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Delhi

IMD Alert Delhi में अगले 48 घंटे तक नहीं मिलेगी राहत, हवा बहुत खराब श्रेणी में

Delhi-NCR में फिर घुला जहर दिवाली की रौनक खत्म होते ही दिल्ली की हवा में एक बार फिर जहर घुल गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार सुबह Delhi-NCR के ज्यादातर इलाकों में Air Quality Index (AQI) “बहुत खराब” (Very Poor) से लेकर “गंभीर” (Severe) कैटेगरी में दर्ज किया गया। बवाना में AQI 423, जहांगीरपुरी में 407 और आनंद विहार में 358 दर्ज किया गया। कई जगहों पर यह 450 के पार पहुँच गया है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक स्तर माना जाता है। Diwali के पटाखे और ठंडी हवाओं ने बढ़ाई मुश्किल Indian Meteorological Department (IMD) के अनुसार, दिवाली की रात पटाखों का धुआं, कम हवा की गति और तापमान में गिरावट ने प्रदूषण को और बढ़ा दिया।कम हवा चलने से प्रदूषक तत्व (pollutants) जमीन के पास फंसे रह गए, जिससे AQI में अचानक उछाल आया। वहीं, पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के मामलों में तेजी आई है, जिसका असर दिल्ली की हवा पर साफ दिख रहा है। IMD Weather Update: कब मिलेगी राहत? मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 से 48 घंटे में हवा की दिशा और गति में थोड़ा सुधार हो सकता है, जिससे Delhi Air Quality में कुछ राहत मिल सकती है।हालांकि अभी किसी बड़े सुधार की संभावना नहीं है। अगर हवा कमजोर रही तो अगले कुछ दिनों तक प्रदूषण का स्तर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में ही बना रहेगा। लागू हुआ GRAP Stage-II, बढ़े प्रतिबंध दिल्ली-एनसीआर में Commission for Air Quality Management (CAQM) ने Graded Response Action Plan (GRAP) Stage-II लागू कर दिया है।इसके तहत — Health Alert: लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए डॉक्टरों का कहना है कि “Severe” स्तर का AQI सभी लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।👉 बाहर जाते समय N95 Mask पहनें।👉 सुबह-शाम outdoor exercise से बचें।👉 घरों में air purifier या पौधों का उपयोग करें।👉 खिड़कियाँ बंद रखें और बच्चों-बुजुर्गों को विशेष ध्यान दें Delhi के प्रमुख इलाकों में AQI Level क्षेत्र AQI स्तर श्रेणी बवाना 423 Severe जहांगीरपुरी 407 Severe आनंद विहार 358 Very Poor आईटीओ 342 Very Poor द्वारका 310 Very Poor IMD Forecast: आगे क्या रहेगा मौसम IMD का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों तक हवा की गति धीमी रहेगी, जिससे Delhi Air Quality “Very Poor” श्रेणी में ही बनी रहेगी।अगर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ और हल्की बारिश हुई तो कुछ सुधार की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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RJD

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 RJD Candidates List और Tejashwi Yadav की Strategies

बिहार, 20 अक्टूबर 2025: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने Bihar Assembly Election 2025 के लिए अपनी उम्मीदवारों की 143 सदस्यीय सूची जारी कर दी है। इस सूची में कई बड़े नेता शामिल हैं, जो महागठबंधन (Grand Alliance) की जीत की रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। तेजस्वी यादव राघोपुर से चुनावी मैदान में RJD के प्रमुख नेता तेजस्वी यादव इस बार राघोपुर सीट से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी जनता के भरोसे पर खरा उतरने के लिए पूरी तैयारी कर रही है। प्रमुख उम्मीदवारों की सूची इन उम्मीदवारों को उन क्षेत्रों में उतारा गया है, जहां उनकी जीत की संभावना अधिक है। महागठबंधन में सीट बंटवारे का विवाद महागठबंधन में सीटों का बंटवारा अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है। RJD और कांग्रेस के बीच सीटों और राजनीतिक जमीन को लेकर मतभेद सामने आए हैं। वैशाली और लालगंज जैसी सीटों पर दोनों दल आमने-सामने हैं। चुनाव रणनीति और उम्मीदें RJD ने पूरी ताकत से चुनावी रणनीति बनाई है। उम्मीदवार जनता के बीच जाकर विकास और सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता देंगे। महागठबंधन का लक्ष्य भाजपा के मजबूत खेमे को चुनौती देना और विधानसभा में बहुमत हासिल करना है। संक्षिप्त जानकारी: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Modi

Narendra Modi BSF Diwali 2025 Soldiers को सम्मान देने का अनोखा तरीका

प्रधानमंत्री मोदी ने सैनिकों के साथ मनाई दिवाली कच्छ, गुजरात: Prime Minister Narendra Modi ने 2025 की Diwali गुजरात के कच्छ जिले के लक्की नाला में सीमा सुरक्षा बल (BSF) और भारतीय सेना के जवानों के साथ मनाई। इस अवसर पर पीएम मोदी ने जवानों को मिठाईयाँ वितरित कीं और उनके साथ समय बिताया। उन्होंने कहा, “ऐसी सरकार है इस देश में, जो एक इंच भी देश की भूमि से समझौता नहीं करेगी।” लगातार 12वीं बार सैनिकों के साथ दिवाली इस साल पीएम मोदी ने लगातार 12वीं बार सैनिकों के साथ Diwali मनाई। इसके अलावा उन्होंने भारतीय नौसेना के कर्मियों के साथ गोवा तट पर भी दिवाली मनाई और ऑपरेशन सिंधूर की सफलता का जश्न मनाया। कच्छ Border पर जवानों के साथ जश्न कच्छ में प्रधानमंत्री मोदी ने BSF, भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के जवानों के साथ दिवाली मनाई। उन्होंने Border Outpost (BOP) का दौरा किया और जवानों के उत्साहवर्धन के लिए उनके साथ संवाद किया। BSF Jawans की दिवाली BSF Jawans ने जैसलमेर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर दिवाली मनाई। जवानों ने मोमबत्तियाँ, दीपक जलाए, रंगोली बनाई और आतिशबाजी की। BSF कमांडेंट मुकेश पंवार ने कहा कि जवान इस त्योहार को परिवार के रूप में मना रहे हैं। सैनिकों के प्रति सम्मान और योगदान की मान्यता प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल सैनिकों के प्रति सम्मान और उनके योगदान की मान्यता को दर्शाती है। यह जवानों के लिए उत्साहवर्धक अनुभव रहा और देशवासियों को यह संदेश भी देता है कि हमारी सीमाओं की सुरक्षा में सैनिकों की मेहनत और समर्पण अमूल्य है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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अयोध्या

