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Amit Shah Visit to Dantewada:बस्तर में अमित शाह का गरिमामय स्वागत,

दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़), देश हरपल केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह शनिवार को छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में आयोजित बस्तर पंडुम महोत्सव में शामिल हुए। यहां उनके स्वागत के लिए खास इंतज़ाम किए गए थे। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें गौर सींग मुकुट पहनाकर सम्मानित किया और कोंडागांव की विश्वप्रसिद्ध ढोकरा आर्ट की कलाकृति भेंट की। साथ ही बस्तर पंडुम का प्रतीक चिह्न भी उन्हें प्रदान किया गया। बस्तर पंडुम एक पारंपरिक आदिवासी उत्सव है, जो बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को दुनिया के सामने लाने का माध्यम बनता जा रहा है। इस वर्ष यह आयोजन और भी भव्य रूप में सामने आया, जिसमें ओडिशा, महाराष्ट्र, कर्नाटक समेत विभिन्न राज्यों के 27 हजार कलाकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “जहां पहले गोलियों की आवाजें गूंजती थीं, अब वहां स्कूल की घंटियां बज रही हैं।” उन्होंने कहा कि यह बदलाव प्रधानमंत्री मोदी के ‘डबल इंजन सरकार’ के संकल्प और गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सुरक्षा बलों की मेहनत का परिणाम है। इससे पहले गृहमंत्री शाह जगदलपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा दंतेवाड़ा पहुंचे और मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन-पूजन कर राज्य और बस्तर की शांति व समृद्धि की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि “मां दंतेश्वरी की पूजा कर हमने नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया है।” सीएम साय ने कहा कि बस्तर में विकास की नई रफ्तार देखी जा रही है। पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी मंच साझा करते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य है कि अगले एक साल में बस्तर से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो जाए।” उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के कैंप खुलने से गांवों में शांति और शिक्षा का माहौल बन रहा है। बस्तर पंडुम का यह आयोजन न सिर्फ एक सांस्कृतिक पर्व बन गया है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि बस्तर अब भय नहीं, उत्सव की धरती है। जहां पहले नक्सलवाद की छाया थी, अब वहां विकास और विश्वास का उजाला फैल रहा है।
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राज्यसभा में पारित हुआ वक्फ बोर्ड बिल: विपक्ष ने जताई आपत्ति, सरकार ने बताया पारदर्शिता और विकास का कदम

देश हरपल न्यूज़ डेस्कदिनांक: 30 मार्च 2025 राज्यसभा में शनिवार को वक्फ बोर्ड से जुड़ा ‘वक्फ अमेंडमेंट बिल 2023’ लंबी चर्चा के बाद पारित हो गया। करीब 12 घंटे तक चली बहस के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर नोकझोंक देखने को मिली। बिल का मकसद वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को पारदर्शी, प्रभावी और आधुनिक बनाना बताया गया है, लेकिन विपक्ष ने इसे अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला करार दिया। विपक्ष का तीखा विरोध विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा: “विपक्ष के सभी लोगों ने इस बिल को स्वीकार नहीं किया, इसका मतलब साफ है कि इसमें कई खामियां हैं। ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस’ हर बार सही नहीं हो सकता। ये दान देने और लेने का मामला है, दान देने वाला किसी भी धर्म का हो सकता है। लेकिन आपने सिर्फ एक समुदाय को केंद्र में रखकर उनके हक छीनने की कोशिश की है।” खड़गे ने यह भी कहा कि इस बिल में संवैधानिक मूल्यों की अनदेखी की गई है और यह कदम ‘माइनॉरिटी राइट्स’ को कमजोर करता है। सरकार का पक्ष: पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन भाजपा अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद जेपी नड्डा ने बिल का समर्थन करते हुए कहा: “हमें उम्मीद है कि सदन इस बिल का समर्थन करेगा। 2013 में जब इसी विषय पर UMEED बिल के लिए JPC बनी थी, उसमें केवल 13 सदस्य थे। लेकिन मोदी सरकार द्वारा गठित JPC में 31 सदस्य शामिल थे। लोकतंत्र का मतलब सिर्फ आपकी बात मानना नहीं है, बल्कि तर्क और विचार-विमर्श के आधार पर निर्णय लेना होता है।” उन्होंने कहा कि यह बिल वक्फ संपत्तियों की लूट और अनियमितता को रोकने के लिए लाया गया है, और इसका उद्देश्य किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं बल्कि सुधार और विकास है। संजय राउत का हमला: “मुस्लिमों की इतनी चिंता जिन्ना ने भी नहीं की थी” शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा: “सरकार को मुस्लिमों की इतनी चिंता कब से होने लगी? आप तो कहते थे कि मुस्लिम जमीन और गले की चेन छीन लेंगे। 40 हजार कश्मीरी पंडितों की जमीन आज तक वापस नहीं मिली, और चीन हमारी जमीन पर कब्जा किए बैठा है। सरकार को असली चिंता उस जमीन की करनी चाहिए।” राउत के इस बयान से सदन में कुछ देर के लिए माहौल गर्म हो गया, लेकिन इसके बावजूद बहस जारी रही। बिल में क्या है खास? निष्कर्ष: वक्फ अमेंडमेंट बिल 2023 राज्यसभा से पारित हो चुका है लेकिन इसके खिलाफ विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। एक तरफ सरकार इसे सुधारवादी और पारदर्शी कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे संवैधानिक मूल्यों और अल्पसंख्यक अधिकारों पर कुठाराघात मान रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बिल के सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव कैसे सामने आते हैं। देश हरपल इस मुद्दे पर आपकी राय जानना चाहता है। क्या यह बिल वाकई पारदर्शिता के लिए लाया गया है या फिर अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर चोट?कमेंट करें और अपनी बात खुलकर रखें। ✍️ देश हरपल – राष्ट्रवादी सोच, बेबाक खबरें
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ममता बनर्जी की कड़ी प्रतिक्रिया, 25,000 शिक्षकों की बर्खास्तगी को बताया अन्याय

