आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलCJP Protest Update: सरकार से बातचीत खत्म, Protesters ने सौंपा 5 पैराग्राफ का Demand LetterBREAKINGMore NewsChatGPT New Feature: मेडिकल रिपोर्ट समझना हुआ आसान, AI देगा Health Report की पूरी जानकारीBREAKINGदेश-हरपलMetro Service नई दिल्ली Metro Station अस्थायी रूप से बंद, सफर से पहले जान लें DMRC का अपडेटBREAKINGदेश-हरपलParliament Monsoon Session: पेपर लीक मुद्दे पर संसद में हंगामा, Rajya Sabha में Vande Mataram Bill पेशBREAKINGदेश-हरपलNEET Exam Controversy: डॉ. मनोज शिरूरे को नहीं मिली राहत, Court ने खारिज की जमानत अर्जीBREAKINGदेश-हरपलJamshedpur डिमना डैम में डूबे दो Junior Doctors, Rescue Operation के बाद बरामद हुए शवBREAKINGबिज़नेसMarket Down Today: Sensex 700 Points टूटा, Nifty 23,646 पर आया; Oil Price Rise से बढ़ा दबावBREAKINGबिज़नेसInfosys Leadership आशीष कुमार दश संभालेंगे CEO पद, पहली तिमाही में कंपनी का मुनाफा 12.2% बढ़ाBREAKINGदेश-हरपलCJP Protest Update: सरकार से बातचीत खत्म, Protesters ने सौंपा 5 पैराग्राफ का Demand LetterBREAKINGMore NewsChatGPT New Feature: मेडिकल रिपोर्ट समझना हुआ आसान, AI देगा Health Report की पूरी जानकारीBREAKINGदेश-हरपलMetro Service नई दिल्ली Metro Station अस्थायी रूप से बंद, सफर से पहले जान लें DMRC का अपडेटBREAKINGदेश-हरपलParliament Monsoon Session: पेपर लीक मुद्दे पर संसद में हंगामा, Rajya Sabha में Vande Mataram Bill पेशBREAKINGदेश-हरपलNEET Exam Controversy: डॉ. मनोज शिरूरे को नहीं मिली राहत, Court ने खारिज की जमानत अर्जीBREAKINGदेश-हरपलJamshedpur डिमना डैम में डूबे दो Junior Doctors, Rescue Operation के बाद बरामद हुए शवBREAKINGबिज़नेसMarket Down Today: Sensex 700 Points टूटा, Nifty 23,646 पर आया; Oil Price Rise से बढ़ा दबावBREAKINGबिज़नेसInfosys Leadership आशीष कुमार दश संभालेंगे CEO पद, पहली तिमाही में कंपनी का मुनाफा 12.2% बढ़ा

Latest Posts

छत्तीसगढ़ में कारोबार करना होगा आसान: विधानसभा से ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026’ पारित, MSME को बड़ी राहत

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विधानसभा ने ‘छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026’ को पारित कर दिया है। इस कानून के लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ रिस्क बेस्ड (Risk-Based) और ट्रस्ट बेस्ड (Trust-Based) बिजनेस परमिशन सिस्टम लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से उद्योग स्थापित करने और कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध होगी, जिससे खासकर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को बड़ा लाभ मिलेगा। जोखिम के आधार पर मिलेगी अनुमति नई व्यवस्था के तहत उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का वर्गीकरण उनके आकार और गतिविधियों के आधार पर किया जाएगा। इससे छोटे कारोबारियों को अनावश्यक जटिल प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी। सेल्फ सर्टिफिकेशन को मिलेगा बढ़ावा अधिनियम के तहत कम जोखिम वाले उद्यमों में बार-बार विभागीय निरीक्षण की आवश्यकता कम होगी। ऐसे मामलों में सेल्फ सर्टिफिकेशन या लाइसेंसधारी इंजीनियर, आर्किटेक्ट अथवा अधिकृत विशेषज्ञ के प्रमाणन के आधार पर अनुमति दी जा सकेगी। सरकार का दावा है कि इससे अनुमति प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी। हर साल लाइसेंस नवीनीकरण की बाध्यता खत्म नए कानून के तहत उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को हर वर्ष लाइसेंस या अनुमति का नवीनीकरण कराने की अनिवार्यता से राहत मिलेगी। जोखिम आधारित अनुमति प्रणाली लागू होने से उद्यमियों का समय और लागत दोनों कम होंगे तथा वे कारोबार के विस्तार पर अधिक ध्यान दे सकेंगे। MSME को मिलेंगी कई अहम सुविधाएं नई व्यवस्था में MSME इकाइयों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं— हालांकि, अधिक जोखिम वाली परियोजनाओं में तकनीकी जांच और भौतिक निरीक्षण की प्रक्रिया जारी रहेगी। 8 विभागों की 43 सेवाएं होंगी शामिल इस अधिनियम के तहत राज्य सरकार के 8 विभागों की 43 सेवाओं को जोखिम आधारित अनुमति प्रणाली में शामिल किया गया है। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार कार्यपालिका परिषद की मंजूरी से नई सेवाओं को भी जोड़ा जा सकेगा। तीन स्तर पर होगी निगरानी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तीन स्तरीय निगरानी व्यवस्था बनाई गई है। 15 लाख से अधिक MSME को होगा लाभ सरकार का अनुमान है कि इस सुधार का लाभ राज्य के 15 लाख से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को मिलेगा। भरोसे, स्व-घोषणा और समयबद्ध सेवाओं पर आधारित नई व्यवस्था से कारोबार शुरू करने में लगने वाला समय और लागत कम होगी, जबकि उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी के सभी आवश्यक प्रावधान पहले की तरह लागू रहेंगे। निवेश को मिलेगा बढ़ावा राज्य सरकार का मानना है कि ‘छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026’ राज्य में निवेश को आकर्षित करने, उद्योगों के विस्तार और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ में अधिक पारदर्शी, सरल और निवेश-अनुकूल कारोबारी वातावरण विकसित होने की उम्मीद है। छत्तीसगढ़, उद्योग, निवेश और कारोबार से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

