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India Pakistan tension

War Before War: भारत की स्ट्रैटेजिक स्ट्राइक से बिना लड़े ही कंगाल हो रहा Pakistan

नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद भारत ने पाकिस्तान को जवाब देने के लिए जो रणनीति बनाई है, वो किसी मिसाइल या बम से कम नहीं है। ये ‘वॉटर स्ट्राइक’ और ‘फाइनेंशियल स्ट्राइक’ इतनी असरदार साबित हो रही हैं कि पाकिस्तान युद्ध लड़े बिना ही आर्थिक रूप से थकने लगा है। भारत ने सबसे पहले सिंधु जल समझौते (Indus Water Treaty) पर पुनर्विचार शुरू कर दिया और पाकिस्तान के साथ व्यापारिक रिश्तों को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इससे पाकिस्तान को दोहरी मार पड़ी – एक तो पानी का दबाव और दूसरा व्यापारिक घाटा। हर दिन जल रहा अरबों का इंधन:एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान हर रोज़ करीब 4 अरब पाकिस्तानी रुपये सिर्फ बॉर्डर अलर्ट पर खर्च कर रहा है। यानी न युद्ध हुआ, न गोली चली, लेकिन आर्थिक नालियों में उसका खजाना बहता जा रहा है। सिर्फ ‘अलर्ट’ रहने के लिए इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है। चीन ने भी बनाई दूरी:जहां पहले चीन पाकिस्तान का सबसे करीबी रणनीतिक साझेदार माना जाता था, अब उसी चीन ने धीरे-धीरे दूरी बनानी शुरू कर दी है। बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट ठंडे पड़ चुके हैं और आर्थिक मदद की गारंटी भी नहीं दी जा रही। परमाणु की धमकी… लेकिन जेब खाली:पाकिस्तान की ओर से अक्सर परमाणु हमले की धमकियां दी जाती हैं, लेकिन जिस देश की जेब पहले से ही खाली हो और IMF की शर्तों पर बंधा हो, वो युद्ध की भारी कीमत कैसे चुका पाएगा? यही बड़ा सवाल है। भारत की ‘War Before War’ रणनीति:भारत ने बिना सीमा लांघे, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और सैन्य ऊर्जा को कमज़ोर करने की रणनीति पर अमल शुरू कर दिया है। यही है असली ‘War Before War’ – जिसमें दुश्मन खुद ही थककर मैदान छोड़ दे।
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Pahalgam

Pahalgam Terror Attack India-Pakistan Tension बढ़ा, जलविद्युत परियोजनाएं बनीं नई जंग की वजह

जम्मू-कश्मीर के Pahalgam में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक नए मुकाम पर पहुंच गया है। भारत ने न सिर्फ सिंधु जल संधि को निलंबित किया है, बल्कि दो अहम जलविद्युत परियोजनाओं पर काम भी शुरू कर दिया है, जिससे पड़ोसी मुल्क में खलबली मच गई है। Pahalgam हमला: 26 पर्यटकों की मौत से भड़का माहौल 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दर्दनाक आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई। भारत ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और भी गहरा हो गया। भारत का बड़ा कदम: सिंधु जल संधि निलंबित, परियोजनाएं शुरू इस हमले के जवाब में भारत सरकार ने 1960 की सिंधु जल संधि को आंशिक रूप से निलंबित कर दिया है। साथ ही, जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर स्थित सलाल और बगलिहार जलविद्युत परियोजनाओं पर पुनः कार्य शुरू कर दिया गया है। पाकिस्तान की कड़ी चेतावनी: परमाणु हमले तक की धमकी भारत के इस कदम पर पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान के एक वरिष्ठ राजनयिक ने बयान दिया कि, “अगर भारत ने हमारे जल संसाधनों में हस्तक्षेप किया, तो हम अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल करेंगे—परमाणु विकल्प सहित।” कूटनीतिक और सैन्य तनाव चरम पर DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
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India-Pak tension

