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भारत-अफगानिस्तान तीसरा टी-20 आज, वैभव सूर्यवंशी को मिल सकता है डेब्यू का मौका

भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला आज दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच से पहले टॉस कुछ देर बाद होगा। भारतीय टीम शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुकी है। भारत ने दोनों मैचों में अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराया था। सीरीज अपने नाम करने के बाद भारतीय टीम मैनेजमेंट तीसरे मुकाबले में कुछ नए खिलाड़ियों को मौका दे सकता है। वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर नजर 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को तीसरे टी-20 मुकाबले में भारत की ओर से अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का मौका मिल सकता है। सीरीज में भारत की बढ़त के कारण टीम मैनेजमेंट बेंच स्ट्रेंथ को आजमाने और युवा खिलाड़ियों को मैच अनुभव देने पर विचार कर सकता है। वैभव को क्यों मिल सकता है मौका? 1. भारत ने सीरीज में बनाई 2-0 की बढ़त भारतीय टीम शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर सीरीज पर कब्जा कर चुकी है। ऐसे में तीसरे मैच में नए खिलाड़ियों को आजमाने का विकल्प मौजूद है। 2. एशियन गेम्स से पहले मैच प्रैक्टिस वैभव सूर्यवंशी, वॉशिंग्टन सुंदर और यश ठाकुर जैसे खिलाड़ियों को मुकाबले में उतारकर उन्हें मैच प्रैक्टिस देने का मौका मिल सकता है। 3. ओपनिंग के लिए बैकअप तैयार करने की योजना एशियन गेम्स को ध्यान में रखते हुए अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ओपनिंग के विकल्प माने जा रहे हैं। वैभव सूर्यवंशी को मौका देकर टीम तीसरे ओपनिंग विकल्प को भी तैयार कर सकती है। हालांकि, वैभव के अंतिम प्लेइंग-11 में शामिल होने का फैसला टॉस के बाद ही स्पष्ट होगा। भारत की नजर क्लीन स्वीप पर भारतीय टीम तीसरा मुकाबला जीतकर अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में क्लीन स्वीप करना चाहेगी। वहीं, अफगानिस्तान की टीम आखिरी मैच जीतकर सीरीज का अंत जीत के साथ करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।
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WPL 2027 का शेड्यूल जारी, 14 जनवरी से शुरू होगा सीजन; IPL मिनी ऑक्शन तीन साल बाद भारत लौटेगा

