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Tiger Attack in MP सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में दोस्तों ने बाघ के जबड़े से बचाई जान, पूरी रात नदी में छिपे रहे

दोस्ती की मिसाल: बाघ से भिड़े, जान बचाई और रातभर नदी में छिपे रहे मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (Satpura Tiger Reserve) में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां तीन युवकों में से एक पर बाघ (Tiger Attack) ने हमला कर दिया। हैरान करने वाली बात ये रही कि उसके दो दोस्तों ने साहस दिखाते हुए उसे बाघ के जबड़े से छुड़ा लिया और फिर तीनों ने रातभर कमर तक गहरे पानी में छिपकर जान बचाई। क्या हुआ था? घटना नर्मदापुरम जिले की मढ़ई रेंज की है, जहां टेकापार गांव के तीन युवक मछली पकड़ने के लिए डेनवा नदी में पहुंचे। यह इलाका कोर ज़ोन में आता है, जहां आम नागरिकों का जाना प्रतिबंधित है। करीब रात 1 बजे, एक बाघ झाड़ियों से निकला और राजेंद्र नामक युवक पर झपट पड़ा। बाघ ने उसे दबोच लिया और जंगल की ओर खींचने लगा, लेकिन उसके दोस्तों ने हिम्मत दिखाई और उसे बाघ के जबड़े से छुड़ा लिया। बाघ के डर से नदी में बिताई रात राजेंद्र को छुड़ाने के बाद तीनों युवक डरे हुए थे। बाघ दोबारा हमला न कर दे, इस डर से वे पूरी रात कमर तक पानी में छिपे रहे। सुबह होते ही वे गांव पहुंचे और घटना की जानकारी वन विभाग को दी। घायल का इलाज और हालत बाघ के हमले में राजेंद्र को सीने और हाथ में गहरी चोटें आईं। पहले उसे नर्मदापुरम के जिला अस्पताल में भर्ती किया गया, बाद में हालत बिगड़ने पर भोपाल रेफर कर दिया गया। वन विभाग की पुष्टि वन अधिकारियों ने बताया कि हमला करने वाला बाघ वही है जिसने पिछले महीने एक फॉरेस्ट गार्ड पर भी हमला किया था। बाघ को पहले ही ट्रैकिंग कॉलर पहनाया गया था और सुरक्षा के लिहाज़ से इलाके में पैदल गश्त पर रोक लगी हुई थी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Swachh Survekshan 2024, Bhopal clean city, Indore No.1, स्वच्छ भारत मिशन, भोपाल नगर निगम,

Clean City Glory: भोपाल बना देश का दूसरा सबसे Swachh City, इंदौर फिर नंबर वन

नई दिल्ली/भोपाल।Swachh Survekshan 2024 के नतीजों ने एक बार फिर मध्य प्रदेश को गौरवान्वित कर दिया है। जहां इंदौर ने लगातार आठवीं बार देश का सबसे साफ शहर बनने का गौरव हासिल किया है, वहीं भोपाल ने इस बार तीन पायदान की छलांग लगाते हुए दूसरा स्थान पाया है।यह सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया। इस पुरस्कार को लेने के लिए भोपाल की महापौर मालती राय और नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण पहले ही दिल्ली पहुंच चुके थे। नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने बताया कि “छह साल बाद भोपाल फिर से टॉप-2 में आया है, यह पूरे शहर के लिए गर्व का क्षण है।” शहर में जश्न का माहौल, ढोल-नगाड़े और लड्डू वितरण भोपाल की इस ऐतिहासिक सफलता को लेकर नगर निगम कार्यालय में उत्सव का माहौल देखने को मिला।सफाई मित्रों को फूलों की माला पहनाकर सम्मानित किया गया और मिठाइयां बांटी गईं।निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने ढोल बजाकर अपनी खुशी व्यक्त की। इस मौके पर उन्होंने कहा, स्वच्छता के लिए की गई अहम पहलें: इंदौर ने फिर दिखाया दम, सुपर लीग में मारी बाजी स्वच्छता में इंदौर का मुकाबला इस बार भी कोई नहीं कर पाया। आठवीं बार टॉप पर पहुंचकर इंदौर ने Swachh Survekshan 2024-25 की Super League में भी जीत हासिल की है।सुपर लीग में उन 23 शहरों को शामिल किया गया था जिन्होंने अब तक के किसी सर्वेक्षण में टॉप-3 में जगह बनाई थी। केंद्रीय आयोजन में हुए पुरस्कार वितरण इस आयोजन में देशभर से आए महापौर, निगम आयुक्त और स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर मौजूद थे। स्वच्छ सर्वेक्षण की खास बातें: भोपाल की सफाई टीम को सलाम भोपाल की यह रैंकिंग साफ-सफाई के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और नागरिकों की जागरूकता का प्रमाण है। यह भी साबित करता है कि अगर जनता और प्रशासन मिलकर काम करें, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं। 📌 देश हरपल स्वच्छता के इस उत्सव में भोपाल और इंदौर के नागरिकों को बधाई देता है।
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Bhopal

