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Operation Sindoor

Operation Sindoor: India Strikes Terror Targets in PoK, China Expresses Concern

भारत ने 7 मई 2025 को एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन, जिसे ‘Operation Sindoor’ कहा गया, पाकिस्तान और पाकिस्तान-आधारित कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाते हुए शुरू किया। इस ऑपरेशन का उद्देश्य जम्मू और कश्मीर में हुए पहलगाम हमले में मारे गए भारतीय नागरिकों का बदला लेना था। भारत ने दावा किया कि इस कार्रवाई के तहत जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठनों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। Operation Sindoor के प्रमुख तथ्य: Operation Sindoor में भारतीय सेना ने पाकिस्तान-आधारित कश्मीर (PoK) के आतंकी कैंपों पर हमले किए, जिसमें कई आतंकवादी ठिकानों को नष्ट किया गया। यह हमला पाकिस्तान के बालाकोट इलाके में हुआ, जहां आतंकवादी समूहों की गतिविधियाँ जारी थीं। भारत सरकार के मुताबिक, यह हमले पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ किए गए थे और इसने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लिया, जिसमें 26 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई थी। पाकिस्तान का विरोध: पाकिस्तान ने इस हमले में नागरिकों के मरने की पुष्टि की और भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराने का दावा किया। भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा (LoC) पर तनाव बढ़ गया है और दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष का खतरा उत्पन्न हो गया है। पाकिस्तान ने इस हमले को उकसावे का कारण बताया और इसके जवाब में कड़े कदम उठाने की धमकी दी। चीन की प्रतिक्रिया: भारत के Operation Sindoor पर चीन ने गहरी चिंता जताई है। चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “चीन भारत की सैन्य कार्रवाई पर खेद व्यक्त करता है और वर्तमान घटनाओं के संबंध में चिंतित है। चीन आतंकवाद के सभी रूपों का विरोध करता है और दोनों देशों से अपील करता है कि वे शांति बनाए रखें और संयम बरतें, ताकि स्थिति और जटिल न हो।” चीन का यह बयान उसकी पहले की नीति के अनुरूप है, जिसमें उसने हमेशा भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने और विवादों को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने की वकालत की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय का संदेश: संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन इस बढ़ते तनाव पर नजर बनाए हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भारत और पाकिस्तान से शांति बनाए रखने और सैन्य संघर्ष से बचने की अपील की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों देशों से आग्रह किया है कि वे बातचीत के जरिए समाधान खोजें और क्षेत्रीय शांति को खतरे में न डालें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Operation Sindoor: India's Decisive Strike Against Terrorism

Operation Sindoor:भारतीय सेना ने इन दमदार मिसाइलों से मचाया पाकिस्तान में कोहराम

भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर किया करारा प्रहार Operation Sindoor: India’s Decisive Strike Against Terrorism 7 मई की रात भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में यह सैन्य अभियान शुरू किया गया, जिसमें अत्याधुनिक हथियारों और मिसाइलों का उपयोग किया गया। SCALP मिसाइल: दुश्मन के किले पर सटीक वार इस अभियान में भारतीय सेना ने SCALP क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल किया। फ्रांसीसी-ब्रिटिश मूल की यह मिसाइल लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम है। 250 से 560 किमी तक की रेंज और 1000 किमी प्रति घंटे की गति वाली इस मिसाइल का वजन 1300 किलोग्राम है। राफेल और यूरोफाइटर टाइफून से दागी जाने वाली इस मिसाइल का उपयोग इराक, लीबिया और सीरिया में भी हो चुका है। HAMMER मिसाइल: हवा से जमीन तक अचूक वार फ्रांसीसी कंपनी SAFRAN द्वारा निर्मित HAMMER मिसाइल मध्यम दूरी की मिसाइल है। इसकी रेंज 20 से 70 किलोमीटर तक हो सकती है। GPS और लेजर गाइडेंस से लैस इस मिसाइल में इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग का भी सामना करने की क्षमता है। इसका उपयोग अफगानिस्तान, लीबिया, इराक और माली में किया गया है। राफेल की ताकत: पाकिस्तान के लिए खौफ Rafale fighter jets की गति 2202 किमी प्रति घंटा है, जो पाकिस्तान के JF-17 और J-10 से अधिक है। इसकी फ्यूल कैपेसिटी 11,202 लीटर है और यह 50 हजार फीट तक उड़ सकता है। राफेल में लगी SCALP और HAMMER मिसाइलों के कारण पाकिस्तान में इसका डर हमेशा बना रहता है। ऑपरेशन सिंदूर का संदेश इस अभियान ने न केवल आतंकवादियों को कड़ा संदेश दिया है, बल्कि पाकिस्तान में छिपे आतंकियों के मन में भय भी पैदा किया है। राफेल की मारक क्षमता और आधुनिक मिसाइल तकनीक ने यह साबित कर दिया है कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
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Vyomika Singh

