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Jane Street

Jane Street Tax इंडिया में IT डिपार्टमेंट और SEBI की डबल Action, 4,844 करोड़ जमा कर मिली ट्रेडिंग की इजाज़त

अमेरिकी ग्लोबल ट्रेडिंग फर्म Jane Street के लिए भारत में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। पहले SEBI ने मार्केट मैनिपुलेशन के आरोपों में कंपनी को बैन किया और अब Income Tax Department ने जांच तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, Jane Street भारत की टैक्स जांच में cooperate नहीं कर रही है और इसके सर्वर व अकाउंटिंग रिकॉर्ड्स विदेश में होने से इनकम टैक्स अधिकारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। Income Tax Investigation Update SEBI Ban और Market Manipulation Case Escrow Deposit और Trading Permission Market Impact और Nuvama पर असर हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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19 किलो का गैस सिलेंडर हुआ सस्ता, UPI के नए नियम लागू: जानिए आज से जुड़े 5 बड़े बदलाव

19 किलो का गैस सिलेंडर हुआ सस्ता, UPI के नए नियम लागू: जानिए आज से जुड़े 5 बड़े बदलाव

1 अगस्त से देशभर में कई बदलाव हुए हैं जो आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डालेंगे। UPI के नए नियम लागू, आइए जानते हैं इन 5 बड़े बदलावों के बारे में, जिन्हें जानना आपके लिए जरूरी है। जो लोग होटल, ढाबे या छोटे बिज़नेस में कमर्शियल गैस सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए राहत की खबर है।आज से यानी 1 अगस्त से 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर ₹34.50 सस्ता कर दिया गया है। 👉 दिल्ली में अब ये सिलेंडर ₹1,646 में मिलेगा, पहले ये ₹1,680.50 में मिल रहा था।👉 ये बदलाव सिर्फ कमर्शियल सिलेंडर पर लागू है, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अगर आप अगस्त में फ्लाइट से यात्रा की प्लानिंग कर रहे हैं, तो जेब पर थोड़ा और असर पड़ सकता है। 👉 एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे हवाई किराए बढ़ने की संभावना है।👉 एयरलाइंस कंपनियां अपने किराये में बदलाव कर सकती हैं, जिससे यात्रियों पर सीधा असर होगा। 1 अगस्त से UPI लेनदेन के नियमों में बदलाव हुआ है। अब कुछ चीजें सीमित होंगी ताकि सर्वर लोड और फ्रॉड को कंट्रोल किया जा सके। 👉 अब कोई भी व्यक्ति एक दिन में 50 से ज्यादा बार बैलेंस चेक नहीं कर पाएगा।👉 ऑटो पेमेंट का टाइम स्लॉट भी बदल दिया गया है, जिससे तय समय पर पेमेंट प्रोसेस होगा।👉 इसका असर खासतौर पर उन लोगों पर होगा जो रोजाना UPI का ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं। 1 अगस्त से GST भरने वालों के लिए भी बदलाव आया है। 👉 अब GSTR-1 फाइलिंग के बाद उसे वापस संशोधित (edit) नहीं किया जा सकेगा।👉 इसलिए रिटर्न फाइल करने से पहले सभी जानकारियां ध्यान से जांचना जरूरी है। सरकार ने पेंशनर्स को राहत देते हुए एक नया डिजिटल सिस्टम शुरू किया है। 👉 अब पेंशन भोगी घर बैठे अपना लाइफ सर्टिफिकेट UPI ऐप के जरिए सबमिट कर सकेंगे।👉 इससे उन्हें बैंकों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और प्रक्रिया आसान होगी। 1 अगस्त से हुए ये बदलाव सीधे आपकी जेब और डिजिटल व्यवहार पर असर डाल सकते हैं। चाहे आप व्यापारी हों, नौकरीपेशा हों या घर चलाने वाले आम नागरिक — इन बदलावों को जानना जरूरी है। 👉 कमर्शियल गैस सस्ती, लेकिन हवाई टिकट महंगे हो सकते हैं।👉 UPI इस्तेमाल करने वालों को अब थोड़ा सतर्क रहना होगा। देश और दुनिया से जुड़ी ऐसी ही आसान और सटीक खबरों के लिए जुड़े रहिए DeshHarpal के साथ। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Crash शेयर बाजार में Black Monday, Sensex-Nifty भारी गिरावट से निवेशकों का नुकसान

