आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलBittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावितBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ कियाBREAKINGदेश-हरपलSwatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत मेंBREAKINGदेश-हरपलUP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवालBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों MissingBREAKINGदेश-हरपलTeachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चाBREAKINGप्रदेशUjjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएंBREAKINGदेश-हरपलIndia-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमतिBREAKINGदेश-हरपलBittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावितBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ कियाBREAKINGदेश-हरपलSwatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत मेंBREAKINGदेश-हरपलUP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवालBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों MissingBREAKINGदेश-हरपलTeachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चाBREAKINGप्रदेशUjjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएंBREAKINGदेश-हरपलIndia-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

NE

News Elementor

Banner

Latest Posts

बरगी डैम हादसा: तेज आंधी में क्रूज डूबा, 9 की मौत; मां-बेटे की मौत ने झकझोरा

मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। पर्यटन विभाग का एक क्रूज तेज आंधी की चपेट में आकर डूब गया। अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। प्रशासन के अनुसार 4 लोग अब भी लापता हैं। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त क्रूज में 43 से 47 पर्यटक सवार थे, जबकि टिकट केवल 29 लोगों की ही कटी थी। हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ। 74 किमी/घंटा की रफ्तार से चली हवा, बिगड़े हालात जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त हवा की रफ्तार करीब 74 किलोमीटर प्रति घंटे थी। अचानक आए तूफान ने क्रूज को अनियंत्रित कर दिया। रेस्क्यू ऑपरेशन में SDRF टीम ने कई लोगों की जान बचाई, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम के कारण राहत कार्य प्रभावित हुआ। शुक्रवार सुबह से फिर सर्च ऑपरेशन जारी है। PM मोदी ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। CM मोहन यादव ने दिए जांच के आदेश मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। वे शुक्रवार को जबलपुर पहुंच सकते हैं। वहीं पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी भी मौके पर पहुंचे हैं। मां-बेटे की मौत ने सभी को झकझोरा इस हादसे में मरीना मैसी और उनके 4 साल के बेटे त्रिशान की मौत ने सभी को भावुक कर दिया। बचाव दल ने दोनों के शव एक-दूसरे से लिपटे हुए निकाले। मां ने अपने बच्चे को लाइफ जैकेट में सीने से कसकर थाम रखा था। यह परिवार दिल्ली से घूमने आया था। पिता प्रदीप मैसी और बेटी सिया किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे। “संभलने का मौका ही नहीं मिला” — क्रूज पायलट क्रूज के पायलट महेश ने बताया कि सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे, लेकिन अचानक आए तूफान के कारण स्थिति बेकाबू हो गई और किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। यह हादसा एक बार फिर पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और मौसम अलर्ट को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
Read more

इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया मोड़

इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के बाद अब मामला नए मोड़ पर पहुंच गया है। शिलॉन्ग पुलिस इस जमानत को चुनौती देने के लिए मेघालय हाई कोर्ट का रुख करने की तैयारी कर रही है। पुलिस का मानना है कि सोनम इस हत्याकांड की मास्टरमाइंड है और उसकी रिहाई से गवाहों पर दबाव पड़ सकता है। “कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेंगे” शिलॉन्ग के एसपी विवेक सियेम ने कहा कि पुलिस कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि कोर्ट के फैसले का सम्मान किया जाएगा, लेकिन जांच जारी रहेगी। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अब उन बिंदुओं पर फोकस कर रही है, जिन आधारों पर सत्र न्यायालय ने सोनम को जमानत दी थी, ताकि हाईकोर्ट में मजबूत पक्ष रखा जा सके। सोनम की ओर से भी नई अर्जी की तैयारी सूत्रों के अनुसार, जमानत के बाद सोनम को शिलॉन्ग में सुरक्षित स्थान पर रखा गया है, क्योंकि कोर्ट की अनुमति के बिना वह शहर नहीं छोड़ सकती। बताया जा रहा है कि वह शिलॉन्ग से बाहर जाने के लिए भी कोर्ट में अर्जी दाखिल कर सकती है। प्रेमी राज कुशवाह की जमानत पर आज फैसला संभव इस मामले में सोनम के कथित प्रेमी राज कुशवाह की जमानत पर भी शुक्रवार को फैसला आ सकता है। उनके वकील ने सोनम की जमानत को आधार बनाकर याचिका दायर की है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने जांच पर उठाए थे सवाल सत्र न्यायालय ने सोनम को जमानत देते समय जांच प्रक्रिया में खामियों की ओर इशारा किया था। कोर्ट ने पाया कि गिरफ्तारी के दौरान सही धाराएं नहीं लगाई गईं और आरोपी को उसके अधिकारों की जानकारी भी नहीं दी गई। साथ ही, 10 महीने बाद भी एसआईटी जांच पूरी नहीं कर पाई और सभी गवाहों के बयान दर्ज नहीं हुए हैं। परिवार भी हाईकोर्ट जाएगा मृतक के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा है कि वे भी सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। उन्होंने बताया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के वकीलों से भी संपर्क किया गया है 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
Read more
High Court Case: दो सगी बहनों ने की पति बदलने की मांग | अदालत में अजीब पारिवारिक विवाद