Operation Sindoor: विंग कमांडर Vyomika Singh ने बताया कैसे Indian Air Force ने PoK में Terror Camps तबाह किए

Indian Air Force (IAF) ने हाल ही में “Operation Sindoor” के तहत Pakistan Occupied Kashmir (PoK) और पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक एयरस्ट्राइक की। इस जवाबी कार्रवाई की कमान विंग कमांडर Vyomika Singh ने संभाली। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर के Pahalgam Terror Attack के बाद शुरू किया गया, जिसमें 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे। क्या है Operation Sindoor? “ऑपरेशन सिंदूर” भारतीय वायुसेना द्वारा की गई एक हाई-प्रोफाइल जवाबी कार्रवाई थी। इस अभियान में भारतीय फाइटर जेट्स ने 9 आतंकी कैंप्स को निशाना बनाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया। यह हमला आतंकियों और उन्हें समर्थन देने वालों को यह संदेश देने के लिए था कि भारत की सुरक्षा से कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता। कौन हैं विंग कमांडर Vyomika Singh? Wing Commander Vyomika Singh भारतीय वायुसेना की एक कुशल महिला अधिकारी हैं, जिन्हें 18 दिसंबर 2019 को फ्लाइंग ब्रांच में परमानेंट कमीशन मिला। अब तक वह 2,500 घंटे से अधिक की उड़ान भर चुकी हैं। वह अपने परिवार की पहली सदस्य हैं जो Armed Forces में शामिल हुईं। उनके नेतृत्व में इस ऑपरेशन की रणनीति बनाई गई और उसका सफल क्रियान्वयन हुआ। Airstrike का पूरा प्लान और Execution प्रेस कांफ्रेंस में विंग कमांडर ने बताया कि कैसे इस मिशन को रणनीतिक रूप से तैयार किया गया। आतंकियों की गतिविधियों की सटीक जानकारी मिलने के बाद IAF के पायलटों ने रात के अंधेरे में फाइटर जेट्स की मदद से सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया। मिशन का उद्देश्य था – आतंक को जड़ से खत्म करना और देशवासियों को न्याय दिलाना। महिलाओं के लिए प्रेरणा बनीं Vyomika Singh व्योमिका सिंह आज लाखों लड़कियों के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने दिखा दिया कि महिलाएं सिर्फ घर तक सीमित नहीं, देश की सीमाएं भी संभाल सकती हैं और युद्ध के मैदान में दुश्मनों को मात दे सकती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Operation Sindoor: India Strikes Back

Operation Sindoor: India Strikes Back – भारत का आतंकवाद पर करारा प्रहार

ऑपरेशन सिंदूर: भारत का आतंकवाद पर करारा प्रहार 7 मई 2025 को भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले कर उन्हें नष्ट कर दिया। इस ऐतिहासिक ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया है। यह पहली बार है जब तीनों सेनाओं – थल सेना, वायु सेना और नौसेना ने मिलकर एक साथ कार्रवाई की है। ऑपरेशन की वजह 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटक मारे गए थे, जिसमें एक नेपाल का नागरिक भी शामिल था। आतंकियों ने धर्म पूछकर गोली मारी थी। हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी। इस हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी ठिकानों को नष्ट करने का फैसला किया। एयरस्ट्राइक में इस्तेमाल हुए हथियार भारतीय सेना ने एयरस्ट्राइक के दौरान स्कैल्प और हैमर मिसाइलों का उपयोग किया। ये मिसाइलें उच्च सटीकता और घातकता के लिए जानी जाती हैं। भारतीय वायु सेना और नौसेना ने मिलकर इनका उपयोग करते हुए पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ उच्चस्तरीय आपात बैठक की। प्रधानमंत्री ने इस पूरे ऑपरेशन पर रात भर नजर रखी। ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना की आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक कार्रवाई है। इसका उद्देश्य भारत के नागरिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। आगे की जानकारी के लिए ‘देश हरपल’ के साथ बने रहें।
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Mock Drill

