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इंदौर: ऑनलाइन पैसे लेकर MD ड्रग्स सप्लाई करने वाला युवक गिरफ्तार, टीन चादर की दुकान की आड़ में चल रहा था कारोबार

इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है जो ऑनलाइन पैसे लेकर MD ड्रग्स की सप्लाई करता था। आरोपी टीन चादर की दुकान की आड़ में इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहा था और हर सौदे पर मोटा कमीशन कमाता था। कुछ दिन पहले क्राइम ब्रांच ने दो बदमाशों को 22 ग्राम MD ड्रग्स के साथ पकड़ा था। पूछताछ में उनका कनेक्शन परवेज खान नामक युवक से सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने धार निवासी परवेज को गिरफ्तार कर लिया। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि पहले शहीम पिता सलीम खान और मोहम्मद शारिक पिता मोहम्मद शकील को गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से बरामद ड्रग्स की कीमत लगभग 3 लाख रुपए बताई जा रही है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि परवेज खान ही जावरा से ड्रग्स लाकर सप्लाई करवाता था। पुलिस के मुताबिक, परवेज पहले ऑनलाइन पैसा अपने खाते में मंगवाता था, फिर ड्रग्स की डिलीवरी करवाता था। इस गिरफ्तारी से MD ड्रग्स की सप्लाई चेन को तोड़ने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अब पुलिस उससे जुड़ी आगे की कड़ियां भी तलाश रही है। ढाई लाख रुपए की ब्राउन शुगर भी जब्त एडिशनल डीसीपी ने बताया कि अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई चल रही है। इसी सिलसिले में बाणगंगा और रावजी बाजार क्षेत्रों में भी कार्रवाई की गई। दोनों से कुल ढाई लाख रुपए मूल्य की ब्राउन शुगर जब्त की गई है। पुलिस अब इनसे भी आगे की लिंक तलाशने में जुटी है। 👉 ऐसी और खबरों के लिए पढ़ते रहेंwww.deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ सरकार NEET-PG में 25 लाख रुपए की NOC शर्त बदल सकती है – छात्रों को मिलेगी बड़ी राहत

छत्तीसगढ़ में NEET-PG स्टेट काउंसलिंग से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार उन नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रही है, जिनके तहत सरकारी सेवा कर रहे डॉक्टरों को NOC के लिए 25 लाख रुपए की जमीन या FD बतौर सुरक्षा जमा करनी पड़ती है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल ने बताया कि, “यह नियम पिछली सरकार के समय लागू किया गया था। वर्तमान सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है। छात्रों से भी इस संबंध में चर्चा हुई है। प्रक्रिया शुरू हो गई है और जल्द ही सभी के हित में समाधान निकाला जाएगा।” 25 लाख रुपए की शर्त से छात्रों की मुश्किलें बढ़ीं NEET-PG में चयनित कई सरकारी डॉक्टर इस शर्त के कारण आगे की पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। कई के पास इतनी संपत्ति या नकदी नहीं है कि वे बॉन्ड की शर्त पूरी कर सकें। डॉ लक्ष्य शर्मा, जो पिछले 7 महीने से सुकमा में ड्यूटी कर रहे हैं, ने बताया — “मेरी NEET में 20,000 रैंक आई है। मैं पीजी करना चाहता हूं, लेकिन गांव की जमीन पर पहले से लोन है और FD के लिए पैसे नहीं हैं। माता-पिता ने कह दिया कि इतनी बड़ी रकम नहीं दे सकते, इसलिए पढ़ाई छोड़ दो।” वहीं अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज की डॉ आफरीन खान ने कहा, “हम दो साल की बॉन्ड पोस्टिंग की शर्त पूरी करने को तैयार हैं। मैंने एक साल पूरा भी कर लिया है, लेकिन 25 लाख की संपत्ति जुटाना हमारे लिए असंभव है।” डॉक्टर फेडरेशन ने कहा – नियम संविधान के खिलाफ छत्तीसगढ़ डॉक्टर फेडरेशन ने इस नियम को आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के खिलाफ बताया है। संगठन का कहना है कि यह शिक्षा के अधिकार और समान अवसर के संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत है।फेडरेशन ने मांग की है कि आर्थिक रूप से कमजोर उम्मीदवारों के लिए नोटरी कृत एफिडेविट को वैकल्पिक दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों की प्रमुख मांगों पर जरूरी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। 🔗 For more such updates, visit:www.deshharpal.com
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ग्वालियर में आधी रात गैंगवार: रिंकू कमरिया गैंग की ताबड़तोड़ फायरिंग, हवलदार का बेटा समेत दो घायल

