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Shubman Gill

India ODI Record: Shubman Gill की कप्तानी में Team India संघर्षरत, एक ही वनडे Series जीत पाई टीम

ICC Champions Trophy जीतने के बाद जिस Team India से लगातार शानदार प्रदर्शन की उम्मीद थी, वही टीम अब वनडे क्रिकेट में संघर्ष करती नजर आ रही है। शुभमन गिल (Shubman Gill) की कप्तानी संभालने के बाद भारतीय टीम का ODI रिकॉर्ड चर्चा का विषय बन गया है। युवा कप्तान से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन शुरुआती दौर में टीम को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। रोहित शर्मा की कप्तानी में Champions Trophy का खिताब जीतने के बाद भारतीय क्रिकेट में बड़ा बदलाव देखने को मिला। भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए शुभमन गिल को वनडे टीम की कमान सौंपी गई। गिल को एक प्रतिभाशाली बल्लेबाज के साथ-साथ भविष्य के लीडर के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन कप्तानी की राह उनके लिए आसान नहीं रही। Champions Trophy जीत के बाद Team India की बदली कहानी Champions Trophy में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी अपने नाम की थी। उस जीत के बाद फैंस को उम्मीद थी कि भारत वनडे क्रिकेट में अपनी बादशाहत कायम रखेगा। लेकिन कप्तानी बदलने के बाद टीम के प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया अब तक वनडे फॉर्मेट में केवल एक सीरीज जीत सकी है। कई मुकाबलों में टीम को करीबी हार का सामना करना पड़ा, जिससे कप्तानी और टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर सवाल उठने लगे हैं। Gill Captaincy में टीम कॉम्बिनेशन बनी बड़ी चुनौती कप्तान शुभमन गिल के सामने सबसे बड़ी चुनौती एक मजबूत और संतुलित प्लेइंग इलेवन तैयार करना है। लगातार खिलाड़ियों की फिटनेस समस्या, चोट और टीम संयोजन में बदलाव ने भारतीय टीम की रणनीति को प्रभावित किया है। बल्लेबाजी विभाग में भारतीय टीम के पास कई बड़े नाम हैं, लेकिन गेंदबाजी में निरंतरता की कमी कई मुकाबलों में देखने को मिली। यही वजह है कि विपक्षी टीमों के खिलाफ भारत को दबाव का सामना करना पड़ा। ODI Series में हार से बढ़ी चिंता हालिया वनडे सीरीज में भारतीय टीम के प्रदर्शन ने फैंस की चिंता बढ़ा दी है। इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में भारत को 2-1 से हार झेलनी पड़ी, जहां टीम कुछ अहम मौकों पर मुकाबले को अपने पक्ष में नहीं कर सकी। हार के बाद कप्तान शुभमन गिल ने भी माना कि टीम को फिटनेस और खिलाड़ियों की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर काम करने की जरूरत है। आने वाले बड़े टूर्नामेंट को देखते हुए भारतीय टीम के लिए यह सुधार का समय है। 2027 World Cup से पहले Gill के सामने बड़ी जिम्मेदारी शुभमन गिल को भारतीय क्रिकेट के भविष्य के कप्तानों में गिना जा रहा है। उनकी बल्लेबाजी क्षमता पर किसी को शक नहीं है, लेकिन कप्तानी में सफलता के लिए उन्हें कई चुनौतियों से गुजरना होगा। 2027 ODI World Cup को ध्यान में रखते हुए टीम इंडिया को एक मजबूत संयोजन तैयार करना होगा। गिल के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी कि वह युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच सही संतुलन बनाकर टीम को दोबारा जीत की पटरी पर लेकर आएं। फिलहाल भारतीय क्रिकेट फैंस की नजरें शुभमन गिल और Team India पर टिकी हैं। Champions Trophy की ऐतिहासिक जीत के बाद शुरू हुआ यह नया दौर उम्मीदों और चुनौतियों दोनों से भरा हुआ है। अब देखना होगा कि गिल अपनी कप्तानी में भारतीय टीम को कितना आगे ले जा पाते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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FIFA World Cup