अयोध्या दीपोत्सव 2025 26,17,000 दीपक और Cultural Programs

अयोध्या, 2025 – Ayodhya Diwali 2025 का उत्सव इस बार और भी भव्य रहा। अयोध्या में कुल 26 लाख 17 हजार दीपक जलाए गए, जिससे पूरा शहर रौशनी और उत्साह से चमक उठा। यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि अयोध्या को tourist attraction के रूप में भी उभरने में मदद करता है। शहर के हर कोने में दीपकों की रोशनी ने एक अद्भुत visual spectacle प्रस्तुत किया। लोग सुबह से ही अपने घरों और मंदिरों में दीपक जलाने में जुटे रहे। प्रशासन और स्थानीय समुदाय ने मिलकर सुरक्षा और आयोजन को पूरी तरह सुचारू बनाया। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का Grand Diwali Celebration न सिर्फ धार्मिक श्रद्धा को बढ़ाता है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और tourism के लिए भी लाभदायक होता है। दूर-दूर से आगंतुक अयोध्या पहुंचे और इस रौशनी के महोत्सव का आनंद लिया। इस आयोजन में मुख्य आकर्षण थे: Ayodhya Diwali 2025 ने यह साबित कर दिया कि भारतीय परंपराएं और उत्सव आज भी लोगों को जोड़ने और खुशियों का आदान-प्रदान करने में सक्षम हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump

Trump Warning to India रूस से तेल खरीद पर बोले ट्रंप – “देने होंगे Heavy Tariffs”

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर भारत और प्रधानमंत्री Narendra Modi को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने मोदी से बातचीत की थी, जिसमें मोदी ने कहा था कि भारत Russia से Oil खरीदना बंद कर देगा।ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर भारत ऐसा नहीं करता है, तो उसे “Massive Tariffs” यानी भारी शुल्क चुकाने होंगे। India का सख्त जवाब: “हमारी Energy Policy उपभोक्ताओं और राष्ट्रीय हित पर आधारित है” भारत सरकार ने Trump के इस दावे को तुरंत खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि भारत की ऊर्जा नीति पूरी तरह से उपभोक्ता हितों और ऊर्जा सुरक्षा पर आधारित है। MEA के प्रवक्ता ने कहा – “हमारी आयात नीति का उद्देश्य भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है। हम अपने ऊर्जा स्रोतों को विविध बना रहे हैं और हर निर्णय राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर लेते हैं।” Russia से तेल खरीद भारत के लिए क्यों जरूरी है? भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है। रूस से मिलने वाला सस्ता Crude Oil भारत की आर्थिक स्थिरता के लिए बेहद अहम है।यूक्रेन युद्ध के बाद जब कई देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगाए, तब भारत ने अपने आर्थिक हित (Economic Interests) को प्राथमिकता दी और रूस से तेल आयात जारी रखा। इससे देश में Petrol-Diesel की कीमतें स्थिर रहीं और महंगाई नियंत्रण में रही। Trump का Warning: “India को चुकाने होंगे भारी Tariffs” ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि अगर भारत रूस से तेल खरीदता रहा, तो उसे भारी टैरिफ देना होगा।उन्होंने कहा – “मैंने प्रधानमंत्री मोदी से बात की थी। उन्होंने कहा कि वे रूस से तेल नहीं खरीदेंगे, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो भारत को Massive Tariffs देने होंगे।” यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप दोबारा अमेरिकी राजनीति में सक्रिय हैं और चुनावी रैलियों में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर जोर दे रहे हैं। India-US Trade Relations पर असर विशेषज्ञों का मानना है कि अगर Trump फिर से सत्ता में आते हैं, तो भारत-अमेरिका व्यापारिक रिश्तों में Trade Tension बढ़ सकता है।ट्रंप प्रशासन ने पहले भी भारत के Textile, Steel और Pharma exports पर भारी आयात शुल्क लगाया था।अब यह नया बयान भारत के लिए संकेत है कि अमेरिका भविष्य में Oil Import Policy को लेकर सख्त रुख अपना सकता है। India की रणनीति: “संतुलन और आत्मनिर्भरता” भारत की नीति हमेशा से रणनीतिक स्वतंत्रता पर आधारित रही है।भारत अमेरिका, रूस, सऊदी अरब और यूएई जैसे कई देशों से तेल आयात करता है ताकि किसी एक स्रोत पर निर्भरता न रहे।सरकार का मानना है कि “हम किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपने हित में निर्णय लेते हैं।” विश्लेषण (Analysis): क्या बदल सकते हैं ग्लोबल समीकरण? Trump के इस बयान से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नया राजनीतिक संदेश गया है।अगर अमेरिका रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर दबाव बढ़ाता है, तो यह Global Energy Market में बड़ा बदलाव ला सकता है।हालांकि भारत ने साफ कहा है कि उसका हर कदम राष्ट्रीय हित और ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bihar Election : INDIA ब्लॉक में मतभेद, बीजेपी ने कसा तंज

Bihar Election : INDIA ब्लॉक में मतभेद, बीजेपी ने कसा तंज

Bihar Election के पहले चरण के नामांकन खत्म होते ही INDIA ब्लॉक के भीतर खींचतान तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक, करीब 10 सीटों पर महागठबंधन के उम्मीदवार आमने-सामने हैं। यानी एक ही गठबंधन के दो नेता एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में हैं, जिससे अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। बीजेपी इस स्थिति पर हमलावर हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लालू प्रसाद यादव बिहार में फिर से जंगलराज लाना चाहते हैं। शाह ने दावा किया कि जनता अब यह सब बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा, “बिहार में अब विकास और सुशासन की सरकार चाहिए, न कि भ्रष्टाचार और परिवारवाद की।” इधर, महागठबंधन के अंदर सीट बंटवारे को लेकर अभी भी कई जगहों पर असंतोष देखा जा रहा है। कांग्रेस, राजद, और वामपंथी दलों के कार्यकर्ता अपने-अपने प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार में जुट गए हैं, लेकिन कई सीटों पर ये गठबंधन की एकता पर सवाल खड़े कर रहे हैं। पहले चरण के नामांकन की प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है, और अब राजनीतिक दल पूरी ताकत से प्रचार में उतर गए हैं। आने वाले दिनों में नेताओं की बड़ी-बड़ी रैलियां देखने को मिलेंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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RSS

