देता है। उनके अनुसार आरक्षण किसी तरह की कृपा नहीं, बल्कि वर्षों से सामाजिक असमानता को ठीक करने का एक जरूरी माध्यम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों को समान अवसर नहीं मिलेगा, तब तक लोकतंत्र की आत्मा अधूरी रहेगी। PDA Politics: फिर चर्चा में पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक एजेंडा अखिलेश यादव ने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इन वर्गों की आवाज को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं। उनके मुताबिक, राजनीतिक और सामाजिक प्रतिनिधित्व में इन समुदायों की भागीदारी कम होना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि PDA को मजबूत करना ही असली सामाजिक न्याय है। UP Politics में बढ़ी हलचल राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान केवल सामाजिक संदेश नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय समीकरणों को साधने की रणनीति भी है। PDA फोकस के जरिए समाजवादी पार्टी अपने पारंपरिक वोट बैंक को फिर से मजबूत करने की कोशिश में दिखाई दे रही है। Oppn vs Govt: बिना नाम लिए साधा निशाना हालांकि अखिलेश यादव ने किसी पार्टी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को मौजूदा सत्ता व्यवस्था पर अप्रत्यक्ष हमला माना जा रहा है। उन्होंने संविधान और आरक्षण व्यवस्था की रक्षा को लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी बताया। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रायपुर में 13 पुलिसकर्मियों का सम्मान, नवजात को बचाने से लेकर मोबाइल लुटेरे को पकड़ने तक की कार्रवाई

यातायात व्यवस्था संभालने के साथ अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले 13 पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सम्मानित किया। इन पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान लावारिस नवजात को अस्पताल पहुंचाया, मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी को पकड़ा और चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को भी गिरफ्तार कराया। सम्मानित पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान अपराध या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल कार्रवाई करना भी जरूरी है। बिना नंबर की बाइक रोकी, मोबाइल छीनने का आरोपी पकड़ा 14 अक्टूबर को बंजारी मंदिर के पास यातायात पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक को रोका। इस दौरान धनीराम चंद्रा ने बाइक चालक पर मोबाइल और 700 रुपये छीनने का आरोप लगाया। तलाशी के दौरान पुलिस को मोबाइल मिला, जिसके बाद आरोपी करण पाल को पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक विजय मार्कण्डेय समेत पांच पुलिसकर्मी शामिल थे। उर्स मेले में चाकू लहराने वाला ई-रिक्शा चालक पकड़ा 8 अक्टूबर को एवरग्रीन चौक पर उर्स मेले के दौरान ड्यूटी कर रहे आरक्षक ललित कुमार साहू ने चाकू लहराकर लोगों को डराने वाले ई-रिक्शा चालक को पीछा कर पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को ई-रिक्शा समेत गोलबाजार पुलिस के हवाले कर दिया गया। नकली शराब की सूचना पर जांच, मिला चोरी का मोबाइल 14 अक्टूबर को पंडरी शराब दुकान के पास नकली शराब बेचने की सूचना मिलने पर यातायात पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास मोबाइल मिला। जांच में मोबाइल चोरी का होने की जानकारी सामने आई। इस कार्रवाई में निरीक्षक अमित पद्मशाली, प्रधान आरक्षक श्रीकांत मिश्रा और आरक्षक रमेंद्र वर्मा शामिल थे। नवजात को छोड़कर भाग रहे व्यक्ति को पकड़ा 13 अक्टूबर को राजेंद्र नगर अंडरब्रिज के पास मदर टेरेसा मिशनरीज के गेट पर एक नवजात को छोड़कर भाग रहे गोंदिया निवासी रफीक शेख को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने नवजात को नवकार अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को टिकरापारा थाने के सुपुर्द कर दिया। इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद यादव, प्रधान आरक्षक कुलेश्वर राजपूत और आरक्षक सुनील क्षत्रीय, गोपाल सिंह राजपूत व विजय सेन शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया पुलिसकर्मियों का उत्साह इन सभी मामलों में तत्परता दिखाने वाले कुल 13 पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

SECL दीपका खदान प्रभावितों की मांगों पर बोर्ड लेगा फैसला, 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे का मामला अटका