ग्वालियर में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात को घासमंडी, कोटेश्वर रोड पर वर्चस्व की लड़ाई और 5 लाख रुपए के लेन-देन को लेकर गैंगवार हुआ। बदमाश रिंकू कमरिया गैंग ने कार सवार दो दोस्तों पर करीब 15 मिनट तक 35 से ज्यादा गोलियां दागीं। इस फायरिंग में एक हवलदार का बेटा समेत दो युवक घायल हुए। वर्चस्व और पैसे की लड़ाई में चली गोलियां पुलिस के मुताबिक, शिवनगर घोसीपुरा जनकगंज निवासी विजय सिंह गौड़, जिनके पिता मध्यप्रदेश पुलिस में हवलदार हैं, रविवार रात अपने दोस्तों बल्लू सरदार और हाकिम सिंह बघेल पाटनकर के साथ कार से घासमंडी गए थे। लौटते समय कोटेश्वर रोड पर रिंकू कमरिया, अन्नी कमरिया, छोटू कमरिया, कालू कमरिया और रमेश कमरिया ने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। करीब 15 मिनट तक चली गोलीबारी में विजय गौड़ को पैर में तीन गोलियां और हाकिम को एक गोली लगी। घटना के बाद बदमाश हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। इलाके में देर रात दहशत फैल गई। 5 लाख के लेन-देन को लेकर विवाद घायल विजय ने पुलिस को बताया कि यह हमला 5 लाख रुपए के लेन-देन के विवाद को लेकर हुआ। रिंकू कमरिया पैसे की वसूली के बाद रकम वापस नहीं कर रहा था और धमकी दे रहा था कि “पैसा मांगा तो गोली मार दूंगा।”रिंकू कमरिया ग्वालियर थाने का लिस्टेड बदमाश है, जिस पर फायरिंग, मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे कई केस पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दर्ज किया हत्या के प्रयास का मामला घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को हजीरा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।पुलिस ने रिंकू कमरिया गैंग के सभी बदमाशों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है और उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। सीएसपी कृष्णपाल सिंह के मुताबिक, “घायल युवकों के बयान लिए जा रहे हैं। हमलावरों की पहचान हो चुकी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।” 🔗 For more such updates, visit:www.deshharpal.com
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भोपाल में रंजिश के चलते युवक पर तलवार से हमला, चार हमलावर फरार – हालत गंभीर

भोपाल के बागसेवनिया इलाके में पुरानी रंजिश का खौफनाक नतीजा सामने आया। देर रात चार युवकों ने एक युवक को घेरकर उस पर तलवार और डंडों से हमला कर दिया। आरोपी युवक को अधमरी हालत में छोड़कर मौके से भाग निकले। राहगीरों की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने घायल को लहूलुहान हालत में अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल युवक का इलाज एम्स अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। रास्ते में घेरकर किया हमला पुलिस के मुताबिक, 26 वर्षीय रिजवान खान, निवासी पिपालिया पेंदे खां, कार धोने का काम करता है। शनिवार रात वह दुकान बंद कर घर लौट रहा था। तभी उस्मान, साहिब, अनस और उनके साथी ने रास्ते में घेरकर उस पर हमला कर दिया। आरोपियों ने पहले मारपीट की और फिर तलवार से रिजवान के सिर और हाथों पर कई वार किए। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि रिजवान खून से लथपथ सड़क पर पड़ा रहा। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले रिजवान का एक आरोपी से झगड़ा हुआ था — उसी का बदला लेने यह हमला किया गया। पुलिस ने दर्ज किया हत्या के प्रयास का मामला घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे और घायल को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात में कई ठिकानों पर छापे मारे, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 🔗 For more such updates, visit: www.deshharpal.com
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Metro