स्पोर्ट्स डेस्क। विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) का पांचवां सीजन 14 जनवरी से 7 फरवरी 2027 तक खेला जाएगा। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। पांच फ्रेंचाइजी वाली इस लीग का ऑक्शन 28 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा, जबकि खिलाड़ियों को रिटेन करने की आखिरी तारीख 28 सितंबर तय की गई है। इसके साथ ही इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का मिनी ऑक्शन भी तीन साल बाद भारत में आयोजित किया जा सकता है। हालांकि, इसकी तारीख और वेन्यू अभी तय नहीं किए गए हैं। मंगलवार को हुई IPL गवर्निंग काउंसिल की बैठक में इस संबंध में फैसला लिया गया। तीन साल बाद भारत लौटेगा IPL मिनी ऑक्शन 2023 में कोच्चि में ऑक्शन आयोजित होने के बाद लगातार तीन साल तक IPL की नीलामी भारत के बाहर हुई। 2024 में दुबई, 2025 में जेद्दा और 2026 में अबू धाबी में ऑक्शन आयोजित किया गया था। अब BCCI ने मिनी ऑक्शन को दोबारा भारत में कराने की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि, ऑक्शन की तारीख और शहर को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। होटल और लॉजिस्टिक व्यवस्था पर रहेगा जोर ऑक्शन का वेन्यू तय करते समय BCCI फ्रेंचाइजियों और उनके प्रतिनिधिमंडल के ठहरने की व्यवस्था को प्राथमिकता देगा। अक्टूबर से दिसंबर के बीच भारत में वेडिंग सीजन होने के कारण पांच सितारा होटलों में पर्याप्त कमरे उपलब्ध होना भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहेगा। BCCI को ऑक्शन के लिए लगभग दो रातों के लिए 100 से अधिक कमरों की जरूरत होती है। ऐसे में होटल की उपलब्धता और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को ध्यान में रखकर शहर का चयन किया जाएगा। विदेश में ऑक्शन कराने से फ्रेंचाइजियों को परेशानी IPL ऑक्शन को भारत वापस लाने के फैसले में फ्रेंचाइजियों के फीडबैक की भी भूमिका रही है। टीमों ने अपने प्रतिनिधिमंडल को विदेश ले जाने से जुड़ी लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल परेशानियों का मुद्दा उठाया था। पिछले साल अबू धाबी में हुए ऑक्शन के दौरान भी टीमों की ओर से ऐसी चिंताएं सामने आई थीं। इसके बाद IPL गवर्निंग काउंसिल ने इस साल के मिनी ऑक्शन के लिए भारत में संभावित वेन्यू तलाशने का निर्णय लिया। 2027 में मिनी और 2028 में मेगा ऑक्शन IPL 2027 में मिनी ऑक्शन आयोजित किया जाएगा। वहीं, 2028 में मेगा ऑक्शन होने की संभावना है। मेगा ऑक्शन को भारत के बाहर आयोजित करने के विकल्प पर भी विचार किया जा सकता है। मिनी ऑक्शन आमतौर पर दिसंबर में आयोजित किया जाता है, लेकिन 2027 के ऑक्शन की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर अगले महीने फैसला IPL गवर्निंग काउंसिल की बैठक में इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। BCCI ने सभी 10 फ्रेंचाइजियों से इस नियम को लेकर लिखित फीडबैक मांगा था। रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर फ्रेंचाइजियां मौजूदा नियम के खिलाफ बताई जा रही हैं। कुछ टीमों का कहना है कि उन्होंने इम्पैक्ट प्लेयर नियम को ध्यान में रखकर अपनी स्क्वॉड तैयार की है। ऐसे में नियम को हटाने या बदलने का फैसला अगले साल तक टाला जा सकता है। करीब एक महीने बाद IPL गवर्निंग काउंसिल की दोबारा बैठक होगी। इसमें इम्पैक्ट प्लेयर नियम को जारी रखने, उसमें बदलाव करने या उसे पूरी तरह हटाने पर फैसला लिया जाएगा। इम्पैक्ट प्लेयर नियम क्या है? इम्पैक्ट प्लेयर नियम के तहत टीम मैच के दौरान एक अतिरिक्त खिलाड़ी का इस्तेमाल कर सकती है। इससे टीमों को बल्लेबाजी और गेंदबाजी के अलग-अलग संयोजन आजमाने का विकल्प मिलता है। नियम के समर्थकों का तर्क है कि इससे टीम की बल्लेबाजी मजबूत होती है और बड़े स्कोर वाले मुकाबले देखने को मिलते हैं। वहीं, विरोध करने वालों का मानना है कि अतिरिक्त खिलाड़ी की सुविधा से ऑलराउंडरों की भूमिका प्रभावित हो सकती है। WPL 2027 ऑक्शन की भी तैयारियां शुरू BCCI IPL के साथ-साथ WPL 2027 के ऑक्शन की तैयारियां भी कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, WPL का ऑक्शन 28 अक्टूबर को कोच्चि में आयोजित किया जा सकता है। WPL 2027 के मैचों के लिए मुंबई के ब्रेबॉर्न स्टेडियम को प्रमुख वेन्यू के तौर पर तय किया गया है। इसके अलावा वडोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम और वाराणसी के नए स्टेडियम को संभावित आयोजन स्थलों के रूप में देखा जा रहा है। वाराणसी के नए स्टेडियम का निरीक्षण करेगी BCCI टीम BCCI की क्रिकेट ऑपरेशंस टीम वाराणसी के नए स्टेडियम का निरीक्षण करेगी। टीम स्टेडियम की सुविधाओं और मैचों के आयोजन की तैयारियों का जायजा लेगी। यदि स्टेडियम जनवरी तक तैयार हो जाता है, तो WPL के कुछ मुकाबले यहां आयोजित किए जा सकते हैं। इससे पहले मैदान पर घरेलू या अभ्यास मैच कराने का विकल्प भी मौजूद रहेगा। बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम को भी संभावित वेन्यू के रूप में चर्चा में रखा गया था। हालांकि, वहां स्थानीय अधिकारियों से कई अनुमतियां लेने की आवश्यकता होगी। ब्रेबॉर्न स्टेडियम में दो बार हो चुका है WPL फाइनल मुंबई के ब्रेबॉर्न स्टेडियम में WPL के पहले सीजन 2023 और 2025 के फाइनल खेले गए थे। पिछले सीजन में नई फ्लडलाइट्स लगाने के काम के कारण यहां मुकाबले आयोजित नहीं किए गए थे। 2026-27 रणजी ट्रॉफी में ब्रेबॉर्न रेलवे का घरेलू मैदान भी रहेगा। रेलवे यहां तीन मुकाबले खेलेगा। ब्रेबॉर्न और वडोदरा का कोटाम्बी स्टेडियम 14 से 28 फरवरी 2027 तक होने वाली छह टीमों की पहली ICC विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी भी करेंगे। 2026 WPL का फाइनल कोटाम्बी में खेला गया था, जिसमें RCB ने दिल्ली कैपिटल्स को 6 विकेट से हराया था। आने वाले महीनों में BCCI का व्यस्त कार्यक्रम BCCI के लिए आने वाले महीने काफी व्यस्त रहने वाले हैं। इस दौरान IPL और WPL के ऑक्शन के साथ WPL 2027 और छह टीमों वाली विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन की तैयारियां भी की जाएंगी।
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India vs Afghanistan T20

