Bihar Election 2025 अब पूरी तरह से गर्म हो चुका है। NDA और Mahagathbandhan (महागठबंधन) के बीच सीट बंटवारे और उम्मीदवारों की घोषणाओं को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। हर पार्टी अपने जातीय और सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश में जुटी है।
JDU ने जारी की पूरी Candidate List – नए और पुराने चेहरों का मिश्रण
जनता दल (यूनाइटेड) यानी JDU ने 101 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है।
पहली लिस्ट में 57 और दूसरी लिस्ट में 44 नाम शामिल किए गए हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी ने इस बार युवा नेताओं और महिलाओं को भी पर्याप्त मौका दिया है।
पार्टी का फोकस EBC (Extremely Backward Class) और महिला मतदाताओं पर है।
कई पुराने नेताओं को हटाकर नए चेहरों को टिकट दिया गया है।
BJP की पहली List – 71 उम्मीदवारों का ऐलान, 11 विधायकों की छुट्टी
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी पहली सूची में 71 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है।
पार्टी ने इस बार 11 मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं दिया, जिससे स्पष्ट है कि बीजेपी नए चेहरों पर भरोसा जता रही है।
बीजेपी ने कुल मिलाकर अब तक 101 सीटों के लिए नाम तय किए हैं।
पार्टी का लक्ष्य है – जातीय संतुलन के साथ युवा और साफ-सुथरी छवि वाले उम्मीदवारों को मैदान में उतारना।
Congress ने जारी की 48 नामों की पहली लिस्ट, असंतोष बरकरार
कांग्रेस पार्टी ने भी अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी है जिसमें 48 उम्मीदवारों को टिकट मिला है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम को कुटुंबा से उम्मीदवार बनाया गया है जबकि शकील अहमद खाँ को कटवा सीट से उतारा गया है।
हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, महागठबंधन (Mahagathbandhan) में सीट बंटवारे को लेकर अब भी तनाव और असहमति बनी हुई है।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि RJD उन्हें कमजोर सीटें दे रही है।
LJP (Ram Vilas) ने 29 उम्मीदवार उतारे – ‘Quality over Quantity’ पर जोर
चिराग पासवान की पार्टी LJP (Ram Vilas) ने इस बार 29 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है, जिनमें 6 महिलाएं शामिल हैं।
पार्टी ने कहा कि वे “कम सीटों पर परंतु जीतने योग्य उम्मीदवार” ही मैदान में उतारेंगे।
चिराग पासवान ने संकेत दिया है कि उनकी नजर भविष्य में मुख्यमंत्री पद (CM Post) पर भी है।
AIMIM और Azad Samaj Party का नया मोर्चा – Grand Democratic Alliance (GDA)
AIMIM ने Azad Samaj Party और Apna Janata Party के साथ मिलकर नया गठबंधन Grand Democratic Alliance (GDA) बनाया है।
यह गठबंधन इस बार 64 सीटों पर चुनाव लड़ेगा।
GDA का लक्ष्य है — अल्पसंख्यक, दलित और पिछड़े वर्ग के वोटरों को जोड़ना।
असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि “यह बिहार की राजनीति को नया विकल्प देगा।”
जातीय समीकरण और रणनीति: कुशवाहा वोट बैंक पर सबकी नजर
इस बार कुशवाहा समुदाय का वोट बैंक सबसे बड़ा फैक्टर बनकर उभरा है।
NDA ने लगभग 14 कुशवाहा प्रत्याशियों को टिकट देकर इस समुदाय को साधने की कोशिश की है।
वहीं RJD भी यादव-मुस्लिम समीकरण के साथ कुशवाहा और महादलित वोटरों को लुभाने में लगी है।
परिवारवाद और टिकट वितरण पर विवाद
एनडीए और महागठबंधन दोनों में परिवारवाद को लेकर आलोचनाएँ तेज हैं।
एक पूर्व सांसद के तीन रिश्तेदार दो अलग-अलग दलों से मैदान में उतर चुके हैं।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बिहार की राजनीति में वंशवाद (Dynasty Politics) अभी भी गहराई से मौजूद है।
Tejashwi Yadav ने भरा नामांकन, पिता लालू और मां राबड़ी देवी रहे साथ
RJD नेता तेजस्वी यादव ने राघोपुर सीट से नामांकन दाखिल किया।
उनके साथ उनके पिता लालू प्रसाद यादव और मां राबड़ी देवी मौजूद रहीं।
तेजस्वी ने कहा — “बिहार अब बदलाव चाहता है, हमारी लड़ाई बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ है।”
Bihar Election 2025 में मुकाबला बेहद रोचक होता जा रहा है।
एक तरफ NDA (BJP + JDU + LJP) एकता दिखाने की कोशिश में है,
वहीं दूसरी ओर Mahagathbandhan (RJD + Congress + Left) अंदरूनी असंतोष से जूझ रहा है।
जातीय समीकरण, नए गठबंधन (GDA) और युवा चेहरों की भूमिका इस बार निर्णायक साबित हो सकती है।
जनता की निगाह अब इस बात पर है कि कौन-सी पार्टी “विकास” और “रोजगार” के असली मुद्दों को उठाती है।
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