महादेव बेटिंग ऐप केस: स्पोर्ट्स प्रेजेंटर शेफाली बग्गा से ED की पूछताछ, हवाला कनेक्शन की जांच तेज

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप और उससे जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्पोर्ट्स प्रेजेंटर और टीवी हस्ती शेफाली बग्गा से रायपुर स्थित अपने जोनल कार्यालय में पूछताछ की। जांच एजेंसी उनके कथित वित्तीय और डिजिटल संबंधों की पड़ताल कर रही है। ईडी के अनुसार, जांच का केंद्र बिंदु शेफाली बग्गा और महादेव ऑनलाइन बुक नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे कथित हवाला ऑपरेटर खंजन जगदीश कुमार ठक्कर के बीच संभावित संबंध हैं। हालांकि, एजेंसी ने अभी तक इस मामले में किसी भी आरोप को अदालत में सिद्ध नहीं बताया है। ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स के प्रचार की जांच जांच एजेंसी का दावा है कि शेफाली बग्गा कथित तौर पर विदेश, विशेषकर दुबई और लंदन से संचालित होने वाले कुछ ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म्स के प्रचार से जुड़ी रही हैं। ईडी को जांच के दौरान कुछ डिजिटल सामग्री और प्रमोशनल कंटेंट मिले हैं, जिनमें कथित रूप से बेटिंग ऐप्स का प्रचार दिखाई देता है। एजेंसी इन डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। बेटिंग टिप्स देने के आरोपों की भी जांच सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या शेफाली बग्गा केवल प्रचार तक सीमित थीं या कथित तौर पर ऑनलाइन बेटिंग से जुड़े खिलाड़ियों को टिप्स भी उपलब्ध कराती थीं। ईडी इन दावों से जुड़े ऑनलाइन कंटेंट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रही है। टेलीग्राम चैनल भी जांच के दायरे में ईडी सूत्रों के अनुसार, शेफाली बग्गा से जुड़े एक टेलीग्राम चैनल की भी जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कथित तौर पर ऑनलाइन बेटिंग के प्रचार-प्रसार या अन्य गतिविधियों के लिए किया गया था। साथ ही चैनल से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड और संभावित वित्तीय लेन-देन की भी जांच जारी है। हवाला नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही ED ईडी का दावा है कि खंजन जगदीश कुमार ठक्कर महादेव ऑनलाइन बुक नेटवर्क से जुड़े कथित हवाला लेन-देन का प्रमुख संचालक रहा है। एजेंसी अब शेफाली बग्गा और ठक्कर के बीच कथित आर्थिक लेन-देन तथा अन्य संभावित संबंधों की जांच कर रही है। स्पोर्ट्स एंकरिंग और टीवी से जुड़ा है नाम शेफाली बग्गा स्पोर्ट्स एंकरिंग की दुनिया का जाना-पहचाना चेहरा हैं। वह टीवी रियलिटी शो ‘बिग बॉस 13’ में भी बतौर प्रतिभागी नजर आ चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने कई प्रमुख क्रिकेट आयोजनों की एंकरिंग की है और सोशल मीडिया पर भी उनकी अच्छी-खासी मौजूदगी है। नोट: फिलहाल इस मामले में जांच जारी है। एजेंसी द्वारा की जा रही पूछताछ और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। छत्तीसगढ़, अपराध और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

स्पंज आयरन से भरे ट्रक की हेराफेरी: 7 लाख की ठगी में दो आरोपी गिरफ्तार, फर्जी नंबर प्लेट लगाकर छिपाई पहचान

रायपुर। राजधानी रायपुर के उरला थाना क्षेत्र में स्पंज आयरन से भरे ट्रक की हेराफेरी कर लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने महाराष्ट्र भेजे जा रहे माल को रास्ते में ही बेच दिया और ट्रक की पहचान छिपाने के लिए उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगा दी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 50 हजार रुपये नकद, फर्जी नंबर प्लेट लगा ट्रक और अन्य सामान सहित करीब 15 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया है। महाराष्ट्र भेजने के बजाय उरला में बेच दिया माल पुलिस के अनुसार, एक निजी कंपनी ने ट्रक क्रमांक CG 08 AT 3321 में करीब 35 टन 870 किलोग्राम स्पंज आयरन, जिसकी कीमत लगभग 7.07 लाख रुपये थी, महाराष्ट्र भेजने के लिए लोड किया था। लेकिन ट्रक चालक ने रास्ते में बीमारी सहित अन्य बहाने बनाकर वाहन को निर्धारित स्थान तक नहीं पहुंचाया। कुछ समय बाद चालक और वाहन मालिक दोनों से संपर्क भी टूट गया। शिकायत मिलने पर उरला थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी जांच से मिले अहम सुराग पुलिस उपायुक्त (उत्तर) दीपमाला कश्यप के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर वाहन मालिक गुमान साहू और उसके साथी मोहम्मद मुख्तार को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने चालक रहीमान साहू के साथ मिलकर स्पंज आयरन को रास्ते में ही बेच दिया था। इसके बाद ट्रक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उसकी असली पहचान छिपा दी गई। फाइनेंस की किश्त जमा करने से खुला मामला जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी चोरी में इस्तेमाल किए गए वाहन की फाइनेंस किश्त जमा कर रहे थे। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले और पूरे मामले का खुलासा हो गया। फरार चालक की तलाश जारी पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। वहीं, इस मामले में शामिल चालक रहीमान साहू सहित अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। छत्तीसगढ़ की ताजा खबरों और अपराध से जुड़ी हर अपडेट के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more
Jagannath Rath Yatra