India vs Afghanistan T20: Sanju Samson का तूफान, Rohit Sharma के खास क्लब में शामिल; Afghanistan फिर हारा

India vs Afghanistan T20 के बीच खेले गए दूसरे T20 मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार जीत दर्ज की। मैच में सबसे ज्यादा चर्चा Sanju Samson की रही, जिन्होंने सिर्फ 22 गेंदों में 57 रन बनाकर अफगानिस्तान के गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ा दीं। उनकी इस तेज पारी ने न सिर्फ मैच का रुख बदला, बल्कि उन्हें Rohit Sharma और KL Rahul के खास रिकॉर्ड क्लब में भी पहुंचा दिया। भारत ने इस मुकाबले को 7 विकेट से अपने नाम किया। इसके साथ ही तीन मैचों की T20 सीरीज में टीम इंडिया ने 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। Sanju Samson ने आते ही बदला मैच का रंग लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को Sanju Samson ने आक्रामक शुरुआत दी। उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाए और महज 22 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी कर ली। सैमसन ने अपनी 57 रन की पारी में 7 चौके और 4 छक्के लगाए। उनकी बल्लेबाजी देखकर ऐसा लगा कि वह अफगानिस्तान के गेंदबाजों को कोई मौका देने के मूड में नहीं थे। हालांकि उनकी पारी ज्यादा देर नहीं चली, लेकिन इतने कम समय में उन्होंने मैच पर अपनी छाप छोड़ दी। Rohit Sharma और KL Rahul के क्लब में पहुंचे Samson Sanju Samson के लिए यह मुकाबला रिकॉर्ड के लिहाज से भी खास रहा। उन्होंने T20I में बतौर ओपनर भारत के लिए 1,000 रन पूरे कर लिए। इस उपलब्धि के साथ वह Rohit Sharma और KL Rahul के बाद भारत के तीसरे ऐसे बल्लेबाज बन गए, जिन्होंने T20I में ओपनर के तौर पर 1,000 रन बनाए हैं। यह रिकॉर्ड सैमसन के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि लंबे समय से उनकी बल्लेबाजी और टीम में भूमिका को लेकर चर्चा होती रही है। 159 रन के लक्ष्य को भारत ने आसानी से किया हासिल अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 159/8 रन बनाए। भारत के सामने 160 रन का लक्ष्य था। टीम इंडिया ने इस लक्ष्य को सिर्फ 14.5 ओवर में 3 विकेट खोकर 163 रन बनाते हुए हासिल कर लिया। भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही रन बनाने की रफ्तार बनाए रखी और अफगानिस्तान को दबाव से बाहर निकलने का ज्यादा मौका नहीं मिला। Afghanistan के खिलाफ भारत का दबदबा जारी इस हार के साथ अफगानिस्तान के खिलाफ भारत का दबदबा एक बार फिर देखने को मिला। सीरीज के शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर भारत ने 2-0 की बढ़त हासिल कर ली है। अफगानिस्तान के लिए अब तीसरा मुकाबला काफी अहम होगा। टीम की कोशिश हार का सिलसिला रोककर सीरीज का अंत जीत के साथ करने की होगी। वहीं भारत की नजर अब सीरीज में क्लीन स्वीप पर रहेगी। Sanju Samson की पारी बनी मैच की बड़ी Highlight दूसरे T20I में भारत की जीत के कई कारण रहे, लेकिन Sanju Samson की तूफानी पारी सबसे बड़ी Highlight रही। 22 गेंदों में 57 रन ने भारतीय पारी को तेज रफ्तार दी और टीम को लक्ष्य तक पहुंचने में मदद की। सैमसन के रिकॉर्ड और उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने इस मुकाबले को उनके लिए यादगार बना दिया। अब क्रिकेट फैंस की नजरें अगले T20I पर हैं, जहां भारतीय टीम अपनी जीत की लय बरकरार रखना चाहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Dhiraj Bommadevara