Bhopal Crime Shahi Darbar के बाहर Talwar Attack, पुरानी दुश्मनी में युवक पर जानलेवा हमला

Shahi Darbar Restaurant के बाहर Talwar से हमला Bhopal के न्यू मार्केट इलाके में रविवार रात एक खौफनाक वारदात सामने आई, जहां Shahi Darbar Restaurant के बाहर एक युवक पर तलवार से जानलेवा हमला किया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और लोगों में दहशत का माहौल है Talwar Attack: क्या है पूरी घटना? Bhopal हमले में घायल युवक की पहचान अमन खान के रूप में हुई है, जो अपने दोस्तों के साथ शाही दरबार रेस्टोरेंट के बाहर खड़ा था। तभी एक Innova कार से दो युवक – नरेंद्र रैकवार और नीलेश रजक वहां पहुंचे और अचानक तलवार से अमन पर हमला कर दिया। हमले में उसे कंधे और पीठ पर गंभीर चोटें आईं और उसे तत्काल हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुरानी रंजिश बनी हमले की वजह पुलिस के मुताबिक, हमला किसी व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा है। आरोपियों की पीड़ित से पहले भी कहासुनी और झगड़ा हो चुका था, जिसे लेकर उन्होंने बदला लेने की साजिश रची थी। Instagram पर धमकी भरी पोस्ट हमले के बाद आरोपियों में से एक ने Instagram Story पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा:“I’m back, और करो उलझन!”इस पोस्ट ने पुलिस को हमलावरों तक पहुंचने में बड़ी मदद दी है और अब इसे केस का अहम सबूत माना जा रहा है। वायरल Video बना सबूत घटना के दौरान मौजूद कुछ लोगों ने पूरा मंजर मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। वायरल वीडियो में आरोपी अमन पर तलवार से वार करते साफ दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो अब पुलिस की जांच का मुख्य आधार बन चुका है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Strike

14 July को Bhopal में Cab-Auto Strike Ola, Uber, Rapido सब बंद!

भोपाल में आज यानी 14 जुलाई 2025 को Ola, Uber, Rapido और अधिकतर Auto सेवाएं पूरी तरह से बंद रहेंगी ( Strike)। यह बंद दोपहर 11 बजे से शाम 5 बजे तक लागू रहेगा। इसके चलते भोपाल शहर की पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पर भारी असर पड़ने की आशंका है। हड़ताल क्यों हो रही है? Taxi Union Kalyan Samiti के आह्वान पर यह हड़ताल ( Strike) बुलाई गई है, जिसमें लगभग 2,500 टैक्सी और 2,000 ऑटो शामिल हैं। चालक वर्ग की प्रमुख मांगे इस प्रकार हैं: जनता पर असर यात्रियों के लिए सुझाव हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rain

MP Weather Alert Mandakini River Flood से Ramghat डूबा, Heavy Rain से Bhopal सहित कई ज़िले बेहाल