India-Pak Tension: हमले की सूरत में एकजुट होंगे पाकिस्तान के सभी राजनीतिक दल

इस्लामाबाद:India-Pak tension के बीच पाकिस्तान की राजनीति में एक बड़ी एकजुटता देखने को मिली है। भारत की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई की स्थिति में पाकिस्तान के लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने सेना के साथ मिलकर संयुक्त मोर्चा बनाने की सहमति जताई है। यह फैसला पाकिस्तानी सेना की इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) द्वारा रविवार देर रात आयोजित ब्रीफिंग के बाद सामने आया। इस ब्रीफिंग में ISPR के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी और सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने मौजूदा हालात की जानकारी साझा की। डॉन अखबार के मुताबिक, इस बैठक में PPP के राजा परवेज अशरफ, कमर जमान काइरा, शाजिया मरी और PML-N के बैरिस्टर अकील, तारिक फजल चौधरी, तलाल चौधरी के साथ कश्मीरी नेता शाह गुलाम कादिर समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। हालांकि, इमरान खान की पार्टी PTI इस अहम बैठक में शामिल नहीं हुई। PTI ने इमरान खान की जेल से रिहाई की मांग को लेकर विरोध स्वरूप दूरी बनाए रखी। बैठक के दौरान सभी दलों ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर भारत हमला करता है, तो वे एक साथ खड़े होंगे और सेना के साथ मिलकर जवाब देंगे। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि सरकार सभी पार्टियों का फीडबैक लेकर साझा रणनीति बनाना चाहती है। भारत द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराने के बाद दोनों देशों में तनाव और बढ़ गया है। पाकिस्तान ने आरोपों से इनकार करते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है। आज इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की विशेष बैठक आयोजित की जा रही है, जिसकी मांग पाकिस्तान ने की थी। ग्रीस की अध्यक्षता में इसे मंजूरी मिली है। साथ ही, पाकिस्तान की संसद में भी आज विशेष सत्र बुलाया गया है। पाक सेना ने राजनीतिक दलों को यह भी बताया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए वे पूरी तरह तैयार हैं।
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Indus Water Treaty, Pakistan India Water Conflict, Khawaja Asif Statement

Indus Water Threat: पाकिस्तान ने दी भारत को युद्ध की धमकी, कहा- पानी रोका तो करेंगे हमला

Islamabad: भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) एक बार फिर चर्चा में है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को लेकर एक भड़काऊ और उकसाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर भारत ने पाकिस्तान जाने वाले नदियों के पानी को रोकने के लिए किसी तरह की संरचना बनाई तो पाकिस्तान उस पर सैन्य हमला करेगा और उसे पूरी तरह नष्ट कर देगा। भारत द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस संधि को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था। इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। तब से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और अब ये बयान उसकी कूटनीतिक असहायता और पानी पर बढ़ती बेचैनी को दिखाता है। पाकिस्तान को डर है कि अगर भारत ने नदियों का प्रवाह रोक दिया, तो इसका सीधा असर उसकी खेती, पीने के पानी और आम जनता की जिंदगी पर पड़ेगा। खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यह मान चुके हैं कि भारत से आने वाला पानी ही 24 करोड़ पाकिस्तानियों की जीवनरेखा है। जलवायु विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भारत ने संधि के अंतर्गत मिलने वाले पानी का कुछ हिस्सा भी रोक लिया, तो पाकिस्तान में खेती ठप, जल संकट चरम पर और आर्थिक तबाही तय है। भारत ने अब तक संधि का सम्मान किया है, लेकिन बार-बार के आतंकी हमलों और पाकिस्तान के उकसावे के चलते अब भारत का रुख सख्त होता जा रहा है। पानी अब न सिर्फ जीवन की जरूरत बल्कि रणनीतिक हथियार बन चुका है। पाकिस्तान के नेता जिस तरह के बयान दे रहे हैं, वे ना सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि पूरे क्षेत्र की शांति के लिए खतरा बन सकते हैं। भारत ने हमेशा शांति की पहल की है, लेकिन अगर उकसावे जारी रहे तो जवाब भी सख्त हो सकता है
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Pragya Thakur

Supreme Court Closes Plea Against Pragya Thakur’s Bail, Final Verdict in Malegaon Blast Case Awaited

Supreme Court ने बीजेपी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को 2008 के मालेगांव ब्लास्ट केस में मिली ज़मानत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई बंद कर दी है। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट यानी एनआईए अदालत ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है, इसलिए अब टॉप कोर्ट का हस्तक्षेप करना ठीक नहीं होगा। याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि प्रज्ञा ठाकुर की ज़मानत रद्द की जाए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “जब निचली अदालत इस पर फैसला देने वाली है, तो हम इसमें दखल नहीं दे सकते।” सितंबर 2008 में महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए धमाकों में 6 लोगों की मौत हुई थी और 100 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे। बम मोटरसाइकिल पर रखे गए थे। इस मामले में प्रज्ञा ठाकुर को आरोपी बनाया गया था। उन्हें कई साल जेल में रहना पड़ा, फिर 2017 में उन्हें ज़मानत मिली। आज वे भोपाल से सांसद हैं। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस राजेश बिंदल की बेंच ने कहा कि एनआईए कोर्ट ने पूरी सुनवाई कर ली है और अब वो जल्द ही फैसला सुनाएगी। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का दखल देना ज़रूरी नहीं है। यह फैसला प्रज्ञा ठाकुर के लिए फिलहाल राहत भरा है, लेकिन असली फैसला एनआईए कोर्ट का होगा – जो ये तय करेगा कि वो दोषी हैं या नहीं। यह मामला सिर्फ कानून की किताबों तक सीमित नहीं है। इसमें उन परिवारों की भी बात है जिन्होंने 2008 में अपनों को खोया। पिछले 16 सालों से वे इंसाफ का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, प्रज्ञा ठाकुर, जो अब एक सांसद हैं, खुद को निर्दोष बताती रही हैं। अब सबकी निगाहें एनआईए कोर्ट के आखिरी फैसले पर टिकी हैं।
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Vizhinjam

