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Rahul Gandhi

US Trade Agreement Controversy “देश को बेच दिया” – Lok Sabha में Rahul Gandhi का बड़ा बयान

संसद के बजट सत्र में भारत-अमेरिका (India-US) Trade Deal को लेकर सियासत तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “US की शर्तों पर डील करना शर्मनाक है” और सरकार ने देश के हितों से समझौता किया है। उनके इस बयान के बाद सदन में जोरदार बहस छिड़ गई। क्या है पूरा मामला? हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते (Trade Agreement) को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। Rahul Gandhi ने अपने भाषण में कहा कि यह डील भारत की आर्थिक और रणनीतिक स्वतंत्रता को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बातचीत में सख्त रुख नहीं अपनाया। राहुल गांधी ने खास तौर पर ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security), कृषि क्षेत्र (Agriculture Sector) और डेटा संप्रभुता (Data Sovereignty) का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि अगर किसी समझौते से यह स्थिति बनती है कि भारत की तेल खरीद नीति या डिजिटल डेटा पर बाहरी दबाव बढ़े, तो यह देश के भविष्य के लिए चिंता की बात है। डेटा और तेल नीति पर सवाल अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने भारतीय डेटा को देश की “सबसे बड़ी संपत्ति” बताया। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में डेटा ही नई ताकत है और भारत को इसे किसी भी वैश्विक दबाव में नहीं छोड़ना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर अमेरिका यह तय करने लगे कि भारत किस देश से तेल खरीदेगा, तो यह स्वतंत्र विदेश नीति के सिद्धांत के खिलाफ होगा। टैरिफ और व्यापारिक असर विपक्ष का दावा है कि इस डील के बाद कुछ क्षेत्रों में टैरिफ (Tariff) संरचना में ऐसे बदलाव हुए हैं, जिससे भारतीय उद्योग और निर्यातकों पर असर पड़ सकता है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए अधिक मजबूत बातचीत करनी चाहिए थी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर विपक्षी गठबंधन सत्ता में होता, तो वह भारत के हितों को प्राथमिकता देते हुए अलग तरीके से बातचीत करता। सरकार का जवाब सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। केंद्रीय मंत्रियों का कहना है कि India-US Trade Deal भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और वैश्विक बाजार में नई संभावनाएं खोलने की दिशा में बड़ा कदम है। सरकार के मुताबिक, यह समझौता भारतीय उद्योग, निवेश और रोजगार के लिए फायदेमंद साबित होगा। क्यों अहम है यह बहस? भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रणनीतिक रिश्तों के बीच यह व्यापार समझौता महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लेकिन संसद में जिस तरह से इस पर सवाल उठे हैं, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और आर्थिक दोनों स्तर पर चर्चा में रहेगा। आखिरकार सवाल सिर्फ एक डील का नहीं है, बल्कि उस भरोसे का है जो देश की जनता अपनी सरकार से करती है—कि हर समझौता भारत के हित में हो। यही वजह है कि लोकसभा में हुई यह बहस आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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UP Budget