Bhopal Metro CMRS ने शुरू की Metro Safety जांच, जल्द शुरू हो सकती Services

Bhopal Metro परियोजना के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। हाल ही में CMRS (Commissioner of Metro Rail Safety) की टीम भोपाल पहुंची और मेट्रो के मुख्य कॉरिडोर, स्टेशनों और डिपो की व्यापक जांच की। यह निरीक्षण मेट्रो के सुरक्षा और तकनीकी मानकों की पुष्टि के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। CMRS टीम का Metro Inspection CMRS टीम ने सब्जी नगर से एम्स तक के मेट्रो स्टेशनों और मुख्य ट्रैक का निरीक्षण किया। टीम ने ट्रेन, डिपो, सिग्नल, ट्रैक के बोल्ट और स्टेशन सुविधाओं की पूरी जांच की। मेट्रो के संचालन और सॉफ्टवेयर का भी अध्ययन किया गया। टीम ने निरीक्षण के दौरान सभी सुरक्षा और तकनीकी मानकों को संतोषजनक पाया। अगर कोई कमी नहीं पाई जाती है, तो CMRS जल्द ही मेट्रो के व्यावसायिक संचालन (Commercial Operations) की अनुमति दे सकती है। पहले चरण का निरीक्षण 25 सितंबर को CMRS की टीम ने मेट्रो डिपो और ट्रेनों का पहला निरीक्षण किया था। इस दौरान ट्रैक के बोल्ट, सिग्नल और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच की गई थी। यह कदम मेट्रो के सुरक्षित और भरोसेमंद संचालन के लिए आवश्यक था। CMRS की भूमिका CMRS (Metro Rail Safety Commissioner) भारतीय रेलवे मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। यह आयोग मेट्रो परियोजनाओं की सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन करता है। वर्तमान में इस आयोग के अध्यक्ष हैं श्री जनक कुमार गर्ग (IRSEE:1987)। भोपालवासियों के लिए खुशखबरी इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के बाद, भोपाल मेट्रो जल्द ही संचालन के लिए तैयार हो सकती है। राज्य सरकार की योजना है कि इस महीने के अंत तक मेट्रो सेवा शुरू कर दी जाए। यह शहरवासियों को तेज़, सुरक्षित और आधुनिक Metro सुविधा प्रदान करेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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सिवनी हवाला कांड में नया मोड़: हाईकोर्ट ने कार चालक सोहनलाल को सुरक्षित घर पहुंचाने का दिया आदेश

सिवनी हवाला कांड में अब एक और बड़ा मोड़ सामने आया है। जिस कार से हवाला का पैसा बरामद हुआ था, उसके चालक सोहनलाल परमार को हाईकोर्ट ने सुरक्षित रूप से घर तक छोड़ने का आदेश दिया है। साथ ही अदालत ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जहां-जहां सोहनलाल को रखा गया, वहां के CCTV फुटेज सुरक्षित रखे जाएं। यह मामला तब सामने आया जब जालना निवासी गंगाबाई परमार, जो सोहनलाल की पत्नी हैं, ने अपने पति की रिहाई के लिए हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनके पति को कई दिनों तक गैरकानूनी हिरासत में रखा। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने बुधवार को इस मामले की सुनवाई की। गंगाबाई ने बताया कि उनके पति को 10 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था और 12 अक्टूबर को छोड़ा गया, लेकिन इसके बाद जालना पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार कर उन्हें सिवनी पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद हवाला केस के चालक सोहनलाल को पुलिस ने हाईकोर्ट में पेश किया, जहां कोर्ट ने पुलिस को सोहनलाल की मेडिकल जांच कराने और उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाने के आदेश दिए। गंगाबाई का यह भी कहना है कि इस दौरान न तो ट्रांजिट रिमांड ली गई, न ही मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जिससे गिरफ्तारी की वैधानिकता पर गंभीर सवाल उठे हैं। इस पूरे प्रकरण में एसडीओपी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम समेत 9 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 2 पुलिसकर्मी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। क्या है पूरा मामला?सिवनी पुलिस ने नागपुर निवासी सोहन परमार से करीब 2.96 करोड़ रुपए बरामद किए थे। आरोप है कि पुलिस ने रिपोर्ट में जब्त रकम सिर्फ 1.45 करोड़ रुपए दिखाई और बाकी रकम छिपा ली। इतना ही नहीं, आरोपी को बिना कार्रवाई के छोड़ भी दिया गया। मामला उजागर होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। 9 अक्टूबर को सीएसपी पूजा पांडे और एसआई अर्पित भैरम ने 1.45 करोड़ रुपए जमा कराए, लेकिन इसके बाद आईजी प्रमोद वर्मा ने 9 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। अगले दिन डीजीपी कैलाश मकवाना ने एसडीओपी पूजा पांडे को भी सस्पेंड कर दिया। यह मामला अब न्यायालय की निगरानी में है और इसके हर पहलू की जांच जारी है। अधिक खबरों के लिए पढ़ें: www.deshharpal.com
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भोपाल में किसानों का प्रदर्शन: जीतू पटवारी पहुंचे शिवराज के घर, सड़क पर ही उड़ेल दी गेहूं की बोरियां

