बांकुड़ा। पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) से जुड़े कार्यकर्ता शेख अब्दुल हफीज के पिता जनाब मफीक की 15 अगस्त को मौत हो गई। परिवार और CJP का आरोप है कि 13 अगस्त को उनके साथ मारपीट की गई थी, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। इलाज के दौरान उनकी मौत हुई।
CJP के मुताबिक, मफीक 13 अगस्त को अपने गांव करिसुंडा के सरकारी स्कूल में पार्टी के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान में शामिल हुए थे। उन्होंने स्कूल की बदहाल स्थिति का वीडियो बनाया था। आरोप है कि उसी शाम कुछ हथियारबंद लोग उनके घर पहुंचे और उनके साथ मारपीट की।
वीडियो बनाने से नाराज होने का आरोप
CJP का आरोप है कि हमलावरों ने मफीक और उनके परिवार से माफी मांगते हुए वीडियो रिकॉर्ड करने को कहा। परिवार के इनकार करने पर उनके साथ मारपीट की गई।
इस हमले में अब्दुल हफीज और उनके पिता के सिर में गंभीर चोटें आईं। परिवार का आरोप है कि हमलावरों ने मोबाइल फोन भी छीन लिया और स्कूल तथा जंतर-मंतर से जुड़े बनाए गए वीडियो डिलीट करवा दिए।
बेटे ने BJP नेताओं पर लगाया आरोप
अब्दुल हफीज ने स्थानीय भाजपा नेताओं पर जानलेवा हमला कराने का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, 13 अगस्त की रात करीब 8 बजे कुछ लोग उनके घर पहुंचे और परिवार को घेर लिया।
हफीज का दावा है कि हमलावरों ने धारदार हथियारों से हमला किया और बाद में अस्पताल तथा थाने जाने के दौरान भी उन्हें घेरा गया। परिवार का आरोप है कि भविष्य में ऐसे वीडियो बनाने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
हालांकि, ये आरोप फिलहाल परिवार और CJP के दावों पर आधारित हैं। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।
पुलिस ने संदिग्धों को हिरासत में लिया
बांकुड़ा के पुलिस अधीक्षक वी.जी. सतीश पसुमार्थी के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
वहीं भाजपा की ओर से कहा गया है कि यदि जांच में उनके किसी कार्यकर्ता की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
CJP फाउंडर ने कहा- इंसाफ मिलने तक चुप नहीं बैठेंगे
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घटना पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि अब्दुल हफीज और उनके परिवार को इंसाफ दिलाने तक संगठन चुप नहीं बैठेगा। CJP की टीम पश्चिम बंगाल जाकर मामले की जानकारी लेने की बात कह रही है।
एक दिन पहले शुरू किया था ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान
अभिजीत दीपके ने शनिवार को महाराष्ट्र के हिंगोली स्थित अपने गांव से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत की थी। अभियान के जरिए सरकारी स्कूलों की स्थिति और छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
दीपके ने सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने और निजी स्कूलों की फीस पर सीमा तय करने की मांग भी उठाई है। अभियान के अगले चरण में महाराष्ट्र के अन्य क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों का दौरा करने की बात कही गई है।
CJP ने ‘कॉकरोच’ को बनाया विरोध का प्रतीक
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की शुरुआत मई 2026 में हुई थी। संगठन का गठन पारंपरिक राजनीतिक पार्टी की तरह नहीं, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए हुआ।
इसके संस्थापक अभिजीत दीपके ने ‘कॉकरोच’ शब्द को विरोध के प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल किया। संगठन ने NEET और अन्य परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर अभियान चलाया। बताया गया है कि इसका आंदोलन 20 जून से 25 जुलाई तक चला।
