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सागर में दिल्ली नंबर कार से अवैध शराब बरामद: हादसे के बाद खुला राज, एक गिरफ्तार, 3 फरार

मध्यप्रदेश के सागर जिले में गढ़ाकोटा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली नंबर की कार से अवैध शराब बरामद की है। खास बात यह है कि यह पूरा मामला एक सड़क हादसे के बाद सामने आया। पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात सूचना मिली थी कि चनौआ खुर्द के पास बरखेड़ा गौतम मार्ग पर एक क्षतिग्रस्त कार सड़क किनारे खड़ी है और उसका चालक अंदर फंसा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। तलाशी में मिली 9 पेटी देशी शराब जब पुलिस ने कार की तलाशी ली, तो अंदर से 9 पेटी देशी शराब बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कार और शराब को जब्त कर लिया। पकड़े गए चालक ने अपना नाम जोगेंद्र पिता वीरसिंह राजपूत बताया है। हादसे ने खोल दी तस्करी की पोल पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने तीन साथियों के साथ सागर से गढ़ाकोटा की ओर शराब लेकर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे पूरी साजिश सामने आ गई। एक गिरफ्तार, 3 आरोपी फरार गढ़ाकोटा थाना प्रभारी शुभम दुबे ने बताया कि आरोपी जोगेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, उसके तीन साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। 👉 ऐसी ही ताजा और सटीक खबरों के लिए विजिट करें www.deshharpal.com
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जबलपुर में नौकरानी से मारपीट और ठगी: नशा देकर 6.30 लाख निकाले, CCTV में कैद हुई क्रूरता

मध्यप्रदेश के जबलपुर से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नौकरानी के साथ न सिर्फ बेरहमी से मारपीट की गई, बल्कि साजिश रचकर उसके बैंक खाते से लाखों रुपये भी निकाल लिए गए। घटना आधारताल थाना क्षेत्र की है। पीड़िता पूनम बर्मन ने एएसपी सूर्यकांत शर्मा को शिकायत के साथ CCTV फुटेज भी सौंपे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मालकिन अंजू पांडे उसे थप्पड़ मार रही है और बाल पकड़कर जमीन पर घसीट रही है। नशा देकर चेक पर साइन करवाए, खाते से निकाले पैसे जानकारी के मुताबिक पूनम, अंजू पांडे के घर काम करती थी। आरोप है कि उसे नशे की गोलियां खिलाकर जबरन चेक पर साइन करवाए गए। इसके बाद उसे कार में बैठाकर बैंक ले जाया गया और खाते से पैसे निकलवा लिए गए। जब पूनम को होश आया और उसने विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई। खाते में थे 6.30 लाख रुपए, सब निकाल लिए पीड़िता की बहन हीरा बाई ने बताया कि पूनम के बैंक खाते में करीब 6 लाख 30 हजार रुपए थे, जिन्हें आरोपी ने निकलवा लिया। इतना ही नहीं, उसकी पूरी कमाई और बैंक से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी अपने पास रख लिए गए। “पैसे देने से मना किया तो पीटा” पूनम ने बताया कि वह कई महीनों से काम कर रही थी। अचानक उसकी मालकिन ने पैसों की मांग शुरू कर दी। जब उसने मना किया, तो उसके साथ मारपीट की गई और पूरी साजिश के तहत उसके खाते से पैसे निकलवा लिए गए। पुलिस को सौंपी शिकायत, जांच जारी बुधवार को पूनम अपनी बहनों के साथ एसपी कार्यालय पहुंची और पूरे मामले की शिकायत की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि CCTV फुटेज और शिकायत के आधार पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। शिवपुरी में भी शर्मनाक घटना इसी तरह का एक और मामला शिवपुरी से सामने आया है, जहां एक बस कंडक्टर ने महिला यात्री को सड़क पर फेंक दिया। महिला का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने ज्यादा किराया देने से इनकार किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कंडक्टर ने महिला के साथ मारपीट की और गालियां दीं। इस दौरान पास खड़ा उसका मासूम बच्चा अपनी मां को छोड़ने की गुहार लगाता रहा, लेकिन कंडक्टर का दिल नहीं पसीजा। 👉 ऐसी ही सच्ची और जमीनी खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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पहलगाम हमले को 1 साल: इंदौर के नथानियल परिवार का दर्द आज भी जिंदा, ‘जन्नत’ की यात्रा बनी जिंदगी का सबसे बड़ा घाव