भोपाल में आज किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सरकारी आवास के बाहर किसानों ने ज़ोरदार प्रदर्शन किया। किसानों के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी मौजूद रहे। वे अपने साथ गेहूं की बोरी लेकर पहुंचे और जब उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया, तो उन्होंने शिवराज के घर के सामने ही सड़क पर गेहूं की बोरियां उलट दीं और वहीं धरने पर बैठ गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की तो हल्की झड़प की स्थिति बन गई। इस दौरान एक बोरी फट गई और सड़क पर गेहूं बिखर गया। किसानों की मांग और कांग्रेस का रुख दरअसल, किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान के साथ लगभग डेढ़ दर्जन किसान आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे। यहां उन्होंने भावांतर योजना, प्याज, धान और अन्य फसलों के दाम न मिलने को लेकर चर्चा की। बैठक के बाद जीतू पटवारी ने कहा— “भावांतर योजना के ज़रिए पहले शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को ठगा था, और अब फिर वही दोहराया जा रहा है।” इसके बाद पटवारी ने एलान किया कि वे किसानों की समस्याएं सीधे कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने रखेंगे और उनके बंगले तक पैदल जाएंगे। पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खींचतान जैसे ही जीतू पटवारी और किसान रेड क्रॉस चौराहे के पास पहुंचे, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया। लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं माने। कई बार पुलिस ने वाहनों से रास्ता रोकने की कोशिश की, पर पटवारी हर बार चकमा देकर आगे बढ़ते रहे। आखिरकार, वे शिवराज सिंह चौहान के आवास तक पहुंच गए। वहां शिवराज ने पटवारी और कुछ नेताओं को अंदर बुलाया और कुछ देर चर्चा की। मुलाकात के बाद पटवारी ने मांगी माफी बंगले से बाहर आने के बाद जीतू पटवारी ने मौजूद पुलिसकर्मियों से कहा— “अगर मुझसे कोई गलती हुई हो तो मुझे माफ कर दीजिए।” भाजपा का पलटवार वहीं, भाजपा नेता हितेश बाजपेई ने X (ट्विटर) पर पटवारी की गेहूं की बोरी उठाए तस्वीर साझा की और लिखा— “किसानों की नहीं, बल्कि अपनी राजनीति चमका रहे हैं जीतू पटवारी जी। उनके साथ पीआर टीम फोटो और वीडियो बनाने में लगी थी।” For more such political updates, visit: www.deshharpal.com
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VHP

VHP का नया अभियान Apna Tyohar, Apno Se Vyavhar ने खड़ा किया विवाद

VHP के होर्डिंग्स और उनका संदेश भोपाल। दीपावली के करीब राजधानी भोपाल में विश्व हिंदू परिषद (VHP) द्वारा लगाए गए hoardings ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इन होर्डिंग्स पर लिखा गया है: “अपना त्योहार, अपनों से व्यवहार” और “दीपावली की खरीदी उनसे करें, जो आपकी खरीदी से दीपावली मना सकें।” संदेश का उद्देश्य लोगों से अपील करना है कि वे अपने ही समुदाय के व्यापारियों से खरीदारी करें। VHP का तर्क और अभियान का उद्देश्य VHP का कहना है कि यह पहल हिंदू दुकानदारों और छोटे व्यापारियों की मदद के लिए है। प्रचार प्रमुख जितेंद्र चौहान ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य विशेष रूप से रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे व्यापारियों को दीपावली के मौके पर आर्थिक सहारा देना है। राजनीतिक और सामाजिक बहस हालांकि, इस कदम ने राजनीतिक और सांस्कृतिक बहस को जन्म दे दिया है। कांग्रेस ने इसे सांप्रदायिक विभाजन की कोशिश बताया और आलोचना की है। उनका कहना है कि इस तरह के संदेश समाज में समुदाय आधारित भेदभाव को बढ़ावा दे सकते हैं। पहले भी उठे विवाद इससे पहले भी नवरात्रि के दौरान ‘गरबा जिहाद’ और करवाचौथ पर ‘मेहंदी जिहाद’ जैसे मुद्दों ने विवाद खड़ा किया था। अब दीपावली से पहले यह नया संदेश राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है। भोपाल में VHP होर्डिंग्स विवाद ने यह दिखा दिया है कि त्योहारों पर भी सामाजिक और राजनीतिक बहसें तेज होती जा रही हैं। ‘Apna Tyohar, Apno Se Vyavhar’ संदेश ने उत्सव की खुशी के बीच नए सवाल खड़े कर दिए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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इंदौर: पेट्रोल पंप पर अचानक गिरे युवक की मौत, साइलेंट हार्ट अटैक से गई जान – CCTV में कैद हुई पूरी घटना