UP Budget 2026 ₹9,12,696 करोड़ से Industrial Development और MSME को नई रफ्तार

उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹9,12,696 करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश किया है। यह राज्य का अब तक का सबसे बड़ा बजट है, जिसमें Industrial Development, Infrastructure Expansion और MSME Growth को प्राथमिकता दी गई है। सरकार का स्पष्ट संदेश है—उत्तर प्रदेश को निवेश, रोजगार और उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना। UP Budget केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि प्रदेश के युवाओं, उद्यमियों, कारीगरों और छोटे व्यापारियों के लिए नई उम्मीदों का खाका भी है। Industrial Development: इंफ्रास्ट्रक्चर से उद्योग को ताकत इस बार बजट में सड़क, एक्सप्रेसवे, लॉजिस्टिक्स हब और औद्योगिक कॉरिडोर के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है। बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा फायदा उद्योगों को मिलेगा—माल ढुलाई सस्ती होगी, समय की बचत होगी और उत्पादन लागत कम होगी। बुंदेलखंड समेत कई क्षेत्रों में औद्योगिक पार्क विकसित करने की योजना से पिछड़े इलाकों में भी निवेश का रास्ता खुलेगा। इससे स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी। Investment और Employment: निवेश से रोजगार तक सरकार ने निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की प्रतिबद्धता दोहराई है। बड़े पैमाने पर हुए निवेश समझौतों (MoUs) से लाखों रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत करने और प्रक्रियाओं को आसान बनाने की पहल से उद्योग स्थापित करना पहले से सरल होगा। यह कदम खासकर नए उद्यमियों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है। MSME Sector: छोटे उद्योग, बड़ी ताकत उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में MSME सेक्टर की भूमिका बेहद अहम है। लाखों लोग सीधे या परोक्ष रूप से इससे जुड़े हैं। बजट में इस क्षेत्र के लिए कई अहम प्रावधान किए गए हैं— 1. आसान वित्तीय सहायता छोटे और मध्यम उद्योगों को ऋण और कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है, ताकि वे विस्तार कर सकें। 2. TReDS प्लेटफॉर्म का विस्तार MSME को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए TReDS को बढ़ावा मिलेगा, जिससे कैश फ्लो की समस्या कम होगी। 3. पारंपरिक उद्योगों को सपोर्ट हथकरघा, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल और ग्रामीण उद्योगों के लिए विशेष योजनाएं लागू की जाएंगी। इससे कारीगरों को बाजार और आधुनिक तकनीक से जोड़ने में मदद मिलेगी। 4. टेक्नोलॉजी और डिजिटल कनेक्ट छोटे उद्योगों को डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-मार्केट से जोड़ने की पहल से उनके उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकेंगे। क्यों खास है यह बजट? UP Budget केवल बड़े उद्योगपतियों के लिए नहीं, बल्कि छोटे दुकानदार, कारीगर, स्टार्टअप फाउंडर और ग्रामीण उद्यमियों के लिए भी अवसर लेकर आया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lok Sabha

No-Confidence Motion Drama Lok Sabha में हंगामा, Kiren Rijiju ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप

संसद का बजट सत्र इस बार सामान्य बहसों से आगे बढ़कर तीखे राजनीतिक टकराव का मंच बन गया है। Lok Sabha में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ते तनाव ने हालात को ऐसा मोड़ दे दिया है, जहाँ आरोप-प्रत्यारोप, अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) और संसदीय गरिमा पर सवाल एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। स्पीकर के चैंबर में क्या हुआ? केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू (Kiren Rijiju) ने कांग्रेस सांसदों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि लगभग 20–25 कांग्रेस सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला (Om Birla) के चैंबर में गए और वहां अनुचित व्यवहार किया। रिजिजू के अनुसार इस दौरान ऐसी भाषा का इस्तेमाल हुआ, जिससे स्पीकर आहत हुए। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ वरिष्ठ नेता, जिनमें प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य प्रमुख चेहरे शामिल थे, उस समय मौजूद थे। रिजिजू ने इस पूरे घटनाक्रम को “संसदीय मर्यादा के खिलाफ” बताया और कहा कि लोकतंत्र में असहमति ज़रूरी है, लेकिन गरिमा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। बोलने की अनुमति पर विवाद मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा। रिजिजू ने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ नेताओं ने यह कहा कि उन्हें सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकसभा के नियमों के अनुसार, बिना अध्यक्ष की अनुमति कोई भी सदस्य बोल नहीं सकता, चाहे वह किसी भी दल से हो। सत्ता पक्ष का कहना है कि नियमों की अनदेखी से संसद की कार्यवाही प्रभावित होती है और इससे जनता के मुद्दे पीछे छूट जाते हैं। No-Confidence Motion क्यों? दूसरी ओर, विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion against Speaker) पेश किया है। विपक्ष का आरोप है कि सदन की कार्यवाही के दौरान उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया और कुछ मामलों में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया गया। करीब 118 सांसदों के हस्ताक्षर के साथ यह प्रस्ताव लोकसभा सचिवालय को सौंपा गया है। हालांकि, इस पर कुछ बड़े नेताओं के हस्ताक्षर न होने को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा जारी है। BJP MPs की प्रतिक्रिया भाजपा की कुछ महिला सांसदों ने भी स्पीकर को पत्र लिखकर विपक्ष के व्यवहार पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि सदन के अंदर और बाहर विरोध का तरीका ऐसा होना चाहिए जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हो। संसद में बढ़ता गतिरोध लगातार हो रहे हंगामे और आरोपों के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है, खासकर यदि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। लोकतंत्र की असली कसौटी संसद सिर्फ बहस का मंच नहीं, बल्कि देश की जनता की आवाज़ है। ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि क्या राजनीतिक मतभेदों को संवाद से सुलझाया जा सकता है? लोकतंत्र में विरोध और सवाल उठाना ज़रूरी है, लेकिन उसकी भाषा और तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। फिलहाल देश की निगाहें लोकसभा पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह विवाद सिर्फ बयानबाज़ी तक सीमित रहेगा या संसद की कार्यप्रणाली पर गहरा असर डालेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vande Mataram