22 अप्रैल 2025… यह वो तारीख है, जिसे इंदौर का नथानियल परिवार शायद कभी नहीं भूल पाएगा। कश्मीर की खूबसूरत वादियों में सुकून तलाशने निकले इस परिवार की जिंदगी उसी दिन बिखर गई थी। पहलगाम में हुए आतंकी हमले को आज एक साल पूरा हो गया है, लेकिन उस दिन की चीखें आज भी इस परिवार के दिलों में गूंजती हैं। घाटी में बहा खून वक्त के साथ भले ही मिट गया हो, लेकिन इंदौर के सुशील नथानियल के घर में आज भी उस दर्द की गूंज सुनाई देती है। यह हमला सिर्फ एक घटना नहीं था, बल्कि एक बेटे के सपनों और एक पत्नी की पूरी दुनिया को खत्म कर देने वाला हादसा था। “अगर मैंने घुड़सवारी की जिद न की होती…” सुशील के बेटे ऑस्टिन आज भी उस दिन को याद कर कांप उठते हैं। वे बताते हैं,“पापा का सपना था कि वे इंदौर आकर मुझे विदेश पढ़ने भेजेंगे। सब कुछ तय था… लेकिन उस दिन अगर मैंने घुड़सवारी की जिद न की होती, तो शायद मैं पापा के साथ होता… और शायद कहानी कुछ और होती।” ऑस्टिन की आंखों में आज भी उस दिन की तस्वीरें किसी डरावने सपने की तरह घूमती हैं। दूसरों की जान बचाते हुए खुद शहीद हो गए परिवार और चश्मदीदों के मुताबिक, जब हमला हुआ तो सुशील खुद बचने के बजाय वहां फंसे लोगों को निकालने में जुट गए। यही उनका स्वभाव था—दूसरों की मदद करना। ऑस्टिन बताते हैं कि पापा उन्हें फोन करने वाले थे, लेकिन पास खड़े एक व्यक्ति ने मना किया कि फोन की आवाज आतंकियों को आकर्षित कर सकती है।सुशील ने कई लोगों को सुरक्षित निकाल दिया, लेकिन जब उनकी बारी आई, तो आतंकियों की गोली ने उनके सपनों को खत्म कर दिया। एक साल बाद भी नहीं भरे जख्म सुशील की पत्नी जेनिफर आज भी उस सदमे से बाहर नहीं आ पाई हैं। उनकी आंखों के आंसू अब तक नहीं सूखे हैं।घर का माहौल आज भी खामोश है, और हर छोटी आवाज उन्हें उस दिन की गोलियों की याद दिला देती है। अब बेटे ऑस्टिन के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी अपने करियर से ज्यादा अपनी मां को संभालने की है। अधूरे रह गए सपने परिवार के मुताबिक, सुशील हमेशा कहते थे कि इंदौर में सुकून से रहेंगे और बेटे को अच्छी पढ़ाई दिलाएंगे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।जिस कश्मीर को वे सुकून की तलाश में गए थे, वहीं से उनकी लाश वापस लौटी। आज एक साल बाद भी यह परिवार सिर्फ इंसाफ का इंतजार कर रहा है। परिवार के बारे में ऐसे बना था कश्मीर ट्रिप का प्लान ऑस्टिन ने बताया कि पहले कहीं और जाने का प्लान था, लेकिन पापा के काम के चलते तारीखें नहीं मिल पा रही थीं।फिर तय हुआ कि ईस्टर सूरत में मनाया जाएगा और वहीं से घूमने जाएंगे। इंदौर से सूरत पहुंचकर परिवार ने दो दिन साथ बिताए और फिर कश्मीर जाने का प्लान बना।सूरत से वे चंडीगढ़ पहुंचे, शॉपिंग की और फिर कश्मीर के लिए रवाना हुए। पूरा परिवार इस ट्रिप को लेकर बेहद उत्साहित था।ऑस्टिन ने इस यात्रा के हर पल को फोटो और वीडियो में कैद किया था—लेकिन उन्हें क्या पता था कि ये यादें जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द बन जाएंगी। 👉 देश-विदेश की ऐसी ही संवेदनशील और सच्ची खबरों के लिए विजिट करें: deshharpal.com
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MP में BJP विधायक बनाम IPS विवाद: प्रीतम लोधी के बयान पर बवाल, IPS एसोसिएशन ने की कार्रवाई की मांग

मध्यप्रदेश में बीजेपी विधायक Pritam Singh Lodhi के एक बयान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने करैरा के एसडीओपी Ayush Jakhad पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसके बाद Madhya Pradesh IPS Association ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। ‘भाषा अमर्यादित और निंदनीय’ आईपीएस एसोसिएशन ने प्रेस नोट जारी कर विधायक की भाषा को अमर्यादित और निंदनीय बताया। संगठन का कहना है कि किसी जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह की टिप्पणी न केवल अनुचित है, बल्कि इससे प्रशासनिक व्यवस्था और अधिकारियों के मनोबल पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। अध्यक्ष ने जताई नाराजगी एसोसिएशन के अध्यक्ष Chanchal Shekhar ने कहा कि वायरल वीडियो में जिस तरह की अभद्र और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया गया है, वह सार्वजनिक जीवन की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने इसे बेहद गंभीर मामला बताया। अधिकारी और परिवार पर टिप्पणी एसोसिएशन के अनुसार, वीडियो में नए नियुक्त पुलिस अधिकारी और उनके परिवार के प्रति भी अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। इसे जनप्रतिनिधि के पद की मर्यादा के विपरीत बताते हुए संगठन ने कहा कि ऐसे व्यवहार से पूरे प्रशासनिक तंत्र पर असर पड़ता है। ‘धमकीपूर्ण व्यवहार स्वीकार्य नहीं’ एसोसिएशन ने साफ कहा कि जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपनी भाषा और आचरण में संयम रखें। इस तरह की धमकीपूर्ण भाषा किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार नहीं की जा सकती। कार्रवाई की मांग Madhya Pradesh IPS Association ने विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही यह भी कहा कि यह घटना ऐसे दिन सामने आई है, जब Civil Services Day मनाया जा रहा है, जो और भी दुर्भाग्यपूर्ण है। 👉 अधिक खबरों और अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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बिलासपुर में अनोखा विरोध:फाइलके लिए सालभर चक्कर काटने पर युवक बादाम लेकर पहुंचा ऑफिस, 2 अफसर अटैच

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सरकारी लापरवाही के खिलाफ एक अनोखा विरोध सामने आया है। फ्लैट नामांतरण की फाइल एक साल तक पेंडिंग रहने से नाराज युवक बादाम लेकर ऑफिस पहुंच गया। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए 2 अधिकारियों को मुख्यालय अटैच कर दिया है। एक साल तक फाइल रही पेंडिंग जानकारी के मुताबिक, तरुण साहू ने 17 मार्च 2025 को फ्लैट नाम ट्रांसफर के लिए आवेदन किया था। 11 नवंबर 2025 को प्रक्रिया पूरी होने के बाद पत्र भी जारी कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद फाइल उन्हें नहीं दी गई।इस दौरान युवक को करीब एक साल तक बार-बार ऑफिस के चक्कर लगाने पड़े। बादाम देकर जताया विरोध फाइल नहीं मिलने से परेशान युवक शुक्रवार को हाउसिंग बोर्ड ऑफिस आधा किलो बादाम लेकर पहुंचा। उसने स्टेट मैनेजर की टेबल पर बादाम रखते हुए कहा—“इसे खाइए, याददाश्त बढ़ेगी। जब याद आ जाए कि मेरी फाइल कहां है, तो बता दीजिए।”इस अनोखे विरोध का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। 2 अधिकारियों पर कार्रवाई मामले को गंभीर मानते हुए गृह निर्माण मंडल ने जांच कराई। लापरवाही सामने आने पर संपदा अधिकारी-कार्यपालन अभियंता एलपी बंजारे और संपदा प्रबंधक पूनम बंजारे को तत्काल प्रभाव से नवा रायपुर मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। विभाग के आयुक्त ने कहा है कि आम लोगों के काम में देरी और लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महिला अधिकारी ने लगाए आरोप वीडियो वायरल होने के बाद हाउसिंग बोर्ड की एक महिला अधिकारी सहित अन्य कर्मचारी एसपी ऑफिस पहुंचे। उन्होंने युवक पर जातिगत गाली देने जैसे गंभीर आरोप लगाए और कार्रवाई की मांग की। हालांकि, अभी तक इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर बढ़ा विवाद इस मामले को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। महिला अधिकारी का कहना है कि उन्हें बिना पक्ष सुने कार्रवाई की गई, जबकि युवक ने वीडियो जारी कर आरोपों को गलत बताया है। 👉 अधिक खबरों और अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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रायपुर नगर निगम में बड़ा घोटाला! 100 एकड़ जमीन की फाइल गायब, 4 अधिकारी सस्पेंड