छत्तीसगढ़ के हरदीबाजार में SECL की दीपका खदान विस्तार परियोजना से प्रभावित भू-विस्थापितों ने अधिग्रहित जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद बने मकानों के मुआवजे में कटौती का मुद्दा उठाया है। प्रभावितों ने मांग की है कि 500 रजिस्ट्री धारकों को भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा दिया जाए। इस मामले में अंतिम निर्णय SECL कोल कंपनी का बोर्ड लेगा। एरिया प्रबंधन ने बोर्ड के अधिकारियों से चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव आंदोलन की तैयारी चल रही थी। हालांकि, SECL प्रबंधन के साथ करीब चार घंटे चली त्रिपक्षीय वार्ता में सकारात्मक चर्चा के बाद भू-विस्थापितों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने निर्णय के लिए समय मांगा है। विधायक की मौजूदगी में हुई त्रिपक्षीय वार्ता खदान प्रभावितों और SECL प्रबंधन के बीच पाली SDM रोहित सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने की। 16 अक्टूबर को प्रस्तावित CMD कार्यालय के घेराव की सूचना मिलने के बाद एरिया प्रबंधन ने वार्ता बुलाई थी। SECL दीपका सभागार में हुई बैठक में भू-विस्थापितों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। इससे पहले 21 सितंबर को CMD मुख्यालय में भी मांगों पर चर्चा हुई थी, लेकिन प्रभावितों के मुताबिक उस समय कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसके बाद आंदोलन की चेतावनी दिए जाने पर प्रबंधन दो बार समय मांग चुका था। बैठक में ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर कंवर ने भू-विस्थापितों के हित से जुड़े छह बिंदु रखे। सभी मुद्दों पर क्रमवार चर्चा की गई। उपसरपंच रेखा जायसवाल ने बहू के नाम पर नापी किए गए मकानों के लिए भी 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रबंधन ने इस विषय पर चर्चा के बाद सकारात्मक निर्णय लेने का भरोसा दिलाया। 1800 मकानों को छह महीने में हटाने पर सहमति बैठक में हरदीबाजार के विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के मुताबिक, प्रभावितों ने बसाहट नहीं लेने पर सहमति जताई है। छह महीने के भीतर नापी किए गए करीब 1800 मकानों को तोड़कर दूसरी जगह बसने वाले प्रभावितों को बसाहट के एवज में 15 लाख रुपये अतिरिक्त देने की बात सामने आई है। वहीं, SECL में नियमित रोजगार के लिए 52 डिसमिल जमीन का कटऑफ तय किया गया है। यानी इससे कम जमीन के मालिकाना हक वाले प्रभावितों को कंपनी में नियमित रोजगार नहीं मिलेगा। इसके अलावा, हरदीबाजार की 212 एकड़ जमीन का अधिग्रहण SECL नहीं कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह संबंधित जमीन पर कोयला उपलब्ध नहीं होना बताई है। 2004 और 2010 में दो चरणों में हुआ था अधिग्रहण दीपका खदान के विस्तार के लिए हरदीबाजार गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 2004 और 2010 में दो चरणों में किया गया था। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री के जरिए जमीन की खरीदी-बिक्री होती रही और इसके बाद वहां मकान भी बनाए गए। SECL ने 26 अगस्त 2024 को अंतिम ड्रोन सर्वे कराया था। कंपनी के प्रावधानों के मुताबिक, इस सर्वे से पहले बने मकानों के लिए सोलेशियम सहित मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ड्रोन सर्वे के बाद बने मकानों के लिए 40 प्रतिशत सिंगल मुआवजे का प्रावधान बताया गया है। इसी अंतर के कारण अधिग्रहण के बाद जमीन खरीदने वाले रजिस्ट्री धारक 100 प्रतिशत सोलेशियम के साथ मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रभावितों का कहना है कि 26 अगस्त 2024 के अंतिम ड्रोन सर्वे को मकानों के मुआवजे के लिए कटऑफ माना जाना चाहिए। अब SECL बोर्ड के फैसले पर टिकी नजर बैठक में SECL के जीएम शरद तिवारी, गेवरा जीएम अशोक कुमार और CMD मुख्यालय के लैंड एक्विजिशन एंड रिहैबिलिटेशन (L&R) विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत रेंकी के सरपंच तीजराम उर्रे, उपसरपंच शिव यादव, पूर्व जनपद सदस्य अनिल टंडन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल और अन्य लोग शामिल हुए। फिलहाल 500 रजिस्ट्री धारकों के मुआवजे पर अंतिम फैसला SECL बोर्ड को लेना है। अन्य मांगों पर भी प्रबंधन ने समय मांगा है। ऐसे में भू-विस्थापितों को अब कंपनी के अगले निर्णय का इंतजार है।