Karnataka News RSS कार्यक्रम में अधिकारी की मौजूदगी पर सस्पेंशन, BJP ने कांग्रेस पर साधा निशाना

कर्नाटक में एक सरकारी अधिकारी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यक्रम में शामिल होने पर सस्पेंड कर दिया गया है। इस घटना ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। बीजेपी ने कांग्रेस सरकार पर “Anti-Hindu” रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। कौन हैं सस्पेंड किए गए अधिकारी? निलंबित अधिकारी का नाम प्रवीण कुमार के.पी. है, जो राइचुर जिले के सिरवार तालुक में पंचायत विकास अधिकारी (PDO) के रूप में काम कर रहे थे।12 अक्टूबर को वे RSS की शाखा परेड (Route March) में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने संघ की पारंपरिक वेशभूषा पहनी थी और हाथ में लाठी रखी थी। सरकार का आदेश – नियमों का उल्लंघन कर्नाटक के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज (RDPR) विभाग ने आदेश जारी करते हुए कहा कि अधिकारी नेKarnataka Civil Services Conduct Rules 2021 के नियम 3 का उल्लंघन किया है,जिसमें सरकारी कर्मचारियों को राजनीतिक तटस्थता (Political Neutrality) बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने कहा कि प्रवीण कुमार का यह व्यवहार “सरकारी सेवा की गरिमा के खिलाफ” है।अब उनके खिलाफ Departmental Inquiry (विभागीय जांच) शुरू की गई है और निलंबन अवधि में उन्हें केवल Subsistence Allowance मिलेगा। BJP का पलटवार – कांग्रेस पर Anti-Hindu एजेंडा का आरोप बीजेपी ने इस निलंबन को कांग्रेस सरकार की Anti-Hindu Mentality का उदाहरण बताया।पार्टी नेताओं ने कहा कि, “RSS देशभक्ति और राष्ट्र निर्माण की भावना से काम करने वाला संगठन है, लेकिन कांग्रेस सरकार हिंदू संगठनों को निशाना बना रही है।” बीजेपी प्रवक्ताओं ने इसे कांग्रेस की राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया और कहा कि राज्य सरकार “Hindutva विरोधी एजेंडा” पर काम कर रही है। पृष्ठभूमि – RSS पर कांग्रेस सरकार की सख्ती हाल ही में कर्नाटक सरकार ने एक नियम लागू किया है जिसके अनुसारकिसी भी संगठन को सार्वजनिक जगहों पर कार्यक्रम करने से पहले सरकार से अनुमति लेनी होगी।इसके बाद कई RSS आयोजनों पर रोक लगी है।कांग्रेस मंत्री प्रियंक खड़गे ने भी कहा था कि “RSS जैसी संस्थाओं को सरकारी परिसरों में अनुमति नहीं दी जाएगी।” प्रवीण कुमार फिलहाल सस्पेंड हैं और जांच पूरी होने के बाद उनके भविष्य पर निर्णय लिया जाएगा।राज्य में यह मुद्दा अब राजनीतिक और वैचारिक बहस का केंद्र बन गया है।
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Bihar Election

Bihar Election 2025 BJP-JDU-RJD में Candidate List की जंग, NDA vs Mahagathbandhan में टक्कर तेज