पीएम मोदी ने किया Vizhinjam International Port राष्ट्र को समर्पित – भारत का पहला Deep Water Transshipment Port अब केरल में

तिरुवनंतपुरम (केरल), 2 मई 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के तट पर बने Vizhinjam International Seaport को देश को समर्पित किया। यह बंदरगाह भारत का पहला Deep Water Transshipment Port है और इसे भारत के समुद्री क्षेत्र के लिए एक Game Changer माना जा रहा है। इस ऐतिहासिक मौके पर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और अडाणी ग्रुप के सीईओ करण अडाणी भी मौजूद रहे। PM Modi Kerala Visit: Vizhinjam Port से भारत को क्या मिलेगा? विजिंजम पोर्ट की गहराई 24 मीटर है और यह दुनिया के सबसे बड़े कंटेनर जहाजों को संभालने में सक्षम है। इसकी खासियत यह है कि यह पोर्ट अंतरराष्ट्रीय समुद्री रूट से सिर्फ 10 नॉटिकल माइल्स दूर है, जिससे भारत को अब कोलंबो, सिंगापुर और दुबई जैसे विदेशी ट्रांसशिपमेंट हब्स पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। 5000+ रोजगार और ₹5000 करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट इस प्रोजेक्ट से केरल और भारत दोनों को जबरदस्त आर्थिक और रोजगार लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, यह बंदरगाह 5,000 से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार देगा और लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और टूरिज्म जैसे क्षेत्रों को भी बूस्ट करेगा। केरल सरकार ने इसके लिए ₹5,000 करोड़ का विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज घोषित किया है, जिसमें सड़क और रेलवे कनेक्टिविटी को भी सुधारा जाएगा। 10 KM रेलवे टनल और Smart Cargo Handling विजिंजम पोर्ट को Balaramapuram स्टेशन से जोड़ने के लिए 10.2 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन प्रस्तावित है, जिसमें 9.2 किमी लंबी सुरंग (Tunnel) होगी। इससे माल की आवाजाही आसान, तेज़ और सुरक्षित होगी। यह परियोजना पर्यावरण और सामाजिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया में है। Adani Ports और सरकार की मजबूत साझेदारी यह पोर्ट भारत सरकार और निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक Adani Ports & SEZ Limited की साझेदारी में विकसित किया जा रहा है। यह एक Public-Private Partnership (PPP) मॉडल का बेहतरीन उदाहरण है, जिसकी कुल लागत करीब ₹8,867 करोड़ है। करण अडाणी ने इसे प्रधानमंत्री मोदी के “Maritime Amrit Kaal 2047” विजन का अहम हिस्सा बताया और कहा कि यह भारत को आत्मनिर्भर समुद्री राष्ट्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। PM Modi का संदेश: “विजिंजम भारत की शक्ति का प्रतीक है” प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा:
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WAVES 2025

WAVES 2025 समिट मुंबई में शुरू: भारत बनेगा Global Entertainment Hub, बोले PM मोदी

1 मई 2025 — मुंबई के जिओ वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आज से शुरू हुआ ‘WAVES 2025’ (World Audio Visual and Entertainment Summit) — एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय मंच जो भारत को ग्लोबल मीडिया और एंटरटेनमेंट हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह चार दिवसीय समिट 4 मई तक चलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर कहा, “भारत की रचनात्मकता और सांस्कृतिक विविधता अब वैश्विक पहचान पा रही है। WAVES 2025 इस बदलाव को और मजबूत करेगा।” PM मोदी ने इस समिट की घोषणा पहले ‘मन की बात’ के 117वें एपिसोड में की थी, और तब से देशभर में इसकी चर्चा जोरों पर है। क्या है WAVES 2025? WAVES 2025 एक अंतरराष्ट्रीय समिट है जिसमें दुनिया भर के मीडिया हाउस, फिल्म निर्माता, एनीमेशन और गेमिंग इंडस्ट्री के दिग्गज, तकनीकी विशेषज्ञ और निवेशक भाग ले रहे हैं। इसका उद्देश्य भारत को ऑडियो-विज़ुअल और मनोरंजन उद्योग के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनाना है। सम्मलेन के प्रमुख उद्देश्य: किसने क्या कहा? भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर हॉलीवुड, बॉलीवुड और साउथ इंडस्ट्री के टॉप चेहरों तक—हर कोई इस समिट को भारत के लिए “गेम-चेंजर” मान रहा है। यह मंच भारत की soft power को बढ़ावा देगा और दुनिया को यह दिखाएगा कि हम न केवल कंटेंट का उपभोग करते हैं, बल्कि अब उसे गढ़ते भी हैं। पहले गोवा, अब मुंबई गौरतलब है कि यह समिट पहले नवंबर 2024 में गोवा में होने वाली थी, लेकिन बाद में इसे मुंबई में मई 2025 के लिए रीशेड्यूल किया गया — ताकि अधिक प्रतिभागियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को शामिल किया जा सके। DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
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Supreme Court