FIFA World Cup 2026 Final: Spain ने Argentina को 1-0 से हराकर 16 साल बाद जीता World Cup

फुटबॉल की दुनिया को नया विश्व चैंपियन मिल गया है। स्पेन ने फीफा वर्ल्ड कप (FIFA World Cup) 2026 के रोमांचक फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर 16 साल बाद फिर से विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम कर ली। मैच का फैसला निर्धारित 90 मिनट में नहीं हो सका और एक्स्ट्रा टाइम में फेरन टोरेस के शानदार गोल ने स्पेन को ऐतिहासिक जीत दिला दी। इस जीत के साथ स्पेन ने पूरी दुनिया में अपने शानदार खेल का एक बार फिर लोहा मनवाया। पूरे मैच में दोनों टीमों के बीच रही कांटे की टक्कर फाइनल मुकाबला शुरुआत से ही बेहद रोमांचक रहा। मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना और स्पेन दोनों ने आक्रामक अंदाज में खेल की शुरुआत की, लेकिन दोनों टीमों की मजबूत डिफेंस के सामने किसी भी खिलाड़ी को गोल करने का मौका नहीं मिला। पहले हाफ से लेकर पूरे 90 मिनट तक दर्शकों को कई शानदार मूव देखने को मिले, लेकिन स्कोर 0-0 ही रहा। मैच के दौरान स्पेन ने गेंद पर ज्यादा नियंत्रण बनाए रखा, जबकि अर्जेंटीना ने तेज काउंटर अटैक के जरिए दबाव बनाने की कोशिश की। दोनों गोलकीपरों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कई आसान दिखने वाले मौकों को गोल में बदलने नहीं दिया। Extra Time में Ferran Torres ने बदल दी मैच की तस्वीर जब मुकाबला एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा तो दोनों टीमों पर दबाव साफ दिखाई दे रहा था। इसी बीच 106वें मिनट में स्पेन के कोच का बदलाव निर्णायक साबित हुआ। सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी फेरन टोरेस (Ferran Torres) ने शानदार मूव पर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर स्पेन को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद अर्जेंटीना ने बराबरी करने के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन स्पेन की मजबूत डिफेंस ने कोई मौका नहीं दिया। अंतिम सीटी बजते ही स्पेन के खिलाड़ी और लाखों समर्थक जश्न में डूब गए। 16 साल बाद फिर बना World Champion स्पेन ने इससे पहले साल 2010 में फीफा वर्ल्ड कप जीता था। इसके बाद टीम कई बड़े टूर्नामेंट में उतरी, लेकिन विश्व कप ट्रॉफी दोबारा नहीं जीत सकी। अब 2026 में स्पेन ने शानदार वापसी करते हुए दूसरी बार फुटबॉल विश्व कप अपने नाम कर लिया। पूरे टूर्नामेंट में स्पेन ने लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया। मजबूत डिफेंस, सटीक पासिंग और टीमवर्क उसकी सबसे बड़ी ताकत साबित हुई। फाइनल में भी टीम ने धैर्य बनाए रखा और सही समय पर गोल कर इतिहास रच दिया। Argentina का लगातार दूसरा World Cup जीतने का सपना टूटा 2022 की विश्व विजेता अर्जेंटीना इस बार लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने के इरादे से मैदान में उतरी थी। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन फाइनल में स्पेन की रणनीति के सामने उसके स्टार खिलाड़ी खुलकर नहीं खेल सके। हार के बावजूद अर्जेंटीना ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और फाइनल तक का सफर तय कर अपनी ताकत का परिचय दिया। मैच की बड़ी बातें Spain की जीत क्यों रहेगी यादगार? यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी तक सीमित नहीं है, बल्कि स्पेनिश फुटबॉल की नई पीढ़ी की मेहनत और शानदार टीमवर्क की कहानी भी है। पूरे टूर्नामेंट में टीम ने अनुशासित खेल दिखाया और फाइनल में दबाव के बीच संयम बनाए रखा। फेरन टोरेस का निर्णायक गोल आने वाले वर्षों तक फुटबॉल प्रशंसकों की यादों में बना रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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इंग्लैंड ने भारत को 27 रन से हराकर जीती वनडे सीरीज, रोहित का शतक भी नहीं बचा सका मुकाबला

लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 27 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने 50 ओवर में 3 विकेट पर 387 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम 50 ओवर में 360 रन ही बना सकी। रोहित शर्मा ने शानदार 138 रन की पारी खेली, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। इंग्लैंड की जीत के हीरो जैकब बेथेल रहे। उन्होंने 91 रन की अहम पारी खेलने के साथ एक विकेट भी हासिल किया और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। सीरीज का पहला मुकाबला भारत ने 6 विकेट से जीता था, जबकि दूसरा और तीसरा मैच जीतकर इंग्लैंड ने सीरीज अपने नाम कर ली। रोहित-गिल ने दिलाई मजबूत शुरुआत 388 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को रोहित शर्मा और कप्तान शुभमन गिल ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 147 रन जोड़े। गिल ने 78 गेंदों में 77 रन बनाए। इसके बाद रोहित ने विराट कोहली के साथ दूसरे विकेट के लिए 113 रन की साझेदारी की। रोहित शर्मा ने 111 गेंदों में 138 रन की बेहतरीन पारी खेली, जिसमें 17 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। विराट कोहली ने भी 60 गेंदों पर 74 रन बनाए। हालांकि, मध्यक्रम के लड़खड़ाने से भारत लक्ष्य तक नहीं पहुंच सका। इंग्लैंड के लिए सैम करन ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। डकेट और बेथेल ने रखी जीत की नींव इससे पहले इंग्लैंड की शुरुआत बेन डकेट और जैकब बेथेल ने शानदार अंदाज में की। दोनों ने पहले विकेट के लिए 192 रन की साझेदारी की। डकेट ने 135 गेंदों में 141 रन बनाए, जबकि बेथेल ने 91 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। बाद में जो रूट ने 74 रन और जोस बटलर ने 41 रन की नाबाद पारी खेली। दोनों ने अंतिम 19 गेंदों में 63 रन जोड़कर इंग्लैंड का स्कोर 387/3 तक पहुंचाया। यह भारत के खिलाफ इंग्लैंड का अब तक का सबसे बड़ा वनडे स्कोर भी है। भारत की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा ने 2 विकेट लिए, जबकि प्रिंस यादव को 1 सफलता मिली। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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तीसरे वनडे में इंग्लैंड ने भारत को 27 रन से हराया, 2-1 से जीती सीरीज

लॉर्ड्स। इंग्लैंड ने तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले में भारत को 27 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। लॉर्ड्स में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 3 विकेट पर 387 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम 50 ओवर में 360 रन ही बना सकी। 388 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 147 रन जोड़े। गिल ने 78 गेंदों में 77 रन बनाए, जबकि रोहित शर्मा ने 111 गेंदों में 138 रन की शानदार पारी खेली। अपनी पारी में रोहित ने 17 चौके और 5 छक्के लगाए। रोहित के बाद विराट कोहली ने भी 60 गेंदों में 74 रन की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। हालांकि, मध्यक्रम के अन्य बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सके और भारतीय टीम लक्ष्य से 27 रन दूर रह गई। इंग्लैंड की ओर से सैम करन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। इससे पहले इंग्लैंड के लिए बेन डकेट ने 135 गेंदों में 141 रन की बेहतरीन पारी खेली। उन्होंने जैकब बेथेल (91 रन) के साथ पहले विकेट के लिए 192 रन की साझेदारी की। अंत में जो रूट 74 और जोस बटलर 41 रन बनाकर नाबाद लौटे। दोनों ने अंतिम 19 गेंदों में 63 रन जोड़कर इंग्लैंड का स्कोर 387/3 तक पहुंचाया, जो भारत के खिलाफ इंग्लैंड का अब तक का सबसे बड़ा वनडे स्कोर है। भारत की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा ने दो विकेट लिए, जबकि प्रिंस यादव को एक सफलता मिली। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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Spain vs Argentina Final Live: फुटबॉल के महाकुंभ का फाइनल आज, अर्जेंटीना और स्पेन के बीच खिताबी जंग