Bihar Election 2025 अब पूरी तरह से गर्म हो चुका है। NDA और Mahagathbandhan (महागठबंधन) के बीच सीट बंटवारे और उम्मीदवारों की घोषणाओं को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। हर पार्टी अपने जातीय और सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश में जुटी है। JDU ने जारी की पूरी Candidate List – नए और पुराने चेहरों का मिश्रण जनता दल (यूनाइटेड) यानी JDU ने 101 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है।पहली लिस्ट में 57 और दूसरी लिस्ट में 44 नाम शामिल किए गए हैं।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी ने इस बार युवा नेताओं और महिलाओं को भी पर्याप्त मौका दिया है। पार्टी का फोकस EBC (Extremely Backward Class) और महिला मतदाताओं पर है।कई पुराने नेताओं को हटाकर नए चेहरों को टिकट दिया गया है। BJP की पहली List – 71 उम्मीदवारों का ऐलान, 11 विधायकों की छुट्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी पहली सूची में 71 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है।पार्टी ने इस बार 11 मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं दिया, जिससे स्पष्ट है कि बीजेपी नए चेहरों पर भरोसा जता रही है। बीजेपी ने कुल मिलाकर अब तक 101 सीटों के लिए नाम तय किए हैं। पार्टी का लक्ष्य है – जातीय संतुलन के साथ युवा और साफ-सुथरी छवि वाले उम्मीदवारों को मैदान में उतारना। Congress ने जारी की 48 नामों की पहली लिस्ट, असंतोष बरकरार कांग्रेस पार्टी ने भी अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है जिसमें 48 उम्मीदवारों को टिकट मिला है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम को कुटुंबा से उम्मीदवार बनाया गया है जबकि शकील अहमद खाँ को कटवा सीट से उतारा गया है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, महागठबंधन (Mahagathbandhan) में सीट बंटवारे को लेकर अब भी तनाव और असहमति बनी हुई है।कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि RJD उन्हें कमजोर सीटें दे रही है। LJP (Ram Vilas) ने 29 उम्मीदवार उतारे – ‘Quality over Quantity’ पर जोर चिराग पासवान की पार्टी LJP (Ram Vilas) ने इस बार 29 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है, जिनमें 6 महिलाएं शामिल हैं।पार्टी ने कहा कि वे “कम सीटों पर परंतु जीतने योग्य उम्मीदवार” ही मैदान में उतारेंगे। चिराग पासवान ने संकेत दिया है कि उनकी नजर भविष्य में मुख्यमंत्री पद (CM Post) पर भी है। AIMIM और Azad Samaj Party का नया मोर्चा – Grand Democratic Alliance (GDA) AIMIM ने Azad Samaj Party और Apna Janata Party के साथ मिलकर नया गठबंधन Grand Democratic Alliance (GDA) बनाया है।यह गठबंधन इस बार 64 सीटों पर चुनाव लड़ेगा। GDA का लक्ष्य है — अल्पसंख्यक, दलित और पिछड़े वर्ग के वोटरों को जोड़ना।असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि “यह बिहार की राजनीति को नया विकल्प देगा।” जातीय समीकरण और रणनीति: कुशवाहा वोट बैंक पर सबकी नजर इस बार कुशवाहा समुदाय का वोट बैंक सबसे बड़ा फैक्टर बनकर उभरा है।NDA ने लगभग 14 कुशवाहा प्रत्याशियों को टिकट देकर इस समुदाय को साधने की कोशिश की है।वहीं RJD भी यादव-मुस्लिम समीकरण के साथ कुशवाहा और महादलित वोटरों को लुभाने में लगी है। परिवारवाद और टिकट वितरण पर विवाद एनडीए और महागठबंधन दोनों में परिवारवाद को लेकर आलोचनाएँ तेज हैं।एक पूर्व सांसद के तीन रिश्तेदार दो अलग-अलग दलों से मैदान में उतर चुके हैं।राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बिहार की राजनीति में वंशवाद (Dynasty Politics) अभी भी गहराई से मौजूद है। Tejashwi Yadav ने भरा नामांकन, पिता लालू और मां राबड़ी देवी रहे साथ RJD नेता तेजस्वी यादव ने राघोपुर सीट से नामांकन दाखिल किया।उनके साथ उनके पिता लालू प्रसाद यादव और मां राबड़ी देवी मौजूद रहीं।तेजस्वी ने कहा — “बिहार अब बदलाव चाहता है, हमारी लड़ाई बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ है।” Bihar Election 2025 में मुकाबला बेहद रोचक होता जा रहा है।एक तरफ NDA (BJP + JDU + LJP) एकता दिखाने की कोशिश में है,वहीं दूसरी ओर Mahagathbandhan (RJD + Congress + Left) अंदरूनी असंतोष से जूझ रहा है। जातीय समीकरण, नए गठबंधन (GDA) और युवा चेहरों की भूमिका इस बार निर्णायक साबित हो सकती है।जनता की निगाह अब इस बात पर है कि कौन-सी पार्टी “विकास” और “रोजगार” के असली मुद्दों को उठाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Gujarat New Cabinet 2025: हर्ष संघवी बने डिप्टी सीएम, 19 नए चेहरे शामिल और 16 ने छोड़ा पद

Gujarat New Cabinet 2025: हर्ष संघवी बने डिप्टी सीएम, 19 नए चेहरे शामिल और 16 ने छोड़ा पद

Gujarat की राजनीति में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला। राज्य में नई कैबिनेट का गठन हुआ और 26 मंत्रियों ने शपथ ली। खास बात यह रही कि इनमें से 19 नए चेहरे हैं, जिससे पार्टी ने एक बार फिर युवाओं और नए नेतृत्व पर भरोसा जताया है। नई कैबिनेट में हर्ष संघवी को डिप्टी सीएम बनाया गया है। वे लंबे समय से संगठन और सरकार दोनों में सक्रिय रहे हैं और युवाओं में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।गौरतलब है कि इससे पहले बुधवार को 16 मंत्रियों ने अपना इस्तीफा दिया था, जिससे नए मंत्रियों के लिए रास्ता साफ हुआ। शपथ समारोह गांधीनगर में हुआ, जहां मुख्यमंत्री, वरिष्ठ नेता और कई केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे। भाजपा नेतृत्व का कहना है कि यह टीम “युवा और अनुभवी नेतृत्व” का संतुलन पेश करती है। इस बदलाव के साथ अब उम्मीद की जा रही है कि गुजरात सरकार नई ऊर्जा और दृष्टिकोण के साथ जनता के बीच काम करेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Russia

Russia Oil Controversy Trump के बयान पर Modi सरकार ने दी बड़ी प्रतिक्रिया

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के बयान ने भारत की विदेश नीति को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि PM Narendra Modi ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भारत अब Russia से Oil नहीं खरीदेगा।इस बयान ने राजनीतिक हलचल मचा दी, और इसके बाद भारत सरकार को तुरंत सफाई देनी पड़ी। Trump का बयान: “Modi ने कहा अब Russia से Oil नहीं खरीदेंगे” एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में Donald Trump ने कहा — “PM Modi assured me that India will stop buying oil from Russia. He said he’s not buying it anymore.” ट्रंप ने हँसी-मजाक में यह भी जोड़ा — “I don’t want to destroy his political career.” यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई राजनीतिक विशेषज्ञों ने इसे कूटनीतिक दबाव (Diplomatic Pressure) के रूप में देखा। भारत की प्रतिक्रिया: “National Interest हमारी प्राथमिकता” विदेश मंत्रालय (MEA) ने ट्रंप के बयान को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया दी और कहा कि भारत अपनी Energy Policy पूरी तरह National Interest के आधार पर तय करता है।सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि मोदी और ट्रंप के बीच हाल में कोई बातचीत नहीं हुई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा — “India takes decisions on energy purchases based on national interest and consumer needs.” Russia का जवाब: “India को हमारा Oil लाभदायक” Russia ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत को रूस से मिलने वाला Discounted Crude Oil उसकी अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद है।रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि “India-Russia energy partnership दोनों देशों के लिए लाभकारी है और इसे जारी रखा जाएगा।” Opposition का हमला: Rahul Gandhi का बयान कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने इस मुद्दे पर मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी Trump के दबाव में हैं और देश के हित की रक्षा करने में नाकाम साबित हो रहे हैं।”विपक्ष ने मांग की कि सरकार को इस मामले पर संसद में विस्तृत सफाई देनी चाहिए। पृष्ठभूमि: क्यों ज़रूरी है Russia से Oil Import? रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से भारत ने Russia से सस्ता तेल खरीदना (Cheap Oil Import) जारी रखा है।भारत की लगभग 80% ऊर्जा जरूरतें आयात पर निर्भर हैं, इसलिए सस्ता तेल भारत की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है। अमेरिका और यूरोपीय देशों ने कई बार भारत से रूस से खरीद कम करने की अपील की है, लेकिन भारत ने हमेशा कहा है कि वह अपने National & Consumer Interests के अनुसार निर्णय लेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