7 May Mock Drill 2025: देश के 244 जिलों में होगा बड़ा Civil Defence अभ्यास

भारत सरकार के गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के निर्देश पर 7 मई 2025 (7 May 2025) को पूरे देश के 244 जिलों (districts) में एक साथ मॉक ड्रिल (Mock Drill) आयोजित की जाएगी। इस राष्ट्रीय स्तर की Civil Defence Exercise का उद्देश्य संभावित आपदा या युद्ध जैसी स्थिति में नागरिकों और सरकारी एजेंसियों की तैयारी की जांच करना है। Mock Drill का उद्देश्य क्या है? इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य देश की सुरक्षा तैयारी को मजबूत करना और किसी भी आपातकालीन स्थिति (Emergency Situation) में सामूहिक प्रतिक्रिया (collective response) की क्षमता को आंकना है। बढ़ते वैश्विक खतरों, आतंकी हमलों और प्राकृतिक आपदाओं की संभावना को देखते हुए यह अभ्यास बेहद जरूरी माना जा रहा है। Mock Drill में क्या-क्या होगा? मॉक ड्रिल के तहत विभिन्न प्रकार की गतिविधियाँ की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं: कहाँ-कहाँ होगा यह अभ्यास? इस मॉक ड्रिल का आयोजन भारत के 244 जिलों में किया जाएगा, जिसमें मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल, उत्तर प्रदेश के लखनऊ, बिहार के पटना, महाराष्ट्र के नागपुर, और तमिलनाडु के चेन्नई जैसे बड़े शहर भी शामिल हैं। पूरे देश से चुने गए जिलों में प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। सामान्य जनता की भूमिका मॉक ड्रिल में स्थानीय नागरिकों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि उन्हें आपातकालीन स्थिति में कैसे प्रतिक्रिया करनी है, इसका प्रशिक्षण मिल सके। लोगों को सलाह दी गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और घबराएं नहीं। गृह मंत्रालय की ओर से क्या कहा गया? गृह मंत्रालय के अनुसार, “इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल परीक्षण नहीं, बल्कि एक सशक्त नागरिक सुरक्षा ढांचा तैयार करना है। यह अभ्यास सभी संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय की परीक्षा भी है।” हर खबर, हर पल – सिर्फ देशहरपल पर।
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Rahul Gandhi News, Shankaracharya Avimukteshwaranand

कांग्रेस नेता राहुल गांधी सनातन धर्म से बहिष्कृत! शंकराचार्य ने सुनाया बड़ा फैसला

Breaking: Shankaracharya Expels Rahul Gandhi from Sanatan Dharma, Here’s Why उत्तराखंड के बद्रीनाथ स्थित ज्योतिर्मठ से सनातन धर्म को लेकर एक बड़ा बयान सामने आया है। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को हिंदू धर्म से सार्वजनिक रूप से बहिष्कृत करने की घोषणा कर दी है। शंकराचार्य का आरोप है कि राहुल गांधी ने संसद में मनुस्मृति के खिलाफ जो टिप्पणी की, उससे संपूर्ण सनातन धर्मावलंबियों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि संसद में राहुल गांधी ने कहा कि “बलात्कारी को बचाने का फॉर्मूला संविधान में नहीं, आपकी किताब में है” — जो सीधा मनुस्मृति को लेकर कहा गया माना गया। पहले दी गई थी चेतावनी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अनुसार, राहुल गांधी को तीन महीने पहले एक नोटिस भेजा गया था, जिसमें पूछा गया था कि उन्होंने जो बात मनुस्मृति के बारे में कही, वह ग्रंथ में कहां लिखी है? लेकिन राहुल गांधी की ओर से न कोई जवाब आया और न ही उन्होंने क्षमा याचना की। सार्वजनिक बहिष्कार की घोषणा इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए, शंकराचार्य ने अब औपचारिक रूप से राहुल गांधी को सनातन धर्म से बहिष्कृत करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि “जो व्यक्ति धर्म ग्रंथों का सार्वजनिक रूप से अपमान करे और पश्चाताप भी न करे, वह हिंदू नहीं रह सकता।” क्या है आगे की राह? यह बयान राजनीतिक और धार्मिक दोनों ही स्तरों पर बड़ी बहस का कारण बन गया है। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या धार्मिक संस्थाओं को किसी राजनेता को धर्म से बहिष्कृत करने का अधिकार है? और क्या राहुल गांधी को अब सफाई देनी चाहिए? देश हरपल इस मुद्दे पर होने वाले हर अपडेट को आप तक पहुंचाता रहेगा।
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India Pakistan tension

War Before War: भारत की स्ट्रैटेजिक स्ट्राइक से बिना लड़े ही कंगाल हो रहा Pakistan

नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद भारत ने पाकिस्तान को जवाब देने के लिए जो रणनीति बनाई है, वो किसी मिसाइल या बम से कम नहीं है। ये ‘वॉटर स्ट्राइक’ और ‘फाइनेंशियल स्ट्राइक’ इतनी असरदार साबित हो रही हैं कि पाकिस्तान युद्ध लड़े बिना ही आर्थिक रूप से थकने लगा है। भारत ने सबसे पहले सिंधु जल समझौते (Indus Water Treaty) पर पुनर्विचार शुरू कर दिया और पाकिस्तान के साथ व्यापारिक रिश्तों को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इससे पाकिस्तान को दोहरी मार पड़ी – एक तो पानी का दबाव और दूसरा व्यापारिक घाटा। हर दिन जल रहा अरबों का इंधन:एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान हर रोज़ करीब 4 अरब पाकिस्तानी रुपये सिर्फ बॉर्डर अलर्ट पर खर्च कर रहा है। यानी न युद्ध हुआ, न गोली चली, लेकिन आर्थिक नालियों में उसका खजाना बहता जा रहा है। सिर्फ ‘अलर्ट’ रहने के लिए इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है। चीन ने भी बनाई दूरी:जहां पहले चीन पाकिस्तान का सबसे करीबी रणनीतिक साझेदार माना जाता था, अब उसी चीन ने धीरे-धीरे दूरी बनानी शुरू कर दी है। बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट ठंडे पड़ चुके हैं और आर्थिक मदद की गारंटी भी नहीं दी जा रही। परमाणु की धमकी… लेकिन जेब खाली:पाकिस्तान की ओर से अक्सर परमाणु हमले की धमकियां दी जाती हैं, लेकिन जिस देश की जेब पहले से ही खाली हो और IMF की शर्तों पर बंधा हो, वो युद्ध की भारी कीमत कैसे चुका पाएगा? यही बड़ा सवाल है। भारत की ‘War Before War’ रणनीति:भारत ने बिना सीमा लांघे, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और सैन्य ऊर्जा को कमज़ोर करने की रणनीति पर अमल शुरू कर दिया है। यही है असली ‘War Before War’ – जिसमें दुश्मन खुद ही थककर मैदान छोड़ दे।
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Pahalgam

Pahalgam Terror Attack India-Pakistan Tension बढ़ा, जलविद्युत परियोजनाएं बनीं नई जंग की वजह

जम्मू-कश्मीर के Pahalgam में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक नए मुकाम पर पहुंच गया है। भारत ने न सिर्फ सिंधु जल संधि को निलंबित किया है, बल्कि दो अहम जलविद्युत परियोजनाओं पर काम भी शुरू कर दिया है, जिससे पड़ोसी मुल्क में खलबली मच गई है। Pahalgam हमला: 26 पर्यटकों की मौत से भड़का माहौल 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दर्दनाक आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई। भारत ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और भी गहरा हो गया। भारत का बड़ा कदम: सिंधु जल संधि निलंबित, परियोजनाएं शुरू इस हमले के जवाब में भारत सरकार ने 1960 की सिंधु जल संधि को आंशिक रूप से निलंबित कर दिया है। साथ ही, जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर स्थित सलाल और बगलिहार जलविद्युत परियोजनाओं पर पुनः कार्य शुरू कर दिया गया है। पाकिस्तान की कड़ी चेतावनी: परमाणु हमले तक की धमकी भारत के इस कदम पर पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान के एक वरिष्ठ राजनयिक ने बयान दिया कि, “अगर भारत ने हमारे जल संसाधनों में हस्तक्षेप किया, तो हम अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल करेंगे—परमाणु विकल्प सहित।” कूटनीतिक और सैन्य तनाव चरम पर DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
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India-Pak tension

India-Pak Tension: हमले की सूरत में एकजुट होंगे पाकिस्तान के सभी राजनीतिक दल

इस्लामाबाद:India-Pak tension के बीच पाकिस्तान की राजनीति में एक बड़ी एकजुटता देखने को मिली है। भारत की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई की स्थिति में पाकिस्तान के लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने सेना के साथ मिलकर संयुक्त मोर्चा बनाने की सहमति जताई है। यह फैसला पाकिस्तानी सेना की इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) द्वारा रविवार देर रात आयोजित ब्रीफिंग के बाद सामने आया। इस ब्रीफिंग में ISPR के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी और सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने मौजूदा हालात की जानकारी साझा की। डॉन अखबार के मुताबिक, इस बैठक में PPP के राजा परवेज अशरफ, कमर जमान काइरा, शाजिया मरी और PML-N के बैरिस्टर अकील, तारिक फजल चौधरी, तलाल चौधरी के साथ कश्मीरी नेता शाह गुलाम कादिर समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। हालांकि, इमरान खान की पार्टी PTI इस अहम बैठक में शामिल नहीं हुई। PTI ने इमरान खान की जेल से रिहाई की मांग को लेकर विरोध स्वरूप दूरी बनाए रखी। बैठक के दौरान सभी दलों ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर भारत हमला करता है, तो वे एक साथ खड़े होंगे और सेना के साथ मिलकर जवाब देंगे। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि सरकार सभी पार्टियों का फीडबैक लेकर साझा रणनीति बनाना चाहती है। भारत द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराने के बाद दोनों देशों में तनाव और बढ़ गया है। पाकिस्तान ने आरोपों से इनकार करते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है। आज इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की विशेष बैठक आयोजित की जा रही है, जिसकी मांग पाकिस्तान ने की थी। ग्रीस की अध्यक्षता में इसे मंजूरी मिली है। साथ ही, पाकिस्तान की संसद में भी आज विशेष सत्र बुलाया गया है। पाक सेना ने राजनीतिक दलों को यह भी बताया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए वे पूरी तरह तैयार हैं।
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Indus Water Treaty, Pakistan India Water Conflict, Khawaja Asif Statement