Jagannath Rath Yatra: उज्जैन में रचा इतिहास, पहली बार जगन्नाथ-बलभद्र-सुभद्रा के लिए तैयार हुए 3 अलग-अलग रथ

उज्जैन में इस बार Jagannath Rath Yatra 2026 आस्था, परंपरा और भव्यता का अद्भुत संगम बन गई। धार्मिक नगरी में पहली बार भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की रथ यात्रा तीन अलग-अलग रथों पर निकाली गई। हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने और पूरा शहर जय जगन्नाथ के जयकारों से गूंज उठा। इस भव्य यात्रा का मुख्य आकर्षण भगवान जगन्नाथ का 35 फीट ऊंचा नंदीघोष रथ (Nandighosh Rath) रहा। आकर्षक सजावट और पारंपरिक शैली में तैयार किए गए इस विशाल रथ पर भगवान जगन्नाथ विराजमान हुए। रथ के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त सड़क किनारे मौजूद रहे और भगवान की एक झलक पाने के लिए उत्साहित नजर आए। ढाई लाख की खास पोशाक में सजे भगवान जगन्नाथ इस बार भगवान जगन्नाथ का श्रृंगार भी बेहद खास रहा। प्रभु को पहनाई गई विशेष पोशाक को जापानी धागों, मोतियों और बारीक कारीगरी से तैयार किया गया है। इस पोशाक की कीमत करीब 2.5 लाख रुपये बताई जा रही है। पोशाक में पारंपरिक डिजाइन के साथ आधुनिक कारीगरी का सुंदर मेल देखने को मिला। भगवान के इस दिव्य स्वरूप ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्तों ने इसे रथ यात्रा का सबसे आकर्षक पल बताया। Ujjain में पहली बार 3 Rath Yatra का आयोजन उज्जैन में पहली बार भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के लिए अलग-अलग रथ तैयार किए गए। इससे यात्रा का स्वरूप पहले से ज्यादा भव्य दिखाई दिया। आयोजन समिति की ओर से यात्रा को सफल बनाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। रथों की सजावट, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई स्तरों पर तैयारियां की गईं। यात्रा मार्ग पर भक्तों ने फूलों की बारिश कर भगवान का स्वागत किया। भक्ति में डूबा उज्जैन, हजारों भक्त बने साक्षी रथ यात्रा के दौरान उज्जैन का माहौल पूरी तरह धार्मिक रंग में रंग गया। ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचते नजर आए। लोगों ने भगवान से परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। उज्जैन की यह Jagannath Rath Yatra न सिर्फ धार्मिक आयोजन रही, बल्कि शहर की संस्कृति और परंपरा का भी प्रतीक बनी। तीन रथों पर निकली यह यात्रा आने वाले वर्षों में भी श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार आयोजन के रूप में याद की जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

चलती कार में लगी भीषण आग, धमाके से मची अफरा-तफरी; चालक ने कूदकर बचाई जान

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में बुधवार देर रात गोला का मंदिर थाना क्षेत्र स्थित सूर्य मंदिर रोड पर एक चलती कार में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ देर बाद कार में जोरदार धमाका होने से आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना के चलते कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। चालक ने समय रहते कूदकर बचाई जान प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार से धुआं उठता देख चालक ने तुरंत वाहन सड़क किनारे रोक दिया और बाहर निकल गया। चालक के सुरक्षित बाहर आने के कुछ ही क्षण बाद आग ने पूरी कार को अपनी गिरफ्त में ले लिया और वाहन धू-धूकर जलने लगा। चालक की सतर्कता के कारण बड़ा हादसा टल गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड घटना की सूचना मिलते ही गोला का मंदिर थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका पुलिस की प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या वाहन में तकनीकी खराबी माना जा रहा है। हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। जली हुई कार का पंजीयन नंबर MP-07-TH-1239 है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह वाहन ऋषभ राजपूत के नाम पर पंजीकृत बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कार आग की लपटों में घिरी हुई दिखाई दे रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। deshharpal.comमध्य प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:
Read more

भोपाल के 45 से अधिक इलाकों में आज बिजली कटौती, 1 से 6 घंटे तक प्रभावित रहेगी सप्लाई