Black Monday: Sensex-Nifty में बड़ी गिरावट सोमवार, 28 जुलाई 2025 को भारतीय Stock Market (शेयर बाजार) में Black Monday देखने को मिला। कमजोर ग्लोबल संकेतों, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कमजोर तिमाही नतीजों के कारण Sensex और Nifty दोनों प्रमुख इंडेक्स में बड़ी गिरावट दर्ज हुई। Market Closing Updates Sector-wise Performance Market Crash के मुख्य कारण Investors Loss इस Stock Market Crash में निवेशकों को करीब ₹13 लाख करोड़ का नुकसान हुआ। कई ब्लूचिप शेयरों में 5–7% तक की गिरावट दर्ज की गई। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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UPI New Rules from August 1 : जानिए क्या असर पड़ेगा आप पर

UPI New Rules from August 1 : जानिए क्या असर पड़ेगा आप पर

अगर आप रोज़ाना UPI से पेमेंट करते हैं, तो ये खबर आपके लिए जरूरी है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 1 अगस्त 2025 से कुछ नए नियम लागू करने का फैसला लिया है। इन बदलावों का सीधा असर आम लोगों की जेब और डिजिटल आदतों पर पड़ेगा। कई लोग दिन में बार-बार बैलेंस चेक करते हैं, खासकर वो लोग जो हर छोटी पेमेंट पर नज़र रखते हैं। अब NPCI ने लिमिट तय की है – आप एक दिन में सिर्फ 50 बार ही अपने बैंक अकाउंट का बैलेंस चेक कर पाएंगे। इसके बाद आपको मैसेज मिलेगा कि “limit exceeded”। जो लोग मोबाइल रिचार्ज, Netflix, EMI या किसी भी सर्विस का ऑटोमैटिक पेमेंट (AutoPay) इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए भी एक बड़ा बदलाव हुआ है। अब NPCI ने ऑटो-पे के लिए नया टाइम स्लॉट तय किया है। पहले ये पेमेंट किसी भी समय हो जाता था, लेकिन अब सुबह 12 बजे से लेकर रात 11 बजे के बीच ही ऑटो-पेमेंट होंगे। ये बदलाव NPCI ने सिस्टम पर लोड कम करने और फ्रॉड रोकने के लिए किए हैं। लेकिन आम लोगों को थोड़ा अलर्ट रहना होगा – डिजिटल पेमेंट ने हमारी जिंदगी आसान बना दी है, लेकिन इसके साथ कुछ जिम्मेदारियां भी आती हैं। NPCI के ये नए नियम डिजिटल सिस्टम को सुरक्षित और ज्यादा व्यवस्थित बनाने की कोशिश हैं। जरूरी है कि हम समय रहते इन्हें समझें और अपनी आदतों को थोड़ा-बहुत ढालें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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TCS

TCS Job Cuts 12,000 नौकरियों पर असर, CEO ने बताया छंटनी का असली कारण

आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि वित्त वर्ष 2026 में कंपनी अपने ग्लोबल वर्कफोर्स में 2% यानी करीब 12,200 कर्मचारियों की छंटनी करेगी। यह कदम मुख्य रूप से मिडिल और सीनियर लेवल मैनेजमेंट को प्रभावित करेगा। AI नहीं, Skill Mismatch है छंटनी का कारण TCS के सीईओ के. कृतिवासन ने स्पष्ट किया कि यह छंटनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण नहीं हो रही है। असली वजह स्किल गैप और बिजनेस री-स्ट्रक्चरिंग है। कंपनी ने कर्मचारियों को नई टेक्नोलॉजीज में रिस्किल करने की कोशिश की थी, लेकिन कई भूमिकाएं बदलती जरूरतों के अनुरूप एडजस्ट नहीं हो पाईं। बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन और AI फोकस TCS अब एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और नेक्स्ट-जेन टेक्नोलॉजीज पर जोर दे रही है। साथ ही, ग्लोबल इकोनॉमिक स्लोडाउन, प्रोजेक्ट डिलेज़ और क्लाइंट्स द्वारा टेक्नोलॉजी बजट में कटौती ने भी इस छंटनी को जरूरी बना दिया। प्रभावित कर्मचारियों को सपोर्ट कंपनी ने कहा कि जिन कर्मचारियों की नौकरियां जाएंगी उन्हें – आईटी सेक्टर पर बड़ा असर टीसीएस की यह छंटनी भारतीय आईटी इंडस्ट्री में बड़े बदलाव का संकेत देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इंफोसिस, विप्रो जैसी अन्य कंपनियां भी AI-ड्रिवन सर्विस मॉडल की ओर बढ़ेंगी और पारंपरिक लेबर-इंटेंसिव मॉडल कम होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market

