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Twisha

Court Drama in Twisha Case: सास का भावुक बयान, जांच में आया नया ट्विस्ट

देश-हरपल Twisha Case एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। कोर्ट में हुई हालिया सुनवाई के दौरान ट्विशा की सास गिरिबाला (Giribala) का बयान सामने आया, जिसने पूरे मामले को और उलझा दिया है। उन्होंने कोर्ट में साफ कहा कि उन्हें इस केस से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी नहीं है। उनके इस बयान के बाद केस की जांच एक नए मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। कोर्ट में क्या हुआ था? सुनवाई के दौरान जब जज और वकीलों की ओर से सवाल पूछे गए, तो सास गिरिबाला भावुक हो गईं। उन्होंने कहा—“मुझे कुछ भी पता नहीं है।” यह सुनते ही कोर्ट रूम में कुछ पल के लिए सन्नाटा छा गया। उनका यह बयान केस की दिशा को प्रभावित करने वाला माना जा रहा है, क्योंकि इससे कई पुराने सवाल फिर से खड़े हो गए हैं। जांच में क्या नया है? जांच एजेंसियां पहले से ही इस पूरे मामले की कई एंगल्स पर जांच कर रही हैं। पुलिस सभी संबंधित लोगों के बयान रिकॉर्ड कर रही है और सबूतों को जोड़ने की कोशिश में लगी हुई है। अब गिरिबाला के इस बयान के बाद जांच टीम को कुछ बिंदुओं की दोबारा पुष्टि करनी पड़ सकती है। इससे केस की प्रक्रिया और लंबी होने की संभावना भी जताई जा रही है। क्यों चर्चा में है Twisha Case? Twisha Case सिर्फ एक कानूनी मामला नहीं, बल्कि एक ऐसा केस बन गया है जिसमें पारिवारिक रिश्तों, भावनाओं और विरोधाभासी बयानों की परतें खुल रही हैं। हर सुनवाई के साथ नया एंगल सामने आ रहा है, जिससे मामला और भी पेचीदा होता जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Virat Kohli

Virat Kohli Vrindavan Visit: IPL Champion बनने के बाद प्रेमानंद महाराज से मिले विराट, तस्वीरें वायरल

आईपीएल का खिताब जीतने के बाद भारतीय क्रिकेट के सुपरस्टार विराट कोहली (Virat Kohli)एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह क्रिकेट नहीं बल्कि उनकी आध्यात्मिक यात्रा है। पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ विराट वृंदावन पहुंचे, जहां उन्होंने प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान दोनों का सादगी भरा अंदाज सोशल Media पर खूब वायरल हो रहा है। IPL जीत के बाद वृंदावन पहुंचे विराट-अनुष्का आईपीएल ट्रॉफी जीतने की खुशी के बीच विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने वृंदावन पहुंचकर प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए। आश्रम से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में विराट माथे पर तिलक लगाए बेहद शांत और संतुलित नजर आए। वहीं अनुष्का भी बेहद साधारण भारतीय परिधान में दिखाई दीं। क्रिकेट मैदान पर अपने जोशीले अंदाज के लिए मशहूर विराट का यह शांत और भक्तिमय रूप फैंस को काफी पसंद आ रहा है। सोशल मीडिया पर लोग उनकी आध्यात्मिक सोच और संस्कारों की सराहना कर रहे हैं। प्रेमानंद महाराज से लिया आशीर्वाद वृंदावन स्थित आश्रम में दोनों ने प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। बताया जा रहा है कि इस दौरान जीवन, आध्यात्म और मानसिक शांति जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। गौरतलब है कि विराट और अनुष्का पहले भी कई बार प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए वृंदावन आ चुके हैं। दोनों अक्सर अपनी व्यस्त जिंदगी से समय निकालकर धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों पर जाते रहे हैं। अनुष्का शर्मा की सादगी बनी चर्चा का विषय इस मुलाकात के दौरान जहां विराट के माथे का तिलक और चेहरे की मुस्कान लोगों का ध्यान खींच रही थी, वहीं अनुष्का शर्मा की सादगी ने भी सभी का दिल जीत लिया। बिना किसी दिखावे के साधारण लुक में नजर आईं अनुष्का की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। फैंस का कहना है कि स्टारडम और सफलता के बावजूद इस कपल का जमीन से जुड़ा रहना उन्हें खास बनाता है। सोशल मीडिया पर फैंस ने लुटाया प्यार विराट और अनुष्का की तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। किसी ने उन्हें “सफलता और संस्कारों का प्रतीक” बताया तो किसी ने लिखा कि “यही वजह है कि लोग विराट को सिर्फ क्रिकेटर नहीं बल्कि प्रेरणा मानते हैं।” कई यूजर्स ने यह भी कहा कि इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करने के बाद भी दोनों का विनम्र और आध्यात्मिक बने रहना युवाओं के लिए एक सकारात्मक संदेश है। सफलता के साथ आध्यात्म का संतुलन आईपीएल चैंपियन बनने के बाद विराट कोहली की यह वृंदावन यात्रा बताती है कि जीवन में सफलता के साथ मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतुलन भी जरूरी है। करोड़ों फैंस के दिलों पर राज करने वाले विराट और अनुष्का ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सादगी और संस्कार ही व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान होते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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थरूर का बयान: ‘हर कार्यक्रम में वंदे मातरम गाना लोगों के लिए बोझिल’, बोले- सहमति से निकले समाधान