Indus Water Threat: पाकिस्तान ने दी भारत को युद्ध की धमकी, कहा- पानी रोका तो करेंगे हमला

Islamabad: भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) एक बार फिर चर्चा में है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को लेकर एक भड़काऊ और उकसाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर भारत ने पाकिस्तान जाने वाले नदियों के पानी को रोकने के लिए किसी तरह की संरचना बनाई तो पाकिस्तान उस पर सैन्य हमला करेगा और उसे पूरी तरह नष्ट कर देगा। भारत द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस संधि को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था। इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। तब से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और अब ये बयान उसकी कूटनीतिक असहायता और पानी पर बढ़ती बेचैनी को दिखाता है। पाकिस्तान को डर है कि अगर भारत ने नदियों का प्रवाह रोक दिया, तो इसका सीधा असर उसकी खेती, पीने के पानी और आम जनता की जिंदगी पर पड़ेगा। खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यह मान चुके हैं कि भारत से आने वाला पानी ही 24 करोड़ पाकिस्तानियों की जीवनरेखा है। जलवायु विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भारत ने संधि के अंतर्गत मिलने वाले पानी का कुछ हिस्सा भी रोक लिया, तो पाकिस्तान में खेती ठप, जल संकट चरम पर और आर्थिक तबाही तय है। भारत ने अब तक संधि का सम्मान किया है, लेकिन बार-बार के आतंकी हमलों और पाकिस्तान के उकसावे के चलते अब भारत का रुख सख्त होता जा रहा है। पानी अब न सिर्फ जीवन की जरूरत बल्कि रणनीतिक हथियार बन चुका है। पाकिस्तान के नेता जिस तरह के बयान दे रहे हैं, वे ना सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि पूरे क्षेत्र की शांति के लिए खतरा बन सकते हैं। भारत ने हमेशा शांति की पहल की है, लेकिन अगर उकसावे जारी रहे तो जवाब भी सख्त हो सकता है
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Navratri 2026: दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानें पौराणिक कथा और मंत्र

नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाती है। मां ब्रह्मचारिणी तपस्या, त्याग, धैर्य और संयम की प्रतीक मानी जाती हैं। उनकी कथा भक्तों को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देती है। मां ब्रह्मचारिणी की कथा पौराणिक मान्यता के अनुसार, मां पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी कठिन साधना और अटूट संकल्प के कारण उन्हें ब्रह्मचारिणी नाम से जाना गया। यह कथा धैर्य और दृढ़ निश्चय का संदेश देती है। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः। भोग: मां को शक्कर, मिश्री और पंचामृत अर्पित करने की परंपरा प्रचलित है।
Premanand Maharaj

Premanand Maharaj Viral Video: ‘मेरा जन्म ही नहीं हुआ…’ बयान ने खींचा लोगों का ध्यान