Supreme Court ने Pahalgam Terror Attack की Judicial Inquiry वाली PIL को किया खारिज, कहा – “Desh ko Jodne ka Waqt Hai”

1 मई 2025 – Supreme Court ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की न्यायिक जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने इसे गैर-ज़िम्मेदार बताते हुए कहा कि ऐसे वक्त में सुरक्षा बलों का मनोबल गिराने वाली याचिकाएं नहीं लाई जानी चाहिए। Supreme Court ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की न्यायिक जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका (PIL) को सख्त शब्दों में खारिज कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसे समय में इस तरह की याचिकाएं देश की सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल गिरा सकती हैं। 22 अप्रैल को हुए इस आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी, जिनमें कई पर्यटक भी शामिल थे। इस दर्दनाक घटना के बाद तीन नागरिक – मोहम्मद जुनैद, फतेह कुमार साहू और विक्की कुमार – ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर एक सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच की मांग की थी। लेकिन जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने इस याचिका को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया और स्पष्ट शब्दों में कहा: “ऐसी याचिकाएं सुरक्षा बलों का मनोबल तोड़ती हैं। यह समय एकजुट होकर आतंक के खिलाफ खड़े होने का है, न कि जांच के नाम पर अफसरों को कटघरे में खड़ा करने का। देश के लिए जिम्मेदार बनिए।” कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि न्यायिक जांच की मांग क्यों की जा रही है, जबकि जांच की ज़िम्मेदारी पहले से ही एजेंसियों के पास है। “हम न्याय करते हैं, जांच नहीं। रिटायर्ड जज जांच के विशेषज्ञ नहीं होते। हर मामले में न्यायिक आयोग बना देना समाधान नहीं है,” कोर्ट ने कहा। इन सख्त टिप्पणियों के बाद याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका वापस ले ली। Supreme Court ने याचिका को वापस लेने की अनुमति तो दी, लेकिन साफ कर दिया कि भविष्य में ऐसी याचिकाएं दाखिल करने से पहले राष्ट्रीय भावना और ज़िम्मेदारी को समझना ज़रूरी है। DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
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Census

Caste Census अब होगी Main Census का हिस्सा: 1931 के बाद पहली बार होगा जातीय डेटा कलेक्शन

देश की अगली Census अब सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगी — यह भारत के सामाजिक ताने-बाने को एक नई पारदर्शिता के साथ दुनिया के सामने लाएगी। केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए घोषणा की है कि अब जातीय आंकड़ों की गिनती भी मुख्य जनगणना का हिस्सा होगी। यह फैसला न केवल सरकार की सोच में बदलाव दर्शाता है, बल्कि देश की करोड़ों जातियों और उपजातियों को पहली बार मुख्य धारा के डेटा में लाने की कोशिश भी है। अब हर जाति की होगी गिनती, खुलेगा असली सामाजिक चित्र केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को प्रेस वार्ता में कहा कि कैबिनेट ने यह निर्णय लिया है कि आगामी Census में अब जातीय विवरण भी दर्ज किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा, “समाज में बहुत सारी योजनाएं जातीय आधार पर बनती हैं, लेकिन ठोस आंकड़े नहीं होने के कारण असली लाभार्थी वंचित रह जाते हैं।“ अब पहली बार केंद्र सरकार यह जिम्मेदारी खुद उठाकर एक भरोसेमंद जातीय डेटा उपलब्ध कराएगी। राज्यों के जातीय सर्वे को बताया ‘राजनीतिक नाटक’ मंत्री ने कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों में हुए जातीय सर्वेक्षणों को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना था कि ये सर्वे राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित थे और इनमें पारदर्शिता की भारी कमी रही। केंद्र सरकार का मानना है कि जब तक जातीय Census पूरे देश में एकसमान रूप से नहीं होगी, तब तक इसके आधार पर नीति बनाना गलत होगा। क्यों है यह फैसला ऐतिहासिक? जातीय आंकड़े क्यों ज़रूरी हैं? भारत एक विविधता से भरा देश है। हर क्षेत्र, हर गाँव और हर समुदाय में अलग-अलग सामाजिक परतें हैं। लेकिन जब योजनाएं बनती हैं, तो बिना आंकड़ों के सिर्फ अनुमान के आधार पर फैसले होते हैं। अब जातीय Census के जरिए सरकार को यह स्पष्ट जानकारी मिलेगी कि कौन पीछे रह गया है, और किसे वास्तव में मदद की जरूरत है। आम जनता की आवाज को मिलेगा प्लेटफॉर्म यह कदम उन लोगों के लिए भी उम्मीद की किरण बनकर आया है जो लंबे समय से कहते आए हैं कि — “हमें गिना नहीं जाता, तो हमें क्यों माना जाएगा?” अब जातियों की पहचान और उनकी समस्याएं सिर्फ राजनीति का मुद्दा नहीं रहेंगी, बल्कि नीति और समाधान का हिस्सा बनेंगी। DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
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Digital Access