Shashi Tharoor का बयान: ‘हर कार्यक्रम में वंदे मातरम गाना लोगों के लिए बोझिल’

कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने ‘वंदे मातरम’ को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हर कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ गाना कई लोगों के लिए बोझिल और मुश्किल हो सकता है। इस मुद्दे का समाधान आपसी सहमति और समझदारी से निकाला जाना चाहिए। थरूर ने कहा कि देशभक्ति किसी एक तरीके तक सीमित नहीं होती। हर व्यक्ति अपने तरीके से देश के प्रति सम्मान और प्रेम दिखाता है। ऐसे में किसी पर किसी खास गीत को गाने का दबाव बनाना सही नहीं माना जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि भारत एक विविधताओं वाला देश है, जहां अलग-अलग धर्म, भाषाएं और संस्कृतियां हैं। ऐसे में किसी भी राष्ट्रीय मुद्दे पर संवेदनशीलता और आपसी सम्मान जरूरी है। थरूर के मुताबिक, इस विषय पर राजनीति करने के बजाय सभी पक्षों को मिलकर ऐसा रास्ता निकालना चाहिए, जिससे किसी की भावनाएं आहत न हों। थरूर के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ इसे राष्ट्रगीत का अपमान बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। ‘वंदे मातरम’ लंबे समय से देशभक्ति और स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक रहा है। ऐसे में इस पर होने वाली हर बहस लोगों की भावनाओं से जुड़ जाती है। अब देखना होगा कि इस बयान पर राजनीतिक दल आगे क्या रुख अपनाते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IMD

IMD Weather Forecast: देशभर में आंधी-बारिश का दौर, आगरा में नुकसान; Monsoon की दस्तक करीब

देश के कई हिस्सों में जून की शुरुआत राहत भरी खबर लेकर आई है। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और लू से परेशान लोगों को अब बारिश और ठंडी हवाओं ने राहत पहुंचाई है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत देश के 23 राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। कहीं तेज बारिश हो रही है तो कहीं आंधी और बादलों ने तापमान में गिरावट ला दी है। हालांकि, मौसम का यह बदलाव हर जगह राहत ही नहीं ला रहा। कुछ शहरों में भारी बारिश के कारण जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। आगरा में बारिश के बाद सड़कें धंसने और एक मकान गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। वहीं मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है। आगरा में बारिश के बाद बिगड़े हालात उत्तर प्रदेश के आगरा में हुई तेज बारिश ने नगर निगम और प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जबकि कुछ सड़कों के धंसने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। एक मकान के ढहने की घटना ने स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। राहत की बात यह रही कि प्रशासन ने समय रहते मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। यूपी, MP समेत 23 राज्यों में बदला मौसम उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। तेज हवाओं के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली है और तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है। Heatwave से मिली राहत, लोगों ने ली राहत की सांस मई के अंतिम सप्ताह में कई राज्यों का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा और अस्पतालों में गर्मी से परेशान मरीजों की संख्या बढ़ रही थी। लेकिन अब बारिश और बादलों ने मौसम को काफी हद तक सुहावना बना दिया है। लोग सुबह और शाम के समय खुली हवा का आनंद लेते नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग ने जारी किया Alert भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। किसानों को भी मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखने और खेतों में काम करते समय सतर्क रहने को कहा गया है। Kerala में Monsoon की एंट्री अब बस कुछ दिन दूर देशभर की निगाहें अब मानसून पर टिकी हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले 2 से 3 दिनों में केरल तट पर पहुंच सकता है। मानसून के आगमन के साथ ही देश के कई हिस्सों में बारिश का दायरा बढ़ने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून समय पर और सामान्य रहता है तो इसका सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिलेगा। खरीफ सीजन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और अच्छी बारिश खेती के लिए बेहद अहम मानी जाती है। किसानों और आम लोगों के लिए राहत की खबर गर्मी से राहत और मानसून की दस्तक की खबर ने किसानों के साथ-साथ आम लोगों के चेहरों पर भी मुस्कान ला दी है। हालांकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश और तेज हवाओं के दौरान सतर्कता जरूरी है। आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम और अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TMC