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj) अपने प्रवचनों और आध्यात्मिक विचारों को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चा में रहते हैं। इन दिनों उनके एक वीडियो को लेकर लोगों के बीच काफी दिलचस्पी देखी जा रही है। ‘मेरा जन्म ही नहीं हुआ…’ जैसे शब्दों से चर्चा में आए इस वीडियो को लोग आध्यात्मिक नजरिए से समझने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, इस कथन का पूरा संदर्भ समझना जरूरी है, ताकि किसी अधूरी क्लिप के आधार पर गलत मतलब न निकाला जाए। प्रेमानंद महाराज का वीडियो क्यों हो रहा वायरल? Premanand Maharaj के प्रवचनों में अक्सर जीवन, मृत्यु, आत्मा, भगवान की भक्ति और मन की शांति जैसे विषयों पर चर्चा होती है। उनके विचारों को बड़ी संख्या में लोग सुनते और सोशल मीडिया पर साझा करते हैं। इसी वजह से उनके प्रवचनों के छोटे-छोटे वीडियो भी लोगों का ध्यान खींचते हैं। ‘मेरा जन्म ही नहीं हुआ…’ जैसे कथन को आध्यात्मिक संदर्भ में समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि महाराज किस सवाल का जवाब दे रहे थे और उससे पहले तथा बाद में उन्होंने क्या कहा था। केवल एक वाक्य के आधार पर उनके विचारों का निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा। जीवन और आत्मा को लेकर क्या है आध्यात्मिक नजरिया? भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं में आत्मा, शरीर और जन्म-मृत्यु को लेकर अलग-अलग दार्शनिक व्याख्याएं मिलती हैं। भगवद्गीता में भी आत्मा को शरीर से अलग और अविनाशी बताया गया है। इसी तरह संतों के प्रवचनों में व्यक्ति की वास्तविक पहचान, अहंकार और ईश्वर से जुड़ाव जैसे विषयों पर चर्चा होती रहती है। ऐसे विचारों को समझने के लिए उनके मूल संदर्भ को देखना जरूरी है। किसी आध्यात्मिक कथन का अर्थ सामान्य बोलचाल के अर्थ से अलग भी हो सकता है। प्रेमानंद महाराज का पुराना भावुक वीडियो भी हुआ था वायरल हाल ही में Premanand Maharaj का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। कुछ पोस्ट में दावा किया गया कि यह वीडियो उनके शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद का है। हालांकि, आजतक की फैक्ट चेक रिपोर्ट के मुताबिक, यह वीडियो नया नहीं था। इसका लंबा संस्करण प्रेमानंद महाराज के आधिकारिक YouTube चैनल ‘भजन मार्ग’ पर 1 मार्च 2026 को अपलोड किया गया था। वायरल हिस्सा उसी प्रवचन में लगभग 7 मिनट 10 सेकंड पर मौजूद था। इसलिए इसे सितंबर में सामने आई घटना के बाद का वीडियो बताना भ्रामक था। इस मामले से यह भी स्पष्ट होता है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की तारीख और संदर्भ की जांच करना जरूरी है। <escape><Cite refs={[“turn157990search0″,”turn157990search1”]}/></escape> आश्रम से जुड़ी घटनाओं के बीच भी चर्चा में हैं महाराज वृंदावन स्थित राधा केली कुंज आश्रम से जुड़े मामले और शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद प्रेमानंद महाराज को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं सामने आईं। इस बीच आश्रम से जुड़ी घटनाओं के बारे में अलग-अलग दावे भी किए गए। ऐसे मामलों में पुलिस जांच और आधिकारिक जानकारी को प्राथमिकता देना जरूरी है। 9 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रेमानंद महाराज का एक अन्य वीडियो भी चर्चा में आया, जिसमें उन्होंने भक्ति के मार्ग पर बने रहने की कठिनाई पर बात की। <escape><Cite refs={[“turn157990search2″,”turn585743search3”]}/></escape> वायरल वीडियो को पूरा देखना क्यों जरूरी है? सोशल मीडिया पर किसी संत या सार्वजनिक व्यक्ति के बयान का छोटा हिस्सा तेजी से वायरल हो सकता है। लेकिन कई बार वीडियो का शुरुआती या अंतिम हिस्सा न होने से उसका वास्तविक अर्थ स्पष्ट नहीं हो पाता। इसलिए किसी कथन पर राय बनाने से पहले उसका पूरा वीडियो, तारीख और मूल स्रोत देखना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Pakistan

Imran Khan की PTI को झटका! Pakistan के खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी लागू