Stock Market Crash Today शेयर बाजार में हाहाकार, Nifty 24,900 के नीचे, Sensex गिरा 700 Points

आज के शेयर बाजार (Stock Market Today) में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स (Sensex) 700 अंक टूट गया जबकि निफ्टी (Nifty 50) 24,900 के नीचे आ गया। Bajaj Finance, Reliance Industries और Infosys जैसे दिग्गज शेयरों में भारी बिकवाली हुई, जिससे बाजार की धारणा और खराब हो गई। Stock Market Crash के पीछे की बड़ी वजहें: आज का Market Summary: सूचकांक अंतिम स्तर गिरावट Sensex ~81,800 -700 अंक Nifty 50 ~24,850 -200 अंक India VIX ~5% ऊपर अस्थिरता में तेजी गिरावट वाले प्रमुख सेक्टर: Global और Domestic Factors: Investor के लिए जरूरी संकेत: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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OTT Apps

Govt Ban on Ullu, Desiflix जैसे OTT Apps 18 Platforms और 57 Social Media Accounts Blocked

भारत सरकार ने देश में बढ़ रहे अश्लील और भड़काऊ कंटेंट पर बड़ी कार्रवाई की है। Ullu, Desiflix, Big Shots, MoodX, Prime Play जैसे लोकप्रिय OTT Apps पर सरकार ने प्रतिबंध (Ban) लगा दिया है। इस कार्रवाई के तहत कुल 18 OTT प्लेटफॉर्म, 19 वेबसाइट, 10 मोबाइल ऐप और 57 सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक किया गया है। क्यों हुई ये कार्रवाई? किन-किन OTT Apps पर लगी रोक? सरकार की इस लिस्ट में शामिल प्रमुख प्लेटफॉर्म्स हैं: पहले भी मिल चुकी थी चेतावनी सरकार का बयान सरकार का कहना है कि: “देश में डिजिटल माध्यमों के जरिए फैल रहे अश्लील कंटेंट पर रोक लगाना ज़रूरी है। ये ना सिर्फ समाज की मर्यादाओं के खिलाफ है, बल्कि युवाओं पर भी बुरा असर डालता है।” कौन-कौन से कानून लागू हुए? 📖 धारा/कानून 📌 विवरण IT Act – Section 67, 67A इलेक्ट्रॉनिक माध्यम पर अश्लील कंटेंट की रोक IPC – Section 292, 293 अश्लील किताबों, चित्रों के वितरण और प्रदर्शन पर रोक IT Rules 2021 OTT कंटेंट के लिए आचार संहिता Indecent Representation of Women Act महिलाओं की अशोभनीय प्रस्तुति पर प्रतिबंध Impact of OTT Ban on Digital Platforms हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Anil Ambani पर ED की बड़ी कार्रवाई: लोन धोखाधड़ी के केस में कई ठिकानों पर छापेमारी

Anil Ambani पर ED की बड़ी कार्रवाई: लोन धोखाधड़ी के केस में कई ठिकानों पर छापेमारी

मशहूर उद्योगपति Anil Ambani एक बार फिर सुर्खियों में हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अंबानी से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) द्वारा दर्ज कराए गए फ्रॉड केस के बाद हुई है, जिसमें उनके ग्रुप पर लोन धोखाधड़ी का आरोप है। सूत्रों के मुताबिक, यह मामला करोड़ों रुपये के लोन से जुड़ा है, जिसे कथित तौर पर फर्जी तरीके से लिया गया और सही उपयोग नहीं किया गया। SBI ने अनिल अंबानी की कंपनियों के कुछ अकाउंट को ‘फ्रॉड’ घोषित किया था, जिसके बाद ED ने अपनी जांच शुरू की। छापेमारी मुंबई समेत अन्य कुछ शहरों में हुई है। ED इस बात की पड़ताल कर रहा है कि लोन की रकम कहां और कैसे इस्तेमाल की गई। इसके अलावा पैसों की हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग की एंगल से भी जांच की जा रही है। अनिल अंबानी पहले ही कई वित्तीय संकटों से जूझ रहे हैं। उनकी कंपनियों पर पहले भी कर्ज और भुगतान को लेकर सवाल उठ चुके हैं। यह मामला क्यों है अहम? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nifty