भोपाल। राजधानी भोपाल के 45 से अधिक इलाकों में गुरुवार को बिजली कंपनी के निर्धारित मेंटेनेंस कार्य के चलते 1 से 6 घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने आवश्यक बिजली संबंधी कार्य पहले ही पूरे कर लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके। कटौती से दानिशकुंज, बावड़ियाकलां, सर्वधर्म, चार इमली, नरेला शंकरी, फाइन कैंपस, भवानी धाम समेत कई प्रमुख इलाके प्रभावित होंगे। किस समय किन क्षेत्रों में रहेगी बिजली बंद? सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से 11:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक बिजली कंपनी की अपील बिजली कंपनी ने बताया कि यह कटौती रखरखाव (मेंटेनेंस) कार्य के कारण की जा रही है। उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि निर्धारित समय के अनुसार अपने जरूरी कार्य पहले ही पूरा कर लें। मौसम या तकनीकी कारणों से बिजली कटौती के समय में बदलाव भी संभव है। भोपाल, मध्य प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

इंदौर में CM मोहन यादव का बड़ा बयान: ‘एक देश में सभी के लिए एक समान कानून होना चाहिए’, UCC लागू करने के संकेत

इंदौर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को इंदौर में 300 बिस्तरीय नए जिला चिकित्सालय के लोकार्पण समारोह के दौरान समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “अगर रामचंद्र एक शादी करता है तो रहीम से भी एक ही शादी की अपेक्षा की जा सकती है। मुस्लिम बहनें भी हमारी बहन हैं। उनके जीवन में भी कठिनाइयां आती हैं। एक देश में अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए।” उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था होना समय की आवश्यकता है और सरकार इस दिशा में चरणबद्ध तरीके से काम कर रही है। UCC लागू करने की तैयारी का दावा मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने “एक देश, एक निशान, एक प्रधान और एक विधान” का विचार दिया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाकर उस संकल्प को आगे बढ़ाया और अब मध्य प्रदेश भी उसी भावना के साथ समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस विषय पर सीधे कानून लाने के बजाय सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित की। समिति ने प्रदेश के 55 जिलों और 10 संभागों में जाकर लोगों से सुझाव लिए हैं। इन सुझावों के आधार पर सरकार अब विधेयक तैयार करने की प्रक्रिया में है। 83 करोड़ रुपये की लागत से बने नए जिला अस्पताल का लोकार्पण मुख्यमंत्री ने इंदौर में 300 बिस्तरीय नए जिला चिकित्सालय का लोकार्पण भी किया। करीब 83.16 करोड़ रुपये की लागत से बने इस चार मंजिला अस्पताल से पश्चिमी इंदौर के लाखों लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पहले चरण में अस्पताल की केवल 34 बेड वाली प्रसूति (मैटरनिटी) विंग शुरू की गई है। मेडिसिन, जनरल सर्जरी, हड्डी रोग और अन्य प्रमुख विभागों की सेवाएं बाद में शुरू की जाएंगी। 38 साल बाद मिला नया जिला अस्पताल धार रोड स्थित पुराना जिला अस्पताल वर्ष 1988 से एक जर्जर भवन में संचालित हो रहा था। नए अस्पताल की मांग लंबे समय से की जा रही थी। 18 करोड़ से बढ़कर 83 करोड़ पहुंची लागत अस्पताल निर्माण की शुरुआती अनुमानित लागत 18 करोड़ रुपये थी, लेकिन समय के साथ संशोधित स्वीकृतियों और अतिरिक्त कार्यों के कारण परियोजना की लागत बढ़कर 83.16 करोड़ रुपये हो गई। इसके बावजूद अस्पताल अपनी पूरी क्षमता के साथ अभी शुरू नहीं हो सका है। 166 अधिकारी-कर्मचारियों की तैनाती अस्पताल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 166 अधिकारी और कर्मचारियों की नियुक्ति की है। इनमें विशेषज्ञ चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी, फार्मासिस्ट, रेडियोग्राफर और लैब तकनीशियन शामिल हैं। स्वास्थ्य आयुक्त द्वारा तैयारियों की समीक्षा भी की जा चुकी है, लेकिन प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी नहीं होने के कारण अस्पताल को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मचारियों को कार्यक्रम में बुलाने के निर्देश सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने इमरजेंसी स्टाफ को छोड़कर जिले के सभी जोनल स्वास्थ्य कर्मचारियों, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में शामिल होने के निर्देश दिए। इसे लेकर अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की नियमित सेवाएं प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई। पश्चिमी इंदौर को मिलेगी शुरुआती राहत अस्पताल शुरू होने से चंदन नगर, नूरानी नगर, द्वारकापुरी, सिरपुर, राजेंद्र नगर सहित पश्चिमी इंदौर और आसपास के कई गांवों की गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। हालांकि, अन्य विभाग शुरू होने तक गंभीर मरीजों को अभी भी एमवाय अस्पताल पर निर्भर रहना होगा। बलराम कृषि महोत्सव का भी शुभारंभ मुख्यमंत्री ने इसी अवसर पर राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कृषि, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की बात कही। इस दौरान किसानों के लिए कई घोषणाएं भी की गईं, जिनमें प्रमुख हैं— मुख्यमंत्री ने कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और आधुनिक खेती, प्राकृतिक कृषि, ड्रोन तकनीक, डेयरी, मत्स्य पालन और कृषि प्रसंस्करण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी ली। चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड को मिली मंजूरी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चंदन नगर से एयरपोर्ट तक सड़क निर्माण परियोजना को भी मंजूरी देने की घोषणा की। लंबे समय से लंबित इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र की यातायात समस्या कम होने की उम्मीद है। नोट: समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर मुख्यमंत्री ने सरकार की मंशा और तैयारियों की जानकारी दी है। कानून लागू करने की प्रक्रिया विधायी और संवैधानिक प्रक्रियाओं के अनुरूप आगे बढ़ेगी। मध्य प्रदेश और देश की राजनीति, विकास एवं ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