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नगर निगम से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। ज़ोन-10 अमलीडीह ऑफिस से करीब 100 एकड़ जमीन से जुड़ी अहम फाइल गायब हो गई है। इस मामले में निगम कमिश्नर विश्वदीप की जांच के बाद 4 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। बिना मंजूरी भेजा गया प्रस्ताव जांच में सामने आया कि सड़क निर्माण से जुड़ा प्रस्ताव बिना कमिश्नर की अनुमति के ही आगे भेज दिया गया। नियमों के मुताबिक, इस तरह की मंजूरी का अधिकार केवल आयुक्त के पास होता है, लेकिन जोन स्तर से ही फाइल टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TNC) को भेज दी गई। नक्शे और जमीन में बड़ा फर्क 13 अप्रैल 2026 को जांच टीम ने मौके का निरीक्षण किया। इसमें पाया गया कि प्रस्तावित नक्शा और जमीन की वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर है। कई मकान नक्शे में नहीं दिखाए गए, जबकि सड़कों की चौड़ाई और प्लॉट के आकार भी गलत दर्शाए गए। अवैध प्लॉटिंग पर नहीं हुई कार्रवाई जांच में यह भी सामने आया कि इलाके में लंबे समय से अवैध प्लॉटिंग हो रही थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा, उसी क्षेत्र को प्रस्ताव में शामिल कर मंजूरी के लिए भेज दिया गया। 69 जमीनों की फाइलें गायब सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस मामले से जुड़ी 69 जमीनों की फाइलें गायब हैं। इनमें रजिस्ट्री दस्तावेज और पुराने रिकॉर्ड शामिल हैं। अधिकारियों के हस्ताक्षर होने के बावजूद फाइलों का गायब होना जांच समिति ने संदिग्ध माना है। साजिश और कूटरचना की आशंका जांच रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि पहले गलत प्रस्ताव तैयार किया गया, फिर बिना अनुमति उसे आगे बढ़ाया गया और जब मामला खुला तो फाइलें गायब कर दी गईं। इसे योजनाबद्ध साजिश और कूटरचना का मामला माना जा रहा है। EOW जांच की मांग पूर्व मेयर एजाज ढेबर ने इस मामले को नगर निगम के इतिहास की सबसे बड़ी लापरवाही बताया है। उन्होंने कहा कि इसमें 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का खेल हो सकता है और इसकी जांच EOW (आर्थिक अपराध शाखा) से कराई जानी चाहिए। अधिकारियों पर गंभीर आरोप नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने बिल्डर्स को फायदा पहुंचाने के लिए यह पूरा खेल किया है। उन्होंने स्वतंत्र जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। 👉 अधिक खबरों और अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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सीहोर में युवक की सूझबूझ से बची जान: सड़क हादसे में घायल को दिया CPR, बनी जिंदगी की डोर

मध्यप्रदेश के सीहोर में एक युवक की समझदारी और हिम्मत ने सड़क हादसे में घायल एक व्यक्ति की जान बचा ली। फाइनेंस कंपनी में काम करने वाले रोहित मालवीय ने समय पर CPR देकर घायल को नया जीवन दे दिया। हादसा देखकर तुरंत रुके मंगलवार को रोहित मालवीय अपने गांव पिपलिया मीरा से सीहोर आ रहे थे। रास्ते में उन्होंने देखा कि सामने से आ रहा एक बाइक सवार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गिर गया। यह देखते ही रोहित ने तुरंत अपनी बाइक रोकी और एक अन्य राहगीर के साथ मदद के लिए दौड़ पड़े। हालत बिगड़ी तो शुरू किया CPR घायल की पहचान बरखेड़ी गांव के रहने वाले संतोष के रूप में हुई। हादसे के बाद उसकी सांसें धीमी पड़ने लगीं और हालत गंभीर हो गई। ऐसे में रोहित ने बिना देर किए CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू कर दिया। मेहनत रंग लाई, लौट आई सांसें कुछ देर की लगातार कोशिश और सही तकनीक के इस्तेमाल से संतोष की सांसें फिर से चलने लगीं और वह होश में आ गया। यह पल वहां मौजूद लोगों के लिए राहत भरा था। परिवार और एम्बुलेंस को दी सूचना रोहित ने तुरंत घायल के मोबाइल से उसके परिजनों को खबर दी और एम्बुलेंस भी बुलवाई। हालांकि एम्बुलेंस पहुंचने से पहले ही परिवार वाले मौके पर पहुंच गए और संतोष को तुरंत अस्पताल ले गए। हर तरफ हो रही सराहना रोहित मालवीय की इस बहादुरी और सूझबूझ की हर कोई तारीफ कर रहा है। समय पर की गई उनकी मदद ने एक परिवार को बड़ा दुख झेलने से बचा लिया। 👉 अधिक खबरों और अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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सागर में शादी के विवाद में खूनी झगड़ा: पति-पत्नी और बेटा गिरफ्तार, दुल्हन और मां पर हमला