शेयर बाजार में जोरदार तेजी Sensex-Nifty में उछाल, US-Japan Trade Deal और DII Buying बने बढ़त के कारण

23 जुलाई 2025 — आज के Stock Market (शेयर बाजार) में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। Sensex और Nifty 50 ने ऊंचाई छूते हुए निवेशकों को राहत दी। इस तेजी की प्रमुख वजह रही US-Japan Trade Deal, सकारात्मक वैश्विक संकेत और Domestic Institutional Investors (DII) की भारी खरीदारी। दिनभर बाजार में तेजी का माहौल बना रहा, जिससे निवेशकों के बीच उत्साह दिखाई दिया। Sensex-Nifty Update: निफ्टी 25,190 पार, सेंसेक्स 82,660 के करीब Global Cues और Trade Deal ने दिया Boost FII-DII Activity: विदेशी बिकवाली लेकिन घरेलू निवेश मजबूत सेक्टर और शेयरों की चाल Nifty-Sensex Technical Analysis हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India US Trade Deal, 1 August Tariff, US Delegation Visit India, Dairy Sector Employment, India Agriculture Tariff, Biden Trade Policy, BRICS Tariff Warning, Russia Oil Ban

Trade Tension: भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अधर में, क्या 1 अगस्त से लागू होगा 26% टैरिफ?

देश हरपल ब्यूरो | नई दिल्ली, 22 जुलाई 2025 India-US Trade Deal को लेकर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं, लेकिन वाशिंगटन में हुई बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। भारत का डेलिगेशन अमेरिका से लौट चुका है और अब अमेरिका के डेलिगेशन के अगस्त के दूसरे हफ्ते भारत आने की उम्मीद है। लेकिन बड़ा सवाल ये है – क्या 1 अगस्त से भारत को 26% टैरिफ देना पड़ेगा? अमेरिकी चेतावनी: “1 अगस्त से टैरिफ तय हैं” US Commerce Secretary हॉवर्ड लुटनिक ने 20 जुलाई को दिए गए एक इंटरव्यू में साफ कर दिया: “1 अगस्त से नई टैरिफ दरें लागू होंगी। उसके बाद भी बात हो सकती है, लेकिन टैरिफ देना ही होगा।” इस बयान के बाद भारत में एग्रीकल्चर और डेयरी सेक्टर से जुड़े करोड़ों लोगों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यही दो क्षेत्र अमेरिका के मुख्य दबाव बिंदु हैं। भारत का रुख: “डेयरी और मक्का पर नहीं होगा समझौता” सूत्रों के अनुसार, भारत ने अमेरिका की उन मांगों को मानने से इनकार कर दिया है जिनका सीधा असर देश के कृषि ढांचे और 8 करोड़ डेयरी वर्कर्स की आजीविका पर पड़ता। भारत न तो मक्का (corn) और न ही सोयाबीन पर टैरिफ में कटौती को लेकर राजी है। बातचीत में देरी: अमेरिका ने क्यों नहीं भेजा टैरिफ नोटिस? अब तक अमेरिका ने कम से कम 14 देशों को 25% से 40% टैरिफ को लेकर चिट्ठी भेज दी है। लेकिन भारत को ऐसी कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है, जिससे ये उम्मीद बनी हुई है कि बातचीत पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। ट्रंप की BRICS चेतावनी और रूस फैक्टर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि BRICS देश डॉलर का विकल्प तलाशते हैं, तो उन पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। साथ ही, रूसी वस्तुओं पर 100% टैरिफ और रूसी तेल खरीदने वालों पर सख्ती के संकेत भी दिए हैं। भारत इस समय रूसी कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है, ऐसे में यह चेतावनी भारत की ऊर्जा नीति को प्रभावित कर सकती है। निष्कर्ष: क्या है अगला कदम? अब सबकी निगाहें अगस्त के दूसरे हफ्ते पर हैं, जब अमेरिकी ट्रेड डेलीगेशन भारत आएगा। अगर तब तक समाधान नहीं निकला, तो भारत को बड़ी आर्थिक चोट झेलनी पड़ सकती है, खासतौर पर एक्सपोर्ट और कृषि-आधारित उद्योगों में।
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बिलासपुर केंद्रीय जेल से 19 बंदी रिहा, 15 से 16 साल की सजा काटने के बाद मिली मुक्ति