Spain vs Argentina Final Live: फुटबॉल के महाकुंभ का फाइनल आज, अर्जेंटीना और स्पेन के बीच खिताबी जंग

फुटबॉल प्रेमियों का इंतजार आखिरकार खत्म होने वाला है। आज दुनिया की दो मजबूत टीमें स्पेन और अर्जेंटीना खिताब के लिए आमने-सामने होंगी। एक ओर गत विजेता अर्जेंटीना लगातार अपना दबदबा कायम रखना चाहेगा, तो दूसरी ओर स्पेन कई वर्षों बाद विश्व फुटबॉल का सबसे बड़ा खिताब अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगा। यह मुकाबला सिर्फ दो टीमों के बीच नहीं, बल्कि दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों, शानदार रणनीतियों और करोड़ों प्रशंसकों की उम्मीदों का भी मुकाबला होगा। अर्जेंटीना की नजर लगातार दूसरे खिताब पर गत चैंपियन अर्जेंटीना ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है। टीम ने नॉकआउट मुकाबलों में बेहतरीन खेल दिखाते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। मजबूत डिफेंस, तेज अटैक और संतुलित टीम संयोजन अर्जेंटीना की सबसे बड़ी ताकत रहे हैं। अगर टीम आज का मुकाबला जीतती है तो लगातार दूसरी बार विश्व खिताब अपने नाम करेगी। स्पेन शानदार फॉर्म में स्पेन ने भी इस टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया है। युवा खिलाड़ियों और अनुभवी सितारों के शानदार तालमेल की बदौलत टीम ने कई मजबूत विरोधियों को हराकर फाइनल में जगह बनाई है। स्पेन की कोशिश होगी कि वह अर्जेंटीना की जीत की लय को रोकते हुए ट्रॉफी अपने नाम करे।
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हर्ष दुबे को भारतीय टीम में मौका, वॉशिंगटन सुंदर चोट के कारण वनडे सीरीज से बाहर

नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और अंतिम वनडे मैच से पहले भारतीय टीम में बड़ा बदलाव किया गया है। ऑलराउंडर हर्ष दुबे को टीम में शामिल किया गया है। वह चोटिल वॉशिंगटन सुंदर की जगह अंतिम वनडे के लिए भारतीय स्क्वॉड का हिस्सा होंगे। भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज का आखिरी मुकाबला शनिवार को लॉर्ड्स में खेला जाएगा। हैमस्ट्रिंग चोट के कारण बाहर हुए सुंदर वॉशिंगटन सुंदर को कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे के दौरान रन लेते समय दाहिने पैर की हैमस्ट्रिंग में चोट लग गई थी। चोट के चलते वह सीरीज के आखिरी मुकाबले से बाहर हो गए हैं। भारतीय टीम का मेडिकल स्टाफ उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। चोट की गंभीरता का आकलन करने के लिए उनका स्कैन कराया जाएगा और आगे के उपचार के लिए विशेषज्ञों की सलाह ली जाएगी। हर्ष दुबे को मिला मौका हर्ष दुबे ने 13 जून 2026 को धर्मशाला में अफगानिस्तान के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया था। अपने पहले ही मुकाबले में उन्होंने 5 ओवर में 47 रन देकर 3 विकेट लेकर प्रभावित किया था। अब उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ निर्णायक मुकाबले में टीम का हिस्सा बनाया गया है। बल्लेबाजी कोच ने जताई थी चिंता दूसरे वनडे के बाद बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भी वॉशिंगटन सुंदर की चोट को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने बताया था कि रन लेते समय सुंदर की हैमस्ट्रिंग में खिंचाव आया था और शुरुआती संकेतों के अनुसार चोट गंभीर लग रही थी। तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बरार, प्रिंस यादव और हर्ष दुबे। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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FIFA वर्ल्ड कप 2026: चैंपियन टीम को मिलेंगे करीब ₹490 करोड़, पहली बार खिलाड़ियों को मिलेगी चैंपियनशिप रिंग