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य में 25,000 शिक्षकों की बर्खास्तगी को बरकरार रखने के फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि वह इस निर्णय का समर्थन नहीं कर सकतीं। गौरतलब है कि शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने पहले ही इन नियुक्तियों को अवैध करार दिया था और इन शिक्षकों को नौकरी से हटाने का आदेश दिया था। इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने भी हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा, जिससे राज्य के हजारों शिक्षकों को बड़ा झटका लगा है। ममता बनर्जी का बयान ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “मैं इस फैसले का समर्थन नहीं कर सकती। हजारों शिक्षक जो ईमानदारी से काम कर रहे थे, उन्हें एक झटके में नौकरी से निकाल दिया गया। यह लाखों परिवारों की रोजी-रोटी का सवाल है।” उन्होंने आगे कहा कि सरकार इस मामले में शिक्षकों के साथ खड़ी है और उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी। क्या है पूरा मामला? यह मामला पश्चिम बंगाल में स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती से जुड़ा है, जिसमें कथित घोटाले की बात सामने आई थी। एसएससी (स्टाफ सिलेक्शन कमीशन) द्वारा की गई इस भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद हाईकोर्ट ने 25,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति को अवैध करार देते हुए उन्हें बर्खास्त करने का आदेश दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के इस फैसले पर मुहर लगा दी है। शिक्षकों का विरोध और सरकार की चुनौती फैसले के बाद राज्यभर में प्रभावित शिक्षक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे ममता सरकार से अपील कर रहे हैं कि उन्हें न्याय दिलाने के लिए कानूनी रास्ते तलाशे जाएं। शिक्षकों का कहना है कि सभी को गलत तरीके से नौकरी नहीं मिली थी और उनकी मेहनत बेकार जा रही है। ममता बनर्जी ने इस फैसले पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सरकार इन शिक्षकों के साथ अन्याय नहीं होने देगी। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि राज्य सरकार इस फैसले के खिलाफ कोई नई अपील करेगी या प्रभावित शिक्षकों को कोई वैकल्पिक समाधान प्रदान करेगी। राजनीतिक तकरार भी तेज इस मामले को लेकर बंगाल में राजनीतिक घमासान भी तेज हो गया है। बीजेपी ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी जीत बताया है और ममता सरकार पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस (TMC) का कहना है कि शिक्षकों की इतनी बड़ी संख्या में बर्खास्तगी से राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। आगे क्या होगा? अब देखना यह होगा कि ममता बनर्जी इस फैसले के खिलाफ कोई नया कदम उठाती हैं या नहीं। प्रभावित शिक्षकों का कहना है कि वे अपने अधिकारों के लिए अदालत से लेकर सड़कों तक संघर्ष करेंगे। वहीं, सरकार के रुख से यह स्पष्ट है कि मामला अभी खत्म नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और सियासी हलचल देखने को मिल सकती है। (देश हरपल के लिए विशेष रिपोर्ट)
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नवरात्रि का छठा दिन - माँ कात्यायनी

नवरात्रि का छठा दिन – माँ कात्यायनी

नवरात्रि के छठे दिन माँ कात्यायनी की पूजा की जाती है, जो महिषासुर मर्दिनी के रूप में जानी जाती हैं। माँ कात्यायनी सिंह पर विराजमान होती हैं और उनके हाथों में तलवार और कमल सुशोभित होते हैं।माँ का प्रिय रंग हरा है, जो संतुलन और विकास का प्रतीक माना जाता है
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नितिन गडकरी ने मध्य प्रदेश को दी कई सौगातें

नितिन गडकरी ने मध्य प्रदेश को दी कई सौगातें, भोपाल, सागर, ग्वालियर और मुरैना को बड़ा तोहफा