Dhiraj Bommadevara Gold: Archery World Cup Final में धीरज ने मारी बाजी, बना दिया रिकॉर्ड

Archery World Cup Final 2026: भारतीय तीरंदाजी के लिए यह दिन यादगार बन गया है। स्टार रिकर्व तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा (Dhiraj Bommadevara) ने आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। जापान के नाकानिशी जुन्या के खिलाफ मुकाबला बेहद कड़ा रहा और आखिरकार फैसला शूट-ऑफ में हुआ। धीरज ने दबाव के बीच शानदार निशाना लगाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ धीरज World Cup Final में व्यक्तिगत गोल्ड जीतने वाले भारत के पहले पुरुष रिकर्व तीरंदाज बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि से भारतीय आर्चरी के खाते में एक और बड़ी कामयाबी जुड़ गई है। Shoot-off में धीरज ने दिखाया गजब का धैर्य फाइनल में दोनों तीरंदाजों के बीच शुरुआत से ही कांटे की टक्कर देखने को मिली। कोई भी खिलाड़ी आसानी से बढ़त छोड़ने को तैयार नहीं था। मुकाबला जब शूट-ऑफ तक पहुंचा तो हर तीर के साथ रोमांच बढ़ता गया। यहीं धीरज ने अपने अनुभव और संयम का शानदार इस्तेमाल किया। निर्णायक निशाने में उन्होंने सटीक प्रदर्शन किया और Gold Medal अपने नाम कर लिया। Dola Banerjee के बाद भारत को मिली बड़ी कामयाबी धीरज की जीत का रिश्ता भारतीय आर्चरी के एक पुराने गौरव से भी जुड़ता है। साल 2007 में डोला बनर्जी ने World Cup Final में महिला रिकर्व इंडिविजुअल इवेंट का गोल्ड मेडल जीता था। वह इस स्तर पर व्यक्तिगत खिताब जीतने वाली पहली भारतीय तीरंदाज बनी थीं। अब धीरज बोम्मादेवरा ने पुरुष वर्ग में यह उपलब्धि हासिल कर भारतीय आर्चरी के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है। यानी World Cup Final के व्यक्तिगत गोल्ड की कहानी में भारत के लिए डोला बनर्जी के बाद अब धीरज का नाम भी जुड़ गया है। 2026 में धीरज का शानदार सफर जारी धीरज के लिए 2026 लगातार उपलब्धियों वाला साल साबित हो रहा है। बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उन्होंने लगातार अपनी क्षमता दिखाई है। World Cup Final का यह गोल्ड उनके शानदार प्रदर्शन में एक और बड़ी उपलब्धि है। खास बात यह है कि धीरज ने सिर्फ अच्छे प्रदर्शन के दम पर ही नहीं, बल्कि दबाव वाले मुकाबलों में खुद को संभालकर भी प्रभावित किया है। शूट-ऑफ जैसे निर्णायक पल में शांत रहना उनकी इस जीत की सबसे बड़ी खासियत रही। Indian Archery के लिए क्यों खास है यह Gold? धीरज बोम्मादेवरा की जीत सिर्फ एक खिलाड़ी की सफलता नहीं है। यह भारतीय तीरंदाजी के बढ़ते स्तर का भी संकेत है। रिकर्व वर्ग में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों के बीच भारत की मजबूत मौजूदगी अब लगातार देखने को मिल रही है। World Cup Final जैसे बड़े मंच पर गोल्ड जीतकर धीरज ने भारतीय फैंस की उम्मीदों को और बढ़ा दिया है। अब उनकी नजर आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भी इसी लय को बनाए रखने पर होगी। धीरज का यह Gold भारतीय आर्चरी के लिए सिर्फ एक मेडल नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के तीरंदाजों के लिए एक बड़ी प्रेरणा भी है।
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Junior Hockey Asia Cup