Pakistan की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में इमरजेंसी लागू करने और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की प्रांतीय सरकार के अधिकार सीमित किए जाने की खबर सामने आई है। इस घटनाक्रम ने पाकिस्तान की संघीय सरकार और PTI के बीच पहले से जारी टकराव को और बढ़ा दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने संघीय कैबिनेट की सिफारिश पर इस फैसले को मंजूरी दी। सरकार ने इसके पीछे आतंकवाद और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को प्रमुख वजह बताया है। वहीं, PTI इस कदम का विरोध कर रही है। हालांकि, प्रांतीय प्रशासन में हुए बदलाव और उसके कानूनी प्रभावों से जुड़ी सभी जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। Khyber Pakhtunkhwa में Emergency लगाने की वजह क्या है? पाकिस्तान की संघीय सरकार का कहना है कि खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। अफगानिस्तान की सीमा से लगे इस प्रांत में आतंकवादी घटनाओं और सुरक्षा चुनौतियों के कारण लंबे समय से तनाव है। सरकार का आरोप है कि PTI के नेतृत्व वाली प्रांतीय सरकार आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रही थी। इसी आधार पर संघीय कैबिनेट ने इमरजेंसी लागू करने की सिफारिश की। दूसरी ओर, PTI का कहना है कि सुरक्षा संबंधी समस्याओं का समाधान राजनीतिक अधिकारों को सीमित करके नहीं किया जा सकता। इस मामले में केंद्र सरकार और विपक्ष के दावों को अलग-अलग समझना जरूरी है। Imran Khan की PTI सरकार पर क्या पड़ेगा असर? खैबर पख्तूनख्वा को इमरान खान की पार्टी का मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता है। ऐसे में यहां प्रशासनिक अधिकारों में बदलाव PTI के लिए अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। यदि प्रांतीय सरकार की शक्तियां निलंबित करके प्रशासन राज्यपाल या संघीय सरकार के नियंत्रण में दिया जाता है, तो इससे शासन व्यवस्था और केंद्र-प्रांत के संबंधों पर सीधा असर पड़ सकता है। हालांकि, इमरजेंसी लागू होने और निर्वाचित सरकार के अधिकार समाप्त होने के बीच कानूनी अंतर होता है। इसलिए अंतिम स्थिति समझने के लिए राष्ट्रपति के आदेश, संबंधित संवैधानिक प्रावधानों और आधिकारिक अधिसूचना की पुष्टि आवश्यक है। इमरान खान की रिहाई को लेकर PTI का प्रदर्शन इमरान खान की रिहाई की मांग PTI के प्रमुख राजनीतिक मुद्दों में शामिल है। अगस्त 2023 से जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री के समर्थन में पार्टी लगातार सरकार पर दबाव बना रही है। PTI समर्थकों के इस्लामाबाद की ओर मार्च और संभावित प्रदर्शन को लेकर भी राजनीतिक माहौल गर्म है। पार्टी चाहती है कि इमरान खान से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाए और उनकी रिहाई की मांग पर ध्यान दिया जाए। वहीं, संघीय सरकार के सामने राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है। प्रदर्शन, सुरक्षा इंतजाम और केंद्र-विपक्ष के बीच बातचीत का परिणाम आने वाले दिनों में पाकिस्तान की राजनीति की दिशा को प्रभावित कर सकता है। PTI ने फैसले पर उठाए सवाल PTI ने केंद्र सरकार के कदम का विरोध करते हुए इसे प्रांतीय अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा बताया है। पार्टी का तर्क है कि आतंकवाद से निपटने के लिए केंद्र और प्रांत के बीच सहयोग बढ़ाया जाना चाहिए। दूसरी तरफ, संघीय सरकार सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अपने फैसले को जरूरी बता रही है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के कारण राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJP

Delhi Protest: CJP नेताओं का आरोप- फ्लाइट से किया Kidnap, दिल्ली में दूसरे दिन भी प्रदर्शन

दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासी माहौल गरम है। 10 अक्टूबर को शुरू हुआ विरोध 11 अक्टूबर को भी जारी रहा। इस बीच CJP के नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें मुंबई से दिल्ली पहुंचने के बाद विमान के अंदर से ही हिरासत में ले लिया गया। पार्टी के नेता सौरव दास ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार अपने ही लोगों से जंग लड़ रही है। वहीं, दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है। यह मामला अब केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। हिरासत की कार्रवाई, चुनाव आयोग की भूमिका और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। CJP नेताओं ने क्यों लगाया Kidnap करने का आरोप? अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका 10 अक्टूबर को मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। उन्हें जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होना था। नेताओं के मुताबिक, विमान के दिल्ली पहुंचने के बाद पुलिसकर्मी अंदर आए और उन्हें हिरासत में ले लिया। CJP नेताओं ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए आरोप लगाया कि उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए हिरासत में लिया गया। सौरव दास ने इसे फ्लाइट से किडनैप किए जाने जैसा बताया और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। हालांकि, पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत का हवाला दिया गया। ऐसे में इस मामले में प्रदर्शनकारियों के आरोप और पुलिस का पक्ष अलग-अलग हैं। Delhi Protest: लगातार दूसरे दिन सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। कई इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई, जबकि कुछ स्थानों पर बैरिकेडिंग भी की गई। प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें राजनीतिक कार्यकर्ता और विरोध प्रदर्शन में शामिल अन्य लोग भी थे। 11 अक्टूबर को भी प्रदर्शन जारी रहने के बीच पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठते रहे। CJP समर्थकों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाना चाहते हैं। उनका आरोप है कि हिरासत में लेकर प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की गई। दूसरी ओर, पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही। हिरासत के बाद CJP नेताओं को मिली राहत रिपोर्टों के मुताबिक, अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। इसके बाद उन्हें शांति बनाए रखने से जुड़ी शर्तों के साथ रिहा कर दिया गया। CJP नेताओं ने हिरासत की पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि लोकतंत्र में सरकार और संवैधानिक संस्थाओं के फैसलों पर सवाल उठाना नागरिकों का अधिकार है। इस मामले में हिरासत की परिस्थितियों और संबंधित कानूनी प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों पर स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है। आखिर क्यों हो रहा है Election Commission के खिलाफ प्रदर्शन? CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था। पार्टी और उसके समर्थक मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची में नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। वे इस मामले की जांच और चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण की मांग कर रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया का बचाव किया है। भाजपा ने भी मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों को खारिज किया है। इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं। Democracy में Protest के अधिकार पर फिर छिड़ी बहस दिल्ली में हुई इस कार्रवाई के बाद शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अपनी बात रखने और संस्थाओं से जवाब मांगने का अधिकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दूसरी ओर, प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह कानून-व्यवस्था बनाए रखे और किसी भी आयोजन के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करे। ऐसे में जरूरी है कि पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के आरोपों की जांच तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर हो। फिलहाल, CJP नेताओं की हिरासत और दिल्ली में लगातार दूसरे दिन हुए प्रदर्शन ने चुनाव आयोग तथा SIR को लेकर चल रही बहस को फिर चर्चा में ला दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक दलों और संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रियाएं महत्वपूर्ण रहेंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gautam Gambhir