मध्यप्रदेश के सागर जिले में शादी के दौरान हुआ विवाद अचानक हिंसक हो गया। विनायका थाना पुलिस ने इस मामले में पति-पत्नी और उनके बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपियों को पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। शादी के दौरान हुआ विवाद पुलिस के अनुसार, 19 अप्रैल को ग्राम डिलोना निवासी प्यारी बाई (45) ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी राखी की शादी थी। बारात के आगमन स्थल को लेकर गांव के ही परमू बंसल, उनकी पत्नी पूनाबाई और बेटे रामेश्वर बंसल से विवाद हो गया। गालीगलौज से शुरू होकर हमले तक पहुंचा मामला शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने पहले गालीगलौज शुरू की। जब इसका विरोध किया गया, तो रामेश्वर बंसल ने लोहे के धारदार हथियार (बका) से हमला कर दिया। इस हमले में प्यारी बाई के सिर और हाथ में चोट आई, जबकि उनकी बेटी के गले में गंभीर चोट लगी। घटना के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला, लेकिन तब तक तीनों आरोपी मौके से फरार हो चुके थे। भागने की फिराक में था आरोपी पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए टीम बनाई। मुख्य आरोपी रामेश्वर बंसल को उल्दन बेसली के यात्री प्रतीक्षालय से गिरफ्तार किया गया, जहां वह बस का इंतजार कर रहा था। वहीं, परमू बंसल और पूनाबाई को गांव के पास से पकड़ा गया। पुलिस की कार्रवाई विनायका थाना प्रभारी भूपेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया। 👉 अधिक खबरों और अपडेट के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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भोपाल में लेंसकार्ट शोरूम के बाहर प्रदर्शन: ड्रेस कोड विवाद पर बढ़ा बवाल

भोपाल के न्यू मार्केट रोशनपुरा में मंगलवार को लेंसकार्ट शोरूम के बाहर हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शोरूम के कर्मचारियों को तिलक लगाया, मंत्रोच्चार किया और कलावा बांधा। इस दौरान “सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” जैसे नारे भी लगाए गए। बहिष्कार की चेतावनी हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि संगठन लेंसकार्ट के बहिष्कार की अपील कर रहा है। उनका कहना है कि भारत में तिलक, कलावा और बिंदी जैसे धार्मिक प्रतीकों का सम्मान होना चाहिए। यदि किसी कंपनी ने इन पर रोक लगाने की कोशिश की, तो इसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भले ही कंपनी के CEO पीयूष बंसल ने माफी मांगी हो, लेकिन संगठन इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है। “अगर हमने कंपनी को आगे बढ़ाया है, तो जरूरत पड़ने पर नीचे भी ला सकते हैं,” उन्होंने चेतावनी दी। संत समिति ने भी जताई आपत्ति मध्य प्रदेश संत समिति के अध्यक्ष महाराज अनिल आनंद ने कहा कि कथित गाइडलाइन में महिलाओं को सिंदूर और कलावा पहनने से रोकने की बात सामने आई है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि भारत में सनातन परंपराओं का सम्मान होना चाहिए और किसी भी कंपनी को धार्मिक प्रतीकों पर रोक लगाने का अधिकार नहीं है। कर्मचारियों ने किया खंडन विवाद के बीच शोरूम के कर्मचारी मनीष भमारे ने कहा कि उन्हें कभी तिलक या कलावा पहनने से नहीं रोका गया। उन्होंने बताया कि नवरात्रि के दौरान भी वे तिलक और कलावा लगाकर काम पर आए थे। उनके मुताबिक कंपनी की ओर से ऐसी कोई पाबंदी नहीं है। सोशल मीडिया से शुरू हुआ विवाद यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित पॉलिसी डॉक्यूमेंट से शुरू हुआ। इसमें दावा किया गया था कि कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से रोका गया है, जबकि हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई है। इस मुद्दे को एक्टिविस्ट शेफाली वैद्य ने X (ट्विटर) पर उठाया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया और लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कंपनी की सफाई विवाद बढ़ने के बाद कंपनी के CEO पीयूष बंसल ने कहा कि लेंसकार्ट सभी धर्मों का सम्मान करता है और कर्मचारियों को अपने धार्मिक प्रतीक पहनने की पूरी आजादी है। हालांकि, विरोध कर रहे संगठन इस सफाई से संतुष्ट नहीं हैं और आगे भी आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं। 👉 अधिक जानकारी और ताज़ा अपडेट के लिए विजिट करें: www.deshharpal.com
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Breaking News :16 साल तक प्लंबर-ढाबा मालिक बनकर भारत में छिपा रहा पाकिस्तानी आतंकी

जम्मू-कश्मीर पुलिस को बड़ी सफलता—16 साल से भारत में छिपे LeT आतंकी की गिरफ्तारी। प्लंबर और ढाबा मालिक बनकर बना रखा था नेटवर्क, जानिए पूरा खुलासा। भारत की सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक ऐसे आतंकी को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 16 सालों से भारत में अलग-अलग पहचान बनाकर रह रहा था। कई रूप बदलकर छिपा रहा आतंकी जांच में सामने आया कि यह आतंकी—जिसे अबू हुरैरा उर्फ अब्दुल्ला के नाम से जाना जाता है—ने खुद को बचाने के लिए कई पेशे अपनाए: उसका मकसद था स्थानीय लोगों में घुल-मिलकर एक मजबूत नेटवर्क खड़ा करना। फर्जी पहचान से बनाया नेटवर्क जांच एजेंसियों के अनुसार: इस तरह वह वर्षों तक सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचता रहा। ढाबा चलाया, शेयर ट्रेडिंग भी सीखी चौंकाने वाली बात यह है कि: यानी आतंकी सिर्फ छिपा ही नहीं था, बल्कि आम नागरिक की तरह पूरी जिंदगी जी रहा था। कैसे हुआ खुलासा? यह पूरा मामला तब सामने आया जब श्रीनगर पुलिस ने एक इंटरस्टेट आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। पूरे देश में फैला था नेटवर्क पूछताछ में खुलासा हुआ कि: क्या है इस गिरफ्तारी का मतलब? यह गिरफ्तारी कई बड़े सवाल खड़े करती है: यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा अलर्ट है। एक आतंकी का 16 साल तक सामान्य जिंदगी जीते रहना यह दिखाता है कि:👉 खतरा केवल सीमा पर नहीं, समाज के भीतर भी छिपा हो सकता है👉 और सतर्कता अब सिर्फ एजेंसियों नहीं, बल्कि आम लोगों की भी जिम्मेदारी है
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China vs India