नई गाइडलाइन 2026 Vande Mataram पहले, Jana Gana Mana बाद में गाया जाएगा

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वन्दे मातरम् (Vande Mataram) को लेकर नई ऑफिशियल गाइडलाइन 2026 जारी की है। अब स्कूलों और सरकारी कार्यक्रमों में वन्दे मातरम् राष्ट्रीय गीत जन‑गण‑मन (Jana Gana Mana) से पहले गाया जाएगा। गाइडलाइन के अनुसार, सभी 6 पैरे गाए जाएंगे और सुनने वाले खड़े होकर सम्मान करेंगे। सभी 6 पैरे अब होंगे ऑफिशियल इस गाइडलाइन में वन्दे मातरम् (Vande Mataram) के पूरे छह पैरों को गाने की बात कही गई है। इनमें वे पैरे भी शामिल हैं जो पहले आधिकारिक कार्यक्रमों में नहीं गाए जाते थे। प्रत्येक पैरा मातृभूमि के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को जगाता है। स्कूलों और सरकारी कार्यक्रमों में नया नियम ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व Vande Mataram को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था और यह गीत स्वतंत्रता संग्राम का एक प्रतीक बन गया। पहले इसे केवल दो पैरों तक सीमित रखा गया था, लेकिन अब सभी छह पैरे गाने का निर्देश है। यह बदलाव बच्चों और नागरिकों के बीच देशभक्ति और राष्ट्रीय सम्मान की भावना को और मजबूत करेगा। सरकार का उद्देश्य सरकार का लक्ष्य वन्दे मातरम् को केवल गीत के रूप में नहीं बल्कि राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक बनाना है। इससे बच्चों और नागरिकों में देशभक्ति की भावना को जागरूक करने में मदद मिलेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lok Sabha

Lok Sabha में सियासी घमासान स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, दो स्थगन के बाद Budget पर चर्चा

संसद के बजट सत्र में सोमवार को लोकसभा (Lok Sabha) का माहौल काफी तनावपूर्ण नजर आया। एक तरफ विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश किया, तो दूसरी ओर हंगामे और स्थगन के बाद आखिरकार आम बजट पर चर्चा की शुरुआत हुई। स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस विपक्षी दलों ने लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए नोटिस दिया है, जिस पर 118 सांसदों के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि सदन की कार्यवाही निष्पक्ष रूप से नहीं चलाई जा रही और उनकी बातों को बार-बार अनदेखा किया जा रहा है। यह कदम विपक्ष की नाराज़गी और सरकार के प्रति उसके आक्रामक रुख को दिखाता है। हंगामे के कारण दो बार स्थगित हुई कार्यवाही अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस के बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ। विपक्षी सांसदों की नारेबाज़ी और विरोध के चलते लोकसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। कुछ समय तक सदन का कामकाज पूरी तरह बाधित रहा, जिससे राजनीतिक टकराव साफ झलकता रहा। Budget Discussion की शुरुआत हंगामे और स्थगन के बावजूद लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू की गई और केंद्र सरकार के आम बजट (Union Budget) पर चर्चा शुरू हुई। सत्तापक्ष के सांसदों ने सरकार की आर्थिक नीतियों, विकास योजनाओं और भविष्य की रणनीति को सामने रखा। वहीं विपक्ष ने महंगाई, बेरोज़गारी, किसानों की समस्याओं और आम जनता पर बढ़ते खर्च जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा। संसद में टकराव के बीच आगे की राह लोकसभा (Lok Sabha) स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस और बजट पर चर्चा का एक साथ चलना यह दर्शाता है कि संसद के भीतर सियासी खींचतान तेज है। इसके बावजूद सरकार बजट से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा कर विधायी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर क्या निर्णय लिया जाता है और बजट बहस आने वाले दिनों में किस दिशा में आगे बढ़ती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Naravane