नई दिल्ली। FIFA वर्ल्ड कप 2026 दुनिया का सबसे महंगा फुटबॉल टूर्नामेंट बनने जा रहा है। FIFA ने ऐलान किया है कि इस बार विश्व चैंपियन टीम को 51 मिलियन डॉलर (करीब ₹490 करोड़) की रिकॉर्ड इनामी राशि दी जाएगी। यह पहली बार होगा जब वर्ल्ड कप विजेता को इतनी बड़ी रकम मिलेगी। FIFA के अनुसार, पूरे टूर्नामेंट में कुल 871 मिलियन डॉलर (करीब ₹8,400 करोड़) की प्राइज मनी वितरित की जाएगी। वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करने वाली हर टीम को न्यूनतम 12.5 मिलियन डॉलर (करीब ₹120 करोड़) मिलेंगे। पहली बार मिलेगी चैंपियनशिप रिंग FIFA ने एक और बड़ा बदलाव करते हुए घोषणा की है कि वर्ल्ड कप विजेता टीम के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को ट्रॉफी और गोल्ड मेडल के साथ चैंपियनशिप रिंग भी दी जाएगी। फाइनल के तुरंत बाद कप्तान और हेड कोच को टेंपरेरी रिंग दी जाएगी। इसके बाद पूरी विजेता टीम के लिए 30 कस्टमाइज्ड रिंग तैयार कर सौंपे जाएंगे। कुल 2,026 रिंग बनाई जाएंगी FIFA ने बताया कि यह लिमिटेड एडिशन होगा। कुल 2,026 रिंग बनाई जाएंगी। टॉप-4 टीमों को मिलेगी सबसे बड़ी रकम FIFA वर्ल्ड कप 2026 में अंतिम चार टीमों को सबसे अधिक इनामी राशि मिलेगी। उपविजेता टीम को 33 मिलियन डॉलर (करीब ₹317 करोड़) मिलेंगे। स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होगा फाइनल वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल यूरोपीय चैंपियन स्पेन और मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना के बीच खेला जाएगा। 2022 की तुलना में बड़ी बढ़ोतरी FIFA वर्ल्ड कप 2022 में चैंपियन अर्जेंटीना को 42 मिलियन डॉलर (करीब ₹348 करोड़) मिले थे, जबकि रनर-अप फ्रांस को लगभग ₹248 करोड़ की प्राइज मनी मिली थी। उस टूर्नामेंट में कुल 440 मिलियन डॉलर की इनामी राशि बांटी गई थी। 2026 में प्राइज पूल को बढ़ाकर 871 मिलियन डॉलर कर दिया गया है, जो FIFA इतिहास की सबसे बड़ी इनामी राशि होगी। अधिक खेल समाचारों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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पूर्व भारतीय अंडर-19 क्रिकेटर मनजोत कालरा श्रीलंका में गिरफ्तार, LPL में रिश्वत देने के आरोप में भेजे गए न्यायिक हिरासत