नकटी बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस की 14 किमी पदयात्रा, राज्यपाल से मुलाकात नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

रायपुर। राजधानी रायपुर के नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में कांग्रेस ने बुधवार को राजभवन तक लगभग 14 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली। पदयात्रा वीआईपी चौक होते हुए लोकभवन तक पहुंची, लेकिन कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की राज्यपाल से मुलाकात नहीं हो सकी। कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल से मिलने के लिए समय मांगा है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर मुलाकात का समय नहीं मिलता, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। रास्ते में सड़क पर बैठकर किया भोजन पदयात्रा के दौरान कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और नकटी गांव के प्रभावित परिवारों ने सड़क पर बैठकर सामूहिक भोजन किया। पार्टी ने इसे प्रभावित लोगों के समर्थन और एकजुटता का प्रतीक बताया। मेक इन इंडिया चौक पर पुलिस से धक्का-मुक्की पदयात्रा जब मेक इन इंडिया चौक के पास पहुंची, तब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जबकि पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ महिलाओं ने पुलिस पर मारपीट का आरोप भी लगाया। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। गांव में ही पुनर्वास की मांग प्रदर्शन के दौरान प्रभावित परिवारों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “नकटी में ही घर बनाओ” के नारे लगाए। उनका कहना था कि जिन परिवारों के मकानों पर कार्रवाई हुई है, उनका पुनर्वास उसी गांव में किया जाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रभावित लोगों के साथ न्याय नहीं हुआ है और सरकार को पुनर्वास की स्पष्ट व्यवस्था करनी चाहिए। नोट: कांग्रेस ने बुलडोजर कार्रवाई का विरोध करते हुए राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने की कोशिश की। पार्टी ने कहा है कि यदि जल्द मुलाकात नहीं होती, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ की राजनीति और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

भोपाल में कांग्रेस का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान: जीतू पटवारी ने पेपर लीक और भर्ती घोटालों पर सरकार को घेरा

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में पार्टी नेताओं ने पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और विधायक आरिफ मसूद सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इंदौर से शुरू हुई कांग्रेस की साइक्लोथॉन का समापन भोपाल में सभा के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। जीतू पटवारी ने पेपर लीक को लेकर सरकार पर साधा निशाना पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में 90 बार पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में व्यापम घोटाले से लेकर लोक सेवा आयोग (PSC) की परीक्षाओं तक कई विवाद सामने आए और ऐसा कोई बड़ा परीक्षा आयोजन नहीं हुआ जो पूरी तरह विवादों से मुक्त रहा हो। पटवारी ने दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा किए गए अध्ययन में यह सामने आया कि पेपर लीक मामलों के पीछे भाजपा से जुड़े लोगों की भूमिका रही है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं के बावजूद उन्होंने अब तक जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है। आरिफ मसूद का RSS पर हमला कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर कई छात्रों ने अपने भविष्य के लिए संघर्ष किया और कुछ ने अपनी जान भी गंवाई। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. भीमराव आंबेडकर की शिक्षा और विचारधारा से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को शुरू से ही असहजता रही है। हरीश चौधरी बोले- शिक्षा संस्थाओं पर दबाव कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद हुए हैं और राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि CBSE, NEET और अन्य शैक्षणिक संस्थानों की कार्यप्रणाली पर राजनीतिक प्रभाव पड़ा है। साथ ही उन्होंने परीक्षा प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं का भी आरोप लगाया। उमंग सिंघार ने युवाओं से किया बदलाव का आह्वान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि किसी भी देश में परिवर्तन लाने में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की। सिंघार ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार नियमित सरकारी भर्तियों के बजाय आउटसोर्सिंग को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मध्य प्रदेश में सरकारी भर्तियों का वार्षिक कैलेंडर जारी करने की मांग उठाएगी। साइक्लोथॉन के समापन पर ट्रैफिक जाम इंदौर से भोपाल पहुंची लगभग 200 किलोमीटर लंबी साइक्लोथॉन के समापन पर हमीदिया अस्पताल के सामने सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम के दौरान रॉयल मार्केट रोड पर यातायात प्रभावित रहा और बैरिकेडिंग के कारण कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बनी। इस दौरान एक एम्बुलेंस भी ट्रैफिक में फंस गई, जबकि दूसरी एम्बुलेंस को अस्पताल परिसर में प्रवेश के लिए कुछ समय तक इंतजार करना पड़ा। बाद में पुलिस ने रास्ता खुलवाकर एम्बुलेंस को अस्पताल तक पहुंचाया। नमाज के दौरान पटवारी ने रोका भाषण सभा के दौरान पास की मस्जिद में नमाज अदा की जा रही थी। नमाज की आवाज सुनकर जीतू पटवारी ने कुछ देर के लिए अपना संबोधन रोक दिया। नमाज समाप्त होने के बाद उन्होंने फिर से भाषण शुरू किया। इसके बाद पटवारी ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि कार्यक्रम की अनुमति अस्पताल के समीप जानबूझकर दी गई, जबकि पहले ऐसे आयोजन अन्य स्थानों पर कराए जाते रहे हैं। कार्यक्रम में कमलनाथ और दिग्विजय सिंह नहीं पहुंचे सभा में उमंग सिंघार, हरीश चौधरी, आरिफ मसूद सहित कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने नारेबाजी की। हालांकि, मीडिया द्वारा जब कुछ प्रतिभागियों से नीट परीक्षा और साइक्लोथॉन के उद्देश्य को लेकर सवाल पूछे गए, तो कई प्रतिभागी स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इस दौरान विधायक आरिफ मसूद कार्यकर्ताओं से शांत और व्यवस्थित रहने की अपील करते भी नजर आए। नोट: कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर कई आरोप लगाए। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मध्य प्रदेश और देश की राजनीति से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more