Penguin India का Official Statement General Naravane की Unpublished Book पर Legal Action की चेतावनी

भारत में इस वक्त एक unpublished book controversy सुर्खियों में है। विवाद का केंद्र है पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (General Manoj M. Naravane) की आत्मकथा “Four Stars of Destiny”, जो अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है। मामला तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद में इस किताब का कथित अंश दिखाया और सरकार पर सवाल उठाए। किताब क्या है? Naravane की किताब “Four Stars of Destiny” उनके सैन्य करियर, भारत‑चीन सीमा विवाद और महत्वपूर्ण सैन्य निर्णयों का विवरण बताती है। हालांकि, यह अभी तक प्रकाशित नहीं हुई और न ही कोई आधिकारिक प्रति (print या digital) सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। पेंगुइन इंडिया (Penguin Random House India) का बयान पेंगुइन इंडिया ने स्पष्ट किया कि: इसका मतलब यह है कि पेंगुइन ने कोई भी आधिकारिक रिलीज़ नहीं की है और किसी भी लीक को मान्यता नहीं दी है। FIR और Delhi Police की जांच दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की है, क्योंकि: पुलिस का कहना है कि मामला copyright/लेखक अधिकारों और unauthorized dissemination से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। Parliament Controversy: राहुल गांधी और किताब का प्रदर्शन विवाद तब राजनीतिक रूप ले गया जब राहुल गांधी ने लोकसभा में कथित किताब की प्रति दिखाकर सरकार पर सवाल उठाए। संक्षेप में बिंदु स्थिति Book Publication प्रकाशित नहीं हुई, कोई official copy उपलब्ध नहीं। Publisher Statement Penguin India ने unauthorized copies पर copyright violation बताया। FIR & Police Probe दिल्ली पुलिस ने unauthorized circulation के आधार पर FIR दर्ज की। Politics & Parliament राहुल गांधी के Parliamentary display ने विवाद को राजनीतिक रूप दिया। मानवीय जुड़ाव यह सिर्फ book leak controversy नहीं है। यह उस संतुलन की कहानी है जहाँ जानकारी की भूख, लेखक-अधिकार, राष्ट्रीय सुरक्षा नियम, और राजनीतिक बहस एक साथ टकराते हैं। ऐसी घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि किसी भी संवेदनशील जानकारी के लिए सही अनुमति और जिम्मेदारी कितनी महत्वपूर्ण है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Punjab

Punjab Crime तरनतारन लॉ कॉलेज में सनसनी, छात्र ने सहपाठी को गोली मारी फिर खुद की जान ली