Madhya Pradesh Monsoon Update: मध्य प्रदेश में बारिश ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। Heavy Rain in MP के चलते Mandakini River Flood जैसी स्थिति बन गई है। Ramghat, Bharatghat, और Maihar Mandir Road पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। मौसम विभाग ने Eastern Madhya Pradesh के लिए Orange Alert और 35 जिलों के लिए Yellow Alert जारी किया है। कई नदियां उफान पर हैं और डैमों के गेट खोलने पड़े हैं। Mandakini River Flood: Ramghat और Bharatghat पानी में डूबे चित्रकूट में लगातार हो रही Heavy Rainfall से Mandakini River का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। Ramghat और Bharatghat पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। Maihar Mandir Road में 3 फीट तक पानी भर गया है, जिससे श्रद्धालुओं का आवागमन बंद हो गया है। Bhopal में सड़कों पर पानी-पानी, Boat Video वायरल राजधानी भोपाल में बारिश ने सड़कों को नहर में बदल दिया है। Lanka Chauraha क्षेत्र में सड़कें इतनी जलमग्न हो गईं कि लोग Boat on Road in Bhopal जैसे दृश्य रिकॉर्ड करते दिखे। कई अंडरपास पानी में डूब गए हैं और ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। Rainfall Data: कहां कितनी बारिश हुई? IMD Alerts: Orange और Yellow Alert में ये ज़िले Orange Alert (Very Heavy Rainfall):Chhatarpur, Damoh, Sagar, Katni, Jabalpur, Raisen, Narsinghpur, Seoni, Chhindwara, Narmadapuram Yellow Alert (Heavy Rainfall):Bhopal, Ujjain, Vidisha, Betul, Ratlam, Sehore सहित 35 जिले Next 3 Days Weather Forecast in MP मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों तक Eastern MP में Heavy to Very Heavy Rain जारी रहने की संभावना है।Indore-Ujjain Divisions में भी 13 जुलाई से अच्छी बारिश शुरू हो चुकी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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NGT

NGT का बड़ा फैसला Bhopal में मूर्ति विसर्जन बैन, BMC बनाएगी नए Visarjan Ghats

भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में इस साल गणेश चतुर्थी और नवरात्रि (Ganesh Chaturthi & Navratri 2025) के दौरान झीलों (Upper & Lower Lakes) में मूर्ति विसर्जन नहीं किया जा सकेगा। NGT (National Green Tribunal) के सख्त आदेश के बाद BMC (Bhopal Municipal Corporation) ने वैकल्पिक विसर्जन घाट (Alternate Immersion Ghats) तैयार करने की योजना शुरू कर दी है। NGT ने क्यों लगाया Visarjan Ban? NGT ने पर्यावरण संरक्षण (environmental protection) को प्राथमिकता देते हुए यह आदेश दिया है कि अब भोपाल की झीलों में किसी भी प्रकार की मूर्ति का विसर्जन (idol immersion) नहीं किया जाएगा। इससे झीलों में प्रदूषण (water pollution) की समस्या कम होगी और जलजीवों को भी राहत मिलेगी। BMC की तैयारी: 6 जगह बनेंगे Alternate Visarjan Ghats BMC ने कहा है कि वो श्रद्धालुओं को सुचारू और सुरक्षित विसर्जन सुविधा देने के लिए झीलों से दूर वैकल्पिक विसर्जन घाट (Alternate Ghats) तैयार कर रहा है। इन जगहों पर विसर्जन की सुविधा उपलब्ध होगी: Mayor Malti Rai ने क्या कहा? भोपाल की महापौर माला राय ने कहा: “हमारी झीलें भोपाल की शान हैं। उन्हें बचाने के लिए यह ज़रूरी कदम है। हम श्रद्धालुओं को बेहतर विकल्प देने के लिए पूरी तैयारी कर रहे हैं।” पहले किन जगहों पर होता था Visarjan? परंपरागत रूप से प्रेमपुरा, खटलापुरा, हथाईखेड़ा डैम, आर्च ब्रिज, बैरागढ़ और मालखेड़ी घाटों पर मूर्ति विसर्जन होता था, जो अब झीलों के समीप होने की वजह से प्रतिबंधित हो गए हैं। कब तक तैयार होंगे नए घाट? गणेश चतुर्थी (सितंबर 2025) और नवरात्रि (अक्टूबर 2025) से पहले इन सभी घाटों को पूरी तरह तैयार कर लेने का लक्ष्य रखा गया है। यहाँ साफ-सफाई, ट्रैफिक कंट्रोल, सुरक्षा और रौशनी जैसी सुविधाएं भी रहेंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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जबलपुर में रील बनाने के चक्कर में युवाओं की जान पर बन आई, प्रशासन की चेतावनी के बाद भी नहीं रुक रही लापरवाही

