खंडवा शहर के इमलीपुरा इलाके में रहवासी बस्ती के बीच चल रहे अवैध चर्बी बनाने के कारखाने पर नगर निगम ने गुरुवार सुबह सख्त कार्रवाई की। संकरी गलियों के कारण बुलडोजर अंदर नहीं जा सका, तो निगम टीम ने सब्बल और हथौड़ों से ही दीवारें तोड़कर भवन गिराना शुरू किया।
कार्रवाई के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर, निगम आयुक्त प्रियंका राजावत और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया।
नोटिस के बाद भी नहीं दिए दस्तावेज
नगर निगम ने कारखाना संचालक अनवर कुरैशी के परिजनों को पहले ही नोटिस देकर भवन और जमीन से जुड़े दस्तावेज पेश करने को कहा था। 24 घंटे की समयसीमा खत्म होने के बाद भी दस्तावेज नहीं दिए गए, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
मांस से चर्बी और ऑयल बनाने का अवैध कारोबार
जांच में सामने आया कि इस भवन में पशुओं के मांस को उबालकर चर्बी और ऑयल बनाया जा रहा था। साथ ही सींग और खाल निकालने का भी अवैध काम चल रहा था। घनी आबादी के बीच इस तरह की गतिविधियों से इलाके में गंभीर स्वच्छता और स्वास्थ्य खतरे पैदा हो रहे थे।
पहले भी हो चुकी है बड़ी जब्ती
24 अप्रैल को प्रशासन और नगर निगम की टीम ने यहां छापा मारकर 9 ड्रम और 69 कनस्तरों में भरी चर्बी जब्त की थी। साथ ही पशुओं के सींग और खाल भी बरामद हुए थे, जिन्हें ट्रेंचिंग ग्राउंड पर नष्ट किया गया।
संचालक गिरफ्तार, दो अधिकारी निलंबित
इस मामले में आरोपी अनवर कुरैशी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं लापरवाही सामने आने पर स्लॉटर हाउस प्रभारी जाकिर अहमद और राजस्वकर्मी अमित अग्रवाल को निलंबित कर दिया गया है।
रासुका लगाने की मांग तेज
घटना के बाद हिंदू संगठनों में आक्रोश देखा जा रहा है। उन्होंने आरोपियों और जुड़े अन्य लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की मांग की है।
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