पंजाब (Punjab) के तरनतारन जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। माई भागो लॉ कॉलेज (Mai Bhago Law College) में पढ़ने वाली एक लॉ छात्रा की क्लासरूम के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद आरोपी छात्र ने खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या (Suicide) कर ली। यह पूरी घटना कॉलेज में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कैसे हुई वारदात? प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, घटना उस समय हुई जब कॉलेज में नियमित कक्षाएं चल रही थीं। तभी एक छात्र अचानक क्लासरूम में दाखिल हुआ और बिना किसी चेतावनी के अपनी सहपाठी संदीप कौर के सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही छात्रा जमीन पर गिर पड़ी। घटना को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी छात्र ने खुद को भी गोली मार ली। दोनों को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। CCTV Video से मचा हड़कंप कॉलेज परिसर में लगे CCTV कैमरों में यह पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई है। वीडियो सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन, छात्रों और अभिभावकों में डर और गुस्सा दोनों देखा जा रहा है। पुलिस ने वीडियो को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस जांच में क्या सामने आ रहा है? पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी और मृतक छात्रा के बीच किसी निजी विवाद या एकतरफा संबंध का मामला हो सकता है। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी किसी नतीजे पर पहुँचना जल्दबाजी होगी। पुलिस कॉलेज के छात्रों, शिक्षकों और परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी के पास हथियार कैसे पहुंचा। कॉलेज प्रशासन और समाज की प्रतिक्रिया घटना के बाद कॉलेज में शोक का माहौल है। कॉलेज प्रशासन ने कक्षाएं स्थगित कर दी हैं और छात्रों के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था करने की बात कही है। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था, छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य, और हथियारों की आसान उपलब्धता कितनी बड़ी समस्या बन चुकी है। एक चेतावनी भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि हिंसक और संवेदनशील वीडियो शेयर न करें, क्योंकि इससे पीड़ित परिवारों को और मानसिक आघात पहुंचता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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ISRO

ISRO Chandrayaan-4 Plan Mons Mouton से मिट्टी और चट्टानों के सैंपल लाने का लक्ष्य

भारत एक बार फिर चंद्रमा पर इतिहास रचने की तैयारी में है। ISRO (Indian Space Research Organisation) ने अपने आने वाले मिशन चंद्रयान-4 (Chandrayaan-4) के लिए लैंडिंग साइट की तलाश लगभग पूरी कर ली है। इस बार मिशन का फोकस चंद्रमा के South Pole क्षेत्र पर है, जहां Mons Mouton नामक पहाड़ी इलाके को सबसे सुरक्षित और उपयोगी माना जा रहा है। क्यों खास है Mons Mouton? Mons Mouton चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास स्थित एक ऊँचा इलाका है। वैज्ञानिकों के अनुसार यहां की सतह अपेक्षाकृत स्थिर है और ढलान भी ज्यादा खतरनाक नहीं है। यही वजह है कि ISRO ने इसे Chandrayaan-4 की संभावित लैंडिंग साइट के रूप में चुना है। इस क्षेत्र की एक और खास बात यह है कि यहां सूरज की रोशनी लंबे समय तक मिलती है, जिससे भविष्य के मिशनों में सोलर एनर्जी का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। Chandrayaan-4 का मुख्य उद्देश्य क्या होगा? चंद्रयान-4 सिर्फ लैंडिंग तक सीमित नहीं रहेगा। इस मिशन का सबसे बड़ा लक्ष्य होगा: ये सैंपल वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद करेंगे कि चंद्रमा की सतह कैसे बनी, वहां मौजूद खनिजों की संरचना क्या है और भविष्य में वहां मानव मिशन की कितनी संभावना है। South Pole क्यों बना वैज्ञानिकों की पसंद? चंद्रमा का South Pole दुनियाभर के स्पेस एजेंसियों के लिए बेहद आकर्षण का केंद्र है। माना जाता है कि इस इलाके में: अगर यह पुष्टि होती है, तो यह मानव अंतरिक्ष अभियानों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। कैसे चुनी गई लैंडिंग साइट? ISRO ने Chandrayaan-2 के ऑर्बिटर से मिले हाई-रेजोल्यूशन डेटा का इस्तेमाल किया। इन तस्वीरों के जरिए: का गहराई से विश्लेषण किया गया। इसके बाद Mons Mouton के पास एक सुरक्षित पैच को फाइनल विकल्प माना गया। कब लॉन्च हो सकता है Chandrayaan-4? फिलहाल मिशन की तैयारियां चल रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों के अनुसार Chandrayaan-4 को 2027 या 2028 तक लॉन्च किया जा सकता है। हालांकि, ISRO की तरफ से आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। भारत के लिए क्यों अहम है यह मिशन? Chandrayaan-4 भारत को उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल कर सकता है जो चंद्रमा से सैंपल वापस लाने में सक्षम हैं। यह मिशन न सिर्फ वैज्ञानिक दृष्टि से बल्कि तकनीकी और वैश्विक स्तर पर भी भारत की स्थिति को मजबूत करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Om Birla