मध्यप्रदेश के इंदौर में सोमवार सुबह एक दर्दनाक घटना हुई। पेट्रोल पंप पर फ्यूल डलवाने पहुंचे एक युवक की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह जमीन पर गिर पड़ा। पंपकर्मियों ने तुरंत उसे उठाया और पानी के छींटे मारे, लेकिन जब वह होश में नहीं आया तो अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। विजयनगर इलाके के पेट्रोल पंप की घटना घटना विजयनगर क्षेत्र के होटल सयाजी के सामने स्थित भारत पेट्रोलियम पंप की है। यह घटना सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे की बताई जा रही है। पूरा वाकया CCTV कैमरे में कैद हो गया है। शुरुआती जांच में मौत की वजह साइलेंट हार्ट अटैक मानी जा रही है। पेमेंट करते समय अचानक गिरे युवक पुलिस के अनुसार मृतक का नाम सौदान सिंह (45 वर्ष) पुत्र फूल सिंह परमार है, जो सिंगापुर टाउनशिप में रहते थे। सोमवार सुबह वे अपनी टेम्पो ट्रैवलर में पेट्रोल डलवाने पहुंचे थे। पेमेंट करते समय अचानक वे जमीन पर गिर पड़े। पंपकर्मियों ने की मदद, अस्पताल में मौत घटना के तुरंत बाद पंपकर्मियों ने उन्हें संभाला और पानी के छींटे मारे, लेकिन जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो तुरंत एम्बुलेंस से भंडारी अस्पताल पहुंचाया गया। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि सौदान सिंह की मौत हो चुकी है। पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया शव, जांच जारी पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए एमवाय हॉस्पिटल भेज दिया है। विजयनगर थाना पुलिस का कहना है कि मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है। For more information and latest updates, visit: www.deshharpal.com
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खंडवा जिला अस्पताल में लापरवाही का मामला: गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु की मौत, परिजनों का हंगामा – FIR की मांग पर अड़े

मध्यप्रदेश के खंडवा जिला अस्पताल में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। इलाज के दौरान एक गर्भवती महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। इस घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा कर दिया। मृतका के पति ने दोषी डॉक्टरों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है और पत्नी का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया है। 7 अक्टूबर को कराया था भर्ती, डॉक्टरों ने कहा था – अब सब ठीक है मृतका आरती के पति अभिषेक ने बताया कि उन्होंने 7 अक्टूबर को अपनी पत्नी को कमर दर्द की शिकायत पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने 12 घंटे में 4 इंजेक्शन लगाए और 9 अक्टूबर को छुट्टी देते हुए कहा कि अब वह ठीक हैं। फिर बिगड़ी तबीयत, बच्चे की मौत की खबर, ऑपरेशन में 5 घंटे की देरी 11 अक्टूबर को आरती की तबीयत फिर खराब हो गई, तो अभिषेक उसे दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि गर्भ में बच्चे की मौत हो चुकी है। अभिषेक का आरोप है कि इसके बावजूद ऑपरेशन करने में 5 घंटे की देरी की गई, जिससे हालत और बिगड़ गई। डॉक्टर की अमानवीय टिप्पणी से भड़के परिजन अभिषेक ने यह भी आरोप लगाया कि इलाज के दौरान एक डॉक्टर ने स्टाफ से कहा —“खून वाली पेशेंट को बाहर रखो, मुझे खून भरी लात मार रही है।”इस अमानवीय टिप्पणी से परिजनों का गुस्सा और बढ़ गया, उन्होंने इसे डॉक्टरों की असंवेदनशीलता बताया। इंदौर रेफर करने से रोका, ICU में तोड़ा दम 12 अक्टूबर की रात डॉक्टरों ने पहले आरती को इंदौर रेफर करने की बात कही, लेकिन कुछ देर बाद कहा कि मरीज ठीक है और इलाज यहीं होगा। अभिषेक का कहना है कि उन्होंने खून की व्यवस्था भी की, फिर भी पत्नी का इलाज सही तरीके से नहीं किया गया। 13 अक्टूबर की सुबह आरती की हालत अचानक बिगड़ गई और ICU में भर्ती करने के बाद सुबह 6 बजे उसकी मौत हो गई। पति ने कलेक्टर से की शिकायत, FIR की मांग पर अड़े अभिषेक ने इसे डॉक्टरों की लापरवाही बताया है। उन्होंने डॉक्टर लक्ष्मी डूडवे, नेहा पंवार और अन्य स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कलेक्टर को आवेदन सौंपा है। अभिषेक ने साफ कहा है कि जब तक दोषियों पर FIR दर्ज नहीं होती, तब तक वह पोस्टमॉर्टम नहीं होने देंगे। For more information and latest updates, visit: deshharpal.com
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रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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