खंडवा में 8.43 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन, मंच पर महापौर के स्वागत को लेकर दिखी भाजपा की गुटबाजी

खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा शहर में बुधवार को 8 करोड़ 43 लाख रुपये की लागत से होने वाले विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। ये सभी कार्य विधायक के लिए आरक्षित विशेष मुख्यमंत्री अधोसंरचना मद से स्वीकृत किए गए हैं। इनमें रामेश्वर कुंड और पदमकुंड के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण सहित कुल 11 विकास परियोजनाएं शामिल हैं। हालांकि, कार्यक्रम विकास कार्यों से अधिक मंच पर हुई राजनीतिक हलचल को लेकर चर्चा में रहा। नगर निगम के मंच पर शुरुआत में महापौर अमृता यादव का स्वागत नहीं किए जाने पर एमआईसी सदस्य ने विरोध जताया, जिसके बाद उन्हें बुके देकर सम्मानित किया गया। विकास कार्यों के श्रेय को लेकर अलग-अलग दावे कार्यक्रम के दौरान महापौर अमृता यादव ने विकास कार्यों का श्रेय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को दिया। वहीं, विधायक कंचन तनवे ने कहा कि 8.43 करोड़ रुपये के इन कार्यों को उनकी विशेष निधि से स्वीकृति दिलाई गई, जिसे मुख्यमंत्री ने मंजूरी प्रदान की। इस दौरान मंच पर जिले के प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, कैबिनेट मंत्री विजय शाह सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम में भाजपा के भीतर गुटबाजी की चर्चा भी देखने को मिली। इन विकास कार्यों का हुआ भूमिपूजन भूमिपूजन किए गए प्रमुख कार्यों में शामिल हैं— सांसद समर्थक पार्षद के वार्ड में हुआ आयोजन जिस रामेश्वर वार्ड में कार्यक्रम आयोजित किया गया, वहां भाजपा पार्षद काजल यादव निर्वाचित हैं। उनके प्रतिनिधि प्रदीप यादव भाजपा मंडल अध्यक्ष होने के साथ-साथ सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के समर्थक माने जाते हैं। कार्यक्रम के दौरान सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने मुकेश तनवे की सराहना करते हुए उन्हें “सुपर विधायक” बताया। महापौर के स्वागत को लेकर बना चर्चा का विषय कार्यक्रम के दौरान जब मंच पर महापौर अमृता यादव का स्वागत नहीं किया गया, तो एमआईसी सदस्य वरुण बावरे ने इसका विरोध जताया। इसके बाद भाजपा पार्षद डिंपल चौरसिया ने महापौर का बुके देकर स्वागत किया। यह घटनाक्रम पूरे कार्यक्रम में चर्चा का विषय बना रहा। मध्य प्रदेश और देश की ताजा राजनीतिक एवं विकास संबंधी खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
Read more
1 3 4 5 6 7 116

Editor's Picks

CJP

CJP Protest Update: सरकार से बातचीत खत्म, Protesters ने सौंपा 5 पैराग्राफ का Demand Letter

सरकार और CJP (Citizen Justice Party) नेताओं के बीच चल रही बातचीत का दौर अब खत्म हो गया है। बैठक के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने 5 पैराग्राफ का लिखित Demand Letter सौंपा। इस पत्र में प्रदर्शन से जुड़े प्रमुख मुद्दों और उनकी अपेक्षाओं को विस्तार से रखा गया है। बैठक के दौरान CJP नेताओं और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच लंबे समय तक चर्चा हुई। प्रदर्शनकारियों ने अपनी समस्याओं को सामने रखते हुए कहा कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए और जल्द समाधान की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए। CJP Leaders Meeting में रखी गईं प्रमुख मांगें CJP नेताओं ने बातचीत के दौरान अपनी मांगों को स्पष्ट रूप से सरकार के सामने रखा। प्रदर्शनकारियों की ओर से दिए गए लिखित पत्र में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है। उनका कहना है कि इन मुद्दों पर जल्द निर्णय लेने से लोगों की चिंताओं को दूर किया जा सकता है। प्रदर्शनकारी लगातार अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं और उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। नेताओं ने उम्मीद जताई कि बातचीत के जरिए सकारात्मक समाधान निकलेगा। Government Talks के बाद आगे क्या? बैठक खत्म होने के बाद अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर है। हालांकि, अभी तक किसी अंतिम फैसले या आधिकारिक घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है। सरकार की प्रतिक्रिया के बाद ही आगे की स्थिति साफ हो पाएगी। दोनों पक्षों के बीच हुई यह बातचीत मामले को सुलझाने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे सरकार के जवाब का इंतजार करेंगे और इसके बाद अपनी आगे की रणनीति तय करेंगे। Protesters की नजर अब सरकार के फैसले पर CJP नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने बातचीत के रास्ते से समाधान निकालने पर जोर दिया है। वहीं, सरकार की ओर से भी सभी पहलुओं पर विचार करने की बात कही गई है। अब आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार इन मांगों पर क्या कदम उठाती है और क्या बातचीत के जरिए इस पूरे मामले का समाधान निकल पाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
ChatGPT