Gautam Gambhir in Ujjain: महाकाल मंदिर में टेका माथा, Team India के लिए मांगा आशीर्वाद

भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीसरे T20 मुकाबले से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir ) उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने भारतीय टीम के बैटिंग कोच सितांशु कोटक के साथ बाबा महाकाल के दर्शन किए। गंभीर ने देश की खुशहाली और टीम इंडिया की सफलता के लिए प्रार्थना की। क्रिकेट के मैदान पर रणनीति बनाने वाले गंभीर का यह धार्मिक दौरा आस्था और खेल के जुड़ाव को दिखाता है। Gautam Gambhir ने बाबा महाकाल से क्या मांगा? उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में गौतम गंभीर ने विधि-विधान से दर्शन किए और बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनके साथ सितांशु कोटक भी मौजूद रहे। गंभीर ने कामना की कि बाबा महाकाल की कृपा देश और भारतीय क्रिकेट टीम पर बनी रहे। उनका यह दौरा ऐसे समय हुआ है, जब टीम इंडिया भारत-वेस्टइंडीज T20 सीरीज के अहम मुकाबले की तैयारी कर रही है। महाकाल मंदिर में देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। क्रिकेट जगत की हस्तियों का यहां आना भी अक्सर प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बन जाता है। Mahakal Temple पहुंचे बैटिंग कोच सितांशु कोटक गौतम गंभीर के साथ भारतीय टीम के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने भी बाबा महाकाल के दर्शन किए। दोनों का उज्जैन दौरा भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले से पहले हुआ। क्रिकेट में खिलाड़ियों की मेहनत, सही रणनीति और दबाव में प्रदर्शन की अहम भूमिका होती है। ऐसे में कई खिलाड़ी और खेल से जुड़े लोग बड़े मुकाबलों से पहले मंदिरों में जाकर प्रार्थना करते हैं। गंभीर का महाकाल दर्शन भी इसी वजह से चर्चा में है। India vs West Indies 3rd T20: इंदौर में होगी भिड़ंत भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीसरा T20 इंटरनेशनल मुकाबला इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला जाना है। इस मैच को लेकर क्रिकेट फैंस के बीच काफी उत्साह है। सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर बनाया, लेकिन वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने लक्ष्य हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस नतीजे के बाद तीसरे मैच में भारतीय टीम की वापसी पर सबकी नजरें रहेंगी। बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी बेहतर प्रदर्शन करना टीम इंडिया के लिए अहम होगा। Team India की सफलता के लिए की प्रार्थना गौतम गंभीर के लिए यह दौरा केवल मंदिर में दर्शन करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने देश और टीम इंडिया के लिए भी शुभकामनाएं दीं। भारतीय क्रिकेट टीम के प्रशंसक भी उम्मीद कर रहे हैं कि खिलाड़ी मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करेंगे और मुकाबले में जीत हासिल करने की पूरी कोशिश करेंगे। अब सभी की नजरें इंदौर के मैदान पर होने वाले भारत-वेस्टइंडीज मुकाबले पर हैं। बाबा महाकाल के दरबार में दर्शन के बाद टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर की यह यात्रा खेल और आस्था के खूबसूरत मेल के रूप में देखी जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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