West Bengal Politics: TMC में बढ़ी अंदरूनी कलह, नाराज विधायक बना सकते हैं अलग पार्टी

पश्चिम बंगाल की सियासत में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बढ़ते असंतोष की चर्चा जोरों पर है। पार्टी से दो विधायकों को बाहर किए जाने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में नई पार्टी या अलग गुट के गठन की अटकलें तेज हो गई हैं। चर्चा यहां तक पहुंच गई है कि कुछ नाराज नेता “असली तृणमूल” (Asli Trinamool) के नाम से नया राजनीतिक मंच तैयार कर सकते हैं। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। दो विधायकों के निष्कासन से बढ़ी हलचल TMC ने हाल ही में अपने विधायक संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया। पार्टी का कहना है कि दोनों नेता संगठनात्मक अनुशासन का पालन नहीं कर रहे थे और लगातार ऐसे कदम उठा रहे थे जिससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच रहा था। वहीं निष्कासित नेताओं का आरोप है कि पार्टी के भीतर अपनी बात रखने की गुंजाइश लगातार कम होती जा रही है। उनका कहना है कि कुछ मुद्दों पर सवाल उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया। Signature Forgery Case बना विवाद की जड़ पूरे मामले की शुरुआत कथित सिग्नेचर फोर्जरी (Signature Forgery) विवाद से मानी जा रही है। विधानसभा से जुड़े कुछ दस्तावेजों में हस्ताक्षरों की कथित गड़बड़ी को लेकर सवाल उठाए गए थे। इस मामले ने पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को सार्वजनिक कर दिया। जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की जांच कर रही हैं और राजनीतिक हलकों में इसे TMC के अंदरूनी संघर्ष का बड़ा कारण माना जा रहा है। ‘Asli Trinamool’ की चर्चा ने बढ़ाई बेचैनी राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, पार्टी से नाराज कुछ नेता और कार्यकर्ता एक नए मंच के गठन पर विचार कर रहे हैं। इसी वजह से “असली तृणमूल” नाम चर्चा में आया है। हालांकि किसी भी नेता ने सार्वजनिक रूप से नई पार्टी बनाने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन लगातार हो रही बैठकों और बयानबाजी ने अटकलों को और मजबूत कर दिया है। यदि ऐसा होता है तो यह ममता बनर्जी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा। ममता बनर्जी ने दिया स्पष्ट संदेश बढ़ती अटकलों के बीच ममता बनर्जी ने साफ कर दिया है कि पार्टी अनुशासन से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि TMC की असली ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ता हैं और संगठन किसी भी व्यक्ति से बड़ा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि कुछ नेताओं की नाराजगी से संगठन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा और TMC पहले की तरह मजबूती से काम करती रहेगी। 2026 चुनाव से पहले बढ़ी चुनौती राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी के भीतर कई स्तरों पर असंतोष सामने आया है। ऐसे में यदि यह नाराजगी बढ़ती है तो आने वाले चुनावों में इसका असर देखने को मिल सकता है। फिलहाल TMC में औपचारिक टूट की स्थिति नहीं है, लेकिन जिस तरह से घटनाक्रम आगे बढ़ रहे हैं, उसने पश्चिम बंगाल की राजनीति को नई दिशा दे दी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pahalgam