बिलासपुर केंद्रीय जेल में लंबे समय से बंद 19 पुरुष बंदियों को शुक्रवार को रिहा कर दिया गया। ये बंदी 15 से 16 साल तक जेल में सजा काट चुके थे। सजा की अवधि पूरी होने के बावजूद शासन स्तर से माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई लंबित थी। जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता के निरीक्षण के दौरान यह मामला सामने आया था। इसके बाद संबंधित बंदियों के प्रकरणों की समीक्षा की गई और रिहाई का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। स्वीकृति मिलने के बाद सभी 19 बंदियों को जेल से रिहा कर दिया गया। बंदियों से बातचीत में सामने आई थी समस्या केंद्रीय जेल के निरीक्षण के दौरान जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता ने बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। इस दौरान कुछ बंदियों ने बताया कि वे अपनी सजा की अवधि पूरी कर चुके हैं, लेकिन माफी संबंधी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो पा रही है। मामले की जानकारी मिलने के बाद संबंधित बंदियों के आचरण और जेल के अभिलेखों की जांच कराई गई। परीक्षण के दौरान अच्छे आचरण वाले और अधिक उम्र के बंदियों के प्रकरणों पर विचार करते हुए रिहाई के प्रस्ताव तैयार किए गए और शासन को भेजे गए। परिवार के बीच लौटकर नई शुरुआत का अवसर शासन से स्वीकृति मिलने के बाद शुक्रवार को 19 पुरुष बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद अब ये बंदी अपने परिवारों के बीच लौट सकेंगे और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नई शुरुआत कर सकेंगे। रिहाई के दौरान केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी, जेलर विजयानंद सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार, सभी 19 बंदियों को शासन के निर्देश पर रिहा किया गया है।

ग्वालियर के दारुल कुरआन मदरसे पर कार्रवाई की मांग, 4 दिन में तालाबंदी का अल्टीमेटम

ग्वालियर के एजी ऑफिस स्थित ‘दारुल कुरआन’ मदरसे में मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम के निरीक्षण के बाद विवाद बढ़ गया है। मदरसे में बच्चों की देखरेख, साफ-सफाई और जरूरी दस्तावेजों को लेकर सामने आई कथित अनियमितताओं के विरोध में राष्ट्रीय सनातन सेना ने प्रदर्शन किया। संगठन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि चार दिन के भीतर मदरसे पर ताला नहीं लगाया गया, तो उसके कार्यकर्ता खुद तालाबंदी करेंगे। संगठन के पदाधिकारियों ने बच्चों के साथ किसी भी तरह की गलत हरकत सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। निरीक्षण के दौरान मिले थे 26 बच्चे शुक्रवार को मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता ने बाल कल्याण समिति (CWC) की टीम के साथ मदरसे का औचक निरीक्षण किया था। मौके पर 4 से 14 वर्ष की उम्र के 8 बच्चियां और 18 बच्चे मिले थे। इस तरह कुल 26 बच्चे मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि रजिस्टर्ड 15 बच्चियों में से मौके पर केवल 8 मौजूद थीं। खबर के अनुसार, कुछ बच्चियों को पिछले रास्ते से बाहर भेजे जाने की आशंका भी जताई गई। हालांकि, इस संबंध में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं। टीम के मुताबिक, मदरसा प्रबंधन मौके पर मान्यता और पंजीकरण से जुड़े जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। बच्चों की सुरक्षा और संस्थान के संचालन से संबंधित पहलुओं की जांच की जा रही है। रसोई और टॉयलेट में मिली गंदगी निरीक्षण के दौरान टीम को रसोईघर और टॉयलेट में गंदगी मिली। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ जगहों पर दरवाजे भी नहीं थे। बच्चों के सोने की व्यवस्था पर भी सवाल उठे। बताया गया कि 42 पंजीकृत बच्चों के लिए एक छोटे हॉल में पलंग के बजाय पतली चादरों पर सोने की व्यवस्था थी। इन स्थितियों को लेकर बाल अधिकारों और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठाए गए हैं। राष्ट्रीय सनातन सेना ने की सख्त कार्रवाई की मांग राष्ट्रीय सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवती शुक्ला ने मदरसे में कथित अनियमितताओं पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की। संगठन ने आरोप लगाया कि ऐसे संस्थानों में बच्चों को भड़काऊ शिक्षा दी जा रही है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। फिलहाल, मदरसे के संचालन, निर्माण, जमीन और फंडिंग के स्रोतों से जुड़े पहलुओं की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई और आधिकारिक निष्कर्षों पर नजर रहेगी।
Vishwas Sarang