High Court Case: दो सगी बहनों ने की पति बदलने की मांग | अदालत में अजीब पारिवारिक विवाद

एक हैरान कर देने वाला मामला High court में सामने आया, जहां दो सगी बहनों ने अपने-अपने पतियों के साथ रहने की जगह अदला-बदली की इच्छा जताई। इस मामले ने कोर्ट के साथ-साथ आम लोगों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। सुनवाई के दौरान एक महिला ने अदालत में कहा कि वह अपने जीजा के साथ रहना चाहती है। वहीं दूसरी बहन ने भी साफ शब्दों में कहा कि वह अपने बहनोई के साथ रहने की इच्छा रखती है। दोनों की इस मांग से कोर्ट में मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए High Court of India ने दोनों पक्षों की बात ध्यान से सुनी। अदालत ने यह भी समझने की कोशिश की कि यह मामला आपसी सहमति का है या इसके पीछे कोई दबाव या विवाद छिपा है। कोर्ट ने फिलहाल मामले में जल्दबाजी में कोई फैसला देने से बचते हुए, संबंधित पक्षों को काउंसलिंग और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ने की सलाह दी है। सामाजिक और कानूनी पहलू यह मामला सिर्फ कानूनी ही नहीं बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी काफी संवेदनशील माना जा रहा है। ऐसे मामलों में कानून, पारिवारिक रिश्तों और समाज की मर्यादाओं को ध्यान में रखते हुए ही निर्णय लिया जाता है।
Read more

खंडवा में अवैध कारखाने पर बड़ी कार्रवाई, इमलीपुरा में ध्वस्तीकरण शुरू

खंडवा शहर के इमलीपुरा इलाके में रहवासी बस्ती के बीच चल रहे अवैध चर्बी बनाने के कारखाने पर नगर निगम ने गुरुवार सुबह सख्त कार्रवाई की। संकरी गलियों के कारण बुलडोजर अंदर नहीं जा सका, तो निगम टीम ने सब्बल और हथौड़ों से ही दीवारें तोड़कर भवन गिराना शुरू किया। कार्रवाई के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर, निगम आयुक्त प्रियंका राजावत और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया। नोटिस के बाद भी नहीं दिए दस्तावेज नगर निगम ने कारखाना संचालक अनवर कुरैशी के परिजनों को पहले ही नोटिस देकर भवन और जमीन से जुड़े दस्तावेज पेश करने को कहा था। 24 घंटे की समयसीमा खत्म होने के बाद भी दस्तावेज नहीं दिए गए, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। मांस से चर्बी और ऑयल बनाने का अवैध कारोबार जांच में सामने आया कि इस भवन में पशुओं के मांस को उबालकर चर्बी और ऑयल बनाया जा रहा था। साथ ही सींग और खाल निकालने का भी अवैध काम चल रहा था। घनी आबादी के बीच इस तरह की गतिविधियों से इलाके में गंभीर स्वच्छता और स्वास्थ्य खतरे पैदा हो रहे थे। पहले भी हो चुकी है बड़ी जब्ती 24 अप्रैल को प्रशासन और नगर निगम की टीम ने यहां छापा मारकर 9 ड्रम और 69 कनस्तरों में भरी चर्बी जब्त की थी। साथ ही पशुओं के सींग और खाल भी बरामद हुए थे, जिन्हें ट्रेंचिंग ग्राउंड पर नष्ट किया गया। संचालक गिरफ्तार, दो अधिकारी निलंबित इस मामले में आरोपी अनवर कुरैशी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं लापरवाही सामने आने पर स्लॉटर हाउस प्रभारी जाकिर अहमद और राजस्वकर्मी अमित अग्रवाल को निलंबित कर दिया गया है। रासुका लगाने की मांग तेज घटना के बाद हिंदू संगठनों में आक्रोश देखा जा रहा है। उन्होंने आरोपियों और जुड़े अन्य लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की मांग की है। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें:www.deshharpal.com
Read more

8 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग, 17 मई से शुरू होगा अधिकमास