नई दिल्ली/कोलंबो। भारत की 2018 अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे पूर्व क्रिकेटर मनजोत कालरा को श्रीलंका में लंका प्रीमियर लीग (LPL) के दौरान कथित रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। कालरा पर एक खिलाड़ी को पैसे देकर प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप है। उन्हें श्रीलंका की विशेष जांच इकाई ने हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 31 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले हुई गिरफ्तारी 27 वर्षीय मनजोत कालरा लंका प्रीमियर लीग की फ्रेंचाइजी जाफना किंग्स के सह-मालिक (Co-owner) हैं। उनकी गिरफ्तारी LPL 2026 के पहले मुकाबले से कुछ घंटे पहले की गई। पुलिस ने इस मामले में उनके सहयोगी युवराज पुष्पा को भी गिरफ्तार किया है। खिलाड़ियों की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच श्रीलंका पुलिस के अनुसार, कालरा पर लीग में खेल रहे एक खिलाड़ी को कथित तौर पर रिश्वत की पेशकश करने का आरोप है। संबंधित खिलाड़ी ने करीब 10 दिन पहले हुई इस घटना की शिकायत अधिकारियों से की थी। जांच के दौरान अदालत को बताया गया कि इस मामले में भानुका राजपक्षे, अविष्का फर्नांडो, दुनिथ वेलालागे समेत पांच खिलाड़ियों की शिकायत दर्ज की गई है। खेल से जुड़े अपराधों की जांच करने वाली विशेष इकाई पूरे मामले की जांच कर रही है। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने दिया बयान घटना के बाद श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने कहा कि वह जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग करेगा। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले का टूर्नामेंट के आयोजन पर कोई असर नहीं पड़ेगा और LPL तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा। 2018 अंडर-19 विश्व कप के हीरो रहे थे कालरा मनजोत कालरा ने 2018 अंडर-19 विश्व कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 101 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को चौथा अंडर-19 विश्व कप खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उस समय टीम के कोच राहुल द्रविड़ और कप्तान पृथ्वी शॉ थे। टीम में शुभमन गिल, शिवम मावी, कमलेश नागरकोटी और इशान पोरेल जैसे खिलाड़ी भी शामिल थे। IPL और घरेलू क्रिकेट में नहीं मिला बड़ा मौका विश्व कप में शानदार प्रदर्शन के बाद IPL 2018 की नीलामी में दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) ने मनजोत कालरा को अपनी टीम में शामिल किया था। हालांकि उन्हें ज्यादा मैच खेलने का मौका नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के लिए फर्स्ट क्लास, लिस्ट-ए और टी-20 क्रिकेट खेला, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी जगह नहीं बना सके। अधिक खेल समाचार पढ़ने के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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विराट-गंभीर विवाद की अटकलों पर विराम, बैटिंग कोच सितांशु कोटक बोले- ‘दोनों दिन में कई बार करते हैं बातचीत’