Vishwas Sarang खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचे मंत्री, कॉरिडोर और दशहरा मैदान का लिया जायजा

राजधानी भोपाल के छोला स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर को आने वाले समय में नई पहचान मिलने जा रही है। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से यहां भव्य श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। मंत्री विश्वास सारंग (Vishwas Sarang) ने रावतपुरा सरकार के साथ मंदिर में दर्शन किए और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों और छोला दशहरा मैदान का निरीक्षण कर अधिकारियों से परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। इस परियोजना का मकसद सिर्फ मंदिर परिसर का विस्तार करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को बेहतर दर्शन व्यवस्था, आधुनिक सुविधाएं और धार्मिक वातावरण उपलब्ध कराना भी है। योजना को ‘विरासत भी और विकास भी’ की भावना के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। 100 करोड़ रुपये से बदलेगा खेड़ापति हनुमान मंदिर का स्वरूप श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर को लगभग 21 एकड़ क्षेत्र में विकसित करने की योजना है। जुलाई 2026 में प्रकाशित परियोजना संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, इसके निर्माण में राजस्थान के व्हाइट मार्बल और प्राचीन नागर शैली की वास्तुकला का इस्तेमाल किया जाना है। मंत्री विश्वास सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा किया जाए और गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न हो। साथ ही मंदिर के पुराने गर्भगृह की मूल संरचना और धार्मिक स्वरूप को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया है। सुंदरकांड की झलक से सजेगा भव्य कॉरिडोर हनुमान लोक कॉरिडोर की खास बात यह होगी कि इसमें सुंदरकांड से जुड़े प्रसंगों की झलक देखने को मिलेगी। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव भी मिलेगा। कॉरिडोर को पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक निर्माण के मेल से विकसित करने की योजना है। इससे मंदिर परिसर की सुंदरता बढ़ने के साथ भोपाल की धार्मिक पहचान को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं को मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं परियोजना के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई तरह के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य खासतौर पर धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानियों को कम करना है। Chhola Dussehra Maidan का भी होगा विकास मंत्री विश्वास सारंग ((Vishwas Sarang)) ने छोला दशहरा मैदान का भी निरीक्षण किया। योजना के तहत मैदान के खुले स्वरूप को बनाए रखते हुए सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जानी हैं। यहां दर्शक दीर्घा, मंच और दशहरा जैसे आयोजनों के लिए आवश्यक अधोसंरचना तैयार करने की योजना है। इससे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। स्थानीय लोगों और कारोबारियों का भी रखा जाएगा ध्यान निर्माण कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों की सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि यातायात व्यवस्था सुचारु रहे और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। परियोजना से संबंधित पूर्व में प्रकाशित जानकारी में दर्शक दीर्घा के नीचे 100 से अधिक दुकानों के निर्माण का प्रस्ताव भी सामने आया था। इसका उद्देश्य स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। Bhopal की धार्मिक पहचान को मिलेगी नई पहचान श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर भोपाल के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। ऐसे में कॉरिडोर का विकास शहर के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था और सार्वजनिक आयोजनों के लिए सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है। हालांकि, निर्माण पूरा होने की निश्चित तारीख और वर्तमान प्रगति की ताजा आधिकारिक स्थिति की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। कुल मिलाकर, श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर भोपाल में आस्था और आधुनिक विकास को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है। अब श्रद्धालुओं को इंतजार है कि यह भव्य परिसर कब पूरी तरह तैयार होकर उनके लिए नई सुविधाओं के साथ खुलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Philippines

Philippines Plane Crash: ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा, 4 पायलटों की गई जान