Pahalgam Attack Mystery: हमले से पहले हुई थी पूरी Planning, NIA को मिले Pakistan से जुड़े सुराग

जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम (Pahalgam) में हुए आतंकी हमले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को अब ऐसे डिजिटल सबूत मिले हैं, जो इस हमले के तार पाकिस्तान से जुड़ने की ओर इशारा कर रहे हैं। जांच में सामने आया है कि आतंकियों के पास मिले मोबाइल फोन पहले पाकिस्तान भेजे गए थे और उनमें हमले की जगह बायसरन घाटी से जुड़ी अहम जानकारियां भी मौजूद थीं। हमले से पहले की गई थी पूरी रेकी NIA अधिकारियों के मुताबिक, आतंकियों के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। फोन में मौजूद लोकेशन डेटा, स्क्रीनशॉट और तस्वीरों से पता चलता है कि हमले से पहले बायसरन इलाके की बारीकी से रेकी की गई थी। जांच एजेंसियों को मिले रिकॉर्ड बताते हैं कि आतंकियों ने हमले से करीब एक सप्ताह पहले इलाके के रास्तों, भीड़भाड़ वाले स्थानों और संभावित टारगेट्स की जानकारी जुटाई थी। इससे साफ है कि हमला अचानक नहीं बल्कि पूरी योजना के तहत अंजाम दिया गया। पाकिस्तान से जुड़े मिले मोबाइल फोन जांच के दौरान बरामद दो स्मार्टफोन एजेंसियों के लिए अहम सुराग बने हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि ये मोबाइल फोन चीन में बने थे और बाद में पाकिस्तान भेजी गई खेप का हिस्सा थे। इनमें से एक डिवाइस कराची और दूसरा लाहौर पहुंचा था। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन डिवाइसों का इस्तेमाल आतंकियों के बीच संपर्क और हमले की तैयारी के लिए किया गया। लंबे समय तक निष्क्रिय रहने के बाद इन्हें हमले से पहले सक्रिय किया गया था। डिजिटल सबूतों ने खोले कई राज फोन से मिले डेटा में बायसरन घाटी की लोकेशन, मैप्स और कई तस्वीरें शामिल हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि इन जानकारियों ने यह साबित करने में मदद की है कि आतंकियों ने पहले से इलाके का अध्ययन किया था और हमले की रणनीति तैयार की थी। विशेषज्ञों के अनुसार, आज के दौर में डिजिटल फॉरेंसिक जांच आतंकवाद के मामलों में सबसे महत्वपूर्ण हथियार बन चुकी है। मोबाइल डेटा, चैट रिकॉर्ड और लोकेशन हिस्ट्री कई बार ऐसे राज खोल देते हैं जो पारंपरिक जांच में सामने नहीं आते। NIA की नजर पूरे नेटवर्क पर एजेंसी अब केवल हमले में शामिल आतंकियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उन लोगों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है जिन्होंने किसी भी रूप में मदद पहुंचाई हो। जांच का फोकस इस बात पर भी है कि पाकिस्तान से जुड़े उपकरण आतंकियों तक कैसे पहुंचे और स्थानीय स्तर पर किसने उनकी सहायता की। घाटी में बढ़ाई गई सुरक्षा हमले के बाद पूरे पहलगाम और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और संवेदनशील इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Surya Chauhan