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: Digital Access अब “मौलिक अधिकार” (Fundamental Right)

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने आज एक ऐतिहासिक निर्णय में डिजिटल एक्सेस (Digital Access) को मौलिक अधिकार (Fundamental Right) घोषित कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि अब सरकार की यह संवैधानिक जिम्मेदारी है कि वह सभी नागरिकों — खासकर ग्रामीण और हाशिए पर रहने वाले वर्गों — को समान रूप से डिजिटल सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करे। यह फैसला जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने दो जनहित याचिकाओं पर सुनाया, जिनमें से एक याचिका एक एसिड अटैक सर्वाइवर ने दायर की थी। पीड़िता ने बैंक में KYC (Know Your Customer) प्रक्रिया के दौरान आने वाली परेशानियों का ज़िक्र किया था। डिजिटल भेदभाव अब असंवैधानिक कोर्ट ने कहा, “डिजिटल डिवाइड को खत्म करना अब नीति का सवाल नहीं बल्कि संविधानिक कर्तव्य है। जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार (अनुच्छेद 21) में अब डिजिटल पहुंच को भी शामिल करना अनिवार्य हो गया है।” कोर्ट ने बताया कि आज के समय में हेल्थकेयर, बैंकिंग, शिक्षा जैसी ज़रूरी सेवाएं डिजिटल माध्यमों (Digital Access)से ही उपलब्ध होती हैं। ऐसे में जिनके पास इन सेवाओं तक पहुंच नहीं है, वे पीछे छूट रहे हैं। 20 अहम निर्देश दिए सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और संबंधित एजेंसियों को KYC प्रक्रिया को अधिक समावेशी और सुलभ बनाने के लिए 20 जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने कहा कि विशेष रूप से विकलांग और एसिड अटैक पीड़ितों के लिए मौजूदा नियमों में बदलाव किया जाना चाहिए क्या था मामला? एक एसिड अटैक सर्वाइवर, प्रज्ञा प्रसून, जुलाई 2023 में बैंक में खाता खोलने पहुंची थीं। लेकिन Digital Access डिजिटल केवाईसी प्रक्रिया के दौरान बैंक ने उनसे “ब्लिंक” करने यानी पलकों को झपकाने की मांग की — ताकि यह साबित हो सके कि वे जीवित हैं। लेकिन उनके चेहरे की स्थिति के कारण यह संभव नहीं हो पाया। सोशल मीडिया पर मामला उठने के बाद बैंक ने अपवाद के रूप में खाता खोलने की अनुमति दी। प्रज्ञा ने कोर्ट से अपील की थी कि एसिड अटैक पीड़ितों और अन्य विकलांग व्यक्तियों के लिए केंद्र सरकार नई गाइडलाइंस जारी करे, ताकि वे बिना भेदभाव के डिजिटल सेवाओं का उपयोग कर सकें। जजों ने क्या कहा? जस्टिस महादेवन ने इस आदेश को लिखा, जिसे उनके साथी जस्टिस पारदीवाला ने “शानदार” बताते हुए सराहना की। उन्होंने कहा कि अब आर्थिक अवसरों से लेकर मूलभूत सेवाओं तक पहुंच डिजिटल माध्यमों से ही संभव है, इसलिए Article 21 (जीवन का अधिकार) की नई व्याख्या आवश्यक हो गई है। DeshHarpal पर पढ़ें देश-दुनिया से जुड़ी हर बड़ी खबर।
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यमुनानगर ज्वेलर्स लूटकांड: पुलिस मुठभेड़ में 3 बदमाशों के पैर में लगी गोली, 4 आरोपी गिरफ्तार