WhatsApp का नया फीचर: बिना अकाउंट और ऐप के भी कर सकेंगे कॉल, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp ने यूजर्स के लिए ‘गेस्ट कॉलिंग’ फीचर पेश किया है। इसकी मदद से अब ऐसे लोगों को भी WhatsApp कॉल में शामिल किया जा सकेगा, जिनके पास न तो WhatsApp अकाउंट है और न ही उनके मोबाइल या कंप्यूटर में ऐप इंस्टॉल है। इसके लिए सिर्फ कॉल का लिंक शेयर करना होगा। गेस्ट यूजर वेब ब्राउजर के जरिए कॉल से जुड़ सकेंगे। इस फीचर से पर्सनल बातचीत के साथ ऑनलाइन मीटिंग करना भी आसान हो सकता है। आइए, सवाल-जवाब के जरिए जानते हैं WhatsApp के गेस्ट कॉलिंग फीचर से जुड़ी जरूरी बातें। सवाल 1. WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर क्या है? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर की मदद से आप ऐसे व्यक्ति को भी WhatsApp कॉल में शामिल कर सकते हैं, जो इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करता। इसके लिए सामने वाले व्यक्ति को न तो ऐप डाउनलोड करना होगा और न ही अकाउंट बनाना पड़ेगा। कॉल शुरू करने वाला यूजर लिंक शेयर करेगा और गेस्ट उस लिंक के जरिए कॉल में शामिल हो सकेगा। सवाल 2. बिना ऐप इंस्टॉल किए कॉल से कैसे जुड़ेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर Google Chrome या Safari जैसे वेब ब्राउजर में कॉल लिंक खोलकर जुड़ सकता है। इसके लिए डिवाइस में WhatsApp ऐप इंस्टॉल होना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, कॉल से जुड़ने के लिए जरूरी ब्राउजर और डिवाइस सपोर्ट उपलब्ध होना चाहिए। सवाल 3. गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कौन-कौन से फीचर्स मिलेंगे? जवाब: गेस्ट यूजर्स को कॉल के दौरान कुछ प्रमुख सुविधाएं मिलेंगी। इनमें शामिल हैं: इन सुविधाओं से ऑनलाइन चर्चा और मीटिंग में हिस्सा लेना आसान हो सकता है। सवाल 4. क्या गेस्ट कॉलिंग फीचर सुरक्षित है? जवाब: WhatsApp के मुताबिक, गेस्ट कॉलिंग के जरिए होने वाली कॉल भी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से सुरक्षित रहेंगी। इसका उद्देश्य कॉल में शामिल लोगों के बीच बातचीत को निजी बनाए रखना है, ताकि कोई अनधिकृत तीसरा पक्ष उसे सुन या एक्सेस न कर सके। सवाल 5. क्या कोई भी व्यक्ति लिंक से सीधे कॉल में शामिल हो सकता है? जवाब: नहीं, गेस्ट यूजर को कॉल में शामिल करने के लिए होस्ट की मंजूरी जरूरी होगी। जब कोई व्यक्ति लिंक खोलकर कॉल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले वेटिंग रूम में रखा जाएगा। कॉल शुरू करने वाला होस्ट मंजूरी देने के बाद ही उसे कॉल में शामिल कर सकेगा। सवाल 6. गेस्ट यूजर्स पर क्या पाबंदियां होंगी? जवाब: कॉल की सुरक्षा और निजता बनाए रखने के लिए गेस्ट यूजर्स पर कुछ सीमाएं रहेंगी। वे: इसके अलावा, होस्ट किसी भी समय गेस्ट यूजर को कॉल से बाहर कर सकता है। सवाल 7. इस फीचर से यूजर्स को क्या फायदा होगा? जवाब: गेस्ट कॉलिंग फीचर से उन लोगों के साथ बातचीत करना आसान होगा, जो WhatsApp इस्तेमाल नहीं करते या अपने डिवाइस में नया ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते। इसके प्रमुख फायदे हैं: सवाल 8. Google Calendar और Outlook के साथ क्या नया अपडेट आएगा? जवाब: दी गई जानकारी के मुताबिक, Meta ने Google Calendar और Outlook के साथ WhatsApp कॉल इंटीग्रेशन की योजना बताई है। इसके जरिए यूजर्स कैलेंडर इनवाइट के साथ WhatsApp कॉल का लिंक भी साझा कर सकेंगे। इस सुविधा के लिए WhatsApp प्लगइन इंस्टॉल करने और अकाउंट कनेक्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसकी उपलब्धता और लॉन्च की तारीख से जुड़ी जानकारी आधिकारिक अपडेट के आधार पर देखनी चाहिए। क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक सुरक्षा तकनीक है, जिसमें बातचीत को इस तरह सुरक्षित किया जाता है कि उसे केवल अधिकृत प्रतिभागी ही समझ सकें। WhatsApp कॉल में इसका उद्देश्य कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले लोगों की बातचीत को निजी रखना है। इससे सेवा देने वाली कंपनी समेत अन्य पक्षों के लिए बातचीत की सामग्री तक पहुंचना मुश्किल होता है। निष्कर्ष: WhatsApp का गेस्ट कॉलिंग फीचर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें बिना अकाउंट बनाए किसी कॉल या ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होना है। हालांकि, फीचर की उपलब्धता और इससे जुड़ी शर्तों की पुष्टि WhatsApp के आधिकारिक अपडेट से करना बेहतर होगा।

भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर 10 दिन में फैसला ले सकते हैं ट्रम्प, अमेरिकी दूत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर अगले करीब 10 दिनों में फैसला ले सकते हैं। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, इसका फैसला भी ट्रम्प ही करेंगे। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने से जुड़े अमेरिकी कानून के बाद भारत पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अब तक भारत पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संसद ने 16 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने से जुड़ा विधेयक पारित किया था। ट्रम्प ने 18 सितंबर को इसे मंजूरी दे दी, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध लगाने का फैसला नहीं किया। कानून के तहत 30 दिनों के भीतर इस संबंध में निर्णय लिया जाना जरूरी बताया गया है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी संसद ने प्रतिबंधों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। इनमें तेल खरीदना, गैस खरीदना और प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश को बनाना नहीं है। गोर के मुताबिक, संबंधित श्रेणियों में आने वाले देशों और पक्षों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत को किसी तरह की छूट मिलेगी या नहीं, यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में होगा। अमेरिका में डीजल महंगा, रूस से खरीद की तैयारी रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध के बाद अमेरिका में डीजल की कीमत बढ़कर 6.28 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। युद्ध से पहले इसकी कीमत करीब 3.70 डॉलर प्रति गैलन थी। ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसी बीच, ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक को 7 अप्रैल 2027 तक हटाने का फैसला लिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस पहले 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। आगे चलकर आपूर्ति की मात्रा 30 लाख टन तक पहुंचने की बात कही गई है। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले ईंधन की कीमतें एक अहम मुद्दा बनी हुई हैं। ऐसे में रूस से डीजल खरीदने के फैसले को कीमतों पर दबाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत में प्रगति सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर करीब डेढ़ साल से बातचीत जारी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ रक्षा, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों के बीच साझेदारी से दोनों देशों को लाभ मिल सकता है। भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला? अमेरिका की ओर से 100% टैरिफ लगाए जाने की स्थिति में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर पड़ सकता है। इससे दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील की बातचीत भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। फिलहाल भारत को छूट मिलेगी या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। आने वाले दिनों में ट्रम्प का फैसला दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर अहम साबित हो सकता है।

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

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