करीब 8 साल बाद इस बार ज्येष्ठ माह में अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) का दुर्लभ संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार 17 मई 2026 से अधिकमास की शुरुआत होगी, जो 15 जून तक चलेगा। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे सभी मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी। क्या होता है अधिकमास? ज्योतिषाचार्य अमर डिब्बेवाला के अनुसार, हिंदू पंचांग विक्रम संवत पर आधारित होता है और वर्तमान में विक्रम संवत 2082 चल रहा है।अधिकमास तब बनता है, जब पूरे चंद्र मास में सूर्य किसी नई राशि में प्रवेश नहीं करता। चंद्र और सौर गणना के अंतर को संतुलित करने के लिए हर 2-3 साल में एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, जिसे अधिकमास कहा जाता है। धार्मिक दृष्टि से क्यों खास है यह महीना? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिकमास में किए गए जप, तप, दान और पूजा का फल कई गुना अधिक मिलता है। इस दौरान: करना बेहद शुभ माना जाता है। मांगलिक कार्यों पर रहेगा विराम इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते। इसे आत्मचिंतन, साधना और धर्म-कर्म के लिए श्रेष्ठ समय माना गया है। महत्वपूर्ण तिथियां और योग उज्जैन में विशेष धार्मिक परंपरा उज्जैन की पवित्र शिप्रा नदी में स्नान और श्री महाकालेश्वर मंदिर में पूजन-अर्चन का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु इस दौरान पितरों का तर्पण भी करते हैं। कितने दिन का होगा अधिकमास? इस बार अधिकमास 17 मई से 15 जून 2026 तक यानी करीब 30 दिनों का रहेगा, जबकि ज्येष्ठ माह का कुल काल लगभग 58-59 दिन तक रहेगा। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
Read more

ICSE-ISC Result 2026 जारी: भोपाल के BHIS स्कूल का शानदार प्रदर्शन, कृष्णाली मर्चेंट बनीं टॉपर

भोपाल समेत पूरे देश के लाखों छात्रों का इंतजार खत्म हो गया है। Council for the Indian School Certificate Examinations ने ICSE 10वीं और ISC 12वीं परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। रिजल्ट जारी होते ही भोपाल के स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में हलचल बढ़ गई। छात्र अपने-अपने परिणाम देखने में जुट गए, वहीं कई स्कूलों ने मार्गदर्शन के लिए विशेष व्यवस्था भी की। भोपाल के Billabong High International School का शानदार प्रदर्शन भोपाल के Billabong High International School (BHIS) ने इस साल बेहतरीन रिजल्ट देकर शहर का नाम रोशन किया है। स्कूल के अनुसार, ICSE का औसत 86% और ISC का 86.1% रहा। आधे से ज्यादा छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए। कहां देखें रिजल्ट छात्र अपना रिजल्ट इन प्लेटफॉर्म्स पर देख सकते हैं: रिजल्ट देखने के लिए UID, इंडेक्स नंबर और कैप्चा कोड जरूरी होगा। परीक्षा का शेड्यूल इस साल ICSE में करीब 2.6 लाख और ISC में लगभग 1.5 लाख छात्र शामिल हुए थे। री-इवैल्यूएशन का विकल्प बोर्ड के अनुसार, अब कम्पार्टमेंट परीक्षा का विकल्प नहीं है। जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे री-चेकिंग या री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। साथ ही, एक ही सत्र में दो विषयों तक सुधार परीक्षा देने का मौका मिलेगा। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
Read more

खंडवा में बैंक के कब्जे वाले मकान में घुसा परिवार, 4 पर केस दर्ज

खंडवा के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक जैन परिवार के खिलाफ जबरन कब्जे का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि बैंक द्वारा सील किए गए मकान में परिवार ने पीछे के दरवाजे से घुसकर दोबारा कब्जा करने की कोशिश की। 86 लाख का लोन नहीं चुकाया मामला सौमित्र नगर का है, जहां चंद्रकुमार जैन ने एयू बैंक से अपने मकान को गिरवी रखकर 86 लाख 67 हजार रुपए का लोन लिया था। लंबे समय तक लोन नहीं चुकाने पर बैंक ने संपत्ति को अपने आधिपत्य में लेकर मकान सील कर दिया था। कलेक्टर के आदेश पर बैंक को मिला कब्जा जानकारी के अनुसार, बैंक ने बकाया राशि को लेकर नोटिस जारी किए थे, लेकिन परिवार ने भुगतान नहीं किया। इसके बाद मामला कलेक्टर तक पहुंचा, जहां से बैंक के पक्ष में आदेश जारी हुआ। तहसीलदार की मौजूदगी में बैंक को मकान का कब्जा दिलाया गया। पीछे के गेट से घुसकर कब्जे की कोशिश आरोप है कि इसके बावजूद जैन परिवार पीछे के रास्ते से मकान में घुस गया और दोबारा कब्जा करने की कोशिश की। बैंक अधिकारियों ने इसकी शिकायत पुलिस से की। परिवार के 4 सदस्यों पर केस पुलिस ने शिकायत के आधार पर नवीन कुमार जैन, प्रवीण कुमार जैन, निर्मला जैन और चंद्रकुमार जैन के खिलाफ जबरन कब्जे की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
Read more