Lok Sabha Speaker Om Birla पर No Confidence Motion की तैयारी संसद में टकराव चरम पर

संसद के बजट सत्र के दौरान चल रहा राजनीतिक टकराव अब एक नए और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। विपक्षी दलों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला (Lok Sabha Speaker Om Birla) के खिलाफ नो कॉन्फिडेंस मोशन (No Confidence Motion) लाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह कदम भारतीय संसदीय इतिहास में बेहद असामान्य माना जा रहा है और इससे संसद की राजनीति और अधिक गरमा गई है। पिछले कुछ दिनों से लोकसभा की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है। विपक्ष का आरोप है कि उन्हें सदन में अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा और स्पीकर के फैसले एकतरफा हैं। इसी नाराज़गी के चलते विपक्ष अब सीधे स्पीकर की भूमिका पर सवाल खड़ा कर रहा है। संसद में क्यों बढ़ा तनाव? बजट सत्र की शुरुआत से ही लोकसभा में हंगामे का माहौल बना हुआ है। विपक्षी सांसदों का कहना है कि कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की अनुमति नहीं दी जा रही, जबकि सरकार के पक्ष में बोलने वालों को ज्यादा समय मिल रहा है। हालात इतने बिगड़ गए कि सदन को कई बार स्थगित करना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में बड़ी संख्या में विपक्षी सांसद स्पीकर के चेंबर तक पहुंचे और अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद से ही यह चर्चा तेज हो गई कि विपक्ष कोई बड़ा कदम उठा सकता है — और अब स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। विपक्ष का आरोप, सरकार का पलटवार विपक्ष का कहना है कि यह कदम किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं की रक्षा के लिए उठाया जा रहा है। उनका दावा है कि अगर सदन निष्पक्ष रूप से नहीं चलेगा तो जनता की आवाज संसद तक नहीं पहुंच पाएगी। वहीं सरकार और सत्तारूढ़ दल इस पूरे घटनाक्रम को विपक्ष की राजनीतिक रणनीति बता रहे हैं। उनका कहना है कि जब विपक्ष के पास ठोस मुद्दे नहीं होते, तब वह संसद को बाधित करने और संवैधानिक पदों को विवाद में घसीटने का रास्ता अपनाता है। कितना अहम है यह प्रस्ताव? विशेषज्ञों के अनुसार, लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना बेहद दुर्लभ है। अगर प्रस्ताव पेश होता है, तो उसे सदन में स्वीकार किया जाना और फिर उस पर बहस होना अपने-आप में बड़ी राजनीतिक घटना होगी। हालांकि, प्रस्ताव का पारित होना संख्याबल पर निर्भर करेगा। फिलहाल यह साफ है कि संसद का यह सत्र सिर्फ बजट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में स्पीकर, विपक्ष और सरकार के बीच टकराव भारतीय राजनीति का केंद्र बन सकता है। आगे क्या? अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि विपक्ष औपचारिक रूप से अविश्वास प्रस्ताव कब पेश करता है और स्पीकर उस पर क्या फैसला लेते हैं। यह मामला न सिर्फ संसद के अंदर, बल्कि देश की राजनीति में भी दूरगामी असर डाल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Delhi