Surya Chauhan Murder Case: बकरीद पर हत्या, आरोपी असद का Encounter

गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में हुए Surya Chauhan हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। बकरीद के दिन हुई इस वारदात ने न सिर्फ एक परिवार से उसका बेटा छीन लिया, बल्कि पूरे इलाके में डर और बेचैनी का माहौल भी पैदा कर दिया। हत्या के मुख्य आरोपी असद के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने और उसके घर पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी के बाद मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। बकरीद के दिन हुई सनसनीखेज हत्या बकरीद के मौके पर जब लोग त्योहार की खुशियां मना रहे थे, उसी दौरान खोड़ा में गोलियों की आवाज गूंज उठी। सूर्या चौहान की हत्या ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना इतनी अचानक हुई कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हत्या के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि उन्हें इंसाफ चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। पुलिस की कार्रवाई और असद का Encounter घटना के बाद गाजियाबाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश में कई टीमों को लगाया। जांच के दौरान मुख्य आरोपी असद की लोकेशन मिलने पर पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के अनुसार, असद ने गिरफ्तारी से बचने के लिए फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह घायल हो गया। बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इस एनकाउंटर के बाद इलाके में चर्चा का माहौल और तेज हो गया। अब Bulldozer Action की तैयारी असद के एनकाउंटर के बाद प्रशासन ने उसके घर और अन्य संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में कुछ निर्माण नियमों के उल्लंघन की जानकारी सामने आई है। इसी के चलते संबंधित विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया है। यदि नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया जा सकता है। इस कार्रवाई की खबर के बाद आसपास के लोगों में भी हलचल बढ़ गई है। खोड़ा में पसरा सन्नाटा जिस इलाके में कभी रोजमर्रा की चहल-पहल दिखाई देती थी, वहां अब एक अजीब सी खामोशी महसूस की जा रही है। लोग घटना को लेकर खुलकर बात करने से बच रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस लगातार गश्त कर रही है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हत्या और उसके बाद हुई घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। लोग चाहते हैं कि जल्द से जल्द मामले की पूरी सच्चाई सामने आए। जांच अभी जारी, कई सवाल बाकी हालांकि मुख्य आरोपी असद की मौत हो चुकी है, लेकिन पुलिस अब भी इस हत्याकांड के हर पहलू की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन शामिल था और इसके पीछे असली वजह क्या थी। सूर्या चौहान हत्याकांड अब सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था, पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक सख्ती की बड़ी कहानी बन चुका है। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े नए खुलासे इस मामले को और महत्वपूर्ण बना सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Mukundpur

Mukundpur Blast जोरदार धमाके के बाद ढहा भवन, मलबे में फंसे शख्स की तलाश जारी

राजधानी दिल्ली के मुकुंदपुर (Mukundpur) इलाके में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक इमारत में अचानक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते भवन का एक हिस्सा ढह गया। हादसे के बाद पूरे इलाके में धूल का गुबार छा गया और लोगों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी। स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई, जबकि पुलिस, दमकल विभाग और राहत-बचाव टीमें भी मौके पर पहुंच गईं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे की वजह गैस सिलेंडर में विस्फोट (Cylinder Blast) बताई जा रही है। हालांकि प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही विस्फोट के सही कारणों की पुष्टि की जाएगी। धमाके के बाद ढही इमारत, लोगों में मचा हड़कंप प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह अचानक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। आसपास के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही इमारत का एक हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। घटना के बाद इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और स्थानीय निवासी अपने घरों से बाहर निकल आए। कई लोगों ने बताया कि धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास की इमारतें भी हिल गईं। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास शुरू कर दिया। रेस्क्यू टीम ने तीन लोगों को सुरक्षित निकाला सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और अन्य राहत एजेंसियों की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। घंटों की मशक्कत के बाद बचावकर्मियों ने मलबे में दबे तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार सभी की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। एक व्यक्ति के फंसे होने की आशंका राहत एजेंसियों को आशंका है कि अभी भी एक व्यक्ति मलबे के नीचे फंसा हो सकता है। इसी वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरे मलबे की जांच नहीं हो जाती, तब तक अभियान जारी रहेगा। जांच के दायरे में निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था हादसे के बाद प्रशासन ने इमारत की निर्माण गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और गैस सिलेंडर के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। विशेषज्ञों की टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या भवन निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी या फिर तकनीकी कारणों से यह दुर्घटना हुई। स्थानीय लोगों ने दिखाई इंसानियत हादसे के बाद कई स्थानीय निवासी बचाव कार्य में जुट गए। कुछ लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की तो कई लोग राहत टीमों के साथ मलबा हटाने में सहयोग करते नजर आए। इस मुश्किल घड़ी में स्थानीय लोगों की तत्परता ने इंसानियत की एक मिसाल पेश की। लगातार बढ़ रही भवन सुरक्षा को लेकर चिंता दिल्ली और एनसीआर में पिछले कुछ वर्षों में इमारत गिरने और गैस रिसाव जैसी घटनाओं में बढ़ोतरी देखने को मिली है। ऐसे में मुकुंदपुर की यह घटना एक बार फिर भवन सुरक्षा और गैस सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Trump Netanyahu Phone Call

Trump vs Netanyahu: फोन कॉल में भड़के ट्रंप, इजरायल PM को बताया ‘पागल’, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