मध्यप्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। नदी-नाले उफान पर हैं और प्रशासन लगातार जनता को सतर्क रहने की अपील कर रहा है। मगर इसके बावजूद युवाओं की लापरवाही और सोशल मीडिया की दीवानगी उन्हें खतरे की ओर धकेल रही है। जबलपुर: रील बनाने के चक्कर में बाइक समेत बहा युवक ताजा मामला जबलपुर के निदान फॉल का है, जहां कुछ युवक रील शूट करने के लिए जानबूझकर बाइक से बहाव वाले पानी में उतरते नजर आए। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लड़के बाइक लेकर फॉल के किनारे खड़े हैं और एक लड़का माइक स्टाइल में कमेंट्री कर रहा है। अचानक एक युवक बाइक सहित बहने लगता है, जिसे साथियों ने खींचकर किसी तरह बाहर निकाला। वीडियो का मकसद था—सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज बटोरना। लेकिन इस बेवकूफी भरे स्टंट से किसी की जान भी जा सकती थी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बारिश के दौरान किसी भी जलस्रोत के पास जानबूझकर जाना खतरनाक हो सकता है। धुआंधार में भी जान जोखिम में डालकर सेल्फी का क्रेज भेड़ाघाट का विश्व प्रसिद्ध धुआंधार जलप्रपात, जो आमतौर पर पर्यटकों से भरा रहता है, अब पानी में डूब चुका है। यहां भी लोग गहरे पानी में उतरकर सेल्फी लेने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस की सख्ती के बावजूद ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। जबलपुर प्रशासन का दावा: पेट्रोल में पानी! बरेला पेट्रोल पंप पर युवक का आरोप बारिश से सिर्फ सड़कें ही नहीं, लोगों की गाड़ियां भी प्रभावित हो रही हैं। जबलपुर के बरेला स्थित अंजली पेट्रोल पंप का एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक युवक ने आरोप लगाया कि उसकी बाइक में पेट्रोल के साथ पानी मिला दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि गाड़ियों के इंजन में पानी जाने से वाहन खराब हो रहे हैं और प्रशासन को इस पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।🔁 बता दें कि कुछ दिन पहले रतलाम में सीएम के काफिले की गाड़ियों में भी पानी मिला डीजल डाला गया था, जिससे काफी हड़कंप मच गया था। DeshHarpal की अपील: बारिश के मौसम में जल स्रोतों के पास स्टंट, रील या सेल्फी से परहेज़ करें। कुछ सेकंड की सोशल मीडिया फेम के लिए जिंदगी को खतरे में डालना समझदारी नहीं। प्रशासन की गाइडलाइंस का पालन करें और जरूरत पड़ने पर पास के अधिकारियों से संपर्क करें। 📌 Permalink: https://deshharpal.com/jabalpur-waterfall-reel-danger-2025📌 Website: www.deshharpal.com
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गुरुपूर्णिमा स्पेशल: गिरिराज जी की परिक्रमा के लिए मथुरा जाने वाली ट्रेनों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, सफर हुआ मुश्किल