China vs India: सीमा पर जारी तनाव के बीच ITBP का Drone और Modern Warfare पर फोकस

भारत और चीन (China vs India) के बीच सीमा पर तनाव को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर चीनी सैनिकों के साथ आमना-सामना जारी है। उन्होंने कहा कि चीन सैन्य ताकत और आधुनिक तकनीक के मामले में काफी आगे बढ़ चुका है। ऐसे में अब केवल पुराने तरीकों से मुकाबला करना आसान नहीं होगा। ITBP प्रमुख का यह बयान भारत-चीन सीमा पर सुरक्षा तैयारियों को लेकर अहम माना जा रहा है। बदलते समय के साथ युद्ध लड़ने के तरीके भी बदल रहे हैं। ड्रोन, आधुनिक निगरानी प्रणाली और नई सैन्य तकनीक की भूमिका बढ़ने से भारतीय सुरक्षा बलों के लिए अपनी क्षमताओं को लगातार मजबूत करना जरूरी हो गया है। Arunachal Pradesh Border पर क्या है स्थिति? अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के बीच सीमा विवाद लंबे समय से बना हुआ है। वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर दोनों देशों की सेनाएं सतर्क रहती हैं। ITBP DG के ताजा बयान के मुताबिक, राज्य में कुछ स्थानों पर चीनी सैनिकों के साथ आमना-सामना अभी भी जारी है। सीमा पर इस तरह की स्थिति में निगरानी, जवानों की तैनाती और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता काफी अहम होती है। भारत की सुरक्षा एजेंसियां संवेदनशील इलाकों में अपनी तैयारियों को मजबूत करने पर ध्यान दे रही हैं। चीन की Modern Military ताकत बनी चुनौती ITBP DG ने चीन की बढ़ती सैन्य क्षमता और आधुनिक तकनीक पर जोर दिया। चीन ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी सेना के आधुनिकीकरण पर काफी निवेश किया है। आधुनिक हथियारों, निगरानी उपकरणों और तकनीकी संसाधनों के इस्तेमाल से उसकी सैन्य क्षमताओं में बदलाव आया है। ऐसे हालात में भारतीय सुरक्षा बलों के सामने भी खुद को नई चुनौतियों के अनुरूप तैयार रखने की जरूरत है। अब सीमा की सुरक्षा केवल जवानों की तैनाती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण की भी अहम भूमिका है। ITBP की तैयारी में शामिल हैं Shaurya Commandos सीमा पर मुश्किल परिस्थितियों से निपटने के लिए ITBP ने शौर्य कमांडो की विशेष टीम तैयार की है। इस तरह की टीमों का उद्देश्य जवानों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से काम करने के लिए तैयार करना है। इसके अलावा, बल जवानों के प्रशिक्षण को भी आधुनिक जरूरतों के हिसाब से बेहतर बनाने पर काम कर रहा है। कठिन परिस्थितियों में तेजी से निर्णय लेना, बेहतर तालमेल बनाए रखना और उपलब्ध संसाधनों का सही इस्तेमाल करना इस तैयारी का अहम हिस्सा है। Drone और Anti-Drone Technology पर बढ़ रहा फोकस आधुनिक युद्ध में ड्रोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। निगरानी से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक, इनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। इसी को देखते हुए ITBP भी ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक पर ध्यान दे रही है। ड्रोन के जरिए सीमावर्ती क्षेत्रों पर निगरानी रखने में मदद मिल सकती है। वहीं, एंटी-ड्रोन सिस्टम संभावित खतरों का पता लगाने और उनसे निपटने में उपयोगी हो सकते हैं। हालांकि, किसी भी तकनीक की प्रभावशीलता उसके सही इस्तेमाल, प्रशिक्षण और उपलब्ध संसाधनों पर निर्भर करती है। सीमा पर Infrastructure मजबूत करना भी जरूरी सीमा की सुरक्षा में आधुनिक उपकरणों के साथ मजबूत बुनियादी ढांचे की भी बड़ी भूमिका होती है। दूरदराज के इलाकों में जवानों तक जरूरी सामान पहुंचाना, सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराना और निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाना महत्वपूर्ण है। ITBP की तैयारियों में जवानों के लिए सुरक्षित ढांचे और आधुनिक सुविधाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। कठिन मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों में काम करने वाले जवानों के लिए ऐसी सुविधाएं विशेष रूप से अहम हैं। भारत-चीन संबंधों पर क्यों अहम है यह बयान? भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत के रास्ते खुले रहे हैं। दोनों देशों के बीच सीमा पर शांति बनाए रखना क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी जरूरी है। हालांकि, सीमा पर कुछ स्थानों पर जारी आमना-सामना यह दिखाता है कि चुनौतियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। ITBP DG के बयान से साफ है कि बदलती सैन्य तकनीक के दौर में भारत को सीमा सुरक्षा के लिए लगातार अपनी तैयारियों को बेहतर बनाना होगा। आधुनिक उपकरण, बेहतर प्रशिक्षण और मजबूत बुनियादी ढांचा इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Tibet

Tibet में Earthquake: 16 की मौत, 65 घायल; हजारों लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया

Tibet में आए शक्तिशाली भूकंप (Earthquake) ने कई परिवारों को मुश्किल में डाल दिया है। गुरुवार रात आए 7.0 तीव्रता के भूकंप से अब तक 16 लोगों की मौत और 65 लोगों के घायल होने की खबर है। कई मकानों को नुकसान पहुंचा है, जबकि प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। इस बीच, शुक्रवार सुबह पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। प्रशासन की टीमें प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने में जुटी हैं। Tibet Earthquake: रात में आए तेज झटकों से मची अफरा-तफरी चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में गुरुवार, 22 अक्टूबर की रात करीब 10:33 बजे स्थानीय समय के अनुसार भूकंप आया। इसका केंद्र नागकू क्षेत्र के बाकेन काउंटी के आसपास बताया गया है। भूकंप की तीव्रता 7.0 मापी गई। शुरुआती जानकारी में भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे बताया गया, जबकि अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसकी गहराई लगभग 18 किलोमीटर दर्ज की। अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में अंतर होने के कारण भूकंप की गहराई को लेकर रिपोर्ट्स अलग हैं। झटके महसूस होते ही लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। कई जगह इमारतों को नुकसान पहुंचा और लोगों को रात खुले स्थानों पर बितानी पड़ी। प्रभावित इलाके में नुकसान का आकलन अभी जारी है। 16 लोगों की मौत, 65 घायल; सैकड़ों मकान क्षतिग्रस्त भूकंप के बाद शुरुआती रिपोर्ट्स में 16 लोगों की मौत और 54 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में घायलों की संख्या बढ़कर 65 बताई गई। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, कम से कम 339 मकान और 20 पशु बाड़े ढह गए या क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ घायलों को चिकित्सा सहायता दी जा रही है। भूकंप के बाद कई छोटे झटके भी महसूस किए गए। ऐसे झटकों को आफ्टरशॉक कहा जाता है। मुख्य भूकंप के बाद इनकी वजह से पहले से कमजोर इमारतों को और नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। 1,600 से ज्यादा बचावकर्मी राहत कार्य में जुटे भूकंप के बाद चीन ने बड़े पैमाने पर राहत अभियान शुरू किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1,600 से अधिक बचावकर्मियों को प्रभावित इलाके में तैनात किया गया है। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रभावित परिवारों के लिए टेंट, बिस्तर, कंबल और गर्म कपड़ों की व्यवस्था की जा रही है। ठंडे मौसम को देखते हुए राहत शिविरों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राहत और बचाव कार्य तेज करने, लापता लोगों की तलाश करने और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। भूकंप से सड़क और संचार व्यवस्था पर भी असर भूकंप के कारण कुछ इलाकों में संचार सेवाएं प्रभावित हुई हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में चट्टानें खिसकने और सड़कों पर मलबा गिरने से यातायात भी बाधित हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग-317 के एक हिस्से को सुरक्षा कारणों से बंद करना पड़ा। राहत और बचाव टीमों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए रास्तों को सुरक्षित बनाने का काम किया जा रहा है। मौसम भी बचाव अभियान के लिए चुनौती बन सकता है। प्रभावित इलाके में ठंड और संभावित बर्फबारी के कारण राहत सामग्री और अस्थायी आश्रय की जरूरत बढ़ सकती है। Pakistan और Afghanistan में भी Earthquake के झटके शुक्रवार, 23 अक्टूबर की सुबह पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन के कुछ हिस्सों में भी भूकंप दर्ज किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, इन घटनाओं की तीव्रता 4.1 से 4.9 के बीच थी। इन भूकंपों के केंद्र अलग-अलग स्थानों पर थे। शुरुआती जानकारी में इन घटनाओं से बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई थी। हालांकि, इन झटकों को तिब्बत के मुख्य भूकंप से सीधे जोड़ने के लिए वैज्ञानिक पुष्टि जरूरी है। तिब्बत में बार-बार क्यों आते हैं भूकंप? तिब्बत और हिमालय का इलाका भूगर्भीय रूप से बेहद सक्रिय है। इसकी प्रमुख वजह भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों के बीच लगातार होने वाली हलचल है। भारतीय प्लेट उत्तर की ओर बढ़ते हुए यूरेशियाई प्लेट से टकराती है। इस प्रक्रिया में धरती के भीतर तनाव जमा होता है। जब यह तनाव अचानक निकलता है, तो भूकंप आता है। इसी वजह से तिब्बत, नेपाल और हिमालय के आसपास के कई क्षेत्र भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं। जनवरी 2025 में भी तिब्बत के तिंगरी क्षेत्र में शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसमें कई लोगों की जान गई थी और इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा था। Tibet Earthquake Latest Update: राहत अभियान जारी 23 अक्टूबर को उपलब्ध रिपोर्ट्स के मुताबिक, तिब्बत में भूकंप से 16 लोगों की मौत और 65 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। सैकड़ों मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन घायलों के इलाज, प्रभावित लोगों को आश्रय देने और क्षतिग्रस्त इलाकों में स्थिति सामान्य करने पर ध्यान दे रहा है। नुकसान और हताहतों की संख्या से जुड़ी जानकारी आगे बदल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
RTI