Delhi Crime कार के अंदर 3 Dead Bodies, Suicide Theory पर परिवार का सवाल

दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर (Peeragarhi Flyover) पर कार के अंदर तीन लोगों की लाशें मिलने से सनसनी फैल गई है। मृतकों में दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। जहां दिल्ली पुलिस इसे शुरुआती तौर पर सामूहिक आत्महत्या (Suicide Case) मान रही है, वहीं मृतकों के परिजन इस थ्योरी को सिरे से खारिज करते हुए इसे Murder Case बता रहे हैं। परिवार के इस दावे के बाद मामला और भी रहस्यमय हो गया है। Peeragarhi Flyover पर क्या हुआ था? रविवार शाम को पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास सड़क किनारे खड़ी एक सफेद कार से बदबू आने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि कार के अंदर तीन लोग बेहोशी की हालत में पड़े थे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। Police Investigation: क्यों Suicide का शक? पुलिस अधिकारियों के मुताबिक: इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस को यह मामला सुसाइड जैसा प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि यह केवल प्राथमिक जांच है। Family Claim: “ये Suicide नहीं, Murder है” मामले में उस वक्त बड़ा मोड़ आया जब मृतकों के एक भाई ने मीडिया के सामने आकर कहा, “मेरे भाई आत्महत्या नहीं कर सकते। यह साफ तौर पर मर्डर है।” परिजनों का कहना है कि: परिवार ने पुलिस से मांग की है कि मामले की जांच हत्या के एंगल से भी गंभीरता से की जाए। Delhi Triple Death Case में आगे क्या जांच होगी? दिल्ली पुलिस अब इस केस को Suicide और Murder—दोनों एंगल से जांच रही है।जांच के अहम बिंदु: इन रिपोर्ट्स के आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि तीनों की मौत खुदकुशी थी या किसी साजिश का नतीजा। अब सबकी नजरें रिपोर्ट पर फिलहाल, Delhi Car Death Mystery एक अनसुलझी पहेली बनी हुई है। पुलिस और परिवार—दोनों अपने-अपने तर्क रख रहे हैं। सच्चाई क्या है, इसका जवाब अब पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट ही दे पाएगी। जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक पीरागढ़ी का यह मामला दिल्ली के सबसे चर्चित और रहस्यमय केस में गिना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Greater Noida में जिम से निकलते ही युवक की मौत, एक्सरसाइज के बाद बिगड़ी तबीयत

Greater Noida में जिम से निकलते ही युवक की मौत, एक्सरसाइज के बाद बिगड़ी तबीयत

Greater Noida वेस्ट के बिसरख कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां जिम में एक्सरसाइज करने के तुरंत बाद 20 वर्षीय युवक की अचानक तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शुरुआती जांच में मौत की वजह हार्ट अटैक मानी जा रही है, हालांकि असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा। जानकारी के अनुसार, मृतक युवक की पहचान शरद कुमार के रूप में हुई है। वह मूल रूप से Bulandshahr का रहने वाला था और फिलहाल बिसरख गांव में किराए के मकान में रह रहा था। बताया जा रहा है कि शरद रोज की तरह शनिवार को भी जिम में वर्कआउट करने गया था। एक्सरसाइज खत्म करने के बाद जैसे ही वह जिम से बाहर निकला, अचानक चक्कर खाकर नाले की दीवार के पास गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने युवक को Government Institute of Medical Sciences (GIMS) अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत की सही वजह सामने आ सके।
Uttar Pradesh में AIMIM की बड़ी तैयारी: ओवैसी ने मटेरा से साधे मुस्लिम-दलित समीकरण

Uttar Pradesh में AIMIM की बड़ी तैयारी: ओवैसी ने मटेरा से साधे मुस्लिम-दलित समीकरण

Uttar Pradesh में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) प्रमुख Asaduddin Owaisi ने बहराइच जिले की मटेरा विधानसभा सीट से बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। माना जा रहा है कि ओवैसी अब उत्तर प्रदेश में मुस्लिम-दलित समीकरण को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। मटेरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ओवैसी ने भाजपा, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अब प्रदेश की राजनीति में नए विकल्प की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि AIMIM उन लोगों की आवाज बनेगी, जिन्हें लंबे समय से नजरअंदाज किया गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ओवैसी की नजर खास तौर पर मुस्लिम और दलित वोट बैंक पर है। यही वजह है कि पार्टी लगातार ऐसे क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ा रही है, जहां दोनों समुदायों की अच्छी आबादी है। ओवैसी ने अपने संबोधन में सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा जैसे मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सिर्फ चुनाव लड़ने नहीं, बल्कि लोगों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए मैदान में उतरी है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में AIMIM की बढ़ती सक्रियता को आने वाले चुनावों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि ओवैसी की यह रणनीति प्रदेश की राजनीति में कितना असर छोड़ती है।