हरियाणा के यमुनानगर में रादौर स्थित शाकुंभरी ज्वेलर्स पर हुई लाखों रुपये की लूट के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान तीन बदमाशों के साथ मुठभेड़ की, जिसमें जवाबी फायरिंग में तीनों आरोपियों के पैर में गोली लगी। वहीं, चौथे आरोपी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। तीन आरोपियों के पैर में लगी गोली पुलिस के मुताबिक, घायल बदमाशों की पहचान रवि (इंद्री निवासी), सतबीर (गन्नौर, सोनीपत निवासी) और पवन उर्फ पुन्ना के रूप में हुई है। चौथे आरोपी प्रवीण को बिना घायल हुए मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। चारों आरोपियों पर 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस पर भी की गई फायरिंग मुठभेड़ के दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर भी फायरिंग की। इस दौरान सीआईए-2 प्रभारी राकेश की बुलेटप्रूफ जैकेट पर एक गोली लगी। जैकेट होने के कारण उनकी जान बच गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यदि उन्होंने बुलेटप्रूफ जैकेट नहीं पहनी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। CCTV और साइबर इनपुट से आरोपियों तक पहुंची पुलिस रादौर ज्वेलर्स लूटकांड की जांच में स्थानीय थाना पुलिस के साथ सीआईए-1, सीआईए-2 और साइबर टीम लगातार जुटी हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और साइबर इनपुट के आधार पर आरोपियों की पहचान की और उनकी लोकेशन ट्रेस की। कांजनू पुल पर हुई मुठभेड़ पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी कांजनू पुल के पास मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने तीन आरोपियों के पैर में गोली मारकर उन्हें काबू कर लिया, जबकि चौथे आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है और लूटकांड से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। देश और प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com

जबलपुर में तेज रफ्तार कार का कहर: 15 माह की बच्ची समेत 6 लोग घायल, चालक हिरासत में

मध्य प्रदेश के जबलपुर में सोमवार शाम तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़े लोगों को टक्कर मार दी। हादसे में 15 माह की मासूम बच्ची सहित छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना अधारताल थाना क्षेत्र के जय प्रकाश नगर की है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल सभी लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया है। सड़क किनारे खड़े लोगों को मारी टक्कर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना सोमवार शाम करीब 6:30 बजे हुई। एक तेज रफ्तार कार जय प्रकाश नगर से गुजर रही थी। इसी दौरान चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। अनियंत्रित कार सड़क किनारे खड़े लोगों और पास की दुकानों से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। एक ही परिवार के तीन सदस्य घायल हादसे में कुल छह लोग घायल हुए हैं। इनमें एक ही परिवार के तीन सदस्य भी शामिल हैं। घायलों की पहचान इस प्रकार हुई है— सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चालक हिरासत में, कार जब्त अधारताल थाना पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार (पंजीयन क्रमांक MP 34 CA 0718) को जब्त कर लिया है। पुलिस ने नेता कॉलोनी निवासी 24 वर्षीय मोहम्मद एहतेशाम को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। CCTV फुटेज से होगी जांच पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा घायलों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे, ताकि दुर्घटना की पूरी परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। मध्य प्रदेश और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com

भारत ने लॉर्ड्स में रचा इतिहास: इंग्लैंड को 270 रन से हराकर जीता पहला महिला टेस्ट