Trump-Netanyahu Phone Call: दोस्ती में दरार या कूटनीतिक दबाव? अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के बीच हुई एक फोन कॉल ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायली सैन्य कार्रवाई को लेकर ट्रंप बेहद नाराज नजर आए। बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान ट्रंप ने नेतन्याहू को “क्रेजी” (पागल) तक कह दिया और इजरायल की सैन्य रणनीति पर कड़ी नाराजगी जताई। आखिर क्यों भड़के ट्रंप? रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल ने बेरूत के दक्षिणी हिस्सों और हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए थे। इन हमलों से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका पैदा हो गई थी। अमेरिकी प्रशासन को डर था कि यह सैन्य कार्रवाई अमेरिका और ईरान के बीच चल रही संवेदनशील वार्ताओं को प्रभावित कर सकती है। इसी मुद्दे पर ट्रंप ने नेतन्याहू से नाराजगी जताई। रिपोर्ट्स में क्या कहा गया? Axios और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने फोन पर नेतन्याहू से कहा कि उनकी कार्रवाई इजरायल को वैश्विक स्तर पर अलग-थलग कर सकती है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ट्रंप ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया और इजरायली हमलों को “अनुपात से ज्यादा” प्रतिक्रिया बताया। क्या रुक सकते हैं हमले? बातचीत के बाद ऐसी खबरें सामने आईं कि इजरायल ने बेरूत पर कुछ संभावित हमलों की योजना रोक दी है। वहीं ट्रंप ने दावा किया कि दोनों पक्ष तनाव कम करने की दिशा में कदम बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। हालांकि नेतन्याहू ने साफ किया कि यदि हिजबुल्लाह की ओर से हमले जारी रहे तो इजरायल जवाबी कार्रवाई करता रहेगा। मिडिल ईस्ट में बढ़ सकती है नई चुनौती विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष और बढ़ता है तो इसका असर पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र पर पड़ सकता है। इससे अमेरिका-ईरान वार्ता, लेबनान की स्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। यह भी पढ़े –Iran ने अमेरिका के साथ सीजफायर वार्ता रोकी | होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की तैयारी, लेबनान हमलों पर विरोध Desh Harpal Analysis ट्रंप और नेतन्याहू के रिश्ते लंबे समय से मजबूत माने जाते रहे हैं, लेकिन हालिया घटनाक्रम यह संकेत दे रहा है कि मिडिल ईस्ट संकट को लेकर दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक मतभेद उभर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह विवाद केवल कूटनीतिक दबाव है या अमेरिका-इजरायल संबंधों में किसी बड़े बदलाव की शुरुआत।
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चिराग त्यागी

Ghaziabad Crime: इंटरनेशनल पैरा एथलीट चिराग त्यागी मर्डर केस में बड़ा खुलासा, 2 अरेस्ट

गाजियाबाद में इंटरनेशनल पैरा एथलीट चिराग त्यागी की हत्या का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस दर्दनाक घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है, बल्कि पूरे खेल जगत में शोक की लहर फैला दी है। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए इस केस में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है। साईं उपवन में मिला था शव, फैली सनसनी यह घटना 30 मई 2026 की बताई जा रही है, जब गाजियाबाद के साईं उपवन इलाके में चिराग त्यागी का शव संदिग्ध हालत में मिला था। शुरुआती जांच में उनके शरीर पर चोट के निशान पाए गए, जिससे साफ हुआ कि मामला सामान्य नहीं बल्कि हत्या का हो सकता है। चिराग एक उभरते हुए इंटरनेशनल पैरा एथलीट थे, जिन्होंने भारत का नाम कई प्रतियोगिताओं में रोशन किया था। उनकी अचानक मौत ने सभी को हैरान कर दिया। पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 2 आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज की और: पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला किसी व्यक्तिगत रंजिश या खेल से जुड़ी प्रतिस्पर्धा का परिणाम हो सकता है। जांच में सामने आए अहम संकेत जांच के दौरान पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं: हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है। खेल जगत में शोक और गुस्सा चिराग त्यागी की मौत से पैरा स्पोर्ट्स कम्युनिटी में गहरा दुख है। साथी खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं और चिराग को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। आगे की जांच क्या कहती है? पुलिस का कहना है कि: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Editor's Picks

Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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