ChatGPT New Feature: मेडिकल रिपोर्ट समझना हुआ आसान, AI देगा Health Report की पूरी जानकारी

आज के डिजिटल दौर में टेक्नोलॉजी हमारी जिंदगी को लगातार आसान बना रही है। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हेल्थ सेक्टर में भी बड़ा बदलाव ला रहा है। ChatGPT का नया हेल्थ फीचर लोगों को अपनी मेडिकल रिपोर्ट समझने में मदद कर सकता है। इससे मरीज डॉक्टर के पास जाने से पहले अपनी रिपोर्ट से जुड़ी बेसिक जानकारी हासिल कर सकेंगे। कई बार मेडिकल रिपोर्ट में लिखे शब्द और आंकड़े आम लोगों के लिए समझना मुश्किल होते हैं। ब्लड टेस्ट, MRI, CT Scan, एक्स-रे या दूसरी जांच रिपोर्ट में मौजूद मेडिकल टर्म्स को समझने के लिए लोगों को अक्सर डॉक्टर या विशेषज्ञ की मदद लेनी पड़ती है। अब AI की मदद से इन रिपोर्ट्स को आसान भाषा में समझने का विकल्प मिल सकता है। ChatGPT कैसे करेगा Medical Report Analysis? ChatGPT जैसे AI टूल मेडिकल डॉक्यूमेंट्स को पढ़कर उसमें मौजूद जानकारी को सरल भाषा में समझाने में सहायता कर सकते हैं। यूजर अपनी रिपोर्ट को अपलोड कर उससे जुड़े सवाल पूछ सकते हैं और रिपोर्ट में दिए गए अलग-अलग पैरामीटर का सामान्य मतलब जान सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, कोई व्यक्ति अपनी टेस्ट रिपोर्ट में मौजूद किसी वैल्यू का अर्थ समझना चाहता है तो AI उसे आसान शब्दों में समझा सकता है। इससे मरीजों को अपनी हेल्थ कंडीशन के बारे में शुरुआती जानकारी मिल सकती है। डॉक्टर की जगह नहीं लेगा AI AI हेल्थ टेक्नोलॉजी भले ही तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन यह डॉक्टर का विकल्प नहीं है। ChatGPT केवल जानकारी समझने और रिपोर्ट की व्याख्या करने में मदद कर सकता है। बीमारी की सही पहचान, दवा लेने या इलाज से जुड़े किसी भी फैसले के लिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी रहेगा। खासकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में विशेषज्ञ की राय सबसे महत्वपूर्ण होती है। Health Technology में नई क्रांति पिछले कुछ सालों में AI का इस्तेमाल हेल्थकेयर इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ा है। मेडिकल रिसर्च, बीमारी की पहचान, हेल्थ रिकॉर्ड मैनेजमेंट और मरीजों की देखभाल जैसे क्षेत्रों में AI नई संभावनाएं पैदा कर रहा है। ChatGPT का मेडिकल रिपोर्ट समझाने वाला फीचर भी इसी बदलाव का हिस्सा माना जा रहा है। इससे लोगों को अपनी सेहत से जुड़ी जानकारी को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल सकती है। आम लोगों को क्या फायदा मिलेगा? AI इस्तेमाल करते समय रखें ध्यान मेडिकल जानकारी के मामले में सावधानी रखना बेहद जरूरी है। AI द्वारा दी गई जानकारी को अंतिम मेडिकल सलाह नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से संपर्क करना सबसे सुरक्षित तरीका है। आने वाले समय में AI और हेल्थ टेक्नोलॉजी मिलकर मेडिकल सुविधाओं को और आसान बना सकती हैं। हालांकि, बेहतर इलाज के लिए टेक्नोलॉजी के साथ डॉक्टरों की विशेषज्ञता भी उतनी ही जरूरी रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
DMRC

Metro Service नई दिल्ली Metro Station अस्थायी रूप से बंद, सफर से पहले जान लें DMRC का अपडेट

राजधानी दिल्ली में मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। सुरक्षा कारणों के चलते नई दिल्ली Metro Station को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने जानकारी दी है कि स्टेशन पर फिलहाल Entry, Exit और Interchange की सुविधा उपलब्ध नहीं रहेगी। नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन दिल्ली के सबसे महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशनों में से एक है। यहां रोजाना हजारों यात्री सफर करते हैं और यह स्टेशन Yellow Line और Airport Express Line को जोड़ने वाला प्रमुख इंटरचेंज पॉइंट है। स्टेशन बंद होने से रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और सेंट्रल दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। DMRC ने क्यों बंद किया New Delhi Metro Station? DMRC ने सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। राजधानी में बढ़ी सुरक्षा गतिविधियों और संवेदनशील इलाकों में निगरानी को देखते हुए कुछ मेट्रो स्टेशनों पर अस्थायी पाबंदियां लगाई गई हैं। मेट्रो प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे सफर शुरू करने से पहले अपने रूट की जानकारी जरूर ले लें। DMRC समय-समय पर स्थिति की समीक्षा कर रहा है और हालात सामान्य होने पर सेवाओं में बदलाव किया जा सकता है। Interchange सुविधा बंद होने से यात्रियों को दिक्कत नई दिल्ली Metro Station बंद होने का सबसे ज्यादा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा, जो यहां से लाइन बदलकर आगे का सफर करते हैं। खासकर: इन यात्रियों को अब वैकल्पिक रूट का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। यात्रियों के लिए DMRC की सलाह DMRC ने यात्रियों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। मेट्रो सेवाओं से जुड़ी किसी भी अपडेट के लिए DMRC के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर नजर बनाए रखें। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके। Delhi Metro Latest Update: यात्रियों को रखना होगा ध्यान नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन दिल्ली के सबसे व्यस्त ट्रांजिट पॉइंट्स में शामिल है। ऐसे में स्टेशन बंद होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। हालांकि DMRC स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए आगे का फैसला लिया जाएगा।
Monsoon Session