फिलीपींस (Philippines) से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां ट्रेनिंग के दौरान वायुसेना के दो सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए। इस हादसे में चार पायलटों की मौत हो गई। घटना के बाद फिलीपींस एयर फोर्स ने एहतियात के तौर पर SF-260 ट्रेनिंग विमानों की उड़ान पर रोक लगा दी है। वहीं, दुर्घटना की असली वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। Philippines Plane Crash: कहां और कब हुआ हादसा? यह हादसा 23 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के बटांगस प्रांत के लिपा शहर में स्थित फर्नांडो एयर बेस के पास हुआ। वायुसेना के अनुसार, दुर्घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 3:51 बजे हुई। दोनों विमान ट्रेनिंग फ्लाइट पर थे। शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि उड़ान के दौरान दोनों विमान हवा में टकरा गए, जिसके बाद वे दुर्घटनाग्रस्त हो गए। हालांकि, टक्कर किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या वजह थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। हादसे में चार पायलटों की मौत इस दुर्घटना में दोनों विमानों में सवार चारों पायलटों की जान चली गई। इस खबर के सामने आने के बाद वायुसेना ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। अधिकारियों ने परिवारों को जरूरी सहायता देने की बात भी कही है। वायुसेना के मुताबिक, हादसा एयर बेस की सीमा के भीतर हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जमीन पर मौजूद किसी अन्य व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। दुर्घटना के बाद SF-260 विमानों की उड़ान पर रोक हादसे के बाद फिलीपींस एयर फोर्स ने एहतियाती कदम उठाते हुए SF-260 ट्रेनिंग विमानों के पूरे बेड़े की उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं। जांच के दौरान इन विमानों को उड़ान भरने की अनुमति नहीं होगी। इस फैसले का उद्देश्य दुर्घटना की वजह का पता लगाना और विमानों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच करना है। फिलहाल तकनीकी खराबी, मानवीय चूक या किसी अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के नतीजे आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पहले भी हो चुका है SF-260 विमान हादसा फिलीपींस में SF-260 विमान से जुड़ी दुर्घटना पहले भी सामने आ चुकी है। मई 2026 में उत्तरी फिलीपींस के बेंगुएट प्रांत में एक ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। उस हादसे में दो सैन्य पायलटों की मौत हुई थी। ताजा दुर्घटना के बाद सैन्य ट्रेनिंग विमानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद सामने आएगी हादसे की वजह फिलीपींस एयर फोर्स ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि दोनों विमान किस परिस्थिति में दुर्घटनाग्रस्त हुए और क्या इसमें किसी तकनीकी समस्या की भूमिका थी। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि हादसे में चार पायलटों की जान चली गई है। वायुसेना ने संबंधित विमानों की उड़ान रोक दी है और जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Yogi Adityanath