दलबदल मामले में हाईकोर्ट की सख्ती, 720 दिन की देरी पर सवाल

सागर जिले की बीना सीट से विधायक निर्मला सप्रे के खिलाफ दलबदल मामले में दायर याचिका पर बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। यह याचिका नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दायर की है, जिसमें उनकी विधायकी खत्म करने की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों से जवाब मांगा और मामले में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। “90 दिन में फैसला होना चाहिए, 720 दिन क्यों लगे?” चीफ जस्टिस संजीव कुमार सचदेवा ने सुनवाई के दौरान कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि दलबदल मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने 90 दिनों के भीतर निर्णय देने की समय सीमा तय की है। ऐसे में 720 दिन बीत जाने के बाद भी फैसला नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने महाधिवक्ता प्रशांत सिंह से कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन स्पीकर के संज्ञान में लाई जाए। स्पीकर के पास लंबित है मामला महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कोर्ट को बताया कि मामले की सुनवाई विधानसभा स्पीकर के समक्ष जारी है और प्रस्तुत साक्ष्यों की जांच की जा रही है। वहीं उमंग सिंघार के वकील विभोर खंडेलवाल ने भी मांग की कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय 90 दिन की समय सीमा का पालन सुनिश्चित किया जाए। बीजेपी कार्यक्रम में दिखने के बाद बढ़ा विवाद दरअसल, निर्मला सप्रे ने 2023 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता था। 5 मई 2024 को लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान वे मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ बीजेपी के मंच पर नजर आई थीं। इसके बाद उनके बीजेपी में शामिल होने की चर्चा तेज हो गई थी। 5 जुलाई 2024 को उमंग सिंघार ने स्पीकर के समक्ष याचिका लगाकर उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग की। जब इस पर फैसला नहीं हुआ, तो नवंबर 2024 में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। अब इस मामले में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर बनी हुई है। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
Read more

सागर में तेज रफ्तार का कहर, एक की मौत, एक गंभीर घायल

मध्य प्रदेश के सागर में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। राजघाट रोड पर बीडी अस्पताल के पास एक तेज रफ्तार कार ने दो बाइकों और एक ऑटो को टक्कर मार दी। इसके बाद कार अनियंत्रित होकर एक मकान की दीवार से जा टकराई। इस हादसे में 50 वर्षीय रामस्वरूप दीक्षित की मौके पर ही मौत हो गई। वे कटंगी के रहने वाले थे। उनके साथ बाइक पर सवार शिवराज गौड़ (45) गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए बीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद आरोपी चालक फरार घटना के बाद कार चालक मौके से भाग गया। मोतीनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने शव का पंचनामा कर परिजनों को सौंप दिया है। प्रत्यक्षदर्शी प्रदीप पटेल के अनुसार, हादसा रात करीब 11:30 से 12 बजे के बीच हुआ। एक काले रंग की तेज रफ्तार कार ने अचानक दो बाइक और ऑटो को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पास के मकान की दीवार से जा टकराई। “ड्राइवर नशे में था” — प्रत्यक्षदर्शी प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के बाद लोगों ने कार चालक को बाहर निकाला, लेकिन वह नशे की हालत में था और कुछ देर बाद मौके से फरार हो गया। आरोपी की तलाश जारी स्थानीय लोगों के मुताबिक, आरोपी चालक का नाम राजेश बताया जा रहा है, जो विवेकानंद वार्ड क्षेत्र का रहने वाला है। मोतीनगर पुलिस ने बयान दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग के खतरों की याद दिलाता है। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
Read more

ड्राइविंग के दौरान मोबाइल इस्तेमाल पर सख्ती, 118 चालान और 72 लाइसेंस निलंबित

शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू किया है। ड्राइविंग करते समय मोबाइल इस्तेमाल करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। मंगलवार को ट्रैफिक पुलिस ने अलग-अलग चौराहों पर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान 118 वाहन चालकों के चालान बनाए गए, जबकि 72 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। पुलिस का खास फोकस उन लोगों पर है, जो टू-व्हीलर या फोर-व्हीलर चलाते समय मोबाइल पर बात करते या उसका इस्तेमाल करते नजर आते हैं। सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी कार्रवाई डीसीपी राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सड़क हादसों को रोकने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल करना बेहद खतरनाक है। पुलिस के मुताबिक, यह लापरवाही न सिर्फ चालक बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों के लिए भी बड़ा खतरा बनती है। यही वजह है कि गंभीर उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। लोगों से अपील ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल बिल्कुल न करें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें। थोड़ी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। 👉 ऐसी ही खबरों के लिए पढ़ते रहें: www.deshharpal.com
Read more
1 34 35 36 37 38 72

Editor's Picks

Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.