Election Commission RTI: मनीष गर्ग के कामकाज पर सवाल, दो आयुक्तों ने लिखा पत्र

चुनाव आयोग (Election Commission) के अंदर कामकाज और अधिकारियों की जिम्मेदारियों को लेकर विवाद सामने आया है। RTI से मिले दस्तावेजों के मुताबिक, दो चुनाव आयुक्तों ने वरिष्ठ अधिकारी मनीष गर्ग के काम करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा था। आरोप था कि अधिकारियों के बीच काम का बंटवारा बिना जरूरी चर्चा के बदल दिया गया। इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि जब शिकायत दो चुनाव आयुक्तों की ओर से की गई, तो कैबिनेट सचिवालय ने सीधे कार्रवाई क्यों नहीं की? सामने आई फाइल नोटिंग के मुताबिक, सचिवालय ने शिकायतों पर विचार किया, लेकिन पूरे चुनाव आयोग की ओर से औपचारिक शिकायत नहीं होने का हवाला देते हुए सीधे हस्तक्षेप करने से परहेज किया। RTI से कैसे सामने आया पूरा मामला? सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिले दस्तावेजों के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 29 जुलाई 2026 को कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन को अलग-अलग पत्र लिखे थे। दोनों आयुक्तों ने वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग के कामकाज को लेकर आपत्ति जताई थी। शिकायतों में कहा गया कि 28 जुलाई को वरिष्ठ अधिकारियों के बीच जिम्मेदारियों के बंटवारे में बदलाव का आदेश जारी किया गया, लेकिन इससे पहले जरूरी चर्चा नहीं हुई। यह जानकारी पारदर्शिता कार्यकर्ता और पूर्व नौसेना अधिकारी कमोडोर लोकेश के. बत्रा की RTI अर्जी के जवाब में सामने आई। दस्तावेजों में शिकायतों के साथ कैबिनेट सचिवालय की आंतरिक फाइल नोटिंग भी शामिल है। मनीष गर्ग पर क्या लगाए गए आरोप? शिकायत के मुताबिक, प्रशासनिक विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालने के बाद मनीष गर्ग ने वरिष्ठ अधिकारियों के काम का बंटवारा बदलने का आदेश जारी किया था। दोनों चुनाव आयुक्तों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि इस तरह के बदलाव से पहले संबंधित अधिकारियों और आयोग के स्तर पर चर्चा होनी चाहिए थी। विवेक जोशी ने अपनी शिकायत में यह भी कहा था कि प्रशासनिक विभाग से जुड़ी एक फाइल मांगने पर उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई। हालांकि, ये शिकायतों में लगाए गए आरोप हैं। इनके आधार पर किसी अधिकारी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। मामले को समझने के लिए संबंधित नियमों और सभी पक्षों के रुख को ध्यान में रखना जरूरी है। Cabinet Secretariat ने कार्रवाई क्यों नहीं की? इस मामले में कैबिनेट सचिवालय की भूमिका भी चर्चा में है। RTI से सामने आई फाइल नोटिंग के अनुसार, अगस्त 2026 की शुरुआत में शिकायतों पर आंतरिक स्तर पर विचार किया गया था। सचिवालय के सामने सवाल था कि क्या केंद्र सरकार का प्रशासनिक तंत्र चुनाव आयोग के अंदरूनी कामकाज से जुड़े इस विवाद में सीधे हस्तक्षेप कर सकता है। फाइल नोटिंग के मुताबिक, दोनों आयुक्तों के पत्र व्यक्तिगत क्षमता में भेजे गए थे। उन्हें पूरे चुनाव आयोग की ओर से औपचारिक शिकायत नहीं माना गया। इसी वजह से सचिवालय ने सीधे कार्रवाई करने के बजाय पत्र मिलने की पुष्टि की और मामले की जानकारी संबंधित कार्यालयों को भेजी। 5 अगस्त को कैबिनेट सचिव ने दोनों आयुक्तों के पत्र मिलने की पुष्टि की थी। मामले की जानकारी मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को भी दी गई। चुनाव आयोग ने पहले क्या कहा था? इस विवाद पर चुनाव आयोग ने 26 सितंबर 2026 को भी स्पष्टीकरण दिया था। आयोग के मुताबिक, संबंधित अधिकारी की ओर से काम के बंटवारे में बदलाव को लेकर जारी आदेश दोनों चुनाव आयुक्तों के निर्देश के बाद लागू नहीं किए गए थे। इस स्पष्टीकरण के बाद मामले का एक पहलू साफ हुआ कि विवादित आदेशों को लागू करने की स्थिति क्या रही। हालांकि, इससे शिकायतों में उठाए गए सभी सवालों का समाधान हो गया, ऐसा निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। मतदाता सूची के कामकाज से क्या है संबंध? काम के बंटवारे को लेकर उठे विवाद ने मतदाता सूची से जुड़े प्रशासनिक अधिकारों पर भी ध्यान खींचा है। मतदाता सूची में नाम जोड़ना, हटाना और रिकॉर्ड में सुधार करना चुनाव प्रक्रिया के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। ऐसे कामों में जिम्मेदारियां किस अधिकारी के पास होंगी और फैसले किस स्तर पर लिए जाएंगे, यह स्पष्ट होना जरूरी है। लेकिन उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह दावा नहीं किया जा सकता कि इस विवाद के कारण मतदाता सूची में कोई गड़बड़ी हुई या मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए। Election Commission की स्वतंत्रता पर फिर चर्चा यह मामला केवल अधिकारियों के बीच मतभेद तक सीमित नहीं है। इससे यह सवाल भी उठता है कि एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था के अंदर प्रशासनिक शिकायतों का निपटारा किस प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। एक ओर अधिकारियों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है, वहीं दूसरी ओर चुनाव आयोग की स्वतंत्रता बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में स्पष्ट नियम और शिकायतों के निपटारे की तय प्रक्रिया विवाद को बढ़ने से रोक सकती है। अब आगे क्या होगा? 23 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, RTI से शिकायतों और कैबिनेट सचिवालय की फाइल नोटिंग का विवरण सामने आया है। हालांकि, उपलब्ध दस्तावेजों से यह साबित नहीं होता कि शिकायतों में लगाए गए आरोप अंतिम रूप से सही पाए गए हैं। अब आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि चुनाव आयोग इस मामले में क्या कदम उठाता है और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को लेकर कोई नया स्पष्टीकरण सामने आता है या नहीं। फिलहाल, इस पूरे मामले का सबसे अहम पहलू यही है कि दो चुनाव आयुक्तों की शिकायतों के बावजूद कैबिनेट सचिवालय ने सीधे कार्रवाई क्यों नहीं की। RTI से सामने आए दस्तावेजों ने इस सवाल पर नई चर्चा शुरू कर दी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
IND vs NZ