मध्य प्रदेश के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्य को नई सड़कों और बाईपास परियोजनाओं की सौगात दी है। इससे यातायात सुगम होगा, ट्रैफिक जाम की समस्या दूर होगी और सफर का समय कम होगा। भोपाल, ग्वालियर, मुरैना और सागर सहित कई जिलों को इन प्रोजेक्ट्स का फायदा मिलेगा। ग्वालियर-मुरैना को मिला एक्सेस कंट्रोल्ड बाईपास नितिन गडकरी ने ग्वालियर शहर के पश्चिमी हिस्से में 28.5 किमी लंबे एक्सेस कंट्रोल्ड 4-लेन बाईपास को मंजूरी दी है। 1347.6 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग-46, राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे को कनेक्ट करेगी। इससे लॉन्ग-डिस्टेंस ट्रैफिक और माल ढुलाई की दक्षता बढ़ेगी, जिससे यात्रा समय कम होगा और सड़क यातायात सुगम बनेगा। सागर को भी बड़ी सौगात सागर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-146 पर लहदरा गांव जंक्शन से बेरखेड़ी गुरु गांव जंक्शन तक 20.2 किमी का ग्रीनफील्ड 4-लेन बाईपास बनाने के लिए 688.31 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। यह प्रोजेक्ट शहर के अंदर ट्रैफिक जाम की समस्या को हल करेगा और यात्रा का समय कम करेगा। इसके अलावा, विदिशा और सागर जिले के राहतगढ़ से बेरखेड़ी तक 10.08 किमी सड़क को 4-लेन बनाने के लिए 731.36 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। यह सड़क भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का हिस्सा होगी और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 व राष्ट्रीय राजमार्ग-346 को कनेक्ट करेगी। इससे राहतगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित और तेज़ यात्रा का लाभ मिलेगा। भोपाल के लिए 1535.66 करोड़ की परियोजना राजधानी भोपाल के संदलपुर से नसरुल्लागंज बाईपास तक राष्ट्रीय राजमार्ग-146B के 43.2 किमी हिस्से को 4-लेन में अपग्रेड करने के लिए 1535.66 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग-47, राष्ट्रीय राजमार्ग-46 और राष्ट्रीय राजमार्ग-45 को जोड़ने का काम करेगी। इससे भारी ट्रैफिक से राहत मिलेगी और सफर आसान होगा। MP को मिली बड़ी सौगात, नेताओं ने जताई खुशी मध्य प्रदेश के सांसदों और विधायकों ने हाल ही में नितिन गडकरी से नई सड़क परियोजनाओं को मंजूरी देने की मांग की थी। अब जब इन प्रोजेक्ट्स को स्वीकृति मिल गई है, तो प्रदेश के नेताओं और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से मध्य प्रदेश में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और यात्रियों को सुरक्षित एवं तेज़ सफर मिलेगा।
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BREAKING NEWS:वक्फ संशोधन बिल पर लोकसभा में कल 12 बजे होगी चर्चा: सरकार और विपक्ष आमने-सामने, बड़ा सियासी संग्राम तय

नई दिल्ली: वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और प्रशासन से जुड़े वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। यह विधेयक कल दोपहर 12 बजे लोकसभा में पेश किया जाएगा, जिस पर 8 घंटे की चर्चा निर्धारित की गई है। हालांकि, विपक्ष ने इस चर्चा को 12 घंटे तक बढ़ाने की मांग की है, जिससे यह साफ हो गया है कि इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच बड़ा टकराव हो सकता है। क्या है वक्फ संशोधन विधेयक? वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन भारत में वक्फ अधिनियम, 1995 के तहत किया जाता है। वक्फ बोर्ड मुस्लिम समुदाय की धार्मिक और सामाजिक संपत्तियों को नियंत्रित करता है। हालांकि, समय-समय पर इस अधिनियम को लेकर विवाद होते रहे हैं। नए संशोधन में क्या बदलाव किए जा रहे हैं? विपक्ष ने जताया कड़ा विरोध इस विधेयक को लेकर विपक्ष ने तीखा विरोध जताया है। समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे समुदाय के खिलाफ बताया और कहा,“सरकार बिना सभी पक्षों को सुने यह विधेयक लाना चाहती है, जो पूरी तरह अनुचित है। यह मुसलमानों की धार्मिक और सामाजिक संपत्तियों पर हमला है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे और पूरी ताकत से इसका विरोध करेंगे।” कांग्रेस, टीएमसी और अन्य विपक्षी दलों ने भी विधेयक पर चर्चा का समय बढ़ाने की मांग की है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा,“यह कानून देश के लाखों लोगों को प्रभावित करेगा, इसलिए इस पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। केवल 8 घंटे की चर्चा काफी नहीं है।” योगी आदित्यनाथ का समर्थन, कहा- बदलाव समय की मांग उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस विधेयक का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा,“देश में वक्फ संपत्तियों का सही उपयोग बहुत ज़रूरी है। यह संशोधन पारदर्शिता लाने और गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए किया जा रहा है।” योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि,“वक्फ संपत्तियों को लेकर वर्षों से विवाद और अनियमितताएं रही हैं। अगर कोई बदलाव किया जा रहा है, तो वह राष्ट्रहित और समाजहित में है।” विधेयक के समर्थक और विरोधी कौन? इस विधेयक को लेकर दो खेमे बन चुके हैं।✅ समर्थक (BJP, JDU, AIADMK) – इन दलों का कहना है कि यह विधेयक संपत्तियों का सही प्रबंधन सुनिश्चित करेगा और भ्रष्टाचार को रोकेगा।❌ विरोधी (SP, Congress, TMC, AIMIM, Left) – विपक्षी दलों का मानना है कि सरकार इस कानून के ज़रिए वक्फ संपत्तियों पर नियंत्रण करना चाहती है और अल्पसंख्यकों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रही है। अब आगे क्या होगा? निष्कर्ष: वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर संसद में जबरदस्त हंगामा देखने को मिल सकता है। सरकार इसे भ्रष्टाचार रोकने वाला कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसे अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ साजिश करार दे रहा है। कल संसद में होने वाली बहस के बाद ही यह तय होगा कि यह विधेयक पास होगा या नहीं।
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ईद-उल-फितर पर मध्यप्रदेश में वक्फ अमेंडमेंट बिल का विरोध, फिलिस्तीन के समर्थन में बैनर