Mallikarjun Kharge Shuddhikaran Row: मंच ‘शुद्ध’ कराने पर बवाल, Rahul Gandhi ने BJP-RSS को घेरा

 उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष Rahul Gandhi मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर मंच के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर Rahul Gandhi ने BJP और RSS पर जातिगत भेदभाव तथा ‘मनुवादी सोच’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। वहीं, BJP ने आरोपों से दूरी बनाते हुए मामले की जांच कराने की बात कही है। क्या है Haldwani Shuddhikaran विवाद? मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली को संबोधित किया था। रैली के कुछ दिन बाद कथित तौर पर कुछ लोगों ने मैदान में पूजा-पाठ और हवन कर ‘शुद्धिकरण’ किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई खड़गे के दलित समुदाय से होने के कारण की गई। पार्टी ने इसे छुआछूत और जातिगत भेदभाव की मानसिकता का उदाहरण बताया है। हालांकि, BJP की ओर से कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया गया है। BJP नेताओं का कहना है कि रैली के दौरान लगाए गए कुछ नारों से धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं और इसी वजह से धार्मिक अनुष्ठान किया गया था। BJP ने इस कार्रवाई को खड़गे की जाति से जोड़ने पर भी सवाल उठाए हैं। Mallikarjun Kharge ने राज्यसभा में उठाया मुद्दा मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मामले को राज्यसभा में भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाषण के बाद उस मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया गया, जिससे उन्हें बेहद अपमानित महसूस हुआ। खड़गे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर अपवित्र मानना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ Untouchability Act के तहत कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। खड़गे का कहना है कि ऐसी घटनाएं केवल किसी एक व्यक्ति का अपमान नहीं हैं, बल्कि देश में सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों पर भी सवाल खड़े करती हैं। Rahul Gandhi का BJP-RSS पर हमला हल्द्वानी के इस विवाद पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कथित ‘शुद्धिकरण’ को दलितों के अपमान से जोड़ते हुए BJP और RSS पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस तरह की सोच BJP-RSS की कथित ‘मनुवादी मानसिकता’ को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और छुआछूत तथा जातिगत भेदभाव के लिए आधुनिक भारत में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को सामाजिक न्याय और दलित सम्मान से जोड़ते हुए सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। क्या Rahul Gandhi ने SC/ST Act के तहत FIR की मांग की? इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार SC/ST Act के तहत FIR दर्ज कराने की स्पष्ट मांग राहुल गांधी की ओर से नहीं बताई गई है। रिपोर्टों में मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा Untouchability Act के तहत मामला दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग का उल्लेख है। वहीं, राहुल गांधी ने घटना को दलितों के अपमान, जातिगत भेदभाव और कथित मनुवादी सोच से जोड़कर BJP-RSS पर राजनीतिक हमला किया। इसलिए खबर को पेश करते समय राहुल गांधी के बयान और खड़गे की कानूनी कार्रवाई की मांग को अलग-अलग रखना जरूरी है। BJP ने क्या कहा? BJP ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि वह किसी भी तरह के भेदभावपूर्ण व्यवहार का समर्थन नहीं करती। केंद्रीय मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने मामले की जांच का आश्वासन दिया। BJP नेताओं का कहना है कि घटना के पीछे धार्मिक कारण हो सकते हैं और इसे खड़गे की जाति से जोड़ना उचित नहीं है। अब इस मामले में जांच के परिणाम महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि इसी से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित ‘शुद्धिकरण’ किसने कराया और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था। कांग्रेस ने राज्यपाल से भी की शिकायत मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने उत्तराखंड के राज्यपाल से मुलाकात कर कथित ‘शुद्धिकरण’ की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है। कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर किसी सार्वजनिक स्थान या मंच को ‘अपवित्र’ माना गया है, तो यह गंभीर सामाजिक और संवैधानिक मुद्दा है। Haldwani Row बना Political मुद्दा हल्द्वानी का ‘शुद्धिकरण’ विवाद अब स्थानीय घटना से आगे बढ़कर राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा बन गया है। कांग्रेस इसे Dalit dignity, social equality और constitutional values से जोड़ रही है, जबकि BJP कांग्रेस पर घटना को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगा रही है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच इस मामले में जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर है। विवाद के आगे बढ़ने के साथ Rahul Gandhi, Mallikarjun Kharge, Haldwani Shuddhikaran Row, FIR और SC/ST Act जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने हुए हैं।
H-1B

H-1B Rules में बड़ा बदलाव: Trump हटाएंगे 60 Days Grace Period? Indian IT Professionals पर असर