गुरुपूर्णिमा (10 जुलाई) के पावन अवसर पर गिरिराज जी की परिक्रमा के लिए मथुरा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से रेलवे और बस सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित हो गई हैं। हर साल की तरह इस बार भी देशभर से हजारों भक्त मथुरा की ओर रवाना हो रहे हैं, जिससे ट्रेनों और बसों में पैर रखने तक की जगह नहीं बची है। ट्रेनों में भीड़ का आलम – लटककर कर रहे हैं सफर मथुरा की तरफ जाने वाली लगभग सभी ट्रेनों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग जिस भी ट्रेन में थोड़ी सी जगह देख रहे हैं, उसी में लटककर यात्रा कर रहे हैं। ट्रेनों का मथुरा पर स्टॉपेज न होने पर यात्री चेन पुलिंग का सहारा ले रहे हैं।ग्वालियर से गुजरने वाली अधिकतर ट्रेनों के रिजर्व कोच अब जनरल कोच जैसे नजर आ रहे हैं। सीट बुक कराने वाले यात्रियों को भी केवल खड़े होकर यात्रा करनी पड़ रही है। जत्थों में आ रहे श्रद्धालु – जयकारों के साथ हो रही चढ़ाई स्टेशनों पर श्रद्धालुओं के जत्थे “गिर्राज जी महाराज की जय” के जयकारों के साथ ट्रेनों में सवार हो रहे हैं। ट्रेनों में जगह न मिलने के कारण अब लोग कार और बसों से मथुरा जा रहे हैं। अधिकतर यात्री सुबह 5 बजे निकलकर 10 बजे तक मथुरा पहुंचते हैं और 11-12 बजे के बीच परिक्रमा शुरू करते हैं। मथुरा में प्रवेश से पहले ही रोकी जा रही गाड़ियां भीड़ के कारण स्थानीय प्रशासन ने ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए वाहनों को शहर से 4-5 किलोमीटर पहले ही रोकना शुरू कर दिया है। इससे परिक्रमा का समय दोपहर 2-3 बजे शुरू होकर देर रात 10-11 बजे तक खिंच रहा है। वहीं जिन श्रद्धालुओं ने पहले से होटल बुक कर रखा है, वही रुक पा रहे हैं, अन्य लोगों को लौटना पड़ रहा है। बसों और टैक्सियों का किराया हुआ महंगा ग्वालियर व आस-पास के शहरों से चलने वाली सभी बसें खचाखच भरी हुई हैं। हालत यह है कि गैलरी तक में खड़े होने की जगह नहीं है। प्राइवेट बस संचालक मनमाफिक किराया वसूल रहे हैं। टैक्सियों का किराया भी 4000-4500 से बढ़कर अब 5000-5500 रुपए तक पहुंच गया है। बावजूद इसके, टैक्सियों को भी 5-7 किमी पहले ही रोक दिया जा रहा है। यात्रियों की परेशानी – “पानी भी नहीं मिल रहा” स्टेशन पर मौजूद महिला श्रद्धालु मंजू ने बताया, “मैं पिछले 2 घंटे से ट्रेन का इंतजार कर रही हूं। अगर ट्रेन नहीं आई, तो दूसरी ट्रेन पकड़ लूंगी। स्टेशन पर पीने का पानी तक नहीं मिल रहा, टिकट भी नहीं ले पा रही हूं।”वहीं यात्री बलवीर ने कहा, “मैं मथुरा जा रहा हूं, लेकिन ट्रेन एक घंटे लेट है और हर कोच में भीड़ है। गिर्राज जी की परिक्रमा करने की भावना ही हमें खींच रही है।” 📌 Permalink: https://deshharpal.com/gurupurnima-mathura-train-crowd-2025📌 Website: www.deshharpal.com
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Rajesh Rajora