Bhopal भोपाल सहित पूरे मध्यप्रदेश में सोमवार को ईद-उल-फितर का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा हैं । राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रतलाम सहित सभी शहरों में ईदगाह और मस्जिदों में नमाज-ए-खास अदा की गई और अमन-चैन तथा खुशहाली की दुआ मांगी गई। हालांकि, इस बार ईद की नमाज के दौरान भोपाल में कुछ मुस्लिम धर्मावलंबियों ने काली पट्टी बांधकर वक्फ अमेंडमेंट बिल का विरोध किया। वहीं, ईदगाह के बाहर कुछ युवा फिलिस्तीन के समर्थन में बैनर लेकर खड़े नजर आए। मोती मस्जिद में भी यमन और फिलिस्तीन के साथ-साथ वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की सुरक्षा के लिए विशेष दुआ की गई। क्या है वक्फ अमेंडमेंट बिल और क्यों हो रहा विरोध? केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित वक्फ अमेंडमेंट बिल को लेकर मुस्लिम समाज के कुछ वर्गों में असंतोष देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस बिल से वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और उनके प्रबंधन पर असर पड़ेगा। हालांकि, सरकार का दावा है कि यह बिल पारदर्शिता लाने और अवैध कब्जों को रोकने के लिए लाया गया है। मंत्री विश्वास सारंग का बयान – ‘बिना पढ़े विरोध गलत’ मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने इस विरोध प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,“जो लोग बिना बिल पढ़े इसका विरोध कर रहे हैं, वे गुमराह हैं। जब पाकिस्तान आतंकवादी हमला करता है, बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार होते हैं और कश्मीर में पंडितों पर जुल्म किया जाता है, तब ये लोग काली पट्टी क्यों नहीं बांधते?” सारंग ने आगे कहा कि वक्फ संपत्तियों का वास्तविक लाभ गरीब मुस्लिमों को नहीं मिला है, बल्कि इसका फायदा केवल अमीर मुस्लिम नेताओं और अवैध कब्जेदारों ने उठाया है। उन्होंने फिलिस्तीन के समर्थन में लगाए गए बैनरों पर भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा,“भारत में फिरकापरस्ती और उन्माद फैलाने की कोशिश को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” भोपाल में शांतिपूर्ण माहौल, पुलिस सतर्क हालांकि, विरोध प्रदर्शन के बावजूद भोपाल और अन्य शहरों में ईद का त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जा रहा हैं । पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं । मध्यप्रदेश में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि वक्फ अमेंडमेंट बिल और फिलिस्तीन के समर्थन को लेकर और क्या प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं।
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भोपाल में बोहरा समुदाय ने मनाई ईद-उल-फित्र

भोपाल में बोहरा समुदाय ने उत्साह के साथ मनाई ईद-उल-फित्र, सुबह 6 बजे अदा की गई विशेष नमाज