Junior Hockey Asia Cup भारत की Double Victory, Men’s Team ने South Korea और Women’s ने China को दी मात

भारतीय हॉकी के लिए यह दिन गर्व से भर देने वाला रहा। Junior Hockey Asia Cup में भारत की Men’s और Women’s दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया। Men’s Team ने फाइनल में South Korea को 4-1 से हराया, वहीं Women’s Team ने China को 1-0 से मात देकर Championship जीत ली। दोनों मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों का जोश और आत्मविश्वास देखने लायक रहा। मेंस टीम ने जहां आक्रामक अंदाज में गोल दागे, वहीं विमेंस टीम ने कड़े मुकाबले में अपनी बढ़त को बचाए रखा। Men’s Team ने South Korea के खिलाफ दिखाया दम फाइनल में भारतीय Men’s Junior Hockey Team के सामने South Korea की चुनौती थी। मुकाबले की शुरुआत से ही भारतीय खिलाड़ियों ने तेजी के साथ खेलते हुए विपक्षी टीम पर दबाव बनाया। भारत ने लगातार अटैक किए और मिले मौकों को गोल में बदलने में कामयाब रहा। South Korea ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन भारतीय टीम ने अपनी पकड़ ढीली नहीं होने दी। आखिरकार भारत ने फाइनल 4-1 से जीतकर Junior Asia Cup Trophy अपने नाम कर ली। Women’s Team की China पर रोमांचक जीत Women’s Junior Hockey Team का फाइनल मुकाबला इसके मुकाबले ज्यादा करीबी रहा। भारत और China के बीच शुरुआत से ही कड़ा संघर्ष देखने को मिला। भारतीय खिलाड़ियों ने गोल करने के साथ-साथ डिफेंस पर भी पूरा ध्यान रखा। टीम ने मुकाबले में 1-0 की बढ़त हासिल की और फिर आखिरी सीटी तक इसे बरकरार रखा। China ने बराबरी की कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंस ने शानदार तरीके से उसके हमलों को रोका। इस तरह Women’s Team ने भी 1-0 से जीत दर्ज कर Asia Cup Trophy अपने नाम कर ली। भारत के लिए Double Championship Junior Hockey Asia Cup में Men’s और Women’s दोनों टीमों का Champion बनना भारतीय हॉकी के लिए बड़ी उपलब्धि है। दोनों टीमों ने फाइनल में अलग-अलग अंदाज में जीत हासिल की, लेकिन दोनों का लक्ष्य एक ही था—भारत के लिए Trophy जीतना। यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि जूनियर स्तर के खिलाड़ी भविष्य में Senior Indian Hockey Teams का हिस्सा बन सकते हैं। ऐसे में इन खिलाड़ियों का बड़े मुकाबलों में दबाव संभालना और खिताब जीतना भारतीय हॉकी के लिए अच्छी खबर है। युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन से बढ़ी उम्मीद भारत की इस Double Victory ने एक बार फिर दिखाया है कि देश में हॉकी की नई प्रतिभाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। Men’s Team की 4-1 की शानदार जीत हो या Women’s Team की 1-0 की संघर्षपूर्ण सफलता, दोनों मुकाबलों में खिलाड़ियों ने धैर्य और टीमवर्क का परिचय दिया। अब इन युवा खिलाड़ियों से आने वाले वर्षों में Senior level पर भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। फिलहाल भारतीय हॉकी के लिए सबसे बड़ी खुशी यही है कि Junior Asia Cup की दोनों Trophies भारत के नाम रहीं।
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Ganga Aarti