Telangana में आधी रात कांपी धरती: भद्राद्री कोठागुडेम में 3.8 तीव्रता का भूकंप, कोई नुकसान नहीं

Telangana के भद्राद्री कोठागुडेम जिले में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। देर रात करीब 2 बजकर 26 मिनट पर अचानक धरती हिलने से कुछ देर के लिए लोगों में हल्की चिंता का माहौल बन गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.8 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में था। हालांकि, इस तीव्रता का भूकंप ज्यादा खतरनाक नहीं माना जाता और फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। देर रात का समय होने के कारण अधिकतर लोग सो रहे थे, इसलिए कई लोगों को भूकंप का एहसास भी नहीं हुआ। वहीं कुछ स्थानीय लोगों ने हल्के झटके महसूस किए, लेकिन स्थिति सामान्य बनी रही। विशेषज्ञों के मुताबिक, 3.8 तीव्रता का भूकंप आमतौर पर बड़े नुकसान का कारण नहीं बनता। हालांकि, अगर भूकंप की तीव्रता 6 या उससे अधिक होती, तो हालात गंभीर हो सकते थे। फिलहाल प्रशासन और स्थानीय एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।
Jiwaji University में युवक का हंगामा, खुद को बताया ‘King’, दीवारों पर लिखे आपत्तिजनक शब्द

Jiwaji University में युवक का हंगामा, खुद को बताया ‘King’, दीवारों पर लिखे आपत्तिजनक शब्द

मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित Jiwaji University में एक युवक ने जमकर हंगामा किया। युवक ने खुद को “किंग” बताते हुए यूनिवर्सिटी की दीवारों पर आपत्तिजनक शब्द लिख दिए, जिससे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि युवक यूनिवर्सिटी के रिकॉर्ड रूम तक पहुंच गया और वहां भी अव्यवस्था फैलाने की कोशिश की। घटना की जानकारी मिलते ही यूनिवर्सिटी प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच शुरू कर दी गई। प्रशासन ने परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। पुलिस अब आरोपी युवक की पहचान और तलाश में जुटी हुई है। इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्रों और कर्मचारियों का कहना है कि कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
PM Modi France Visit: फ्रांस पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, भारतीय समुदाय ने किया भव्य स्वागत

PM Modi France Visit: फ्रांस पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, भारतीय समुदाय ने किया भव्य स्वागत

PM Modi फ्रांस पहुंच गए हैं, जहां वह राष्ट्रपति Emmanuel Macron के साथ अहम द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और जी-7 शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी की यह पांच दिवसीय फ्रांस और स्लोवाकिया यात्रा का पहला चरण है। वह फ्रांस के शहर नीस पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। फ्रांस पहुंचने के बाद एयरपोर्ट से होटल तक प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग मौजूद रहे। होटल के बाहर लोगों ने “मोदी-मोदी” और “भारत माता की जय” के नारे लगाए। इस दौरान कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसने पूरे माहौल को उत्साह से भर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने वहां मौजूद भारतीय मूल के लोगों से मुलाकात की और उनसे हाथ मिलाकर अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान पीएम मोदी का एक खास अंदाज भी देखने को मिला, जब उन्होंने एक छोटे बच्चे को गोद में लेकर प्यार किया। यह पल वहां मौजूद लोगों के लिए काफी खास बन गया। प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस पहुंचने के बाद सोशल मीडिया पर भी पोस्ट साझा किया। उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात को लेकर उत्साहित हैं। पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि इस यात्रा के दौरान भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक और आर्थिक रिश्ते और मजबूत होंगे। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी नवाचार, टेक्नोलॉजी और वैश्विक साझेदारी से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। माना जा रहा है कि भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, व्यापार और नई तकनीक के क्षेत्र में सहयोग को लेकर भी अहम चर्चा हो सकती है।

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