भोपाल, 30 मार्च: राजधानी भोपाल में शनिवार को बोहरा समुदाय ने बड़े हर्षोल्लास के साथ ईद-उल-फित्र का त्योहार मनाया। इस खास मौके पर समुदाय के लोगों ने सुबह 6 बजे विशेष नमाज अदा की और एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। ईद की नमाज और जश्न का माहौल भोपाल में दाऊदी बोहरा समाज के लोग सुबह ही मस्जिदों और ईदगाह में जमा हो गए। समाज के प्रमुख धार्मिक स्थल पर बड़ी संख्या में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने ईद की नमाज पढ़ी। इस दौरान खुशियों का माहौल देखने को मिला। ईद की नमाज के बाद लोगों ने आपसी भाईचारे और सौहार्द को बढ़ावा देते हुए एक-दूसरे को ईद की शुभकामनाएं दीं। हिलाल कमेटी करेगी चांद देखने पर फैसला दूसरी ओर, भोपाल की मोती मस्जिद में आज हिलाल कमेटी की अहम बैठक बुलाई गई है, जहां ईद के चांद को लेकर निर्णय लिया जाएगा। चांद दिखने की पुष्टि के बाद अन्य मुस्लिम समुदायों के लिए भी ईद की तिथि तय की जाएगी। बाजारों में दिखी रौनक, सेवइयों की रही मांग ईद-उल-फित्र से पहले राजधानी भोपाल के बाजारों में भारी भीड़ देखने को मिली। खासतौर पर चौक बाजार, जुमेराती और इब्राहिमपुरा में सेवइयां, मेवे, कपड़े और अन्य सामान की जमकर खरीदारी हुई। मिठाइयों की दुकानों पर भी लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भाईचारे और खुशियों का संदेश बोहरा समाज के धर्मगुरुओं ने इस अवसर पर लोगों को भाईचारे और प्रेम का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ईद-उल-फित्र का पर्व हमें जरूरतमंदों की मदद करने और समाज में एकता बनाए रखने की प्रेरणा देता है। भोपाल में ईद-उल-फित्र की खुशियों के साथ लोग आपसी सद्भावना को और मजबूत कर रहे हैं।
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सगाई में आए मेहमान की हत्या:बीच-बचाव करने पर हंसिया से किया वार, बेटी की शादी से पहले पिता गिरफ्तार

मध्यप्रदेश: विवाद सुलझाने पहुंचे व्यक्ति की हंसिया से हत्या, आरोपी जंगल से गिरफ्तार जबलपुर: जबलपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर ग्राम देवरी में 51 वर्षीय व्यक्ति की हत्या कर दी गई। मृतक सिर्फ दो लोगों के बीच विवाद सुलझाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन गुस्साए आरोपी ने हंसिया से उसके सिर और कंधे पर हमला कर दिया। कैसे हुआ विवाद? ✅ आरोपी जीवन सिंह ठाकुर (42) की बेटी की सगाई थी।✅ उसने गुरुवार को गांव के बुजुर्गों को भोज पर आमंत्रित किया था।✅ भोज के दौरान गांव का कोदूलाल भी वहां पहुंचा, जिसका कुछ साल पहले जीवन सिंह से विवाद हो चुका था।✅ पहले सुलझा हुआ विवाद फिर से गरमाया और दोनों में गाली-गलौज होने लगी।✅ मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों को शांत कराया, लेकिन कोदूलाल गुस्से में बाहर आ गया। बीच-बचाव में गई जान 📌 गुस्से में जीवन सिंह हंसिया लेकर कोदूलाल के पीछे भागा।📌 ग्रामीणों ने रोकने की कोशिश की, तभी भगत सिंह ठाकुर बीच-बचाव करने आया।📌 जीवन सिंह ने हंसिया से भगत सिंह पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।📌 ग्रामीणों ने तुरंत उसे मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने जंगल से किया आरोपी को गिरफ्तार 🛑 घटना के बाद आरोपी फरार हो गया।🛑 चरगंवा थाना पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और कुछ घंटों में जंगल से गिरफ्तार कर लिया।🛑 आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। शादी की खुशियां मातम में बदलीं 🚨 आरोपी की बेटी की शादी 20 दिन बाद होने वाली थी।🚨 परिवार खुशियों की तैयारी कर रहा था, लेकिन अब गांव में मातम का माहौल है।🚨 पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। ➡️ इस घटना पर आपकी क्या राय है? हमें कमेंट में बताएं!📲 https://deshharpal.com/ से जुड़ें और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए हमें Instagram, Twitter और Facebook पर फॉलो करें!
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मप्र में 5वीं और 8वीं बोर्ड के परिणाम घोषित:कक्षा 5वीं में 92.70% और 8वीं में 90.02% विद्यार्थी उत्तीर्ण

