नई दिल्ली/भोपाल। Swachh Survekshan 2024 के नतीजों ने एक बार फिर मध्य प्रदेश को गौरवान्वित कर दिया है। जहां इंदौर ने लगातार आठवीं बार देश का सबसे साफ शहर बनने का गौरव हासिल किया है, वहीं भोपाल ने इस बार तीन पायदान की छलांग लगाते हुए दूसरा स्थान पाया है। यह सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया।
इस पुरस्कार को लेने के लिए भोपाल की महापौर मालती राय और नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण पहले ही दिल्ली पहुंच चुके थे। नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने बताया कि “छह साल बाद भोपाल फिर से टॉप-2 में आया है, यह पूरे शहर के लिए गर्व का क्षण है।”
भोपाल की महापौर मालती राय और नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण
शहर में जश्न का माहौल, ढोल-नगाड़े और लड्डू वितरण
भोपाल की इस ऐतिहासिक सफलता को लेकर नगर निगम कार्यालय में उत्सव का माहौल देखने को मिला। सफाई मित्रों को फूलों की माला पहनाकर सम्मानित किया गया और मिठाइयां बांटी गईं। निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने ढोल बजाकर अपनी खुशी व्यक्त की। इस मौके पर उन्होंने कहा,
“यह सिर्फ एक रैंक नहीं, पूरे भोपाल के नागरिकों की मेहनत और जागरूकता का फल है।”
निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी न ढोल बजाते हुए
स्वच्छता के लिए की गई अहम पहलें:
Door-to-Door कचरा संग्रहण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया गया।
कचरा प्रोसेसिंग में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया गया।
स्वच्छता मित्रों को डिजिटल उपकरण और प्रशिक्षण दिया गया।
फरवरी में हुई Global Investors Summit (GIS 2024) के चलते साफ-सफाई पर अतिरिक्त ध्यान रहा।
इंदौर ने फिर दिखाया दम, सुपर लीग में मारी बाजी
स्वच्छता में इंदौर का मुकाबला इस बार भी कोई नहीं कर पाया। आठवीं बार टॉप पर पहुंचकर इंदौर ने Swachh Survekshan 2024-25 की Super League में भी जीत हासिल की है। सुपर लीग में उन 23 शहरों को शामिल किया गया था जिन्होंने अब तक के किसी सर्वेक्षण में टॉप-3 में जगह बनाई थी।
केंद्रीय आयोजन में हुए पुरस्कार वितरण
स्थान: विज्ञान भवन, नई दिल्ली
मुख्य अतिथि: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
उपस्थिति: केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल, अधिकारी, सांसद, महापौरगण
इस आयोजन में देशभर से आए महापौर, निगम आयुक्त और स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर मौजूद थे।
स्वच्छ सर्वेक्षण की खास बातें:
यह सर्वेक्षण नौवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है।
कुल 4,500+ शहरों को 10 मापदंडों और 54 संकेतकों पर परखा गया।
उद्देश्य: जनभागीदारी बढ़ाना और नगर निकायों के प्रदर्शन को पारदर्शिता से मूल्यांकित करना।
भोपाल की सफाई टीम को सलाम
भोपाल की यह रैंकिंग साफ-सफाई के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और नागरिकों की जागरूकता का प्रमाण है। यह भी साबित करता है कि अगर जनता और प्रशासन मिलकर काम करें, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं।
📌 देश हरपल स्वच्छता के इस उत्सव में भोपाल और इंदौर के नागरिकों को बधाई देता है।
Akshaya Tritiya के मौके पर जहां एक ओर लोग शुभ कामों में लगे थे, वहीं प्रशासन ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए चार बाल विवाह होने से रोक दिए। यह कार्रवाई इंदौर और जबलपुर में की गई। सबसे चौंकाने वाला मामला उस समय सामने आया जब 17 साल की एक नाबालिग लड़की की बारात उज्जैन से आ रही थी। सूचना मिलते ही प्रशासन और बाल संरक्षण टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बारात को बीच रास्ते में ही रुकवा दिया और विवाह होने से बचा लिया। इसके अलावा, 15-16 साल की अन्य नाबालिग लड़कियों के विवाह भी समझाइश देकर टाल दिए गए। अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने परिवारों को बाल विवाह के नुकसान और कानूनी पहलुओं के बारे में समझाया, जिसके बाद उन्होंने अपने फैसले को रोक दिया। इन घटनाओं ने यह दिखाया कि समय पर की गई कार्रवाई और जागरूकता कितनी महत्वपूर्ण है। कई बेटियों की ज़िंदगी एक गलत फैसले से बच गई और उन्हें अब अपने सपनों को पूरा करने का मौका मिलेगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है। यह पहल समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी है कि परंपराओं से ऊपर उठकर बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता देना जरूरी है।