Yogi Adityanath जिस जमीन पर था भू-माफिया का कब्जा, वहां अब बना फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने भू-माफिया से सरकारी जमीन वापस लेने की कहानी सुनाते हुए बताया कि जिस जमीन को कभी कब्जे से मुक्त कराना मुश्किल हो रहा था, आज उसी पर स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट (State Forensic Science Institute) बनाया गया है। इस उदाहरण के जरिए उन्होंने प्रदेश में जमीनों को कब्जे से मुक्त कराने, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों का जिक्र किया। सीएम योगी ने यह बात 15 जून 2026 को लखनऊ में आयोजित डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग ‘त्रिवेणी’ के समापन सत्र में कही। उन्होंने बताया कि सरकारी जमीन को वापस लेकर उसका इस्तेमाल एक महत्वपूर्ण संस्थान बनाने के लिए किया गया। कैसे भू-माफिया के कब्जे में पहुंची सरकारी जमीन? लखनऊ के सरोजनी नगर इलाके में स्थित इस जमीन का मामला कई साल पुराना है। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 57 एकड़ जमीन वर्ष 1955 में एक ट्रैक्टर कंपनी को 10 साल की लीज पर दी गई थी। लीज की अवधि पूरी होने के बाद जमीन ग्राम सभा के नाम दर्ज की गई। बाद में जमीन के दस्तावेजों में कथित हेराफेरी कर उसे दूसरे नाम पर दर्ज कराने के आरोप सामने आए। जांच में जमीन को वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज कराने और फिर रियल एस्टेट कंपनियों के बीच हस्तांतरित करने से जुड़े आरोपों की पड़ताल की गई। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें हुईं। इसके बाद प्रशासन और पुलिस ने दस्तावेजों की जांच शुरू की। जमीन के स्वामित्व और कथित अवैध हस्तांतरण का मामला प्रशासनिक कार्रवाई तक पहुंचा। 2015 में वापस मिली जमीन, फिर शुरू हुई संस्थान बनाने की तैयारी उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 17 दिसंबर 2015 को जिला प्रशासन ने जमीन को कब्जे से मुक्त कराया। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई थी। कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। जमीन वापस मिलने के बाद इसके इस्तेमाल को लेकर योजना बनाई गई। आगे चलकर इसी जगह उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट स्थापित करने का फैसला हुआ। यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया, क्योंकि जमीन को लेकर विवाद और कब्जे की शिकायतों के बाद उसका इस्तेमाल सार्वजनिक उद्देश्य के लिए किए जाने की योजना बनी। ₹200 करोड़ की लागत से बना Forensic Science Institute लखनऊ के सरोजनी नगर में इस संस्थान की आधारशिला 1 अगस्त 2021 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रखी थी। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। शुरुआती रिपोर्टों में परियोजना की लागत करीब 200 करोड़ रुपये बताई गई थी। संस्थान का उद्देश्य फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञ तैयार करना और पुलिस व जांच एजेंसियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है। यहां वैज्ञानिक जांच, साइबर सुरक्षा और अपराध से जुड़े साक्ष्यों के विश्लेषण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। आज के समय में आपराधिक मामलों की जांच केवल गवाहों और बयानों तक सीमित नहीं है। डीएनए जांच, डिजिटल साक्ष्य और दूसरे वैज्ञानिक तरीकों की मदद से जांच को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। ऐसे संस्थान इसी जरूरत को पूरा करने में अहम भूमिका निभाते हैं। CM Yogi ने क्यों सुनाया जमीन का यह किस्सा? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उदाहरण के जरिए बताया कि सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराकर उसका इस्तेमाल विकास कार्यों में किया जा सकता है। उनके बयान का मुख्य संदेश यह था कि जिस जमीन पर कभी कब्जे की समस्या थी, उसी पर अब शिक्षा और आधुनिक तकनीक से जुड़ा संस्थान बनाया गया है। सीएम योगी ने इसे प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधारने और भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई से जोड़कर पेश किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास, डिफेंस कॉरिडोर और ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। हालांकि, जमीन से जुड़े आरोपों और कानूनी दावों को समझने के लिए प्रशासनिक रिकॉर्ड तथा जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण हैं। भू-माफिया से मुक्त जमीन पर आवास योजना भी चर्चा में उत्तर प्रदेश में कब्जे से मुक्त कराई गई जमीनों का सार्वजनिक इस्तेमाल हाल के महीनों में भी चर्चा में रहा है। अक्टूबर 2026 में प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके में माफिया अतीक अहमद से जुड़ी बताई गई जमीन पर आवासीय परियोजना की शुरुआत की खबर सामने आई। 15 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पद्मलोक आवास योजना के तहत 602 फ्लैटों की परियोजना का भूमि पूजन किया। परियोजना की लागत 191 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई। इसी दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पीपलगांव में बने 556 घरों के लाभार्थियों को चाबियां सौंपने की जानकारी भी सामने आई। इन परियोजनाओं को राज्य सरकार जमीन के इस्तेमाल को आम लोगों के आवास और विकास से जोड़ने के उदाहरण के तौर पर पेश कर रही है। सरकारी जमीन से संस्थान तक, क्या है इस खबर का महत्व? लखनऊ के फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट की कहानी में जमीन का पुराना विवाद, प्रशासनिक कार्रवाई और सार्वजनिक उपयोग के लिए संस्थान बनाने की प्रक्रिया शामिल है। यह मामला दिखाता है कि सरकारी जमीन को लेकर विवाद सुलझने के बाद उसका इस्तेमाल शिक्षा और वैज्ञानिक जांच जैसी जरूरतों के लिए किया जा सकता है। सीएम योगी के बयान ने इस पुराने मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अब यह कहानी सिर्फ जमीन वापस लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात पर भी ध्यान खींचती है कि सरकारी संपत्ति का इस्तेमाल किस तरह सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण में किया जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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