MP Board Result 2024: 5वीं और 8वीं के नतीजे जारी, बालिकाओं का प्रदर्शन शानदार मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित कक्षा 5वीं और 8वीं की बोर्ड पैटर्न परीक्षाओं के परिणाम शुक्रवार दोपहर 1 बजे जारी कर दिए गए। राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने परीक्षा पोर्टल पर रिजल्ट बटन दबाकर नतीजे घोषित किए। कुल रिजल्ट का प्रतिशत 📌 कक्षा 5वीं का कुल परीक्षा परिणाम: 92.70% (पिछले साल: 90.97%)📌 कक्षा 8वीं का कुल परीक्षा परिणाम: 90.02% (पिछले साल: 87.71%) बालिकाओं ने मारी बाजी ✅ कक्षा 5वीं में: बालिकाओं का पास प्रतिशत 94.12% और बालकों का 91.38%✅ कक्षा 8वीं में: बालिकाओं का पास प्रतिशत 91.72% और बालकों का 88.41% टॉप 10 जिले (5वीं और 8वीं बोर्ड परीक्षा) 📌 5वीं बोर्ड: शहडोल, चंबल, नर्मदापुरम, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सागर, भोपाल।📌 8वीं बोर्ड: नरसिंहपुर, अलीराजपुर, रीवा, झाबुआ, बालाघाट, अनूपपुर, सीहोर, डिंडोरी, बड़वानी, मंदला। रिजल्ट कैसे देखें? 📌 छात्र अपना परीक्षा परिणाम राज्य शिक्षा केंद्र की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं:🔗 www.rskmp.in/result.aspx📌 रोल नंबर या समग्र आईडी से लॉग इन करके रिजल्ट देखा जा सकता है।📌 शिक्षकों और संस्था प्रमुखों के लिए शाला-स्तरीय परिणाम भी पोर्टल पर उपलब्ध हैं। फेल हुए छात्रों के लिए खास योजना ❌ जो छात्र परीक्षा में असफल रहे हैं, उनके लिए पुनः परीक्षा आयोजित की जाएगी।📌 इसमें विद्यार्थियों को सिर्फ उसी विषय की परीक्षा देनी होगी जिसमें वे फेल हुए हैं। 22.85 लाख छात्रों ने दी परीक्षा 📌 कक्षा 5वीं के कुल परीक्षार्थी: 11,17,961📌 कक्षा 8वीं के कुल परीक्षार्थी: 11,68,866📌 कुल परीक्षा केंद्र: 12,623📌 मूल्यांकन केंद्र: 322 पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था 📌 हर जिले के लिए अलग-अलग प्रश्नपत्र तैयार किए गए थे।📌 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन अंकों की प्रविष्टि के बाद किया गया।📌 राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने शिक्षकों और परीक्षा व्यवस्था में सहयोग करने वालों का आभार जताया। ➡️ MP बोर्ड रिजल्ट को लेकर आपकी क्या राय है? कमेंट में बताएं! https://deshharpal.com/ से जुड़ें और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए हमें Instagram, Twitter और Facebook पर फॉलो करें!
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IND vs NZ

IND vs NZ 1st T20I: संजू सैमसन-नमन धीर का धमाका, भारत ने रचा रिकॉर्ड

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पहले T20 इंटरनेशनल मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार जीत दर्ज की। 226 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों ने ऐसा खेल दिखाया कि न्यूजीलैंड के गेंदबाज दबाव में आ गए। संजू सैमसन की तूफानी पारी और नमन धीर की आखिरी ओवरों में विस्फोटक बल्लेबाजी ने मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया। मुकाबले में भारत ने 19.4 ओवर में 6 विकेट खोकर 230 रन बनाए और 4 विकेट से जीत हासिल की। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने पांच मैचों की T20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। 226 रन का लक्ष्य हासिल करना भारत के लिए T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में नया रिकॉर्ड भी रहा। NZ vs IND: न्यूजीलैंड ने खड़ा किया 225 रन का बड़ा स्कोर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 225 रन बनाए। मेजबान टीम के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। वहीं, फिन एलन ने 24 गेंदों पर 45 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दी। बेवॉन जैकब्स ने भी 16 गेंदों पर 31 रन की अहम पारी खेली। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए और भारत के सामने 226 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रख दिया। उस समय लग रहा था कि भारतीय टीम के लिए इस स्कोर तक पहुंचना आसान नहीं होगा। Sanju Samson ने खेली तूफानी पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को संजू सैमसन ने शानदार शुरुआत दिलाई। उन्होंने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मैदान के चारों ओर शॉट लगाए। संजू ने 33 गेंदों पर 67 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उन्होंने केवल 23 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। दूसरी ओर, अभिषेक शर्मा ने भी तेजी से रन बनाए। उन्होंने 12 गेंदों पर 29 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक शुरुआत से भारत को बड़े लक्ष्य का पीछा करने में काफी मदद मिली। हालांकि, शुरुआती विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम की रफ्तार कुछ धीमी हुई। न्यूजीलैंड ने वापसी करने की कोशिश की, लेकिन भारत के बल्लेबाजों ने मैच को हाथ से निकलने नहीं दिया। Shreyas Iyer ने संभाली जिम्मेदारी मध्यक्रम में विकेट गिरने के बाद श्रेयस अय्यर ने पारी को संभाला। उन्होंने 28 गेंदों पर 42 रन बनाकर टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया। ऐसे मुकाबलों में सिर्फ तेजी से रन बनाना ही जरूरी नहीं होता, बल्कि सही समय पर पारी को संभालना भी अहम होता है। अय्यर ने यही भूमिका निभाई और भारत की उम्मीदों को बनाए रखा। इसके बाद नमन धीर ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। Naman Dhir बने भारत की जीत के हीरो मैच के आखिरी ओवरों में नमन धीर की बल्लेबाजी ने भारतीय प्रशंसकों का उत्साह बढ़ा दिया। उन्होंने महज 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। नमन ने तेजी से रन बनाकर न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ाया। भारतीय टीम को जब जीत के लिए तेज रन बनाने की जरूरत थी, तब उनकी आक्रामक बल्लेबाजी सबसे ज्यादा काम आई। भारत ने 19.4 ओवर में 230 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। संजू सैमसन की शुरुआत और नमन धीर की शानदार फिनिशिंग इस ऐतिहासिक रनचेज की सबसे बड़ी वजह बनी। IND vs NZ 1st T20I Scorecard: एक नजर में पूरा मैच न्यूजीलैंड: 225/4 (20 ओवर) भारत: 230/6 (19.4 ओवर) नतीजा: भारत 4 विकेट से जीता। न्यूजीलैंड के टॉप स्कोरर: ग्लेन फिलिप्स – 82* रन भारत के टॉप स्कोरर: संजू सैमसन – 67 रन मैच के अहम बल्लेबाज: नमन धीर – 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन भारत ने अपने नाम किया बड़ा रिकॉर्ड इस जीत की सबसे खास बात भारत का रिकॉर्ड रनचेज रहा। 226 रन जैसे बड़े लक्ष्य को हासिल करके टीम इंडिया ने T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना सबसे बड़ा सफल रनचेज दर्ज किया। संजू सैमसन ने तेज शुरुआत देकर टीम को मजबूत आधार दिया, श्रेयस अय्यर ने मध्यक्रम में पारी संभाली और नमन धीर ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाकर जीत सुनिश्चित की। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि भारतीय टीम बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भी दबाव में संयम बनाए रख सकती है। दूसरे T20I में भी रहेगी जीत की उम्मीद पहले मुकाबले में जीत के बाद भारतीय टीम सीरीज में अपनी बढ़त मजबूत करना चाहेगी। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम अगले मैच में वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। पहले मैच में दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। ऐसे में अगले मुकाबले में भी क्रिकेट प्रशंसकों को एक रोमांचक भिड़ंत देखने की उम्मीद रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India vs New Zealand