अमेरिका में काम करने वाले भारतीय H-1B visa holders के लिए Donald Trump administration की immigration policies लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। अब H-1B के तहत मिलने वाली 60 Days Grace Period को खत्म करने की तैयारी की खबरों ने भारतीय IT professionals के बीच नई चिंता पैदा कर दी है। अगर यह प्रस्ताव अंतिम रूप से लागू होता है, तो नौकरी जाने के बाद H-1B workers को अमेरिका में नई नौकरी तलाशने के लिए मिलने वाली मौजूदा 60 दिनों की राहत खत्म हो सकती है। इसके साथ ही H-1B visa से जुड़ी बढ़ी हुई लागत और दूसरे proposed immigration changes भी भारतीय professionals के लिए अमेरिका में नौकरी और long-term career planning को प्रभावित कर सकते हैं। क्या है H-1B 60 Days Grace Period? मौजूदा नियमों के तहत, अगर किसी H-1B worker की नौकरी समाप्त हो जाती है, तो कुछ परिस्थितियों में उसे अधिकतम 60 दिन या उसके authorized stay की समाप्ति तक, जो भी पहले हो, अमेरिका में रहने की अनुमति मिल सकती है। इस दौरान कर्मचारी: टेक्नोलॉजी सेक्टर में layoffs के दौरान यह grace period H-1B workers के लिए एक महत्वपूर्ण safety net बन गई है। Trump Administration क्यों बदलना चाहती है H-1B Rules? Trump administration लंबे समय से अमेरिकी workers को प्राथमिकता देने और foreign workers पर अमेरिकी कंपनियों की निर्भरता कम करने की नीति पर जोर देती रही है। प्रस्तावित बदलावों का व्यापक उद्देश्य H-1B program में ज्यादा सख्ती और oversight लाना है। हालांकि, 60-day grace period को खत्म करने का प्रस्ताव अभी अंतिम रूप से लागू नियम नहीं माना जा सकता। अंतिम regulatory process और effective date यह तय करेंगे कि बदलाव वास्तव में कब और किस रूप में लागू होगा। Indians पर सबसे बड़ा असर क्या होगा? H-1B program में भारतीय professionals की बड़ी हिस्सेदारी होने के कारण किसी भी बड़े बदलाव का असर भारतीयों पर विशेष रूप से पड़ सकता है। 1. Layoff के बाद बढ़ेगा Immigration Pressure अगर किसी भारतीय H-1B employee की नौकरी चली जाती है, तो मौजूदा 60 दिनों का buffer उपलब्ध नहीं होने पर उसे बहुत तेजी से नया employer या दूसरा वैध immigration option तलाशना पड़ सकता है। इससे layoffs का असर सिर्फ नौकरी खोने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिका में रहने की स्थिति भी तुरंत चिंता का विषय बन सकती है। 2. IT Professionals पर ज्यादा असर भारतीय H-1B workers की बड़ी संख्या technology और specialized professional roles में काम करती है। इसलिए software engineers, IT consultants, data professionals और दूसरे skilled workers के लिए नौकरी बदलने की समय-सीमा महत्वपूर्ण हो सकती है। नई व्यवस्था में companies के बीच job switch करने की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा जल्दी पूरा करना जरूरी हो सकता है। 3. कम समय में Job Search का दबाव 60 दिन की grace period खत्म होने की स्थिति में कर्मचारी के पास नई नौकरी तलाशने के लिए कम flexibility होगी। ऐसे में कुछ workers को: H-1B Fee में भारी बढ़ोतरी से भी बढ़ी चिंता H-1B program में प्रस्तावित एक और बड़ा बदलाव इसकी लागत से जुड़ा है। Trump administration ने नए H-1B petitions से जुड़ी $103,265 की proposed fee को लेकर कदम उठाए हैं। यह समझना जरूरी है कि इसका अर्थ यह नहीं है कि हर H-1B employee को अपनी जेब से करीब $100,000 देना होगा। यह मुख्य रूप से employer-side cost से जुड़ा प्रस्ताव है। फिर भी इतनी बड़ी लागत कंपनियों के hiring decisions को प्रभावित कर सकती है। Indian IT Companies के लिए क्या बदल सकता है? H-1B rules में सख्ती और बढ़ी हुई लागत का असर भारतीय IT companies की US business strategy पर भी पड़ सकता है। कंपनियां संभावित रूप से: इसका मतलब यह हो सकता है कि आने वाले समय में भारतीय IT professionals के लिए US onsite opportunities की competition और बढ़ जाए। H-4 Visa पर रहने वाले परिवारों पर भी असर H-1B employee की immigration स्थिति का असर उसके परिवार पर भी पड़ सकता है। H-4 status पर अमेरिका में रहने वाले spouse और children के लिए भी primary H-1B holder की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। अगर principal H-1B worker को नौकरी जाने के बाद जल्दी नया immigration solution नहीं मिलता, तो परिवार को भी relocation या दूसरे immigration options पर विचार करना पड़ सकता है। इसका असर बच्चों की schooling, spouse की employment और परिवार की financial planning पर भी पड़ सकता है। क्या हर H-1B worker को नौकरी जाते ही अमेरिका छोड़ना पड़ेगा? यह सबसे महत्वपूर्ण बात है। 60-day grace period खत्म करने का प्रस्ताव अगर लागू होता भी है, तो उसकी वास्तविक conditions अंतिम नियम में स्पष्ट होंगी। इसके अलावा H-1B worker की स्थिति उसके individual immigration circumstances, pending petitions, authorized stay और उपलब्ध दूसरे legal options पर निर्भर कर सकती है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि grace period हटते ही हर H-1B worker को नौकरी खत्म होने के अगले दिन अमेरिका छोड़ना पड़ेगा। क्या भारतीयों के लिए US में Jobs खत्म हो जाएंगी? ऐसा कहना भी सही नहीं होगा। अमेरिका की technology, healthcare, research, engineering और दूसरे specialized sectors में skilled professionals की मांग बनी हुई है। लेकिन नए नियमों से H-1B sponsorship की लागत और immigration uncertainty बढ़ सकती है। इसका सबसे बड़ा असर नए applicants और ऐसे professionals पर पड़ सकता है जिन्हें employer sponsorship की जरूरत है। H-1B Indians के लिए आगे क्या महत्वपूर्ण होगा? भारतीय H-1B professionals को आने वाले समय में immigration policy में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी होगी। खासकर ये चार चीजें महत्वपूर्ण रहेंगी: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
PM Modi