Iran-US में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान ने अमेरिका पर भरोसा न करने की बात कहते हुए सख्त चेतावनी दी है। ईरान का कहना है कि अगर उसके जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित नहीं निकल पाए, तो वह किसी भी देश के जहाज को वहां से गुजरने नहीं देगा। ईरान के इस बयान ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से बड़ी मात्रा में तेल और जरूरी सामान की सप्लाई होती है। अगर यह रास्ता बंद होता है, तो इसका असर कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। आम लोगों के लिए यह सिर्फ अंतरराष्ट्रीय राजनीति नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा मुद्दा भी है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से लेकर महंगाई तक, इसका असर हर घर तक पहुंच सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो वैश्विक व्यापार और शिपिंग पर बड़ा असर पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि दोनों देशों के बीच तनाव कम होता है या और बढ़ता है।
Akshaya Tritiya का त्योहार आते ही सोना खरीदने की परंपरा फिर से लोगों को बाजार की ओर खींच रही है। माना जाता है कि इस दिन खरीदा गया सोना घर में समृद्धि और शुभता लेकर आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना सही जानकारी के सोना खरीदना नुकसान का सौदा भी बन सकता है? इस खास मौके पर अगर आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सबसे पहले, हमेशा हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। हॉलमार्क यह सुनिश्चित करता है कि सोना शुद्ध और असली है। इसके अलावा, सोने की कीमत रोज बदलती है, इसलिए खरीदने से पहले उस दिन का रेट जरूर चेक करें। दूसरी अहम बात है मेकिंग चार्ज। कई बार दुकानदार ज्यादा मेकिंग चार्ज जोड़ देते हैं, जिससे सोना महंगा पड़ जाता है। ऐसे में अलग-अलग दुकानों पर कीमत की तुलना करना समझदारी भरा कदम होगा। अगर आप निवेश के नजरिए से सोना खरीद रहे हैं, तो डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF या सोने के सिक्के जैसे विकल्प भी देख सकते हैं। ये सुरक्षित और सुविधाजनक माने जाते हैं। कई परिवारों के लिए अक्षय तृतीया सिर्फ खरीदारी का दिन नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ा एक खास मौका होता है। ऐसे में सही जानकारी के साथ लिया गया फैसला न सिर्फ आपकी बचत को सुरक्षित रखेगा, बल्कि भविष्य में फायदा भी देगा।
हरियाणा के Gurugram में नकली डायबिटीज इंजेक्शन बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड गिरफ्तार से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने नकली डायबिटीज इंजेक्शन बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में गिरोह के मास्टरमाइंड को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से नकली इंजेक्शन बनाकर बाजार में बेच रहा था। ये इंजेक्शन देखने में बिल्कुल असली जैसे लगते थे, जिससे आम लोग आसानी से धोखा खा जाते थे। सबसे चिंता की बात यह है कि इन नकली दवाओं से मरीजों की सेहत को गंभीर खतरा हो सकता था। जांच में सामने आया कि गिरोह सस्ती और घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर इन इंजेक्शनों को तैयार करता था और उन्हें ऊंचे दामों पर बेचता था। कई मरीज, जो रोजाना डायबिटीज की दवा पर निर्भर हैं, इस धोखाधड़ी का शिकार हो सकते थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस खुलासे ने सभी को चौंका दिया है। एक मरीज ने बताया कि, “हम अपनी सेहत के लिए दवाओं पर भरोसा करते हैं, लेकिन अगर वही नकली निकलें तो यह बहुत डराने वाली बात है।” फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे दवाएं केवल भरोसेमंद मेडिकल स्टोर से ही खरीदें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि थोड़े से लालच के लिए कुछ लोग दूसरों की जान तक जोखिम में डाल देते हैं। ऐसे में सतर्क रहना और सही जानकारी रखना बेहद जरूरी है।
Noida हिंसा मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस केस के मुख्य आरोपी आदित्य ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस के अनुसार, उसे तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया था, जहां वह छिपकर रह रहा था। जांच अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान आदित्य ने हिंसा में अपनी भूमिका स्वीकार की। इस कबूलनामे के बाद पुलिस को मामले की कड़ियां जोड़ने में काफी मदद मिल रही है। स्थानीय लोगों के लिए यह घटना काफी डर और चिंता का कारण बनी हुई थी। कई परिवार अब भी उस दिन की घटना को याद कर सहम जाते हैं। ऐसे में आरोपी की गिरफ्तारी और कबूलनामे से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली है। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सख्त कदम कितने जरूरी हैं। फिलहाल, प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
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