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने विराट कोहली और मुख्य कोच गौतम गंभीर के बीच कथित मतभेद की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों के बीच किसी तरह की अनबन नहीं है और वे दिनभर में कई बार एक-दूसरे से बातचीत करते हैं। हाल के दिनों में कार्डिफ में भारत-इंग्लैंड दूसरे वनडे से पहले नेट्स के दौरान विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच बातचीत न दिखने के बाद सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दोनों के रिश्तों को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। यहां तक दावा किया गया कि दोनों के बीच संवाद बहाल कराने के लिए बीसीसीआई को हस्तक्षेप करना पड़ सकता है। ‘विराट और गंभीर को किसी मध्यस्थ की जरूरत नहीं’ इन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए सितांशु कोटक ने कहा कि विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच किसी “ब्रिज” या संदेशवाहक की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें पूरी तरह अफवाह हैं और समझ से परे हैं। कोटक ने कहा कि विराट और गंभीर नियमित रूप से टीम की रणनीति और अन्य विषयों पर चर्चा करते हैं। उन्होंने साफ किया कि नेट्स में उनकी विराट से हुई बातचीत केवल बल्लेबाजी और तकनीकी पहलुओं को लेकर थी। विराट को बिना मांगे सलाह नहीं देते कोटक बैटिंग कोच ने कहा कि विराट जैसे अनुभवी बल्लेबाज को बिना जरूरत सलाह देना उचित नहीं होता। यदि विराट स्वयं किसी तकनीकी पहलू पर सुझाव मांगते हैं या कोई बड़ी तकनीकी समस्या दिखाई देती है, तभी वे अपनी राय साझा करते हैं। कोटक के मुताबिक, उनकी और विराट की बातचीत मुख्य रूप से फुटवर्क, शॉट चयन और बल्लेबाजी की तकनीकी बारीकियों पर केंद्रित रहती है। नेट्स से पहले और अभ्यास के बाद भी दोनों के बीच इसी विषय पर चर्चा हुई थी। अफवाहों पर लगा विराम बैटिंग कोच के इस बयान के बाद विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच मतभेद की चर्चाओं पर फिलहाल विराम लग गया है। टीम प्रबंधन ने भी संकेत दिया है कि ड्रेसिंग रूम का माहौल सामान्य है और खिलाड़ी आगामी मुकाबलों पर पूरा ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। अधिक खबरों के लिए पढ़ें: Deshharpal –deshharpal.com
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FIFA World Cup 2026: पहली बार चैंपियन टीम को मिलेंगे ₹5000 करोड़

FIFA World Cup 2026: पहली बार चैंपियन टीम को मिलेंगे ₹5000 करोड़

फुटबॉल के सबसे बड़े टूर्नामेंट FIFA World Cup 2026 में इस बार इतिहास बनने जा रहा है। पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनने वाली टीम को करीब 5000 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड इनामी राशि मिलेगी। इसके साथ ही विजेता खिलाड़ियों को सिर्फ गोल्ड मेडल ही नहीं, बल्कि विशेष चैंपियनशिप रिंग भी दी जाएगी। फीफा ने इस बार टूर्नामेंट के लिए कुल 83,866 करोड़ रुपये (लगभग 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर) की पुरस्कार राशि तय की है, जो अब तक की सबसे बड़ी प्राइज मनी होगी। पहली बार मिलेगा चैंपियनशिप रिंग का सम्मान अब तक वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम को ट्रॉफी और मेडल दिए जाते थे, लेकिन इस बार खिलाड़ियों को यादगार बनाने के लिए चैंपियनशिप रिंग भी दी जाएगी। यह परंपरा अमेरिका के बड़े खेल आयोजनों जैसे NBA और NFL में पहले से मौजूद है और अब फीफा भी इसे अपनाने जा रहा है। पहले से कई गुना बढ़ी इनामी राशि फीफा लगातार खिलाड़ियों और टीमों के लिए पुरस्कार राशि बढ़ा रहा है। 2026 वर्ल्ड कप में रिकॉर्ड इनामी राशि रखी गई है, जिससे सभी भाग लेने वाली टीमों को भी पहले की तुलना में अधिक आर्थिक लाभ मिलेगा। 32 की जगह 48 टीमें खेल रही हैं इस बार वर्ल्ड कप का आयोजन भी पहले से बड़ा है। पहली बार 48 टीमें टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही हैं, जबकि इससे पहले 32 टीमें खेलती थीं। अधिक टीमों के शामिल होने से मुकाबले भी ज्यादा होंगे और पुरस्कार राशि भी बढ़ाई गई है। फाइनल मुकाबले पर दुनिया की नजर फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें अब फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं। जो भी टीम खिताब जीतेगी, वह सिर्फ विश्व चैंपियन ही नहीं बनेगी बल्कि इतिहास की सबसे बड़ी इनामी राशि हासिल करने वाली पहली फुटबॉल टीम भी कहलाएगी। फीफा का यह फैसला खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सम्मान देने के साथ-साथ फुटबॉल को और अधिक वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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