PM Modi in Uzbekistan: SCO Summit से पहले पीएम मोदी का बड़ा बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) शनिवार को Uzbekistan और Kyrgyz Republic के चार दिवसीय दौरे के लिए रवाना हो गए। 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक चलने वाली इस यात्रा में पीएम मोदी पहले उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद जाएंगे। इसके बाद वह किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाले 26वें Shanghai Cooperation Organisation (SCO) Summit में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे से पहले कहा कि भारत SCO के सदस्य देशों के साथ मिलकर ऐसा क्षेत्र बनाने की दिशा में काम करेगा, जो आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से मुक्त हो। उन्होंने SCO के लिए भारत की प्राथमिकताओं को Security, Connectivity और Opportunity से जोड़ा है। PM Modi Uzbekistan Visit: द्विपक्षीय संबंधों पर होगी अहम बातचीत उज्बेकिस्तान की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेताओं के बीच भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों को और मजबूत करने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इस दौरान Trade and Investment, Defence, Energy, Education और Digital Connectivity जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। भारत के लिए उज्बेकिस्तान Central Asia का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। ऐसे में पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Tashkent में Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre जाएंगे PM Modi ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी Lal Bahadur Shastri Memorial और Mahatma Gandhi Centre का दौरा भी करेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया जाएगा। भारत और Central Asia के बीच सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। मौजूदा दौर में दोनों पक्ष इन रिश्तों को आधुनिक आर्थिक और रणनीतिक सहयोग में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। SCO Summit 2026 में Terrorism पर भारत का सख्त रुख उज्बेकिस्तान दौरे के बाद पीएम मोदी 31 अगस्त और 1 सितंबर को बिश्केक में होने वाले 26वें SCO Summit में शामिल होंगे। यह सम्मेलन SCO की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। SCO Summit में regional security, terrorism, extremism, connectivity और economic cooperation जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत कार्रवाई की वकालत करता रहा है। पीएम मोदी ने कहा है कि भारत SCO के माध्यम से ऐसे क्षेत्र के निर्माण के लिए काम करेगा, जो terrorism, separatism और extremism से मुक्त हो। उनका यह संदेश SCO Summit में भारत की सुरक्षा प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। Security और Connectivity पर भी रहेगा फोकस SCO के मंच पर भारत के लिए Security, Connectivity और Opportunity प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। मध्य एशिया के साथ बेहतर connectivity भारत के आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है। व्यापार मार्गों, ऊर्जा सहयोग, डिजिटल कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने से भारत और Central Asian देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूती मिल सकती है। प्रधानमंत्री मोदी SCO Summit के दौरान अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ Bilateral Meetings भी कर सकते हैं। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की संभावना है। World Nomad Games के Opening Ceremony में शामिल होंगे PM Modi किर्गिस्तान दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी 6th World Nomad Games के Opening Ceremony में भी शामिल होंगे। यह आयोजन Central Asia की पारंपरिक संस्कृति, खेल और विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करता है। पीएम मोदी की इस कार्यक्रम में भागीदारी भारत और किर्गिस्तान के बीच people-to-people और cultural ties को और मजबूत करने का अवसर भी होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
RBI

EMI नहीं चुकाई तो क्या होगा? RBI Loan Recovery Rules में बदलाव, जानिए Bank क्या नहीं कर सकता

अगर आपने Personal Loan, Home Loan, Car Loan या किसी अन्य तरह का Loan लिया है और किसी वजह से EMI समय पर नहीं चुका पा रहे हैं, तो आपके लिए RBI के Loan Recovery Rules जानना बेहद जरूरी है। EMI डिफॉल्ट होने पर बैंक या NBFC बकाया रकम की Recovery कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे RBI के नियमों का पालन करना जरूरी है। कई लोग यह मान लेते हैं कि EMI मिस होने के बाद Recovery Agent घर आकर धमका सकता है या किसी भी समय फोन कर सकता है। ऐसा नहीं है। RBI ने Loan Recovery के दौरान ग्राहकों के सम्मान, Privacy और उचित व्यवहार को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। EMI Miss होने पर सबसे पहले क्या होता है? अगर आपकी EMI तय तारीख पर जमा नहीं होती है, तो बैंक इसे Overdue Payment के रूप में दर्ज कर सकता है। Loan Agreement के मुताबिक बैंक बकाया रकम के साथ लागू ब्याज या अन्य वैध Charges की मांग कर सकता है। अगर EMI लगातार Miss होती रहती है, तो बैंक ग्राहक से संपर्क कर सकता है और बकाया रकम चुकाने के लिए कह सकता है। लंबे समय तक भुगतान न होने पर बैंक अपने नियमों और लागू कानून के अनुसार Recovery Process आगे बढ़ा सकता है। इसलिए RBI के नियमों का मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं चुकाने पर बैंक पैसा नहीं मांग सकता। नियम मुख्य रूप से यह तय करते हैं कि Recovery किस तरीके से की जा सकती है। RBI Loan Recovery Rules: Bank आपको कब कॉल कर सकता है? RBI के निर्देशों के अनुसार Overdue Loan की Recovery के लिए ग्राहक से सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद संपर्क नहीं किया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि Recovery Agent ग्राहकों को अनुचित समय पर फोन करके परेशान न करें। अगर कोई Recovery Agent लगातार देर रात या सुबह-सुबह कॉल करता है, तो ग्राहक इस मामले की शिकायत संबंधित Bank या NBFC से कर सकता है। Recovery Agent आपको धमका नहीं सकता Loan की Recovery के लिए Bank या NBFC Recovery Agent की मदद ले सकता है, लेकिन Agent को ग्राहक के साथ धमकी, गाली-गलौज, अपमानजनक व्यवहार या मानसिक दबाव बनाने की अनुमति नहीं है। Recovery का उद्देश्य बकाया रकम की वसूली करना है, ग्राहक को डराना या परेशान करना नहीं। RBI ने Regulated Entities को अपने Recovery Agents की गतिविधियों पर उचित निगरानी रखने की जिम्मेदारी भी दी है। परिवार और दोस्तों को भी परेशान नहीं कर सकता Bank अगर आपकी EMI बकाया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent आपके परिवार, दोस्तों या परिचितों को परेशान करके आप पर दबाव बनाए। ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना जरूरी है। किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करना या उसके कर्ज की जानकारी का अनुचित तरीके से इस्तेमाल करना Recovery का स्वीकार्य तरीका नहीं है। क्या Bank घर आकर Recovery कर सकता है? बकाया Loan की Recovery के लिए Bank या उसका अधिकृत Recovery Agent ग्राहक से संपर्क कर सकता है। हालांकि, Recovery करते समय निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। अगर Loan के बदले कोई Asset जैसे Car, Property या अन्य Security रखी गई है, तो Default की स्थिति में Bank के पास कानून और Loan Agreement के तहत Recovery के अधिकार हो सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि Recovery Agent अपनी मर्जी से जबरन सामान या संपत्ति पर कब्जा कर सकता है। Loan Default होने पर Credit Score पर भी असर पड़ सकता है EMI का लगातार भुगतान न करने का असर केवल Bank Recovery तक सीमित नहीं रहता। Loan Repayment History आपके Credit Profile को प्रभावित कर सकती है। अगर Loan Account में लगातार Default होता है, तो भविष्य में Loan या Credit Card लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए आर्थिक परेशानी होने पर EMI को नजरअंदाज करने के बजाय Bank से समय रहते संपर्क करना बेहतर होता है। Recovery Agent परेशान करे तो क्या करें? अगर कोई Recovery Agent RBI के नियमों का उल्लंघन करता है, तो ग्राहक को सबसे पहले संबंधित Bank या NBFC के Grievance Redressal Mechanism में शिकायत करनी चाहिए। शिकायत करते समय कॉल रिकॉर्ड, SMS, WhatsApp Message, Email या अन्य उपलब्ध सबूत सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है। अगर Bank या NBFC से शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो पात्र मामलों में RBI की Ombudsman व्यवस्था के तहत शिकायत की जा सकती है। क्या EMI नहीं भरने पर Bank Loan माफ कर देगा? नहीं। RBI के Recovery Rules का उद्देश्य ग्राहकों को अनुचित Recovery Practices से सुरक्षा देना है। इसका मतलब यह नहीं है कि EMI नहीं भरने पर Loan अपने आप माफ हो जाएगा। Bank अपने Loan Agreement और लागू कानून के अनुसार बकाया रकम की Recovery कर सकता है। लंबे समय तक Default की स्थिति में कानूनी कार्रवाई भी संभव है। EMI भरने में परेशानी हो तो क्या करें? अगर आपको लगता है कि किसी महीने या आने वाले समय में EMI भरना मुश्किल हो सकता है, तो Bank या NBFC से जल्द संपर्क करें। अपनी Financial Situation के बारे में जानकारी देकर उपलब्ध विकल्पों के बारे में पूछें। सबसे जरूरी बात यह है कि Recovery Agent के दबाव में आकर किसी अनजान व्यक्ति के Personal Account में पैसा जमा न करें। Payment हमेशा Bank/NBFC के अधिकृत माध्यम से ही करें। RBI Loan Recovery Rules का सबसे जरूरी सार EMI समय पर नहीं चुकाने पर Bank आपसे बकाया रकम की मांग कर सकता है और नियमों के अनुसार Recovery Process शुरू कर सकता है। लेकिन Recovery के दौरान Bank या उसके Agent को ग्राहक की Privacy और सम्मान का ध्यान रखना होगा। याद रखें: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CNG Price