IAS Transfer Madhya Pradesh:IAS Transfer Madhya Pradeshकी CMO से विदाई

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने रविवार रात बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत 9 आईएएस अफसरों के ट्रांसफर (IAS Transfer Madhya Pradesh 2025) के आदेश जारी किए। सबसे बड़ी नियुक्ति मुख्यमंत्री सचिवालय (CM Secretariat Madhya Pradesh) में हुई, जहां ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई (Neeraj Mandloi) को अब मुख्यमंत्री का नया अपर मुख्य सचिव (Additional Chief Secretary) बनाया गया है। वे राजेश राजौरा (Rajesh Rajora) की जगह लेंगे, जिनके पास अब सिर्फ नर्मदा घाटी विकास विभाग की जिम्मेदारी रहेगी। नीरज मंडलोई के पास रहेंगे ये अतिरिक्त प्रभार नीरज मंडलोई फिलहाल ऊर्जा विभाग (Energy Department Madhya Pradesh) और लोक सेवा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त प्रभार संभालते रहेंगे। मंडलोई को प्रशासनिक सक्षमता के लिए जाना जाता है और अब उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजेश राजौरा की CMO से विदाई राजेश राजौरा को जून 2024 में मुख्यमंत्री सचिवालय में नियुक्त किया गया था। उस वक्त उन्होंने 9 अफसरों की टीम के साथ सीएम ऑफिस में काम संभाला था। अब वह नर्मदा घाटी विकास विभाग (Narmada Valley Development) के अपर मुख्य सचिव बने रहेंगे। संजय दुबे और संजय शुक्ला के बीच विभागों का अदला-बदली सामान्य प्रशासन विभाग के एसीएस संजय दुबे (Sanjay Dubey IAS) को नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग (Urban Administration MP) में अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। साथ ही उन्हें आईटी विभाग (Information Technology MP) का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। वहीं, नगरीय प्रशासन के एसीएस संजय शुक्ला (Sanjay Shukla IAS) को सामान्य प्रशासन विभाग (General Administration MP) का एसीएस नियुक्त किया गया है। अन्य प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं: पिछले साल हुई थी राजौरा की CMO में नियुक्ति साल 2023 के जून में मुख्यमंत्री सचिवालय में राजेश राजौरा की पोस्टिंग हुई थी। उनके साथ राघवेन्द्र सिंह और संजय शुक्ला जैसे वरिष्ठ आईएएस भी सीएम ऑफिस में कार्यरत थे। राजौरा की टीम प्रदेश के विभिन्न प्रशासनिक कार्यों का संचालन करती थी।
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Kubereshwar Dham में शुरू हुआ गुरु पूर्णिमा महोत्सव

Kubereshwar Dham में शुरू हुआ गुरु पूर्णिमा महोत्सव

Kubereshwar Dham में 10 एकड़ में बना भव्य पंडाल, श्रद्धालुओं के लिए भोजन और ठहरने की पूरी व्यवस्था सीहोर – आस्था, भक्ति और श्रद्धा का संगम बना है Kubereshwar Dham, जहां आज से गुरु पूर्णिमा महोत्सव की शुरुआत हो चुकी है। हजारों श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए यहां 10 एकड़ में विशाल वाटरप्रूफ पंडाल बनाया गया है, ताकि मौसम की कोई भी बाधा भक्तों की श्रद्धा के सामने ना आए। गुरु की महिमा में डूबे श्रद्धालु हर साल की तरह इस बार भी गुरु पूर्णिमा के मौके पर कुबेरेश्वरधाम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। लोग देशभर से अपने गुरुओं के दर्शन और आशीर्वाद पाने पहुंचे हैं। माहौल पूरी तरह भक्ति में डूबा हुआ है – कहीं मंत्रोच्चार हो रहे हैं तो कहीं सत्संग, भजन और ध्यान का सिलसिला जारी है। भोजन और ठहरने की व्यवस्था भी शानदार श्रद्धालुओं के लिए भंडारे और आवास की विशेष व्यवस्था की गई है। दूर-दराज़ से आए भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए स्वयंसेवक दिन-रात सेवा में जुटे हुए हैं। साफ-सफाई, सुरक्षा और मेडिकल सुविधाएं भी जगह-जगह मौजूद हैं। प्राकृतिक सुंदरता में आध्यात्मिक ऊर्जा का संगम कुबेरेश्वरधाम सिर्फ एक धार्मिक स्थान नहीं, बल्कि यह जगह प्राकृतिक शांति और अध्यात्म का अनोखा संगम है। हर साल की तरह इस बार भी यहां आने वाले भक्तों को संतों का सान्निध्य, आध्यात्मिक मार्गदर्शन और गुरुकृपा का विशेष अनुभव प्राप्त हो रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Editor's Picks

Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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