Parliament Monsoon Session: पेपर लीक मुद्दे पर संसद में हंगामा, Rajya Sabha में Vande Mataram Bill पेश

संसद (Parliament) के मानसून सत्र (Monsoon Session) में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सियासी गर्मी बढ़ गई है। गुरुवार को भी संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर जमकर हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने पेपर लीक मामलों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए और छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर विषय पर चर्चा की मांग की। विपक्षी सांसदों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों से लाखों युवाओं की मेहनत प्रभावित होती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। Paper Leak Issue पर संसद में विपक्ष का प्रदर्शन पेपर लीक का मुद्दा संसद में एक बार फिर प्रमुखता से उठा। विपक्ष ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से छात्रों का भरोसा कमजोर हो रहा है। सांसदों ने मांग की कि सरकार इस विषय पर सदन में विस्तृत चर्चा करे और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए कदम उठाए। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार प्रभावित हुई। हालांकि सरकार की ओर से भी विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया गया और परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की बात कही गई। Rajya Sabha में Vande Mataram Bill पेश पेपर लीक विवाद के बीच राज्यसभा में Vande Mataram Bill पेश किया गया। इस बिल को लेकर संसद में नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। सरकार का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय गीत के सम्मान और उससे जुड़े नियमों को मजबूत करने के उद्देश्य से लाया गया है। बिल पेश होने के बाद सत्ता पक्ष ने इसे राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया, जबकि विपक्ष ने इसके प्रावधानों पर चर्चा की जरूरत बताई। संसद में आगे भी जारी रह सकता है टकराव मानसून सत्र में पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, युवाओं से जुड़े मुद्दे और नए विधेयकों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बहस तेज होती नजर आ रही है। आने वाले दिनों में भी संसद की कार्यवाही हंगामेदार रहने के संकेत हैं। देशभर के छात्रों और अभ्यर्थियों की नजर अब सरकार के अगले कदमों पर है। परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाना इस समय सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
NEET

NEET Exam Controversy: डॉ. मनोज शिरूरे को नहीं मिली राहत, Court ने खारिज की जमानत अर्जी

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG Paper Leak Case में आरोपी डॉक्टर मनोज शिरूरे को बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनकी Bail Plea (जमानत याचिका) को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया। इस फैसले के बाद डॉ. मनोज शिरूरे को अभी न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा। Court ने क्यों नहीं दी जमानत? डॉ. मनोज शिरूरे की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान CBI (Central Bureau of Investigation) ने इसका विरोध किया। जांच एजेंसी ने कोर्ट में कहा कि NEET पेपर लीक मामला केवल एक परीक्षा में गड़बड़ी का नहीं है, बल्कि यह लाखों छात्रों के भविष्य और देश की परीक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। CBI का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल बाकी है। एजेंसी ने कोर्ट से कहा कि आरोपी को राहत मिलने से जांच प्रभावित हो सकती है। NEET Paper Leak Case में आरोपी डॉक्टर पर गंभीर आरोप जांच एजेंसी के अनुसार, डॉ. मनोज शिरूरे पर कथित तौर पर पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप हैं। CBI इस मामले में आरोपियों के बीच संपर्क, संदिग्ध लेन-देन और अन्य सबूतों की जांच कर रही है। एजेंसी का दावा है कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में पेपर लीक होना बेहद गंभीर अपराध है, क्योंकि इससे लाखों मेहनती छात्रों के सपनों पर असर पड़ता है। CBI कर रही बड़े नेटवर्क की जांच NEET Paper Leak Case की जांच में CBI कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है। जांच एजेंसी का फोकस इस बात का पता लगाना है कि पेपर लीक की पूरी साजिश में कौन-कौन लोग शामिल थे और इसका नेटवर्क कितना बड़ा था। CBI डिजिटल सबूत, बातचीत के रिकॉर्ड और पैसों के लेन-देन से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। एजेंसी का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर मामले में और खुलासे हो सकते हैं। छात्रों के भविष्य से जुड़ा है मामला NEET UG परीक्षा हर साल लाखों छात्रों के लिए मेडिकल करियर का रास्ता तय करती है। ऐसे में पेपर लीक जैसे मामले छात्रों के भरोसे और परीक्षा की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करते हैं। कई छात्रों और अभिभावकों की मांग रही है कि परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। अब आगे क्या होगा? कोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद डॉ. मनोज शिरूरे को फिलहाल राहत नहीं मिली है। वहीं CBI अपनी जांच जारी रखेगी। आने वाले दिनों में जांच एजेंसी की कार्रवाई और कोर्ट की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें रहेंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.