Delhi CNG Price: CNG के दाम में ₹3.89 की बढ़ोतरी, अब ₹86.98 प्रति किलो मिलेगा गैस

दिल्ली-NCR में CNG इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। CNG Price Hike के तहत इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने CNG की कीमत में ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें 29 अगस्त 2026 से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में CNG का रेट ₹83.09 प्रति किलो से बढ़कर ₹86.98 प्रति किलो हो गया है। यह 2026 में दिल्ली-NCR में CNG की पांचवीं कीमत बढ़ोतरी है। लगातार हो रही बढ़ोतरी से CNG कार चलाने वाले लोगों के साथ-साथ ऑटो, टैक्सी, कैब और कमर्शियल वाहनों के ड्राइवरों पर भी ईंधन खर्च का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। Delhi CNG Price: अब कितना हुआ CNG का रेट? IGL की नई कीमतों के मुताबिक दिल्ली-NCR के अलग-अलग शहरों में CNG के दाम इस प्रकार हैं: दिल्ली में CNG की कीमत में सीधे ₹3.89 प्रति किलो की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि जो वाहन रोजाना बड़ी मात्रा में CNG की खपत करते हैं, उनके लिए महीने का fuel budget पहले की तुलना में और बढ़ जाएगा। Why CNG Price Increased: क्यों बढ़े CNG के दाम? IGL के अनुसार, CNG की कीमत बढ़ाने की मुख्य वजह imported LNG की बढ़ी हुई लागत है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर गैस की supply और import cost पर पड़ा है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण LNG की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है। इसके चलते global energy market में कीमतों पर दबाव बना हुआ है। IGL ने इसी बढ़ी हुई input cost के एक हिस्से को CNG की कीमतों में शामिल किया है। 2026 में पांचवीं बार महंगी हुई CNG दिल्ली-NCR में वर्ष 2026 के दौरान CNG की कीमतों में यह पांचवीं बढ़ोतरी है। इससे पहले भी इस साल अलग-अलग चरणों में CNG के दाम बढ़ाए गए थे। बार-बार होने वाली price hike के कारण CNG को economical fuel मानकर इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों की लागत लगातार बढ़ रही है। हालांकि पेट्रोल और डीजल की तुलना में CNG अभी भी कई वाहन चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण alternative fuel बनी हुई है। CNG Price Hike का आम लोगों पर क्या असर होगा? CNG की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं। निजी CNG कारों के अलावा auto-rickshaw, taxi, cab और commercial vehicles चलाने वालों की operating cost भी बढ़ेगी। ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए बढ़ती fuel cost का सीधा असर उनकी daily earnings पर पड़ सकता है। अगर CNG की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो भविष्य में इसका असर transportation charges और passenger fares पर भी देखने को मिल सकता है। CNG महंगी होने से बढ़ सकता है Monthly Fuel Budget उदाहरण के तौर पर, अगर कोई वाहन प्रतिदिन 5 किलो CNG की खपत करता है, तो ₹3.89 प्रति किलो की अतिरिक्त कीमत के कारण उसका खर्च करीब ₹19.45 प्रतिदिन बढ़ जाएगा। 30 दिनों में यह अतिरिक्त खर्च लगभग ₹584 हो सकता है। जिन commercial vehicles की रोजाना CNG consumption इससे कहीं अधिक है, उनके लिए अतिरिक्त मासिक खर्च भी काफी ज्यादा होगा। आगे CNG के दाम पर क्या रहेगा असर? CNG की कीमतों पर आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय LNG prices, global gas supply और पश्चिम एशिया की स्थिति का असर महत्वपूर्ण रहेगा। अगर imported gas की लागत ऊंची बनी रहती है, तो domestic CNG prices पर भी दबाव बना रह सकता है। फिलहाल दिल्ली-NCR के लोगों को 29 अगस्त से CNG के लिए ₹3.89 प्रति किलो ज्यादा भुगतान करना होगा। दिल्ली में नई CNG कीमत ₹86.98 प्रति किलो पहुंच गई है, जबकि नोएडा और गाजियाबाद में यह ₹95.59 प्रति किलो हो गई है। CNG Price Hike 2026 की यह पांचवीं बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब बढ़ती fuel और transportation costs पहले से ही आम लोगों के बजट को प्रभावित कर रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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