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के इतिहास में नया अध्याय लिख दिया। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड को 270 रन से हराकर लॉर्ड्स में खेले गए पहले महिला टेस्ट मैच में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। भारत ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान इंग्लैंड को पूरी तरह मात दी। यह रनों के लिहाज से भारतीय महिला टीम की दूसरी सबसे बड़ी टेस्ट जीत भी है। इंग्लैंड की धरती पर कायम रहा अजेय रिकॉर्ड भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड में अब तक खेले गए 11 टेस्ट मैचों में एक भी मुकाबला नहीं गंवाया है। इससे पहले भारत ने वर्ष 2023 में भी इंग्लैंड को 347 रन से हराकर अपनी सबसे बड़ी टेस्ट जीत दर्ज की थी। मैच का हाल पहली पारी में भारत ने 285 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड की टीम 170 रन पर सिमट गई, जिससे भारत को 115 रन की बढ़त मिली। दूसरी पारी में भारत ने 341/7 के स्कोर पर पारी घोषित की और इंग्लैंड के सामने 457 रन का विशाल लक्ष्य रखा। लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की पूरी टीम 186 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत ने मुकाबला 270 रन से अपने नाम कर लिया। मैच की 3 सबसे बड़ी बातें पहली पारी में मंधाना, हरमनप्रीत और दीप्ति का दम इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और शेफाली वर्मा बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद स्मृति मंधाना (83), हरमनप्रीत कौर (58) और दीप्ति शर्मा (57) की शानदार पारियों की बदौलत भारत ने 285 रन बनाए। इंग्लैंड की ओर से सोफी एक्लेस्टोन और लॉरेन फिलर ने दो-दो विकेट लिए। क्रांति गौड़ की घातक गेंदबाजी इंग्लैंड की पहली पारी सिर्फ 170 रन पर सिमट गई। भारत की ओर से क्रांति गौड़ ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट झटके। सयाली सतघारे और स्नेह राणा ने दो-दो विकेट लिए, जबकि दीप्ति शर्मा को एक सफलता मिली। इंग्लैंड के लिए एमी जोन्स ने 52 और कप्तान नेट सिवर-ब्रंट ने 44 रन बनाए। यस्तिका भाटिया ने खेली ऐतिहासिक पारी दूसरी पारी में भारत को स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने 88 रन की मजबूत शुरुआत दिलाई। इसके बाद यस्तिका भाटिया ने 113 रन की शानदार पारी खेलते हुए इतिहास रच दिया। उन्होंने स्मृति मंधाना के साथ 73 और दीप्ति शर्मा के साथ 52 रन की अहम साझेदारी की। अंत में ऋचा घोष ने नाबाद 50 और सयाली सतघारे ने नाबाद 18 रन बनाकर भारत का स्कोर 341/7 तक पहुंचाया। इंग्लैंड की ओर से सोफी एक्लेस्टोन ने पांच विकेट लिए। चौथे दिन स्पिनरों ने दिलाई जीत 457 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। शीर्ष क्रम जल्दी पवेलियन लौट गया। हालांकि एमी जोन्स (54) और सोफी एक्लेस्टोन (50) ने संघर्ष किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने उनकी कोशिश नाकाफी साबित हुई। भारत की ओर से स्नेह राणा ने चार विकेट लिए, जबकि क्रांति गौड़, सयाली सतघारे और दीप्ति शर्मा ने दो-दो विकेट लेकर इंग्लैंड की पारी 186 रन पर समेट दी। सचिन तेंदुलकर ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला मैच के चौथे दिन महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भी लॉर्ड्स पहुंचे और भारतीय महिला टीम से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया। ब्रॉडकास्ट के दौरान इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज निक नाइट ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों और प्रशंसकों के लिए इससे बड़ा पल नहीं हो सकता कि सचिन तेंदुलकर खुद मैदान पर आकर टीम का हौसला बढ़ा रहे हैं। क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal

नाना पटवारी केस: मोबाइल जांच में मिले सट्टा एप और संदिग्ध लेन-देन के सुराग, पुलिस फिर करेगी पूछताछ

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी के मोबाइल की जांच में पुलिस को अहम डिजिटल सुराग मिले हैं। जांच के दौरान मोबाइल में कथित तौर पर दो ऑनलाइन सट्टा एप, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े इनपुट और तीन महत्वपूर्ण मोबाइल नंबर मिले हैं। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस नाना पटवारी से दोबारा पूछताछ की तैयारी कर रही है। इंदौर के डीसीपी नरेंद्र रावत ने बताया कि राजेंद्र नगर थाना पुलिस की विशेष टीम मोबाइल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की विस्तृत जांच कर रही है। दो युवतियों के बयान में भी मिले अहम इनपुट रविवार को राजेंद्र नगर थाने में महिला अधिकारी की मौजूदगी में दो युवतियों के बयान दर्ज किए गए। एक युवती ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान नाना पटवारी से एक प्लॉट के सिलसिले में हुई थी। उसने दावा किया कि एक पार्टी के दौरान एमडी ड्रग्स का सेवन किया गया था, जिसमें नाना पटवारी भी मौजूद थे। दूसरी युवती ने बताया कि नाना पटवारी उसके पति के मित्र हैं और इसी कारण उनकी पहचान हुई थी। इन बयानों की पुलिस स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी पुलिस के अनुसार, मोबाइल में मिले दोनों एप के जरिए कथित रूप से ऑनलाइन सट्टे से जुड़ी लिंक भेजी जाती थीं। इसके अलावा कुछ संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के संकेत भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन लेन-देन और कथित सट्टा नेटवर्क के बीच कोई संबंध है या नहीं। मोबाइल से मिले तीन अहम नंबरों के आधार पर संबंधित लोगों की भी तलाश की जा रही है। फिर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा नाना पटवारी पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों और दोनों युवतियों के बयानों के आधार पर नाना पटवारी को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। पूछताछ के दौरान उनसे कथित ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और पार्टी में ड्रग्स सेवन के आरोपों को लेकर सवाल किए जाएंगे। पुलिस पूरे नेटवर्क और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। नाना पटवारी पर पहले से दर्ज हैं कई मामले पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, नाना पटवारी के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें करीब सात साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का आरोप था कि वह उस मामले में फरार चल रहे थे। इसके अलावा 2025 में तेजाजी नगर थाने में उनके और उनके दो सहयोगियों के खिलाफ जमीन पर कथित कब्जे की कोशिश और जान से मारने की धमकी देने का मामला भी दर्ज हुआ था। महिला से अभद्रता का मामला भी दर्ज नवंबर 2018 में नाना पटवारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354(क) के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया था कि नाना पटवारी और अन्य लोग हथियारों के साथ उसके घर में घुस आए थे। महिला ने यह भी आरोप लगाया था कि नाना पटवारी ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। इन आरोपों पर उस समय मामला दर्ज कर जांच की गई थी। खुशी कूलवाल सुसाइड केस में भी सामने आया था नाम जुलाई 2018 में इंदौर निवासी खुशी कूलवाल की आत्महत्या के मामले की जांच के दौरान भी नाना पटवारी का नाम सामने आया था। हालांकि, पूछताछ के बाद उस मामले में उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। बाद में 2025 में ड्रग्स कनेक्शन और हाई-प्रोफाइल पार्टियों से जुड़े पहलुओं की जांच के दौरान यह मामला फिर चर्चा में आया। पुलिस फिलहाल सभी डिजिटल साक्ष्यों, वित्तीय लेन-देन और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। अभी तक किसी नए आरोप पर अंतिम निष्कर्ष या आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मध्य प्रदेश और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com