Thames River Ganga Aarti: लंदन में पहली बार गंगा आरती, दीपों से जगमगाया नदी किनारा

London Ganga Aarti ब्रिटेन की राजधानी लंदन में भारतीय संस्कृति से जुड़ा एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद लोगों को कुछ देर के लिए वाराणसी की याद दिला दी। पहली बार Thames River के किनारे Ganga Aarti का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। आरती के दौरान दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार और भक्ति का माहौल देखकर ऐसा लगा जैसे भारत के किसी घाट की तस्वीर लंदन में उतर आई हो। Thames River के किनारे गूंजे मंत्र और आरती के स्वर लंदन में आयोजित इस खास कार्यक्रम में पारंपरिक तरीके से गंगा आरती की गई। बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग यहां पहुंचे। उनके साथ दूसरे समुदायों के लोगों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। थेम्स नदी के किनारे जब आरती के दीप जले तो पूरा माहौल आध्यात्मिक नजर आने लगा। विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए यह पल खास था, क्योंकि अपनी परंपरा को इतनी दूर अपने सामने देखना भावनाओं से जुड़ा अनुभव रहा। Varanasi के घाटों की आई याद भारत में वाराणसी की गंगा आरती अपनी भव्यता और आध्यात्मिक माहौल के लिए दुनिया भर में जानी जाती है। लंदन में हुए आयोजन ने भी लोगों को कुछ वैसा ही अनुभव कराया। नदी के किनारे आरती, दीपों की रोशनी और धार्मिक मंत्रों के बीच लोगों की मौजूदगी ने एक अलग ही माहौल बना दिया। हालांकि सामने गंगा नहीं, बल्कि थेम्स नदी थी, लेकिन भारतीय परंपरा ने जगह को खास बना दिया। हजारों लोगों की मौजूदगी ने बनाया यादगार इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना अपने आप में खास रहा। कई लोगों ने आरती में शामिल होकर भारतीय संस्कृति से जुड़ाव महसूस किया। विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए ऐसे कार्यक्रम सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं होते। ये उन्हें अपनी जड़ों, परंपराओं और बचपन से जुड़ी यादों के करीब ले आते हैं। लंदन की गंगा आरती में भी यही भावना साफ दिखाई दी। विदेश में भारतीय संस्कृति का बढ़ता प्रभाव लंदन में पहली बार गंगा आरती का आयोजन भारतीय संस्कृति की बढ़ती वैश्विक पहचान को भी दिखाता है। योग, भारतीय संगीत, त्योहारों और धार्मिक परंपराओं के बाद अब गंगा आरती जैसे आयोजन भी विदेशों में लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। थेम्स के किनारे हुआ यह कार्यक्रम भारतीय समुदाय के लिए गर्व का पल रहा। साथ ही, स्थानीय लोगों को भी भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को करीब से देखने का मौका मिला। सोशल Media पर भी छाई तस्वीरें कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद यह आयोजन सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहा। खासकर दीपों से रोशन नदी किनारा और आरती का दृश्य लोगों को काफी आकर्षित कर रहा है। लंदन की धरती पर भारतीय परंपरा की यह झलक लंबे समय तक लोगों के लिए यादगार रहने वाली है।
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Women's Asia Cup 2026