IND vs NZ 1st T20I: संजू सैमसन-नमन धीर का धमाका, भारत ने रचा रिकॉर्ड

भारत और न्यूजीलैंड (IND vs NZ) के बीच पहले T20 इंटरनेशनल मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार जीत दर्ज की। 226 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों ने ऐसा खेल दिखाया कि न्यूजीलैंड के गेंदबाज दबाव में आ गए। संजू सैमसन की तूफानी पारी और नमन धीर की आखिरी ओवरों में विस्फोटक बल्लेबाजी ने मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया। मुकाबले में भारत ने 19.4 ओवर में 6 विकेट खोकर 230 रन बनाए और 4 विकेट से जीत हासिल की। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने पांच मैचों की T20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। 226 रन का लक्ष्य हासिल करना भारत के लिए T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में नया रिकॉर्ड भी रहा। NZ vs IND: न्यूजीलैंड ने खड़ा किया 225 रन का बड़ा स्कोर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 225 रन बनाए। मेजबान टीम के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। वहीं, फिन एलन ने 24 गेंदों पर 45 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दी। बेवॉन जैकब्स ने भी 16 गेंदों पर 31 रन की अहम पारी खेली। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए और भारत के सामने 226 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रख दिया। उस समय लग रहा था कि भारतीय टीम के लिए इस स्कोर तक पहुंचना आसान नहीं होगा। Sanju Samson ने खेली तूफानी पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को संजू सैमसन ने शानदार शुरुआत दिलाई। उन्होंने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मैदान के चारों ओर शॉट लगाए। संजू ने 33 गेंदों पर 67 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उन्होंने केवल 23 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। दूसरी ओर, अभिषेक शर्मा ने भी तेजी से रन बनाए। उन्होंने 12 गेंदों पर 29 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक शुरुआत से भारत को बड़े लक्ष्य का पीछा करने में काफी मदद मिली। हालांकि, शुरुआती विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम की रफ्तार कुछ धीमी हुई। न्यूजीलैंड ने वापसी करने की कोशिश की, लेकिन भारत के बल्लेबाजों ने मैच को हाथ से निकलने नहीं दिया। Shreyas Iyer ने संभाली जिम्मेदारी मध्यक्रम में विकेट गिरने के बाद श्रेयस अय्यर ने पारी को संभाला। उन्होंने 28 गेंदों पर 42 रन बनाकर टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया। ऐसे मुकाबलों में सिर्फ तेजी से रन बनाना ही जरूरी नहीं होता, बल्कि सही समय पर पारी को संभालना भी अहम होता है। अय्यर ने यही भूमिका निभाई और भारत की उम्मीदों को बनाए रखा। इसके बाद नमन धीर ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। Naman Dhir बने भारत की जीत के हीरो मैच के आखिरी ओवरों में नमन धीर की बल्लेबाजी ने भारतीय प्रशंसकों का उत्साह बढ़ा दिया। उन्होंने महज 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। नमन ने तेजी से रन बनाकर न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ाया। भारतीय टीम को जब जीत के लिए तेज रन बनाने की जरूरत थी, तब उनकी आक्रामक बल्लेबाजी सबसे ज्यादा काम आई। भारत ने 19.4 ओवर में 230 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। संजू सैमसन की शुरुआत और नमन धीर की शानदार फिनिशिंग इस ऐतिहासिक रनचेज की सबसे बड़ी वजह बनी। IND vs NZ 1st T20I Scorecard: एक नजर में पूरा मैच न्यूजीलैंड: 225/4 (20 ओवर) भारत: 230/6 (19.4 ओवर) नतीजा: भारत 4 विकेट से जीता। न्यूजीलैंड के टॉप स्कोरर: ग्लेन फिलिप्स – 82* रन भारत के टॉप स्कोरर: संजू सैमसन – 67 रन मैच के अहम बल्लेबाज: नमन धीर – 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन भारत ने अपने नाम किया बड़ा रिकॉर्ड इस जीत की सबसे खास बात भारत का रिकॉर्ड रनचेज रहा। 226 रन जैसे बड़े लक्ष्य को हासिल करके टीम इंडिया ने T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना सबसे बड़ा सफल रनचेज दर्ज किया। संजू सैमसन ने तेज शुरुआत देकर टीम को मजबूत आधार दिया, श्रेयस अय्यर ने मध्यक्रम में पारी संभाली और नमन धीर ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाकर जीत सुनिश्चित की। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि भारतीय टीम बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भी दबाव में संयम बनाए रख सकती है। दूसरे T20I में भी रहेगी जीत की उम्मीद पहले मुकाबले में जीत के बाद भारतीय टीम सीरीज में अपनी बढ़त मजबूत करना चाहेगी। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम अगले मैच में वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। पहले मैच में दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। ऐसे में अगले मुकाबले में भी क्रिकेट प्रशंसकों को एक रोमांचक भिड़ंत देखने की उम्मीद रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
India vs New Zealand

India vs New Zealand: आखिरी 3 ओवर में 29 रन की जरूरत, रोमांचक मोड़ पर मैच

भारत और न्यूजीलैंड (India vs New Zealand) के बीच T20 मुकाबला अब बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। न्यूजीलैंड के 226 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने 5 विकेट के नुकसान पर 197 रन बना लिए हैं। अब जीत के लिए भारत को 18 गेंदों में 29 रन बनाने हैं। क्रीज पर श्रेयस अय्यर और नमन धीर मौजूद हैं। ऐसे में भारतीय फैंस की नजरें दोनों बल्लेबाजों पर टिकी हैं। मैच के इस मोड़ पर एक छोटी-सी गलती भी टीम की मुश्किल बढ़ा सकती है। वहीं, अगर भारतीय बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाए और विकेट बचाए रखे, तो जीत हासिल करने का मौका बना हुआ है। IND vs NZ: न्यूजीलैंड ने खड़ा किया 225 रन का स्कोर पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 225 रन बनाए। टीम की ओर से ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी की और 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। उनकी आक्रामक पारी ने न्यूजीलैंड को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। कीवी बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। बड़े शॉट खेलने के साथ-साथ उन्होंने रन गति को भी धीमा नहीं पड़ने दिया। इसी वजह से भारत के सामने 226 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य आया। India vs New Zealand: लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की स्थिति 226 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को तेजी से रन बनाने थे। टीम ने स्कोर आगे बढ़ाया, लेकिन पांच विकेट गिरने के बाद मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। अब श्रेयस अय्यर और नमन धीर के सामने दोहरी चुनौती है। उन्हें एक तरफ जरूरी रन बनाने हैं, तो दूसरी तरफ विकेट भी बचाकर रखना है। दोनों के बीच अच्छी साझेदारी भारत को जीत के करीब पहुंचा सकती है। आखिरी 18 गेंदों का खेल होगा निर्णायक भारत को 18 गेंदों में 29 रन चाहिए। इसका मतलब है कि टीम को बचे हुए तीन ओवरों में लगातार रन बनाने होंगे। T20 क्रिकेट में यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है, लेकिन न्यूजीलैंड के गेंदबाज भी इस मौके को आसानी से हाथ से जाने नहीं देना चाहेंगे। अगर भारतीय बल्लेबाज शुरुआती गेंदों पर बाउंड्री लगाने में सफल रहते हैं, तो आखिरी ओवर का दबाव कम हो सकता है। वहीं, विकेट गिरने की स्थिति में भारत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। क्या Team India हासिल कर पाएगी जीत? मैच का रुख अब काफी हद तक श्रेयस अय्यर और नमन धीर की बल्लेबाजी पर निर्भर करेगा। भारतीय टीम को जीत के लिए बड़े शॉट खेलने के साथ समझदारी से स्ट्राइक भी बदलनी होगी। न्यूजीलैंड की टीम अपने स्कोर का बचाव करने की पूरी कोशिश करेगी। ऐसे में अंतिम तीन ओवर में गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। फिलहाल मुकाबला रोमांचक स्थिति में है और भारत के पास लक्ष्य हासिल करने का मौका मौजूद है। अब देखना होगा कि भारतीय बल्लेबाज आखिरी गेंदों में टीम को जीत दिला पाते हैं या न्यूजीलैंड मुकाबले पर कब्जा जमा लेता है। IND vs NZ Live Score: मैच की ताजा स्थिति हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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