India vs New Zealand: आखिरी 3 ओवर में 29 रन की जरूरत, रोमांचक मोड़ पर मैच

भारत और न्यूजीलैंड (India vs New Zealand) के बीच T20 मुकाबला अब बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। न्यूजीलैंड के 226 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने 5 विकेट के नुकसान पर 197 रन बना लिए हैं। अब जीत के लिए भारत को 18 गेंदों में 29 रन बनाने हैं। क्रीज पर श्रेयस अय्यर और नमन धीर मौजूद हैं। ऐसे में भारतीय फैंस की नजरें दोनों बल्लेबाजों पर टिकी हैं। मैच के इस मोड़ पर एक छोटी-सी गलती भी टीम की मुश्किल बढ़ा सकती है। वहीं, अगर भारतीय बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए और विकेट बचाए रखे, तो जीत हासिल करने का मौका बना हुआ है। IND vs NZ: न्यूजीलैंड ने खड़ा किया 225 रन का स्कोर पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 225 रन बनाए। टीम की ओर से ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी की और 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। उनकी आक्रामक पारी ने न्यूजीलैंड को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। कीवी बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। बड़े शॉट खेलने के साथ-साथ उन्होंने रन गति को भी धीमा नहीं पड़ने दिया। इसी वजह से भारत के सामने 226 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य आया। India vs New Zealand: लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की स्थिति 226 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को तेजी से रन बनाने थे। टीम ने स्कोर आगे बढ़ाया, लेकिन पांच विकेट गिरने के बाद मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। अब श्रेयस अय्यर और नमन धीर के सामने दोहरी चुनौती है। उन्हें एक तरफ जरूरी रन बनाने हैं, तो दूसरी तरफ विकेट भी बचाकर रखना है। दोनों के बीच अच्छी साझेदारी भारत को जीत के करीब पहुंचा सकती है। आखिरी 18 गेंदों का खेल होगा निर्णायक भारत को 18 गेंदों में 29 रन चाहिए। इसका मतलब है कि टीम को बचे हुए तीन ओवरों में लगातार रन बनाने होंगे। T20 क्रिकेट में यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है, लेकिन न्यूजीलैंड के गेंदबाज भी इस मौके को आसानी से हाथ से जाने नहीं देना चाहेंगे। अगर भारतीय बल्लेबाज शुरुआती गेंदों पर बाउंड्री लगाने में सफल रहते हैं, तो आखिरी ओवर का दबाव कम हो सकता है। वहीं, विकेट गिरने की स्थिति में भारत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। क्या Team India हासिल कर पाएगी जीत? मैच का रुख अब काफी हद तक श्रेयस अय्यर और नमन धीर की बल्लेबाजी पर निर्भर करेगा। भारतीय टीम को जीत के लिए बड़े शॉट खेलने के साथ समझदारी से स्ट्राइक भी बदलनी होगी। न्यूजीलैंड की टीम अपने स्कोर का बचाव करने की पूरी कोशिश करेगी। ऐसे में अंतिम तीन ओवर में गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। फिलहाल मुकाबला रोमांचक स्थिति में है और भारत के पास लक्ष्य हासिल करने का मौका मौजूद है। अब देखना होगा कि भारतीय बल्लेबाज आखिरी गेंदों में टीम को जीत दिला पाते हैं या न्यूजीलैंड मुकाबले पर कब्जा जमा लेता है। IND vs NZ Live Score: मैच की ताजा स्थिति हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू, प्रदूषण से निपटने के लिए 334 टीमें करेंगी निगरानी; 1 नवंबर से सख्ती

दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया है। इस बीच दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दावा किया कि सरकार के प्रयासों और जनभागीदारी के कारण इस बार पिछले वर्षों की तुलना में GRAP-1 देर से लागू हुआ है। सिरसा के मुताबिक, सर्दियों में प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार 11 सूत्रीय एक्शन प्लान पर काम कर रही है। इसमें करीब 30 एजेंसियां शामिल हैं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक, दोनों तरह के उपाय किए जा रहे हैं। 334 टीमें करेंगी निगरानी, मॉनिटरिंग स्टेशन बढ़कर होंगे 60 पर्यावरण मंत्री ने बताया कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाले स्टेशनों की संख्या 47 से बढ़ाकर 60 की जाएगी। नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए 334 प्रवर्तन टीमें तैनात की जाएंगी। सिरसा ने दावा किया कि दिल्ली के प्रदूषण में स्थानीय स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 30% है, जबकि आसपास के राज्यों और क्षेत्रों से 60 से 65% प्रदूषण आता है। ऐसे में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पूरे NCR में समन्वित कार्रवाई जरूरी है। 1 नवंबर से प्रदूषण रोकने के लिए प्रस्तावित सख्त कदम सरकार की ओर से साझा की गई योजना के मुताबिक, प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई उपाय किए जाने हैं। 1. वैध PUC प्रमाणपत्र के बिना नहीं मिलेगा ईंधन ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ व्यवस्था के तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना वाहनों को पेट्रोल या डीजल नहीं देने का प्रावधान है। 2. बाहरी राज्यों के वाहनों पर प्रतिबंध योजना के अनुसार, 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को इससे छूट देने की बात कही गई है। 3. सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम प्रदूषण कम करने के लिए सरकारी और निजी कार्यालयों के आधे कर्मचारियों से घर से काम कराने की योजना भी शामिल है। 4. सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव योजना के मुताबिक, नगर निगम (MCD) के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक संचालित किए जाने का प्रस्ताव है। 5. पार्किंग शुल्क दोगुना करने की योजना निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए 1 नवंबर से पार्किंग शुल्क दोगुना करने की योजना है। मेट्रो पार्किंग को इससे छूट देने की बात कही गई है। 6. निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर रोक धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर रोक लगाने का प्रावधान है। इसके अलावा, 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध की योजना भी बताई गई है।

दिवाली से पहले दिल्ली में रात को भी होगी सफाई, CM रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

दीपावली और अन्य त्योहारों को देखते हुए दिल्ली के रिहायशी इलाकों और प्रमुख बाजारों में अब रात के समय भी सफाई कराई जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक कर राजधानी की सफाई व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी कूड़े के ढेर लगे हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए तेजी से काम करने को कहा। कूड़ा नहीं उठने की शिकायतों पर CM नाराज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के कई इलाकों से समय पर कूड़ा नहीं उठने और जगह-जगह गंदगी की शिकायतें मिल रही हैं। कुछ जोन में सफाई व्यवस्था को लेकर लापरवाही भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि सफाई के प्रयासों के बावजूद जमीन पर अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही, सफाई व्यवस्था में किए जा रहे सुधार सड़कों और बाजारों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कर्मचारी होंगे तैनात मुख्यमंत्री ने मेयर प्रवेश वाही और नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार को पूरी दिल्ली में सफाई अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में सफाई कर्मचारियों की कमी है, वहां अतिरिक्त स्टाफ लगाया जाए। जरूरत पड़ने पर रात में सफाई के लिए नए कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जाए। रात में सफाई से दिन में नहीं होगी परेशानी मुख्यमंत्री के मुताबिक, बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों में रात के समय सफाई कराने से दिन में लोगों की आवाजाही प्रभावित नहीं होगी। इससे त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी। बैठक में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, मेयर प्रवेश वाही, मुख्य सचिव राजीव वर्मा, नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे

छत्तीसगढ़ में 11 डॉक्टरों के तबादले, डॉ. संजय कुमार बने रायपुर जिला अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन

छत्तीसगढ़ सरकार के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 11 डॉक्टरों का तबादला किया है। प्रशासनिक आधार पर चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जगह पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय महानदी भवन से अवर सचिव दिव्या वैष्णव की ओर से जारी आदेश के तहत यह फेरबदल किया गया है। डॉ. संजय कुमार को मिली रायपुर जिला अस्पताल की जिम्मेदारी तबादला आदेश के अनुसार, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार को जिला चिकित्सालय रायपुर (पंडरी) में प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं, जिला चिकित्सालय रायपुर में अब तक प्रभारी सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. भेनुज कुमार सिन्हा को स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय में प्रभारी उप संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए प्रशासनिक फेरबदल विभाग के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह प्रशासनिक बदलाव किया गया है। इसके तहत दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के साथ शहरी अस्पतालों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। तबादला आदेश में सभी संबंधित डॉक्टरों को बिना देरी किए अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

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