हवाई किराए पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: केंद्र सरकार से 2 हफ्ते में मांगे नए नियम

त्योहारों और आपातकालीन परिस्थितियों में एयरलाइंस कंपनियों द्वारा हवाई किराए में की जाने वाली भारी बढ़ोतरी पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह दो सप्ताह के भीतर हवाई किराया तय करने से जुड़े नए नियमों की प्रति सीलबंद लिफाफे में कोर्ट में पेश करे। मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने जनहित याचिका पर की। अदालत ने स्पष्ट किया कि नियम संसद में पेश हों या नहीं, लेकिन उनकी प्रति तय समय में कोर्ट को उपलब्ध कराई जानी चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी। केंद्र ने कहा- नियम तैयार, जल्द संसद में होंगे पेश सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि हवाई किराया नियंत्रित करने से जुड़े नियम तैयार हैं और उन्हें अगले 30 दिनों के भीतर संसद में पेश किया जाएगा। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संसद की प्रक्रिया अपनी जगह है, लेकिन न्यायालय को नियमों की प्रति दो सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराई जाए। जनहित याचिका में उठाया गया था मनमाने किराए का मुद्दा यह मामला सामाजिक कार्यकर्ता एस. लक्ष्मीनारायणन द्वारा दायर जनहित याचिका से जुड़ा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि एयरलाइंस कंपनियां मांग बढ़ने पर यात्रियों से मनमाना किराया वसूलती हैं। याचिकाकर्ता ने अदालत से देश में एक स्वतंत्र और प्रभावी नियामक (रेगुलेटर) बनाने की मांग की, जो एयरलाइंस के किराए और अतिरिक्त शुल्कों की निगरानी कर सके। सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि कई बार हवाई किराया 300 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। इस पर अदालत ने हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा कि कई बार वकीलों की फीस भी 400 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। पहले भी केंद्र को लग चुकी है फटकार इस मामले में 30 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को हलफनामा (एफिडेविट) दाखिल नहीं करने पर फटकार लगाई थी। अदालत ने सरकार से पूछा था कि तय समय पर हलफनामा क्यों दाखिल नहीं किया गया और अतिरिक्त समय की आवश्यकता क्यों पड़ी। साथ ही इस संबंध में विस्तृत आवेदन दाखिल करने के निर्देश भी दिए थे। पहले भी उठा चुका है सुप्रीम कोर्ट सवाल हवाई किराए में मनमानी बढ़ोतरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले भी चिंता जता चुका है। जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतों का भी असर एयरलाइंस कंपनियों का कहना है कि जेट फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतें उनके संचालन खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा हैं। कुल परिचालन लागत का लगभग 30 से 40 प्रतिशत खर्च ईंधन पर होता है। इसी वजह से कई एयरलाइंस ने टिकटों के दाम बढ़ाए हैं और अपने वित्तीय अनुमान (फाइनेंशियल आउटलुक) में भी बदलाव किए हैं। हालांकि, याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मांग बढ़ने के दौरान किराए में होने वाली अत्यधिक वृद्धि पर प्रभावी निगरानी जरूरी है। देश, कोर्ट और कारोबार से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com

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