Women’s Asia Cup 2026: भारत ने जीता 8वां खिताब, Trophy Ceremony पर फिर हुआ विवाद

Women’s Asia Cup 2026 का फाइनल भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए यादगार रहा। भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया। टीम इंडिया की इस जीत में स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की शानदार बल्लेबाजी ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। दोनों ने पहले विकेट के लिए 129 रन जोड़कर भारत को मजबूत शुरुआत दी। लेकिन मैच खत्म होने के बाद कहानी सिर्फ जीत और रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रही। Trophy Ceremony के दौरान भारतीय टीम का रवैया चर्चा में आ गया। टीम ने PCB Chief और ACC अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद फैंस की नारेबाजी ने भी इस पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया। भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराया फाइनल मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। टीम इंडिया ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने श्रीलंका के गेंदबाजों को संभलने का ज्यादा मौका नहीं दिया। शेफाली ने 39 गेंदों में 68 रन बनाए, जबकि स्मृति मंधाना ने 39 गेंदों पर 59 रन की पारी खेली। दोनों के बीच 129 रन की साझेदारी ने भारत के बड़े स्कोर की नींव रख दी। भारत ने 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 183 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर टिक नहीं सकी और 111 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत ने मुकाबला 72 रन से जीतकर Women’s Asia Cup का आठवां खिताब अपने नाम कर लिया। शेफाली ने बनाया तेज Fifty का रिकॉर्ड फाइनल में शेफाली वर्मा का बल्ला जमकर चला। उन्होंने सिर्फ 24 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उनकी पारी ने न सिर्फ भारत को तेज शुरुआत दी, बल्कि टूर्नामेंट में तेज फिफ्टी के रिकॉर्ड में भी उनका नाम दर्ज करा दिया। स्मृति और शेफाली की जोड़ी ने भी एक खास रिकॉर्ड अपने नाम किया। दोनों के बीच हुई 129 रन की साझेदारी ने एक बार फिर साबित किया कि भारतीय टीम की ओपनिंग जोड़ी बड़े मुकाबलों में कितना असर डाल सकती है। Trophy लेने से फिर किया इनकार भारत की जीत के बाद असली चर्चा Trophy Presentation को लेकर शुरू हुई। भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। मोहसिन नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन होने के साथ-साथ एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष भी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक BCCI ने पहले ही अपना रुख साफ कर दिया था कि अगर नकवी ट्रॉफी प्रेजेंटेशन में मौजूद रहते हैं, तो भारतीय टीम उनसे ट्रॉफी स्वीकार नहीं करेगी। इस वजह से फाइनल जीतने के बाद होने वाला ट्रॉफी समारोह भी सामान्य नहीं रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर जीत का जश्न जरूर मनाया, लेकिन नकवी से ट्रॉफी लेने का सवाल विवाद का केंद्र बन गया। फैंस ने लगाए ‘Trophy Chor’ के नारे Trophy Ceremony को लेकर विवाद के बीच दुबई में कुछ फैंस ने मोहसिन नकवी के खिलाफ ‘Trophy Chor’ के नारे भी लगाए। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए और देखते ही देखते यह मामला क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गया। हालांकि भारतीय टीम के लिए इन सबके बीच सबसे बड़ी बात एशिया कप की जीत रही। खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया और फाइनल में श्रीलंका को हराकर खिताब अपने नाम किया। एक तरफ Record, दूसरी तरफ विवाद Women’s Asia Cup 2026 का फाइनल भारतीय टीम के लिए दो वजहों से खास रहा। पहली वजह थी मैदान पर मिली शानदार जीत और दूसरी वजह रही Trophy Ceremony। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की रिकॉर्ड साझेदारी ने भारत को मजबूत शुरुआत दी, जबकि गेंदबाजों ने श्रीलंका को 111 रन पर समेटकर काम पूरा कर दिया। भारत ने आठवीं बार एशिया कप जीतकर इतिहास रचा, लेकिन मैच के बाद Trophy विवाद ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं। मैदान पर टीम इंडिया चैंपियन बनी, लेकिन मैच के बाद ट्रॉफी को लेकर शुरू हुआ विवाद भी लंबे समय तक चर्चा में रहने वाला है।
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महिला एशिया कप फाइनल: भारत ने श्रीलंका को दिया 184 रन का टारगेट, शेफाली-मंधाना ने जड़ी फिफ्टी

भारत ने महिला एशिया कप के फाइनल में श्रीलंका के सामने 184 रन का लक्ष्य रखा है। दुबई में खेले जा रहे खिताबी मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 183 रन बनाए। भारत की ओर से शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने शानदार अर्धशतकीय पारियां खेलीं। शेफाली ने 68 रन, जबकि स्मृति मंधाना ने 59 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 129 रन की शानदार साझेदारी की। शेफाली ने बनाया तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड शेफाली वर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए महज 24 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। यह महिला एशिया कप के इतिहास में अब तक का सबसे तेज अर्धशतक है। शेफाली ने अपनी पारी के दौरान श्रीलंकाई गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। कप्तान हरमनप्रीत और ऋचा जल्दी लौटीं ओपनिंग जोड़ी के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत को कुछ झटके भी लगे। कप्तान हरमनप्रीत कौर 14 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि ऋचा घोष ने 17 रन की पारी खेली। भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 183 रन बनाए। अब श्रीलंका को महिला एशिया कप का खिताब जीतने के लिए 184 रन बनाने होंगे।
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भारत ने अफगानिस्तान के 5 विकेट गिराए, 15 ओवर में 104 रन; नबी-उमरजई क्रीज पर

भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे पहले टी-20 मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार शुरुआत की है। अफगानिस्तान ने 15 ओवर में 5 विकेट गंवाकर 104 रन बना लिए हैं। इस समय मोहम्मद नबी और अजमतुल्लाह उमरजई क्रीज पर मौजूद हैं। भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती ने एक-एक विकेट हासिल किया है, जबकि एक अफगान बल्लेबाज रनआउट हुआ। भारत ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे मुकाबले में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। मैच शुरू होने से पहले पहली बार क्रिकेट मुकाबले में पूरा वंदे मातरम् गाया गया। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत: संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती। अफगानिस्तान: इब्राहिम जादरान (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), सेदीकुल्लाह अटल, दरविश रसूली, अजमतुल्लाह उमरजई, गुलबदीन नायब, मोहम्मद नबी, राशिद खान, मुजीब उर रहमान, नूर अहमद, फजलहक फारूकी। अधिक खेल और देश-दुनिया की खबरों के लिए Desh Har Pal वेबसाइट पढ़ते रहें।
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भारत ने चीन को 1-0 से हराकर जीता जूनियर विमेंस एशिया कप 2026, लगातार तीसरी बार बना चैंपियन

भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जूनियर विमेंस एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। रविवार को चीन के मोकी में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने मेजबान चीन को 1-0 से मात दी। भारत की ओर से सानिका चंद्रकांत माने ने 17वें मिनट में गोल किया, जो पूरे मैच का निर्णायक गोल साबित हुआ। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने इस टूर्नामेंट में लगातार तीसरी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इसके अलावा भारत ने FIH जूनियर वर्ल्ड कप के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है। हर खिलाड़ी को 3 लाख रुपये का इनाम खिताब जीतते ही हॉकी इंडिया ने भारतीय टीम की खिलाड़ियों के लिए बड़ा इनाम घोषित किया। टीम की हर खिलाड़ी को 3 लाख रुपये का कैश प्राइज दिया जाएगा। इसके अलावा सपोर्ट स्टाफ के लिए भी नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है। पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही भारतीय टीम भारत ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया और एक भी मुकाबला नहीं गंवाया। सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने साउथ कोरिया को 5-1 से हराया था, जबकि क्वार्टर फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 19-0 की बड़ी जीत दर्ज की। ग्रुप चरण में भारत का चीन के साथ मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा था। इसके बाद टीम ने जापान को 7-0 और मलेशिया को 11-1 से करारी शिकस्त दी। टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबले में भी भारत ने साउथ कोरिया को 4-1 से हराया था। साउथ कोरिया के नाम सबसे ज्यादा खिताब जूनियर विमेंस एशिया कप के इतिहास में साउथ कोरिया सबसे सफल टीम रही है। उसने अब तक 4 बार खिताब जीता है। भारत और चीन के नाम 3-3 खिताब हैं। भारत ने इससे पहले 2023 और 2024 में भी खिताब जीता था और अब 2026 में लगातार तीसरी बार ट्रॉफी अपने नाम की है। चीन इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 6 बार रनर-अप रह चुका है। वहीं जापान अब तक खिताब नहीं जीत सका है, लेकिन टीम 3 बार तीसरे स्थान पर रही है।
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रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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